Skip to transcript
ClassesSaradakosh

Sri Ramakrishna Teachings ·

Sri Ramakrishna : Life and Teachings : English & Hindi : 17 Feb 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Shivananda

टी-शर्ट ठाकुर दे ऑन डी फर्स्ट विजिट ही मेड तू श्री रामकृष्ण ही डिड'टी टॉक की मच बट अन मंथ लेटर ही वेट तू दक्षिणेश्वर एंड बिकम एक्सेंटेड विथ हिम इन डी डम लाइट ऑफ एन ऑयल नाम इस सो ठाकुर सीटेट क्रॉस लाफिड इन हिज रूम विद थ्री और फोर आदर्श ऑन डी फ्लोर इन फ्रंट ऑफ हिम डी स्मॉल ऑडियंस सूटेड मी इट वंस आई फेल्ट अन दीप अटैचमेंट फॉर ठाकुर वेटिंग फॉर मी सो विद डी कॉन्फिडेंस फेथ एंड 32 ऑफ अन चाइल्ड आई सरेंडर मैसेल्फ तू हिम प्लेसिंग मैसेल्फ एंटायरली अंडर सी सचिन इंपॉर्टेंट थिंग इसे डेट ही सो मदर इन हिम नौ सी नो डेट व्हेन सी रीड डी reminations ऑफ मदर decipals वन में यंग बॉयज और यंग वुमेन हु वेट तू मीत तू हैव डी दर्शन ऑफ मास शारदा देवी फॉर डी फर्स्ट टाइम दे अलसो सो देर ऑन मदर इन मैन शारदा देवी बट हर सी लर्न डेट इन ठाकुर अलसो दे यूज्ड तू सी देर मदर रदर दें इस दे फादर एंड डी रीजन फॉर दिस बीइंग देयर श्री रामकृष्ण हेड वरशिप्ड मैन काली होल इस लाइफ नौ काली बीइंग डी फेमिनिन हाफ ऑफ डी वर्ल्ड ऑफ दिस क्रिएशंस से हद दिल्ली मेनिफेस्टेड इन डी इन डी हार्ट ऑफ श्री राम कृष्ण डट इसे वही यू नो देयर इस अन विज़न ऑफ माथुर बाबू वैन दे व्हाट हैपन डेट श्री राम कृष्ण वास वॉकिंग तू एंड फ्रो इन हिज vandananda एंड माथुर बाबू हु वास डी ग्रेट devoteyo श्रीराम कृष्ण एंड अलसो ही वाज डी प्रोटेक्टर ऑफ श्री रामकृष्ण बिकॉज माथुर बाबू वास दी ओनर ही इसे मदर इन लॉ रानी रश्मोनी हेड बिल्ड दक्षिणेश्वर टेंपल सो माथुर बाबू वास एक्चुअली दी ओनर ऑफ दक्षिणेश्वर टेंपल एंड बीइंग डी ओनर ही वास डी प्रोटेक्टर ही वास डी के डिफेंडर ऑफ श्री राम कृष्ण ही ऑलरेडी हेड लेट अस से श्रद्धा एंड भक्ति इन श्री राम कृष्ण बट लेटर ऑन दिस डिवोशन इंक्रीज मानी फॉल्ट सो देयर हे बिन में इवेंट्स व्हाट सी मथुरा बाबू शो इन श्री रामकृष्ण व्हाट डिड ही शो डेट हिज के डिवोशन इंक्रीज सो मच सो वैन दे देयर इस वेरी इस इंसीडेंट ठाकुर वास वॉकिंग तू इंफ्रो इन है फ्रेंड मथुरा बाबू वह स्टैंडिंग ऑन डी रूफ ऑफ है होम विच वास जस्ट नेअर्बी तू ठाकुर्म नौ व्हाट हैपन डेट व्हेन मथुरा बाबू सो डट ठाकुर इस गोइंग फ्रॉम दिस साइड तू दिस साइड ऑन वैन साइड वेंट ठाकुर विद टर्न ही वुड सी मदर काली इन डी फॉर्म ऑफ ठाकुर इन प्लेस ऑफ ठाकुर एंड वेट ठाकुर सी टर्न अगेन ही वुड सी लोड शिवा सो मदर काली एंड लॉर्ड शिवा बोथ ही शो इन ठाकुरबें की वाज वॉकिंग फ्रॉम वैन एंड ऑफ है वर अंडर तू डी अर्थ सो मधुर बाबू रिलाइज्ड इट शिवा एंड शक्ति बोथ आर लिविंग टुगेदर इन डी फॉर्म ऑफ श्री राम कृष्णा सो डेट इस वही डिशेमिनिन हाफ ऑफ दिस एक्जिस्टेंस एंड दिस मेल हाफ ऑफ दिस एक्जिस्टेंस बोथ आर लिविंग हेयर साइड की साइड इन श्री राम कृष्णा दूसरी रामकृष्ण ही सो दिस इन इनसाइड श्री रामकृष्ण देयर वैसी ऑन मदर एंड सी नो डेट मतलब दिस अवर महापुरुष महाराज महापुरुष महाराज वैसे वेरी साद तू लीव हिज होम बिकॉज