Skip to transcript
ClassesSaradakosh

Swami VIvekananda's Inspired Talks ·

Swami Vivekananda : Inspired Talks : 24 Dec 2022 : English & Hindi

silent

कैन यू हर मी नौ

English

योगेश अस्त्र बी डिसकस्ड अन फ़्यू डेज़ एगो देयर इस समथिंग कॉल्ड chiththaprasad व्हाट इस चित्रा प्रसाद मैत्री करुणा मुदिता एंड उपेक्षा नौ दिस फोर क्वालिटीज अरे कॉल्ड प्रसाद अकॉर्डिंग तो और हिंदू शास्त्र यूजर्स तो ब्लेसिंग ऑफ डी इष्ट देवता ऑफ हज प्रसाद आर फॉर कोलाइटिस सी हैव तू बी फ्रेंडली सी shudant बी गलस ऑफ आदर्श सी शुड बी यू चो और बी इंडेफरेंट तू हेड etsetra सो करुणा इस कंपैशन सो दिस फोर क्वालिटीज सी शुड हैव नौ हर इट इस रिटर्न डेट सी शुड बी मोदित इस नॉट तू बी ज्वैलर्स सो व्हाट हैपेंस सोमेटाइम्स समवन इस प्रोग्रेसिंग फरदार अहेड दें मी आई एम जूलूस ऑफ हिम बट आई एम ट्राईंग तू सेपरेट माय जेलर नौ दिस इस समथिंग नॉट जस्ट हैडिंग माय गैलेक्सी और सुप्प्रेसिंग माय जेलर और हैडिंग माय एगो सॉरी एंगर और सुप्प्रेसिंग माय एंगर बट नॉट तू बी अटैच विथ माय एगो सो डेट इफ आई आईडेंटिफाई मैसेल्फ इसे आईएम शशि और आई एम दिस एंड दिस पर्सन डी मोमेंट आई आईडेंटिफाई मैसेल्फ विथ दिस पर्सन दिस बॉडी आय ऍम अटैचेद एंड ऑल दिस एंगर और जेलर विल बी देयर इनसाइड मी जस्ट बाय sapressing माय एंगर एंड जेलर इस नॉट गोइंग तू बी इनफ आई हैव तू बी डिटैच मैसेल्फ फ्रॉम दिस पर्सनैलिटी दिस कंस्ट्रक्ट डेट आई हैव बिल्ट डी साइंस दिस बर्थ डेट आय एम दिस बॉडी एक्सपीरियंस इस दिस आर माय करमास ऑल ऑफ दिस इसे देयर इनसाइड माय माइंड इस एवरीथिंग डैन बाय मी मैन विच कैसे बियोंड द लिमिटेशंस ऑफ स्पेस माइंड टाइम एंड सेंसेज डी रचिस ऑफ माय सेंस आई एम समथिंग विच इस फार बॉन्ड एवरीथिंग डी मोमेंट ए डिटैच मैसेल्फ फ्रॉम ऑल माय दिस अन फिजिकल कंस्ट्रक्ट माय बॉडी एंड माय माइंड एंड माय मेमोरीज एंड माय करमास एंड एवरीथिंग आई विल नॉट बी जस्ट sapressing माय एंगर टुवर्ड्स आदर्श आई सिंपली सी विल नॉट फुल डेट जेलर एंड रिजल्टिंग एंकर डिटैचमेंट रदर दें जस्ट सेपरेशन सपोज इट इस सईद डेट सी शुड प्रैक्टिस अहिंसा एक जस्ट फ़्यू डेज़ एगो बिकॉज दिस मंथ इस गांधीजी रिपब्लिक दे एंड स्वामीजी बर्थडे अलसो बर्थ एनिवर्सरी आय हैव रिटर्न एंड आर्टिकल एंड ऑन गांधीजी एंड स्वामी अट्रैक्टिव बस हेड आई बीन देयर व्हाट शुड हैव बिन माय ड्यूटी व्हाट शुड हैव बिन माय कर्तव्य सो गांधीजी से डेट इस यू मैं सैन यू शुड योर कर्तव्य योर ड्यूटी इस तू प्रोटेक्ट मी बाई प्रोफेसिंग अहिंसा यू कैन नॉट जस्ट रन आवे फ्रॉम योर ब्यूटी सो दिस डेट दिस इट इस लॉन्ग इस सी आर देर इन दिस वर्ल्ड सी विल बी ए टेस्ट तू थिंग्स एंड सी विल हैव तू एक्ट अकॉर्डिंग तू दिस वर्ल्ड डिमांड्स इफ दिस इसे माय फादर आय विल हैव तू टेक केयर ऑफ हिम इफ दिस इसे माय मदर आई विल हैव तू टेक केयर ऑफ फॉर इफ दिस इसे माय होम आई विल हैव तू टेक केयर ऑफ इट आई हैव आई विल हैव तू प्रोवाइड इट बट इफ आई एम आत्मा पर