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Swami Vivekananda's Teachings ·

Swami Vivekananda and Advaita Vedanta : English & Hindi : 11 Mar 2023

English

तो यस्टरडे भी डिस्कस दिस पर्टिकुलर कोटेशन डर क्रिएट्स होमोजेनििटी इस कॉल्ड गेट बियोंड डर दें यू कंकर लाइव इन डेथ और रिच ईटरनल सैनेस और आर इन गोल्ड आर गोल्ड गेट फ्रीडम एवं आईटी डी कॉस्ट ऑफ लाइफ एस बी सो यस्टरडे डेट हो इंडियन स्पिरिचुअलिटी इंडियन रिलिजियस थॉट एवं डेवलपमेंट ऑफ रिलिजियस साधना और हो एथलीट फिलोसॉफिज और नॉन अदहथेटिक फिलोसॉफिज व्हाट आर डी मेजर डिफरेंस इस और हो डिड टर्मिनोलॉजी वर्कशाउट ऑन डी फिलोसॉफिकल प्लेट हर आईटी डी से टाइम वे अलसो चाट हो ठाकुर और स्वामीजी श्री राम कृष्णा और स्वामी विवेकानंद बर्थ दे हैव वेरी यूनिक वे ऑफ डिस्क्राइबिंग स्पिरिचुअल साधना देव वेरी इजीली मिक्स अप डी वेरी इजीली हार्मोनाइज डिशेटिक और नॉन अधेटिक फिलासफाइट वेरी इजीली हार्मोइज सिंथेसिस किस एड्वेटिक और नॉन एड्वेटिक साधना दिस फोर मेजर स्टीम ऑफ साधना ज्ञान कर्म भक्ति इंडियन हो इजीली दिस सिंथेसिस इन सच एन वे डिड सम टाइम्स आईटी इस नोट एवं पॉसिबल कबूतर वन ही वुड डिस्क्राइब हो तू परफॉर्म सतना और व्हाट इस स्पिरिचुअल और रिलिजियस लाइफ वे कैन क्लीयरली सी डी टर्मिनोलॉजी डी शब्द डेट ही उसे फ्रॉम डेट वे कैन क्लीयरली डिजाइन डेट दिस इस इदर भक्ति पाठ और दिस इसे आज्ञा पाठ बट टुडे इन डी फॉर्म इन डी लाइफ इन टीचिंग्स ऑफ ठाकुर मां और स्वामी जी ज्ञान और भक्ति हैव विकम कंबाइंड दिस तू ग्रेट इंडियन ट्रेडीशंस ज्ञान मार्ग भक्ति मार्ग दे आर वेरी इजीली कंबाइंड और दिस सेंटेंस डेट व्हेन वे कंकर लाइव इन डेथ और रिच इंटरनल सेमीनीस वे आर इन गॉड आर गॉड दिस सिंगल सेंटेंस मजेस्टीकल्ली वंडरफुल हो दिस तू पार्ट्स ऑफ साधना चिंस और लीव्स ऑफ ठाकुर अंटील और अनलेस यू आर वेरी दीपाली नॉलेज अबाउट इंडियन स्पिरिचुअल थॉट यू कैन नोट एवं डिफरेंटशिएट बिटवीन डेम यू कैन नोट एवं डिसर्न डेट डियर दिस आर तू डिफरेंट ड्रीम्स ऑफ थॉट तू डिफरेंट ड्रीम्स ऑफ बट दिस इस डी ब्यूटी ऑफ डी ठाकुर्मींद स्वामीजी लाइव और टीचिंग्स डेट ज्ञान और भक्ति और परफेक्टली सिंथेसिस नो लेट को तू डी नेक्स्ट कोट स्वामी विवेकानंद से सम नवल असम स्टोरी से महाभारत पूरे रामायण सो एवरी पेज बिल तेल यू डी स्टोरी ऑफ डिफरेंट करैक्टर एन डिफरेंट भाव डिफरेंट रस्ट आईएफ आईटी इस द्रौपदी पर एग्जांपल दें आईटी बिल बी एन मधुर भाव सपोज तेरे इस डी स्टोरी ऑन सेफ पर एग्जांपल अर्जुन और भीम दें आईटी बिल बी ऑन वीरभाओ सपोज इट्स डी स्टोरी ऑफ बालकृष्ण बाल गोपाल दें आईटी बिल बी एन मातृभाऊ बालक भाव एवरी पेज 10 से डिफरेंट स्टोरी एवरी चैप्टर 10 स्टोरी और कंबाइंड थे होल विकम वन महाभारत सिमिलरली हर स्वामी जिससे स्थित जो लीव्स बिलॉन्ग तू अंश्लस तू ए बुक था मेंस एवरी परसों इन दिस वर्ल्ड इन विच एवर स्टेट इस लिविंग इन विच एवर कंट्री ही इस लिविंग एट विच ऑफ में आईटी बी एन बाय में और वूमेन मेड बी ओल्ड मां और यंग परसों और ए चाइल्ड मेड अमेरिकन मेड बी इंडियन मेड बी चाइनीस मेड बी एवं रसिया हूं एवर दिस परसों इस ऑन प्लेनेट अर्थ देवर आर 700 करोड़ पीपल लिविंग करेंटली मोर दें आई थिंक 700 करोड़ रिलायंस डिफरेंट भाभा सिमिलरली माइसेल्फ बीइंग दी आत्मन आई लाइव थ्रू सो में पीपल यू नो परसों हूं इसे एन सोल्जर हूं इस फाइटिंग पर हज मदरलैंड पर एग्जांपल इन यूक्रेन सपोज ही इसे एन साइंटिस्ट वर्किंग इन एन लैबोरेट्री सपोज सम परसों इस ए टीचर टीचिंग हज टुडेस सबको परसों इस हाउसवाइफ सही इस सही इस टेकिंग केयर ऑफ हर चिल्ड्रन एवरी वन ऑफ दिस बिलो एवरी वन ऑफ देवर लीव्स एवरी वन ऑफ देवर इमोशंस एवरी वन ऑफ डी एस्पिरेशन