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Swami Vivekananda Letters ·

Letters of Swami Vivekananda || স্বামী বিবেকানন্দের পত্রাবলী || 18 may 2025

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ओम स्थापकायच धर्मस्य सर्व धर्म स्वरूपण अवतार वरिष्ठाय राम कृष्णाायते नमः तले आज के स्वामी विवेकानंद एकटा पत्र ओानी एक आलोचना करो पत्र टी लिखा होए छ जुक्त राष्ट्र अमेरिका थेके के 1895 स्वामी रामकृष्णानंद के लिखित ए पत्र अ उद्बोधन थेके स्वामी जी पत्रावली बोले एक बही बेेर होए छे तार भीतरे स्वामी जी अनेक गुलो पत्र आ तार भीतरे ए पत्र क्रमांक हो 198 स्वामी जी लिख छे कल्याण बोरेशु तोमा दे एक पत्र अनेक समाचार ज्ञात होलाम तबे शकले विशेष समाचार लिखो नाई निरंजनेर एक पत्र मध्य पाई से शिलोन जते छे संत पाई शारदा जहां करते छे ताहाई अमार अभिमत तबे रामकृष्ण परमहंस अबतार इत्यादि प्रचार करब आवश्यक नहीं तनी परोपकार करते आशिया छिले निज नाम घोषणा करते न चेलारा गुरु नाम करे गुरुजा शेखाते ऐसे छिले ताते जलांजलि दली दे आर दलादली इत्यादि तार पल अच्छा एटा प्रथम पैराग्राफ हमरा पढ़लाम एक देखी जे ए पत्र स्वामी जी लिखे छ अमेरिका थेके तार भीतरे बैकग्राउंड टाकी हमरा अनेके होय तो स्वामी जी जीवन घटा घटनावली आ ओटार शंगे परिचितो हमरा जानी जे 1886 अगस्त मासे श्री रामकृष्ण देव महासमाधि ग्रहण कर ले और तार पर ए जतो उन त्यागी शिष्य छिलो उनारा सबाई बराह नगर मठे ऐसे जुक्त होए एकटा रामकृष्ण संग आविर्भाव कर ले और हमरा ताओ जानी जे ठाकुर निजे ए छले दे गिरवा दिए काशीपुर ही ओर के भीतर थेके तो सन्यासी करे दिए छ तबे एरा विधिवत बिरजा होम करे गुरु भाईरा सन्यास ग्रहण कर लेन 1887 जनवरी मासे वराह नगर मठे तार भीतरे जे स्वामी जी आर गुरु भाई उन ओनारा 1886 थेके 1890 ए कोई बछ नियरली फोर इयर्स बराह नगर मठे थाकलेन तार भीतरे स्वामी जी माझे माझे उत्तर भारत पर्यजटने ग छिलन जतोगो तीर्थ क्षेत्र आचे ओटा दर्शन करार जन हमार बोध हो तीन बार ए रकम करे स्वामी जी बेरिय छिलन उन गि छिले एक बार ओ जे भागलपुर तार पर देवघर तार पर वाराणसी ता पर वृंदावन गाजीपुर ए सब कथागो आमा देर जाना छे किंतु तार पर स्वामी जी मने कथा उठलो जे उननी ए बार जोखन जावेन तीन बार जोखन गए छ तीनो बार उननी फिरत तो ऐसे गए छ किंतु चतुर्थो बार उन जोख संकल्प कर लेन जे ए बार जोख आ जाचीी आ सिद्ध जो ना हो ततो दिन आ फिरत आशबो ना और स्वामी जी भीतरे सु आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त आशा छिलो ना शेटा तो ठाकुर निर्विकल्प समाधि स्वामी जी के वही काशीपुर ही दिए दिए छिलन किंतु ठाकुर करे छ कि वही लोक करे स्वामी जी के बोलचे ताला दिए एक चाबी अमर हस्ते थक लो स्वामी स्वामी जी के बोले छ जो स्वामी जी बोलले ठाकुर के कि आमी तो चाहिए जे निर्विकल्प समाधि ते बूंद होए थकते माझ नीचे आशबो समाधि थेके एक खावा दावा करो शरीररे रक्षणा बेण करे आ समाधि ते डूबे जावो तखन श ठाकुर बोले छिले नोना के जे एटा तो बो हीन कथा आ तो भबे छिलाम तुम तो बोखो होवे तार नीचे कतो पापी तापी शीतल छाय ग्रहण करवे तो तो ए शीतल छाय म शेड मने कूल शेड एतो लोकेरा ग्रहण करवे तार जन तो स्वामी जी के से बराह नगर म के बेरुते होवे पुर भारत भ्रमण करते होवे पुर जगत भ्रमण करते होवे भारत केमन अवस्था आर्थिक सामाजिक राजनैतिक केमन दुर्दशा आ शेटा एकटा खूब भो करे अंदाज ओना के पेते होवे एनालिसिस करते होवे तार पर विदेशियों जखन स्वामी जी जावे विदेश जेटा सिद्धि साइंस एंड टेक्नोलॉजी भीतरे शेटाओ स्वामी जी के दर्शन करे शेषे नतुन भारत गड़े तोलार जनो एक नक्शा प्रस्तुत करते होवे तो से नक्शा प्रस्तुत करार जनो स्वामी जी के बराह नगर मठ थेके जेते हो शंगे नीलेन उननी अखंडानंद जी महाराज के मातखन खुशड़ी ते छिलेन माय काछे गिए माय पाद पदे आवेदन निवेदन करे छिलन जे मां ए बार आ जाची आर मां पुर उन्हें खूब मन भरे स्वामी जी के आशीर्वाद दिए छ अखंडानंद जी के बोले छे जे आार सर्वस्व किु तोमार हाथ दिला देखो नरेनेर जेनो किछु कष्टो ना होय तो ए रकम करे स्वामी जी अखंडानंद जी शंगे हिमालय भ्रमण कर लेन ओखाने अल्मोडा ते गुफाए तपस्याओं कर लेन तार पर उननी पूरा भारत देश भ्रमण करे छन किंतु एकटा कथा आ जखन अल्मोड़ा थे के स्वामी जी नीचे एलेन एटा वाे अनेक गुलो गुरु भाई मिलन होए छिलो शेखा ने जेनो एकटा छोटोो रामकृष्ण मठ एकटा छोटोो वराह नगर मठ आ एक किु दिन ग तुले छिलो तखन स्वामी जी सई गुरु भाई के बोलले जे देखो एक नाम बोध हो जे ए बार थेके जे परिक्रमा परिभ्रम आ जे प्रवज आ शेटा आमा के निजे एक को करते होवे आपनारा आर संगो छेड़े दिन आ एक जाओ एक थे के तो गुरु भाईरा प्रथम तो एकू निराश होए गले एकू अबाको होए ग स्वामी जी एक कोई कथा बोलचे जे एक थे के उननी एक भ्रमण कर ज हो स्वामी जी इच्छा के तो किु बोलते पारबे ना तबे स्वामी जी जोखन ओखान थेके बेरु लेन एटावा थेके दिल्ली गन तखन राजा महाराज जी कोई एक जरा दिल्ली ग छ स्वामी जी संग आभार देखा होए छ किंतु तार पर स्वामी जी एका निसंग भ्रमण करे छे तार मध्य माझे मध्य बोध हो आबू ते मुंबई ए रकम कह गुजराते क दिन जो किु समय जो गुरु भाई शंगे देखा होय छे किंतु से स्वामी जी तोखन थेके जे इटावा थेके बेरिए छ तोखन उनार पुर जे जीवन उद्देश्य जेो पुर चेंज हो गए छ ततो दिन परंतो अल्मोडा ते गुफा ते निर्विकल्प समाधि चेष्टा को चिले तखन न्यूज़ एलो जे ओनार बोन आत्महत्या करे छ तोखन थेके ओनार मने एलो जे आर बोनेरी ज ए अवस्था तो भारत ए कोटि-कोटि ए मेरा आ सबाई अमार बन अमार मां तो ओदे की केन अवस्था तो से भे स्वामी जी जगत कल्याण जन हिमालय थेके नीचे भारत भ्रमण कर ले किंतु जे गुरु भाई दे शंगो त्याग करे छ उननी ते कोक दिन छाड़ा कोक शंगे देखा होए छ से वेस्ट इंडिया ते राजस्थान गुजरात को एकक दिन जन किंतु ता छाड़ा स्वामी जी एका भारत भ्रमण कर लेन एकाई अमेरिका गलेन एकाई ओखाने वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन ने लेक्चर दिलन किंतु एक ने अनेक गुरु भाई जानतो ना जे स्वामी जी अमेरिका गए छ वर्ल्ड वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन ने लेक्चर दिए छे केऊ केऊ जानतो केऊ अंदाज करे छे केऊ अनुमान करे छे किंतु ठीक ठीक तखो नहीं जाना गो जखन 1894 ए स्वामी जी प्रथम चिट्ठी आलम ओखाने वराह नगर मठे पाठीिए छ आई थिंक बाय दैट टाइम मठ आलम बाजार चले गए छो ज होक जे खाने मठ होक 1894 ए स्वामी जी प्रथम चिट्ठी जोखन गुरु भाई देर के पाठ तो गुरु भाईला जान लो जहां नरेन एक विश्व विख्यात स्वामी विवेकानंद से अमेरिका एक ठाकुर और ठाकुर आर सनातन हिंदू धर्म एटा प्रचार कर छे तो तखन थेके स्वामी जी पत्रावली निजे देर गुरु भाई शंगे प्रारंभ होए छे तो से कोयकटा प्रथम प्रथम पत्र जे 1894 थेके प्रारंभ करे छे गुरु भाई देर के पत्र लेखा ए पत्र जेटा आमरा पाठ करची एटा हो 1895 माने ए प्राय एक ब समय होए छ जे स्वामी जी निजे दे गुरु भाई के नतुन एकटा वाणी प्रेरित करते छ गुरु भाई दे मने छिलो जेमरा ठाकुर नाम नी साधन भजन करो ए शब्द ने एकटा अंतर्मुख जीवन ज्ञापन करो एक अंतर्मुख एक इनर लाइफ एकटा लीड करो निज आत्मा मुक्ति जन चेष्टा करबो ईश्वर लाभ जन ईश्वर दर्शन जन चेष्टा करबो शेटा छिलो गुरु भाई दे और ठाकुर जतो गुलो जे शिष्य मंडली आ कोलकाता ओदे मने शबा मने एटा ही एकटा छिलो कथा किंतु जखन स्वामी जी अमेरिका थेके एक नतुन वाणी प्रेरित कर ले शिव ज्ञान जीव सेवा एक हमरा तो सबाई जानी रामकृष्ण विवेकानंद लिटरेचर जरा इट स्टडी करे छे शबाई जाने जे नतुन वाणी की छु नहीं ठाकुर निजे बोले छ जे जीवेर ऊपर दया करार तू ही के हमरा तो शिव्ञाने जीव सेवा ही करते पारी आर स्वामी जी स्वयं जोखन ठाकुर ए रूम थेके बेरिए एलेन तोखन स्वामी जी निजे बोले छ जे ठाकुर काछे एकटा नतुन मंत्र पेए छ तो जदी मने एटा जदी आ चांस पाई पुर जगत जगत ए भापटा आ छोड़िए देवो शिव ज्ञाने जीव सेवा तो किंतु ए जेटा ठाकुर वाणी जेस एकटा एकटा उटा जे मीनिंग डीपर मीनिंग आ बोध हो स्वामी जी उपलब्ध करे छ ततो दिन जन आर उननी जोख अमेरिका थेके गुरु भाई के पत्र लिख छे पत्र भीतरे मेनली लिखा हो एक ए जे भ्रमण करे बेड़ानो प्रवज्या एका ए गिरी कंदराए गुफाएं बसे एक ऊपर नील आसमान नीचे ए गंगा नदी किंबिबा समुद्र किनारे जे खाने होक निर्जने बेड़िए बेड़िए तपस्या करार समयटा शेष होए छ एक एसो आमरा सबाई शंबद्ध होय आर शबद्ध होए ठाकुर वाणी प्रचार करी एकटा आर अन्न एकटा हो शिव ज्ञाने जीव सेवा आत्म मोक्षार्थम जगत हिताय च ए ट्विन आइडियल्स दुटो आइडियल एो आमरा संघ होए कार्य करी तो प्रथम प्रथम स्वामी जी ए वाणी मर्मो ए नतुन जेनो एकटा संदेश ओनार निजे गुरु भाईओ हो तो बुझते पारे नहीं माने ओार कतो डीपर मीनिंग आ हो तो ओनारा तो तो बोध करते पारे नहीं से जन ए नतुन नतुन ए शुरू शुरू शुरू पत्र ये अमेरिका थे के प्रथम पत्र पत्र स्वामी जी गुरु भाई दे लिखे छ तार भीतरे स्वामी जी एक इंपेशंस एक्सास्परेशन हमरा देखते पाछी उन एक व्याकुल हो जा भाप छ जे आमी एतो बार करे ए के बोलची जे तुम तोमरा ऐसे दलबद्ध हो तुमरा ऐसे एक यूनिवर्सल एक मैसेज ठाकुर समाज प्रेरण करो ऐसे आमरा शिव ज्ञान जीो सेवार एक प्रवर्तन करो तो ता नहीं कोे सुधु घरेघरे बेड़ा छे सुधु बोशे गोलपो कर छे सुधु ठाकुर के खिचड़ी भोग दी छे सुधु घंटा नाड़ छे तो ए रकम केनो कर छे एरा स्वामी जी त एकू रागो करते एकू रेगो जेन आर ऐन करे पत्र लिखते जे गुरु भाई दे मध्य ज ए रकम कोनो संशय जदी थक तो जे नरेन एक कोक दिन जनो एकटा हुजुक खड़ा करे छ क दिन भीतर हुजुकटा चले जावे आ से पुरातन नरन चले आशबे ठाकुर से दक्षिणेश्वरे ठाकुर रूमे बसे हमरा जे ठाकुर वाणी सुनताम जे ठाकुर साधन भजन कथा सुनता आर से पंचवटी तलाई गए किबा बेल तलाई गए किबा गंगा किनारे चांदनी तले बोशे आमरा जे साधन भजन करता से नरन फिरत चले आशवेबे किंतु ता होलोना एकर पर एक जतो पत्र स्वामी जी अमेरिका के पाठ श पत्र भीतर ए एक नतुन अमृत वाणी नतुन भारत नतुन वेद शिव ज्ञाने जीव सेवा तो से जन दे आर एक तार पर स्वामी जी बोलचे कि जे शंघबद्ध होते गले सब किछु ठीक-ठाक करा उचित यदि आमरा शघ गठन करी ताले अकाउंटा एक बारे ठीक-ठाक राखा उचित कोरेस्पॉनडेंस केमन चल सब किछू रिकॉर्ड थाकवे ऑफिस एकटा थाकबे ऑफिस थेके कोस्पोंडेंस हवे ऑफिस थेके ए अकाउंटेड सबकिु ठीक-ठाक काज होवे जाबतीय ए पुर जगत एक ठाकुर भाव गड़े उठे छे ये ठाकुर नामर ढेऊ एकटा उठे छे ते जे बोड़ो जे सिटी ते ठाकुर नाम क जन भक्तोरा एकत्रित होए छे शेखा खाने बो सेंटर दे शंगे कलिकातार हेड क्वार्टर एक कोरेस्पॉनडेंस एस्टैब्लिश करबे जैमन धरुन मद्रास से ए आला शंगा पेरूमल छिलो तार पर लंदन ईटी स्टडी छिलेन तार पर अमेरिका ते सारा ओलीबुल कििंबबा ए जोसेफाइन मैक्लाउड छिलेन तो स्वामी जी बोलचे जे ए जे कोकटा महानगर आ जेने आमी कारजो ऑलरेडी प्रारंभो करे दिए छ तो कलकातार जेटा हेड हेड क्वार्टर कोलीकात जे मेन सेंटर ओ खान थेके सब जगह एक रेगुलर कोस्पोंडेंस होवा उचित जे खाने जे एक्टिविटी हो से सब न्यूज़ सब एक समाचार एकत्र करे एकटा जगह कलेक्ट करे क एकटा पत्र पत्रिकाए ओटा के पब्लिश करा उचित तो ए सब स्वामी जी परिकल्पना एकुन भे देखु जे एतो दिन परजंतो राजा महाराज कििंबा ए शरद महाराज कििंबबा महापुरुष महाराज बाबूराम महाराज ए जे आदर हरि महाराज अखंडानंद जी एरा तो सब तो घरेघरे बेड़ा छलेन माने घरे घरे बेड़ा नो तार माने ईश्वर चिंतन ईश्वर दर्शन जप ध्यान ए सब करे तो बेड़ा छलेन एकटा खूब सुंदर कथा आ छे जे हरि महाराज और राजा महाराज ओनारा आई थिंक राजस्थानी कोथाऊ छिलेन आर ओखाने ने एकटा ग्राम छिलो से ग्रामे कोक दिन धरे अनेक दिन धरे वृष्टि होय नहीं तो वृष्टि होय नहीं बोले जतो गुलो जे फसल छिलो पाक छिलो एटा सब नष्ट होए बसे छे तो ए ग्रामवासीरा कोरले ना की से काछे एकटा पहाड़ छिलो पहाड़ ऊपर एकटा शिवलिंग छिलो तो एक दिन सबाई ग्रामवासी ठीक करे ए पहाड़े नीचे एकटा जलाशय छिलो खुद्रो जलाशय ओखान थेके के झोल नी ऊपर जा पहाड़ ऊपर आर जे शिवलिंग ऊपर जल ढाल छे और प्रार्थना कर छे बाबा बरसाओ बाबा यानी कि श्री भोलेनाथ बरसाओ यानी कि बारिश दो हमको तो हरि महाराज और राजा महाराज दुई जना ओखाने शिवलिंग सामने बसे ओनारा देखे मुग्ध होए ग जे देखुन ग्रामवासी देर कतो भीतरे भक्ति आ भगवान शिव ऊपर तो दुई जना बसे जॉब कर छ एकने गुरु भाई मने तेज प्रदीप्त चेहरा तपस्याए ओारा पुर देहोटा जेो ज्वलजल कर छे एकने सामने शिवलिंग आर ए ग्रामवासीरा सब शिवलिंग ऊपर जल दिए प्रार्थना करे से कतो सुंदर दृश्य आर बिक होते ना होते ही कालो मेघ दिए पुर आकाश जेनो छे बसलो आर वृष्टिटा प्रारंभ होए गो ताले देखुन ईटा छिलो गुरु भाई दे जीवन जखन स्वामी जी हटात अमेरिका थेके एक बार नतुन वाणी प्रेषण कर छे बोल छे जे घरे बेड़ानो बंद एक जगह बसे थाको कोस्पोंडेंस करवे अकाउंट देखवे शिव ज्ञाने जीवो सेवा ए प्रवृत्ति प्रारंभ करवे होय तो एक न्यूज़ेपर एक मैगजीन स्टार्ट करो तो स्वामी जी ए कथा सुने गुरु भाई दे एक रीओरिएंटेशन करते होवे तो ये तो दिन परंत तो ठाकुर कथा सुने साधन भजन तपस्या एकटा आंतरिक जीवन ते घड़े तोलार चेष्टा से तो एरा छिले हठात स्वामी जी बोलचे जे ए सब परे कििंबा एार शंगेशंगे एक नतुन डायमेंशन ऐड करते होवे एकटा कर्म जोगे सूचना करते हुए प्रारंभ करते होवे उद्योग पर्व महाभारत जमन आ उद्योग पर्व तो एकने भारत आ नतुन करे उद्योग पर्व प्रारंभ करार एकटा समय ए छे ए जे 1000 ब धरे आमादे भारत माता सुप्त अवस्थाए छिलेन आमादे देश से आ नतुन करे नव जागरण करते होवे आर ए नव जागरण सर्वप्रथम थाकवे रामकृष्ण संघो आर भगवान रामकृष्ण सन्यासी छेलेरा सन्यासी शिष्यरा तो ए जे ए कोक लेटर भीतरे स्वामी जी जेटा जेनो चाबुक मेरे मेरे जेनो एकटा शाब्दिक प्रहार करे करे गुरु भाई दे रिएंटेशन करा चेष्टा करचे से हमरा ए कटा पत्र देखते पाी तो आ प्रथम पैराग्राफ एक बार पाठ करची देखी स्वामी जी की बोले तोमा दे एक पत्र अनेक समाचार ज्ञातो होलाम तबे शकले विषय समाचार लिखो नहीं कि माने स्वामी जी बोलचे से देखो यदि शंखबद्ध होते गले से आमी किु जानी ना आ तो बेरागी आ तो यही भिखारी आ तो ए परिब्राजक आमी दीना हीना ए सब भाव त्याग करो एक के बारे उद्योग करते ले जाओ जोखन कोस्पोंडेंस करबे ठीक-ठाक सब जतो खबर ठीक ठीक खबर पाठावे के कोथाया छ की को सब किु सिस्टमेटिक होते जाए जदी आमरा एकु तो हमरा देखी जरा जॉब करे किबा जे कोनो कंपनी ते कारजो करे आपनारा कारजो करते गले कारत्रे नामते गले ही अपना के सबु ठीक-ठाक व्यवस्थित करे करते होवे मैनेजमेंट ए पुर ठीक-ठाक करते होवे तो स्वामी जी बोलचे एकटा पत्र अनेक समाचार तो पाठा लेन किंतु कोनो किु स्पेशल किु ठीक ठीक मतन किु लेखो नहीं निरंजन एक पत्र मध्य पाई से शिलन जते छ संवाद पाई किंतु मने से एक जे कोनो सिस्टमेटिक किु नहीं किंतु तार पर महाराज स्वामी जी की बोलचे बड़ा एक इंपॉर्टेंट कथा शारदा चाहा करते छे ताहाई आार अभिमत तबे रामकृष्ण परमहंस अवतार इत्यादि प्रचार करब आवश्यक नहीं शारदा महाराज तार माने त्रिगुणातीतानंद जी एकटा न्यूज़ लेटर प्रारंभ करार संबंधे किु भावना करे छिलन किछु चिंतन करे छिलेन स्वामी जी के अमेरिका लेटर पाठीिए छिलन और स्वामी जी ताते खूब खुशी होए बोले छिलेन जे हां ए मैगज़ीन टा न्यूज़ लेटर टा प्रारंभ करा उचित से समय आमरा जानी जे मद्रासे आलास सिंघा पेरूमलो एक मैगजीन प्रारंभ कराए चेष्टाए छिलन तो मद्रास से जेठा मैगजीन प्रारंभ हो तार नाम होए छे आमराज जानी ब्रह्मवादी तबे कोलकाता जे शारदा महाराज त्रिगुणातीतानंद जी एटा परिकल्पना मैगज़ीन प्रारंभ करार से समय करते पारे नहीं एकू देरी होए गए छिलन किंतु स्वामी जी जोखन भारत फिरते तो हमरा शबाई जानी जे महाराज त्रिगुणातिंद जी प्रेरणाए अनेक चेष्टाए उद्बोधन मैगजीन प्रारंभ होए छे से उद्बोधन मैगजीन एकुन बांग्ला ते पुर बंगा पुर प्रख्यात प्राय प्रत्येक बंगाली प्रत्येक जरा मने लिटरेट बंगाली जा लिटरेचर साहित्य ते आध्यात्मिकता इंटरेस्ट आनारा कनो न कखोनो से उद्बोधन मैगजीन अवश्य पड़े छे तो से उद्बोधन मैगज़ीन तार जे घोड़ा पतन होए छे से तार भीतरे छिले आमादे त्रिवणा तितानंद जी महाराज ओनार चेष्टा ओनार हार्ड वर्क तो से जन स्वामी जी बोल छे जे शारदा जा कोते छे ताई आार अभिमत तबे रामकृष्ण परमहंस अवतार इत्यादि प्रचार कर बार आवश्यक नहीं केनो ज मैगज़ीन प्रारंभ करे ए भीतरे एक यूनिवर्सल स्पिरिट होवा चाहे भारत सनातन धर्म वेद वेदांत उपनिषद गीता पुराण ए जेटा आदर यूनिवर्सल वैल्यूस आ ओटार प्रचार होवा चाहे कि ता नहीं करे ठाकुर आ दे गुरु छिले आर उननी अवतार जरा ठाकुर ऊपर विश्वास नहीं जरा ठाकुर के माने ना ओदे के दूर करे दा एक थेके ए रकम करे संकीर्णता कििंबा गोडामी आ दे मैगजी जी ने कििंबा आमा दे लिटरेचर कििंबिबा आमाद दे भावधाराए कखनो जेनो प्रवेश ना करे शेटा स्वामी जी प्रथम थेके ही एकटा आमा दे एकटा चेतावनी दिए दिए छ एकटा वार्निंग दिए छ तो से जन तनी परोपकार को करते आशिया छिले निजे नाम घोषणा करते नहे ठाकुर जगत कल्याण करते ऐसे छ स्वामी जीन बोले छिलेन ठाकुर ब्रह्म कुंडली नी जागृत करे दिए छ पुर जगत जे 1000 वर्ष धरे आदर भारत जे सुप्त अवस्था छिलो शेटा के आ जागृत करते ऐसे छ निजे नाम करते आशेनी चेलारा गुरुर नाम करे गुरु जा शेखाते ऐसे छिले ताते जलांजलि दे आर दलादली इत्यादि तार फल चेलारा की कोरे गुरु जे शेखाते ऐसे छे ते शे म गुरु जे महत शिक्षा गुरु जेटा सारोजनीन भाव गुरुर जेटा यूनिवर्सल मैसेज से सब भूले जाए और निजे एकटा दल पाकिए बसे जाए और हामबाड़ा से हामबाड़ामी आदर जाति एकटा बो एकटा दुर्गुण स्वामी जी आर एक लेटर बोले छ जे हामबाड़ामी एटा ही जेनो आदर भीतरे ढुके जाए आर एटा बो उदाहरण आ छे बुद्धिस्ट बौद्ध धर्म भगवान बुद्ध निजे तो बोले नहीं जे आत्मा आ कििंबिबा नाई कििंबिबा आर भगवान आ किंबा नाई भगवान बुद्ध बोलचे जे निर्वाण प्राप्ति जीवन अंतिम उद्देश्य आर तार जन्म ए अष्टांग जे मार्ग आ शेटा हो आ दे आशल कर्तव्य तो ता भूले गए चेलारा की को करे छ निजे एक दल पाकि बोश गए छ और हिंदू धर्म थेके निजे के सेपरेट करे दिए छ तो जे हिंदू धर्म थेके निजे के सेपरेट करा आर एक निजस एकटा मठ बनिए एक संघ बनिए चालानो ए जेटा आद दे भीतरे ना ढुके जाए आमरा नीचे के एक आलादा बुद्धिज्म बोले श्री रामकृष्ण अवतार और श्री रामकृष्ण एक आलादा मत आला धर्म ए रकम करे जेनो ना बोले बशी ना करे बशी ए ब्राह्म समाज ओखाने से समय छिलो हिंदू धर्म थेके निजे के शरीर छे क्रिस्टानी अनेक गोलो भाव निजे भीतरे ढुकिए दिए छ एक ब्राह समाज देखुन जेनो कोनो अस्तित्व नाई ए सनातन हिंदू धर्म ही भारत सब समय थाकबे जरा सनातन हिंदू धर्म थेके निजे के आला को करे देवे ओरा भारत थेके जेनो ओदे नाम शेष होए जावे ओदे नामो निशान मिटे जावे से जन स्वामी जी एकटा प्रथम थेके वार्निंग दिए छ जे चेलारा गुरु नाम करे गुरु जा शेखाते ऐसे छिले ताते जलांजलि दे दलादली इत्यादि तार फल आला लिखे चारू बाबू विषय आ ताहा के स्मरण करते छ ना चारू बाबूर विषय सशेष लिखबे ओ ता के अमार धन्यवाद दीबे शकले विषय विशेष करिया लिखबे बथा वार्ता करब समय कुलाईना देखो कल कथा बथा वार्ता करब समय कुलाईना आर जीवन बोध होय कारुर शहीद ठाटठा बटकेरा कोरार अपेक्षा अनेक कारो आ से एक मठ बए बसा तार पर और भीतरे एक ठाकुर बसिए देवा तार पर ए ठाकुर के माझ खिचड़ी भोग देवा आर तार पर जोखन भोकटा शेष हो गैो द जन निष्कर्मार दल ओखाने ऐसे हट्टो गोल करे स्वामी जी बोल छे ए सब किु आमा दे संग ढुकबे ना जखनमरा साधन भजन करी जखनमरा ईश्वर नाम गुण कीर्तन करी ए शेष हो शंगेशंगे एक बार कर्म क्षेत्र अवतरण करते होवे ए भारत ग्रामे ग्रामे घरेघरे गि लोके दे ठाकुर के ठाकुर वाणी सुनाते होवे और जतो पारी हमरा ओदे के सहाय करते होवे कर्मकांड त्याग कर बार चेष्टा करबे घंटा नाडा सन्यासी न है एवं जावत ज्ञान ना होय ताबत कर्म ए कर्मकांड तार माने ए एकटा मंदिर बनाना मंदिर भीतरे बार माझे माझे भोग देवा तार पर घंटा नाड़े नेड़े आरती करा ए सब आमा दे सन्यासी कर्म न आमादे हो ज्ञान ए देखो जी ज्ञान और कर्म एटा खूब भो मास्टर महाशय शंगे स्वामी जी एक बार डिस्कशन होए छे जेखन स्वामी जी अमेरिका थेके भारत एलेन मास्टर महाशय मने छिलो एटा कि स्वामी जी ए नोरेन की एक नतुन किु प्रारंभ कर छे तो मास्टर महाशय ग स्वामी जी के बोलचे जे अच्छा ठाकुर तो अभिमत छिलो जे आमरा ईश्वर आत्म साक्षात्कार कििंबा आत्मार मुक्ति जन चेष्टा करी तो आत्मा मुक्ति चेष्टा ना करे एटा आत्मा के तुम ए कोनो सब ए माया ते जड़ा छो माया राज्य थेके आ दे बेरु ते होवे आ तुम ग आदर आत्मा के आ माया ते जड़ा छो इ उल्टो काज केनो करछो शंगेशंगे स्वामी जी उत्तर दिल तो वेदांत बोल छे जे आत्मा तो नित्य मुक्तो ताराबर मुक्ति चेष्टा की आत्मा जेठा नित्य मुक्तो ओार मुक्ति चेष्टा तो माया भीतरे तो जोखन स्वामी जी एम करे शार्प उत्तर दिए छ मास्टर महाश एक बारे अबबा होए गए छिले तो देखुन जे एकने स्वामी जी बोल छे ए जतो गुलो कर्मकांड तुमरा करछो एटा सन्यासी काज नहे जाबत ज्ञान ना होय ताबत कर्म एक बार जो ज्ञान होए गैो जे हां आ नित्य मुक्त आमी आत्मा तोखन परंत ही ए घंटा नाडा ए सब कर्मकांड एक बार ज्ञान होए गले तार पर कर्म थाके ना तब ए जेटा स्वामी जी बोलचे जे निष्काम सेवा शेटा की ए निष्काम सेवा परोपकार एटा हो जेनो आत्मा ऑलरेडी जोखन मुक्त होए गए छ ठाकुर बोल से जे जतो मधमाखी भुनभुन कतो खण करे जतो खण ना ओ एकटा फूले बोशे मधुपान कर एक बार जोखन मधुपान प्रारंभ करे दे तोखन मधुमक्खी एटा जे शब्द एटा म्यूजिक एटा बंद होए जाए किंतु एक बार जोखन मधुपान होए जाए तार बार हो तार ऊपर हो तो आनंद एक गुनगुन करे गान करे ए जे ब्राह्मण भोजन जोखन चलचे ए जोन प्रारंभ देखुन लोकेरा चेचामेची कर ए एकने भात दाऊ एकने दही दाऊ एकने मिष्टी दाऊ ए सब एक किंतु एक बार पाते शप किु पड़े गए छ तोखन एक बार नीरब शांति तोखन शपशप आवाज ठाकुर बोल से एक खाब आवाज टाई सुध हो तार पर किु नहीं तार पर किंतु खाब पर निद्रा और तार पर हो तो एकू संतुष्ट चित्ते बसे एकू गप्पो करा तार माने एक बार ज्ञान होए जा बार पर जे आर भीतर जेटा आत्मा आ शेटा नित्य मुक्त तार पर आ दे जन आर कर्मकांड थाके आत्मा मुक्ति जन आर किु करते होवे ना तखन सन्यासी समग्र जीवन लोक कल्याण जन संपूर्ण रूपे समर्पित से जन स्वामी जी बोल छे जा ज्ञान ना होय ताबत कर्म तार माने एक आत्मा मुक्ति जन चेष्टा एक बार ज्ञान होय गो जे आत्मा सर्वदा मुक्त कोखनो बंधन छिलो ना तार पर जगत कल्याण तार पर आर किु नहीं आ यो अनर्थ मूल ए जे अनर्थो घंटा नाड़ा पूजा करा आरती करा स्वामी जी बोल आ ही तो ये सब प्रारंभ करिए छ एकने देखते छ जे ओई घंटा पत्र लया रामकृष्ण अवतारे दल बांधिबे एवम तहार शिक्षाए धुली निक्षेप होइबे एक्चुअली देखो जे तोखन तोखन स्वामी रामकृष्णंद जी शशि महाराज जे एकटा स्ट्रांग छिलो जे ना हमरा ए रकम करे साधन भजन संग ठाकुर सेवा पूजाओ करबो तो हमरा जानी जे एकटा खूब सुंदर घटना होए छ एक बार वराह नगर मठे से रामकृष्णंद जी शशि महाराज आर नरेंद्र स्वामी विवेकानंद दुई जने भीतरे एकटा बोर्को प्रारंभ होए गए छे कथा काटा काटी प्रारंभ होए गए छ स्वामी जी बोलचे जे हमरा एकने खेते पाछी ना तुम के देखची तुम ठाकुर के लुची भोग देवे अरे ई सब प्रतिदिन ए रकम करे घंटा नाड़े आरती करबे पूजा कर यही सब सन्यासी काज न है ए रकम करे स्वामी जी जोखन बोल छिलन तोख एक बार एकाएक हटात क्रोधित होए उन शनेर द जेने ठाकुर पट छिलो एक उखाने जा बोलचे तुम्हारे ठाकुर के फले देवो तोखन रामकृष्णंद जी शशि महाराजो एक बार रेगे केन स्वामी जी के धरे खींचे पीछेने टेनेलेन दुई जना तो कुश्तीबाज छिलन दुई जना तो रेसलर छिलेन पहलवान छिलन मसल मस्कुलर छिलन दुई ज तो शशि महाराज स्वामी जी के टेने पीछेने छ आर बोलचे देखी केन करे तुम श भीतरे ढुको तोन ए जे लाटू महाराज आ दे उखाने बसे जप कर छले ए तो हट्टो गोल सुने उन रेग बोलचे जे भो होए छ जे ठाकुर उन बोल जे ठाकुर सुध अस्थि रे गए छ तार बोट नहीं तुम हट्टो गोल करो ज टाका रे ता ह तुमरा की करते तो लाटू महाराज ए कथा सुने किंतु स्वामी जी आर ए उनी शशि महाराज ऐसे फैले छिले तो ज होक देखुन जे ए कर्मकांड आमरा जानी जे रामकृष्ण शंगे शशि महाराज रामकृष्णानंद जी प्रवर्तन करे छ किंतु स्वामी जी देखे छ जे शशि महाराज एकटा जेनुइन डिवोशन आ जेनुइन भक्ति आ से जन उननी ए सब को छे तार पर हमरा तावो जानी जे शशि महाराज स्वामी जी ऊपर कतो डिवोशन छिलो जोख स्वामी जी अमेरिका थे के फिरत ऐसे छ शशि महाराज के बोलचे शशि तो केके एक काज दी जे जेखाने ए बेकरी थाके ओखान थेके एक पाव रूटी तो मने देखते चाहिए छ स्वामी जी कि शशि महाराज भीतरे गोंडामी ये तो तीव्र आे कि निजे स्वामी जी आदेश किंतु भंग करबे किंतु स्वामी जी देख ले जे शशि महाराज के जेटा बोला होो ए स्पेशल एक जगह पाव रोटी किने आना तो शशि महाराज किने ऐसे छ केनो ठाकुर ऊपर भक्ति आ नर ऊपर भक्ति छ केनो ठाकुर नरेंद्र के सन्यासी दे नेता निजुक्त करे छिले तार पर स्वामी जी बोल छे तोमा के देख ले जे शशि भीतरे गोंडामी नाई तो स्वामी जी बोलचे तोमा के मात्रा गए ठाकुर एकटा केंद्र स्थापित करते होवे तो शशि महाराज एतो दिन धरे जे बराह नगर मठे आलम बाजार मठे पूजा कर छिलन ठाकुर से शंगेशंगे ही छेड़े उननी मद्रास चले गले तार माने देखुन जे एकटा कथा स्वामी जी बोलचे तो बटे जे घंटा पत्र नाडा एार जे आमी ओार मूल आमी ये सब अलऊ करे छ तवे हमरा ताव जानी जे शशि महाराज जे प्रारंभ कोरे छे रामकृष्ण मठे ठाकुर सेवा पूजा और भीतरे संपूर्ण सात्विक भक्ति आर और भीतरे दलादली ए रकम किछु नहीं ये शशि महाराज एतो दिन ठाकुर पूजा छेड़े स्वामी जी बला शंगे शंगे सब किछु छेड़े मद्रा चले चले गले शेटाई एकटा सब के बोो प्रूफ तो एक किंतु नतुन नतुन प्रारंभ दिन कथा तो स्वामी जी वार्निंग रूप एक शब्द एक संग बोले दीन जे घंटा पत्र लया ठाकुर रामकृष्ण अवतार दल बांधिबे एवं तहार शिकाई धुली निक्षेप होइबे तोमरा घंटा त्याग करते पारो भोई नचेत आमी तोमा दे शंगे जोक दते पारबो ना दलादली दल बांधा कुप मंडुके मध्य आमी नाई आर जे थायामी थाकी किंतु कुप मंडू के भीतर आ नहीं और शक्ति शक्ति ये जे घंटा त्याग करे करते पारो भोई ए जे रामकृष्णानंद जी शशि महाराज स्वामी जी एक आदेश शंगे शंगे घंटा त्याग करे मानजे चले गलेन मद्रास से चले एटा सब थेके बो प्रूफ जे स्वामी जी जेटा बोले छ गुरु भाईरा ओटा अरे अखरे पालन करे छ अच्छा त आगे स्वामी जी बोलचे एक जन थियो जियोसोफिस्ट होया छ भोई रुचि नाम वैचित्रम मंगलमस्तुतेशाम किम रविवमी रुचिर वैचित्र ता तादेर मंगल होऊ कामी आरती बोलबो यूनिवर्सल ब्रदरहुड बेश कथा शिवा शिवाहा संतु पंथान तार चे सुखेर विषय किया छे रामकृष्ण परमहंसर उदार भाव प्रचार करे आ दल बांधा केमन करे होय दलेर बीज होे ओई घंटा पत्र आमी हजार बार ठुके छ ए बारो ठुकलाम फले किु होय ना आर नामे जदी तुम दे दल बाधार सहायता होए ता होले आमी लीडर बटी नले आमी क के नहीं ए शत ब आ ओते ना आमी जे रामकृष्ण परमहंस शिष्य एवं तोमराओ जे ताई ए टी वली के छापा ते जत्न तो जथेष्ट होए छे किंतु आमी जे आज छ बर धरे घंटा पत्र त्याग कर जन बोलची जी ताते कारुर कोनो कान पाता नहीं ए देखुन स्वामी जी एकने देखो कंट्रास्ट करे देख जे स्वामी जी शुरू शुरू समय एक एतो अलर्ट छिले ए स्ट्रांग वार्निंग दिए दिए छ जतो हमरा कर्मकांडो बाधाई जतो घंटा पत्र नहीं एक रामकृष्ण अवतार दल बनाई ततोई आमादे सार्वजनीन भाव एटा यूनिवर्सल ब्रदरहुड ए भावटा चले जावे तार पर हमरा एक संकीर्ण गंडीर मध्य डुके जाओ जे ए आमा दे दले आर ओई आमा दे दले नहीं जीनी आ दे दले उननी हो हमार बंधु और आर द जे नाई ओ हो हो आार दुश्मन ओम हमार शत्रु ए एरा बंधु ए शत्रु ए आमा देर दले ए आमा देर बारे ए रकम करे रामकृष्ण शंगे जेनो कनो ना ढुके से जन स्वामी जी प्रथम थेके एतो स्ट्रांग वार्निंग दिए थे छ एक आज के रामकृष्ण शंगे जेटा पूजा होय बेलुर मठे होय तो आपनारा अनेके ही देखे छ दुर्गा पूजा स्वामी जी स्वयं उखाने प्रारंभ करिए छे दुर्गा पूजा काली पूजा राजा महाराज जेखाने जेखाने जेतेन ओखाने दुर्गा पूजा काली पूजा प्रवर्तन कराते तो मने ए तो दूर जे मने साउथ इंडिया ते ऐसे छे साउथ साउथ इंडिया ते तो ए जे बंगाली दे अकाल बोधन दुर्गा पूजा शेटा तो साउथ इंडिया ते केऊ देखे नहीं ओखा वो बोध हो बेंगलुरु किंबिबा महसूर बर ही राजा महाराज गए छ और ओखान थेके बंगाल थेके ए काली मूर्ति ए दुर्गा मूर्ति ए दुर्गा पूजा प्रारंभ करिए छ ओखाने तो रामकृष्ण संघेर जतोगुलो सेंटर सब जगह अपनी देखवेन जे ठाकुर पूजा तो हो शंगेशंगे ए जे दुर्गा पूजा काली पूजा आर ज स्थानिक जे कोनो पूजा होय राम नवमी ए जतोगो पूजा हमरा कोरे थाकी किंतु आमादे पूजा वैशिष्ट्य एटा ही जे एटा यूनिवर्सल भावनी हमरा कोची उदार भावनी कोची रामकृष्ण संघे जदी अपना आपनारा आमा देर पूजा योगदान कर बाई करुण इट डज नॉट मैटर जदी से आश्रम में एक डिस्पेंसरी या छे चैरिटेबल डिस्पेंसरी अपनी जावे अपना के कोनो जिज्ञास करबे ना जे ट्रीटमेंट करार आगे जे चैरिटेबल डिस्पेंसरी एटा तो हमरा सेबार काशी किंतु तार आगे अपनी बोल जे अपनी आमा दे पूजाए आि कि नानी आमा दे गुरु मंत्र दिखानी छ कि ना आपनारा आमा दे दल भक्तो कि ना ज आद दे दल भक्तो थाके तभी तभी ए चैरिटेबल डिस्पेंसरी थेके तबे ए दातव्य चिकित्सालय थेके अपना ट्रीटमेंट करा होवे ना होले करबो ना हमरा ए रकम भाव आमा देर संघे नाई आमा देर दातव्य चिकित्सालय हो कििंबाबा आमादे स्कूल हो कििंबाबा आमादे कॉलेज हो किंबिबा आमादे रूरल डेवलपमेंट ट्राइबल डेवलपमेंट एतो रिलीफ काज आमरा करी जाति धर्म वर्ण निर्विशेषे आमरा शबा सेवा को करे छ कनो कहा के जिज्ञास कोरा हो ना जे आपनारा ऐसे आमा दे धर्म में कन्वर्ट हो आगे तार पर आमरा अपना देर सेवा करो जे मन अन्न अन्न जग होते थाके हमरा सेवा करो बटे तब प्रथम तो अपना के कन्वर्जन होते करते होवे आमादे धर्मो आमादे मत स्वीकार करते होवे जे स्वामी जी ए थियोसोफिस्ट संग देखा करते ग छिलन जखन उननी मदद्रा से छिलेन बोल छ आ अमेरिका जावो और आपनारा तो भारत हितशी भारत कल्याण चा आ चा जे भारत सनातन तत्व सनातन धर्म तत्व ओखाने प्रचार करो आपने एक आमा के सहाय कर शंगेशंगे थियोसफिस्ट्रा बोलले जे आरा सहाय करो बटे तब आपना के आमा दे दल भक्तो होते होवे आमा दे जे प्रार्थना पत्र अच्छे तार ऊपर अपना शाखर करते होवे तो हमरा अपना के सहाय करो तो स्वामी जी शंगेशंगे बोलेरा केो तो आ केो अपना दे दल भुक्तो होवो आ तो अपनार दले जेटा बिलीफ आ जे फिलोसोफी अच्छे एटा तो स्वीकार को छ ना आ के अपना दल भुक्त हो तो शंगेशंगे फिलो थियोसोफिस्ट बोले दे तले हमरा अपना के सहाय करते पार ना तो सब जगह ए ब्राह्म समाज हो किंबा थियोसोफिस्ट सोसाइटी हो किबा आज के जतो गुलो ए रकम करे पंथ आ हमार नाम देवार दरकार नहीं आपनारा शबाई जाने न्यूज़पेपर देखे छे अपनारा न्यूज़पेपर पढ़ जतो गुलोक मत पथ पंथ सबाई प्रथम बोलवे जे आमादे दल भुक्त हो तार पर हमरा अपना के सहाय करवो आमा दे दले यदि आपनारा थाकेन तबे आपनारा हमार बंधु ना होले आपनारा आार शत्रु तो स्वामी जी से यूनिवर्सल भावटा आमा दे संग बजाई थकबे ए घोंडामी ज ना ठुके जाए से जन ए तो स्ट्रांग प्रारंभ वार्निंग दिए छ ताले देखुन जे स्वामी जी बोल घंटा पत्र त्याग कोरा शेटा हमरा कोरी नहीं किंतु शशि महाराज हमारे देर आइडियल जे घंटा पत्र कििंबबा पूजा किंबबा ठाकुर आरती आराधना उपासना ए सब किंतु हमरा उदार हृदय कोरे को छी आमा दे निजे संपूर्ण रूपे ठाकुर शरणागत जीवन किंतु जरा ठाकुर के समर्पितो नाई तादेर प्रति कोनो विद्वेषो नहीं शेटा हो आज के आमादे आइडियल किंतु स्वामी जी एटा स्ट्रांग लैंग्वेज यूज कर तार पीछे ने स्वामी जी एक भय छिलो जे जदी एटा स्ट्रांग लैंग्वेज प्रथम थेके जदी ना यूज़ करा होय तो धीरे-धीरे करे स्वामी जी बोलचे तो मिशन तो पनेरोस साल परंतो चलवे तो पनेस साले भीतर माज माज कोथाओ गोंडामी ना ढुके जाए से जन प्रथम थेके ही ए सब वार्निंग दिए देवा होए छे आमी एकमात्र कर्म बुझी परोपकार बाकी समस्त कुकर्म ताई श्री बुद्ध देव पदान तो हो बते पारो फल कथा आमी वैदांतिक सच्चिदानंद आार नीचे आत्मार महान रूप छाड़ा अन्न ईश्वर बोड़ो एकटा देखते पाना अवतार माने जारा से ब्रह्मत्व प्राप्त होए छ अर्थात जीवन मुक्तो अवतार विशेषत आ देखते पते छिना ब्रह्माद स्तंभ पर्यंत समस्त प्राणी काले जीवन मुक्ति प्राप्त होवे एवं आमा दे उचित शकले से अवस्था पेते सहाय होवा ए सहायता नाम धर्म बाकी सब अधर्म ए सहायता नाम कर्म बाकी कुकर्म आर आमी किु देखना देखो कतो यूनिवर्सल भाव परोपकार आे एकमात्र कर्म बाकी सब कुकर्म ए जेटा हमरा निजे मुक्ति जनता चेष्टा कोरी जे आमी बद्धो ये आमी बद्धो बोलले बोलले ही आमी बद्धो होए जाओ ठाकुर की बोलचे पापी पापी बोलले ही साला पापी होए जाए आमी जहर नाई जोहर नहीं बी नाई बी नहीं बोलले ही बी चले जाए तो से जनो ए आमी पापी आमी बद्धो आमी निज मुक्ति जन चेष्टा करो ओटार जन घंटा पत्र नहीं है ए कर्मकांडो करबो ए सब अज्ञान भीतर अज्ञान थेके अज्ञान ज्ञान अधि दिए अज्ञान के एक बार के फेलो आ नित्य मुक्त शुद्ध बुग्ध आत्मा आर आभार पाप की आर आभार बंधन की परोपकार हो कर्म आर सब हो कुकर्म आमी वैदांतिक सच्चिदानंदो अमार निचे आत्मा महान रूप छाड़ा अन ईश्वर ब एक देखते पा ना से एक ए मंदिर गन ए ईश्वर पूजा करेले आर एक मंदिर एक पूजा करेन स्वामी जी बोलचे हमारे भीतर जे आत्मा छे से तो सब गुलो ईश्वर जतो गुलो देवी देवता से आत्मा थेके बेिय छ आ नतुन के की करा छे आर आत्मा प्रत्येक मनुष्य भीतरे आे बोले शिव ज्ञान जीव सेवा हमरा केनो भगवान शिव के मंदिर खुजते जा श्री भगवान शिव यदि पूजा करते चा मानुष भीतरे ही कर ए जे दरिद्र नारायण ए रोगी नारायण ए चंडाल नारायण ए मूर्ख नारायण ओदे पूजा पूजा करो ए मंदिर एक पत्थर मूर्ति आ ओटा पूजा करे किु होवे ना से जन स्वामी जी बोलचे आर भीतरे जेठा सच्चिदानंद से एकमात्र ईश्वर किंबिबा बोलते गले जतो ईश्वर आ जतो देवी देवता अच्छे सब किु ए सच्चिदानंद आत्मा थेके बेिय छ एटा के आ सुध मानी आर किु मानी ना और मान छ बोले आ मानुष सेवा करते पारछ यदि आ मानुष भीतरे सच्चिदानंद आत्मा के दर्शन ना करते पारी ता हले मंदिर गए पथरे भीतर से सच्चिदानंद आत्मा के खोजा से ब्रथा विडंबना मात्र अवतार माने जारा से ब्रह्मत्व प्राप्त करे छ अर्थात जीवन मुक्त अवतार विशेषत्व हम देखते प ना ब्रह्म आदि स्तंभ पर्यंत समस्त प्राणी काले जीवन मुक्ति प्राप्त होवे एवं आमाद दे उचित शकले से अवस्था पेते सहाय होवा ब्रह्म आदि स्तंभ परंत तो जगत जतोगुलो प्राणी आ जतोगो जीव आ सबबाई के मुक्ति मुक्ति प्राप्त करते ही होवे आर सन्यासी कर्म हो किंबा ठाकुर जारा संतान ता चाहे सन्यासी हो ना गही सबाई एकटाई सब थेके बोो कर्म सब थेके बोो धर्म जगत के ए जगत जतो गुलो लोकेरा आ जगतवासी देर ए आध्यात्मिकता एक तो पथ एक जो आध्यात्मिक जर्नी अच्छे आध्यात्मिक यात्रा अच्छे तो आध्यात्मिक यात्रा ओर के सहाज्य करा ओर आत्मा ओरा ओरा निजे बते पारबे जे हमारे दे भीतरे से सच्चिदानंद आत्मन आ से जन सहाय करा ए सहायता नाम धर्म बाकी सब अधर्म ए सहायता नाम कर्म बाकी कुकर्म आरामी किु देखची ना तार पर लेटर किु अच्छे किंतु आज के हमरा एकने शेष करची ओम शांति शांति शांति हरि ओम तत्सत श्री राम कृष्णपणमस्तु