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Sri Ramakrishna's Stories ·

Swami Adbhutananda स्वामी प्रेमानन्द : Sri Ramakrishna as we saw him 29 Nov 2022

Swami Adbhutananda : Sri Ramakrishna as we saw him

जय राम कृष्ण आपका [प्रशंसा] ramkrishnayate नमः वनडे गिरीश घोष सेल्यूटो सलूटेड ठाकुर बाय रेसिंग हिज फोल्डेड हैंड्स तू हिज फोर गिरीश घोष मैनेजर ऑफ़ ए ड्रामा कंपनी एंड ही वास अलसो इंवॉल्वड इन सो में मोरल इम्मोरल और उन एथिकल एक्टिविटीज था वेयर गोइंग ऑन इन डेट पार्टिकुलर फील्ड एवं टुडे सी सी दिस फिल्म स्टार्स एट सेटेरा हो व्हाट काइंड ऑफ लाइफ सो गिरीश कुश अलसो लाइक दिस बीइंग अन ड्रामा कंपनी हेड ही हेड में ऑपच्यरुनिटीज तू गेट इन वर्ल्ड इन ऑल दिस एक्टिविटीज सो बट ही हद ए ग्रेट फड़े ऑन ठाकुर सो ही उसे तू कम तू मीत ठाकुर एंड अलसो डिबेट की नारायण आगे इट इस सेड इन भागवत व्हाट दस इट मिन डेट ठाकुर इसे गोद हिमसेल्फ रदर थन एंड इंकारनेशन ऑफ डी गोद एंड ऑफ कोर्स नरेस इतिहास सी आर क्यूट डिफरेंट नारायण बिलॉन्ग तू डी रेशनल वेदांत स्कूल ऑफ थॉट ही हेड ग्रेट रिस्पेक्ट फॉर ठाकुर देयर इस अब्सोल्युटली नो डाउट अबाउट इट बट नरेन अलसो लाइक तू इवेलुएट एवरीथिंग बेस्ड ऑन रीजन एंड लॉजिक एंड फिलासफी रदर दें बिलीविंग समथिंग ब्लाइंड्ली ऑफ़ कोर्स इन हिज लेटर लाइफ स्वामीजी स्वामी विवेकानंद डिड कम तू रिलाइज ऑन ठाकुर ब्लाइंड्ली इन वैन ऑफिस लेक्चरर्स इन अमेरिका बट आई हैव सीन डी ठाकुर्स जजमेंट रिगार्डिंग अन पर्सन हैज नेवर फील्ड इफ ठाकुर सेज डी दिस पर्सन हज गुड कर्म दें थू आउट हिज लाइफ दिस प्रसेंस लाइफ डेट ठाकुर्स प्रिडिक्शन हिज कम तू कम तू बी ट्रू एंड इफ ठाकुर से दिस पर्सन है सैम सॉर्ट ऑफ टंबलिंग ब्लॉक इन हिज पथ ऑफ साधना ही धीस पर्सन से लॉट ऑफ से उन मिटिगेटेड बेड करमास कमिंग इन हिज पथ ऑफ साधना दें अलसो हस कम तू बी ट्रू सो स्वामी जी व्हेन एवर ठाकुर हे जज अन पर्सन तू बी अन गुड पर्सन और गुड्स इट ट्रस्ट हिम इंपलीसिटली सो दिस मच स्वामीजी हेड कम तू रिलायंस आर गिविंग अन शॉर्टकट्स व्हेन आई विजेटेड दक्षिणेश्वर काली मंदिर आई वाज इन बेलूर मठ हेडसेट टाइम ट्रेनिंग सेंटर एंड सी हेड अन गाइडेड टूर सो दे टेक अस ओल्ड ट्रेनी ब्रह्मचारी तू ऑल डी होली प्लेसिस एसोसिएटेड विथ thakurmindswami जी सो व्हेन सी फर्स्ट विजिट इन दक्षिण ईश्वर विश्व देयर आर ह्यूज होर्डिंग्स इन जस्ट इन फ्रंट ऑफ खाली टेंपल विनीत डेट ब्रिज व्हेन यू गो क्रॉस तू इन क्लाइंब डाउन फ्रॉम डेट ब्रिज एंड गो इन डेट साइड स्ट्रेट डी बिग होल्डिंग्स एंड ऑल डी प्रो क्लेम सैम शॉर्टकट्स तू योर प्रॉब्लम्स डेट दिस तांत्रिक इस देर एंड यू गिव हिम दिस मच मणि एंड ही विल सो यू दिस में प्रॉब्लम एंड देयर इस अंदर तांत्रिक एंड यू गिव दिस शॉर्ट ऑफ विधि धोनी एंड ही विल परफॉर्म ही विल गिव यू धीस बेनिफिट ऑल दिस सॉर्ट ऑफ थिंग्स आर गोइंग ऑन इन दिस वर्ल्ड सो स्वामीजी वैसे अलसो एलर डेट नो वैन शुड बी एबल तू मेक फुल ऑफ हिमसेल्फ सो डेट इस वही नरेस एंटीरे एप्रोच बेस्ड ऑन ए फिलासफी एंड गिरीश गोज वाज ऑन फेथ बट दिस फटे फर्स्ट नोट ऑन इन अन दे रिमेंबर डेट गिरीश घोष हाईली इंटेलेक्चुअल पर्सन एंड ह्यूज अलसो वेरी वर्ली वाइस पर्सन यू कैन फुल सैम सिंपल पीपल सैम कॉमन पीपल बट तू फूल अन पर्सन लाइक गिरीश के लिए वाज अन ग्रेट प्लेयर राइटर एंड एक्टर इन हिज ऑन राइट यू वाज अन ग्रेट इंटेलेक्चुअल