और हॉप्स बिलॉन्ग तू मी बिकॉज़ एवरी एक्सपिरिएंसेस सॉरी फोन ओके तो सिमिलरली एवरी लाइफ एवरी परसों हूं लीव्स प्लेनेट अर्थ देवर एक्सपीरियंस इस तेरे एस्पिरेशन डर हॉप्स और डिस्पैच तेरे और सड़नेस और देवर जॉयस और सोरोज थे जो बिलॉन्ग तू मी बिकॉज़ बीइंग इन आत्मपर्टिक ऑफ एवरी इमोशन एवरी एक्सपीरियंस ऑफ एवरी परसों लिविंग ऑन प्लेनेट अर्थ और दिस इस डी ग्रैंड थीम ऑफ अद्वैत अद्वैत सेज ठीक आई डोंट ओनली लाइव दिस लाइफ आई लीव डी लाइफ ऑफ एवरी परसों दिस इस हो आई कैन क्रिएट यूनिटी सपोज आईएफ आई से डेट आई वांट आई दिस परसों हेस दान समथिंग मलेशिया दोस्तों हम यू शुड बी एबल तू डिफेंड योरसेल्फ बट डिफरेंट थिंग्स जो टुगेदर व्हेन समवन सिस डेट दिस परसों इस हार्मफुल तू मी व्हेन सम वन से डेट दिस परसों इसे बेड परसों बट दें यू कैन डिफेंड योरसेल्फ बट यू नीड नोट बीटफुल तू थीं यू नीड नोट बी हेड यू नीड नोट हैव हात्रेड टुवर्ड्स थे इन योर हार्ट दिस इस डी फंडामेंटल डिफरेंस बिटवीन डिफेंडिंग योरसेल्फ और प्रोटेक्टिंग योरसेल्फ और हेविंग तू शब्द स्टेप हेतराडे और सेल्फ डिफेंस आर तू डिफरेंट थिंग्स दिस इस वन ऑफ डी की फाइंडिंग्स ऑफ अर्थ वेदांत बट वन इस दिस पॉसिबल व्हेन आई कैन से डेट ओके आई नीड नोट 8 मैं आई नीड तू पर हिप्स एवं चल हम आईएफ आई एम एन सोल्जर दें आई नीड तू कल डी एनीमीज हूं वांट तू हम मी कंट्री बट आई नीड नोट हैव हेतराडे टुवर्ड्स दिस अनिमस दिस एनीमी सोल्जर दे आर अलसो लाइक मी देवर आर अलसो यंग पीपल पर हाइव्स लिविंग इन सम स्लम एरियाज दे वांट तू हैव एस्पिरेशनल फ्यूचर और देवर जॉइंट देवर आर्मी नो दिस आर्मी अप्रैल तू बी एनीमी कंट्रीज आर्मी बट दिस आईटी मीन ही इसे अलसो डू यू डूइंग ड्यूटी टुवर्ड्स है मदरलैंड आई एम डूइंग ब्यूटी टुवर्ड्स मी मदरलैंड वे आर जो सोल्जर प्रोफेशनल सोल्जर वे कल एच अदर ऑन डी फील्ड ऑफ मेटल बट वे नीड नोट हैव अट्रैक्ट टुवर्ड्स एच आदर्श सो वही दिस इस पॉसिबल डेट लाइक महाभारत एवरी चैप्टर एवरी करैक्टर एवरी भाव तेल से डिफरेंट स्टोरी बट थे जो आर पार्ट ऑफ डी सिंगल स्टोरी सिंगल महाभारत एस आईएफ यू सिंगल बुक एन सिंगल स्टोरी बुक हज में चैप्टर में कैरक्टर्स हवास बर्थडे जो फॉर्म वन सिंथेसाइजिंग होल ब्यूटीफुल स्टोरी ऑफ महाभारत सिमिलरली एवरी परसों लिविंग ऑन दिस प्लेनेट अर्थ मेड बी किंग मेड बी एन बिगर मेड हाउसवाइफ मेड टीचर मेड बीएफ स्टूडेंट हूं एवर ही मेबी डर जो लीव्स बिलॉन्ग तू वन अथॉरिटिक एक्सपीरियंस वन आत्मन और वन ब्राह्मण वन ब्राह्मण स्टेशन और आईएफ आई को थ्रू जो दिस एक्सपीरियंस दें जो ऑफ मी करमास बिल स्टार्ट कटिंग और आई बिल को बियोंड दिस स्क्रीन ऑफ माया बियोंड स्पेल ऑफ माया बी ऑन दिस कर्टन ऑफ फायर और आई बिल बी एबल तू सी मी ट्रू नेचर सच्चे ब्यूटीफुल फर्स्ट सेंटेंस बट वे आर ऊंचे डी विटनेस डी सोल अपन होम डी इंप्रेशन इसे मेड डी सोल इस डी यूनिटी ऑफ ओल्ड पर्सनेलिटीज ठाकुर सैड वंदे ठाकुर वास वेरी इल इन का और वे नो डेट ही कंडत आईटी बिकॉज़ ही हेड एन कैंसर इन हज थ्रोट एक्चुअली आईएफ आईटी तू आईटी फूड बिल कम आउट ऑफ हज थ्रेड डेट ऑफ बिग होल इंस्ट्रोटे दिउ तू कैंसर सो समवन वेट तू हम और टोल्ड हम डेट वही डोंट यू प्रेयर तू मदर और वही डोंट यू तेल हर मदर काली डेट प्लीज कर मैं डिजीज बिकॉज़ आई एम योर चाइल्ड आई एम योर ग्रेट देवोटी आईएम योर संतान आई ऍम योर सन वही डोंट बी कर मी वही डोंट यू को इन प्रेयर तू प्रेयर लाइक दिस तू मदर बिकॉज़ यू कैन नोट ईट दिस इस डी बिग प्रॉब्लम दें व्हाट ठाकुर यह है देवोटीस्वर ईटिंग फूड ठाकुर ओनली थ्रू मी माउथ इन ऑर्डर तू सस्टेन माइसेल्फ नो आईटी इस नोट पॉसिबल रेव अंदर परसों इट्स फूड इन मी बॉडी बिल गेट मारिश बट आईटी इस सर्टेनली पॉसिबल डेट आईएफ अंदर परसों इट्स फूड दें मी सोल बिल बी नारीश मी आत्मन बिल बी नरेश बिकॉज़ एवरी एक्सपीरियंस डेट इसे वन फैक्टर ली फ्रॉम डी रियल ऑफ माया फ्रॉम दिस बॉन्डेज ऑफ माया सो आईएफ आई कैन गण पार्ट तू जो दिस एक्सपीरियंस 100 करोड़ पीपल दें वन आफ्टर अनदर मी फैक्टर्स ऑफ माया बिल कट और आई बिल हैव दिस रिलाइजेशन ऑफ आत्मन और ब्राह्मण बट व्हेन इसे डी वे आर ऊंचे फिटनेस डी सोल अपन होम डी इंप्रेशन इसे मेड डी सोल इस डी यूनिटी ऑफ ओल्ड पर्सनेलिटीज और बिकॉज़ आईटी इस एट रेस्ट ईटरनल और ऊंचेबल पर एग्जांपल इन स्टोरी ऑफ महाभारत और डी स्टोरी आईटी सेल्फ आईटी दस नोट डी स्टोरी इट्स डी इट्स सेफ डिसेंट को तू डी फील्ड ऑफ बैटल इन कुरुक्षेत्र और फाइट डी स्टोरी आईटी सेल्फ आईटी इन'टी बीकमस कृष्णा और शोस अर्जुन इस विश्व रूप डी स्टोरी आईटी सेल्फ इसे न्यूट्रल डी स्टोरी इत्सेल्फ इस ईटरनल आईटी इसे दिस कैरक्टर्स मेड विद्रोही मेड बी अर्जुन मेड बम मेड बी शकुनी और कुवैत में भी दिस कैरक्टर्स बर्थ और दिस कैरक्टर्स फाइट डी लव दिस क्रीज सोमेटाइम्स और दें कैरक्टर्स इन डी स्टोरी टेक्स्ट जरूर है वह एक्सपीरियंस और डियर पास आवे महाप्रयाण बट डी स्टोरी आईटी सेल्फ इसे ईटरनल डी स्टोरी ऑफ महाभारत सो इस दिस विद अठन्नी विद डी सेवन 100 करोड़ पीपल वे ऑल टेक बर्थ वे ओल्ड डी वे जो हैव सो में एक्सपीरियंस इस सम गुड एक्सपीरियंस इस सम बेड एक्सपीरियंस इस वे जो हैव सोमेटाइम्स वे आर इन एक्सप्रेस सीट सोमेटाइम्स वे आर लाफिंग सम टाइम्स वे आर चीटिंग विद फ्रेंड्स वे आर यू आर ग्रीविंग बिकॉज़ समवन नियर तू इयर्स इस पास्ड आवे टुगेदर इन डी रियल ऑफ मी अप बट दिस आत्मा चेंजिंग नेवर टेकिंग बर्थ नेवर टाइम डी वे डी स्टोरी ऑफ महाभारत कैरक्टर्स इन डी स्टोरी टेक्स्ट बर्थ और दे दी दे पास आवे लिविंग डी टीचिंग्स ईटरनल पर ईटरनिटी बट देवर लीव्स दे स्टार्ट और एंड स्टोरी नेवर स्टार्टर्स और एंड्स सिमिलरली आत्मा और ब्राह्मण आईटी दोएस नोट हैव बिकिनी देश नोट हैव और ब्रह्मबूज नेवर बोन ब्राह्मण बिल नेवर दी इनफैक्ट डी शब्द डेथ और बर्थ और एजिंग इत्सेत्र और विदीन डी रियल ऑफ स्पेस और टाइम ब्राह्मण इत्सेल्फ इस बियोंड स्पेस टाइम स्पेस और टाइम आर मीर वन प्रोजेक्शन ऑफ दिस शक्ति ऑफ ब्राह्मण इन डी शब्द डेट इसे व्हाइट तू विधियां सागर

Hindi

कुछ भी है अपने-अपने मुंह से बोला है अर्थात इसलिए वह चीज एक ही हो गई है हमारे मुंह से हमारे जीवन से स्पर्श किया झूठ हो गया है किंतु ब्राह्मण जो है वो झूठ नहीं हुआ क्यों नहीं हुआ क्योंकि ब्राह्मण क्या है इसके बड़े में हम लोगों ने कभी मुंह से नहीं बोला है हमने कभी ब्राह्मण को अपने मुंह से व्यक्त नहीं किया है इसलिए जो है ब्राह्मण झूठ नहीं हुआ है तो इसीलिए ये जो 700 करोड़ लोग इस जगत में जो है वो किसी भी तरह से अपना जीवन गुर्जर रहा है उनके जितने भी चाहे एक्सपीरियंस हो जो अच्छे हो बुरे हो उनकी खुशी उनकी कम उनके हाथ से उनके आंसू उनके जो चॉइस है उनके जो सोरों से उनकी मित्रता है उनकी दुश्मन है जो कुछ भी इस 700 करोड़ लोग इस पृथ्वी पर जितने भी एक्सपीरियंस से गुजरते हैं वो सब एक्सपीरियंस जो है वो इस किताब महाभारत की जो कहानी है महाभारत की कहानी में जैसे विभिन्न विभिन्न पत्र होते हैं विभिन्न कैरक्टर्स होते हैं अनुशासन है शकुनी है भगवान कृष्णा है वृंदावन की गोपिया है फिर ये जो पांच पांडव है द्रौपदी है यह जितने भी कैरक्टर्स से हजारों कैरक्टर्स हैं महाभारत में तो जितने भी करैक्टर से उनके सबके एक्सपीरियंस ही उनके सबके टीचिंग उसे सबको मिलकर के तो महाभारत की कहानी बंटी है इसलिए जो स्वामी जी का ये जो कोटेशन है देखिए स्वामी विवेकानंद जी तरह से वेदांत को एक्सप्लेन कर रहे हैं जैसे हमने दो चीज अच्छी सर्वप्रथम तो यह जो फिलासफी जो है वो नॉन अथवादिक फिलासफी जो है इन दोनों को स्वामीजी और ठाकुर कितना ब्यूटीफुल कितना सुंदर रूप से सिंथेसिस करते हैं उनको वह जो है इतना सुंदर रूप से उनका सबमिशन करते हैं और यह तो एक चीज दिखा दूसरी बात है की अद्भुत वेदन को कितना पॉलिटिकल एक्सप्रेस करते हैं अभी जब यह कहेंगे आप सुनेंगे कभी की अद्भुत क्या है आत्मन क्या है मां नहीं हूं ये इंड नहीं हूं पांच ज्ञानेंद्रिय पंचकर्मेंद्रियां में नहीं अप पांच मात्राएं में नहीं हूं पांच महाभूत में नहीं हूं यह जो जगत में अब जो कुछ भी देख रहे हैं मेरी मेमोरीज जो है मेरे इमोशनल एक्सपीरियंस से सब कुछ मैंने जो सब कैट कर के जोर राहत है वो उनमें किंतु वो मैं क्या है शब्दों से व्यक्त नहीं कर सकते जैसे उपनिषद में इतना खूबसूरत एक पोएटिक अप्रोच अडॉप्ट किया गया है अद्वैत वेदन को एक्सप्लेन करने के लिए समझने के लिए आक्रमण क्या है ब्राह्मण क्या है उसको समझने के लिए वैसे ही आज के आधुनिक युग में ठाकुर और स्वामी जी इतना ब्यूटीफुल स्माइल और ये जो एग्जांपल से उसका सहारा लेते हैं अद्वैत वेदांत के बेसिक इतिहास को समझने के लिए जितने भी व्यक्ति हैं इस जगत में सबके भीतर में एक ही आत्मा है एक ही ब्राह्मण है ऐसा नहीं है की जो आप है तो आपके भीतर एक आत्मा है मेरे भीतर में एक आगमन है यह जो जब यह संख्या थिंकिंग की शुरुआत हुई थी तो पहले यह जो संख्या फिलासफी डेवलप हुई थी तो उसमें ऐसा है की पुरुष और प्रकृति प्रकृति अर्थात ये जो फिजिकल वर्ल्ड है वो और पुरुष अर्थात उसके भीतर के चेतन सत्ता तो ये जो मेरा शरीर है वो प्रकृति का बना हुआ है लेकिन तू मेरे भीतर में एक पुरुष है वो जो चेतन है आपका भी आपके भीतर में भी एक डिफरेंट पुरुष है यह जितने भी 700 करोड़ लोग हैं पृथ्वी पे सबके भीतर में डिफरेंट डिफरेंट चेतन शक्ति है यह डिफरेंट डिफरेंट पुरुष है किंतु वहां से लेकर के अद्भुत वेदांतक हम चलते हैं तो कहते हैं की ओके प्रकृति जो है उसके अनुसार हम सबके शरीर डिफरेंट है किंतु हमारे शरीर के भीतर ये जो माया का आवरण जो है उसको भेंट करके हम अपने हृदय में देखें तो हमको पता चलेगा की हमारे हृदय में विराजमान आत्मन या तो ब्राह्मण एक ही है सबके भीतर में वो अलग नहीं है और ये जो ब्राह्मण जो है विभिन्न शरीर से विभिन्न जो एक्सपीरियंस होते हैं तो कैसे वह जो सूरज है उसके ऊपर में जो बादल खेलने हैं और अभी बादल तो सूरज के ऊपर नहीं है बादल तो पृथ्वी पर है किंतु पृथ्वी से हम जब सूरज की और देखते हैं हम तो विभिन्न तरह के विभिन्न रंग के बादल दिखाई देते हैं कभी-कभी आप संध्या के समय देखेंगे या तो सुबह के समय की जब बादल के ऊपर में सूरज का प्रकाश जब गिरता है तो पूरा जगत का जो पूरे पृथ्वी का जो वो जो प्रकाश जो है बादल से वो जो फिल्टर हो के आता है वो सुनहरे कलर गोल्डन कलर का हो जाता है कभी-कभी देखिएगा वो कल कलर का वो जो बादल होता है तो सनलाइट को पूरा ब्लॉक कर देता है कभी-कभी जो है हमको बादल में से जब बारिश होता है तो ये रेनबो देखने को मिलता है तो कभी हमको रेनबो देखने को मिलता है कभी हमको कल बादल होने से सूरज का प्रकाश बहुत ही कम दिखता है कभी ये जो गोल्डन कलर के बादल है सोनेरी कलर के तो हमको इस तरह का सनलाइट दिखता है अभी जो सनलाइट इत्सेल्फ जो है उसका कोई कलर नहीं है बादल के और बारिश चौधरी होती है तो बारिश के ये सब कलर है किंतु यह जो सूरज जो है सूरज बैठकर के एंजॉय कर रहा है क्या रे चल मेरा जो किरण है पृथ्वी पर गिरता है कितना विभिन्न कलर का होता है सूरज को खुद को कोई मेहनत नहीं करनी है बचो भी मेहनत करनी है सूरज के करने को बदलने के लिए वो तो बादल को करनी है सूरत में बैठा बड़े मजे से आनंद करता है जैसे ऐसा होता है की जीवन में यदि मैं बैठा ही रहूं और कोई इलाके मेरे लिए खाना लाकर रख दे मुझे किताब पढ़ने का बड़ा अच्छा लगता है तो कोई मेरे लिए किताब लाकर के रख दे मुझे खुद कुछ करने की जरूर नहीं मैं निष्क्री होकर के बैठा रहूंगा आई बिल एंजॉय जो डी एक्सपीरियंस हमारे सच में तो ऐसा कभी होने वाला नहीं है यदि मुझे किताब चाहिए तो मुझे खड़े होकर के जो कपबोर्ड में से किताब निकालना पड़ेगा खाना जल्दी खाना है तो उसके लिए मेहनत करनी पड़ेगी पैसा कामना पड़ेगा यदि परिवार का पालनपुर पोषण करना है तो उसके लिए बाहर जाकर के वह जो भी है वो मेहनत करनी है करना पड़ेगा बच्चे हैं तो उनको स्कूल में ले जाना है यदि कोई बीमा हो गया तो हॉस्पिटल में ले जाना है सब कुछ मुझे करना है मैं निष्क्रिय हो करके बैठने नहीं र सकता कोई ला करके जीवन जितने भी एक्सपीरियंस है वह मेरे सामने नहीं रख देने वाले हैं मेरे सामने मेरे साथ ये सनी होगा किंतु ब्राह्मण जो है वो बड़ा फोर्चुनीत है जीवन के जितने भी एक्सपीरियंस है सब उसके सामने एक के बाद एक होकर के चले जाते वो खुद निष्क्री हो करके बैठ करके एंजॉय कर रहा है हालांकि वो जल्दी ये जो और इस तरह से वो निर्मित है की ये यदि एक्सपीरियंस यदि चले भी चाहे तो आईटी देश नोट मटर मां लीजिए कल क्या होगा की न्यूक्लियर वार हो गया और 40 आइटम बम इधर उधर फेक दिए कुछ पागलो ने और पुरी पृथ्वी का तहस-नहस हो गया पुरी पृथ्वी मां लीजिए पुरी पृथ्वी ही नष्ट हो गई तो क्या ब्राह्मण नष्ट हो जाएगा ऐसा तो कभी होने वाले ब्राह्मण बिल रीमें एस आईटी इस यदि कोई जीवन नहीं भी है ब्राह्मण को साक्षात्कार करने के लिए तब भी जो ब्राह्मण तो ब्राह्मण ही रहेगा क्योंकि इसको जो है इस जावटीय जगत से कोई लेना देना नहीं है तो इसी तरह से मां लीजिए की महाभारत की स्टोरी जो है है उसका जो आउटकम जरूर डिफरेंट होगा यदि यदि गौरव जीत जाते गुजरी पांडव हर जाते उन्होंने ऐसा कुछ मैन वोट आईएफ ऐसा हम इमेजिन कर सके देख सकते हैं स्टोरी आईटी सेल्फ फाइल रेमैन देवर इसे आईटी इसे जस्ट उसके करैक्टर का जो फॉर्चून मिस है वो चेंज होता रहेगा वैसे ही हम मनुष्य के साथ में जो कुछ भी हो ना हो ब्राह्मण वैसे ही निष्क्रिय निर्लिप्त बना राहत है अच्छा आप कहेंगे की ये जो फिलासफी थ्योरी है उससे मेरा क्या लेना देना मैं मतलब मेरे जीवन में इस तरह की जो मतलब जिसका कोई लेना देना ही नहीं है मेरे जीवन के साथ में इस तरह की फिलासफी से मुझे क्या फायदा हो रहा है देखिए जब हम ध्यान करते हैं तब हम देखेंगे की यह मेरे आज मेरे साथ में जो कुछ भी हुआ आजकल मेरे साथ में जो कुछ भी होता है वो मेरे जो मेमोरीज जो है फैट करके मेरे मां को पकड़ लेती है मेरा किसी के ऊपर में गुस्सा है मेरा किसी के ऊपर में बड़ी नाराजगी है तो जैसे ही मैं सब कुछ छोड़कर आंख बैंड करके बैठूंगा ऐसे वो गुस्सा जो वह मेरी नाराजगी जो है मेरा जो क्रोध जो है मेरा जो विद्वेष जो है जितनी भी कम कंचन जितनी भी ये जो नेगेटिव इमोशंस है फैट करके आकर के मेला गला ढाबा दें मेरा जो मां है वो ऐसे उसमें बा जाएगा की मेरा ब्लू प्रेशर हाय हो जाएगा और मैं परेशान हो जाऊंगा अरे छोड़ो ध्यान बयान छोड़ो इससे बटर है किताब वेट करके पढ़ने हैं या तो फिर टीवी देखते हैं या तो बाहर जाकर मित्रों के साथ में घूमते हैं ध्यान करने से ऐसा ही भाया वह एक्सपीरियंस होता है हमारी ये जो नेगेटिव जितनी भी इमोशंस है जब हम कार्य करते हैं जब हम लोगों के साथ बात करते हैं या तो जब हम किसी एक्सटर्नल हमारी जो इंद्रिय है उसको जो इंगेज करने वाले किसी कार्य में जो लगे रहते हैं जैसे मूवी देखना या तो फिर किसी भी एंटरटेनमेंट जो भी है हम अब जिसको अच्छा लगता है न्यूज़ पेपर पढ़ना जब हम उसमें इंगेज रहते हैं तब हमारी नेगेटिव संबंध जो है वो चला जाएगा जैसी हमारा मां हमारे खुद के मां पे एकाग्र होगा मां बन के ऊपर एकाग्र होता है तब ये जितनी भी नेगेटिव इमोशन है हमारे क्रोध हमारा कम हमारा विधवाह ये जो हमारे जो भी है वो फैट करके वो छल के आता है और ऐसे हमारे मां को जो तहस-नहस कर देता है की किसी का बीपी बाढ़ जाएगा कोई कहानी तो पागल हो जाएगा और एकदम परेशान हो करके हम बोलेंगे अरे ध्यान वगैरा छोड़ो यह तो सब पागलपन लाने वाली बात है बटर है की हम मंदिर में जाकर के बेटे आरती वगैरा देखेंगे किसी दो-तीन भक्तों के साथ में गैप लगाएंगे यह बटर है की अकेले बैठकर के अपने मां को देखना तो जब ऐसी स्थिति होती है तब हमको यह याद करना है की मैं हूं ब्राह्मण मेरा सही नेचर है और यह जो जितने भी एक्सपीरियंस है यह जो गुड एक्सपीरियंस हो ना की बेड एक्सपीरियंस हो मेरा गुस्सा हो मेरा प्रेम हो मेरा क्रोध हो ना की मेरा विद्वेष हो मेरे कोई चीज जो है मुझे बहुत अच्छी लगी कोई चीज मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं लगी ये जितने भी मेरे एक्सपीरियंस है वो तो इस माया के जगत के हैं उससे मेरा कोई लेना देना नहीं है क्योंकि मेरा जो शाश्वत अनंत अमर यह जो आनंदमय स्वभाव है इसको जो है ये जो कम क्रोध मैड लोग मो वगैरा जो क्लेश जो है वो मुझे स्पर्श ही नहीं करते मेरा जो स्वभाव है मैत्री करुणा मोदित और अपेक्षा वाला सचित आनंद ब्राह्मण के बड़े में जो एक छोटी सी एक डेफिनेशन मैन यदि आप कहेंगे की वन परसेंट डिस्क्राइब कर सकता है तो यह सचित आनंद तो मेरा जो स्वभाव है वह चित और आनंदमय स्वभाव है मैं क्यों इस तरह से कम क्रोध मैड लाभ में बहाने को जाऊं तो यह जो चिंतन है की हम ब्राह्मणी हम ब्राह्मणी मैं ब्राह्मण हूं मैं उत्पन्न हो वो है यह अद्वैत विधान की सबसे बड़ी गिफ्ट यह जो है हमारे लिए सबसे बड़ा यदि हम यह समझ सके यदि हम इस चीज को प्रैक्टिस कर सकें जैसे मां लीजिए की हम पहले कक्षा से बाल मंदिर से जो है हम ये लोग जो है लैंग्वेज सीखने हैं ये मैथमेटिक्स सीखने हैं ये मल्टीप्लिकेशन सब्सट्रैक्शन ये जो वगैरा जो सब सीखने हैं ये जो हिस्ट्री सीखने हैं ज्योग्राफी सीखने हैं कभी-कभी लगता है की यह सब चीजों की हमारे जीवन में वैसे ही कोई जरूर नहीं है मैंने बहुत सर ज्योमेट्री मैंने पढ़ा है बहुत सर एस्ट्रोनॉमी भी अपने पड़ा है तो क्या मुझे उससे लाभ हुआ किंतु यदि उसे समय यह जो हम ब्राह्मणी वाला जो ध्यान जो है वो मेडिटेशन यदि बाल मंदिर से ही फ्रॉम किंडरगार्डन और फर्स्ट स्टैंडर्ड से ही यदि बच्चों को सीखने हैं तो जब ग्रेजुएट हो जाता बच्चा और यंग होता है ना यंग मन जो है वह कम क्रोध मैड लोग वगैरा में इतना वो जो बा नहीं गया है यंग मन इनोसेंट होता है उसके लिए यह कहना की मैं आनंद मैं हूं मेरा सही नेचर जो है वह आनंद स्वरूप है उसके लिए कहना सहज है क्योंकि बच्चा वैसे ही आनंदमय होता है जब तक मैं उससे नाराज नहीं होती तब तक वो बड़ा वजह से खेलते राहत है मां नाराज होगी वो जब कुछ तोड़ करेगा धमाल मस्ती करेगा तो मां को तो नाराज होना पड़ेगा बच्चे को डिसिप्लिन करना पड़ेगा किंतु यदि उसको वैसे ही चुडा दे छोड़ दिया जाए तो इतना वो हंसी-मजाक को तूफान मस्ती करेगा वो आनंदमय ही है तो यदि उसके लिए हाथ जो की ध्यान मुद्रा में बैठना उसके लिए अपना मां को अपनी आंखों को बैंड करके इस तरह से ध्यान करना यदि आपके मंदिर आपके घर में यदि छोटा सा एक कैमरा है एक छोटा सा श्री आपने बनाया है ठाकुर जी या तो किसी भी इस्ट देवता की अपने मूर्ति या तो जो है फोटो अपने रखें हैं तो आपका यदि लड़का है या लड़की है तो उसमें छोटा बच्चा तो उसको उसके सामने बिठा ये कहिए की भाई देखो तुम सोचो अपने मां में की तुम ब्राह्मण हो तुम ब्रह्मांड स्वरूप हो तुम आनंद स्वरूप हो और यह जितने भी मां लो तुम्हारे मित्र है जिसके साथ में तुम्हारा झगड़ा हो गया है तो यह जो उसके ऊपर में जो तुम्हारा क्रोध है जो क्रोध है वो माया के जगत में है वो तुमको स्पर्श नहीं करता देखिए ये जो अध्यभेद वेदांत फिलासफी इतनी सहज सरल है उन वन है प्रैक्टिस करने के लिए की बच्चों तो बच्चे जो है उसको फैट करके उठा लेंगे उनको हमारी तरह जो इंटेलेक्चुअल अनकट पंकज उनके मां में नहीं है हम लोग जी खास में अपनी बात कर रहा हूं मैं सब कुछ जो है इंटेलेक्चुअल एनालाइज करने का पर्यटन करता हूं की अच्छा यहां पर स्वामी जी ने ये बात कहीं यहां पे ठाकुर ने ऐसा कहा है वहां ऐसा कहती है वहां उपनिषद ने ऐसा लिखा है तो चारों में कांट्रडिक्शन है या तो फिर चारों में सिमिलरिटी कहां कांट्रडिक्शन है कहां से मिला देती है ऐसे ही मेंटल जिमनास्टिक में करता राहत हूं यह जो हमारा प्रॉब्लम है बच्चों का ही प्रॉब्लम नहीं है बच्चों को यदि आप ऐसा कहेंगे की सोचो की तुम ब्राह्मण हो या तुम आत्मा हो तुम आनंद स्वरूप हो और जो क्रोध या गुस्सा जो है या तो फिर जो भी है झगड़ा हुआ किसी के साथ में मां के साथ में झगड़ा हो गया ऐसा होता राहत है बच्चे का पिता जी के साथ में हो गया छोटे भाई बहन है भाई बहन उनके साथ में हो गया तो यह जो झगड़ा है गुस्सा है क्रोध है वो तो तुम्हारे जैसे आसमान है या तो ये जो सूरज है तू बादल जैसे सूरज का प्रकाश को दो-तीन क्षण के लिए धक देते हैं या तो सूरज के प्रकाश का कलर चेंज किया करते थे जिससे सूरज को तो कोई कोई फर्क नहीं पढ़ने वाला वैसे ही तुम्हारा जो सही स्वरूप है उसको ये सब छोटी-मोटी चीजों से कोई फर्क नहीं पढ़ने वाला ऐसा ट्रेनिंग यदि आप अपने बच्चे को आज से देना शुरू करेंगे छोटा बच्चा तो टाइम वो ग्रेजुएट होता है उसका जो मतलब वो जो इमोशनल स्ट्रैंथ है मेंटल हेल्थ है वो इतना स्ट्रांग हो जाएगा आज देखिए आज मेंटल हेल्थ को लेकर के कितना रिसर्च हो रहा है पहले जो है मेंटल हेल्थ के बड़े में हम लोग इतना अवेयर नहीं थे हम लोग सोचते थे की शरीर में जो कुछ प्रॉब्लम हो रहा है उसके फिजिकल रीजंस ये उसके कोई मन के साथ में उसका कोई कनेक्शन नहीं है और मेंटल हेल्थ के बड़े में जब हम बात करेंगे तो मैन उसका एक ऐसा एक नेगेटिव कोनोटेशन था समझ में की वो पागल हो गया है मैंने मेंटल हॉस्पिटल रांची में मेरा पोस्टिंग था तो रांची में बहुत बड़ा मेंटल हॉस्पिटल है कांके करके एक जगह पे है तो वो रांची में पोस्टिंग होने से बोलते हैं और वहां पे मेंटल हॉस्पिटल है वहां पे जा रहा है क्या अर्थात मैंने ये जो डिप्रेशन है ये जो साइकोसिस है ये जो कंपल्सिव वो ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर है इस तरह का जो बिहेवियर है ये सब चीजों की ये जो साइकोलॉजी कल डिसऑर्डर्स है उसके लिए हमारे समाज एक बहुत ही एक नेगेटिव परसेप्शन है हम लोग इसको एक ऐसा नहीं देखते की जैसे मुझे बुखार ए गया तो जैसे मुझे मेडिसिन लेकर के अपने को ट्वीट करना है तो मेरे जो मेंटल प्रॉब्लम्स है मैं बार-बार डिप्रेशन में चला जाता हूं मैं बार-बार जो है मेरा सेल्फ कॉन्फिडेंस कम हो जाता है बार-बार जो है की मैं ऐसा सोचता हूं कोई रिजॉल्व रेजोल्यूशन लेट हूं की अच्छा मेरा बिजनेस में मुझे यह कम करना है या तो मेरा लाइफ में ये पर्टिकुलर डिसिप्लिन लाना है या तो फिर चलिए ग रहा है तो बटर के में जो भी अपना फूड है उसको मैं कंट्रोल करूंगा ये रेजोल्यूशन लेने के साथ में वो चले जाते लगता है की जैसे मतलब जंगली पशु हूं और बीच-बीच में मैं पर्यटन करता हूं मनुष्य होने का किंतु ऐसा है कोई छोटी-मोटी चीज होती है फैट करके मैं अपने जंगली स्वभाव में वो रिवर्ट बैक हो जाता हूं रिग्रेशन जिसको कहते हैं ना देवोल्यूशन एक होता है इवोल्यूशन दूसरा देवोल्यूशन तो स्टडी देवोल्यूशन में चला जाता हूं तो यह जो साइकोलॉजी प्रॉब्लम्स है हमारे यदि आप किसी कंसलटेंट के पास में जाएंगे किसी को पता चलेगा अरे वो साइकैटरिस्ट को दिखे रहा है मैंने वो ऐसे ही बोलेंगे रे पगला गया है वो पागल हो गया है नो डाउट धीरे-धीरे आजकल जो है मेंटल हेल्थ के बड़े में अवेयरनेस बढ़नी जाति है हमारा जो स्ट्रेस है वो स्ट्रेस बिगेस्ट कलिंग आजकल जो कहते हैं की ये जो डायबिटीज है ना की ये हाय टेंशन ब्लू प्रेशर है ना की एवं कैंसर है जो हमारी इम्यूनिटी को का जाते हैं ये जो लाइफस्टाइल डिशेज है उसे सबके पीछे का रीजन है हमारे लिए साथ स्वीट वेदांत एक बहुत ही पावरफुल वेपन है तो जो भी है ध्यान जो है ध्यान आपको जो है ईश्वर के ऊपर में भी कर सकते हैं आत्म के ऊपर में भी कर सकते हैं किंतु यह जो ध्यान है ये जो प्रेयर है ये जो कर्म ज्ञान भक्ति और ध्यान जो कर तरह की जो साधना हमको दर्शी गई है ये जो साधना जो है वो हमारे स्ट्रेस के साथ में लड़ने के लिए सबसे पावरफुल वेपन है किंतु इसका हम इस्तेमाल नहीं करते हम लोग जो है हम लोग सोचते हैं की यह जो आध्यात्मिक जीवन है यह जो धर्म होने के बाद में करना है मैं जो यहां पे साधु होने के लिए आया था तो मेरा एक मित्र मेरे घर पे आया मुझे बोलने लगा क्या अरे ये सब तो बुध होने के बाद में करना की जाए तुम अभी इस जवानी में सब क्यों तुम साधु होने के लिए चारों क्या तुम्हारा कोई प्रॉब्लम है और उसको समझ में नहीं ए रहा है की ये जो है की आध्यात्मिकता एक जीवन की 24 हो शक्ति है और यदि कोई प्रॉब्लम नहीं होने से भी एक आदमी जो है ईश्वर को प्रेम कर सकता है ईश्वर की प्रार्थना कर सकता है लोग सोचते हैं की बुध होने के बाद में हम शांति से जो है जगत के जितने भी भोग हो गए और अभी हमारी इंद्रियां और ज्यादा भूख करने के लिए सक्षम नहीं है तो चलो अभी और कुछ नहीं कर सकते तो ईश्वर का नाम लेने दिस इस नोट वेट यदि छोटे बच्चे को अब फ्रॉम डी फर्स्ट दे ऑफ किंडरगार्डन या तो फर्स्ट ग्रेट या फर्स्ट क्लास आप उसको ये जो है ध्यान जब प्रार्थना सिखाएंगे तो बाय डी टाइम वो ग्रेजुएट होगा तो उसका जो मेंटल हेल्थ है ट्रेंस के साथ में लड़ने की उसकी जो कैपेसिटी है वो इतनी बाढ़ जाएगी की जीवन में उसके सामने कितने ही दुख तकलीफ क्यों ना आए वह जो है बाकी एकदम स्ट्रेस में आकर के उसका ब्लू प्रेशर बड़ा नहीं देगा ब्लू प्रेशर या शुगर नहीं बड़ा देगा वो उसका शांति से उसका सामना करेगा स्ट्रगल तो आएगी किसी का जीवन ऐसा नहीं होता है कोई बड़ा किंग द्वारा राजा है या कोई बहुत बड़ा बिजनेसमैन है जिसके पास में बिलियन ऑफ डॉलर है अभी देखिए ना अदानी के साथ में क्या हुआ हमको लगता है अदानी सेकंड रिचेस्ट परसों इन डी वर्ल्ड किंतु पता नहीं क्या उसकी कंपनी के साथ हुआ आदेश है उसके डब गए नो डाउट वो रिकवर करेगा चिंटू ये जो टेंशन स्ट्रेस ऐसा नहीं है की हम लोग गरीब लोगों के साथ में ही होते हैं जो दुनिया का सबसे रिचेस्ट परसों है सेकेंडरी चेस्ट परसों उनके जीवन में भी इतने बड़े-बड़े शौक कहां से ग जाते हैं इतना बड़ा जो झटका कहां से उनको ग जाता है की जो है उनका पूरा जीवन उथल-पातल हो जाता है तो जीवन का नाम ही है ये जो ये जो दुख जिसको ग्राफ कहते हैं या तो स्ट्रेस कहते हैं जीवन का है ये की स्ट्रेस या गरीब हमारे जीवन के साथ में लगा ही हुआ है ऐसा कभी नहीं होगा की किसी का जीवन इन दोनों चीजों से मुक्त हो इसीलिए जब ध्यान प्रार्थना यह सब हमको सीखना है बचपन से ही आपके बच्चों को सीखना है जिससे की वो बड़े हो तब तक उनका मेंटल हेल्थ बड़ा स्ट्रांग हो जाए यह सब तकलीफों के साथ में आराम से वो लाड सके हरि ओम तत्सत श्री राम कृष्णा