तेरे वास नो मणि एंड ही हेड यंगर सिस्टर तू फुल तू इट तू लीव होम एंड कम तू कोलकाता सो डेट इस वही सी सी डेट ही हेड अन दीप बॉन्ड ऑफ लव विथ हिज मदर एंड नौ ही सो डट से बॉन्ड ऑफ लव इट immediatli फॉर्म विद हिमसेल्फ एंड श्री राम कृष्ण सो डेट इस वही यू सी डेट इट इस नॉट जस्ट इट डिवाइन इंस्पिरेशन डेट वाज डी solbon बट देयर वास समथिंग एवं दिस दिविनिटी एंड स्पिरिचुअलिटी इट वाज डी रिलेशन शिप ऑफ योर ऑन वेरी क्लोज प्रसेंस सो दिस रिलेशनशिप व्हेन इट वास फॉर्म बिटवीन पोस्ट मास्टर एंड डिसीप्ल रिसोर्स वोट उसे तू हैपन इन अवर गुरुकुल गुरुकुल इन अवर gurusware नॉट जस्ट टीचर्स और एक कॉलेज डी टीचर इसे जस्ट टीचर ही सिंपली इंपार्टस नॉलेज एंड मोस्ट ऑफ डी टाइम टीचर इस कंसेंट अबाउट हिज फीस अबाउट डी मणि डेट ही कैन आउटसाइड ऑफ दिस स्टूडेंट रदर दें गिविंग हिम एक्चुअल एक्चुअल विद्या एक्चुअल लर्निंग सो दिस डिफरेंट सी सी इनसाइड था ओल्ड गुरु एंड न्यू टीचर्स बिकॉज यू सी लर्निंग प्रक्रिया इस नॉट जस्ट ए प्रक्रिया ऑफ सिंपली गेनिंग योर साइंस इंपार्टिंग ऑफ साइंस इंपार्टिंग ऑफ जस्ट डाटा इंपार्टिंग ऑब्जेक्ट इनफॉरमेशन बिकॉज पिक्चर अलसो फॉर्म्स डी कैरक्टर ऑफ डी स्टूडेंट इफ डी स्टूडेंट्स कैरक्टर इस नॉट फॉर्म इट इस लाइक यू नो डेट व्हेन अन कुम्हार आई डोंट नो डी बंगाली वर्ड और पोर्ट मेकर डी पॉट मेकर डी वैन हु मैक्स स्पोर्ट्स वन ही हज अन वेट डेट व्हाट सी में से अवर वेट अर्थ ही हैज गो तू वेट अर्थ फॉर पॉट मेकर एंड आउट ऑफ डेट अर्थ क्ले इट इस कॉल्ड क्ले सो आउट ऑफ डेट क्ले पॉट मेकर फॉर्म्स अन वेरी नाइस पोर्ट व्हेन दिस स्पॉट इस बड़ी ही कैन फुल लॉट ऑफ वाटर बट व्हेन देयर पोर्ट इस स्मॉल ही कैन फुल ओनली सो मच वाटर सो टीचर्स जॉब इस नॉट फुल डी वाटर बट अलसो इंक्रीज कैपेसिटी ऑफ डी पोर्ट डेट कैपेसिटी इस इन डी फॉर्म ऑफ कैरेक्टर ड्यूरिंग दिस फिलिपींस लेक्चर इफ यू माइट हैव बिन प्रेजेंटेड आई गिव डी एग्जांपल ऑफ डेट जैपनीज एन मास्टर डेट वैन प्रिंस कम तू गेट मास्टर एंड ही इसे आई वांट तू लर्न फ्रॉम यू दिस मास्टर व्हाट ही डिड ही वेंट पोरिंग इन अन स्मॉल कप लॉट ऑफ लॉट ऑफ टी ऑफ कोर्स डी टेबल ओवरफ्लो एंड इट विल वेट डी कारपेट्स एंड ड्रग्स एट सेटेरा दिन प्रिंस आस्क डेट वही आर यू पोरिंग मोरिंग मोर अन टी इनसाइड सच ए स्मॉल कप मास्टर जेन मास्टर्स से डेट इस बिकॉज आई वांट तू मेक यू अंडरस्टैंड डेट यू हैव ओनली डेट मच कैपेसिटी स्मॉल कैपेसिटी इन योर ब्रेन एंड डेट कैपेसिटी इट सेल्फ इसे फील्ड ओवर फील्ड विद यू ऑन कॉन्फिडेंस एंड योर ऑन अन एगो सो आई वांट बी एबल तू टीच यू मच सो दिस इस डी डिफरेंस बिटवीन डेट ओल्ड गुरु एंड ग्रैंडमास्टर्स एंड टुडेस टीचर द ओनली कंसर्न दे आर ओनली कंसर्न टुडे टीचर इन गिविंग अन पोरिंग इस मच स टेक केयर इन अन स्मॉल टी कप बट अवर डिसइन मास्टर्स ओवर वेदांटिक टीचर ओवर दिस विष्णुवर्धन टीचर्स दे अलसो अंडरस्टैंड डेट फार्मिंग डी कैरक्टर ऑफ स्टूडेंट इसे मच इंपॉर्टेंस स्टार्टिंग दिन इनफॉरमेशन और नॉलेज 30 कैरक्टर फार्मिंग ओनली कैन हैपन व्हेन देयर इसे अन बॉन्ड ऑफ लव बिटवीन टीचर एंड स्टूडेंट इफ थिअरीज नो लव इफ देयर इस नो भालोबासा कंपैशन दें दे विल नॉट बी एबल तू फॉर्म देयर कैरेक्टर बिकॉज हो डेट कैरक्टर कैन बी फॉर्म स्टूडेंट सीरीज हो हिज टीचर बिहेव्स एंड डी वे टीचर बिहेव्स स्टूडेंट अलसो इनवाइट दिस पोलाइटिस बिहेवियरल एस्पेक्ट्स ऑफ डी टीचर डेट इस वही सी सी टुडे डेट एवं पर्सन कैरक्टर माइट नोट बी ग्रेट ही इस कंसीडर्ड तू बी अन ग्रेट टीचर बिकॉज हिम माय हैव गो डबल पी एचडी ट्रिपल एचडी इन सैम पार्टिकुलर सब्जेक्ट सो सी मेक से डेट दिस पिक्चर हज लॉट ऑफ इनफॉरमेशन हिज अन लॉट ऑफ नॉलेज बट व्हेन हिट टीचिंग अन स्टूडेंट एंड इफ थीरीज नो बॉन्ड ऑफ कंपैशन एंड थ्रू दिस बॉन्ड ऑफ कंपैशन टीचर्स क्वालिटीज गुड क्वालिटी आर नॉट इंपॉर्टेंट इन डी स्टूडेंट दें स्टूडेंट्स कैपेसिटी तू लर्न विल नॉट इंक्रीज एंड दिस पॉलिटिक्स नॉट ओनली प्रेजेंट इन अवर इंस्टेंट ट्रेडीशंस लाइक सेंट बुद्धिस्म और वेदांत और वैष्णव ट्रेडीशन बट अलसो इन वेस्टन हाईएस्ट अकादमी एक्सीलेंस सी मेक कॉल देर वाज वैन प्रोफेसर फैन मैन सो प्रोफेसर फेमाइनस लेक्चरर्स आर वेरी पॉप्युलर नौ सी कैन नॉट से फाइनेंस कैरक्टर वाज गुड ही वाज अन वेरी रफ एंड डेट टाइप ऑफ पर्सन लेट मी नोट गोइंग तू हिज कैरक्टर बट ही इस बॉन्ड ऑफ कंपैशन विथ हिज स्टूडेंट्स को सो ग्रेट डेट हिज स्टूडेंट्स उसे तू रिमेंबर लॉन्ग आफ्टर फाइनें पस्त आवे दे यू तू फोन ओनली रिमेंबर दिस हो ही यूज्ड तू बी हैव हो ही उसे तू एक्ट हो ही उसे तू टॉक विद डेम यू डोंट टॉक अबाउट इट टीचर अंटील एंड अनलेस यू हैव अन ग्रेट बॉन्डो फ्रेंडशिप एंड MP3 सो लाइक दिस लाइक चॉकलेट्स यू नो रोड्स अबाउट ऑपरेटर ऑपरेटर्स वैन ऑफ डी ग्रेट टीचर्स वही बिकॉज ही हेड कंपैशन इन हिज हार्ट एंड ही यूज्ड तू बी एबल तू कनेक्ट विद डी स्टूडेंट्स ही हिट डेड डेट सी आर गेदर अराउंड इट सो हर इन दिस स्मॉल सेंटर्स इफ सी स्टडी अन वेरी केयरफुली सी कैन थिंक डेट इंटर साइकोलॉजी एंड एंटीरे फिलासफी ऑफ एजुकेशन इस देयर डेट आई सी माय मदर इन ठाकुर एंड डी ग्रेट लव आय हेड ऑन माय मदर आई सो डेट इफ इट imminating फ्रॉम ठाकुर टुवर्ड्स मी देयर इस अंदर नाइस इंसीडेंट विल गो तू आर्टफुल हिज मदर डिड'टी वांट तू लेट हिम स्टे तेरे लॉन्ग बिकॉज देर वेयर पीपल अराउंड देर पीपल विथ वेरी बेड करमास सी में से बेड टेंडेंसी एंड इफ बाबूराम महाराष्ट्र सच अन ग्रेट लव फॉर हर हर सैन इट इसे से थिंग यूज्ड तू हैपन व्हेन बाबूराव हमारा गोज तू गो तू दक्षिणेश्वर व्हेन ही इसे लिविंग डी ऑक्सीडेशन ठाकुर हु वुड बिकम सो साद एंड अपसेट डेट बाबूराम महाराज जी लिविंग सो बाबूराव मस से व्हेन आई एम लिविंग आर्ट फॉर माय मदर क्रीज फॉर मी एंड व्हेन आई एम लिविंग दक्षिणेश्वर ठाकुर सो दिस लव इसे डी मोस्ट फंडामेंटल एस्पेक्ट ऑफ गेनिंग प्रोग्रेस इन स्पिरिचुअल लाइफ नॉट जस्ट स्पिरिचुअल लाइफ अन्य काइंड ऑफ लर्निंग दिस बॉन्ड ऑफ एंपैथी कंपैशन एंड अंडरस्टैंडिंग एंड होल हार्टर्डनेस इस रिक्वायर्ड तू फॉर्म डी कैरेक्टर ऑफ स्टूडेंट एंड डेट इस हो टीचर कैन इंक्रीज डी कैपेसिटी ऑफ लर्निंग सो डेट यू कैन इंपोर्ट मोर एंड मोर नॉलेज कुछ इनसाइड है स्टूडेंट्स ओके अभी हिंदी में

श्रीरामकृष्ण कथामृत : तृतीय दर्शन