इन उसे ऑन राइट यू कैन यू जस्ट फुल हिमसेल्फ लाइक दिस सो हर इस अन वेरी स्मॉल इंसीडेंट माय विच विल लर्न हो कम गिरीश कॉम तू हैव सो मच फेड ऑन ठाकुर व्हाट वर इनिशियल डेज़ डेट इंसीडेंट आफ्टर इंसीडेंट एक ठाकुर ब्रेनवाश गिरीश सो दिस इसे वैन ऑफ दिस इंसीडेंट voucc वो ठाकुर व्हाट हैपेंस वैन दे गिरीश घोष सलूटेड ठाकुर बाय रेसिंग है फोल्डेड तू हिज फोर आगे इट इसे लाइक दिस डी मास्टर इम्मीडिएटली रिटर्न डी सेल्यूटेशन बाय बोइंग फ्रॉम डी वेस्ट कोस्ट डिड लाइक दिस ठाकुर अबाउट फ्रॉम हिज वेस्ट तू मेक प्रणाम तू हिम इन काउंटर प्रणाम तो हिम गिरीश सलूटेड मास्टर अगेन ठाकुर अगेन ठाकुर सलूटेड गिरीश बाबू प्रोस्टेट फ्लैट ऑन डी ग्राउंड लेटर गिरीश बाबू वुड से दिस टाइम डी लॉर्ड हज कॉम तू कंकर डी वर्ल्ड थ्रू प्रॉस्ट्रेशन थ्रू प्रणाम गिरीश बांग्लादेश प्रणाम कंकर डी वर्ल्ड थ्रू प्रणाम थ्रू द वेपन ऑफ प्रणाम इन है इनफॉरमेशन इस कृष्ण इट वास द फ्लूट एंड चैतन्य धन्य डी व्हेन इन डी फॉर्म ऑफ कृष्ण ही हिट ड्यूड डेट इस अन ही वाज अन वेरी गुड फ्लूट प्लेयर एंड दिस प्लेइंग दिस फ्रूट यूज्ड तू अट्रैक्ट ऑल डी गोपीस एंड एवरी वैन इन दिस वृंदावन व्हेन ही कम इन डी फॉर्म ऑफ चैतन्य ही हेड दिस नाम डेट इस डी नाम ऑफ डी गोद दिस डूइंग वाज मेड पॉप्युलर बाय चैतन्य महाप्रभु बिफोर डेट दिस तकनीक ऑफ जपम वेस्ट देयर बट देयर वेयर अलसो में आदर टेक्निक्स बट चैतन्य महाप्रभु मेड दिस तकनीक ऑफ डूइंग जबोंग वेरी पॉप्युलर अंदर टेकिंग डी नाम कोफ्ता गोल्ड इन नॉर्थ इंडिया एंड व्हाट चैतन्य महाप्रभु डिड डी से थिंग इन डी बंगाली डेट इस इन डी ईस्ट इंडिया बट डी वेपन ऑफ ठाकुर दिस टाइम इसे सेल्यूटेशन डेट इसे प्रणाम ठाकुर यूज्ड तू से लर्न तू बी hmber डी एगो विल बी डी रिमूव्ड सी सच ए नाइस इंसीडेंट दिस इस गिरीश घोष सी सी लेटर ऑन इन हिज लाइफ ही इसे डेट आई हैव गिव गिवन ठाकुर माय पावर ऑफ एक्टरनी एंड व्हेनेवर यू गिव सैम वैन पावर ऑफ अटॉर्नी इट्स सिम्स वेरी सिंपल बट इन रियलिटी तू हैव सो मच तू गिव योर नेविगेशन ऑफ योर लाइफ कंपलीटली इन डी हैंड ऑफ सैम वैन लाइक ठाकुर इट इस नॉट इसी योर जस्ट गिविंग एवरीथिंग कंट्रोल ऑफ योर लाइफ बकल माय बंगाली इट इस कॉल्ड इन इंग्लिश लेटर लाइफ ग्रीष्म ठाकुर समवन बट इट इस नॉट इसी व्हेन गिरीश कोर्स इस सैन एंड डॉटर वाइफ डिड गिरीश घोष स्टूडेंट एवं क्राइड सो दिस मच फड़ ही हेड ऑन ठाकुर बट हो दिस फड़े कम तू बी डेविल अप डेट वैसे नॉट प्रक्रिया ऑफ अन सिंगल मोमेंट और अन सिंगल इंसीडेंट है में सच मोस्ट इंसीडेंट यह ठाकुर गोज तू ही मीट्स ठाकुर एंड ही मैक्स प्रणाम लाइक दिस एंड ठाकुर बॉल्स मोर एंड दें ग्रीस घोष एवं मोर एंड दें ठाकुर पोस्टपेड से thakurbus एवं मोर एंड दें गिरीश kushtang प्रणाम बिफोर ठाकुर एंड लेटर ऑन व्हाट दस यू से डेट इन डी फॉर्म ऑफ कृष्ण देर वाज डी फ्लूइड इन डी फॉर्म ऑफ राम डेट वास डी ऐरो एंड बो एंड इन डी फॉर्म ऑफ चाय बिना इट वास डी नाम बट इन डी फॉर्म ऑफ ठाकुर डी वेपन दिस टाइम डेट इस व्हाट ही सईद इन बंगाली दिस टाइम ठाकुर हे कम तू कन्कर्ड डी वर्ल्ड विथ डी वेपर ऑफ प्रणाम सो ठाकुर सेज लेटर ऑन डेट हमिलिटी एंड हंब्लनेस इस वेरी एसेंशियल इन ओवर साधक का स्लाइड सब रिमेंबर अन कपल ऑफ डेज़ ठाकुर सेज डेट आई कैन पुल रेट एनीथिंग इन इट इस लॉन्ग इस हम्बल बिकॉज अन हम्बल पर्सन ट्राई तू लर्न समथिंग सी व्हाट इस डी नेसेसरी पार्ट इन ओवर स्पिरिचुअल लाइफ एस ठाकुर माझी दावत chhinti हील्स लॉन्ग इस सी लाइव सी विल हैव तू लर्न बिकॉज स्पिरिचुअल फील्ड इस अन सच योर फास्ट ओशन ऑफ लर्निंग एंड आइडिया एंड एवरीथिंग था इफ आई बिलीव एवं आई मैसेल्फ आई हैव नॉन एवरीथिंग इसे नथिंग मोर कूलर थन डेट विल बी डी एंड ऑफ माय स्पिरिचुअल लाइफ डेट विल बी डी डिक्लाइन ऑफ माय स्पिरिचुअल लाइफ इफ डी मोमेंट आई रिलाइज्ड आई हैव दिस ऑर्गन्स ओर एगो एवरीथिंग तू लर्न नॉर्मली दिस बुक डेट आई एम रीडिंग टुडे दिस श्री राम कृष्ण एस सी शो हिम आई हर दिस इन टच एंड आई हैवन रेडी अगेन एंड माय टच वाज इट 2012-13 सो इट इस ऑलमोस्ट 10 इयर्स आफ्टर दिस बुक आई हैव टेकन इट अप अगेन सो दिस इस अलसो एंड अपॉर्चुनिटी फॉर मी तू रीड दिस बुक अगेन नॉर्मली आई वुडन ट्रेड इट बिकॉज आई प्रेफर तू रीड लीला प्रसन्न कथा मृत विच आर वेरी गुड फेसबुक मदहोश बुक्स आर गुड फॉर फिलॉस्फर्स बट थिस बुक्स आर गुड फॉर देवोतीस सो इट इस नेसेसरी तू रीड एवरी टाइप ऑफ बुक विच इस प्रिसक्राइब्ड तू अस बट यू नो सी ऑल हैव अवर नेचर सो माय नेचर आई लाइक इंटेलेक्चुअल परस्यूट्स रिसर्जेंस दिस डिवोशनल सो इट इस नेसेसरी फॉर्मेट तू रीड डिवोशनल लिटरेचर इन दिस क्लास क्लास गिव्स मी डेट अपॉर्चुनिटी तू डू सो दिस इसे डी एटीट्यूड विथ विच एंड अप्रोचिंग दिस क्लास रदर दें डेट आई वांट तू टीच समवन समथिंग इफ डी मोमेंट आई हते दिस आइडिया डेट नौ आई एम अन टीचर और नौ सैम वैन इस लर्निंग फ्रॉम मी डी मोमेंट दिस आइडिया कॉम इन माय माइंड डेट विल बी डी एंड ऑफ एवरीथिंग आई हैव अटेंड सो फार इन माय लाइफ सो दिस एगो इस वेरी डेंजरस oxtaken इन डी पथ ऑफ सागर कास्ट लाइव एंड दिस मेकिंग प्रणाम तू सैम वैन होम सी रिव्यू कैन से कैरक्टर फिजिकल प्रैक्टिस वीडियो जापान सी प्री गो तू टेंपल सी तू एवरीथिंग बट ऑल डीज आर मेंटल साधना एंड इट इस नेसेसरी तू डू सैम सॉर्ट ऑफ फिजिकल साधना अलसो व्हाट आर डी फिजिकल साधना इन डी पथ ऑफ भक्ति डेट इस वरशिप ऑफ कोर्स सी डू डेली वर्कशीट इन रामकृष्ण सेंटर रामकृष्ण मिशन सेंटर्स एवरीव्हेयर यू सी सी हैव टेंपल एंड पुजारी महाराज परफॉर्म्स वरशिप सो दिस इसे वैन ऑफ डी फिजिकल साधना ऑफ डी पथ ऑफ डिवोशन एंड डी बट दिस इस ओनली पुजारी कैन डू बट एवरीवन एल्स कैन डू वर्क सी कैन प्लग फ्लावर्स इन डी मॉर्निंग आई रिमेंबर वैन ऑफ डी ग्रेटेस्ट मोंक इन ओवर ऑर्डर राइट नौ इस नाम इस स्वामी भजन आनंद आई हैव अन ग्रेट रिस्पेक्ट फोर हिम ही इसे वेरी ओल्ड नौ ही इसे वेरी सीनियर इन आगे एंड नौ ही अलसो गिव्स इनीशिएशन ही इसे अन दीक्षा गुरु ऑफ ओवर ऑर्डर नौ सो आई हैव सीन हिम व्हाट विंडोज y16 एडवांस तू बी डेकोरेटेड इन डी शाइन सो एवरी टाइम ही प्लग से फ्लावर ही टैक्स डी नाम ऑफ डी गोल जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम विथ हिज एवरी स्टेप ही टेक्स्ट दिस नाम सो सी एवरी एक्शन सी डू समथिंग डेट सी कैन एसोसिएट इट विद डी पथ ऑफ डिवोशन बट दिस प्रणाम हज अन स्पेशल मीनिंग एवं इन ऑल दिस एक्शन सब्सक्राइब इन भक्ति मार्ग प्रणाम इस समथिंग सो ओबवियसली गिविंग अस हमिलिटी सचिन ओबवियस एक्शन सोचें स्टार्क एक्शन यू आर प्रॉस्ट्रेटिंग बिफोर समवन योर गुरु योर डीपी स्प्रेड बिफोर होली मैन और ग्रेट मोंक अवर प्रेसिडेंट महाराज वाइस प्रेसिडेंट महाराज व्हेन सी प्रॉस्ट्रेट बिफोर दें दिस मेकिंग साष्टांग प्रणाम इसे ओबवियस एक्ट ऑफ हमिलिटी एंड हम्बल नेस्ट विच इस सो पावरफुल आई मैसेल्फ व्हेन आई कम हर फॉर डी फर्स्ट टाइम इट डिफिकल्ट तू रैप माय हेड अराउंड दिस एक्शन देयर यू नो सी हैव जस्ट गैन इंडिपेंडेंस फ्रॉम डी बैटरी टेक ब्रिटिशर्स एंड नौ सी अगेन डेवलपिंग dislewis मेंटालिटी ऑफ मेकिंग प्रणाम तू अन ह्यूमन बीइंग इफ यू वांट तू मेक प्रणाम हे स्टूडेंट यू गो एंड मेक प्रणाम इन डी टेंपल ridher दें तू अन ह्यूमन बीइंग दिस वैसे डी इतिहास था आई हद इन माय माइंड व्हेन आई कम हर फॉर डी फर्स्ट टाइम बट ऐवेंंचुअली आई हैव फाउंड डेट इन डी पथ ऑफ साधना दिस फिजिकल एक्शन व्हेन सी आर चिल्डिश स्पिरिचुअल व्हाट हैपेंस डेट सी हैव ऑल दिस सॉर्ट ऑफ मॉडर्न एंड मॉडर्न इतिहास etsetra बट व्हेन सी मेक योर सी बेगिन तू ट्रस्ट एवरीथिंग डेट इस बीइंग टोल्ड डेट इस बिन डिवेलप ओवर थाउजेंड्स ऑफर्स इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट सो डियर ruchiest हैव बोर्न थाउजेंड्स ऑफ हेयर स्ट्रेटनर दे हैव प्रिसक्राइब ऑल दिस एक्शंस डेट सी शुड मेक प्रणाम डेट सी शुड फ्लावर्स डेट सी शुड डी व्यू ऑफ दिस माला डेट सी शुड बी इस्टैबलिश्ड डीटी डेट सी शुड परफॉर्म अनोमा ऑल दिस एक्शंस हैव बिन डिजाइन डिस्क्राइब्ड एंड डेवलपमेंट डेट इस निर्विकल्प आदि डी अटेंड निर्विकार फॉर समाधि एंड इन डेट समाधि डेट बिकम ब्रह्मांड एंड बाय बीकमिंग दिस अल्टीमेट रियलिटी दिस अल्टीमेट तो 4s वेरी सिंपल पीपल दे हैव डिजाइन दिस सिंपल सिंपल एक्शन एंड एस फार एस पॉसिबल सी शुड फॉलो डेट दिस मेंटल साधना ऑफ कोर्स सी शुड डू डेट इस अल्टीमेट बट दिस फिजिकल सतनास अलसो फॉर्म पार्ट ऑफ दिस मेंटल साधना फॉर इंग्लिश क्लास लेटेस्ट बेगिन हिंदी इन

स्वामी प्रेमानन्द : श्रीरामकृष्णदेव : जैसा हमने उन्हें देखा

हिंदी में हम लोग बाबूराम महाराज यानी की प्रेमानंद जी के बारे में पढ़ रहे हैं अच्छा बाबूराम महाराज क्या कहते हैं बाबूराम महाराज कहते हैं स्वामी प्रेमानंद यह जानकर की ठाकुर को नींबू बहुत प्रिया है लेमन योगी यानी की स्वामी योगानंद प्रतिदिन उनके लिए एक लिंबू लिए करते द एक दिन ठाकुर ने उनसे कहा कल तुम कहां से लिंबू ले आए द मैं उसे खा नहीं सका योगिन जानते द की ठाकुर दश चरित्र या अपवित्र व्यक्तियों के पास से लाई गई चीज नहीं खा सकते द किंतु वह तो पूर्ववर्ती नींबू की तरह उसी वृक्ष का नींबू था तो फिर ठाकुरों से क्यों नहीं खा सके योगिन परेशान होकर कारण की खोज करने लगा सावधानी पूर्वक छानबीन पर पता चला की जिस बगीचे से नींबू लाया गया था वह बगीचा घटना के एक दिन पूर्व ही पत्ते की समाप्ति पर दूसरे व्यक्ति के स्वामित्व में ए गया पत्तेदार से नींबू लेने की अनुमति प्राप्त की थी अतः उसे विशेष दिन वह अनुमति निष्प्रभावी हो चुकी थी और यद्यपि अनजाने में ही नींबू लिया गया था फिर भी वह चोरी का ने था देखिए ये कितना पावरफुल इंसीडेंट है यह जो फिजिकल मेनिफेस्टेशन होता है हमारी साधना का साधना हमको समझ में आता है की वह तो मेंटल प्लान पे है इट्स ऑन डी लेवल ऑफ कॉन्शसनेस की मेरी यह जो कॉन्शसनेस है मेरी भीतर की यह जो चेतना है चेतन शक्ति वो जागृत होती है वो ट्रेनिंग लेती है मेरे शरीर के साथ में उसका क्या उसका मतलब संबंध है पूजा वगैरा करते हैं प्रणाम करते हैं जैसे की हमने देखा वो हमारी शारीरिक साधना है किंतु जो साधना या आध्यात्मिक जीवन का शरीर के ऊपर में कोई प्रभाव हो सकता है तो ठाकुर के जीवन का हमको अभ्यास करने से पता चलता है की हान यह प्रभाव आवास होता है कैसे होता है जैसे की हमने देखा की कोई ठाकुर एक बगान के सामने खड़े द कोई बहुत अच्छा गिला घास था वो एकदम ग्रीन और बहुत सुंदर दिखने में तो कोई घास वो लोन के ऊपर से जा रहा था तो ठाकुर को लगा कोई जैसे उनके शरीर पर आघात कर रहा है तो ये जो फिजिकल मेनिफेस्टेशन है वो साधक कब होता है जब हम साधना में बहुत आगे चले जाते हैं हम लोग यह इवोल्यूशन के बारे में पढ़ते हैं डार्विन का सिद्धांत क्या कहता है जैसे नेचुरल सिलेक्शन या तो रैंडम एक्ट ऑफ न्यूट्रिशन हमारी ये जो जींस है वो मुटाते हो करके एक शरीर से दूसरे शरीर में हमको ट्रांसफॉर्म करते हैं हम कहां पर मछली द फिर हमने जमीन पे आके चलना शुरू किया फिर हम बंदर हुए फिर बंदर में से कहां हम इंसान हुए इस तरह का यह जो मॉडर्न साइंस है वह जो यह सब चीजों पर विश्वास करता है हमारा वेदांत क्या कहता है वेदांत कहता है की हमारी जो आत्मा है यह जो हमारा सही स्वरूप है ब्रह्मा स्वरूप हमारा जो असली स्वरूप है वह तो सब समय से मतलब वो तो समय और अवकाश से भी परे है और वो हमेशा के लिए पूर्ण ही है और पूर्ण ही रहेगा वही है की उसका यह जो शारीरिक मेनिफेस्टेशन है वो धीरे-धीरे चेंज होता जा रहा है जैसे जैसे ये शरीर के भीतर में ये जो ब्राह्मण का प्रकाश है यह प्रकाश बढ़ेगा तो शरीर भी उसे तरह से ज्यादा विकसित होगा प्रकाश कम हो कम होगा हमारे बुरे कर्मों की वजह से तो शरीर भी है जैसे धीरे-धीरे ज्यादा प्रिमिटिव होता जाएगा पशुपति pashuvat होता जाएगा और हमारे satkarmon का प्रभाव जैसे बढ़ेगा हमारे satkarmon की वजह से हमारा अंतःकरण हमारी चेतना या हमारी कॉन्शसनेस है वह ज्यादा मेच्योर होगी ज्यादा स्पिरिचुअल होगी तो हमारे भीतर में ब्रह्मा का प्रकाश और बढ़ेगा तो यह ब्रह्मा के प्रकाश को धारण करने के लिए यह जो शरीर है उसका प्रभुत्व भी बढ़ता जाएगा और वह रिव्यू दाई वो वक्त शरीर होता शरीर होता जाएगा ये है हमारा वेदांत की शिक्षा तो यहां पे क्या होता है ठाकुर तो पूर्ण ब्रह्म हो चुके द शरीर के भीतर में तो शरीर भी उसे तरह अभी है तो शरीर हमारी तरह इंसान की तरह दिखता है दो हाथ है दो पैर है एक सर है हमारी तरह सर्दी गर्मियों को लगती है जन्म मृत्यु जरा भी आती है चंगुल में वो भी फंसे हुए हैं किंतु साथ-साथ में जो हमारे पास कुछ चीज नहीं है वो उनके पास थी की जैसे सत्य अहिंसा असते परिग्रह ब्रह्मचर्य यह जो सब पंच महाव्रत है वो उनके जीवन में इस तरह से स्थापित हो चुके द की ठाकुर गलती करके चाहने से भी गलती नहीं कर सकते द वो चाहने से भी उनका पैर जो है वह गलत दिशा में नहीं जा सकता था वो ठाकुर जैसे कहते हैं पैरों को गलत दिशा में वो नहीं ले जा पाएंगे तो यहां पर क्या हुआ योगेन महाराज जो है ठाकुर के लिंबू ले आकर द एक बगान से तो बगान माली को बता दिया था की ठाकुर के लिए ले जा रहे बगान ठीक है ले जाओ तो रोड ले आते हैं ठाकुर नींबू खाते हैं एक दिन लाकर देखा ठाकुर नींबू नहीं खा का रहा है क्यों क्या हुआ तब योगिन महाराज ने जाकर के पता किया तो पता चला की उसे बगान मलिक जो है वो अगले दिन चेंज हो गया है और नए बगान मलिक को पता नहीं है की हम लोग यहां से लिंबू लेते हैं तो ये नींबू तो छुरी का हो गया तो ये बात जो है ठाकुर को तो पता नहीं एवं योगेंद्र महाराज वहां पर रोज जाते हैं उनको भी नहीं पता फिर भी ठाकुर जो है उसे नींबू को ग्रहण नहीं कर पाए यह जो सत्य में इस हद तक प्रतिष्ठित हो गए द ठाकुर की सत्य वचन के मतलब वह शाहकार के तो छोड़ ही दीजिए अनजाने में भी सत्य जो है उनको स्पर्श नहीं कर सकता था ठाकुर एक जगह पर कहते हैं मैंने मैन को सब कुछ दे दिया यह लो मेरा मतलब मेरा धान ये सब कुछ उन्होंने दे दिया किंतु ठाकुर मैन को यह नहीं का पाए की ये ले लो मेरा सत्य और यह ले लो मेरा सत्य क्यों ऐसा नहीं का पाए क्योंकि सत्य वो मैन को भी अर्पण नहीं कर सकते द सत्य कलियों की तपस्या है सत्य और ब्रह्मचर्य ठाकुर सब समय हमको यह शिक्षा दी है सत्य और ब्रह्मचर्य के रस यथाशक्ति ऑफ कोर्स मतलब 100% फॉलो करना एवं हमारे लिए भी शक्तियां नहीं है मुमकिन नहीं है यथाशक्ति जितना हमसे संभव हो उतना सत्य और ब्रह्मचर्य का अनुष्ठान करके ही हम यह जो आध्यात्मिक साधना का रास्ता है उसे पर हम आगे बढ़ सकते हैं दूसरे प्रसंग में प्रेमानंद जी कहते हैं उनको प्रदान की गई चीजों में ठाकुर डैन डाटा का मनोभाव देख लेते द न्यूनतम पाप कर्म द्वारा दूषित भोजन भी वह ग्रहण नहीं कर सकते द उनकी पवित्रता कैसी आश्चर्य जनक थी किस किसी प्रकार की apavitrata का स्पर्श भी वे सहन नहीं कर सकते द देखिए यह बात जितनी ठाकुर के लिए सही है उतनी ही सही है ठाकुर के पिताजी के लिए खुदीराम जो द वह कमरपुकुर में रहते द और उनके इतने सारे नियमों में वह बंधे हुए द की किसका वह मतलब वह भिक्षा ग्रहण करेंगे वह जिसको हम आज उसे समय नीचे जाती कहते द आज नहीं कहते हैं उसे समय नहीं ग्रहण करेंगे ठाकुर खुद ठाकुर खुद इस तरह से शिक्षा पाए द की रानी नीचे जाती कहा जाता है थोड़ा बहुत तो ठाकुर जब दक्षिणी शोर में आए सबसे पहली बार उनके बड़े भाई ने जब नेक्स्ट दक्षिणेश्वर में पूजन का पद ग्रहण किया ठाकुर उनके साथ में आए द तो वो वहां पे कई वर्ष के वहां पे बने हुए भंडारकर से खाना नहीं खाते द वो अपने आप बाजार में से कुछ ये जो दो-तीन चीज लेकर आते द और वहीं गंगा के किनारे बैठ करके अपना अन्य अपने से पकाते द तो यह हमको आज ये सब चीज सुनकर के पढ़कर के लगता है की ये किसी आश्चर्य जनक बात है यह कैसी मतलब अंधश्रद्धा भारी बात है एक पुरी जाती को अपने नीचे जाती में दल दिया और यहां कहां gairanty है की उच्च जाती वाले जितने वो सब शुद्ध पवित्र है हमको तो बहुत बार देखने को मिलता है जिसको की हम सो कोल्ड माने तथाकथित स्वर्ण कहते हैं उनमें बहुत सारे मतलब गुंडे बदमाश भरे हुए हैं और तथाकथित नीचे जाती है उसमें से जिनका हृदय सोने का है जिनके की वह मतलब इतना साधक और भक्त है ऐसे कितने लोग हमको उसमें से मिलते हैं हमारे पूर्णता में भी कितनी सारी आख्यान है इस तरह के तो क्यों ठाकुर और उनके पिताजी इस तरह की अंधश्रद्धा को पकड़े रहे द ठाकुर ने बाद में ऑफ कोर्स जैसे-जैसे साधना चलती गई सब कुछ उनका तो माने विस्फोट हो गया किंतु ठाकुर के पिता जी आखिर तक बड़े ही chustardust ब्राह्मण द तो याद रखिए की स्वामी जी ने इसका क्या उत्तर दिया है स्वामी जी भी ये सब मॉडर्न इतिहास जो है लिबरल इतिहास उसमें बहुत मानते द किंतु जब स्वामी जी ने यह देखा की ये जो लोग लिबरल हो जा रहा है की यह सब हमारे ट्रेडीशन है हमारी परंपरा है उसको त्याग दो उसको मतलब वो सब झूठा है वह हमारे पैरों की जंजीर है और यह जो पश्चिमी सभ्यता है उसने कैसे मॉडर्नाइज्म अपना करके साइंस टेक्नोलॉजी यह वह मिलिट्री यह सब टेक्नोलॉजी में कैसे उन्होंने सिद्धि प्राप्त की है वो उनकी है जो गण वोट से कैन जैसे गंस है यह जो मॉडर्न वेपन से उसे कैसे उन्होंने पूरे जगत पे जय किया है ऑफ कोर्स मॉडर्न फिजिक्स से केमिस्ट्री है मेडिसिन है वो सब तो बेनिफिशियल है हमारे लिए किंतु यह सब भी तो उन्होंने डिवेलप किया तो स्वामी जी भी सोचते द इस तरह से कभी कभी की हमारी ये जो परंपराएं हैं हमारे पैरों की जंजीर है इनको की तोड़कर के फेंक देना चाहिए और सब कुछ हमको 100% मॉडल हो जाना चाहिए किंतु देखिए की स्वामी जी जब यूरोप गए तब उन्होंने कहा था की ये यूरोप जो है वो जो है की गण पाउडर के ढेर पे खड़ा है ये बम के ऊपर में बैठा है यूरोप एक दिन ये बम फटेगा पूरा यूरोप जो है तहस नाश हो जाएगा और ये 50 साल में ही ऐसा होने वाला है स्वामी जी ने कहा था और ये सही हुआ फर्स्ट वर्ल्ड वॉर सेकंड वर्ल्ड वॉर उसमें इतना भयानक नुकसान हुआ था और वहां के जो यह सब हिटलर स्टालिन वगैरा लोग जो है और उसमें फ्रांस और ब्रिटेन भी कम नहीं द अमेरिका भी कम नहीं था उन्होंने जिस तरह से एक मनुष्य होकर और दूसरे मनुष्य पर जो अत्याचार किए हैं वह उसका पूरा अत्याचार हमारे रूठी चुस्त समाज ने हमारी जो परंपरागत समाज ने किसी के ऊपर कभी नहीं किया इस तरह से उन्होंने pashuvat आचरण किया है ये दोनों महायुद्ध में और उसके बाद में भी ये लोग करते ए रहे हैं कोरिया है वियतनाम है जहां पर भी आप जाके देखिए अभी रूस और यूक्रेन का वॉर चल रहा है हम हिंदू लोग हैं कभी भी किसी के ऊपर आक्रमण नहीं किया हम हिंदू प्रजा ही है की जिन्होंने आक्रमण साहेब है किंतु सामने हम लोग हिंसक नहीं हुए हैं हम हिंदू ही है की हमारा जो संदेश है वो आशीर्वाद के स्वरूप जैसे स्वामी जी कहते हैं की जो गुलाब का फूल है उसके ऊपर में सुबह ठंडी में सुबह का ओएस जैसे गिरता है वो किस तरह से कमल के फूल पे वो गिरता है गुलाब के फूल पे कितना जेंटल कितना मधुर होता है उसी तरह से हमारा हिंदू नामक का संदेश जो है इसी तरह से सुबह की यह ओएस की तरह आशीर्वाद अपने हाथ में लिए पूरे जगत में प्रेस रहा है और यह जो कुछ-कुछ चीज हम देखते हैं नाती प्रथा जाती प्रथा तो ऐसा तो नहीं है की हमने उनको ऊपर आने में वो माना कर दिया हो यही भारत का जो रिपब्लिक है यही स्वामी जी यही ठाकुर है यही हमारा जो भारत सरकार है जिन्होंने ये इसकी ये जो पुरी जिसको कहा जाता है उसको मिटिगेट करने के लिए उसका निराकरण करने के लिए इतने सारे चीज की है तो क्या होता है की मुस्लिम आक्रमण जब हो रहे द भारत में आज से 56700 साल पहले उसे समय एक माहौल बन गया था की हिंदू समाज जो है यह जो ब्राह्मण जो है उनको अपनी विद्या की रक्षा करने के लिए बहुत ही ज्यादा होना पड़ा था तो उन्होंने इस तरह से परंपरा के यह जो जंजीर की बेड़िया अपने पैरों में बंद ली और उन्होंने ही ये वेद धर्म की रक्षा आज आप देखिए की जहां जहां पर इस्लाम धर्म गया है वो चाहे इजिप्ट हो चाहे ये ईरान हो इजिप्ट और ईरान की संस्कृति हमारी ये जो मोहनजोदड़ो और सिंधु वाली सिविलाइजेशन जिसको बोलते हैं उतनी ही पुरानी थी किंतु जैसे इस्लाम गया तो वहां पे वो इजिप्ट की सिविलाइजेशन को भी tahasmash कर दिया ये पर्शिया यानी की पारस की वो जो संस्कृति उसको भी तहस-नहस कर दिया ये बात वो भारत में नहीं कर पाए क्योंकि ब्राह्मण जीवित द भारतीय परंपरा को जीवंत रखने के लिए और यह जो इस्लामी आक्रमण से अपने को रक्षा पाने उनके पास तो शास्त्रों बाल नहीं था जब चाहे ये मुस्लिम राजा तो जो द वो ब्राह्मण लोग परिवार के ऊपर में झूलन गुजर सकते द इस तरह की भाया वह परिस्थिति में वेदों को साक्षात जीवंत रखने के लिए उपनिषद की शिक्षाओं को जीवंत रखने के लिए ब्राह्मण समाज ने सामने से इस तरह की रूठी chustata का अवलों किया की जब ठाकुर आए तो ठाकुर को हमारे वेदों का संदेश हो वही उसी फॉर्म में मिले जिस फॉर्म में वह जीवंत था यही आज वेद उपनिषद हमारे पास यह उपस्थित है वो कालक्रम में लुप्त नहीं हो गए हैं उसका एक ही कारण है की ब्राह्मण लोगों ने इतना अत्याचार सहन करके भी इसको जीवंत रखा है तो ऐसे फट-फट करके इन लोगों को गली दे देना इन लोगों को यह का देना की यह लोग andhshradhalu द या तो उन्होंने यह सब तथाकथित नीचे जाती पे अत्याचार किया है यह जो सब आजकल ये सब चल रहा है इससे हमको बच्चे रहना चाहिए एक और प्रश्न में प्रेमानंद जी कहते हैं एक दिन विजय कृष्ण गोस्वामी आकर ठाकुर से अपनी कामवासना से मुक्ति की प्रार्थना करने लगे ठाकुर ने उन्हें स्पर्श कर दिया और परिश्रम मात्रा से आश्चर्य जनक फल हुआ किंतु जिन्होंने विजय कृष्ण गोस्वामी का जीवन का अभ्यास किया है वो उन्होंने देखा है की धीरे-धीरे उन्होंने अपने जितना भी वो ब्राह्मण समाज में आचार्य करके उन्होंने वैराग्य धारण कर लिया था और एक जगह पर जाकर वृंदावन शायद मुझे टैक्स याद नहीं ए रहा है जीवन जिया था तो यह विजय कृष्ण गोस्वामी जीवन के बारे में हमको यह पता है यानी की जब यहां ठाकुर ने उनका ग्रहण कर लिया है जो पाप जो दुष्कर्म सांसारिक कर्म तो अवश्य उनके जीवन में बहुत ही अच्छा इसका असर हुआ है एक दूसरे अवसर पर एक व्यक्ति आकर ठाकुर से प्रार्थना करने लगे महाराज मैं अपनी पत्नी पर इतना आसक्त हूं की किसी अन्य वस्तुओं में मेरा मैन नहीं लगता मेरा सारा कारोबार चौपट हो जा रहा है कृपा करके मेरी मानसिक अवस्था बदल दीजिए ठाकुर ने कहा ठीक है एक दिन कुछ फल ले आना मैं तुम्हारी माया अर्थात भ्रम को खा लूंगा जब वह व्यक्ति फल लेकर आया तो ठाकुर उसे नहीं खा सके मुझे पता चला की बाद में चलकर वह व्यक्ति अपनी पत्नी के कारण बहुत दुखी हुए द अभी देखें दो इंसीडेंट है ठाकुर के ऊपर में संपूर्ण श्रद्धा भक्ति रखते हैं ठाकुर को बोला मेरी कामवासना है वह कहता है की मेरी पत्नी पर बहुत सकती है तो ठाकुर ने कहा एक फल ले आना मैं उसको खा लूंगा जब ये लेके आया तो ठाकुर उसको नहीं खा पाए तो यहां पे ऐसा भी होता है की कभी-कभी थोड़ा सा दुष्कर्म रह गया होता है तो ठाकुर उसको ग्रहण कर लेते हैं किंतु जिन्होंने अभी ही यही जन्म है पशु योनि में से मनुष्य योनि ग्रहण की है और अभी तो बहुत सारा उनको रास्ता काटना है तो ठाकुर उनको आशीर्वाद देते हैं उनका रास्ता सहज बना सकते हैं किंतु संपूर्ण रूप से उसके पाप नहीं ग्रहण कर पाते उसके लिए हमारा संपूर्ण रूप से जो ठाकुर के ऊपर में विश्वास होना चाहिए वो शायद इस व्यक्ति में था तो उसकी वजह से ठाकुर ऐसा नहीं कर पाए किंतु उसके संपूर्ण पाप शायद नहर लिए हो किंतु ठाकुर की आशीर्वाद से निश्चय उसका जो ठाकुर कहते हैं ना की जिसका पैर काटने वाला था उसको पैर में कांता लग गया मैंने उसके dushkarmon का तो प्रभाव है यहां तक कम हो गया तो ऐसे ही इस व्यक्ति के जीवन में हुआ होगा यहां पे वो पत्नी की वजह से बहुत दुखी हुआ किंतु क्या और कितना बुरा अंजाम हो सकता था वो नहीं हो करके सिर्फ इतना हुआ यहां तक उसका वो मतलब कर्म तो ठाकुर का जो आशीर्वाद है वो भी इस तरह से हम विभिन्न किस जो है विभिन्न व्यक्तियों के जीवन में किस तरह से फलित होता है ये सब हमको इसको पढ़ने से पता चलता है है तो आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे