Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda
ओम sthapa का धर्म स्वरूप ने अवतार वरिष्ठ आयो ramkrishnayate नमः स्वामी लेटर ऑन डी ठाकुर कम एंड गिव दर्शन तू मदर सो था मदर हिंदू विडो से वास गोइंग तो रिमूव हर ब्रेसलेट एंड बैंगल्स एंड ठाकुर से वैन रूम तू अंदर आपको इस प्रेजेंट अमोंग ओवरसीज़ नौ एंटीरे दिस इस आफ्टर क्रिएशन एवरीथिंग हेपिटाइटिस बट देयर वाज वैन लास्ट एपिसोड रिलेटेड तू दिस क्रिएशन डेट वास्ता रिगार्डिंग ठाकुर अस्थि ठाकुर एशिया वेयर डी नेक्स्ट एवरीवन रिटर्न फ्रॉम डी क्रीमेशन ग्राउंड तक ऑन डेट कलर्स इन विच ठाकुर्स रीमेंस वेयर plessed हिज बोन सेंड एशिया एंड देयर फोर्स डिस्प्यूट डेट व्हेयर विल डिशेज वेयर विल आपको इस रीमेंस विल बी इंस्टॉल्ड वेयर विल टेक कीप इट सो डेट देवोतीस एंड गो तेरे एंड टेक ठाकुर्स नाम एंड प्राय तू ठाकुर हाउस एंड मदर हेरसेल्फ इस लिविंग हर यू कंटिन्यू तू पे डी रैंक ऑफ दिस हाउस सो डेट सी कैन कीप ठाकुर हर एंड सी कैन कंटिन्यू तू वरशिप बट हाउसहोल्डर डिसीप्ल हाउस एंड इट विल बी बेस्ट इफ सी लेट डी लीव्स ऑफ दिस हाउस गो सी लेट दिस हाउस गो मदर विल गो तू जय kamapukur वेयर वैसे इन डी होम ऑफ ठाकुर एंड यू ऑल यू यंग बॉयज यू गो बैक तू योर होम एंड कंटिन्यू योर स्टडी डू सैम गुड जॉब एंड सर्विस सी विल गेट हर टुगेदर इन दक्षिणेश्वर एंड सी विल सिंग डू कीर्तन एंड टॉक अबाउट ठाकुर आगे सी उसे तू डू डेट ठाकुर रीमेंस विल बी केप्ट इट विल बी कप्तान इन काकुर्गाची रामचंद्र दत्त वाज वैन ऑफ डी प्रॉमिनेंट हाउसहोल्डर डिसीप्लस ऑफ ठाकुर एंड ही हेड परचेस्ड लैंड इन काकुर्गाची एरिया इन नियर बाय कोलकाता वेयर ही हेड बिल्डर विक्ट्री एंड ही है टेकन ठाकुर अलसो देयर आई थिंक आई डोंट नो रिमेंबर एक्जेक्टली पर हे ठाकुर मिटे विजेटेड का हुड्डा जी सो डेट वाज रामबाबू वांटेड तू डिवेलप ही लैंड इस अन रिट्रीट आश्रम इसे अन रिट्रीट एंड ही वांटेड तू प्लेस ठाकुर स्थित है विल प्ले स्टोर आई विल हायर सैम ब्राह्मण सैम ब्राह्मण सी विल डू ठाकुर हिमसेल्फ हायर्ड ब्राह्मण हिमसेल्फ उसे हायर्ड ऑन ऑन सैलरी तू वरशिप का लिंक सो डेट इस जस्ट अन ट्रेडीशन इन अमोंग ओवर हिंदुइज्म सो डी से वे आई विल हायर सैम ब्राह्मण एंड सी विल कंटिन्यू डी वरशिप ऑफ ठाकुर इन काकुर्गाची दिस इस व्हाट राम बाबू सेट नौ व्हेन दिस यंग बॉयज दे लिसन व्हेन दे हार्ड डेट काशीपुर गार्डन हाउस विल बी विल बी टेकन आवे मदर विल हैव तू गो बैक तू kamakpur एंड ऑल दिस बॉयज अराउंड ठाकुर टेकिंग यू नो देयर फ्रॉम देवी स्टार्टेड न्यू लाइफ थिंक लाइक कनॉट गो बैक तू डी ओल्ड लाइफ हाउसहोल्डर्स लाइफ यू नो सराउंड इट बाय ऑल दिस मॉल स्मॉल वरीज ऑफ एवरीडे लाइफ दे हैव यू नो थैंक यू मैड वाटर हो ही गो बैक तू ड्रिंकिंग दिस ड्रेन वाटर इट इस सिंपली नोट पॉसिबल सो दिस बॉयज वेयर वेरी डिप्रेस्ड सी विल हैव तू गो बैक इन सेंसर एंड ऑल दिस रिस्पांसिबिलिटीज हो कैन सी सरवाइव दे व्हेन सी हेड डैन तपस्या एंड सी हेड डी टेस्ट ऑफ ईश्वर दर्शन ए सैम ऑफ लिटिल ऑफ आत्मा दर्शन दे हेड यू नो सो में स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस इस वैन आफ्टर अनदर ट्विटर आगे ऑफ ठाकुर अंडर डी गाइडेंस ऑफ ठाकुर वंस यू हैव ऑल दिस एक्सपीरियंस हो कैन यू गो बैक लिविंग अन सांसारिक लाइव एयर सिर्फ नथिंग एल्स हैपेंड सो ऑल डी बॉयज वेयर डिप्रैस बट व्हाट कैन बी डैन नो वैन हेड मणि तू कंटिन्यू तू पे डी लॉस ऑफ काशीपुर गार्डन हाउस एंड नौ डेट ठाकुर हेडफोन आवे नो वैन विल कीप डेम अलाउड डेम तू स्टे इन डी सीरीज पावर रामबाबू प्लेस इन माय कपबोर्ड गाछी आश्रम बट बिफोर ऑल दिस वाज गोइंग ऑन इट टाइम शशि एंड शशि महाराज एंड निरंजन महाराज सो दे वांटेड तू डिफेंड डी आस्तीन सो नरेंद्र सेट डेट सी सी shudant फाइट amongs अवर सेल्स अबाउट ठाकुर्स रीमेंस अबाउट ठाकुर्स आदर वाइस पीपल विल से डेट परमहंस ठाकुर मोमेंट ही पास आवे हिज देवोतीस स्टैटिक फाइटिंग अमोंग इ आदर डेट वैसे बोर्ड एक्चुअली शशि महाराज एंड निरंजन महाराज वांटेड तू डू अन्य वैन हु कॉम तू टेक डी पोजीशन ऑफ दिस कलर्स स्टार्टेड फाइटिंग डी नेक्स्ट डेट आपको पास आवे वुड काइंड ऑफ इंप्रेशन विल दिस गिव तू डेम लेट अस थीव्स गो आवे बिकॉज थेरिस नो प्लेस फॉर ashutoshte हु नोज व्हेयर सी विल लीव हो सी विल कंटिन्यू तू वरशिप ठाकुर नथिंग इस अन सर्टेन सो लेट डेम टेक अस्थि आवे लेट डेम वरशिप्ड आगे इस डी एस इस प्रॉपर फॉर ठाकुर एंड सी विल लीव लाइफ अकॉर्डिंग तू डी प्रिंसिपल्स अकॉर्डिंग तू डी टीचिंग्स ऑफ ठाकुर डेट इस हिज बेस्ट वरशिप इधर दें डूइंग दिस पूछूक डी शॉप चार पूजा ऑफर इन हिम नवेल हर एंड डूइंग बाल भोक मंगल आरती सी विल डू रियल वर्सेस डेट इस लिविंग अकॉर्डिंग तू डी प्रिंसिपल ऑफ ठाकुर सत्य अहिंसा असते परिग्रह ब्रह्मचर्य तब शोध संतोष स्वाध्याय ईश्वर परिधान दिस टेन यम एंड यम फिलासफी हिंदू स्पिरिचुअल लाइफ एंड अलसो ठाकुर सईद इन मॉडर्न आगे देयर आर तू तपस्या विचार डी फाउंडेशन सत्य एंड ब्रह्मचर्य ट्रुथ एंड कंटेनर्स इफ यू प्रैक्टिस डिश तू दें यू आर प्रैक्टिसिंग यू डोंट नीड तू यू नो प्रैक्टिस अन्य सॉर्ट ऑफ दिस एक्सटर्नल वरशिप एस लॉन्ग एस यू आर प्रैक्टिसिंग ट्रुथ इन ब्रह्मचर्य थिस इस ट्रू फॉर बोथ ब्रह्मा मेंस इस वेल इस हाउसहोल्डर्स मोस्ट ट्री तू डू इट मोरज यू कैन दिस इसे अन जर्नी यू कैन नॉट बी 100% ट्रूठफुल 100% ब्रह्मचारी फ्रॉम डी दे वैन दिस इस अन जर्नी डेट सी हैव तू क्रॉस लेकिन थिस वर्ल्ड इन दिस लाइफ इन डी नेक्स्ट लाइफ बट दिस इस डी गोल इन अवर लाइफ रदर थन यू नो गैदरिंग में देवोतीस एंड डूइंग में parapending लॉट ऑफ मणि एंड डूइंग ऑल दिस पूजा एक्सर नोट ट्रू रिलिजन प्रैक्टिसिंग सत्य एंड ब्रह्मचर्य इंस्टिट्यूट अस मच अस इट्स पॉसिबल सो नरेंद्र फाइट ओवर दिस अस्थिर रामबाबू टेक इट सी विल लीव अकॉर्डिंग तू ठाकुर प्रिंसिपल सौर सेइंग दिस रामबाबू डिसाइडेड डेट डी जन्माष्टमी डेट इस डी बेस्ट दे तू इंटेंड ठाकुर अस्थि इन डी नाइट बिफोर रामबाबू गोज तू टेक दिस असिस्ट आवे व्हाट शशि एंड निरंजन दे विद डी नरेस कंसेंट दे तुक ओवर ए बड़ी पार्ट ऑफ दिस कलर्स एंड दे कंप्लीट सेपरेटली विथ दिस बिकॉज सी आर डी ट्रू हर सी आर डी ट्रू हेयर्स ऑफ ठाकुर सी आर सी आर डी ट्रू संतान ऑफ ठाकुर सो सी शुड हैव डी लाइव्स शेयर ऑफ दिस अन दे तू गेट आवे दे कैप इट विद demselves एंड डी रेस्ट ऑफ ईंट कलर्स ऑन डी जन्माष्टमी डेट स्टार्टेड ए प्रोसेसर फ्रॉम काशीपुर गार्डन हाउस तू kakrodgachi शशि महाराज ऑल डी वे डी सिंगिंग कीर्तनास एंड भजनस एक्स्ट्रा दे व्हेन तू कपूर दिस कलर्स इनसाइड डी अर्थ एंड व्हेन देयर तू मेक इट देर वाज अन स्टफ इन दिस ऑल तू क्रिएट इमेज ठाकुर सी ठाकुर इस फीलिंग पेन बिकॉज यू आर थ्रोइंग अर्थपूर्ण इट अपॉन हिम सो धीस इसे हो मच शशि महाराज हेड आईडेंटिफाई हिमसेल्फ विथ ठाकुरजी ओवर नौ व्हाट विल हैपन डेट ऑल डीज यंग बॉयज देयर गोइंग बैक तू देयर होम एंड व्हाट विल द डू वैन दे ठाकुर के दर्शन तू अवर सुरेश मित्र सुरेश वैन ऑफ डी प्रॉमिनेंट हाउस गिविंग डी रेंट ऑफ डी काशीपुर गार्डन हाउस सो ठाकुर गिव ऑफिशल ही कम तू हिम इन ही हिस्ट्री वर्ल्ड ओल्ड ओवर दे हैव नो प्लेस तू स्टे इन डी रेंट फॉर दिस माय हाउस इन काशीपुर डू डी से फॉर थे यू स्टार्टेड मुट्ठ फॉर डेम सो दिस विज़न ठाकुर गिव तू सुरेश मित्र अकॉर्डिंग्ली डी नेक्स्ट दे इत्सेल्फ सुरेश मित्रों गीदड़ ऑल दिस यंग डेट्स सी सच्चे ग्रेट न्यूज़ ठाकुर गिव मी अन विज़न एंड आई एम फीलिंग तू पे डी रेंट ऑफ अन मुड़ फ्यूज टार्टड इफ यू लिंक तू स्टार्टेड सो इम्मीडिएटली ऑल दिस यंग बॉयज बिकम वेरी हैप्पी दे टेक ऑन रेंट वैन हाउस विच वास कॉल्ड bhutude बॉडी डेट इस हाउस ऑफ घोस्ट बिकॉज नो वैन वाज लिविंग हेयर इट वाज इन अन वेरी दे lapeted कंडीशन एक्टिविटी नो वैन वांटेड तू टेक डेट हाउस ऑन रेंट सो बिकॉज दिस यंग बॉयज वर एबल तू हैबिट ऑन रेंट वेरी चिपली एंड दिस बिकम अवर फर्स्ट वाराणसी मठ सो दिस इसे हो farhannagar आफ्टर पासिंग आवे ऑफ ठाकुर दिस इस डी anteyer स्टोरी एंड देयर इसे वैन वेरी इंटरेस्टिंग फूड नॉट इन क्रैकर्स ही व्हाट हैपन डेट रामचंद्र दत्त ही वाज ही वांटेड तू हैव वेरी नाइस वरशिप ऑफ ठाकुर ओके सो आफ्टरवार्ड्स वंस इसे अन अगर मस्ट स्टार्टेड एक्चुअली डेट वाज डी रामकृष्ण मठ एंड द एक्चुअली कंटिन्यू तू ट्रेडीशन ऑफ वर्ल्ड शिपिंग अप नथिंग हैपेंड डियर इन लेटर ऑन kapud गिवन टेकन ओवर बाय बेलूर मठ डोनेटेड तू डी बिलॉन्गस बट देयर इस वैन इंटरेस्टिंग फूड नॉट डेट हो रामबाबू विल वरशिप ठाकुर सो ही वांटेड तू हायर ब्राह्मण एंड हु इसे डी बटोर ब्राह्मण दें hridayram हु वाज नेफ्यू नेफ्यू ऑफ ठाकुर भतीजा भांजा भांजा ही वो सब भांजा ऑफ ठाकुर इस अन नेफ्यू एंड ही हिट्स सैम ठाकुर सो डिलिजेंटली सो हृदय हरम इस डी बेस्ट चॉइस तू वरशिप ठाकुर बिलीविंग दिस रामबाबू हायर एंड प्रदेश स्टार्टेड वरशिप इन ठाकुर बट यू नो ही इसे माइंड हिज करप्टेड बाय डी टाइम सो ही स्टार्टेड एक्टिंग अस इफ ही इसे लाइक ठाकुर ही इस डी इन्हेरीटर ऑफ ठाकुर्स डिवाइन विज़न सो डी वेट ठाकुर उसे तू वरशिप मदर काली सैम टाइम ही वुड इट डी फूड डेट वाज ब्रॉड फॉर इट इन सेल्फ आफरिंग फ्लावर इट तू हिमसेल्फ ऑल दिस आउट ऑफ थिंग्स एबल तू डू बिकॉज कंटीन्यूअस विजंस ऑफ काली 930 लाइक ठाकुर ही स्टार्टेड ईटिंग डी नेवी डेट वाज प्रिपेयर्ड फॉर ठाकुर ही स्टार्टेड ईटिंग अन डूइंग एवरीथिंग सो गेटिंग फेड अप विथ दिस रामबाबू सेड सी डेट वाज ठाकुर इफ डू ऑल दिस यू नो vidhivadi योर वरशिप मतलब दिस ट्रेडिशनल वरशिप thakurbident हिम तू डू 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श्रीरामकृष्ण कथामृत : प्रथम दर्शन
रामबाबू कहते द की हमने तो ईश्वर का स्वयं दर्शन किया है अभी हम लोगों को साधना तपस्या करने की क्या जरूरत है माने हमारे सभी पाप है हमारे जितने भी संताप हैं सब दूर हो गए हैं एक जली को ठाकुर कल्पतरु हो गए द उन्होंने हमको स्पर्श किया तो उन्होंने जैसे ही स्पर्श किया हम तो मुक्त हो गए जीवन मुक्त हो गए अभी ये बिना मतलब का एक मठ बनाना वहां पे साधन वजन करना फिर वहां पे आप ठाकुर को एक एस्टेब्लिश करेंगे फिर वो भक्तों को बुलाकर के उनसे पैसा कलेक्ट करेंगे ये सब जो एक नाटक चल रहा है हिंदुइज्म में इतने सारे अखाड़ा है इतने सारे मठ है जहां पर करप्शन के अलावा कुछ नहीं होता आप लोग भी ठाकुर के नाम पर ऐसा कुछ करेंगे यह तो बहुत गलत बात है घर चले जाइए नौकरी वगैरा कीजिए वो माने माता पिता की सेवा की ये सब जो की जो मैंने जो एक होता है ना की जो एक अच्छा जिसमें कॉमन सेंस है दुनियादारी की समझ है इस था वह जो एडवाइस जो छोटे बच्चों को देते हैं उसे तरह की एडवाइजर रामबाबू वगैरा इन नरेन को देते द नरेंद्र है काली है काली महाराज है गंगाधर महाराज है किंतु उन लोगों पता नहीं था आखिर तक वे लोग समझ नहीं पाए की किस तरह से इन यंग लड़कों के द्वारा ठाकुर युग चक्र प्रवर्तन करना चाहते द ये जो बुद्धिस्म में ना धर्म चक्र प्रवर्तन की एक समय आता है की जब पुरानी संप्रदाय पुराने धर्म पुरानी समाज व्यवस्था पुराना ये जो अपना देश सब कुछ चेंज हो करके एक पूरा युग परिवर्तन हो करके सब कुछ नए सिरे से गठन करना होता है नए समाज का गठन करना है नए तरीके से धर्म को पुनर्जीवित करना है धर्म का पुनर्गठन नहीं होता क्योंकि धर्म तो एक ही है किंतु धर्म के जो मूलभूत सिद्धांत है जो की विस्मृति हो गए हैं यह जो बीच के 1000 साल में हम भारत के साथ जो कुछ भी हुआ मतलब अनफॉर्च्युनाते इवेंट्स तो धर्म के जो मूलभूत सिद्धांत वेदांत के उपनिषद के उनको वापस पुनर्जीवित करना है उसके लिए सन्यासी संघ की स्थापना सर्वोपरि आवश्यक थी यह जो हाउसहोल्डर डिस्पर्स और जो नहीं समझ पाए ये आज हम सब लोग समझ का रहे हैं आज के आपके हम लोग जो भी है चाहे सन्यासी हो ना की चाहे हाउस हो हमारी कैटिगरी ही अलग है ठाकुर के पास जो हाउस ओनर डिसीप्ल आते द उनसे हम लोग बहुत ही भिन्न है हम सब लोग क्योंकि हम लोग ठाकुर की सही सही संतान है ठाकुर ने जो कुछ भी कहा था उसमें हमने यह नहीं कहते की ठाकुर का इतना टीचिंग हम लेंगे यह टीचिंग हम नहीं लेंगे हमने ठाकुर को 100% अपनाया भले ही चाहे वो जो कुछ कहा गया है उसका 100% पालन एन कर पाए वो दूसरी बात है वो तो एक जन्म में नहीं होगा जन्म-जन्म तक की हमारी यात्रा है किंतु उनके जो टीचिंग से उनकी शिक्षा है उसको हमने 100% अपना लिया है हमने ऐसा नहीं कहा की यह पागल ब्राह्मण है थोड़ा बहुत ठीक बोलता है बाकी का छोड़ दो वो पता नहीं ऐसा क्यों कहते हैं ऐसा हम लोग नहीं करते इसलिए हम लोग एक ठाकुर के सही-सही संतान अच्छा रामकृष्ण कथा कल हमने देखा की किस तरह से मास्टर महाशय उनका डोमेस्टिक प्रॉब्लम द तो सोच लिया की चलो कहीं जाकर के नदी में खुद करके सुसाइड कर लेंगे किंतु साथ-साथ में ही जैसे की हमने देखा की कैजुअल चंद्र सेन के साथ में ठाकुर की मुलाकात हो चुकी थी और ब्राह्मण समाज की पत्रिकाओं में न्यूज़पेपर में ऑलरेडी केशव सेन वगैरा जो प्रॉमिनेंट ब्रह्म भक्त द उन्होंने ठाकुर के बारे में लिखना बोलना ऑलरेडी शुरू कर दिया था तो मास्टर महाशय को ऑलरेडी पता था की इस तरह से परमहंस है और परमहंस से यह जो मिलकर के ये जो केशव से बड़े प्रभावित हुए हैं और साथ-साथ में ही अभी उसे दिन कुछ छुट्टी का दिन था क्या करेंगे तो सोच लिया की चलो परमहंस के दर्शन हो जाते हैं तो और भी अच्छी बात है ऐसा करके आए क्या हुआ की जैसे ही कमरे में प्रवेश किए वैसे ही ठाकुर ने जो मास्टर आशिकी मैन की समस्या थी उसी के बारे में जैसे बात कर रहे हैं की जो संसार की जवाबदारी है संसार का जो दायित्व है उसका त्याग तभी करना है जबकि ईश्वर का नाम लेने से आंखों में अश्रु की धारा बहाने लगे adervised अब संसार की दायित्व का त्याग करेंगे तो जो जोर जोर जबरदस्ती करके यह करना हुआ और इस तरह का त्याग कभी भी falibut नहीं होता तो त्याग भी करना है तो उसका समय आने से करना है उसे तरह का आदेश मिलने से करना है बहुत सारे लोगों के जीवन में ऐसा होता है की 40 इयर्स 50 इयर्स के बाद में ऐसा लगता है की अरे मुझे तो लगता है की अभी यह जो सांसारिक जीवन था वो मेरे लिए नहीं है मैं चाहता हूं की मैं जो है की अपना ज्यादा से ज्यादा समय ईश्वर आराधना में लगाओ ईश्वर की यह जो ठाकुर जी की बहुत अच्छी किताबें हैं और अन्य धर्म ग्रंथ है उसका पाठ के चिंतन मनन श्रवण nidityaasan करके मैं अपना समय बिताऊ ईश्वर की बातें करके अपना समय बिताओ ईश्वर के जो संतान है उनके साथ में मैं गैप लगाऊं यदि गैप भी लगाना है तो भाई ठाकुर के संतानों के साथ में लगाए या अन्य किसी साधु महात्मा के साथ या तो फिर अन्य भक्तों के साथ तो ऐसा एक समय आता है सबके जीवन में तो जब भी ऐसा होता है तो धीरे-धीरे करके सांसारिक दायित्व जो है वो कम करते जाना है और ये जो है ये पूरा रामकृष्ण संग या तो और किसी संस्था के साथ किसी धर्म के साथ आप जुड़े हैं तो वहां पे ज्यादा से ज्यादा समय देते जाना है और फिर एक बार ठाकुर अपना भर ग्रहण करते हैं तो जिसको कहते हैं योग शर्म जीवन निर्वाह के लिए जो कुछ भी चाहिए उसकी व्यवस्था ठाकुर धीरे धीरे अपने से अपने आप करते जाते हैं यह जो स्वामी जी के जीवन में ऐसी बहुत सारी घटनाएं है की जंगल में से जा रहे द बहुत मगर भूख लगी जंगल में तो तो एक जगह पे बैठ गए बोला मैं प्रयत्न नहीं करता हूं यदि ठाकुर की इच्छा होगी शरीर रहे ठाकुर का कम करने के लिए तो वो खाना देंगे मैं अपने से प्रार्थना नहीं करता देखो ठाकुर का टेस्ट स्वामी जी ने ठाकुर का बहुत सारा टेस्ट किया था आखिरी घड़ी में जब ठाकुर मृत्यु पे द काशीपुर गार्डन हाउस में तब अपने मैन में सोच रहे द की अभी जल्दी कहते हैं इतना कष्ट है चेहरा पूरा पूरा शरीर जो है पूरा जैसे वो jharjharit हो चुका है कैंसर हो गया है मृत्यु अभी कुछ ही दिनों में होने वाली है उसे समय जी अपने मैन में सोचता है की यदि कहते हैं की मैं मेही वही राम अवतार हूं तो मैं मानूंगा की हान ठाकुर अवतार है ठाकुर इम्मीडिएटली समझ लेते हैं की उसके बच्चे के मैन नहीं क्या चल रहा है और बोल भी नहीं पाते फिर कहते हैं जय राम जय कृष्ण जय राम कृष्ण किंतु तोर वेदांत दिख दिए नए जो नाम द जो कृष्ण द वही इस शरीर में रामकृष्ण के रूप में उपस्थित है किंतु तुम्हारी वेदांत की दृष्टि से नहीं वेदांत में कहते हैं की हम सभी के भीतर में एक ही आत्मा है और दिव्या आत्मा का प्रकाश हम सभी के बेहतर उसे दृष्टि से जो राम के भीतर में आत्मा थी वो मेरे भी भीतर में है युवान इस किताब के भीतर में है जीवित और जो जीवित नहीं है जड़ पदार्थ द सभी के भीतर में वही atmaman है तो उसे दृष्टि से नहीं जो राम के जो संपूर्ण भगवान राम भगवान कृष्ण की जो संपूर्ण गुण राशि थी उनकी तपस्या थी उनका वह जो देवी प्रभाव था वो स्वयं ठाकुर के भीतर विराजमान है उसे समय टेस्ट किया अभी भी टेस्ट कर रहा है पूरा जीवन उन्होंने की तभी तो नरेंद्र जैसे जिन लोगों का जो व्यक्तित्व इतना भयानक प्रभावशाली होता है जो लोग पूरे समाज का परिवर्तन करने के लिए सक्षम होते हैं उन लोगों का जो मैन भी होता है ना इतना स्ट्रांग होता है की उनको आप इजीली ब्रेनवाश या हिप्नोटाइज नहीं कर सकते इसीलिए नरेंद्र जैसे वीर भैरव shivkhya उत्तर स्वयं उनको ब्रेनवाश करने के लिए ठाकुर खुद ठाकुर के अलावा कोई नहीं कर पाते द और ठाकुर को भी बहुत सारा टेस्टिंग सहन करना पड़ा था तो स्वामी जी जा रहा है जंगल में बैठ गए खाना नहीं मिलेगा तो बाल हटाकर छोड़ देते हैं ठाकुर को यदि शरीर से कुछ कम करवाना होगा तो वो करवाएंगे तो ठाकुर ने वहां पर एक आदमी को भेज दिया एक आदमी खाना लेकर जा रहा था बोला की मैन से आप ही के लिए मैं ले ए रहा था कहां से मुझे आदेश मिला है तो इस तरह से स्वामी जी ने आखिर तक ठाकुर की परीक्षा ली और ठाकुर भी जल्दी हम सही-सही आत्मसमर्पण करते हैं तो हमारा योग शर्म हमारे जीवन निर्वाह के लिए जो कुछ भी जरूरी है उसका भी व्यवस्था वह करने लगे अर्थात यह जो आध्यात्मिक जर्नी है धार्मिक हमारी यात्रा है नॉट नेसेसरी की वो 20-25 साल जिस तरह से हम लोग यहां पे आए हैं उसी समय से शुरू को वो कोई जरूरी नहीं है तेज 40 50 60 70 80 जब भी आप चाहे इस यात्रा को आप आरंभ कर सकते हैं ठाकुर पर संपूर्ण विश्वास रखेंगे तो धर्म अर्थ कम मोक्ष योग और आध्यात्मिक उपलब्धि सब कुछ वो हमको वो उपलब्ध कर देंगे अभी मास्टर महाशय आगे लिखते मास्टर अभी मास्टर महाशय अपने बारे में सब समय इस चैप्टर में एटलिस्ट मास्टर शब्द उसे करते हैं तो मास्टर सिद्धू के साथ सिद्धू उनका नगर से निकलकर एक बाग से दूसरे बाग में घूमते हुए यहां ए पहुंचे द यहां अर्थात कालीबाड़ी में रविवार का दिन था छुट्टी थी इसलिए घूमने निकले द थोड़ी देर पहले ही श्री प्रसन्न बनर्जी के बाद में घूम रहे द उसे समय सिद्धू ने कहा गंगा जी के किनारे एक सुंदर बगीचा है देखने chaliyega वहां एक परमहंस रहा करते हैं तो ऐसा सुनकर के वह यहां पर आए बगीचे के सामने वाले फाटक से प्रवेश कर मास्टर और सिद्धू सिद्धेश श्री रामकृष्ण देव के कमरे में आए मास्टर विस्मित होकर देखते हुए सोचने लगे वह कैसा सुंदर स्थान है कितने अच्छे महात्मा हैं कितनी सुंदर वाणी है यहां से हिलने तक की इच्छा नहीं होती थोड़ी देर बाद उन्होंने मैन में विचार किया एक बार देखूं कहां आया हूं फिर यहां आकर के बैठूंगा वो ठाकुर का जो ठाकुर की सबसे पहली बात उन्होंने सन ली एक बार फिर उन्होंने सोचा की मैं कहां पे आया हूं एक बार बगान देख लेते हैं बदन देखने के लिए तो आए द ओरिजनली देख लेते हैं फिर यहां पे आकर के बेटा मास्टर सिद्धू के साथ कमरे से बाहर निकले उसी समय आरती की मधुर ध्वनि आरंभ हुई मास्टर महाशय जो वर्णन भी करते इतना सुमधुर वर्णन करते हैं जैसे की आपको लगेगा आप उसी क्षण संध्या के समय ठाकुर जाप अपने कमरे में बैठे हैं हम लोग भी वहां पर सदैव उपस्थित है इस तरह से आपको वो पूरा ध्यान करने के लिए उपयुक्त पूरा वर्णन करते हैं ठीक उसी समय आरती की मधुर ध्वनि आरंभ हुई एक साथ घंटे घड़ियाल जांच मृदंग आदि बच उठे उद्यान की दक्षिण सीमा से नौबत की मधुर ध्वनि कुंज उठी वह ध्वनि मानो भागीरथी के पक्ष से संचार करती हुई कहीं दूर जाकर विलीन होने लगी वसंत समीर पुष्पों की सुगंध लिए मंद मंद बाहर रहा था वसंत समीर पुष्पों की सुगंध लिए मंद मंद बा रहा था चारों ओर ज्योत्सना छा गई प्रकृति ने सर्वत्र मानो देवताओं की आरती का आयोजन हो रहा था 12 शिव मंदिर श्री राधाकांत मंदिर में आरती देख कर मास्टर को अत्यंत प्रसन्नता हुई स्थान है यहां देवताओं की नित्य पूजा होती है रोज कई लोग आते हैं कई साधु संत ब्राह्मण भिखारी यहां पे प्रसाद पाते हैं तो देखिए संपूर्ण आरती का जो वर्णन और मास्टर महाशय बाद में भी कहते हैं ठाकुर की ये जो आध्यात्मिक उपलब्धि उनका जो दिव्या जो आत्मन का जो प्रकाश था उसकी वजह से यह जो संपूर्ण काली मंदिर ऐसा लग रहा था की ठाकुर के प्रेम से वो बना हुआ है जैसे की मैन काली का मंदिर ये जो राधाकांत का मंदिर एवं यहां पे जो कर्मचारी जो गेट में चौकीदार यह जो रन धोनी ब्राह्मण रसोइया लोग जो की वो नैतिक हक वगैरा बनाते हैं फिर लोग सब जैसे की एक दिव्या प्रकाश से झिलमिल कर रहा है इस तरह से मतलब पूरा एक पूरा इस तरह से दिव्या वातावरण खड़ा हुआ था की जब कोई भक्त वहां पर आता है यह यंग लड़के जब ठाकुर के दक्षिणेश्वर में आते द तो ठाकुर के पास नहीं जा करके यदि गंगा के किनारे tahalenge भी सही मैन काली के मंदिर में बैठेंगे भी सही ठाकुर के बारे में जो दिन नहीं थी है तब भी उनका मैन एक दिव्या आनंद से एक प्रसन्न अनुभूति से भर जाता था bhavantarini के मंदिर से निकलकर दोनों बातचीत करते-करते पक्के बायोस्टेट आंगन पर से चलते हुए पुनः ठाकुर के कमरे के सामने ए पहुंची उन्होंने देखा कमरे का दरवाजा अब भिड़ा दिया गया है कमरे के भीतर अभी धूप दिखाया गया है मास्टर अंग्रेजी पढ़े लिखे आदमी है साशा घर में घुस ना सकते द द्वार पर वृंदावन यहां पर एक कम वाली भाई थी जी कहते हैं जिसको बांग्ला में वह वृंदावन उसका नाम वो खड़ी थी मास्टर ने पूछा की साधु महाराज क्या इस समय इस कमरे के भीतर है तो वृंदावन ने कहा कमरे के भीतर है तो मास्टर पूछते हैं अब यह क्यूरियोसिटी होती है की कौन है ठाकुर थोड़ा सा पूछताछ करें तो पूछते हैं की यह यहां कब से रहते हैं तो वृंदावन ने कहा वह तो बहुत दिनों से रहते हमको पता है की 1854 में जब ठाकुर कोलकाता आए द तभी से तो उनके जो बड़े भाई हैं वो वहां पे रश्मानी के वो जो देवालय में उन्होंने ब्राह्मण का पुजारी पद स्वीकृत कर लिया था तब से लेकर एक ठाकुर यहां पे नियमित आते द शुरू में बाद में तो वहीं पर रह गए द और यह बात है 1882 की तो अर्थात यह सही में बहुत दिनों से आते हैं मास्टर मास्टर महाशय अच्छा तो वो पुस्तक खूब पढ़ते होंगे इतनी बढ़िया बढ़िया बात करते हैं केशव सेन जैसे केशव सेन कर दिया तो निश्चय बहुत सारी किताबें पढ़ ली होंगी पुरी की पुरी लाइब्रेरी है तभी तो इस तरह से इतने विद्वान आदमी को इंप्रेस कर पाए तो वृंदा कहती है उसका नेचर भी बात-बात में बहुत सारी यहां पर इतना नहीं है दूसरी किताबों में लिखा है की उसका नेचर भी बड़ा खराब था मैंने वो बहुत ही ईर्ष्यालु थी झगड़ा खोर थी और जब काली मंदिर का प्रसाद आता था और बहुत सारे भक्त होने से भक्तों को मैन शारदा के हाथ में उसका बांटना वगैरा तो मैन जब भक्तों को प्रसाद दे देती और वृंदा के लिए कुछ नहीं बचत तो वृंदावन ज़ोर-जोर से झगड़ा करना शुरू कर दी थी अरे कोलकाता से बाबू लोग आए मेरा प्रसाद खा लिया मेरे लिए कुछ नहीं छोड़ा तो इससे मैन बड़ा भाई करती और हमेशा वृंदा के लिए थोड़ा सा प्रसाद जो है कटोरी में रख देती बोला की वो यदि भक्तों को नहीं मिलेगा तो ठीक है वृंदावन को खेला वर्ण आके झगड़ा करेगी तो यह वृंदा भी उसको भी पता है की देखिए की ठाकुर की जो आध्यात्मिक अनुभूति है वो अपने भीतर से आई है नहीं की किताबें वगैरा पढ़ के तो मास्टर महाशय पूछते हैं की अच्छा तो ठाकुर तो पुस्तक के वगैरा खूब पढ़ते होंगे तो वृंदा कहती है पुस्तक अरे वो कुछ नहीं है उनके मुंह में ही सब कुछ है अर्थात उनके भीतर में से ही सब पुरी वाणी ए रही है मास्टर हाल ही में पढ़ लिखाई पुरी करके आए द उसे समय मा करना यानी की बड़ी ही प्रेस्टीज की बात थी और ऊपर से विद्यासागर किस स्कूल में शिक्षक द तो विद्यासागर हिमसेल्फ वेरी बिग नाम इन कोलकाता और उनकी जो ये थी उनकी स्कूल्स और बड़ी ही prustijous होती थी उसमें शिक्षक की नौकरी मिलना वो बहुत बड़ी बात थी तो मास्टरमाइंड स्वस्थ है की मैं इतना पढ़ लिख करके आया हूं और मुझे इतना नहीं पता है अनपढ़ ब्राह्मण को कैसे पता है वो जो साधना करके आत्मा के भीतर से ज्ञान का जो पूरा जो ये समुद्र है वो खुल जाता है वगैरा तो उन्होंने बाद में समझा मास्टर तो अच्छा मास्टर हाल ही में पढ़ लिखाई पुरी करके आए द श्री रामकृष्ण पुस्तक नहीं पड़ते यह सुनकर उन्हें और भी आश्चर्य हुआ कहते हैं की अब तो यह शायद संध्या वगैरा करेंगे क्या हम भीतर जा सकते हैं एक बार खबर दे दो ना तो वृंदावन ने कहा तुम लोग जाते क्यों नहीं जाओ भीतर बैठो वो मतलब ठाकुर के जीवन में इस तरह से सेक्रेटली कोई साधना करना वगैरा वह सब उन्होंने किया था तंत्र साधना वैसे जाहिर में नहीं की जा सकती किंतु इस समय जबकि उनका जो मैन है जेंट्स साधारण के लिए उन्होंने खोल दिया था तब अभी बंद कमरे के भीतर में बैठकर लोगों को बाहर रख के साधना करने वाला ठाकुर के जीवन में कुछ नहीं था अच्छा इसके आगे हम कल देखेंगे ओम शांति शांति