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Sri Ramakrishna's Stories ·

स्वामी ब्रह्मानन्द कथित : श्रीरामकृष्णदेव : जैसा हमने उन्हें देखा 11 Nov 2022

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जय ओम sthapa का यॉट धर्मस्य सर्वधर्म स्वरूप ने अवतार वरिष्ठ रामकृष्ण यत नमः हम इस किताब में से पाठ कर रहे हैं श्री राम कृष्ण देव जैसा हमें उन्हें देखा स्वामी ब्रह्मानंद जो की ठाकुर के मांस पुत्र द उनके सन्यासी शिक्षा द और रामकृष्ण संग के सर्वप्रथम प्रेसिडेंट द राजा महाराज कहते हैं कभी-कभी ठाकुर लोगों से पूछते क्या तुम बता सकते हो की मैं कैसी अवस्था से गुजर रहा हूं ऐसी कौन सी बात है की मैं ऐसे लोगों के पास जाने को आतुर हो जाता हूं जो मुझे एक पैसे की मिठाई और बैठने के लिए एक फटी चटाई भी देने पाने की सामर्थ्य नहीं रखते वह बाद में स्पष्ट किया करते मैं देखता हूं की कुछ लोग सुगमता से सफल हो जाएंगे शेष लोगों के लिए यह बड़ा कठिन है क्योंकि वे मानव नहीं रखे गए मिट्टी के पत्र है उसमें दूध नहीं रखा जा सकता है उन लोगों से कहते मैं तुम लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं ताकि तुम शिखर ही ईश्वर कम होते हैं या कोई उपदेश देने वाले होते हैं उन लोगों को धनी भक्त जो है वे लोग ज्यादा पसंद होते हैं क्योंकि वह उनकी सत्कार सेवा वगैरा ठीक से कर पाते हैं किंतु ठाकुर यहां पर क्या कहते हैं की मैं उन लोगों के पास जाने के लिए क्यों व्याकुल हूं जो की मुझे बैठने के लिए फटी चटाई भी नहीं दे पाते खिलाने के लिए मुझे खिलाने के लिए उनके पास कुछ है भी नहीं ठाकुर कहते हैं मैं उनके संस्कार देख करके उनके पास जाता हूं किसी के पास यह जो धन वैभव जो सांसारिक वैभव होता है किसी के पास संस्कार का वैभव होता है किसी के संस्कार इतने शुद्ध और पवित्र होते हैं की उसके सानिध्य में जाकर के हर किसी को सुकून मिलता है हर किसी के मैन को शांति मिलती है और ऐसे लोगों को यदि आध्यात्मिक साधना के बारे में थोड़ा बहुत को बता दिया जाए तो बहुत जल्दी से वह अपने से साधना करके करके बहुत ज्यादा आगे निकल सकते हैं तो ठाकुर कहते हैं की वह अपना मैन लीजिए 10 घंटे तक एक आदमी को कुछ कहते हैं जिसका संस्कार इतना शुद्ध नहीं है और 10 मिनट तक किसी को उपदेश देते हैं जिसका शुद्ध पवित्र संस्कार है तो जिसको 10 मिनट कहा है वह सार्थक होगा क्योंकि वो अपने संस्कार कैसे होता है जैसे faldaron जमीन मिट्टी एकदम फर्टाइल है अपने थोड़ा सा डाला तो फैट करके बहुत झड़प से उसमें से पौधा निकल गया या पेड़ ग गया तो यह जो संस्कार होता है जिसमें इसका मैन जो है इस तरह से फर्टाइल जमीन की तरह जिसमें कुछ भी उपदेश डालने से जिसको कुछ भी थोड़ा बहुत भी कहने से उसका जो बी है बहुत श्री शीघ्र एक supposit सुगंध देने वाले फूलों के पेड़ के रूप में या तो फल देने वाले पेड़ के रूप में उन शिकरा ही बड़ा हो जाएगा जबकि जिसका संस्कार या तो इतना शुद्ध पवित्र नहीं है उसको मतलब वो इस तरह की बंजर जमीन के तरह है जिसमें की आपको खेती करने के लिए बहुत ज्यादा कुछ उसको आपको यह मतलब फ्लोइंग करना पड़ेगा उसमें बहुत ज्यादा फर्टिलाइजर डालना पड़ेगा उसमें वो बारिश ये सब वो क्लाइमेट वगैरा सब का उसको अनुकूल चाहिए तब कहीं जाकर के उसमें बहुत सारे विजय डालने से उसमें से कुछ कुछ पौधे निकलेंगे तो इस तरह से हमारे जो संस्कार है उसके अनुसार हम गुरु के उपदेशों को ग्रहण करते हैं गुरु 10 लोगों को 10 बात कहते हैं किंतु जिसके संस्कार शुद्ध है वह बहुत ही झड़प से गुरु ने जो कहा है वो स्वीकार कर लेंगे बहुत ही शुक्रिया उसके ऊपर में वह प्रैक्टिस चालू कर देंगे उसका इंप्लीमेंटेशन चालू कर देंगे किंतु जिसके संस्कार इतने अच्छे मतलब अभी क्या है संस्कार के बारे में भी देखिए ऐसा कहना की इसके संस्कार अच्छे हैं इसके अच्छे नहीं है वो भी ठीक नहीं है इससे तो किसी को अन्याय होगा ऐसा कहना चाहिए की यह जो जन्म जन्म का यह जो चक्र है यह जो संसार चक्र है यह जो साइकिल है जिसमें से हम गुजर रहे हैं उसमें कोई आगे चला गया है किसी ने अभी अभी शुरुवात की है तो जिसने अभी-अभी शुरुआत की है जो की नो सिख्या है उसके संस्कार निश्चय इतने ज्यादा डिवेलप शुद्ध पवित्र नहीं होंगे और जो की बहुत ज्यादा आगे निकल गया है बहुत सारे जन्म जन्मांतर से वह साधना करता रहा है उसका निश्चय संस्कार जो है ज्यादा शुद्ध हो चुका होगा तो हमको देखना है की हम अपनी जो इवोल्यूशनरी जो है यह जो उत्क्रांति की यह जो हमारी ये जो ये है यात्रा इस यात्रा पर हम कहां पे है हमने शुरुआत की है हम बीच में पहुंचे हैं या हम काफी दूर तक बा चुके हैं मैन काफी दूर तक यात्रा कर चुके हैं ये हमको समझना है और इसके अनुसार हमको गुरु के उपदेशों को ग्रहण करके उसके अनुसार हमको कार्य करना है अभी ये बात जितना गुरु के लिए आवश्यक है यह समझना की किसके संस्कार या तो कितनी किसकी साधना कहां तक पहुंची है हमको भी यह समझने की जरूरत है की जब गुरु हमको कुछ कहते हैं तो हमको उसमें से कितना ग्रहण करना है तो जैसे की ठाकुर ने कहा कम कंचन त्याग तू जो की युवा शिष्य द ठाकुर के उन्होंने कम कंचन का संपूर्ण त्याग किया किंतु उनके त्याग करने की शुरुआत की संसार है यह जो भोग है यह जो माया के प्रति उनका आकर्षण है संसार की यह जो सब चीज जो की उनके मैन को लुभाती थी उसे सबसे धीरे-धीरे उन्होंने मैन को अपने मैन को धीरे-धीरे पीछे खींचने शुरू किया और धीरे-धीरे करके उन्होंने ठाकुर के पास जाकर के ईश्वर को कैसे प्रार्थना करनी है मैन के जगदंबा के श्री चरणों में कैसे अपने मैन को अर्पण कर देना है कैसे अपने अहंकार को श्री मैन के चरणों में बाली दे देना है यह सब चीज उन्होंने