कल हमने देखा की किस तरह से श्री रामकृष्ण हमको बताते हैं की हमने देखा की किस तरह से कंट्रास्ट और कंपेयर कर सकते हम ठाकुर के टीचिंग को ऑन वैन हैंड कहते हैं की जैसे वो तो मैं मित्रों की कहानी की वो जो जंगल में से जा रहे हैं शेर ए गया तो एक मित्र कहता है की भगवान को बुलाओ दूसरा मित्र कहता है अरे भगवान को बुलाने से क्या है चलो पेड़ पे चढ़ जाते हैं और दूसरी ओर भगवान शिव का वो जो उदाहरण है वो भगवान शिव जा रहे हैं अपने मित्र अपने भक्तों को बचाने के लिए फिर देखा की भक्त ने अपने हाथ से अपने पत्थर ले लिया है उठा लिया है तो भगवान शिव वापस ए गए सोचा की अरे उसने पत्थर से उठाई है तो मेरी क्या जरूरत है तो यह सब जो है हमको थोड़ा सा अपना कॉमन सेंस वगैरा उसे करके समझना है adervise क्या होगा की हम लोग खुद जो है किसी तरह की दुविधा में फैंस जाएंगे और ज्यादातर लोग जो है ठाकुर के टीचिंग में कभी कांट्रडिक्शन नहीं देखते हैं क्योंकि ठाकुर के टीचिंग में सिलेक्शन हो ही नहीं सकता किंतु जैसे मेरे जैसे लोग हैं जिनको की ऐसा थिंकिंग एंड एनालिसिस बहुत ज्यादा पसंद है और कोई कम धाम नहीं है पब्लिकेशन में बैठे-बैठे यही करना है तो इसलिए हम लोग जो है ठाकुर के टीचिंग में से ये सब कांट्रडिक्शन खोजते रहते हैं अभी श्री रामकृष्ण आगे कहते हैं की परमात्मा की सृष्टि में नाना प्रकार के जीव जंतु और पेड़-पौधे हैं पशुओं में अच्छे भी है और बुरे भी उनमें भाग जैसे हिंसा प्राणी भी है और पेड़ों में अमृत जैसे फल लगे हुए ऐसे पेड़ भी है और विश जैसे फल में हो ऐसे भी है इसी प्रकार मनुष्यों में भी भले और बुरे साधु और साधु दोनों है उनमें सांसारिक जीव भी है और भक्त भी देखिए यह जैसे हम जब स्पिरिचुअल यह जो प्रिसेप्ट ब्रह्मचर्य तब हम जब इसका पालन करने की जब शुरुआत करते हैं खासकर गांधी जी बहुत ज्यादा प्रभावित है तो जब गांधी जी जब सॉरी ब्रिटेन जाने के लिए निकले barrester जो लोअर का वो पढ़ करने के लिए वो तो उन्होंने क्या किया था वो गांधीजी को कहा था की ये तुमको शराब नहीं पीना है और वहां की औरतों से तुमको दूर रहना है और क्या तीन उनको मीत नहीं खाना है तो मांसाहार नहीं करना है इस तरह से इनको तीन प्रतिज्ञाएं करवाई थी इन जैन मुनि ने वो प्रतिज्ञा ग्रहण करने के बाद ही गांधीजी जो है वो ब्रिटेन जाने के लिए रावण हुए और वहां पे जाकर के वो लॉयर बने माने वो पढ़ करने के लिए गए द तो ये जो है की मांसाहार नहीं करना एक शुद्ध पवित्र जीवन जीना किसी भी तरह का दूसरों के ऊपर में अत्याचार नहीं करना ये जैन धर्म का बहुत ही बेसिक कॉन्सेप्ट है बुद्धिस्म में भी आप देखिएगा की वहां पर रिचुअलिस्टिक जो भी ट्रेडीशन से उससे ज्यादा ये एथिकल मोरल ट्रेडिशनल जो है वो बहुत ज्यादा प्रॉमिनेंट है अभी हमको यह देखना है है की एथिक्स जिसको हम कहते हैं की जैसे की वह क्रिश्चियनिटी में कहते हैं की गोल्डन रूल डू इन थाई सेल्फ अर्थात तुम अपने पड़ोसी के साथ में उसी तरह का व्यवहार करो जिस तरह का व्यवहार तुम अपने साथ में करोगे क्या हम अपने को मरेंगे की हम अपने से झूठ बोलेंगे क्या हम अपने का अपने पे कोई अत्याचार करेंगे नहीं करेंगे तो तुम अपने