Swami Vivekananda
फाइंड सम सॉर्ट ऑफ वैलिडेशन फ्रॉम डी आ ऑलवेज वांट तू फाइंड सम वैलिडेशन फ्रॉम देवर रिलेटिव्स फ्रॉम डी नेबर्स फ्रॉम देवर सिर्फ फैमिली मेंबर्स एट सत्र और वही दस पीपल वांट तू डू डेट वही दस पीपल वांट तू फाइंड दिस सम सॉर्ट ऑफ वैलिडेशन बिकॉज़ आईटी इस ह्यूमन नेचर वे हैव डिसकस्ड यस्टरडे डेट हो देवर आर तू टाइप्स ऑफ सन स्टार देवर इस एन संसार ऑफ विद्या और देवर इसे एन सेंसर ऑफ विद्या श्री राम कृष्णा यूज्ड तू से दिस रिपीटेडली इन कथामृत विद्यार्थी अनुसार आर अवधारणा डी संचार ऑफ विद्या दत इसे संसार बेस्ट ऑन डी गॉड होलीनेस और प्योरिटी और एन संसार मेंस सबको मिली लाइफ सो कम्युनिटी लाइफ डेट इस बेस्ड ऑन होलीनेस इन प्योरिटी डेट इस वन टाइप ऑफ कम्युनिटी लाइफ और देवर इसे अंदर टाइप ऑफ कम्युनिटी लाइफ डेट इसे बेस्ट ऑन सम सॉर्ट ऑफ आ से डेट सम सॉर्ट ऑफ सेंशुअल प्लेजर फर्स्ट सेंट्रल डिजायर डिजायर तू इंक्रीस डी नाम इन फेम इन डी सोसाइटी इंक्रीज डर ऑन मोर और मोर मनी तू अर्न मोर और मोर थिंग्स विच वे कॉल्ड थिंग्स ऑफ भोग दत मटेरियल थिंग्स सो देवर इस एन संसार मेड ऑफ अविद्या संसार मेड ऑफ मटेरियल थिंग्स आईटी इस ऑलवेज वांट तू मैक्सिमाइज अवर एडवांटेज वे आर ऑलवेज ट्रिंग तू जोसेफ आदर्श आउट ऑफ अवर वे और वे ऑलवेज ट्राई तू पोजीशन ओवर सेल्स आईटी तू इन ऑर्डर तू गण मोर ग्रेटर और ग्रेटर प्रॉमिनेंस सो डेट इस वन पार्ट एन कम्युनिटी बेस्ड अपन एन मटेरियल थिंग्स और डेट इस अंदर डी विद्यार्थी इस डी कम्युनिटी बेस्ड ऑन सेट डेट आई हार्ट इस सो फूल ऑफ कंपैशन और डी डिवोशन टुवर्ड्स डी गॉड देवर आर तू टाइप्स ऑफ इमोशंस इन मी हार्ट वास डी वन इस मी इमोशन टुवर्ड्स मी फेलो ह्यूमन बीइंग्स डेट इसे डी कंपैशन और डी अंदर कंसीडर मी ऑन इस्ट देवता मी ऑन गॉड डेट इस डी इमोशन ऑफ डी डिवोशन डेट इमोशन ऑफ रिनोसिएशन डेट इमोशन ऑफ पूरे लव सो वन मी हार्ट इस फूल ऑफ दिस पॉजिटिव इमोशंस डी संसार डी कम्युनिटी आई बिल गेट हर अराउंड मी डेट बिल बी कम्युनिटी ऑफ विद्या रिसेंटली आई हैव बिन रीडिंग ए वेरी नाइस बुक आईटी इस तिथि स्मृति रिटन बाय स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज दिस इस डी स्टोरी ऑफ वेरी अर्ली डेज ऑफ रामकृष्ण मठ यू नो डेट व्हेन डायरेक्ट डिसाइड स्टार्ट कमिंग तू श्री राम कृष्णा डेट वज वन ग्रेट इवेंट इन डी हिस्ट्री ऑफ रिसेंट रिसेंट हिस्ट्री ऑफ में किड ऑफ ग्रुप ऑफ हाली टैलेंटेड कॉलेज एजुकेटेड यंग बॉयज ओवर वेरी स्क्रू यू हेड वेरी स्ट्रांग बिल पावर दे स्टार्टड कमिंग तू श्री राम कृष्णा थे उन एगो ऑफर्स ऑन बिल पावर सैक्रिफिस डी स्ट्रांग बिल पावर इन डी फील्ड आईटी डी होली फिट और श्री रामकृष्ण डैक्स स्टोरी इस वेरी वेल नॉन देवर स्टोरी इस वेरी वेल रिटर्न इन में ऑफ ओवर ग्रेट बुक्स लाइक ए युग नायर लीला प्रसंग और अंदर बुक इस आईटी भक्ति मलिक बाई स्वामी गंभीर नानजी महाराज और इट्स इंग्लिश ट्रांसलेशन इस डी दे लाइव विथ गॉड और इट्स नोट इंग्लिश ट्रांसलेशन आईटी इस इंडिपेंडेंस तू क बाय स्वामी चेतनानंद जी महाराज डेट तू बुक्स हज रिटर्न दे लीव आईटी गॉड और गॉड लाइव विद डेम डी डेट इसे डी स्टोरी ऑफ हो दिस यंग बॉयज कैंप तू श्री राम कृष्णा और हो दे फाउंड इन हम तेल आ से आ देवर मार्गदर्शक डी समवन हूं गाइड डी से ऑन दिस आंसर ऑन डी फास्ट ऑप्शन रामकृष्ण ओल्डर तू जॉइन था वास स्वामी वर्जिनल जी महाराज स्वामी शुद्धनंद जी महाराज स्वामी माधवानंद जी महाराज जो दिस ग्रेट नाम वे नो टुडे और रिव्यू प्रेसिडेंट ऑफ अवर ओल्डर सिस पर एग्जांपल वे सुधानंद जी महाराज शंकारानंद जी असंग नेम्स लाइक स्वामी दयानंद जी महाराज और में ऑफ दिस बॉयज यूज्ड तू कम तू मदर होली मदर इन एन जय राम भारती सो डेट इस डी स्टोरी ऑफ डी सेकंड जेनरेशन मेंस दिस स्टोरी कीपिंग स्वामी विवेकानंद जी महाराज इन डी सेंटर आईटी इस वेरी वेल रिटर्न इन दिस एयर स्मृति सो अतीत स्मृति दिस बुक इन इंग्लिश ट्रांसलेशन इस डी स्टोरी ऑफ सो इन दिस बुक आईटी इस रिटर्न डेट हो दिस ग्रुप ऑफ बॉयज ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स हूं यूज्ड तू मीत रेगुलर और डी लीडर हम आई थिंक मोस्ट प्रोबेबली स्वामी शुद्धनंद जी महाराज लेटर ऑन वन ऑफ डेम वैसे लीडर और एवरीवन यूज्ड तू गेदर आईटी हज होम और दे वुड टॉक अबाउट दिस क एन एवरीथिंग अबाउट गॉड और गॉड रियलिसेशन और रिनोसिएशन इन दिस ट्रेडिशनल वे ऑफ साधना और हो दिस योजीज और साधकास और साधुज यूज्ड तू लीव इन असिएंट इंडिया एवरीथिंग दे उसे तू डिस्कस और यू नो जस्ट एन फु डेज एगो आई अलसो टोल्ड दिस स्टोरी फ्रॉम दिस होती डेट वन दे अगेन और बिरजानंद जी महाराज हज में वो काली कृष्णा सो दे डिसाइड डेट दे बिल लीव देवर होम को तू सम प्लेस लाइक वाराणसी संवारे और लिवर लाइफ ऑफ प्रोग्रेस तपस्या इन डी लाइन ऑफ दिस और ट्रेडिशनल मेंस दे डेट और नो अबाउट एनीथिंग अबाउट रामकृष्ण मिशन और डी आईटी ऑलमोस्ट अराउंड मिड नाइट देवर अबाउट तू लीव सुद्दनली ठेठ नी ही नॉक्ड और नो दे हेवन टोल्ड अन्योन नीदर ऑफ डी पेरेंट्स न्यू नॉन ऑफ डी फ्रेंड्स न्यू और सुद्दनली थीं नी इस डी स्टैंडिंग बिफोर डेट डोर और हज सिस डेट आई एम डूइंग साधना ही वज एन गुड और दिस नी से सेट आई वॉश मेडिटेटिंग और सुद्दनली आईडर फैशन डेट यू तू बॉयज आर रनिंग आवे इन ऑर्डर तू विकम ए मार्क बट डोंट डू थे बिकॉज़ आई हैव सीन इन मी विजन डेट आईएफ यू रन आवे नो यू बिल सफर ग्रेटली लेटर ऑन सम डिजास्टर बिल बी फेल यू अन्य डी व्हेन दिस काली कृष्णा महाराज और अदर बाय लर्नटी अबाउट दिस टॉप गोइंग यूज्ड तू रिस्पेक्ट दिस परसों हूं वास एन गुड दी मोती लेटर ऑन कालीफेस्टर महाराजा और एवरीथिंग बॉयज इन डी ग्रुप डी कम इन कांटेक्ट विद फर्स्ट ऑफ जो रामचंद्र डेट इन दिस गार्डन और दें विथ मास्टर महाशय और वे नो डेट छे लेदर मास्टर एस दे यूज्ड बिल्कुल ही मास्टर मार्शल श्री मैं महेंद्र नाथ गुप्ता सो मास्टर महाशय यूज्ड तू को स्टार्ट गोइंग डेप्ट व्हेन दे यूज्ड तू फर्स्ट को तू रामचंद्र दत्त इन कपूरथा क्षेत्र सो रामचंद्र ऑलवेज बिल से डेट ही बिल ऑलवेज टॉक अबाउट हिमसेल्फ बट हो ठाकुर तो धी तू मी हो तू टोल्ड दिस तू मी हो आई अरेंज जो दिस फेस्टिवल्स इन ऑर्डर तू एंटरटेन ठाकुर इन ऑर्डर तू बिंग ठाकुर तू कोलकाता हो आई हो आई ऑर्गेनाइज थिस ग्रेट उत्साह दिस ग्रेट फेस्टिवल्स और हो एवरीथिंग इस ऑलवेज मी मी इन रामचंद्र डेट स्टोरी बट व्हेन दे को तू दक्षिण विच कालीकृष्ण महाराज हिमसेल्फ स्टूडेंट ही इस सो डेट हर हज मास्टर महाशय और हज सच एन कम क्यूट इन साइलेंट परसों ही हेड ग्रेट बियर सो पीसफुल और साइलेंट मेरी सचिन गौरव पीसफुलनेस और होलीनेस अराउंड ब्लेसेडनेस इन दिस बाय विकम सो अट्रैक्टेड टुवर्ड्स मास्टर महाशय डेट ही स्टार्टड फॉलोइंग हम इन डी स्टार्टड सीन दत मास्टर महाशय बिल नोट टेक है फूड इन दिस स्टाफ एरिया इन डी स्टाफ कैंटीन वेयर जो अदर टीचर बिल गदर और टॉक अबाउट जो डी वर्ल्ड थिंग्स और जो डी क्रश थिंग्स डेट अलसो डेट मास्टर महाशय वुड टेक है लंच बॉक्स और पर स्टोरी इन डी टेररिस्ट और ही बिल सीट देवर साइलेंटली अलोन और ही बिल आईटी इस लंच और एवरी वंस इन विले यू बिल बिंग आउट सम जर्नलिज्म नोटबुक आउट ऑफ हज और ही बिल वेरी अटैंटिवली रीडिंग सो दिस बाय विकम वेरी अट्रैक्टेड तू योर ग्रेट रिस्पेक्ट सो ही स्टार्टड विजिटिंग हम रेगुलरली और वन दे महाशय मास्टर टीचर व्हाट इस योर हेडिंग सो मैच सो मैच सिर्फ स्टोरी और डिस्कशन और कन्वरसेशंस ऑफ श्री रामकृष्ण परमहंस ऑफ दक्षिणेश्वर वेयर आयुष तू विजिट रेगुलरली और ही यूज्ड तू तेल मी जो दिस ग्रेट थैंक्स नो दिस बॉयज सिस डेट वे अलसो विजिट रामचंद्र दत्ता इन काकुर्गाची और अकॉर्डिंग तू रामचंद्र ही इस डी ग्रेटेस्ट डिसीपोल्यूशन रामकृष्ण और सही नो एवरीथिंग अबाउट श्री राम कृष्णा आईटी इस ऑलवेज वुड रामचंद्र डेट दास विद श्री राम कृष्णा रदर दें व्हाट श्री राम कृष्णा टीजर्स बट व्हाट यू आर टेलिंग यू आर नो वेयर तू बी सीन रामकृष्ण स्टोरी इन श्री रामकृष्ण हेल्थ टेक योर टेलिंग मी व्हाट यू वही दिस डिफरेंस दें कस्टमर इस सी आईएफ यू वांट तू अंडरस्टैंड श्री राम कृष्णा दें न ऑफ फर्स्ट हाउस होल्डर डिसाइड बस नेत्र मास्टर उसे नोट दी रामचंद्र डेट ऑफ कपूर आईटी इस डी डेट इसे रिनाउंस 18 यंग बॉयज हूं आर लिविंग इन डेट ओल्ड हाउस ओल्ड दिल्ली बिलेटेड हाउस इन दिस नगर मठ देवर डी ट्रू परसंस हो बिल तेल
स्वामी विवेकानन्द
यू एवरीथिंग राइट सन्यास लेकर के और उनका जो पूरा ग्रुप था यंग लड़कों का जिसमें ये माधवानंद जी महाराज जिसमें शुद्ध आनंद जी महाराज थे प्रकाशन जी महाराज थे विमला ना जी महाराज थे इतने सब ग्रेट नेम्स इन ओवर ऑर्डर अर्ली जनरस ऑन डी सेकंड जेनरेशन मास वो इस ग्रुप में सब लोग इकट्ठा थे और रेगुलरली और रामचंद्र डेट के पास जय करते थे कहानी से उनको पता चला और रामचंद्र डेट क्या करता था वह काकुर्गाची उसने बनाया था ठाकुर की महासमाधि के बाद में वहां पे वो ठाकुर की अस्थि रखें थे और बीच-बीच में उत्सव करता था न्यूज़पेपर में वह बड़े-बड़े अक्षरों से वो एडवर्टाइज देता था की मैं श्री रामकृष्ण परमहंस के नाम पे यह उत्सव होगा वो होगा नगर कीर्तन होगा क्या-क्या नहीं होगा वो फिर बड़े-बड़े अक्षरों से वो वहां पर एडवर्टाइज देता था वो बिल बोर्ड आजकल बोलते हैं ना जिसको वहां पे वो दीवार पे लिख देते थे जाकर के न्यूज़पेपर में एडवर्टाइज देता था तो यह लड़कों को लगा की चलो उनके पास जाते हैं बात करते हैं रामचंद्र डेट के पास गए रामचंद्र बातें अच्छी करते हैं ठाकुर के बड़े में बोलते हैं सब समय बोलते हैं किंतु सब समय उनके हैं की मैंने ठाकुर के साथ में क्या किया मैंने ठाकुर को क्या बताया फिर ठाकुर ने मुझे क्या बताया उनकी बात सुनकर के आपको ऐसा ही लगेगा की ठाकुर के पास में रामचंद्र ही जाते थे और कोई नहीं जाता था और ठाकुर उन्हें के साथ बात कर रहे हैं और कोई है ही नहीं जैसे वो अपने को ही इतना बड़ा चड्ढा के बोल देते थे की मैं ही श्री रामकृष्ण परमहंस का सर्वश्रेष्ठ शिष्य हूं मैं ही उनका वो जो आध्यात्मिक विरस्तर हो में ही हूं जो की उनको ठीक ठीक से समझाऊं और फिर उन्होंने किताब भी लिखा ठाकुर के बड़े में और फिर वो अपना ही प्रचार ऐसा करना शुरू कर दिए की इन लड़कों को लगे लगा की हां वो सही जगह पे आए हैं जल्दी ठाकुर को कोई ठीक-ठीक समझा है तो रामचंद्र ही समझे हैं और कोई वहां पर जाता भी नहीं होगा शायद क्या पता किंतु कुछ दोनों के बाद में इन लोगों के ग्रुप का एक लड़का था उसने देखा की ये जो मास्टर महाशय है उनकी टीचर स्कूल के टीचर वो क्या करते हैं वो बाकी जो स्टाफ है वहां पर बैठे हुए हैं है वह लंच ओवर लंच ब्रेक जो होता है तो सब यह टीचर लोग इकट्ठा होकर स्टाफ रूम में वह जो करते हैं हंसी मजाक करते हैं दुनिया भर की बेटों की बातें करते हैं तो ऐसा नहीं करके चुपचाप अपना लंच बॉक्स लेकर के छठ पे चले जाते हैं और वहां पे अकेले बैठकर के वो जो किताब एक नोटबुक निकलते हैं और नोटबुक बैठे-बैठे पढ़ने रहते हैं तो अभी ये वो लड़के को लगा की क्या है इस नोटबुक में और क्यों वो अकेले-अकेले रहते हैं और फिर मास्टर महाशय का वह जो एक आध्यात्मिक हो रहा था उनके आसपास का उनका वो जो प्रशांत महासागर की तरह एक शांत व्यक्तित्व था उनकी ये जो आध्यात्मिक शक्ति जो चेहरे पे झलक करके आई है ना वो रामचंद्र डेट को तो न्यूज़पेपर में वह एड देनी पड़ती थी मास्टर महाशय को यह सब एड देने की कोई जरूर नहीं थी उनकी जो आध्यात्मिक सिद्धि है उनके चेहरे पे ही झलक की आई थी तो यह लड़का फिर सब समय उनके पीछे घूमेगी फिर एक दिन साहस करके पूछ लिया की टीचर आप इसमें क्या पढ़ने हैं है इसमें है क्या तब वो उन्होंने कहा की देखिए ये जो मैं ठाकुर के पास जाता था तो प्रतिदिन की मैंने नुंड राखी है उसे समय मास्टर महाशय कथामृत लिख रहे थे शुरू ही किया था तो अभी वो पब्लिशिंग ही हुआ था शायद तो उन्होंने ऐसा जैसे कहा इसको बड़ा ही इंटरेस्ट हुआ की मैं भी पढ़ूं मैं भी ठाकुर की बातें सोनू तो जब उसने मास्टर महाशय से ठाकुर की बातें पढ़ना सुना शुरू किया उसको एक नए ही ठाकुर दिखे है वहां पे मास्टर महाशय यही नहीं वहां सिर्फ ठाकुर ही है और ठाकुर के पास में कितने डिसएबल बैठे हैं और सबको अपनी प्रकृति के अनुसार विभिन्न विभिन्न बैठक का रहे हैं कोई लड़का बैठा है यंग लड़का है उसका बिल पावर स्ट्रांग है उसके संस्कार अच्छे हैं उसके चेहरे पे पवित्रता झलक रही है तो ठाकुर उसको त्याग का उपदेश देंगे कोई जैसे यह मारवाड़ी भक्ति आते हैं तो ठाकुर के प्रति क्या है की असद रास्ते से वह जो पैसा कमाते हैं तो उनके साथ में ठाकुर फिर वो जो सत्य रक्षा कैसे करनी चाहिए किस तरह से ये जो एथिक्स और मोरालिटी है उसका जीवन में क्या इंर्पोटेंस है वो बातें करेंगे फिर ये जो अन्य जो सब गृहस्थ शिष्य आते हैं तो उनके साथ में वो कीर्तन भजन दान करेंगे हंसी मजाक करेंगे वो ठाकुर की कितने विभिन्न विभिन्न रूप है वो रामचंद्र डेट के सामने उनकी बात सुनेंगे तो ठाकुर का एक ही रूप है जो की वो रामचंद्र को दिखाई थे मास्टर महाशय जब बातें करते हैं तो ठाकुर के कितने विभिन्न रूप दिखते हैं और सभी रूप जो है ठाकुर के एक एक चित्र विभिन्न तरह के डिसएबल है सभी के लिए जैसे टेलर मेड वह एक रूप का बनाया गया है फिर मास्टर मास्टर कहते हैं की देखो हम लोग तो हाउसहोल्डर है हम लोग तो संसारी है हम लोग चाहे ठाकुर के बड़े में कितनी ही बातें करते हैं किंतु ठाकुर को सही सही समझना वाले ठाकुर का उपदेश अपने जीवन में वह एम्प्ले अप्लाई करने वाले प्रैक्टिकल करने वाले प्रैक्टिकल केवल जीवन में उसको अप्लाई करने वाले जो कोई होगा तो उनके त्यागी संतान है जो की वराह नगर में एक खंडहर जैसा घर है वहां पर राहत है तो जैसे ही ये बात सनी तो ये जो बाद में स्वामी शुद्धनंद जी हुए फिर ये मेरे चैनल जी महाराज काली कृष्णा फिर 103-4 लड़के वहां पे एक दिन चले गए कहां पर नगर मठ में तो पहले तो अगरबत में जाएंगे तो ये पहले लड़के थे जो की डायरेक्ट भी सैंपल जो ठाकुर के पास आए ये जो गंगाधर मारा जो लथु मारा यह राजा महाराजा ये बुढो गोपाल एड्वेतानंद जी महाराज शशि महाराज शरद महाराज स्वामी जी विज्ञान आनंद जी महाराज यह लोग जो ठाकुर के पास आए उसके बाद में ये पहले लड़के थे जो की ठाकुर के पास आए थे किंतु भाई था टाइम ठाकुर का देहांत हो चुका था तो यह सेकंड बैच ऑफ मॉनेस्टिक जो ये लाइन कहते हैं सेकंड बैच ऑफ यह जो वांगर्ड्स ऑफ मॉनेस्टिक डिसीप्लस ये पहले बार वह नगर मठ में आए और आपके देखा बाहर से खंडहर जैसा मकान है वहां पे वो तो सब कुछ वो फुट चुका है वहां पर जो है की वो क्या है की वो नीचे का जो ग्राउंड फ्लोर जो है ना पूरा ग्राउंड फ्लोर पे वो जो ये ये जो है की कोई बिल्ली र रही है या तो खुशहाल र रहा है या तो ऐसा कुछ र रहा है और वो जो है सब इतना कुछ तो यह इस तरह अगर मठ दिखाओ उन्होंने तो फिर उनको आश्चर्य हुआ की इस तरह की जगह पे कौन राहत होगा हमको एक अंदाज आता है जिन लोगों ने भारतीय जो साधुओं के बड़े में जो पड़ा होगा ये पौराणिक कथा यह शायद सनी होगी की दाढ़ी जाता वाले साधु जो है वो गंज पीते हैं चरण पीते हैं पता नहीं किस तरह का अनाचार दुराचार करते होंगे उनको एकदम जंगली असभ्य कहे जाते होंगे ऐसे लोग जो है साधु जो हमको कभी कभी देखते हैं हालांकि साधु की जो असत्यता भी है वह कभी-कभी आवरण राहत है उसके भीतर में एक विशाल आध्यात्मिकता का महासागर होता है हमको पता नहीं चला ऐसा एक आदमी के वो दक्षिणेश्वर आया था इस जंगली विचित्र वेशभूषा वाला फतेहाहल कपड़े बड़े-बड़े बाल और इतना गंदा की पूरा शरीर उसका धूल से जमा हुआ और फिर जब उसको खाने को दिया गया तो वो उसने वो काली मंदिर में जहां पर सब साधुओं को बिठाकर के खाना खिलाने हैं वो नहीं खाएगा वो जहां पर वो खाना जो जो बच्चा हुआ खाना जब साधु लोग का करके फेक देते हैं वहां पर जाकर के कुत्ते जब उसको खाता हैं वहां पर जाकर बैठ गया और वो कुत्ते ने तो बड़े डरावने होते हैं बड़े गुस्से वाले होते हैं तो इस कुत्ते का कान पड़कर के इस इस आदमी ने उसको कान में कहा की अरे भाई तुम जो हो मैं भी वही हूं चलो हम साथ में बैठ के खाता है वो कुत्ते ना कुछ बोला नहीं वहां पे वो जो फेंका हुआ खाना है बच्चा हुआ उसमें से वो खाने लगा तो ये देख करके ठाकुर बड़े टेंशन है की अरे मेरे साथ में भी ऐसा होगा क्या फिर ठाकुर ने जा करके उसके साथ में बात करने का पर्यटन किया तो ऐसी वो ब्रह्म ज्ञान की बात कर रहा है की जैसे वो ठाकुर भी एकदम क्या है इसके फाइटर में ये है और फिर वो जाकर के काली मंदिर में स्तोत्र पाठ करने लगा तो ऐसा स्तोत्र पाठ करता है उसका वो जो तेज है आवाज का पूरा काली मंदिर दुर्ग गया मतलब काली मंदिर जो है पूरा हिल गया इतना उसके भीतर ब्रह्मा ज्ञान का तेज और फिर वो दूसरे ही दिन वहां से जान लगा तो पीछे-पीछे हृदय गया ठाकुर ने बोला ठाकुर का सेवक था ना उसे समय तो ठाकुर ने हृदय को बोला जो इसको पीछा करो पीछे जो इसके पीछे देखो क्या करता है कहां जाता है वह ठाकुर यहां पे टेंशन में है की मुझे भी ब्रह्मा ज्ञान हुआ है तो मेरे भी क्या इसकी तरह जड़ पागल जैसी अवस्था हो जाएगी जड़ भारत जैसे तो हृदय उसे आदमी के पीछे पीछे गया वो महापुरुष ब्रह्मज्ञानी उसके पीछे पीछे तो थोड़े डर जान के बाद में हृदय ने पूछा की सिगरेट क्या है तो उसने कहा की देखो ये जो तुलसी पत्ता है और सजना पत्ता है सजना पत्ता अर्थ मुझे पता नहीं है अभी क्या है उसका अर्थ वो मैंने कुर्सी पत्ता बड़ा पवित्र होता है सजना पत्ता होता है की वो इतना पवित्र नहीं होगा बोलना है दोनों एक जैसे दिखने लगे तब मानना की तुमको ब्रह्म ज्ञान हो गया है फिर कहता है गंगा का पानी है ये जो है की ये गंदा पानी है वो किसी जगह पे पड़ा हुआ है तो ये गंगा का पानी और ये गंदा पानी ये दोनों तुमको एक जैसे लगे लगे तब तुम मानना की तुमको ब्रह्म ज्ञान हो गया है अर्थात हमारे जो लाइफ से उसे लाइक से हमारी यह जो वासनाएं है इस की वासनाओं की वजह से तो हमको जीवन में सब अच्छी-अच्छी चीज चाहिए पवित्र चीज चाहिए ये जैसे तमस हमारे पर में झांझीर है तो सत्व भी तो हमारे पर में जंजीर है सत्व राजस तमस तीनों के पर जब जाएंगे तब सही ब्रह्मज्ञान होगा जब उसने कहा तो हृदय समझ गया उसने तो ठाकुर की बातें इतने दिन से सनी हुई है तो वो समझ गया की वो सही सही वो मतलब ये साधु है सही-सही उसको जो है की ब्रह्मज्ञान हुआ है जब उसने ये बात सनी उससे उसके बाद में और फिर जान लगा उसके पीछे तब उसने क्या किया वो जो साधु था एक पत्थर लिया और जोर-जोर से वो पत्थर करने लगा इसको हृदय को जैसे की हृदय उसका पीछा ना करें क्योंकि उसको सब देवोटी वगैरा डिसएबल नहीं बना राहत है तो रेड को भाग दिया और वो भी वहां से चला गया समारा थे शरद महाराष्ट्र आई थिंक लाटू महाराज पित्त है योगेश महाराष्ट्र शायद किंतु जब उनका दर्शन हुआ पहले बार कहां वो मठ और कहां ये सन्यासी मतलब जैसे की बाहर से ग रहा है की आप कहां पर जैसे ब्लू बट में आप जाएंगे ना बेलूर मठ में आसपास की जगह देखेंगे वो नदी नाली नाला गटर कीचड़ कितना गंदा है बेलूर मठ के बाहर का जैसे ही विनम्र में प्रवेश करेंगे प्रशांत विशाल जमीन इतना सुंदर रूप से सजय हुआ वो इतना बड़ा भाव मंदिर और लोगों का जो व्यवहार देखेंगे बाहर का और भीतर का जैसे लगेगा आप नरक में से स्वर्ग में ए गए हैं तो इससे ही कहा वो बाहर का यह मठ और जैसे ही एक लड़कों का दर्शन हुआ ठाकुर के अरे आप रे उनके चेहरे पे जो ब्रह्मा ज्ञान की आप तेज तपस्या का शक्ति और चेहरे हो हमारे बड़े में कैसे पता चला तुम क्या कर रहे हो क्या पढ़ रहे हो और यह सब कोई मूर्ख लोग नहीं है शशि महाराज ने तो सीधा पूछना शुरू कर दिया मैथमेटिक्स पढ़ने हो अच्छा बताओ इसका क्या सॉल्यूशन उसका क्या सॉल्यूशन वो लड़के बेचारे टेंशन में ए गया स्कूल में पढ़ना हूं कॉलेज में मैथमेटिक्स सीखना हूं किंतु मुझे मैथमेटिक्स कुछ नहीं समझ में आता आप इतने क्वेश्चन करेंगे तो मैं कहां जाऊंगा तो शशि महाराज बोलते हैं मैं तुमको कोई मूर्ख नहीं है वो कॉलेज के लड़कों को टीचर जो है टीचर से भी अच्छा मैथमेटिक्स इन लोगों को पता है तो देखिए किस तरह का इंप्रेशन इस लड़कों पर पड़ता है और फिर यह जो पूरा ग्रुप था वह लोग धीरे-धीरे करके वर नगर मठ में डेली आना शुरू कर दिया काली कृष्णा और स्टोर है पी गए और कुछ दोनों में आकर के परमानेंटली जॉइन कर दिया किंतु काली कृष्णा महाराज बात में कहते हैं ये जो अतीत है उसे बुद्धि जो किताब है ना वहां पे वो कहते हैं की जो हम जब रामचंद्र डेट के पास जाते थे हमको ऐसा ही लगता था की जैसे रामचंद्र डेट की ठाकुर को समझाया है किंतु उसके बाद में मास्टर महाशय के पास हुए तो पता चला ठाकुर के कितने रूप हैं किंतु जब फ्री डायरेक्ट डिसएबल के पास आए तब तो ठाकुर एक अलग ही तरह से दिखने लगे क्योंकि डायरेक्ट भी सैंपल का हम जो है एक जो है बिल्कुल शून्य है उनके हृदय में ठाकुर स्वयं वास कर रहे हैं जो महापुरुष महाराज को देखना शशि महाराज को देखना निरंजन महाराज को देखना अर्थात ठाकुर को ही देखना हो गया फिर और कोई व्यवधान नहीं रहा है तो जैसे देखिए अपने हृदय में से मैं जाकर के ईश्वर जब ए है तो सामने के ऊपर में क्या फर्क पड़ता है सामने के जो उनको मिलने के लिए आता है नीचे की समझ जाता है की इस आदमी का वर्थ क्या है उसकी औकात क्या है इसके बाद में काली कृष्णा महाराज कहते हैं की हमने धीरे-धीरे करके काकुर्गाची में जाना बैंड कर दिया और फिर रामचंद्र डेट को बड़ा ना लगे इसलिए दो-तीन महीने में एक बार जाते थे फिर ऐसा ना सोच ले की मुझे छोड़ कर के भारत नगर में चले गए पता है ना यह बात हमने पहले भी कहीं है की जब स्वामी जी ने वराह नगर मठ की स्थापना की थी उसे समय ये जो तीन-चार देवोटिक है तो वो लोग बड़ा हंसी मजाक किया करते थे कटाक्ष किया करते थे की अभी ये लड़के जो है अपने गृहस्थ आश्रम का त्याग करके साधु हुए हैं अभी क्या करेंगे वहां जैसे वो शीतल मां का मंदिर बनाकर के लोगों को भ्रमित करके रुपया पड़ा था ना और लूटने हैं ना उनको की मैं ये विधि कर दूंगा ये बीमारी दूर कर दूंगा आपको ये फायदा हो जाएगा मुझे इतना रुपया दे दो मैं ये भी ऐसा कोई शीतल मां बिठाते हैं वो ऐसा ही ठाकुर को बिठाएंगे विधिवत वगैरा करेंगे लोगों के कष्ट करने की बात करेंगे रुपया पढ़ाएंगे रुपया लूटेंगे हम सच ऐसी बातें यह लोग किया करते थे किंतु बाद में पता चला की ये जो हिंदुओं की त्याग तपस्या की शक्ति कितनी है बाद में यही रामचंद्र डेट स्वामी जी जब अमेरिका से लौटे तो रामचंद्र डेट जो है मृत्यु सैया पे पड़े हुए थे खड़े होने की भी शक्ति नहीं थी जैसे वो आखिरी समय जैसा होता है तो अभी स्वामी जी का तो एक कट सी बंता है की जाकर के उनसे मिले जो भी है कितना भी मतभेद हो ठाकुर के पास में साथ साथ जाते थे ठाकुर के आशीर्वाद सब के ऊपर है और स्वामी जी का तो इतना बड़ा उदार हृदय था अमेरिका से जब स्वामी जी है तो राजा महाराजा लोग तैयार खड़े थे की उनके रथ को घोड़ा हटा करके रथ की रस्सी खुद लेकर के रथ को चलने वाले पूरे देश विदेश इतने डिसएबल ड्यूटी उसके सामने रामचंद्र का कोई नामोनिशान नहीं एक समय था की मठ के बड़े में लोग बोलते थे मिशन में ए गया तब उसका नाम है बाकी अदर वाइस और कुछ नहीं तो यही स्वामी थी एक समय उसका उनकी बहुत यंग थे उनका कोई महत्व नहीं था आज विश्व विजय स्वामी विवेकानंद एक आउट ऑफ है ग्रेटनेस ऑफ है हार्ट रामचंद्र डेट को मिलने जाते हैं तो वो मृत्यु शरिया पे है और खड़े भी ठीक से नहीं हो रहा है अभी बात कर रहे हैं स्वामी जी कुर्सी पर बैठे हैं और वो सोए हुए हैं बेड के ऊपर में अभी सडनली उनको बाथरूम जान की आवश्यकता पड़े तो रामचंद्र डेट बड़ा ही कष्ट से खड़े हुए हैं बैठे बिस्तर पे अभी वो जूता खोज रहे हैं अपना जूता पहनेगी बाद में तो बाथरूम जाएंगे तो जूते जो है उनके वो बिस्तर के नीचे थोड़े से चले गए हैं तो खोज नहीं पर अभी इतने वृत्त हो गए इतने वो वीक हो गए की क्या करें वो झुक भी नहीं पाते हैं तो बड़े परेशान जैसे दिखने लगे की अरे जूता कहां गया उसे समय स्वामी जी ने कुर्सी से खड़े होकर के झुक करके वो जो जूते थे वो बिस्तर के और जो बेड के नीचे चले गए थे वो खींचकर के निकले अपने दोनों हाथों से जूते पहने इनको तब चंद्र डेट रोना शुरू कर दिया कहा की देखो ठाकुर तुम्हारे बड़े में जो कहते थे की तुम सही सही आध्यात्मिक शक्ति के वायरस डर हो ठाकुर के ये बात मुझे आज पता है तो ये देखिए की जब उनके हृदय में स्वामी जी के हृदय में सिर्फ ठाकुर है और रामचंद्र डेट की ऐसी इच्छा थी की मेरा खुद का नाम हो मेरा खुद का कुछ हो तो आंखों के सामने जो है ईश्वर की हमेशा जीत होती है इसलिए जो यहां पे स्वामी जी कहते हैं आई डू दिस डेट और अदर गेट रीड ऑफ दिस यूनी आई किस डायबॉलिज्म इन स नोट आई बट हो मैं नहीं ईश्वर से एट फूल आईटी उसको कहो उसको अनुभव करो उसके अनुभूति करो उसे पर अनुषा अपना जीवन डालो तभी जो है आसपास के जितने भी लोग हैं हमारे हृदय में से प्रकट होती है पवित्रता को समझ पाएंगे देख पाएंगे और हमारे प्रति श्रद्धा का आकर्षण अनुभव करेंगे