धीरे-धीरे सीखना सीखना शुरू किया सो हेयर ठाकुर स्ट्रेस डेट वही डू आई लाइक तू विजिट ठोसे पीपल ठोसे यंग बॉयज हु हैव नथिंग तू गिव मी हु कैन नॉट एवं गिव मी अन गुड प्लेस तू सीट ही कनॉट गिव मी समथिंग गुड तू इट जनरल आवासी डेट ठोस ह्यूज टीचिंग्स और ठोस हु आर बिग मोटिवेशनल बिकॉज दे लाइक तू हैव वेल्थी फॉलोअर्स वही बिकॉज दिस वेल दी फॉलोअर्स इन फुल फुल देयर नीड्स फुल फुल देयर नेसेसिटी एंड गिव मणि डोनेट थिंग्स सो एवरीवन लाइक्स वेल डी फॉलोअर्स बट ठाकुर वेल्थ ऑफ मणि ज्वैलरी बैंक बैलेंस स्टॉक ऑप्शंस थिंग्स लाइक डेट अन बिग जोक अन गवर्नमेंट जॉब एट सेटेरा नर्सरी मैट्रिमोनियल एडवर्टाइज इफ यू माय सी डेट दिस बॉय इस वर्क ए इस दिस बॉय हिज अन गवर्नमेंट जॉब ओ सो डेट गवर्नमेंट जॉब इंक्रीज योर वैल्यू इन मैरिज मार्केट सो व्हाट इंक्रीज योर वैल्यू ऑल दिस वर्ल्डली थिंग्स एंड ऑन डी आदर हैंड धीस आर दी स्पिरिचुअल थिंग्स विच गिव्स यू वैल्यू यू आर वेल्थ इस स्पिरिचुअल योर संस्कार आज डी रिजल्ट्स ऑफ कर्म डेट यू हैव बर्थ आफ्टर बर्थ आफ्टर सो में साइकिल्स ऑफ बर्थ यू हैव एक्वायर्ड सैम होली एंड पूरे करमास डी रिजल्ट ऑफ करमास एंड दिस bikams योर वेल्थ सो ठाकुर प्रेफर तू विजिट बॉयज स्पिरिचुअल वेल्थ वे ही कैन टीच ओनली सो मच एंड दिस डिसीप्लस विल लर्न सो मच इंटर अन पर्सन संस्करण इसे नॉट डेट गुड इट विल बी वेरी डिफिकल्ट तू टीच हिम समथिंग बट इफ समवन संस्कार गुड इट इसे 50 डेम ठाकुर आगे कहते हैं मैं देखता हूं की कुछ लोग सुगमता से सफल हो जाएंगे शेष लोगों के लिए यह बड़ा कठिन है क्योंकि वे मानव नहीं रखे हुए मिट्टी के पत्र है उसमें दूध नहीं रखा जा सकता है वे उन लोगों से कहते मैं तुम लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं यह जो ठाकुर ने जो इस तरह का पत्र कहा जिसमें दही रखा गया है और जिसमें दूध नहीं दल सकते वह ऐसे लोग जिन्होंने यह जो संसार यह जो सब ए सकती यह जो माया यह जो इंद्रिय के भोग इन सब का एक बार भोग कर चुके हैं और इससे की उनका जो मैन है उनके जो संस्कार है कुछ दूषित हो गए हैं अभी इसमें ईश्वर के ज्ञान रूपी दूध आप डालेंगे तो दूध फटने की संभावना है तो ठाकुर कहते हैं पहले तो यह जो बार है जिसमें नहीं रखा गया इसको अच्छे से धो लो उसको अच्छे से क्लीन कर दो उसके बाद में उसमें ईश्वरीय यह जो उपदेश है ईश्वरीय साधना प्रार्थना यह हमारा यह जो मंदिर में जाना साधु सैन करना वो दूध उसको बाद में रखो तो यह जो बर्तन को धोना वह क्या है वो है गुरु के द्वारा जो दिया गया मंत्र है यह जो आपके मैन को शुद्ध पवित्र करने में मदद करता है एक बार अपने किसी अच्छे गुरु से क्वालिफाइड गुरु भी ऐसे होते हैं जो की साधना वगैरा कुछ नहीं करते गेरुआ पहन के या तो ऐसे ही गुरु बांके बैठ गए हैं उनकी बात नहीं कर रहा जिन्होंने अपना जीवन तपस्या में बिताया हो जिन्होंने अपना जीवन इंद्रियों के सुख के सामने संघर्ष करके बिताया हो जिन्होंने अपना जीवन त्याग के आधार पर बड़ा हो ऐसे गुरु का यदि को मंत्र मिलता है तो आपका मैन बहुत ही अच्छे से शुद्ध हो जाएगा जिसमें की आप नित्य साधना रूपी दूध जो है वह रख सकते हैं और उसके बिगड़ने की कोई संभावना बाद में नहीं रहेगी फर्स्ट बिफोर यू स्टार्ट योर सजना मंत्र फ्रॉम गुरु एक क्वालिफाइड गुरु वैन ही गिव्स मंत्र ही नॉट ओनली गिव्स यू ठोस शब्द बट ही अलसो ट्रांसमिट्स हिज फोर्स डेट ही हेयर्स एक्वायर्ड थ्रू इयर्स ऑफ त्याग बिकॉज ही हज बिल्ड हिज लाइफ ऑन डी फाउंडेशन ऑफ रिनोवेशन सो दिस लाइफ बिल्ड ऑन फाउंडेशन ऑफ renounciation क्रिएट्स डी फोर्स ओजस इन अवर हार्ट सो वन गुरु गिव्स यू मंत्र ही नॉट ओनली गिव्स यू ठोस शब्द बट ही अलसो ट्रांसमिट्स यू दिस फोर्स ऑफ एजर्स विच क्लींज योर माइंड cleansist योर संस्कार एंड आफ्टरवार्ड्स यू कैन फॉर अन्य अमाउंट ऑफ मिल्क इन इट एंड इट विल रेमैन फ्रेश अन्य अमाउंट ऑफ साधना यू डू लेटर ऑन इट विल वार्तालाप में एक dinkarta बजा लोगों के प्रकरण आने पर गिरीश घोष यानी की वह जो ठाकुर के वो एक वीर शिष्य गृहस्थ शिष्य उन्होंने vyangpurvak कहा की वह उन लोगों के बारे में एक नाटक लिखें ऐसा सुनकर ठाकुर ने गंभीर होकर कहा तुम देखते हो की उसे संप्रदाय में भी कुछ लोगों को सिद्धि प्राप्त हो चुकी है वह भी एक पद है अभी यहां पर दो चीज देखने की जरूरत है करता भाजा संप्रदाय और संप्रदाय मणि करता यानी की गुरु और भाजा यानी की गुरु की पूजा करना जनरली हम लोग गुरु को सम्मान देते हैं गुरु पूजा भी करते हैं किंतु हमारे सबसे आराध्य देव तो है ठाकुरमार स्वामी जी या भगवान शिव भगवान कृष्ण जिम भी आप विश्वास रखते हैं गुरु एक माध्यम है जो की हमको ईश्वर की ओर ले जाता है किंतु यह कर्तव्य था उसे समय कोलकाता की बात है 1880 90 उसे समय की बात है तो यह संप्रदाय क्या करता था यह जो मानवीय गुरुजी थोड़ा बहुत तमाशा और राजस उनमें होगा ही तो क्या होता है की सत्व चाहे उनमें जितना भी हो किंतु वह शुद्ध सात्विक शुद्ध पवित्र अजर अमर परमार परमेश्वर तो नहीं है की जीत जिनकी आराधना करने से उनके सभी गुण हमारे में आएंगे ऐसा तो होने वाला नहीं गुरु चाहे जितना भी पवित्र हो ठाकुर तो अवतार है ठाकुर को हम सिर्फ गुरु नहीं गिनते हैं किंतु इनके अलावा जो भी गुरु हो इंसान मानवी गुरु उनकी पूजा करना इतना तो कोई ही एडवाइजेबल बात नहीं है गुरु से हमको स्टिचिंग लेकर के गुरु से मंत्र लेकर के ईश्वर के आराधना कर ली हमारे इष्ट देवता की आराधना करनी है तो गुरु की मनुष्य की पूजा करने से कभी-कभी भ्रष्टाचार हो सकता है ऐसा हम आज लोग बहुत सारा न्यूज़ पेपर में पढ़ते हैं की यह कोई एक था गुरु जिसने जिसका की वो कोई गढ़ कर दिया उसने तो यह पूरा न्यूज़ पेपर में चारों ओर फैल गया गुरु भी तो आखिर में इंसान ही है आप उनको सम्मान दीजिए लेकिन तू इस तरह के उसको ईश्वर के जगह पे क्यों रखेंगे तो ठाकुर इन लोगों के बारे में कभी-कभी कटाक्ष किया करते द तो ये गिरीश घोष जो है वो खुद द थिएटर के मलिक वो अपने थिएटर में अच्छे-अच्छे जो नाटक करते द वो कभी-कभी अच्छे नाटक भी करते द कभी कभी ये व्यंग परिहार पूर्ण नाटक भी करते द जिसमें की वो जो समाज की जो बुराई है उसको लेकर के इस तरह का व्यंग कटाक्ष करेंगे की लोग हंस करके यह हो जाएंगे बहुत खुश हो जाएंगे अच्छा यह हमारे समाज के यह सब दुर्गुण है और इसके ऊपर में यह इस तरह से अटैक आज भी बहुत सारे कॉमेडियन है जो की इस तरह से बातें करते हैं पॉलिटिक्स वगैरा को लेकर के तो यह गिरीश घोष ने कहा की मैं करता भजन संप्रदाय के ऊपर में इस तरह से व्यंग परिहार पूर्व एक क्लिक होगा जिससे की लोगों को पता चले की उन लोगों में इस तरह का भ्रष्टाचार होने की संभावना है तब ठाकुर ने गंभीर होकर के कहा की ऐसा करने की जरूरत नहीं क्योंकि वो भी एक पथ है वह भी एक रास्ता है वो ठाकुर का जो सबसे फंडामेंटल टीचिंग है जितने भी रास्ते हैं वो आखिर में एक ही ईश्वर की ओर ले जाते हैं यदि आप सिंसियर है यदि आप अपने मैन में एक कोई भी दुविधा रखे बिना अब भगवान की यह जो भी आपकी ये जो इश्क है उसकी अब पूजा करते हैं तो आपको अवश्य उसमें सिद्धि प्राप्त होगी कोई भी रास्ता आखिर में आपको ईश्वर की ओर ही ले जाएगा ऐसा ठाकुर का कहना है इंसीडेंट इन विच ठाकुर इस टॉकिंग अबाउट करतब संप्रदाय इन विच डिसीप्लस वरशिप ह्यूमन इंसटिड ऑफ वरशिपिंग गोद लाइक कृष्ण लाइक राम लाइक विष्णु लाइक शिवा इंसटिड ऑफ वरशिपिंग डी डिसीप्लस वरशिप गुरु हु इसे अन ह्यूमन सो वेंट ठाकुर वास टॉकिंग अबाउट दिस कर्तव्य संप्रदाय वरशिप अन ह्यूमन गुरु अन ह्यूमन टीचर एंड डेड टाइम वैन ऑफ है डिसीप्लस गिरीश घोष डी मैनेजर ऑफ ए ड्रामा कंपनी सो ही सेल्स डेट गिरीश घोष आई ऍम गोइंग तू राइट अन ड्रामा ऑन दिस करता विच विल एक्सपोज ऑल डी प्रॉब्लम्स विच में आरिस आफ्टर व्हेन सी वरशिपर ह्यूमन इस ए ग्रुप ह्यूमन टेस्ट इन न्यूज़पेपर गिविंग मोर थन हिज ड्यू तू अन पर्सन व्हेन सी एलीवेट अन पर्सन तू इयर पेडेस्टल ऑफ गोद हूड सी विल फाइंड सो में डिफेक्ट्स आर देर इन हिज कैरक्टर सो सी शुड आ रिस्पेक्ट ओवर टीचर सी शुड रिस्पेक्ट और गुरु सी शुड एवं वरशिप डेम ऑन गुरु पूर्णिमा देव फॉर एग्जांपल बट नॉट सी shudant रिप्लेस थे रिप्लेस गॉड्स विथ गुरु गुरु द बिकॉज एवं थ्रेड इस ए पथ था इसे अन पथ ऑन स्पिरिचुअलिटी विच एंड ठाकुर स्टिचिंग वैसे डेट ऑल डी पथ ऐवेंंचुअली लीडर्स टुवर्ड्स डी वैन यूनिफाइड तू रीच डी कोर्ट दें अन्य पथ विल डू इस लॉन्ग इस यू आर सिंसेरे इन योर हार्ट इस लॉन्ग एस यू आर रेगुलर इन योर साधना अन्य पथ विच में भी लेज़र पथ सैम में बी ग्रेटर पथ तो पथ ऑफ राज्य होगा कर्म योग ज्ञान योग भक्ति योग डीज आर ग्रेटर पथ्स एंड डी लेज़र पार्ट्स आर वरशिपिंग अन ह्यूमन इसे अन गोद सो ऑल दिस पार्ट ऐवेंंचुअली लेडी टुवर्ड्स डी से गोल्ड सैम ऑन सैम पथ यू कैन जर्नी फास्टर और संपत यू कैन जर्नी स्लोअर बट जर्नी इस ऑलवेज इन वैन करेक्शन twowards गोद एक दिन स्वामी ठाकुर से पूछा मैं कामवासना से कैसे मुक्ति का सकता हूं ठाकुर ने उत्तर दिया इससे मुक्त क्यों हो जाना चाहिए इससे दूसरी दिशा में मोड दो उन्होंने क्रोध लोभ rupakarshan और अन्य वासनाओं के बारे में भी यही बात कही ठाकुर की इन बातों ने युवक शिष्य को प्रेरित किया अभी देखिए यह जो कम क्रोध मैड लोभ मोहमद सर यह जो सब हमारी यह जो नेगेटिव इमोशंस है वह क्या है की उससे हमको छुटकारा पाना है किंतु यह जो हमारी जो कैपेसिटी तू फुल है उससे हमको नहीं तोड़ देना है कभी-कभी क्या होता है की हमारे मुझे ये कम वासना से मुक्ति पानी है तो मैंने अपने मैन को इस तरह इस तरह से डैमेज कर दिया की कोई भी अच्छी चीज फुल करने की कैपेसिटी ही चली गई वह आदमी वह रोबोट जैसा हो गया क्रिमिनल होते हैं जैसे यह हिटलर था यह लोग दूसरों का दर्द अनुभव नहीं कर सकते हैं वे लोग भीतर में से जड़ हो गए हैं किसी को कष्ट हो रहा है किसी को खुशी हो रही है तो दूसरों की खुशी दूसरों के गम यह अनुभव करना उनके साथ में यह इमोशनल ब्रिज बनाना यह भावना का संबंध बनाना ये तब हो सकता है की जब हमारे भीतर में हमारे हृदय में यह लॉगिन हो यह प्रेम हो यह इमोशन हो तभी इमोशन दोनों जगह चलती है यह इमोशन हमको यह जो है और यही इमोशन जो है हमको ईश्वर के प्रेम की और शुद्ध प्रेम की ओर ले जाती है को शुद्ध पवित्र ईश्वरीय प्रेम यह जो उसके भीतर की इमोशन एक ही है इसीलिए ठाकुर कहते हैं की अपनी इमोशन को मत तोड़ दो वर्ण आप जड़ रक्षा की तरह हो जाएंगे दूसरों के गम दूसरों की खुशी का अनुभव नहीं कर पाएंगे और आप में फिर धीरे-धीरे करके दूसरों को कष्ट देने की एक इच्छा जागृत हो जाएगी चलो मैं इसको कष्ट देता हूं चलो मैं इसको कष्ट देता हूं ऐसा करके करके ही विश्व के जो बड़े-बड़े क्रिमिनल मर्डर से डिक्टेटर है इससे लोग बड़े हुए हैं की उन लोगों को दूसरों का दर्द अनुभव नहीं होता तो यह अनुभूति करने की शक्ति को मत तोड़ो बस उसका जो डायरेक्शन है डायरेक्शन चेंज कर दो वैन डिसाइड पर एस्क्ड ठाकुर डेट आई वांट तू गेट रीड ऑफ माय एंगर माय डेसपिसे माय हात्रेड माय डिजायर फॉर वर्ली एंजॉयमेंट माय डिजायर फॉर सेंसिबल एंजॉयमेंट आई वांट तू गेट रीड ऑफ इट व्हाट शुड आई डू ठाकुर से डोंट गेट रीड ऑफ थे जस्ट चेंज डी डायरेक्शन टुवर्ड्स दिस एबिलिटी दिस कैपेसिटी तू फुल फ्रॉम अवर हार्ट इस हॉट मैक्सिस ह्यूमन क्रिमिनल और मडरर व्हाट व्हाट डिफरेंटशिएट डेम फ्रॉम उस दे डू नॉट हैव दिस कैपेसिटी तू फुल आदर स्पेन एंड आदर्श जॉयस दे आर लाइक ऑटोमेटा ऑन दे आर लाइक स्टोन दे आर लाइक मॉन्सटर्स दे डोंट फुल पर्सन हो डीओईएसएन'टी फुल इस ए मोस्ट डेंजरस पर्सन बिकॉज वाटेवर इन हिज लाइफ ही डिफरेंट रिलीज स्टेट आदर्श आर फीलिंग पेन आउट ऑफ माय एक्शन ही इसे मोटिवेटेड बाय सैम हायर पर्पस हिम ए लाइक हिटलर सईद डेट आई वांट तू क्रिएट अन न्यू जर्मनी बट इंवॉल्वड तू क्रिएट दिस न्यू जर्मनी ही हेड तू मडर्ड मिलियंस ऑफ जूस इट देस इट मैटर इन इस लोंगिट्यूड हायर पथ तो ऐसा हिटलर ने कहा था की एक नया जर्मनी बनाएगा एक बड़ा जर्मनी बनाएगा तो नया जर्मनी बनाने में लाखों करोड़ का उसने मर्डर कर दिया तो मर्डर कर रहा है उनका कष्ट वो सामने वो मतलब फुल नहीं कर का रहा है देख किसका कष्ट नहीं सुनकर मत देख नहीं का रहे हो फुल नहीं कर का रहे हो तुम ऐसा कौन सा बड़ा कम करोगे जो तुमको महान बनाएगा वह तुमको बड़ा रक्षा बनाएगा किंतु कोई महान संत कभी नहीं बनाएगा सो दिस एबिलिटी तू फुल डू नॉट हैव दिस एबिलिटी तू फुल आदर स्पेन आदर्श जॉय एंड सोरो सी विल टर्न इन मॉन्स्टर एंड सी विल स्टार्ट हर्टिंग आदर्श सैम टाइम्स अनइंटेंशनली सैम टाइम्स एवं इंटेंशनली एंड सोमेटाइम्स सी मे एवं बिकम बिग क्रिमिनल्स ओर मडर्स और डिक्टेटर सो डोंट डिस्ट्रॉय दिस एबिलिटी तू फुल जस्ट चेंज डायरेक्शन टुवर्ड्स गोद फ्रॉम दिस फिजिकल लव डोनेट इन अन डिवाइन लव सो दिस डिवाइन लव विल मेक सर ऑफ कोर्स दिस फिजिकल लव इस नॉट बेड अबाउट इट बट इस लोअर स्टेज ऑफ इवोल्यूशन एंड डिवाइन लव इस हायर स्टेज ऑफ इवोल्यूशन स्वामी विवेकानंद डी यूज्ड तू से सी नेवर ट्रेवल फ्रॉम एरर तू ट्रुथ ऑलवेज प्रेम है दैहिक वासना है वह गलत नहीं है यही वासना को दही प्रेम को ईश्वरीय प्रेम में शुद्ध पवित्र प्रेम में हमको ट्रांसफॉर्म कर देना है स्वामी विवेकानंद कहा करते द की इंसान जो है वो गलती से सही चीज की ओर जर्नी नहीं करता जो की छोटा सत्य है उससे वो बड़े सत्य की ओर वो जर्नी करता है यानी दही प्रेम या दही vasnae यह सब चीजों को इस तरह से मत गिनो की उसको करते-करते मेरे मैन में गिल्ट फीलिंग हो जाए मेरे मैन में इस तरह का भाव हो जाए की मैं अपवित्र अशुद्ध हूं हमेशा सोचो मैं ईश्वर की संतान हूं ठाकुर मैन स्वामी जी के संतान हो शुद्ध पवित्र हो और आज मैं जो हूं उससे मुझे अपने को बड़ा करके और भी बहुत सारी ऊंचाई पर जाना है ऐसा पॉजिटिव एटीट्यूड रखना है मनोज ठाकुर के पास ठाकुर के श्री चरणों में रोते-रोते प्रार्थना करके कहना है ठाकुर मेरे से गलती हो गई क्षमा कर दो फिर से ऐसा नहीं करने का मैं प्रयत्न करूंगा और आपके श्री चरणों में मुझे आश्चर्य दो ऐसा प्रार्थना करके अपने को फिर से बचा लेना है अपने को ये आध्यात्मिकता के रास्ते पे आगे बढ़ते हैं तो आज इतना ही हम कल फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति