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Sri Ramakrishna Teachings ·

Sri Ramakrishna : Life and Teachings : English & Hindi : 16 Feb 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Shivananda

ओम sthapa का धर्म स्वरूप ने अवतार varishthay राम कृष्ण यत नमः ओके शिवानंद जी महाराज महापुरुष महाराज बिटवीन महापुरुष महाराज इतना बिकॉज तू कम तू ठाकुर मिंस डेट यू हैव तू बी कंप्लीट बिकॉज ओवर कंप्लीट सी नो इन डी केस ऑफ harimaaj डेट harimaaj यूज्ड तू रीड वेदांत ए लॉट एंड ही उसे तू रीड बुक्स लाइक पंचर एंड ही वैन दे आस्क समथिंग अबाउट दिस बुक्स तू ठाकुर सो व्हाट डिड ठाकुर से डेट व्हाट इस रिटर्न इन योर वेदांत ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या वही तो नहीं है डेट मेंस नथिंग एल्स आदर दें ब्रह्मा सत्य जगत मिथ्या सो व्हाट इसे डी उसे ऑफ गोइंग ऑन रीडिंग ऑल दिस बुक्स इफ यू डू नॉट परफॉर्म अन्य postarities इफ यू डू नॉट ट्रेड तू गोद वेंट ठाकुर टोल्ड हिम समथिंग लाइक दिस वुड हरि महाराष्ट्र टेंडेंसी इसे वेल एस ही वुड वार्निंग देहात सी डेट सी हैव तू बी परफेक्ट इन ऑल टाइप्स ऑफ साधना इफ सी गान डूइंग ओनली वैन टाइप ऑफ साधना दें देयर इस अन फेयर ऑफ एक धीमी डी बंगाली वर्ड इसे अन finantiyism fenneticism मेंस सी विल स्टार्ट थिंकिंग डेट वाटेवर आई एम डूइंग इसे राइट एंड वोट आदर्श आर डूइंग इसे नॉट सी हैव सीन दिस टेंडेंसीज सोमेटाइम्स गेटिंग प्रॉमिनेंट इन सैम ऑफ डी डिसएबल बट imijetli डी टेंडेंसी हैज बिन चेक बाय ठाकुर अन फॉर एग्जांपल सी नो डेट बाबू राम महाराज वास ट्रिक वर्जन एंड ही डिड'टी लाइक ईटिंग मीत सो वैन दे इन बेलूर मठ ही थॉट डेट थॉट नॉट इन बैलून बट आई थिंक इन वाराणसी डी पीपल हु आर ईटिंग फिश और मीत डी स्ट्रांग इन डी तपस्या बिकॉज दे आर ड्रिवन बाय डी टेस्ट फॉर फूड समथिंग लाइक दिस ही वैसे थिंकिंग एंड नाइट ठाकुर कम तू हिम इन विज़न एंड सेड इट इस माय प्रसाद वही आर यू गेटिंग discussted विथ माय पर्सनल वेंट अकाल टोल्ड हिम डी nextnar बाबूराम महाराज हिट तुका लिटिल फिश एंड ही 80 जस्ट तू ब्रेक hijust सो वेट ठाकुर वाज अलाइव डी टाइम अलसो ही उसे तू गाइड इस डिसीप्लस एंड वेंट ठाकुर अटेंड महा समाधि डेट टाइम अलसो यूज्ड तू गेट इस देयर इस अंदर इंसीडेंट अबाउट बाबूराम महाराज फ्रेंड बाबूराम महाराज वेट तू जगन्नाथ पुरी ही सो डेट वैन क्रिश्चियन क्रीचर ही वाज एब्यूजिंग हिंदू गॉड्स राइट स्टैंडिंग राइट इन फ्रंट ऑफ जगन्नाथ पुरी सो बाबूराज kudent वॉच दिस अन्य लंगर ही स्टार्टेड शूटिंग हरि बोल हरि बोल एंड ऑल दी आदर पीपल हु टुगेदर तू लिसन तू दिस क्रिश्चियन प्रोटेक्टेड हिंदुइज्म इन डी होली प्लेस ऑफ हिंदुस्तान जगन्नाथ पुरी सो थैंकिंग दिस ही रिटर्न तू वेयर थिंग डेट नाइट ठाकुर कम तू हिम इन डी इन हिस्ट्री एवं डेट क्रिश्चियन मिशनरी एवं ही वैसे स्टिचिंग माय नाम आई एम नॉट इट डिफरेंस फ्रॉम जीसस और फादर इन हेमंत और फ्रॉम दिस लोड जगन्नाथ ऑल आर मी इन मी आर ऑल इसे डी सेइंग इन गीता सो व्हेन बाबूराव हमारा हर दिस इयर्स कमिटेड अन ग्रेव एरर सो नेक्स्ट दे ही वेट तू दिस क्वेश्चन मिशनरी एंड आस्क फॉर अपॉलिजी सो ठाकुर वुड नेवर वांट अन्य ऑफिस डिसी तू गो इन अन्य एक्सट्रीम अन्य पथ ऑफ साधना इन विच दे थिंक डेट आई विल डू ओनली दिस एंड आई विल नॉट डू एनीथिंग एल्स सो इन केस ऑफ स्वामी विवेकानंद सी नो डेट ठाकुर से डेट प्लीज रीड दिस अष्टावक्र संहिता तू मी सो स्वामी जी से डेट महाशय आई डोंट वांट तू रीड दिस बिकॉज इट इसे इट आई एम गुड नौ इट इस सच अन ब्लास्ट मी हो कैन आई जस्ट 19 ईयर ओल्ड बॉयज ट्रेडिंग इन कॉलेज हो कैन आई क्लेम माय स्टेप तू बी अन कोड इट इस अन ब्लास्ट इट इस अन सीन तू से डेट आई एम अन गुड इट विल बी ट्रैकिंग आदर पीपल सो ठाकुर से डेट ओके यू डोंट वांट यू डोंट रीड इट फॉर योरसेल्फ रेडी फॉर मी बिकॉज आई वांट तू लिसेन तू इट लाइक सेइंग दिस ही मेड हिम रीड थिस टॉपिक सो से थिंग हैपेंड विथ महापुरुष महाराज सी डिस्कस इट यस्टरडे डेट महापुरुष महाराज हिमसेल्फ सईद था आफ्टर पासिंग आवे ऑफ श्री रामकृष्ण आफ्टर श्री राम कृष्ण फॉर में इयर्स ही स्टेड इन दिस निराकार भाव ही वुड गान मेडिटेटिंग ही वुड गान दिस मारन मालन विद्या सैन विच आर डी प्रैक्टिस प्रिसक्राइब्ड इन ओवर वेदांत शास्त्र बट ही वुड नॉट गो तू ठाकुर टेंपल रेगुलरली सो वैन दे वैन नाइट ठाकुर कम तू ही मिन ड्रीम एंड से डेट डी वे यू आर परफॉर्मिंग दिस निराकार साधना आईएम इन डेट अलसो एंड आई एम इन दिस टेंपल इन दिस इमेज अलसो सो एंड अन ड्यूरिंग दिस टाइम व्हेन महापुरुष महाराज डूइंग दिस निराकार साधना देयर इस वैन इंटरेस्टिंग इंसटिड एंड डेट वैन दे ही वाज प्लेइंग विद दिस डॉग एंड दें sadanasionally इट कम तू बी डेट ही विल हैव तू गो तू टेंपल एंड परफॉर्मर शिप सो विदाउट एवं वाचिंग है हैंड तू टेंपल एंड स्टार्ट परफॉर्मिंग वरशिप ही वाज प्लेइंग विद डी डॉग नौ सी कैन इमेजिन डेट यू आर टचिंग डी डॉग एंड विद डी से एंड यू आर टचिंग डी विद होम यू आर वरशिप इन ठाकुर सो फॉर महापुरुष महाराज ऑल वैसे वैन दिस में एंड यू नो महापुरुष महाराज सेड समथिंग वेरी इंटरेस्टिंग अलसो डेट डी वे दिस डॉग इस माइल्ड डॉग आई एम डी डॉग ऑफ श्री राम कृष्ण सो सीको हेड डिड सो ही वुड नॉट माइंड कोली हिमसेल्फ ए डॉग ऑफ श्री राम कृष्ण यू विल से डेट जर्मन ठाकुर दिस इस हो यू तू डिस्क्राइब इंसर्ट सो दिस पीपल हेडफोन फॉर बियोंड एगो ही हेड वेट सो फार अहेड इन निराकार साधना डिड होल वर्ल्ड हिज हिम तू बी लाइक वैन एंड hilself हेड नो पार्टिकुलर इंपॉर्टेंस इन दिस वर्ल्ड सो ही कैन डू ऑल दिस थिंग बट आपको न्यू डेट ही हैज नोट कम फॉर हिज ऑन से ही हज कॉम महापुरुष महाराज फॉर डी शॉप ऑफ देवोतीस सो बीइंग अन प्रेसिडेंट ऑफ रामकृष्ण ओल्डर इफ देवोतीस सी डेट गो तू टेंपल रेगुलरली योर ही इसे नॉट पार्टिकुलरली डिवोशन अंतिम पीपल विल गेट इंप्रेशन डेट इस निराकार पार्टीज बटोर दें सरकार पथ वरशिपिंग स्मरण मन्नान निधि इतिहास ऑफ वेदांत उपनिषद लाइक हम ब्रह्मास्मि और सोहम इट इस बटोर दें प्रेयिंग तू गोद विद फोल्डेड हैंड्स एंड आफरिंग अवर एक इन डी लोटस फिट ऑफ ऑल डीटी ज्ञान अनुपात इस बटोर दें भक्ति पथ इन दिस सॉर्ट ऑफ कन्फ्यूजन प्रेजेंट आरिस इन अवर देवोतीस डेट इस व्हाइट आपको मेड ऑल ऑफ है देवोतीस कंप्लीट एंड हर समथिंग एल्स डेट सी शुड नो डेट इन डी केस ऑफ bhedannanda जी महाराज सी सी डेट हो अभय धनानंद जी महाराज हिज नाम वाज काली ही वाज प्रैक्टिसिंग बोथ दिस पथ इस ठाकुर हेड प्रोटीन ज्ञानस भक्ति बट वैन दे व्हाट हैपन डेट नरेंद्र फार्मिंग साधना अकॉर्डिंग प्रैक्टिस अकॉर्डिंग प्रिसक्राइब अकॉर्डिंग तू ठाकुर नौ स्वामी जी को सो स्ट्रांग डेट ही कैन कंटेन इन हिज हार्ट वेरी स्ट्रांग इस वेल इस वेरी स्ट्रांग भक्ति बहुत ही कैन कंटेन इन शॉर्ट बट काली महाराज वास नॉट देयर स्ट्रांग ही वाज नॉट आज इट मेच्योर डेट एडवांस्ड इन हिज साधना सो डी मोमेंट कालीमार स्टफ्ड हिम व्हाट हैपन डेट हिज डिवोशनल पथ sadanasionally कन्वर्टेड इट सेल्फ ट्रांसफॉर्म इट्स सेल्फ इन ज्ञान पथ एंड डी ज्ञान पथ ऑफ फाउंडेशन वास नॉट प्रॉपर्ली एलईडी सो ठाकुर बिकम वेरी डिस्प्लेस विथ नरेन एंड ही सेड डेट यू आर पेंडिंग एवं बिफोर यू हैव जेंट एनीथिंग डेट मिंस इन फ्यूचर यू विल हैव तू गिव दिस निराकार ज्ञान मार्केट बिफोर डेट यू हैव तू बी वेरी स्ट्रांग भक्ति पथ उत्सव एंड अलसो यू विल हैव तू बी कंपलीटली एगोलेस यू विल हैव तू आई ऑफर योर हम यू विल हैव तू डिस्ट्रॉय योर हम कंपलीटली यू आर नॉट ये रेडी इस इट यू आर नॉट ये यू हैव नॉट ये रिछेद डेट लेवल सो वही आर यू डी वे यू हैव चेंज काली माइंड देर विल ऑलवेज बी सैम सॉर्ट ऑफ प्रॉब्लम विद ही साधना एंड इट ट्रू डेट kalimaaj हेड तू लीव ओवर ऑर्डर लेटर ऑन सो डेट इस अन लॉन्ग स्टोरी सैम टाइम्स आई विल तेल यू बट दिस इस व्हाट हैपेंस व्हेन सी थिंक डेट आई विल ओनली डू वैन पार्ट ऑफ साधना ज्ञान भक्ति ध्यान एंड कर्म दिस foreder ऑल डी देवोतीस हो शोल्डर सी शुड ट्राई तू डू ऑल फॉर साधना लेटर ऑन सी में हैव सैम पार्टिकुलर टेंडेंसी तू रीड ए लॉट सो था इस माय प्रेफर्ड वे ऑफ साधना बट आई परफॉर्म ऑल आदर साधना अलसो बिकॉज ऑल ऑफ दिस इस पिन यू नो ड्रिल्ड इनसाइड माय हेड इनसाइड माय माइंड राइट फ्रॉम डी फर्स्ट दे इन अलसो इन डी माइंड दे दो सैम सेवा इन ओवर आश्रम अंधे प्राय तू गोद एंड दे अलसो रीड अवर बुक्स एंड ट्राई तू मेडिट्रेड सो मोस्ट ऑफ ओवर देवोतीस आर अलसो फीमेल से दे आर फॉलोइंग दिस हॉलिस्टिक पथ ऑफ साधना दिस होली स्टिक वर्ल्ड वाज वेरी वैन ऑफ ओवर मेंस लाइक दिस वर्ल्ड वेरी मच यू वुड से हॉलिस्टिक एंड सुहितानंद जी महाराज ही वाज ओवर पीपीटी इन सी इन चैट ही प्रेफर्ड दिस टर्म इंटीग्रेटेड पथ ऑफ डेवलपमेंट सो विच एवर यू मेक दिस हॉलिस्टिक पथ ऑफ साधना इंटीग्रेटेड पथ ऑफ साधना कर्म भक्ति एंड ध्यान फॉरेस्ट बी अप्लाइड इक्वली एंड इफ नोट इक्वली दें yathasadhya इन अवर लाइफ सो महापुरुष महाराज सी सी महापुरुष महाराज से स्टेट आई डिड ही वेट तू मीत हिम इन रामचंद्र दत्तास हाउस एंड सो डेट ही वो सरप्राइज्ड ठाकुर इस टॉकिंग अबाउट समाधि इट से बट इट विल टॉक विद ठाकुर ठेठ महापुरुष महाराज से स्टेट आई डिड नॉट टॉक तू ठाकुर ऑन डी लोकेशन अन मंथ लेटर आई वेंट तू दक्षिणेश्वर एंड बिकम एक्सेंटेड विथ हिम इन डी टीम लाइट ऑफ इन ऑयल लैंप ठाकुर सीटेट क्रॉसड इन हिज रूम विथ थ्री और फोर आदर्श ऑन डी फ्लोर इन फ्रंट ऑफ हिम डी स्मॉल ऑडियंस सूटेड मी इट वंस आई फेल्ट दीप अटैचमेंट फॉर ठाकुर

श्रीरामकृष्ण कथामृत : तृतीय दर्शन

श्री रामकृष्ण कथामृत कल हमने देखा की किस तरह से एक भक्त ने ठाकुर को प्रश्न किया बहुत ही इंपॉर्टेंट प्रश्न है की यदि कोई हमारा अनिष्ट करना चाहे तो क्या हमको चुपचाप सहन कर लेना चाहिए की हमको प्रतिकार भी करना चाहिए तो यह बड़ा अच्छा होना प्रश्न किया है तो ठाकुर क्या कहते हैं देखिए बड़ा ही इंपॉर्टेंट बात कहते हैं की दुष्ट जनों के बीच रहने से उनसे अपना जी बचाने के लिए कुछ तो तमोगुण दिखाना ही चाहिए ठाकुर हिमसेल्फ एडवोकेट सिस्टम ओवर कब अपने सेल्फ डिफेंस के लिए किंतु जिसको कहते हैं ना की प्री मटू स्ट्राइक कर सकता है सोच करके मैं पहले ही उसका कुछ बुरा करने को ट्राई करूं ऐसा कभी नहीं करना है अभी यह हमको शायद थोड़ा सा इंप्रैक्टिकल लगे यह सेकंड पार्ट ऑफ टीचिंग क्योंकि हमको लगता है की वह कोई मेरा दुश्मन है अभी वो ज्यादा शक्ति प्राप्त कर रहा है और ज्यादा वह मेरे से हो जाएगा नहीं तो फिर वो मेरा वो मेरा अहित करेगा तो पहले से ही मुझे उसको सुप्प्रेस कर देना चाहिए ऐसा आइडिया हमारे मैन में आना स्वाभाविक है तो किंतु ठाकुर कहते हैं की देखो थोड़ा बहुत तो ईश्वर के ऊपर में हमको भरोसा रखना पड़ेगा यदि हम थोड़ा बहुत भी ईश्वर पर भरोसा करके नहीं रहेंगे तो क्या होगा की फिर जैसे वो ठाकुर की कहानी है ना ठाकुर एक बहुत बढ़िया कहानी कहते हैं की एक आदमी एक नदी के किनारे से जा रहा था तो उसके वह जो धोबी लोग जो द जो कपड़ा सुख आते हैं कपड़े धोते हैं लोगों के उन्होंने वहां पे बीच के ऊपर में वो कपड़े तुरंत धो करके रखे हुए द अब इस आदमी का जो पेड़ है वो कपड़े के ऊपर में पद गया तो नेचुरल की वो धोबी ने बहुत मेहनत करके कपड़ा धोया था सुखाने को रखा था फिर से गंदा हो गया अभी उसको फिर से धोना पड़ेगा तो वह धोबी जो है वह आदमी को मरने के लिए दौरा यह देख करके भगवान शिव जो है वह कैलाश में वह बैठे द वह एकदम खड़े हो है और एकदम उसको जाने लगे वहां से तो मैं पार्वती पुष्टि अरे भगवान आप कहां जा रहा है तो भगवान शिव ने कहा की वह मेरा बहुत ही अच्छा भक्त है वो उसको बचाने के लिए मैं जा रहा हूं यदि मैं नहीं बचाऊंगा तो लोग उसकी टी करेंगे तो ऐसा बोल के थोड़ा सा आगे गए फिर से वापस आकर के अपने जगह पे बढ़िया वजह से पेट दे तो मैन पार्वती ने पूछा किया अरे भगवान आप जाकर के अपने शिष्यों को बचाया नहीं ये आपने कैसा कम कर दिया क्यों आपने ऐसा किया तो भगवान शिव क्या कहते हैं की उसने अपने को बचाने के लिए खुद ने अपने हाथ में पत्थर ले लिया तो अभी जो खुद अपने को बचाने के लिए जाता है तो फिर मेरी क्या जरूरत है अपने को यदि वो उसको बड़ा शौक है तो इस तरह से है की यदि हम मतलब क्या है की यहां पे तो ठाकुर की बात का वैसे आपस देखिए बहुत सारी बात हमको ऐसा लगता है की जहां पर थोड़ा सा कंसंट्रेशन है सॉरी कांट्रडिक्शन है अभी कांट्रडिक्शन किस तरह से यहां पर ठाकुर कहते हैं की यदि कोई आपका अनिष्ट करता है तो सामने उसका अनिष्ट थोड़ा बहुत तमोगुण दिखाना तो यह भक्त ने बेचारे ने अपने को डिफेंड करने के लिए पत्थर लिया अभी शिव भगवान कहते हैं की यदि उसने पत्थर लिया तो मुझे उसको बचाने की जरूरत नहीं वो कांट्रडिक्शन लग सकता है किंतु अभी तो क्या है की हमको तो जैसे हमने को कल डिस्कस किया था की जो हमारे शास्त्र रहे इवेंट ठाकुर की बात है बहुत सारे समय हमको ऐसा कांट्रडिक्शन दिखेगा तो उसे समय हमको अपना कॉमन सेंस उसे करना है हमको यह नहीं सोचना है सुद्दनली कोई हमको मरने के लिए आए तो मैं चुपचाप बैठा रहूंगा भगवान शिव आके मुझे बचाएंगे ऐसा नहीं सोच करके बटोर है की अपने से अपना डिफेंस कर लो फिर भगवान शिव को जब बचाना हो बचा ले तो यह सब कांट्रडिक्शन जब दिखते हैं तो थोड़ा सा कॉमन सेंस उसे करना है ठाकुर ने खुद बोल दिया है थोड़ा बहुत दिखा सकते हैं किंतु की प्रीमपीटी उसे स्ट्राइक नहीं कर रहा और यहां पर अभी ठाकुर बहुत बढ़िया बहुत लंबी कहानी भी बताते हैं वह जो हम सबको पता है जिन्होंने कथामृत थोड़ा बहुत भी पढ़ा होगा की वो जो एक charvah है गांव में रहते द वहां पे एक बहुत जंग बहुत ही जहरीला सांप था बहुत ही गुस्सा वाला सांप था जो भी सामने आता था 10 दिन था उसका मृत्यु हो जाता था और चरवाहे बड़े दर करके रहते द उससे साफ-सा है तो एक ब्रह्मचारी महाराज वहां से जा रहे द तो लोगों ने जा रहे हैं वहां पे मत जाइए वहां पे तो ये महाराज ने कहा की मेरे पास में मंत्र है मैं मंत्र दूंगा आपको उसका उद्धार होगा देखिए ये हमारी जो कितनी भव्य परंपरा है हमारे देश में ये जो स्वामी जी भी जिस तरह से parivarchak बन के पूरे भारत में घूमे द तो वैसे ही ये हमारे संन्यासियों के पास में यह आध्यात्मिक शक्ति होती है की जहां जहां पर भी जाएंगे किसी दुष्ट को देखेंगे तो इनके प्रभाव से इनकी आध्यात्मिक शक्ति के प्रभाव से उसका हृदय परिवर्तन हो जाएगा जैसे यह भगवान महाप्रभु के जीवन में कर सकते हैं की किस तरह उनके जो यह संस्कार को परिशुद्ध किया था जिस तरह से दुष्ट लोगों को उन्होंने फिर से जो है अच्छी रह दिखाई थी ठाकुर के जीवन में है जो जैसे जगह मघई जैसे तो नहीं का सकते किंतु थोड़े बहुत जो विचित्र नेचर वाले द वो काली पदों घोष और यह गिरीश होश तो किस तरह से इन दोनों का दिमाग बहुत ही ज्यादा विचित्र टाइप का और गुस्सा वाला था और गिरीश के केस में तो हमने देखा भी सही पढ़ा भी सही था की ठाकुर को ही गला-गल दे दिया था गली दे दिया था उनको उनको बहुत ही बुरी तरह से उनको अपमानित किया था जब ठाकुर उनके थिएटर में गए द नाटक देखने के लिए बाद में ठाकुर खुद जब उसके घर गए गिरीश वहां पर देखा की बैठा हुआ था और जैसा रो रहा था किंतु उसने ठीक करके रखा था की मैं ठाकुर को क्षमा मांगने के लिए नहीं जाऊंगा देखता हूं वो किस तरह के परमहंस है किस तरह के अवतार है वो तो देखा की जब ठाकुर खुद उसके घर पे आए हैं तब उसकी आंखों खुल गई और उसने ठाकुर के पैरों में साष्टांग प्रणाम करते हुए कहा की यदि आप मुझे मनाने के लिए मेरे घर नहीं आते तो मैं नहीं मानता की आप कोई परमहंस एमएमएस सोच लेता जैसे ये बाकी लोग ठगने के लिए इस तरह से कोई सांग रचते हैं कोई इस तरह से बोलना शुरू कर देते हैं मैं बड़ा साधु हूं ये वो आप भी इस तरह से ठगी होंगे किंतु आप आए मेरे घर पे मेरी इतनी आपको अपमानित करने के बाद में भी यही बताता है की आप सही-सही वो ईश्वर के अवतार है adervise इतना अहंकार से निर्मल मुक्ति प्राप्त करना सामान्य आदमी के लिए संभव नहीं है है तो अच्छा यह तो ब्रह्मचारी के बारे में हम का रहे द की वह जिस तरह से हमारी यह जो ट्रेडीशन है की सन्यासी लोग जो है वह गांव-गांव घूमते हैं शहर घूमते हैं और उनके पवित्रता के परिणाम से जो है बहुत सारे लोग आध्यात्मिक शिक्षा भी प्राप्त करते हैं दुष्ट लोगों का हृदय परिवर्तन भी होता है तो इस तरह से वो ब्रह्मचारी महाराज वहां से निकले उत्साह पाया उनको डसने के लिए तो महाराज ने कहा की अरे दूसरों को क्यों दास रहे हो यह मैं तुमको मंत्र देता हूं मंत्र पाठ करो तुम्हारा मैन जो है शुद्ध निर्मल हो जाएगा ऐसा करके वो चले गए अब ये सात जो है मंत्र पाठ कर रहा है उससे उसका हृदय परिवर्तन हुआ उसने लोगों को दसना जो है बंद कर दिया यह देखकर के गांव वालों ने सोचा क्या अरे ये सांप जो है वो बड़ा ही वो क्या है कमजोर हो गया है चलो उसको बदला ले इतने लोगों को जो परेशान किया है अभी तक उन्होंने सांप को पकड़ा जोर-जोर से गोल-गोल घुमाया कुछ पकड़ के और एक साइड में फेंक दिया तो सब जो है अपने जो दर में अपने बिल में वापस चला गया आप भी बहुत साल बहुत दिनों के बाद ब्रह्मचारी महाराज वहां से वापस आए तो देखा की सांप जो है पूरा बेचारा वो कमजोर होकर के पड़ा हुआ था तो ब्रह्मचारी महाराज ने पूछा की क्यों भाई तुमको तो मैंने मंत्र दिया था तो तुम मंत्र पाठ करते हो उसमें इतना कमजोर क्यों हो गए हो कमजोर होने की तो कोई बात नहीं है मंत्र पाठ करते-करते तो इस बेचारे सांप ने कहा की लोगों ने मुझे इस तरह से मारा था और फिर मैंने उनको मैंने अपनी रक्षा नहीं करना उचित समझा क्योंकि मेरे मैन में मेरे मुख पे मेरी वाणी पे भगवान का पवित्र नाम है तो ब्रह्मचारी ने कहा की अरे मूर्ख तुम लोगों को दस्ते नहीं क्योंकि इस फोर्स तो करते हैं थोड़ा सा दर तो दिखाते जैसे की लोग तुमको आहट ना करें लोग तुमको मारे नहीं तुम्हारी क्षति ना पहुंचा तो यह कहानी जो ठाकुर की है इसके बाद से वो मतलब ठाकुर इस तरह की कहानियां कहते रहते हैं अभी इसी तरह की एक दूसरी कहानी भी ठाकुर कहते हैं की जंगल से जा रहे द पवित्र तो देखा सामने में शेयर ए गया तो एक मित्र कहता है चलो हम भगवान को प्रार्थना करते हैं भगवान आकर के हमको बचाएंगे दूसरा मित्र कहता है की अरे पगले भगवान को इसमें कष्ट देने की क्या जरूरत है चलो हम पेड़ पर चढ़ जाते हैं तो इसीलिए ये भी मतलब छोटी-छोटी चीजों में भगवान को कष्ट नहीं देना है अपना डिफरेंस अपने को कर लेना है वो दूसरी तरह ये जो भगवान शिव की कहानी की जैसे ही उसके भक्त ने पत्थर उठा लिया तो भगवान शिव वापस ए गए उसको बिना डिफरेंट किया इमेज इन कीजिए की यदि ये जो दो मित्र द वो वहां पर यदि भगवान शिव ने देख लिया होता की अरे मेरे जो शेर ए रहा है मेरे भक्तों को मरने के लिए चलो मैं जाकर के मारता हूं बचाता हूं भक्तों को मैं शेयर को भाग देता हूं किंतु जैसे ही देखेंगे की वो दूसरा एक मित्र है वह दूसरा भक्त है वह पेड़ पर चढ़ जा रहा है तो सोचेंगे अच्छा उसको चढ़ने को पेड़ पे मेरी क्या जरूरत है जल्दी वापस चले जाते और यहां पर शेर जल्दी नीचे जमीन पर ही बैठा रहता है वो लोग पेड़ पर बैठे हैं नहीं शेर वहां से जा रहा है नहीं ये लोग नीचे उतर का रहा है तो कितना विचित्र परिस्थिति खड़ा होता तो देखिए कांट्रडिक्शंस वगैरा है और ये सब डिस्कस करके चिंतन करके मुझे बड़ा आनंद होता है मुझे लगता है की ठाकुर ये सब जो है वो जानबूझ के खड़ा करते हैं हमारे मैन को ऐसा वो इकोनॉमिक्स क्या बोलेंगे एक-एक टकरा मरने के लिए एक थोड़ा सा शोक देने के लिए जिससे की हम लोग चिंतन करने की शुरुआत करें जैसे की हमारे मैन में प्रश्न खड़े होती ऐसा होने से क्या होता है ऐसा होने से क्या होता तो फिर उसका क्या उत्तर है वो जिसको अच्छा लगता है उसको लगता है तो फिर उसमें से हमको कॉमन सेंस निकल करके जो है अपना मार्ग तय करना है हमारी प्रकृति के अनुसार हमारी कॉमन सेंस के अनुसार अभी ठाकुर कहते हैं की ब्रह्मचारी ब्रह्मचारी ने जो उत्तर दिया सांप को की राम राम तू कैसा मूर्ख है अपनी रक्षा भी तो नहीं जानता मैंने तो तुझे काटने को ही माना किया था पर फुककर ने से तो तुझे कब्रों का था फुकर कर उनको भाई क्यों नहीं दिखाया तो एटलिस्ट दूसरों को भाई दिखाओ जो तो तुमको क्षति ना करें भले तुम उसको जाकर के फिजिकल ijaamat करो इस तरह दोस्तो के पास उपकार मारना चाहिए भाई दिखाना चाहिए जिससे की यह अनिष्ट ना कर बैठे पर उनमें विष्णु डालना चाहिए उनका अनिष्ट ना करना चाहिए अभी ठाकुर आगे कहते हैं की परमात्मा की सृष्टि में नाना प्रकार के जीव जंतु और पेड़ पौधे पशुओं में अच्छे भी हैं और बुरे भी उनमें भाग जैसा हिंसक प्राणी भी है और पेड़ों में अमरूद जैसे फल लगे हैं ऐसे पेड़ भी है और विश जैसे फल हो ऐसे पेड़ों पेड़ भी है इसी प्रकार मनुष्य में भी भले और बुरे साधु और साधु दोनों है उसमें संसारी छिपी है और भक्त भी देखिए पूरे संसार में यदि देखेंगे तो दोनों प्रकार के लोग हमको देखने को मिल जाएंगे जिससे पेड़ पे जो फल होता है कोई कोई फल होता है अमरूद की तरह स्वादिष्ट और बहुत सारे उसके औषधि गुण होते हैं और कोई-कोई फल दिखेगा जिसको खाने से ही जैसे हमारे शरीर में बीमारी या रोग उत्पन्न हो सकता है विषैला फल हो सकता है तो मनुष्य में भी ऐसा है कुछ तामसिक मनुष्य होते हैं कुछ राज्य से होते हैं तो जो इस तरह का मनुष्य है उसको उसे तरह से उसके साथ में व्यवहार करना चाहिए मूर्ख की तरह जो सत्य और अहिंसा जिसका की अब्सोल्युटली पालन करना है तो अच्छा अभी देखिए की जब ठाकुर ने ये जो कहानी कही है ना सांप की वहां पर उन्होंने एक बात यहां पे नहीं कही किंतु यह कहानी ठाकुर पूरे कथामृत में चार-पांच बार कहते हैं जो दूसरी बार जब ये कहानी कहते हैं तो उन्होंने बहुत ही इंपॉर्टेंट एक जिसको क्राइटेरिया जिसको कहते हैं ना उसके साथ में जोड़ा है की जो फोर्स मारना चाहिए फुककर करना चाहिए अपने को बचाने के लिए तामसिक लोगों से किंतु साथ-साथ में कहते हैं सन्यासी को इतना भी नहीं करना चाहिए सन्यासी को दर भी नहीं दिखाना चाहिए अर्थात सन्यासी को यदि कोई अनिष्ट करने को आए तो उसके भीतर में यह जो स्वयं भगवान विराजमान है ऐसा सोच करके उसको सहन करना है ऐसा ठाकुर कहते हैं एकदम क्लीयरली की सन्यासी को किसी को भाई भी नहीं दिखाना है अच्छा अभी इस बात को यदि हम नारायण वह जो हाथी वाली बात के साथ में यदि कंट्रास्ट करें यदि कंपेयर करें तो वो जो लड़का बच्चा बेचारा जो गुरुकुल में से पड़ता हुआ वो गांव में गया देखा की वो हाथी ए रहा है और बाकी सब ने कहा की आ अरे वो हथियार आए तो भाग जाओ यहां से तो वो बच्चा बेचारा भाग नहीं और नारायण स्तुति करने लगा तो देखिए की यदि ठाकुर कहते हैं की सन्यासी को अपना सेल्फ डिफेंस भी नहीं करना है तो ये बच्चा तो उसे समय ब्रह्मचर्य श्रम में था अर्थात सन्यासी जैसा ही का सकता है तो उसने वहां पर खड़े रहकर के जो नारायण की स्तुति की वह सही है की गलत है अभी हमको सोचना होगा क्योंकि ऑन वैन हैंड ठाकुर कहते हैं की अरे तो जो महावत भी तो नारायण है गांव वाले भी नारायण है एक और ये भी कहते हैं दूसरी और कहते हैं की सन्यासी को अपना सेल्फ डिफेंस भी नहीं करना चाहिए तो किस तरह से यह कांट्रडिक्शन है जब अपना कॉमन सेंस इसमें उसे कर रहा है मेरे लिए क्योंकि आपके लिए तो ऐसा नहीं कहा है मेरे लिए ऐसा कहा है की सन्यासी को सेल्फ डिफेंस भी नहीं करना चाहिए तो यदि मेरे सामने है ही ए जाए तो मैं क्या करूंगा वो मुझे अपनी कॉमन सेंस इस्तेमाल करके ऐसा हो भी गया था मैं आ रांची में था तो रांची में हमारा ट्राइबल डेवलपमेंट सेंटर है वो मोराबादी में तो वहां पे मैं बहुत साल वहां पे रहा था ट्राइबल डेवलपमेंट करने के लिए तो एक दिन रात को वहां पे हमारे फॉर्म हाउस से जंगल में एकदम इंटीरियर जंगल में 75 एकड़ के दो फॉर्म हैं वहां पे ट्रेन इस लड़कों को रख कर के ये जो खेती है पशुपालन है वगैरा सीखते हैं पूरा एक बहुत बड़ा इंस्टीट्यूशन है हमारा तो मैं वहां पर वालंटियर था तो एक दिन रात को क्या हुआ की हाथी ए गए 10-15 हाथी ए गए जंगल था ना पूरा तो मैं अपने रूम में एकदम मैं तो अपने रूम में ही था वैसे की जैसे पता चला हाथी वगैरा ए गए मैं अपने रूम की लाइट बंद करके वो खिड़की में से देख रहा हूं की वो लोग क्या कर रहा है तो बाजू में मेरे बा उसे उसे दिन रात को कोई नहीं था मतलब यह जो ट्रेन लड़के भी होते हैं वो वहां पे जनरली रहते हैं किंतु उसे समय वेकेशन था और लड़के लोग भी नहीं द हाथों से वहां का जो मैनेजर उसका फैमिली था दो चौकीदार द और मैं था तो चौकीदारों ने जैसे देखा हाथी ए रहा है तो वहां से भाग खड़े हुए हैं उन्होंने सोचा हाथी के अगेंस्ट में तो पूरा हाथियों का झुंड था 10-15 हाथियों का तो उसके अगेंस्ट में तो आप कुछ नहीं कर सकते तो वह बेचारे सीधे भाग गए अभी मैं वहां पे लाइट बंद करके लाइट चालू होगा तो हाथी को पता चलेगा की यहां पे कोई है लाइट बंद कर दिया खिड़की में से देख रहा हूं तो वो जो मैनेजर है वो जोर-जोर से चिल्ला रहा है की अरे महाराज आपके रूम के बाहर मत निकालिए हाथी ए रहा है मैंने कहा अरे पगले तुम चिल्लाते क्यों हो मेरे मैं क्या इतना कम कर लूं की हाथी आए और मैं सामने जाकर के देखूं की वो क्या कर रहा है वो मिन विले इन हाथियों ने क्या किया पूरे जो वहां पर जो हमारा फॉर्म था तमाम कर दिया पूरा दिए फिर वो जो हमारा किचन था वो सब चीजों को उठा-उठा करके फेंकना शुरू किया हमारा वह जो सोलर वाटर हीटर था तो उसकी जो यह थी वो टैंक पानी रखने की उसको उठा बहुत बड़ी और बहुत हैवी टैंक उसको सूट से तोड़ करके निकाला और जैसे फुटबॉल खेलते हैं ऐसा आपस में जोर-जोर से एक हाथी दूसरे हाथी की और फेंकता है दूसरा हाथी तीसरा हाथी और फेंकता है यहां तक की वहां पे ठाकुर का एक छोटा सा श्रवण था देखिए ठाकुर की किस तरह से लीला है एक छोटा सा श्रीं था वहां पे दरवाजे द तो दरवाजे तोड़ दिए और एक पैर भीतर में रखा मैं देख रहा था खिड़की में ऐसा एक पेड़ ठाकुर के साइन में रखा किंतु फिर वहां से वो वापस चले गए फिर वहां से वो वापस से उसे समय सबको लग रहा था मुझे भी और वो हमारे मैनेजर को भी आज राजदीप जिंदा बच जाए तो बहुत बड़ी बात है ठाकुर की बहुत बड़ी कृपा होगी जिस तरह से उन्होंने तबाही मचाना शुरू किया था पहले वो किचन तोड़ दिया फिर क्लासरूम थोड़े फिर वो मंदिर तोड़ करके हमारे रूम के सामने आने वाले द हिंदू मंदिर में पैर रखकर के ही वापस चले गए तो ठाकुर की कृपा से हम बच गए मुझे भी पता है की वो सेल्फ डिफेंस तो इतनी थोड़ा बहुत तो करना ही चाहिए इस अर्थ में की पागल हाथी सामने आए तो वहां से दूर निकल जाना चाहिए ओम शांति शांति