पड़ोसी के साथ में ऐसा क्यों करोगे किंतु यहां पे क्या है की गोल्डन रूल क्रिश्चियनिटी में बहुत कम लोगों ने फॉलो किया है यहां तक की स्वामी जी एक बहुत अच्छा स्टेटमेंट है कहते हैं की जैसे उसने कहा की यदि कोई तुम्हारे गल पे एक गल पे चांटा मारते हैं तो तुम उसको दूसरा गल दिखा दो अर्थात तुमको यदि कोई तुम्हारे हिंसा भी करता है तो तुम जो है उसका प्रतिकार नहीं करोगे क्योंकि ये apratikaratv हिंसा ये जो है आध्यात्मिक जीवन का सबसे बड़ा व्रत है या तो फिर का सकते हैं की आध्यात्मिक जीवन के सबसे बड़े वृत्त में एक अहिंसा satyapalan और ब्रह्मचर्य यह तीन को बहुत ही इंपॉर्टेंट हम आध्यात्मिक जीवन में देते हैं उनका आदर हैंड भगवान कृष्ण क्या कहते हैं गीता में की नीति जो है वो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है रदर थन की एथिक्स इसीलिए भगवान कृष्ण ने जब देखा की जिसके पास में अनीति है जैसे की कौरव वो यदि जीत जाएंगे तो पूरा पृथ्वी पे जो है अंधकार फैल जाएगा इसीलिए उन्होंने ये सब एक के बाद एक ट्रिक करके ये कौरवों को हराया जैसे की वो जो विश्वामित्र द द्रोणाचार्य तो द्रोणाचार्य का वध करना तो बहुत मुश्किल है वो तो पांडवों को खबरों के गुरु है उनकी जो शास्त्र विद्या का वो जो ये जो है एफिशिएंसी स्किल पूरा किसी में नहीं है तो उनका वक्त कैसे करेंगे तो वो एक हाथी को मार दिया जिसका नाम द्रोणाचार्य के लड़के के नाम से था और फिर वो बात फैला दी के उनका लड़का मार गया है तो अभी द्रोणाचार्य yudhishthit को मिलने के लिए युधिष्ठिर तो कभी सत्य वचन नहीं कहेंगे बोला की क्या वो मार गया तो युधिष्ठिर ने कहा हान और फिर साथ में क्या कहा नरोबा kunjuro व माने या तो वो आदमी था या तो वो हंसती था अर्थात की वो हाथी था अभी ये ardhav सत्य बोलने पर भी युधिष्ठिर का जो रथ है वो जो 6 इंच जमीन से ऊपर उठाता था और जमीन पे बैठ गया किंतु एवं ये कोस्ट देकर के भी माने ये मतलब सैक्रिफिस करके भी भगवान कृष्ण ने पांडवों को जिताया क्योंकि जो नीति जो है वो सबसे इंपॉर्टेंट है reather दें की ये जो व्यक्तिगत नीति मत्ता ये जो सामाजिक नीति मत्ता है सोशल एथिक्स डेट इस मोर इंपॉर्टेंट इन इंडिविजुअल एथिक्स तो स्वामी जी बहुत अच्छा स्टेटमेंट लेते हैं की जैसे देखिए की हमारे शास्त्र में कहा गया है की यदि कोई तुम्हारा गल पर एक हाथ हमारे तो उसका हाथ तोड़ दो अभी जिस कहते हैं की यदि कोई तुमको एक गल पर मारे तो दूसरा सवाल दिखा दो यह हमारे गुरु ने ऐसा कहा और उनके हमारे अवतार ने ऐसा कहा उनके अवतार ने ऐसा कहा किंतु ब्रिटिशर्स जो है वो कृष्णा को फॉलो कर रहे हैं और हम इंडियन जो है वो क्राइस्ट को फॉलो कर रहा है की सब विचित्र ये हिस्टोरिकल कांट्रडिक्शन पैराडॉक्स हो गया हमको कृष्णा का यदि हम नीति फॉलो करते हैं तो भारत में एक के बाद एक जो आक्रमण हुए हैं किसी भी तरह से हम उसका डट के सामना करते हैं जिससे की हमारा जो सनातन धर्म है वो पहले हमारी पुनिया भूमि में किंतु इसके बाद में भी जैसे पृथ्वीराज को देखिए वह जो मोहम्मद गोरी आठ आठ बार भारत में आया इतनी बार उसको हराया फिर भी जैसे राजधर्म जो होता है ना की हरा हुआ यदि आपके शरण में ए जाए तो उसको बक्श देना चाहिए तो उसको बख्श दिया आखिर में एक बार तो वह जीती गया और उसने जो पृथ्वीराज चौहान की आंखें निकल दी ये कितनी मतलब यदि हम देखते हैं की भारत के साथ में किस तरह का यह एक विचित्र एक मतलब यह हुआ है डिजास्टर पर स्वामी जी कहते हैं यह सब जो उल्टा पुल्टा क्यों हो गया की ये जो बुद्धिस्म जो है ना उसने क्या किया की ये जो सोशल एथिक्स और मोरालिटी की जगह पे एक इंडिविजुअल मोरालिटी को ले आए यदि मैं अपनी इंडिविजुअल मुझे लगता है की ये सत्य वचन करना मैं पालन करना मेरे लिए अच्छा है किंतु भले ही चाहे मेरे सत्य वचन पालन करने से पूरे समाज को नुकसान होता हो भरे मेरे जो धर्म का पालन करने से दूसरों को हनी होती हो फिर भी मैं धर्म का पालन करूंगा क्योंकि मैं सत्य हूं जगत मिथ्या है ब्रह्मा सत्य जगत मिथ्या अभी यह इच्छा उल्टा यह थिंकिंग है अभी मैं सत्य नहीं हूं मेरे भीतर में जो ब्राह्मण है वो सत्य है अर्थात मैं यदि सत्य वचन का पालन करता हूं तो कब वो सही है वो सही है दूसरे को क्षति पहुंचने हैं तो वह गलत है है ना की एक साधु है वह रास्ते से जा रहा है देखा की एक औरत जारी है दौड़ी-दौड़ी तो साधु ने पूछा की अरे माताजी अब क्या तो औरत बोली कुछ गुंडे मेरे पीछे पड़े हैं वो यहां पे ए रही है मैं इस रास्ते से जा रही हूं आप उनको बोलेगा की मैं उसे रास्ते से गई हूं जैसे की मैं बच जाऊं और गुंडे दूसरे रास्ते पर चले जाए अब ये महात्मा जी बड़े दुविधा में पद गए औरत तो चली गई अभी वो गुंडे आके उनको पूछने लगे दो रास्ते हैं वो औरत किस रास्ते से गई है अब ये महात्मा जी क्या उत्तर देंगे सत्य वचन बोलेंगे तो वो महिला को औरत को हनी होगी और यदि मिथ्या वचन कहेंगे तो उन्होंने अपने धर्म का भांग किया ऐसा होगा अभी देखिए की यदि वो सत्य वचन कहते हैं और यदि वो महिला को हनी होती है तो उन्होंने अभी तक जो भी धर्म का पालन किया है उसे वक्त hasnas हो जाएगा और यदि वह मिथ्या वचन कहते हैं तो उन्होंने धर्म का पालन नहीं किया या तो अपना जो सत्य वचन पालन करने का धर्म था उसका भांग किया वो नहीं एक्चुअली उन्होंने जिओ की रक्षा करने के लिए मिथ्या वचन कहा है इसीलिए देखिए युवान ठाकुर भी दो चीज हैं ठाकुर ने जब ये बात थी की उन्होंने कहा की मैन के चरणों में ये लोग तुम्हारी विद्या येलो तुम्हारी अविद्या यह सब कुछ उन्होंने मैन के चरणों में अर्पित कर दिया किंतु जब यह कहने की बारी आई की यह लो तुम्हारा सत्य और यह लो तुम्हारा सत्य तो ठाकुर जो है यह बात नहीं का सके क्योंकि ठाकुर कहते हैं की सत्य पालन जो है काली की सबसे बड़ी तपस्या है यदि आप काली में satyapalin नहीं करेंगे और आप जैसे दुनिया भर के वो साधन भजन तपस्या कर ले तो किंतु आप आध्यात्मिक रास्ते पे बहुत ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाएंगे यह सब घटनाएं ठाकुर के जीवन में की सत्य पालन मतलब एक्सट्रीम में जाकर करने का प्रयत्न करते हैं तो किस तरह से एक ह्यूमर्स सिचुएशन खड़ी होती है की एक दिन दक्षिणेश्वर में ये बहुत पहले की बात है जब मथुरा बाबू जीवित द वो जो जगदंबा दासी उनकी जो पत्नी थी वो जीवित थी वो बहुत उसे समय की बात है सांवरे इन 1860 के वो डिसाइड की बात है की वो किसी ने जाकर के जगदंबा दासी के बगान में से कुछ ये कुछ चीज ले ली या हो की वो कोई वेजिटेबल हो कुछ मैं एक्जेक्टली भूल गया कौन था और क्या लिया था किंतु ठाकुर ने जाकर के उनको बोल दिया की अरे मैंने देखा है की वह तुम्हारे बगान में से यह सब ले जा रहा है अब यह तो ठीक नहीं है वह तो भगवान तो तुम्हारा है उसमें से वह क्यों ले गया तो वह बेचारी हंसकर के कहने लगी ठीक है वह मतलब बाबा जी वो तो मुझे भले मुझे बता कर नहीं लिया वो तो परिवार वाले ही है लिया है तो क्या गलत है उसमें तो किंतु ठाकुर इस हद तक सत्य पालन करते द किंतु ठाकुर ने खुद कहा है की जब किसी का पैर किसी का जो पैर उज्जवल ये हो जाता है ना वो लकवा जिसको की क्या बोलते हैं जब पैर में जो कुछ जिसका ये होता है और जो ठीक से चल नहीं पता तो वो ठाकुर बोलते हैं की उसको ये नहीं कहना चाहिए की तुम्हारा पैर खोदा क्यों है उसको ये कहना चाहिए की तुम्हारा पैर इस तरह का क्यों है ऐसा है की तुम पागल क्यों हो तुम इस तरह से कहना चाहिए मतलब मैं दूसरी तरफ उदाहरण देकर का रहा हूं की किसी कोई किसी का विचित्र बिहेवियर है तो ऐसा नहीं कहना की तुम पागल क्यों हो ऐसा कहो की तुम इस तरह से क्यों बिहेव करते हो अर्थात जब हम किसी को प्रश्न भी करते हैं उसकी शारीरिक डिफेक्ट के बारे में तो ऐसा नहीं कहना चाहिए की ये तुम्हारी डिफेक्ट है कहना है की तुम इस तरह से क्यों का रहे हो अर्थात अपने वचन को जो है प्रिया करने हैं जो इस तरह से हनी दे करके किसी उसे सत्य वचन नहीं करना इसलिए शास्त्र में कहा गया है की priyamvadam सत्यम पदम priyamvadam सत्य जैसे दुर्वासा मुनि द सत्य वचन पालन का मतलब हमेशा सत्य बोलेंगे हमेशा आपके मुंह पे झुकी आप का देंगे वो जो सोचते हैं वो बोल देंगे किंतु क्या है उसका ऐसा एक डिवाइस सेटिंग इफेक्ट होता है की सामने वाला demorise होता है तो ये सत्य वचन भी जो है वहां पे हमको इस तरह से इसका पालन करना है की सोसाइटी को जो है नुकसान यदि मुझे होता है तो ठीक है क्योंकि ये जो शरीर है वो मिथ्या है सोसाइटी मिथ्या है इस तरह से कभी भी हमारे टीचिंग्स का उल्टा मीनिंग नहीं करना है आदर वाइस हम इस तरह से एक एंटी सोशल बिहेवियर में चले जाएंगे की भले ही चाहे दुश्मनों को नुकसान हो क्या फर्क पड़ता है पहली बात तो मैं धर्म का पालन कर रहा हूं दूसरी बात ये सोसाइटी तो यही नहीं ये बिल्कुल ही गलत इंटरप्रिटेशन है हमारे धर्म का तो अच्छा यह जो ठाकुर का रहे हैं की साधु और साधु सभी और जैसे हमने देखा की सामने वाला किस तरह का है ऐसा सोच करके उसके साथ बिहेव करना है बिल्कुल ही मतलब अहिंसा तो पगले की तरह अहिंसा का पालन नहीं करना फिर ठाकुर आगे कहते हैं जीव चार प्रकार के होते हैं मुमुक्षु मुक्त और नित्य नारद आदि नित्य जीव है ऐसे जीव औरों के लिए दूसरों के हिट के लिए उन्हें शिक्षा देने के लिए संसार में आते हैं बुद्ध जीव जो है विषय में फसा रहता है वह ईश्वर को भूल जाता है भागवत चिंतन वह कभी नहीं करता नित्य जीव और बुध जीव उसके बाद में है जो मुक्ति की इच्छा रखता है और कोई नहीं हो सकते और मुक्त जीव जो है संसार में कामिनी कंचन में फास्ट नहीं है जैसे साधु महात्मा इनके मैन में विषय बुद्धि नहीं रहती है यह सदा ईश्वर के ही पदमो की चिंता करते रहते हैं जिनको की हम अवतार के रूप में पहचानते हैं जैसे की मुझे हमारे तो भारत में लाखों अवतार हैं हजारों अवतार है किंतु मेरे जो पर्सनल फेवरेट है ठाकुर तो है ही है किंतु आदर दें वो है शंकराचार्य शंकराचार्य हम जीवन देखेंगे की जितनी मतलब कितनी छोटी उम्र में उनके मैन में यह बात ठीक हो गई की उनका जो जीवन है वो वेदांत की साधना करने के लिए वेदांत के जो सर्वोच्च आध्यात्मिक तत्व है उसका साक्षात्कार करने के लिए बना है नहीं की ये विषय ए सख्त संसार में फैंस करके रहने के लिए तो जब वो संसार त्याग करते हैं तब देखिए की किस तरह की वह एक इमोशनल मोमेंट खड़ी शंकराचार्य पर सही-सही एक मूवी बनाया जाए ना तो एक मतलब हिट मूवी में जितने भी वो एलिमेंट्स रहते हैं सब आपको शंकराचार्य के जीवन में मिलेंगे यह जो बॉन्ड ऑफ लव था शंकराचार्य और उनकी मैन के बीच में तो शंकराचार्य जब छोटे बच्चे हैं घर छोड़कर जा रहे हैं तो मैन रो रो करके परेशान हो गई है बेहोश होने की वो कतर पे है तब मैन क्या कहती है शंकराचार्य को की देखो अभी तो तुम मुझे छोड़ के जा रहे हो किंतु जब मेरा मृत्यु हो उसे समय तुम मुझे मिलने के लिए अवश्य आना तो शंकराचार्य ने प्रॉमिस किया की जब तुम्हारा मृत्यु होगा तब ये जो हमारा सांसारिक संबंध है वो टूट जाएगा अर्थात तुमको मिलने के लिए आने के लिए मेरी ये जो संन्यास की जो व्रत है उसका भांग नहीं होगा तो मैन जो है शंकराचार्य की unnatushay पे पड़ी है वो जो छोटी सी कुटिया है वह अकेली है घर में तो और कोई है नहीं उसका हस्बैंड तो पहले से शंकराचार्य के पिताजी पहले से ही वो तो स्वर्गवास हो गया है उनका तो वह वहां पर लेती हुई कुटिया में उनके साथ जाने की बिल्कुल कतर पे है वो जाने वाले हैं वो शंकराचार्य योग पावर्स उससे वह जान लेते हैं की अभी उनकी माता जी का देहांत हो रहा है तो कहां से वो वो योग मार्ग से आकर के वो मैन के चरणों में गिरते हैं मैन का हाथ पकड़ते हैं और मैन का बेहद त्याग होता है तो ये जो इमोशनल पोर्न है हमारे जितने भी अवतार है हमारे अवतारों के आध्यात्मिक बायोग्राफी से ठीक-ठीक लिखने से इतना पावरफुल इमोशनल स्ट्रांग बॉन्ड हमको दिखता है और ये जो इमोशनल बंद है वो हमारे कैरक्टर को स्ट्रांग करता है नो टीचर्स की यह फिलासफी नोट सिंपली की आप जब ध्यान कर रहे हैं नॉट सिंपल के आप जो कर्मयोग है वह सब कर रहे हैं किंतु यह जो इमोशनल बॉन्ड जो है वो है हमारे कैरक्टर को सही-सही फॉर्म करता है इसीलिए जिसके जीवन में ऐसा नहीं है की जिसको की उसने पूरा हृदय डालकर के प्रेम किया है तो उसका जीवन जो है वो एक अधूरा रह जाता है वह चाहे ईश्वर को प्रेम किया हो या तो अपनी मैन को प्रेम किया हो या कोई भी हो जीवन में जिसको है की उसने प्रेम किया हो यह जिस बॉन्ड ऑफ लव इसे डी मोस्ट इंपॉर्टेंट थिंग तू ले अन फाउंडेशन जिस एक फाउंडेशन बनाएगा जिसके ऊपर में ये साधना का जो महल है वो तैयार होगा जिसको की हम कंस्ट्रक्ट कर सकते हैं अच्छा तो आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे