Swami Vivekananda
स्वामी जी इनका स्टेट ऑफ सत्व वे सी डी वेरी नेचर ऑफ थिंग्स वे गाउंडर सेंसेस इन बॉन्ड रीजन डी अमन टाइम इस इक्वेशन वे रेफर एवरीथिंग ओवरसीज थिंकिंग आई तू दिस डेट इन डी अदर और गेट रीड ऑफ दिस पूनिस आई कल दिस डायबॉलिज्म इन स नोट आई बट हो से आईटी फूल आईटी लिमिट एवरीथिंग था बिल डू इन दिस वर्ल्ड इस सम हो कनेक्ट विद अवर एक आई नो व्हाट इस आईएम रीडिंग एन वेरी नाइस बुक दिस इसे डिसीप्लस जर्नल रिटन बाय मेरी लुइस बट आईएफ यू रिमेंबर सही इस डी से ऑथर हूं हेड रिटर्न ऑफ वेरी वेल रिजल्ट बुक्स कॉल्ड विवेक आनंद इन डी वेस्ट न्यू डिस्कवर इस दिस फाइव वॉल्यूम बुक्स बिफोर आईटी वज रिटर्न नो वन इन इंडिया न्यूज़ इट्स ग्रेट इंपैक्ट स्वामीजी हेड मेड इन अमेरिका और यूरोप और लंदन बिकॉज़ यू नो डी आते डेट टाइम व्हेन स्वामी जी वज अलाइव ड्यूरिंग हज लाइफटाइम में म्यूजिक रिपोर्ट वेयर पब्लिश्ड इन इंडियन न्यूज़ पेपर डेट यू हैव स्वामी विवेकानंद हज गोइंग तू डी यूरोप अमेरिका और ही इसे डूइंग ग्रेट और सो वे यूज्ड तू सिंपली बिलीव डेट यू स आईटी इस रिटन इन अवर इंडियन न्यूज़पेपर और सम ऑफ डी लेटर स्वामीजी फ्रॉम अमेरिका और स्वामी दूसरी साइकल्स फ्रॉम अमेरिका वेयर आईटी वैसे मेंशन सोमेटाइम्स पर हिप्स डेट एन स्वामी जी सक्सेस इन एन देवर इन एन अमेरिका इस रियली गुड रियली ग्रेट बट हर एवर साइंस थिस न्यू डिस्कवरीज बुक्स आर पब्लिश्ड वे नो डेट हो अमेरिकन न्यूज़पेपर हिमसेल्फ हो अमेरिकंस डीईएमसेज पर्सीवड स्वामी जी और आईटी वज ह्यूज प्रेशर ट्रॉफी इनफॉरमेशन हर इन सीटिंग हर आई बिलीव आई रीड डेट ये सुंदर पीछे इस डी के ऑफ गूगल और आई बिल फूल वेरी प्राउड डेट यू स वन इंडियन इस सीटेट इन एन शाम ग्रेट मल्टीनेशनल कंपनी और आईटी इसे दिस डूइंग ग्रेट क बट व्हेन आई बिल को तू अमेरिका और आई बिल को तू गूगल इत्सेल्फ और आई बिल सी डेट ओल्ड और सच एन ग्रेट अथॉरिटीज सुंदर पीछे इस ओवर डी गूगल एम्पलाइज और हो ही इसे ग्रेट विजन तू गाइड अच्छे बिग सज्जन बड़े मल्टीनेशनल कंपनी दें मी इंप्रेशन ऑफ सुंदर पीछे से अचीवमेंट बिल बी मैच डिपर मैच ब्रोडर इन डी से वे व्हाट अमेरिकंस आर सेइंग अबाउट स्वामी विवेकानंद अमेरिकंस डेमसेल्वेस आर सेइंग अबाउट स्वामी विवेकानंद आईएफ वे रीड डेट ओवर अंडरस्टैंडिंग ऑफ स्वामी विवेकांनदास इंपैक्ट ऑन अमेरिका बिल बी मजेदार मैच ग्रेटर और था इस वही दिस फाइव वॉल्यूम ग्रेट क कॉल्ड अमेरिका स्वामी विवेकानंद इन डी वेस्ट न्यू डिस्कवरी मन ऑफ इनफॉरमेशन अबाउट डी सेवरल इयर्स डेट्स स्वामीजी स्पेंड इन डी यूरोप वेयर वे बिल हर डी से मेरी लुइस बट डिसीप्लस जर्नल आईएफ डी से ऑथर मेरी लुइस वर्कशीट बॉक्स अबाउट हर डिसाइड पर डी शिव अंदर स्वामी अशोक आनंद दे टुडे कुछ टाइम भी था शो का नंदजी सो व्हाट हैपेंड लिविंग इन सेन फ्रांसिस्को और वनडे और सही उसे तू रेगुलरली अटेंड स्वामी अशोक आनंद जी लेक्चरर्स सो वन दे व्हाट हैपन सही वेट 10 अटेंडेड हज लेक्चरर्स से फ्रॉम सम आते नाइन मंथ्स इन आफ्टर डेट यू वेट तू मीत सम अशोक आनंद जी दिस वज सामवेद इन से 19 संवारे अराउंड डी 1946 1950 संवारे अराउंड स्वामी विवेकानंद डी हेड ऑलरेडी इन लेफ्ट मोर्टल रीमेंस स्वामी विवेकानंद ऑलरेडी अटेंड महासमुंद ऑफिस डायरेक्ट डिसाइड्स हेयर अलसो पास्ड आवे और दिस सेकंड जेनरेशन ऑफ मेंस हो वे काउंट इस फर्स्ट जेनरेशन फर्स्ट जेनरेशन ऑफ डी ठाकुर और डी सेकंड जेनरेशन आर डी डिसाइडल्स ऑफ डी डिसाइडल्स लाइक महापुरुष महाराज सेकंड जेनरेशन और आई बिल अलोन तू थर्ड जेनरेशन बिकॉज़ मी गुरु बाज रंगनाथन जी महाराज और रंगनाथन जी महाराज आई थिंक ही बिलॉन्ग तू दिस एक्चुअली एक्चुअली बिलॉन्ग तू सेकंड जेनरेशन बट ही इस इनीशिएशन हज मंत्र वैसे जिवन बाय स्वामी विवेकानंद हिमसेल्फ इन डी स्टोरी ऑफ दिस डेट व्हेन अशोकानंद जी ही वज एन यंग में ऑफ पर स्वामी विवेकानंद हेड ऑलरेडी पास्ड आवे एन बट वन दे व्हाट हैपन इन हज ड्रीम स्वामी विवेकानंद अपर और ही टोल्ड हम डेट हज दिस इस डी मंत्र डेट यू शुड प्रैक्टिस व्हेन और दें अशोकानंद जी वेट ऑन प्रैक्टिसिंग दिस मंत्र जिवन तू हम बाय स्वामी विवेकानंद हिमसेल्फ आफ्टर समटाइम व्हेन ही कम तू बलेनोइड और टॉक तू सी महापुरुष महाराज एंट्री सो व्हाट शुड आई डू आई नीड तू हैव सेकंड मंत्र फ्रॉम यू एवरीवन से डेट नो नो सो मी विवेक और डी हिमसेल्फ हैव जिवन यू मंत्र सो यू शुड प्रैक्टिस सेट सो यू सी सच ए स्ट्रेंज थिंक अबाउट सम और ही वज नोट इनीशिएटिड अन्य लिविंग गुरु ऑफ अवर ऑर्डर अन्य लिविंग प्रेसिडेंट ऑफ अवर ऑर्डर और ही वज इनीशिएटिड में स्वामी विवेकानंद हिमसेल्फ इन ट्रिप्स आई थिंक ही इस डी ओनली यूनिक कैसे एडरवाइज यू नो डेट आईटी इस कंपलसरी पर एवरी मॉम हूं इनीशिएट ह्यूज सन्यास फ्रॉम रामकृष्ण ओल्डर दे हैव तू बी इनीशिएटिड बाय इदर वाइस प्रेसिडेंट हमारा मोस्ट रिवर्स और मोस्ट रिव्यू प्रेसिडेंट हमारे तू टेक इनीशिएशन अदर वाइस हो कैन वे डू मंत्र जपम और हो कैन वे डू सो दाना बट अशोकानंदेस कैसे इसे यूनिक ही रिज्यूम इनीशिएशन इन ड्रीम और जो डी वाइस प्रेसिडेंट इनीशिएशन इस डू और यू नीड नोट टेक अन्य अदर मंत्र फ्रॉम अन्य ऑथर लिविंग फूड सो दिस वैसे स्वामी अशोक आनंद ही वज डी एडिटर ऑफ प्रबुद्ध भारत मैगजीन इन मायावती एक डेड टाइम अशोक आनंद जी हेड वेरी स्ट्रांग ओपिनियन अबाउट महात्मा गांधी सत्याग्रह मूवमेंट डेट ही सेड दत सी डी वे गांधीजी इस एडवोकेट इन अहिंसा डी वे इस एडवोकेटिंग नॉन वायलेंस इट्स स्वदेशी धी गज अगेंस्ट डी टीचिंग्स ऑफ स्वामी विवेकानंद पर स्वामी विवेकानंद वास डी मोस्ट और ही स्वामी विवेकानंद वायलेंस इन अन्य फॉर्म बट व्हेन आईटी कॉम एस तू अगेंस्ट ऑपरेशन वे हैव तू विकम वे कैन नोट जस्ट को डेम तू ब्रिटिशर्स और गान ब्लीडिंग डी प्लेस फ्रीडम प्लीज गिव स फ्रीडम प्लीज गिव स इकोनामिक प्रोस्पेरिटी हो डिड दे हैव कन्कर्स ब्रिटिशर्स आर कन्कर्स ऑफ इंडिया दे हैव कम तू इंडिया तू एक्सप्लोइट स और तू ल स और तू को तू डी ब्रिटिशर्स और तू प्री तू डेम और तू से डेट मी वेरी हंब्लब पर डेम रिक्वेस्टिंग अवर फ्रीडम रिक्वेस्ट इन इकोनामिक प्रोस्पेरिटी इस डी फूल स्पॉट वही डू वे डू डेट इंस्टिट्यूट ऑफ डेट वे शुड क्रिएट अवर ऑन आर्मी वे शुड विकम स्ट्रांग और वे शुड डिमांड अवर फ्रीडम वे शुड डिमांड इकोनामिक प्रोस्पेरिटी और वे शुड डू स्टार्ट वर्किंग और ऑफ कोर्स व्हेन ही स्टार्टड पब्लिशिंग थिस यूजिंग अबाउट डी भारत और न्यूज़पेपर बिकॉज़ महात्मा गांधी वह इस वेरी पॉपुलर और एवं अमोंग अवर मोंक एवं महापुरुष महाराज हिमसेल्फ यू तू प्रेत प्रयास महात्मा गांधी ग्रेटली महापुरुष महाराज और दें स्वामी डायस महात्मा गांधी हिस्ट्री पर अवर इंडिया सो व्हेन दे बिकमफर्टेबल दिस सेट डेट ओके सेंड स्वामी अशोक आनंद तू अमेरिका और ही बिल बी सेफ्ली आउट ऑफ डी वे और ही बिल नोट पब्लिश्ड अन्य दिस कंट्रोल मैगजीन भारत सो दिस इस हो स्वामी अशोकानंद जी वह सेंट तू अमेरिका व्हेन है गोस फेयर इन सन फ्रांसिस्को ही फर्स्ट मीत दिस मेरी लुइस बट मेरी लुइस बट वज यू नो सही वज सही वज एक्चुअली गुड राइटर गुड ऑथर हर हसबैंड वह रिलेटेड तू सम पब्लिकेशन क इन पब्लिक लाइक तू रीड बुक्स ईटीसी सो फर्स्ट मेरी लुइस लिसन तू स्वामी अशोक आनंद जी लेक्चरर्स फ्रॉम सम 8 9 मंथ्स और दें सही वेट तू मीत हम और सहित आईटी आई एवर शिज डेट शेर रिमांड डिप्रैस इट्स अप और सहित लाइक हर मैरिड लाइफ और शिजेंट वांट तू लीव आईटी एवरीवन इस डूइंग डेट सो अब्जॉल्वड इन संसार दे आर सो अब्जॉर्ब इन दिस वर्ल्डली लाइक आई वांट तू डू समथिंग डिफरेंट आई वांट तू राइस अबाउट एवरीवन एल्स आई वांट प्रैक्टिस ऑफ वेदांत इन मी लाइफ सही इसे आई वांट तू विकम एन वेदांतीय व्हेन यू से डेट ऑफ कोर्स अशोक आनंद ही विकम वेरी हैप्पी हूं वैसे वेरी क्लैड और हज गेट ओके आई बिल टीच यू आई बिल गिव यू मंत्र वन दे ही गव हर ही इनीशिएटिड हर इन मंत्र श्री राम कृष्णा और है स्टार्टड टीचिंग हो तू डू जब आप हो तू डू हो तू प्रैक्टिस मेडिटेशन हो तू लीड ओनली इन पूरे लैंड वन दे व्हाट हैपन मेरी लुइस हसबैंड 3000 कि समथिंग लाइक डेट डिस्टेंस बिटवीन डेम इस लाइक कोलकाता और राजकोट देवर इसे सच एक ग्रेट डिस्टेंस बिटवीन डेम कोलकाता इस ऑन वन और ऑफ दी इंडिया इन राजकोट इस ऑन दी अदर और ऑफ इंडिया डी सिमिलरली न्यू एयर पोस्ट ऑन वन एंड ऑफ अमेरिका इट्स सन फ्रांसिस्को वेयर स्वामी अशोक आनंद उसे तू लीव और वेदांत सोसाइटी आईटी वज ऑन डी अदर एंड ऑफ अमेरिका सो मेरी लूज बट कैन सही डू सही बिल हैव तू मूव तू योर हसबैंड बट सही इस पर ए फु डेज और थैंक यू दिस मैरिड लाइफ दिस लाइफ विथ हर हसबैंड आईटी इस नोट पर हर अन्य मोर सही वांटेड तू देवोते हेरसेल्फ फूल टाइम तू वेदांत सो शेर रिटर्न तू सन फ्रांसिस्को और रेंट तू को तू मीत स्वामी अशोक आनंद बिलीव था आई कैन स्टे विद मी हसबैंड एनीमोर व्हाट सोल्ड आई दो सी आई एग्रीड तू विकम योर टीचर आई एग्री तू टीच यू वेदांत और यू शुड लीव योर हसबैंड मूव परमानेंटली तू सेंड फ्रांसिस्को वेयर यू वेयर ऑलरेडी लिविंग बिफोर मूविंग आउट तू न्यूयाॅर और दें यू कम रेगुलरली तू अवर मॉनेस्ट्री और दें आई बिल टीच यू एवरीथिंग अबाउट वेदांत टीचिंग्स ऑफ स्वामी विवेकानंद टीचिंग्स ऑफ श्री राम कृष्णा आते होली मदर और हज ग्रेट स्पिरिचुअल इरिटेट हिंदुइज्म और पूर्ण आप एवरीथिंग सो वेरी बर्थ शीघ्टेड ओके सही बिल सेपरेट फ्रॉम हर हसबैंड सही मूव पर मिनट लेट और फ्रांसिस्को जस्ट फ्यूज ब्लॉक आवे फ्रॉम वेयर अवर मॉन्स्टर वेदांत सोसाइटी वज डेट सही इस स्टार लिविंग लिविंग राइट अबाउट स्वामी विवेकानंद अबाउट आधार मांस ऑफ ओवर ऑर्डर अबाउट हर एक्सपीरियंस इस शो मी अशोकानंद जी महाराज और आउट ऑफ हर राइटिंग एवरीडे सही वुड विजिट अवर वेदर डी सोसाइटी सही वुड क इन डी शाइन अरेंज फ्लावर्स डू सम क्लीनिंग बिफोर डी शाइन ऑफ श्री रामकृष्ण और सही वुड स्पेंड लॉन्ग टाइम के स्वामी अशोकानंद विद अदर डिसेबल्स अशोकानंद जी यूज्ड तू टेक रेगुलर क्लासेस और आफ्टर डी क्लास अशोकानंद जी वुड गेदर देवर बिल बी एन इनफॉर्मल मीटिंग ऑफ जो डी डिसीप्लस एवरीवन बिल गदर तू गदर दे बिल टॉक और लाफ और थिंक अबाउट जो दिस मोस्ट थिंग्स और व्हेन यू वुड दिस मेरे लिए सो हैप्पी डेट इस सही लाइक आईटी सो मैच हर इस वन प्लस आई हैव फाउंड डी कम्युनिटी यू नो डेट आई वज एक क्वेश्चन
स्वामी विवेकानन्द
कुछ दोनों पहले यहां पर एक ऑनलाइन मीटिंग हुआ था तो उसमें मुझे पूछा गया था की क्या ये जो वो ये जो योग है या तो पर्सनालिटी डेवलपमेंट है ये सब हमको यदि सीखना है तो उसके लिए बेस्ट वे क्या है सबसे अच्छा तरीका क्या है मैंने उत्तर दिया था की कम्युनिटी लाइफ कम्युनिटी लाइफ क्यों एक फैमिली जैसा हमको चाहिए मनुष्य का जो स्वभाव है वो हमको आध्यात्मिकता बेहतर से चाहिए और साथ-साथ में ही चाहिए हमको फ्रेंडशिप हमको चाहिए एक कम्युनिटी हमको चाहिए एक फैमिली अभी भारत में पहले क्या होता था जब यह जॉइंट फैमिली थे तो जॉइंट फैमिली में रहकर के हम लोगों को एक इमोशनल पोषण मिलता था एक इमोशनल सस्पेंस मिलता था आज क्या होता है की फैमिली धीरे-धीरे करके बिखर रहा है लड़का वहां पे राहत है उसके मां-बाप वहां पर अलग से रहते हैं अभी यहां पर कुछ दिन पहले हमारे यहां एक देवोते आए थे वो मुझे बता रहे थे यही पे पास में राजकोट रहते हैं प्रतिदिन आश्रम में आकर के हमारा जो पब्लिकेशन का कम है उसमें वह हेल्प करते हैं प्रूफ रीडिंग करना है ट्रांसलेशन करना है हिंदी में से गुजराती तो बहुत ही हेल्पफुल है कितने सालों से हरे डेली आते हैं पहले डेली आते थे अभी कोरोना के बाद में अभी उनका हेल्थ भी थोड़ा सा ये हो गया इसलिए अभी बीच-बीच में आते हैं कम लेकर के घर चले जाते हैं घर पे वो प्रोफिटिंग करेंगे फिर यहां पे आकर के हमको दे देंगे और दूसरा कुछ ले जाएंगे तो वो मुझे बता रहे थे की उनका लड़का जो है वो बेंगलुरु में राहत है तो अभी वो बीच-बीच में लड़के के साथ में उसे पुत्र वधू है पुत्र है दोनों बेंगलुरु में रहते हैं और नाती है छोटा बच्चा है उनका तो ग्रैंड सन तो वहां पर जाकर के वो रहते हैं किंतु कहते हैं की वहां पे हम बिल्कुल र नहीं पाएंगे भले ही चाहे उनका लड़का उनको बहुत प्रेम करता है बहुत ही संभल के रखना है जो पुत्रों वधू है वो भी बहुत ही और रिस्पेक्ट देती है जो उनका बच्चा है इनका की ग्रैंडसन प्यार करता है बड़ा ही प्रेम करता है किंतु फिर भी वो कहते हैं की ये जो जी तरह की यह बड़े शेरों में आजकल का लाइव हो गया है की ये लोग तो दिन में चले जाएंगे जोक के ऊपर और बच्चा चले जाएगा स्कूल में तो बाल मंदिर में तो हम लोग घर में क्या करेंगे तीन के 8 घंटे 9 10 घंटे कुछ करने को नहीं है अब बाहर में भी निकलेंगे तो आपको कोई पहचानता नहीं है किसी को आपके साथ में बात करने की फुर्सत नहीं है महानगर का ये जो जीवन है जो लोग वहां पर जो इंडिविजुअल ये लोग रहते हैं वो बिल्कुल ही मतलब क्या है ना की अपने हृदय में से सब इमोशंस को शक करके पूरा ढाई करने वाला एटमॉस क्लियर है पैसा पैसा और जब और जब इसके अलावा और कोई बात नहीं डेवलपमेंट ये वो मीटिंग वगैरा होती रहेगी क्योंकि फ्रेंडशिप बोलना है एक जुनून फैमिली कम्युनिटी बोलना है वैसे तो हमारे राजकोट जैसे जो छोटे-छोटे सिटीज है वहां पे ये लोग जो सालों साल से र रहे हैं और पड़ोसी के साथ में रिलेशन है बहुत सारे रिलेटिव्स आसपास में रहते हैं कुछ भी होने से 10 लोग इकट्ठा हो जाएंगे और चलो भी कुछ कम नहीं है तो इसके वो जो घर के सामने जाके बैठ गए दो लोग खड़े होकर के आपके साथ बात करना शुरू कर देंगे यह जो अपनापन जो हमारे यहां पर है वह में नहीं है तो जब इस देवोते ने मुझे पूछा की योग वगैरा सीखने के लिए क्या करना चाहिए मैंने कहा एक ऐसी कम्युनिटी जॉइन कीजिए की जहां पे सब लोगों का एक उद्देश्य हो की हमें चलो योग सीखना है या तो फिर कोई भी आध्यात्मिक साधना करनी है अभी ठाकुर का मंदिर यहां आश्रम में है यही मंदिर आप अपने घर में भी बनाएंगे बहुत सारे देवोते ने अपने घर में मंदिर बनाए हैं वहां पे वो ठाकुर की शायद नित्य पूजा भी करते होंगे फिर भी वे लोग आश्रम में क्यों आते हैं क्योंकि आश्रम में एक कम्युनिटी है आश्रम में एक अपनापन है यहां पर जो जितने भी अपने भक्ति हैं बगैर मंदिर में जाकर ठाकुर के सामने बैठकर के चैंपियन अवश्य करेंगे मंगल आरती है इवनिंग आरती है संध्या आरती अटेंड करें फिर यहां पर जो प्रवचन वगैरा हो रहा है उत्सव वगैरा हो रहा है उसे सब में भी पार्टिसिपेट करें किंतु साथ-साथ में क्या करेंगे मंदिर से बाहर आकर के मंदिर के सामने खड़े करके कर भक्ति मिल गए तो उनके साथ में गंभीर लगाएंगे हमेशा यहां पर देखा हूं की मंदिर मुझे ज्यादा लोग बाहर में खड़े रहे थे गम ला चाहिए इसमें फिर इन लोगों को दोस्त देने की जरूर नहीं है क्योंकि यह जो कम्युनिटी लाइफ एक कम्युनिटी लाइफ आध्यात्मिक जीवन जितना ही हमारे लिए जरूरी है यह जिसको हम विद्या का संसार कहते हैं ना विद्या का संसार अर्थात इस तरह का संसार इस तरह कम्युनिटी जो की ईश्वर समर्पित हो यहां पे आकर के हमारे मां को सुकून मिले दो बात हम अपने मां की दूसरों को कहेंगे दूसरों की दो बातें हम सुनेंगे तो इससे जो एक्सचेंज ऑफ आइडिया और एक्शन जो इमोशंस ऑफ एक्सचेंज ऑफ भाव ये जो होता है उससे हमारे मां को जो है साइकोलॉजी का स्ट्रैंथ मिलती है आजकल जो छोटी-छोटी चीजों में हमको स्ट्रेस डिप्रेशन है ये जो हो जाता है क्यों होता है ज्यादातर लोगों को देखिएगा जिन लोगों को डिप्रेशन होता है वैल्यू इस तरह के न्यूक्लियर फैमिली में रहते हैं की वहां पे हसबैंड वाइफ अकेले हैं और उनका लड़का है वो अपने माता-पिता का ही अलग रहते हैं या तो फिर रिलेटिव्स के साथ में इतना कोई संबंध नहीं है और यदि फ्रेंड्स भी है तो वो कम के लिए है कम के लिए इकट्ठा उनके बात करेंगे और फिर बस बात हो गई खत्म कम जैसे पूरा हुआ हो गई बात खत्म तो यह जो कम्युनिटी का जब अभाव होता है कम्युनिटी जब नहीं मिलती है फैमिली नहीं मिलता है तब हमेशा अपना मां छोटी-छोटी बटन में डिप्रेशन में चला जाता है तो इसीलिए ये जो मेरी लुइस की मैं बात कर रहा था की उसने जब अपने हसबैंड से सेपरेट हो करके वहां पे सन फ्रांसिस को आना शुरू किया तो वो सब चीजों में पार्टिसिपेट करेगी वहां पे श्री है श्री का क्लीनिंग करेगी ठाकुर के सामने फूल वगैरा सजा आएगी फिर वहां पे शोकानंद जी महाराज क्लासेस कंडक्ट करते थे तो क्लासेस अटेंड करेंगे किंतु साथ-साथ में ही वो वेदांत सोसाइटी सन फ्रांसिस्को का एक बहुत ही इंपॉर्टेंट पार्ट था की क्लास खत्म होने के बाद में वो जो नेक्स्ट स्टेज है माइक्रो है वहां पे अशोकानंद जी और ऐसे कुछ डिसाइड इकट्ठा होते थे जो की फिर सभी चीजों के ऊपर में सब तरह के गैप लगाते थे वहां पे आप जो चाहे बोल सकते हैं जो भी चाहे इनफॉर्मल क्वेश्चन कर सकते हैं और अशोक आनंद जी आपको गहरी विषय के बड़े में बताएंगे फिर वो चाहे साहित्य हो या फिर जो अश्वगंधा स्टाइल था की वहां पर न्यूज़पेपर ना उनको बड़ा अच्छा लगता है और अच्छे-अच्छे जैसे गार्डनिंग कम है जैसे ये वाइल्डलाइफ का मैगजीन है जी से ये जो ट्रैवल इनकम है वैसे जब पॉलिटिक्स के अलावा जो सब ऑफ टॉपिक रहते हैं आर्ट कलर वगैरा थोड़ा उनको अच्छा फोटोग्राफी का मैगजीन उसमें फोटोग्राफी नई-नई चल रहे थे तो वो कुछ मैगजीन पढ़ेंगे खोलेंगे उसके पेट उल्टा टाइम जो आर्टिकल उनको अच्छा लगा वो पढ़ के सुनेंगे भाई जैसे की एक आदमी ने गार्डन के बड़े में कुछ लिखा था उनको बड़ा अच्छा लगा की हां जैसे वेस्ट प्रोडक्ट बेस्ट में से बेस्ट कैसे बना सकते हैं तो पढ़ते सुनेंगे सब लोग सुनेंगे और बड़ा ही उनको आनंद होगा देखिए इस आर्टिकल में या इनफॉरमेशन में ऐसा कुछ नहीं की जो की हमको अशोकानंद जी से सीखने की जरूर हो तो हम अपने से ही पढ़ सकते हैं अपने से ही कर सकते हैं किंतु फिर भी एक सन्यासी से ये सब सुना सब भक्तों लोग इकट्ठा होकर के बैठे हैं उसका महल में क्या कम्युनिटी लाइफ है वहां पर चाहे कोई भी बात करो सिर्फ साथ में रहने से हृदय के ये जो सूत्र मिलने से हमको वो जो एक आनंद मिलता है वो आनंद जो है हमारी निराशा है या तो हमारे जो डिप्रेशन है उसको कहानी भाग देता है जो आज के मॉडल लाइफटाइम डिजीज है हाईटेंशन है या हाइपर डायबिटीज वगैरा ये सब भाग जाता है जब आप 10 लोग इकट्ठा होकर के बात करते हैं तो ये मेरी लिस्ट पढ़ने क्या किया की उसने यह सब रिकॉर्ड करना शुरू किया की अशोकानंद जी के साथ में वो जो वो मैंने अशोकानंद जी क्लास में क्या बोलते थे उससे ज्यादा तो वो जो बैग ऑफिस जो था उनका वहां पर क्या बोलते थे उसकी नोट्स उसने ज्यादा राखी है मैंने अशोकानंद जी कभी किसी किसी को सदैव डटना शुरू कर देंगे अरे तुमने ये कम ठीक से नहीं किया वो कम ठीक से नहीं किया और वो उनका गुस्सा भी पड़ा था और फटकार के जहाज भी हो जाएंगे फैट करके गुस्सा भी हो जाएंगे और फिर साथ में शांत भी हो जाएगी दूसरी क्षण में एकदम मजे से बात करना शुरू करेंगे और कभी कभी किसी को ऐसा जोर से दांते थे की कोई नया भक्ति यदि आया है कोई नया स्टूडेंट आया है क्लास अटेंड करने के लिए ऊपर अरे आप रे भागो यहां से ये तो बड़ा किंतु ये तो महापुरुष जो होते हैं उनका ये जो गाली-गलौज भी है इनका जो गुस्सा भी है वो यदि हमको प्राप्त होता है तो हम लोग बड़े ही भाग्यवान है क्यों क्योंकि इससे हमारे जो संस्कार जो है कर्म जो है हमने जन्म जन्म दर्शन बटर कर के ये जो उसका वो जो एक पूरा देर अपने मां में बिठा उसे सबको को फटाफट करके वो जल देते हैं हमारे मां को शुद्ध पवित्र करते हैं ठाकुर जब दांते थे स्वामी जी जब दांते थे हम लोग कच्छ पचा कोई होगा तो उसका तो हार्ट फेल हो जाएगा एक गली देंगे की आपने कहानी सनी नहीं होती और ऐसा गुस्सा करेंगे की जैसे रुद्रा स्वयं करने के लिए उपस्थित हो गए हैं और उनका गुस्सा सहन करना किंतु उनके गुरु भाइयों से ये स्वामी जी जब दांते थे उनके गुरु भाइयों के अलावा किसी का साहस नहीं था की सामने जा के खड़े रहे और फिर स्वामी जी गुस्सा होते थे तो बेलूर मठ में ऐसा था की कोका महाराजा स्वामी सुबोध सुबोध नाना जी महाराज तो सुभिदानंद जी महाराज का एकदम पता चला वो तो मटके प्रेसिडेंट है राजा महाराजा स्वामी जी जग दिखता है राजा अमर जिओ बढ़ो अर्थात की आध्यात्मिकता में राजा मेरे से भी बड़ा है हालांकि अभी स्वामी जी तो क्या है की सबकी प्रशंसा करेंगे जिसमें तो कोई बात नहीं है किंतु मतलब यदि किसी की प्रशंसा किया थे तो उसमें तो कुछ तो वजन भी तो होना चाहिए तो ऐसे राजा महाराज भी यदि पता चला की स्वामी जी नाराज होकर के बैठे तो उनके पास जान का साहस नहीं करेंगे लोग क्या करेंगे सुभिदानंद जी महाराज जी लोग खोखा महाराज कहते हैं कोका अर्थात बच्चा तो उनका बच्चे जैसा सरल स्वभाव था पहले वो सुबह गाना जी महाराज को भेज देंगे बोले की चास स्वामी जी के साथ बात करके आओ देखो कैसे मूड में है तो कोका हमारा जो है वो आराम से स्वामी जी के पास बच्चे की तरह एक बात करते थे की स्वामी जी गुस्सा करके भी बैठ रहे हैं तो बड़ा उनका धीरे-धीरे वो शांत हो जाता है अरे ये तो बच्चा है बच्चे पे ये तो गलत बात हो गई यदि कोई कमजोर आदमी है या तो आपसे छोटा है या तो फिर आपकी शरण में आया है उसे पर गुस्से करने करना की जैसा पाप और कोई नहीं है जो आपके समक्ष है जिसमें की दम है ये गुस्सा जलना का तभी उसे पे गुस्सा करना चाहिए स्वामी जी तो ये सब चीज बड़ी अच्छे समझते थे तो कोका हमारा जब आकर के बैठ जाएंगे हंसी मजाक करेंगे बच्चों की तरह तो स्वामी जी का गुस्सा शांत हो जाता है जाकर के सबको बोलेंगे देखिए लोगों की चलावी जी शांत हो गए अभी जो दीदी कुछ बात करनी है तो राजा महाराजा है तो शरद महाराज है स्वामी जी के साथ जाकर के अपना कम निकाल लेते थे तो ये जो अशोकानंद जी का भी यहां पे कभी-कभी ऐसा गुस्सा हो जाते थे किंतु किस पे गुस्सा होते थे जो की उनके पास रेगुलरली आते थे जिनको की पता था की हां स्वामी का जो गुस्सा है वो तो एक बहन दिखावा है अपने को डिसिप्लिन करने के लिए आध्यात्मिक जीवन में यदि कोई हमको डिसिप्लिन नहीं कर पता है तो फिर क्या है की हम अपना जीवन गठन ठीक से नहीं कर पाएंगे क्योंकि हम लोग सोचेंगे की मैं अपने को डिसिप्लिन करूंगा ऐसा होने वाला नहीं है कभी भी वही ए नहीं की कोई एक टीचर चाहिए कोई एक गुरु चाहिए जो की डंडा मार के हमको बीच-बीच में बताएं की भाई ये जो तुम कर रहे हो ठीक नहीं कर रहा अभी कल ही हमारे महाराजा थे वो आप हमारे मैगजीन प्रति नियमित आर्टिकल लिखने हैं तो बीच-बीच में कभी क्या है कभी वह तो पहले तो हमारे जैसे थे अभी तो अध्यक्ष हो गए आश्रम के तो अभी अध्यक्ष होना तो एक बड़ी बात है आश्रम की अध्यक्ष को तो बहुत सारे रिस्पांसिबिलिटी रहती है वो कुछ अकाउंट का कम होगा प्रवचन देना है बाहर जाकर के कितने लोग मिलने को आते हैं तो अभी उन्होंने आर्टिकल नियमित लिखना बैंड कर दिया है तो कल आए थे हमारे पब्लिकेशन सेंटर की मुलाकात के लिए तो मैंने कहा हमारा जटिया पार्टिकल नहीं देते हैं हमको पता है की आप अध्यक्ष हो गए बड़े आदमी हो गए हम क्या करेंगे हमारा तो एक ऑथर चला गया बहुत ही अच्छा होता आपके लेख जो है हमारे संवाचक बड़े ही मतलब आनंद से पढ़ने हैं तो हमारा तो एक अच्छा लेखक हमने घुमाया एक आश्रम को अपने ओल्डर को एक अच्छा अध्यक्ष मिला राम कृष्णा ज्योत का एक अच्छा लेखक चला गया तो हमारा बोलना है नहीं नहीं मैं लिखूंगा किंतु तुमको डंडा लेकर के उभरती करना है की अभी आपको इतने दोनों में ये आर्टिकल देना ही होगा तभी मैं लिख पाऊंगा अदर वाइस नहीं लिख पाऊंगा देखिए की यदि कोई भी कम हमको करना है तो उसके लिए यदि कोई अपने सर पर बैठकर के आपको गाइड नहीं करेगा और आप ये बोलेंगे की नहीं मैं अपने खुद के पास प्रेरणा से करूंगा तो बहुत कम लोग इसमें सफल हो पाते हैं स्वामी जी जैसे स्वामी जी को हाथ कान पड़कर के सही रास्ता दिखाने वाले ठाकुर थे तो फिर हम किस खेती मिली है अब इस स्वामी जी एक दिन ठाकुर के पास आए और बड़ा ही आनंद करके बोलने लगे महाशय मैंने एक भारतीय खाना खाया हिंदुओं के लिए क्या हो सकता है सोच लीजिए खाने पीने के मामले में शहर के मामले में वो बड़े ही सावधान रहते थे और कोई भी ऐसा कोई कार्य करके आएगा जो की हिंदू मत के समर्थन में नहीं है तो बड़े ही वो उससे दूर दूर रहना शुरू करते थे तो अभी ये जो स्वामी जी ने जब आकर के कहा की मैं ऐसा कुछ खाना खाकर के आया हूं जो की खाद्य है वो सोचते थे ठाकुर को ऐसा ही चाबी देने के लिए ठाकुर को वैसा ही मतलब वह देखने के लिए कैसा रिएक्ट करते हैं लोगों का भी ऐसा राहत है ना की देखते हैं की केसरिया करते हैं तो वो सोचते थे की ठाकुर बड़े नाराज हो जाएंगे अभी गुस्सा करेंगे उससे दूर हो जाएंगे कहा जो यहां से भागो जब फिर बाद में आना कभी किंतु ठाकुर बड़े शांत मिजाज से का देते थे की अच्छा तुमने जो खाया है तुम्हारे भीतर में ये जो जात्रा आदमी है वो तो रुद्रा का स्वयं है उसमें सब कुछ स्वाहा हो जाता है वो पता है ना मारवाड़ी भक्ति ठाकुर के पास आते थे बहुत सर मेवा मिठाई पिस्ता बादाम लेक आते थे तो ठाकुर कहते थे की इन लोगों का तो असद कार्य करके ये सब इकट्ठा किया है पैसा वगैरा तो इनका ये जो यहां पे जो सब चीज ले हैं ये मेवा मिठाई वो लोग कोई सामान्य भक्ति नहीं का सकता उससे की क्या है की इन लोगों के दुष्कर्म इनको ग्रहण करने पढ़ेंगे तो कहते थे नरेंद्र को बुलाओ नरेंद्र सब का लगा तो ये जितना मेवा मिठाई है सब नरेन अकेला और बड़े मजे से फिर बोलना था अच्छा बहुत अच्छा हुआ तो यह जो सन्यासी जो है एवं नरेंद्र जैसे सन्यासी गोस्वामी विवेकानंद जैसे सन्यासी का कान पड़कर के उनको सही रास्ता दिखाने वाले ठाकुर थे तो हमारे जीवन में भी यदि हम कैसे कभी डिसाइड करें की मुझे सुपर को अर्ली मॉर्निंग उठाना है इस समय में उठेगा तो फिर ये उठने के लिए मुझे किसी को बोलना पड़ेगा नहीं उठ पाव तो डांटना मुझे तभी ये सब कम जो है तभी अपना लाइफ जो है डिसिप्लिन में चला है इसलिए बहुत सारे भक्ति क्या करते हैं लोगों का टीम राहत है की हमने एक चीज डिसाइड किया की हम लोग नियमित बैठ करके जो है कथा अमृत का पाठ करेंगे तो साथ में बैठकर के बात करने से क्या होगा की यदि मेरी इच्छा नहीं है किसी दिन अभी आलस की वजह से या तो फिर थकान की वजह से संसार में तो इतने सब कार्य चलते रहते हैं बाहर जाना हुआ किसी को किसी के साथ मुलाकात हो गया या तो जब ऊपर है या तो घर में है बहुत सर हमको कम करना पड़ा ना हो जाए अब बोलेंगे मैं अकेला टीम में बैठकर के ग्रुप में बैठकर के फैमिली में बैठ करके चली हम ये सब चीज करते हैं तो क्या है की हमारे जो मित्र है वह हम पर प्रेशर डालेंगे अरे गए हो तो क्या है साथ में बैठो तुम मत पढ़ना हम लोग पढ़ लेंगे तो ये जो कियार प्रेशर जो है ये जो फैमिली का प्रेशर है वो हमको एक आध्यात्मिक रास्ते में नियमित रूप से चला के रखना है स्पिरिचुअल लाइफ में एक चीज हमेशा ध्यान रखना है अनियमितता दे तू दे प्रैक्टिस हनी ही चाहिए ये ऐसा नहीं है की चलो हमने एक पूरा पहाड़ जैसे की देखिए आध्यात्मिक जीवन में दो तरह के साधना होती है एक तो है प्रसंग का अनुरूप साधना होती है जैसे की मैंने ठीक कर लिया की मैं कैलाश मानसरोवर की यात्रा करूंगा अभी आज का कई लास्ट मानसरोवर नहीं उसे समय का जबकि ये सब यात्रा का एक मीनिंग राहत था अभी तो आप गाड़ी में बस में जो प्लेन में आधा रास्ता चले जो फिर वहां से वो हेलीकॉप्टर वगैरा में चले जो और गाड़ी में चले जो ऐसा नहीं हुआ कष्ट करके पैदल चलते चलते धर्मशाला में रहते थे यात्रियों के ऊपर में डिपेंड करते थे खाना नहीं है तो मैं अपने शहरी यात्री से लूंगा और उसके पास नहीं है तो मैं अपना खाना शेर करूंगा अभी तो सब व्यवस्था करके जाता है तो वो एडवेंचर जैसा कुछ राहत ही करती है सब कुछ प्रिडिक्टेबल होता है यात्रा में अनप्रिडिक्टिबिलिटी अपने शहरी यात्रियों पे या तो फिर ईश्वर पर भरोसा करके संपूर्ण अनिश्चित से बाहर निकालना वही सही यात्रा है जैसे खुदीराम वो जो बोधगया वगैरा जो जाते थे तो कैसे चलते थे एक जोली ले लिया जोली में दो-तीन कपड़े हैं और एक दो दिन का सीधा है अर्थात की वो जो सिद्ध जिसको बोलते हैं खाने का समाज है एक-दो दिन का बस उसके बाद में ईश्वर के ऊपर निर्भर होकर के कहानी धर्मशाला मिल गई कहानी साधु संज्ञा से मुलाकात हो गई सद्गुरु हस्त के साथ मुलाकात हो गई सभी यात्री मिल गए जिन्होंने हमको खाना दिया तो ठीक है नहीं खाना मिला तो फिर वो जो ईश्वर इच्छा बलवान जो भी ईश्वर का है वो गंगा का पानी पीके वो तृप्ति के साथ पेड़ के नीचे सो जाएंगे औषध दम हो गए तो गंगा का पानी की औसत है और भगवान नारायण ही हमारे वैद्य है तो ऐसी संपूर्ण अनिश्चित के साथ में यात्रा करना तभी वो ईश्वर का जो यात्रा का फल मिलता था ठाकुर कहते हैं की सही सही आध्यात्मिक सड़क कौन हो सकता है तो कहते हैं की खजूर के पेड़ से दोनों हाथ पर छोड़ करके मुक्त रूप से जो जंप लगता है वही सही-सही है खजूर के पेड़ बहुत लंबा होता है वहां पे वो बिना किसी पैराशूट के या बिना किसी रस्सी बंद है आप यदि जंप लगाएंगे और जमीन पे गिरेंगे तो इच्छा होने की बड़ी संभावना है किंतु ईश्वर पर भरोसा करके मैंने जंप लगा दिया और ईश्वर ने मुझे बच्चा लिया तो वो जो भरोसा रख करके निश्चित ता के साथ में ईश्वर भरोसा एक मंत्र मेरा अवलंबन है ऐसा करके मैं यदि जंप लगाऊंगा ऐसा करके मैं कोई भी कार्य आध्यात्मिक कार्य आराम करूंगा तो उसका सही सही फल मिलता है तो यह हो गई प्रश्न वो पत्र साधना की कोई प्रश्न को लेकर के या तो हमने यात्रा की या तो फिर ये जो चैत्र मास है नवरात्रि उसमें मैंने उपवास किया या तो फिर ये पर्यूषण में शाहिद लोग जो उपवास करते हैं वो किसी ऑक्शन को लेकर के या वत सावित्री व्रत है वगैरा जो व्रत हम करते हैं एकादशी का उपवास करते हैं किसी प्रश्न को लेकर के हमने साधना की है और दूसरी प्रकार के साधना है डेली साधना डेली साधना में क्या है की हमने एक नियम किया की इस समय इतना समय तक सुबह को 7:00 बजे 8:00 बजे जो भी हो मैं 10 मिनट 15 मिनट 20 मिनट ये एक कार्य करूंगा या तो पाठ करूंगा या तो फिर जो है की मैं जाप करूंगा या तो फिर जो है की मैं आजकल तो युटुब पे बहुत सारे लेक्चरर्स होते हैं लेक्चर शुरू होगा जो भी है एक केन में धार्मिक कार्य करूंगा तो यह जैन दिन साधना जो है वो हम कभी रख पाएंगे जब भी हमारे पास में एक कम्युनिटी होता है हमारा काफी पकड़ करके अपने को सीधे रास्ते पे लाने के लिए यदि ऐसा कम्युनिटी नहीं है तो बीच-बीच में क्या होगा की वो चुप जाएगा मेरा दूसरा अगले दिन बहुत ही कम किया है आज तक गया हूं आज छोड़ो जैसे पहले के वो जो ब्राह्मण जो होते थे ना वो जो तर संध्या जो करते थे अभी उनका डेडीकेशन आज हम को पता चला है स्वामी जी कहते हैं उसे समय ये जो इनफॉरमेशन की सब बातें चल रही थी हिंदू समाज में यह जो सब पुरी रिवाज है पर नीतियां है चलो इनको ठीक करो यह जो सती प्रथम है बाल विवाह प्रथम है यह जो विधवा को इतना कष्ट होता है ये हिंदू समझ में इनफॉरमेशन लाने की जरूर है इस समय स्वामी जी कहते थे की आप लोग ब्राह्मण को चाहे कितना भी गली दो और स्वामी जी खुद सबसे पहले थे की ब्राह्मण लोगों ने ये जो की समाज के पिछड़ी वर्ग है पिछली जाति है उनको निकलेंगे किया है बोलकर के ही ये जो विदेशी ताकत है हमारे दुश्मन है उनको पर रखना का एक जगह मिला पिछली जातियां के पास जाकर के बोल दिया की ये ब्राह्मण लोग आपको अन्य करना है आपको नेगलेक्ट करना है आपको हिला कर रहा है चलो आप मेरे पास ए जो हम लोग आपकी संभल रखेंगे तो जब उनकी अवहेल ना हुई इस वजह से जो है विदेशी ताकत को भारत में पर रखना की एक जगह मिली बोलकर के स्वामी जी बड़ा ही युवाओं की क्रिटिसिजम करते हैं निंदा करते हैं किंतु साथ-साथ में स्वामी जी ये भी कहता है की एक ब्राह्मण के सबसे बड़ी ब्राइटनेस है वो जन्म अंतर तक उसके पूर्वज जितने भी है एक के बाद एक पड़ी इधर पड़ी जितने भी ब्राह्मण के लड़के हुए वो सभी लोग नियमित रूप से ये जो त्रिसान्या वगैरा जो कार्य करते हैं वो इतना धरण निश्चित पूर्व करते हैं की इस से उन्होंने भारत में हिंदू धर्म आध्यात्मिकता की ये जो न्यू है वो बना के राखी है मकान में चाहे कितने ही वो गुलाब बारूद पढ़ने हैं मकान में जितना भी नुकसान हुआ हो न्यू जो है फाउंडेशन जो है हिंदू धर्म का ये ब्राह्मण लोगों ने बच्चा के रखा है है तो वह उसे समय होता था की ब्राह्मण संध्या करेगा अर्थात करेगा ही आजकल हम लोग जो देख रहे हैं ना मुस्लिम लोगों में कभी-कभी वो प्लेन में नमाज पढ़ना शुरू कर देते हैं कभी रास्ते पे नमाज पढ़ना शुरू कर देता है वो जिससे की लोगों को बड़ा तकलीफ भी होता है बड़े लोग नाराज भी हो जाता है और पॉलिटिक्स इसका बड़ा चला है किंतु एक चीज यह सबसे हमको देखना है यदि कोई सही सही मुस्लिम है वो सही सही वो नमाज पढ़ना है अपने टाइम से तो उसकी आध्यात्मिक उन्नति कितनी हो जाएगी हम यदि उन्होंने मंत्र लिया है जो भी मंत्र जाप किया जो नियम उन्होंने सुना है जब गुरु महाराज कहते हैं अपने वाइस प्रेसिडेंट महाराज की आपको एक समय देखकर के इसको नियमित उसको जाप करना ही है तो ये तो थ्री संजय हो ब्राह्मण की या तो फिर हमारा मंत्र जब का ये नियम हो वो नियम लेकर के करना ये कोई भी जब या तो फिर आध्यात्मिक अनुष्ठान वो कितना बड़ा चीज है यदि आप 10 दिन 10 मिनट 20 मिनट प्रतिदिन करते हैं तो इससे आपको और कुछ नहीं चाहिए क्यों कहा ऐसा नहीं है की आपको दिन भर बैठ करके ये करना वो करना वोकेशन होता है तो आप यज्ञ है या तो फिर विधि है ये आप सब कुछ कीजिए किंतु दिन प्रतिदिन की साधना के लिए कुछ समय कुछ मिनट्स आप यदि उसको एलोकेट कर पे नियमित रूप से तो डेट इस इनफ तो उसे समय हमारी निष्ठानिक में स्ट्रांग थी ब्राह्मण की और बाकी सब सादात थे की अपनी निष्ठा से ही वो दिन प्रतिदिन के साधना कर लेते थे आज हमारी निष्ठा में शायद कुछ कमी आई है तो फिर उसका सॉल्यूशन है ये कम्युनिटी लाइफ यदि हम साथ मिलकर के कुछ वक्त एक ठीक करते हैं की इस निश्चित समय पे ये निश्चित कार्य करना ही है तो यदि मैं यदि थोड़ा सा उसमें आलस करूं तो हमारे मित्र जो है कैट पकड़ कर के बोलेंगे नहीं साथ में रहो ये तो तुमको करना है तो ये अशोकर्णनंद जी के साथ में दिन प्रतिदिन की ये जो डिस्कशन मेरी लिस्ट क का जो पता था उसने वो जो किताब लिखी है डिसाइड जर्नल अभी मैं पढ़ रहा हूं और उसको पढ़ करके मुझे इतना आनंद होता है यह जो सब आध्यात्मिक जीवन सिर्फ उसमें नहीं है की आप सब समय ब्रह्मा है भगवान विष्णु है भगवान राम है उनके प्रश्न की आलोचना करें या तो ब्रह्मा है वेदांत है माया है इस तरह के वो जो दार्शनिक तत्व जो है उसकी आलोचना करें इसके अलावा भी साथ मिल बैठ करके गैप लगाना था इत्सेल्फ इस एन ग्रेट पार्ट ऑफ स्पिरिचुअल प्रैक्टिस वह अपने आप में आध्यात्मिक साधना का एक बहुत बड़ा अंग है तो इसीलिए जब यहां पे स्वामी जी कहते हैं ना की इन डी स्टेट ऑफ सैटर्न और बी सी डी वेरी नेचर ऑफ थिंग्स रीजन यदि हमारा एक हम एक जो है एक अहंकार जो है उसको लेकर के हम जब घूमते हैं तो अभी निष्ठा होगी मेरे में तो अहंकार अपने से चला जाएगा ओल्ड निष्ठा नहीं होगी तो अहंकार शायद ना जाए तो इसके लिए यह जो अपने को ग्रुप में यह जो साधना करनी है जिससे की मैं अपने हम को धीरे-धीरे करके पास में हटा सको मैंने ये किया मैंने वो किया जब हम मित्र मंडल करते रहे हैं जिन्हें तो हमारे मित्र हमसे भाग जाएंगे वो बोलेंगे वो अपना ही बड़ा बता रहा है वो अपनी ही प्रशंसा कर रहा है वो अपने ही बड़े में बोल रहा है तो मित्र जो है उससे वो अलग हो जाएगी देखिए मेरा खुद का एक फिटनेस है की मैं जो है बहुत ही कम बातें करता हूं अभी क्लास में बोलना हूं की तू क्लास के बाहर में बहुत ही कम बातें करता हूं इसको बहुत लोगों को ऐसा लगता है की ये बहुत अहमकारी है तो फिर जब ऐसा होता है ना जो की इंट्रोवर्ट जिनका नेचर है उनको इस तरह से मित्र बनाना बड़ा मुश्किल होता है जो की अहंकारी है उसके लिए तो मुश्किल है क्योंकि थोड़ी डर के बाद में सब लोग उठ जाएंगे अरे वो अपने ही बड़े में बोलना जाता है मैंने मैं वहां पर गया मैंने वो प्रशंसा प्राप्त की वो मेरी इस तरह से प्रशंसा कर रहा है मैंने इस तरह से सक्सेस प्राप्त की मैंने ऐसा करके ऐसा कर दिया कुछ ही दोनों में आपसे लोग चले जाएंगे किंतु आपको जब ये मित्र मंडल बना के करना है एक अपने सहसानुहार दिया वाले एक साधकों का एक ग्रुप बनाना है तो मुझे मेरा में जो है उसको साइड पर रख देना होगा तो ये कम्युनिटी लाइफ इत्सेल्फ इस एन ग्रेट इंपैक्ट स तू स इन कीपिंग अवर एक आते मेरा जो मैं है मैं ये कर रहा हूं मैं ये कर रहा हूं मेरा कम्युनिटी लाइफ धीरे-धीरे करके अपने हम को जो है धीरे-धीरे करके उसको कंट्रोल करने में वो बहुत ही उपयोगी है सहायक है किस डायबॉलिज्म इन स हमारे बेहतर भी ये जो अहंकार का रक्षा है उसको खत्म कर दो उसका नस कर दो नोट आई बट हो सेठ फूल आईटी मैं नहीं तुम साथ में जो मित्र होता है तो मित्र को जब आपत्ती उसको कुछ कठिनाई मुश्किल हो जाति है तो फैट करके हमसे जाकर के खड़े रहे की अच्छा भाई किस तरह से तुमको मदद चाहिए तो मेरा जो हमने वो धीरे-धीरे दूर हुआ और मैं नहीं तुम यह भावना जो है धीरे-धीरे प्रकट हो अच्छा