शुद्ध पथ ऑफ मोक्ष बट थिस डिटैचमेंट इस अन वेरी डिफिकल्ट थिंग तू अचीव जस्ट बाय सेइंग डेट आई एम डिटेल्स विल थ्रो अस इनसाइड डी मास देयर आर थ्री स्टेटस ऑफ माइंड वैन इसे तमस अंदर थर्ड इस सत्व अन पर्सन अन लेज़ी पर्सन हु वांट्स तू रन आवे फ्रॉम हिज ड्यूटीज फ्रॉम हिज धर्म फ्रॉम हिज रिस्पांसिबिलिटीज ही कैन नॉट बी कोल्ड एसेंट ओर अन प्रॉफिट ओर ए मॉम ही कैन बी कॉल्ड अन एस्केपिस्ट अन लेज़ी पर्सन हु dajunt वांट तू टेक अप हिज रिस्पांसिबिलिटी दिस पर्सन न्यूज़ इन अन स्टेट ऑफ तमस अबाउट हेड इस अन स्टेट ऑफ राजस्थान विच आई एम नॉट आई एम नॉट डी पर्सन अपॉन हु ऑल दिस रिस्पांसिबिलिटीज आर सेट आईएम दी आत्मन एंड इन ऑर्डर तू रिलाइज आत्माओं आए हाव तू अंडर इयर्स एंड इयर्स ऑफ एक्सट्रीमली डिफिकल्ट टॉपर्स एक्सट्रीमली डिफिकल्ट ऑस्ट्रेलिया टेस्ट ओनली दें कैन आई गेट अन राइट तू कॉल मैसेल्फ अन डिटैच पर्सन ओनली दें माय स्टेट ऑफ माइंड विल बी इन सत्व धीस रनिंग आवे फ्रॉम रिस्पांसिबिलिटी एंड तू रिलीज द रिस्पांसिबिलिटीज आर नॉट अन पार्ट ऑफ मी और रदर आय एम बॉन्ड रिस्पांसिबिलिटीज दे बोथ में लुक सिमिलर फ्रॉम आउटसाइड बट फ्रॉम इनसाइड फ्रॉम डी पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ साइकोलॉजी और फ्रॉम डी पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ वेदांत दे आर फंडामेंटल डिफरेंट रनिंग आवे फ्रॉम रिस्पांसिबिलिटीज इस डी रिजल्ट ऑफ कॉमर्स हायर रिस्पांसिबिलिटी मोक्ष मार्ग अटेनिंग मोक्ष इस माय रिस्पांसिबिलिटी इस समथिंग तू बी डिजायर अमोंग अन वेरी स्मॉल परसेंटेज ऑफ पीपल ऑन दिस अर्थ सो दे कैन डी सिविलाइजेशन सिविलाइजेशन रंज ऑफ पीपल हु हैव सैक्रिफिस डेम सेल्फ ऑन डी अल्टर ऑफ गोद दे हैव सैक्रिफिस देयर लाइव्स फॉर ए हायर कॉस्ट वन यू सैक्रिफिस योर लाइफ फॉर हायर कोर्स डी स्टेट ऑफ माइंड विल बी सात्विक स्टेट ऑफ माइंड एंड दिस सात्विक स्टेट ऑफ माइंड ऑल ओवर राघव तू भी सात्विक raidhar दें तामसिक इफ सैम वैन सेस डेट आई एम प्रैक्टिसिंग अहिंसा एंड डेट इस वही आई विल नॉट प्रोटेक्ट समवन आई लव बिकॉज लेट हिम बी अटैक dajunt मैटर बिकॉज आई एम प्रैक्टिसिंग अहिंसा डेट इस डी स्टेट ऑफ तमस एंड इट विल ओनली ब्रिंग डिग्रेडेशन अपॉन डी पर्सन अपॉन डी सोसाइटी बट इफ यू से डेट यस आई विल नॉट डिफेंड मैसेल्फ बिकॉज अन पर्सन हु इसे अटैकिंग मी एंड डी पर्सन हु इस बिन अटैक आर डी से डी से लाइट ऑफ गोद शिन्स इन दैन और रदर डी से देयर देयर डी तू डिफरेंट एस्पेक्ट्स ऑफ डी से आत्मन और डी आत्मन इस प्रोजेक्ट इन बोथ ऑफ डेम दें नॉट डिफेंडिंग मैसेल्फ इस जस्टिस फॉर लंगर तपस्या एंड पोस्टेरिटी स्टैंड अपॉन डी सेल दैन ओनली कैन सी ट्रॉली लव डी वर्ल्ड टेक अन वेरी वेरी हाई स्टैंड निंग अवर यूनिवर्सल नेचर सी मस्ट लुक विद परफेक्ट कमेंट्स अपॉन ऑल डी पैनोरमा ऑफ डी वर्ल्ड इट इसे बट बेबीज प्ले एंड सी नो डेट सो कनॉट बे डिस्टर्ब बाय सच ए पावरफुल स्टेटमेंट स्वामी जी हज मेट स्टैंड अपॉन डी सेल दैन ओनली कैन सी ट्रॉली लव डी गोद लव डी वर्ल्ड इन अन भाई अन्य का उपनिषद इट इस सईद था हस्बैंड लव्स है वाइफ नॉट बी कोर्स ही लव्स ही वाइफ पर से बट बिकॉज देयर इस डी वाइफ इसे डी से ब्राह्मण इस डी हस्बैंड लव चिल्ड्रन नोट बिकॉज सी लव्स हर चिल्ड्रन पर से बट बिकॉज बोथ मदर एंड चिल्ड्रन आर डी से ब्राह्मण बिकॉज देयर इस डी से ब्राह्मण इन ऑल ऑफ अस सी आर एबल तू लीव टुगेदर आदर वाइस सी आर सो डेंसली व्हेन सी गो आउट ऑफ ओवर होम एंड वॉक इन डी स्ट्रीट सो में स्ट्रेंज पीपल कम इन कॉन्टैक्ट विथ हर्स सी हैव तू वॉक विद डेम सी हैव तू टॉक विद डेम पर ऐप्स ड्यू तू सैम रीजन जॉब ड्यूटी एट सेटेरा वही डोंट मिस सिंपली कम डाउन तू क्लोज वही डू सी हैव डेट सेंस ऑफ फ्रेंड्लीनेस एंड कंपैशन टुवर्ड्स मोस्ट ऑफ ओवर पीपल विद होम सी आर लिविंग बिकॉज सी सी डेट वेदर सी रिलाइज ओर नॉट वेदर सी अंडरस्टैंड इट ओर नॉट बट सी इन सब कॉन्शियस लेवल ऑन अन वेरी रिमोट वे अंडरस्टैंड सी आर एबल तू टुगेदर इफ आई लव ए पर्सन बिकॉज आई लव हिम था पर्सन हिमसेल्फ दें डेट विल बी अन सेंशुअल लव डेट विल बी अन लव लिमिटेड तू हिज बॉडी बट इफ आई लव बिकॉज देयर इस अन ब्राह्मण इनसाइड हिम दें लव transands डी बाउंड्रीज ऑफ स्पेस एंड टाइम ठाकुर्स लव फॉर मदर काइंड ऑफ लव नॉट अन फिजिकल लव बिकॉज बोथ वर डी ब्रह्मांड ठाकुर्स लव फॉर हिज मॉनेस्टिक डिसीप्लस हिज हाउसहोल्डर डिसाइड डी स्टाफ ऑफ कालीबाड़ी काली टेंपल एवरीवन हु कमेंट टच विथ हिम ठाकुर हेड कंपैरिजन twowards थीम नोट बिकॉज ही गिव्स मी समथिंग इन रिटर्न और ब्राह्मण इन सब्जेक्ट पर्सन था इस वही हर स्वामीजी सेज डेट व्हेन आई सी डेट आई एम डी ब्राह्मण एंड आदर्श आर अलसो ब्राह्मण सी विल अवर लव एच आदर ओवर कंपैशन ओवर फ्रेंड्लीनेस टुवर्ड्स एच आदर विल बी मच हायर मच पूरे दें ओनली सी विल ट्रॉली लव डी वर्ल्ड टेक अन वेरी हाई स्टैंड डोंट जस्ट थिंक डेट आई एम गेनिंग समथिंग सैम वर्ल्डली बेनिफिट बाय हेल्पिंग दिस पर्सन और बाय लविंग दिस पर्सन टेक अन वेरी हाई स्टैंड मूविंग अवर यूनिवर्सल नेचर सी मस्ट लुक विद परफेक्ट कंबाइंड अपॉन ऑल डी पैनोरमा ऑफ डी वर्ल्ड वाटेवर में हैपन इन दिस वर्ल्ड अंडरस्टैंड डेट आई एम दी आसमान एंड दीपर लेवल दे डू नॉट अफेक्ट मी एस सी सी यस्टरडे डेट एबिलिटी तू लीव वर्ल्ड हेस इट्स ऑन ड्यूटीज फॉर हाउसहोल्डर्स अलसो फॉर मेंस इफ आई से डेट आईएमडी आत्मा एंड अवर अध्यक्ष स्वामी जी हर ही इसे अलसो डी से आत्मन आई नीड नोट फॉलो हिज ऑर्डर्स और डेट ओवर दें व्हाट विल हैपन देयर विल बी अन के इन दी आश्रम आय विल हैव तू फॉलो बिकॉज सी आर लिविंग इन दिस वर्ल्ड इन दिस वर्ल्ड दिस हेड स्वामी ऑफ ओवर आश्रम ही इसे माय सीनियर पर्सन हु इस एडमिनिस्ट्रेटिव हेड एंड आई विल हैव तू ओबे हिम समथिंग इस अबाउट योरसेल्फ अलसो यू आर वर्किंग इन सब जॉब और यू आर लिविंग इन योर होम evriven ऑफ ड्यूटीज एंड रिस्पांसिबिलिटीज एंड सी विल हैव तू accomply इंप्लीमेंट डेम व्हील हैव तू प्रेक्टिस दे वेयर इस सिंसेरली इफ आई डोंट प्रैक्टिस मैं ड्यूटी आई विल बी फैलियर इन दिस वर्ल्ड एंड स्पिरिचुअल वर्ल्ड सी हैव तू अंडरस्टैंड डेट सी आर कंपलीटली फ्री तू परसू अन्य टाइप ऑफ साधना डेट सी वांट ओवर रिलेशनशिप इस ओनली विथ डी गोद एंड नॉट विद दी पीपल हु आर सराउंडिंग उस वैन थिंग एंड सेकंड अलसो तू अंडरस्टैंड डेट दे आर अलसो पार्ट ऑफ डी सैम गो ओके नौ अभी नेक्स्ट कोटेशन हिंदी में

Hindi

अच्छा स्वामी जी क्या कहते हैं यहां पर डिस्प्लेस विद ब्लैक यदि मैं कोई मेरी प्रशंसा करता है तो मैं खुश हो जाता हूं तो जल्दी कोई मेरी निंदा करेगा तो मैं नाराज हो जाऊंगा ऑल प्ले स्टोर भंगुर है यदि मैंने एक रसगुल्ला खाया तो मुझे बड़ा आनंद आया दो खाऊंगा तो मुझे मेरा आनंद डबल हो जाएगा किंतु तीन खाने से चार खाने से या आठ खाने से मेरा आनंद बढ़ता रहेगा नहीं तीन-चार खाने के बाद में ज्यादातर लोगों का ये लिमिट है उसके बाद में पेट बिगड़ेगा बीमार होने की संभावना है और ज्यादा हम ज्यादा दिनों तक करेंगे तो शुगर बढ़ जाएगा डायबिटीज हो जाएगा तो इंद्रियों के जो सुख है वह जो भोग की मात्रा जितनी बढ़ती है उतने वो सुख बढ़ते नहीं है एक्चुअली मुझे आज रसगुल्ला एक खाया और कल एक खाया और परसों दिन और नेक्स्ट वीक एक-एक करके खाया तो मुझे अच्छा लगेगा क्यों क्योंकि मैं बीच में रसगुल्ला का त्याग कर रहा हूं यदि मैं दिन में 10 बार खाऊंगा तो फिर उसका वो जो स्वाद है उसका जो आनंद है वो कम हो जाएगा तो एवं आनंद पाने के लिए भी मतलब आध्यात्मिक आनंद पाने के लिए तो मुझे इंद्रियों के इंद्रिय जनित आनंद का त्याग करना ही पड़ेगा इंद्रिय जनित आनंद पाने के लिए भी मुझे इंद्रियों के आनंद का त्याग करना पड़ेगा कोई चीज मुझे बहुत अच्छी लगती है जैसा मेरा पर्सनल फेवरेट दोसा यदि मैं रोज दोसा खाऊंगा तो मेरा पेट बिगड़ने की संभावना है क्योंकि वो फर्मेंटेड वह एक आइटम है जिसको की रोज नहीं खाना चाहिए आश्रम में कभी-कभी बनता है मैं कभी कभी खाता हूं तो बीच में एक लंबा गैप रहता है उसके बाद में दोसा खाता हूं तो उसका आनंद है तो इतने दिनों तक मैंने शकत त्याग किया फिर मैंने उसको खाया तो मुझे वो आनंद मिला नहीं की मैं यदि रोज dhosak खाता रहूंगा एक दिन ऐसा आएगा या तो मेरी तबीयत पहले बिगड़ेगी या तो फिर मैं उसके ऊपर से मेरी अरुचि हो जाएगी एक बहुत ही फेमस मराठी संत की बात है की वह एक गांव में गया अभी उन्होंने ठीक करके रखा था की जो इन जो हक जो आनंद है जो वहां का जो रस है माने अच्छी चीज खाने का उसका वो त्याग करेंगे वो संत लोग कभी-कभी कोई एक व्रत लेते हैं व्रत रखते हैं तो यह संत ने भी मैं उनका नाम भूल गया अभी तो इस संत ने भी इस तरह से व्रत रखा था की और रस माने की जुहा का जो रस है उसका वो त्याग करेंगे ऐसा खाना खाएंगे जिसको की उनको अच्छा नहीं लगता यह उनकी एक व्रत था एक उनकी तपस्या थी अभी एक गांव में गए एक भक्त महिला थी उन्होंने इस संत के लिए खीर बना दी एक बाती खीर खाई उन्होंने तो उनको बड़ा अच्छा लगा अभी उसको उनको दूसरे दिन खीर खाने हो गया अभी वह सोच रहे द की नहीं उसे महिला भक्तों को बुलाकर बोलते हैं फिर से की हान मेरे लिए फिर से खीर बना अभी वो ऐसा बोलने वाले द सुद्दनली उनके मैन में हुआ की अरे मैंने तो ये और रस का व्रत लिया है जी वहां का कोई भी आनंद है वो मैं ग्रहण नहीं करूंगा और एक छोटी सी एक बाते खीर के लिए मेरा यह व्रत भांग हो गया अच्छा ठीक है मैं इस खीर के जो आकर्षण है उससे मैं मुक्त हो जाऊंगा कैसे महिला को बुलाया भक्तों को बुलाया देवोते को बोला की तुम मेरे लिए ना वो बड़ी राजी हो गई वो बायर्स बनाने के खीर बनाने के लिए बड़ा इतना बड़ा सा था पहला भर के बनाना तो वह खुश हो गई की चलो यह तो इतने महान संत है इतना ज्यादा उनकी उसकी क्या खाएंगे तो वो तो बहुत अच्छी बात है हो सकता है की कुछ भक्तों को भी दे तू इतना बड़ा वो ड्रम भर करके वो बड़ा वेसल भर करके वो खीर लेकर आई तो उन्होंने क्या किया संत ने वो एक बाती में लेकर के वो खाते ही गए खाते गए खाते ही गए अभी पहली एक दो तीन चार पार्टी तो ठीक लगेगा किंतु अब खाते ही जाएंगे खाते ही जाएंगे तो क्या होगा आखिर में उनको वोमित हो गया वोमित होकर के जितना भी खीर पेट में था वो भी निकल गया और खीर खाने की उनकी जो वो आकर्षण हो गया था उसके प्रति प्रेम हो गया था वो भी साथ-साथ में चला गया ठाकुर के साथ में भी ऐसी बात है मथुरा बाबू को एक बार बोला है की मुझे वो चांदी के जो ये होता है नल उसे तरह का हुक्का दे दो मैं वो चांदी के नल से मैं हुक्का पियूंगा वो जो जारी वाले कपड़े होता है वो जरीवाला एक कपड़ा दे दो मैं उसको pahnunga और मैं यहां पे वो गाड़ी टक्के पर बैठूंगा वो उन्होंने देखा होगा किसी को ऐसा करते हुए तो मैन में ऐसी इच्छा उठ गई की मैं भी ऐसा कहूं तो इस इच्छा का त्याग कैसे किया नल वाला हुक्का लेकर आए बढ़िया सा गंदी तकिया बिठाया माथुर बाबू तो धनवान आदमी द वह तो ठाकुर के लिए कुछ भी करने को तैयार है तो वो गद्दी तकिया बिठाया ठाकुर ने जारी के कपड़े पहने और वह सोने वह जो चांदी का नल था उसे तरह के थोड़ी देर तक ऐसा किया फिर उन्होंने कहा ठीक है मत देखो इसी को बोलते हैं जारी वाले कपड़े पहन के चांदी के नल से हुक्का पीना हो गया तो तुमको संतोष ठीक है अभी इसको करो त्याग ऐसा करके हुक्के को फेंक दिया वो जरीवाला जो कपड़ा था उसको भी फेंका और उसके ऊपर में जोर जोर से कूदने लगे की देखा इसका इसको भी तुमने भोग कर लिया अभी तैयार कर दो अभी और कोई मथुरा बाबू की जगह होता तो थोड़ा नाराज हो जाता अरे इतने महंगे कपड़े इतना महंगा वो जो सब किया ठाकुर के लिए ठाकुर उसको तुम इतना ही नहीं की उसको फेंक दे रहे उसके ऊपर में जोर-जोर से पैरों से आघात भी कर रहा है किंतु यह तो मथुरा बाबू द ठाकुर के पक्के भक्त उन्होंने यह सब ठाकुर की लीला समझ कर के स्वीकार कर लिया तो इस तरह से इंद्रियों के बीच जो सुख होते हैं वह कहेंगे की मैं उसको बहुत ज्यादा भूक करूंगा तो बहुत ज्यादा आनंद बढ़ेगा ऐसा भी नहीं है उसका त्याग में ही आनंद है थोड़ा थोड़ा जल्दी भूख करते रहते हैं तो तभी आनंद है तो यदि त्याग का सिद्धांत ये जो vyashtik babatein हैं उसमें भी यदि इतना लागू होता है तो आध्यात्मिक जीवन में तो वो कितना आगे हमको ले जाएगा संपूर्ण त्याग करते हैं जो मैन हमारा जो प्राणशक्ति है जो की यह सब चीजों के पीछे लगी रहती है वो यदि ईश्वर की ओर देंगे तो हम कितना आगे बढ़ जाएंगे ऑफ कोर्स जैसे मैंने पहले भी कहा की जब हम संसार में रहते हैं तो संसार की जवाबदारी है तो वो तो हमको निभाना ही है किंतु साथ-साथ में ही मुझे भी ये आश्रम में रहकर की यह सब चीज जो मेरे आस-पास है मुझे भी इसको साथ में लेकर रहना है यहां पर पब्लिकेशन डिपार्टमेंट है मुझे कितने पैसों का लेन-देन करना पड़ता है लोगों के साथ डीलिंग करना पड़ता है किताबें चपनी पड़ती है वगैरह सब कुछ है यह संसार तो है जिसमें की हम रहते हैं किंतु अपने मैन से हम लोग मुक्त हो जाए और धीरे-धीरे करके यह दोनों जो समानांतर रास्ते हैं उसके ऊपर चलते रहे फिर एक दिन ऐसा आएगा की संसार जो है वो अध्यात्म में विलीन हो जाएगा जैसे की सूरज है तो हम चलते हैं तो परछाई पड़ती है किंतु सूरज डूब जाता है तो परछाई भी अपने साथ में अदृश्य हो जाती है अब अपने साथ में लेकर जाता है तो वैसे ही जब तक हम लोगों के जो कर्म का वो जो फल है वो जब तक हमको भोग करना है करने के जो प्रवाह है प्रारब्ध कर मा वो जब तक चलते रहेंगे हमको यह संसार में रहना ही है संसार की javabdariyon को निभाना ही है किंतु जिस दिन प्रारब्ध कर्म खत्म हो गए जिस दिन हमने नए कर्म अर्जित करना बंद कर दिया उसे दिन ही हम लोग हम लोगों का यह जो अट्रैक्शन है लाइक एंड वर्जन टुवर्ड्स थिंग्स आई डोंट लाइक मुझे जो चीज अच्छी लगती है उसके प्रति आकर्षण और जो अच्छी नहीं लगती है उसके प्रति वायरल यह दोनों राग द्वेष हमारे कर्म के साथ में ही अदृश्य हो जाएंगे हम एक मुक्त न आत्मा की तरह इस जगत में विचरण करेंगे जितने दिन हमारा शरीर रहता है गीता में वो जो वो जो कहा गया है ना की वो इस तरह का आदमी के जिसने इस जन्म में ही मुक्ति पाली है तो उसे तरह का उसका आचरण कैसा होगा तो गीता में बहुत सारे उसके वह जो वर्णन किया है ठाकुर ने भी उसके बारे में बोला है की जो यह बालक पथ हो जाता है कभी-कभी pishachvat हो जाता है कभी-कभी वो इस तरह से भी हेल्प करता है की लोग कहेंगे यह पागल है किंतु वह पागल या पिशाच या बालक हाट इसलिए नहीं है की वो एक्चुअली वो है वो हमको इसलिए लगता है क्योंकि हम लोग माया में है और जब माया विहीन लोगों को जब देखते हैं माया से मुक्त लोगों को देखते हैं हम समझ नहीं पाते की वो हमसे भी एक उच्च अवस्था में प्रतिष्ठित है ऑल प्लेजेस ऑफ डी सेंसेज और एवं ऑफ डी माइंड इसे डी वैन तू उन रिलेटेड प्लेजर डिपेंडेंट अपॉन नथिंग हम लोगों के भीतर में ही वो अनंत असीम आनंद का स्रोत बा रहा है हमको पता नहीं है हमको सिर्फ उसके भीतर में डुबकी लगानी है इट इस परफेक्टली फ्री इट इस प्लीज मैंने कोई पैसा भी नहीं देना है कहीं पे जा के यात्रा धाम में जाएंगे तो कितनी मेहनत करनी पड़ती है कितना खर्चा होगा की धर्मशाला में रहेंगे मंदिर में जाके प्रणामी देंगे वो दक्षिण देंगे क्या-क्या सब करना पड़ता है हमारे भीतर में ही जो मंदिर है बेहतर में ही जो तीर्थ स्थान है उसके दर्शन के गए तो हमको नहीं दक्षिण देनी पड़ती है ना ही यात्रा का खर्च करना पड़ता है जब तक एवं अपनी जीवन में भी जब तक हम इस सब चीजों को बाहर में घुसते हैं बहुत सारे लोग होते हैं चलो इस मंदिर में जाए उसे मंदिर में जाए यहां पे उसे इस आश्रम में जाए उनके साथ बात करें वो उसे साधु के साथ बात करें अच्छी बात है बुरा कुछ नहीं है किंतु ये सब चीज शुरुआत के लिए है ऐसा इस सब चीजों का अवलंबन लेकर के हमको ऊपर से ऊपर से स्टार पे जाना है यदि हम उसे सब चीजों को लेकर के रह जाएंगे तो वो संसार जो की उसका एक बंधन था इसका भी एक बंधन हो जाएगा की ये मैं उसे आश्रम में गया था मैं उसे महाराज के साथ बात किया था उनके साथ में बहुत अच्छा रिलेशन है और बस वो अभी मेरे मैन में है मुझे लगता है की उसी से मेरा हो गया उससे भी उच्चतर जाना है उसे आश्रम में जिस ठाकुर की प्रतिष्ठा की गई है वह ठाकुर अपने हृदय में ही है आश्रम में जाकर के प्रणाम करते हैं बहुत अच्छी बात है बहुत लोग बहुत अपने भगत है इतने सिंसियर वॉल सीकर है हमारे यहां जो वॉलिंटियर्स आते हैं प्रकाशन विभाग पूरा वॉलिंटियर्स पर चलता है वह साधु आते हैं जाते हैं वालंटियर ज्यादातर कम करता है नहीं रहने से प्रकाशन विभाग बंद हो जाएगा हमारा पब्लिकेशन तो इतना अच्छा वो कम करते हैं किंतु इसके बॉन्ड भी एक चीज है जो की हम सबको मैन में रखना है इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में अगले जन्मो में नहीं तो उसके अगले जन्मो में जोर करके अपने मैन को नहीं खींच लेना है वर्ण तो फिर क्या होगा अहंकार करके की मुझे आश्रम में जाने की जरूरत नहीं मुझे मंदिर में जाने की जरूरत नहीं मैं सबसे परे हूं तो फिर हम तमस में डूब जाएंगे और फिर यह जो विकार विकृति सब उत्पन्न हो जाएगी जोर करके कुछ नहीं करना है ठाकुर ने कहा ना की वो जब वो जो नारी कल है जो डब्बा बोलते हैं कोकोनट इंग्लिश में जो उसके भीतर का वह जो यह है जो कोकोनट वो जब ये हो जाता है मतलब राइट हो जाता है पाक जाता है तो अपने से वह सेपरेट हो जाता है फिर हम कोकोनट को ऐसा ऐसा hilayenge तो भीतर में से आवाज़ आएगा की उसके भीतर का वह जो खजूर वह बोलते हैं अभी जो भी उसको बोलते हैं वो सेपरेट हो गया है और वह बांग्लादेश हो जाए जब कोकोनट टाइप हो जाता है उसके भीतर का वह जो है वो सेपरेट हो जाता है उसको जोर करके सेपरेट नहीं करना है यह जो सब मैच्योरिटी है अपने आध्यात्मिक जीवन में स्टेप बाय स्टेप आती है तीर्थ स्थान बाहर है बाहर में तीर्थ स्थान का दर्शन करना ही है आश्रम में जाना है मंदिर में जाना है किंतु हमको यह भी देखना है की धीरे-धीरे करके हमारा मैन इतना मेच्योर हो जाए स्पिरिचुअल इतना स्ट्रांग हो जाएगी यह जो ठाकुर की प्रतिष्ठा हम अपने हृदय में कर पाए और अपने हृदय में ही जो ठाकुर है उनका दर्शन करके हमको आनंद मिले शांति मिले आश्रम में अब डेली नहीं ए पाएंगे आकर के ज्यादा रह भी नहीं पाएंगे अपना कम है ड्यूटी से सब कुछ है हृदय में ठाकुर को बिठा के रखा है तो 24 घंटे ठाकुर आपके साथ में रहेंगे इट इस परफेक्टली फ्री इट इस प्लेस डी मोर स्पिरिचुअल सी आर डी प्लेजर ऑफ डी सेल्फ इसे व्हाट कॉल्स रिलिजन देखिए कितना पावरफुल स्टेटमेंट है ये जो मेरे भीतर में जो आत्मन का जो उत्साह है उससे जो मुझे आनंद मिलता है उसी को कहा जाता है धर्म उसी को कहा जाता है आध्यात्मिकता जो कुछ भी मैं बाहर से ग्रहण करता हूं एवं मंदिर में जाने का आनंद एवं बाहर में जाकर के भगवान को प्रार्थना करने का आनंद तीर्थ स्थान को जाने का आनंद माने वो बाकी स्थूल आनंद को तो छोड़ ही दे दीजिए इंद्रिय जनित जो की आनंद है एवं जिसको की हम धार्मिक आनंद भी कहते हैं वह भी आखिर में एक आपके पैरों की जंजीर ही है उससे भी मुक्त होकर के हमारे भीतर में जो atmaman है या तो भगवान ठाकुर विराजित है उनकी प्रार्थना करने से जब आनंद आएगा तब हमारा स्पिरिचुअल मैच्योरिटी जो है वो बढ़ता जाएगा एक ही चीज है की यह जो बाह्य चीजों का जोर करके त्याग नहीं ए जाएगी स्वामी जी ने कहा है की जो मध्ययुगीन भारत में यह जो सब हमारी जो हमारा देश जो वीक हो गया अब हमारी जो नेशनल डिग्रेडेशन हुआ उसका रीजन क्या था बुद्धिस्म ने जितने भी लोग हैं सबको पकड़ पकड़ कर के साधु और भी खून बनाना शुरू कर दिया अभी जिस आदमी का मैन इंद्रियों के आनंद में इतना जोर से वो लगा हुआ है की आप उसको उठाकर के जबरदस्ती साधु बनाएंगे तो वह जो मॉनेस्ट्रीज है आश्रम है वहां पर विकृति ए जाएगी साधु कौन बनेगा जो की स्पिरिचुअल मेच्योर हो गया है उसी को वो रास्ता दिखाना है हर किसी को बाहर में भी अपने मित्र ठाकुर कहते हैं ना की कोई कोई भक्त आता है अपने संगीत को साथ में लेकर आता है अभी वह भक्त की बड़ी इच्छा है की वो ठाकुर के साथ में बैठकर गैप लगाए ठाकुर की बातें सुने किंतु उसका जो संगी है वो बार-बार का रहा है कितने बजे कितने बजे अरे चलो जाने का टाइम हो गया है तब पूरे ऐसे लोगों को क्या कहते हैं अच्छा तुम जाकर के बाहर में घूम करके थोड़े बिल्डिंग देखकर के आओ ठाकुर बिल्डिंग शब्द उसे करते द इंग्लिश में एक तो यह बिल्डिंग देखे हो गया तो बाहर में जाके थोड़ा इमारत देख के आओ फिर उसके बाद में वो आदमी कहता था वो जो अपने संगीत को क्या अच्छा तुम बैठो बातें सुनो उनकी मैं नौका में जाकर के इंतजार करता हूं तो एवं मतलब अब संसार में भी हो और किसी को जोर करके खींच करके आश्रम में भी लेकर आएंगे तो वो रह नहीं पाएगा वो बेचारा बड़ा परेशान हो जाएगा तो यह सब स्पिरिचुअल डेवलपमेंट वह मैच्योरिटी के साथ-साथ में करना है जोर करके कुछ भी नहीं करना है हम जिस लेवल पे है उसी लेवल को हम थोड़ा सा एक पॉइंट दो पॉइंट तीन पॉइंट एक स्टेप दूसरा स्टेप कितना आगे बढ़ा सकते हैं उतना ही सोचना है यदि हम जंप मरने को जाएंगे तो क्या होगा की हम ऊपर तो नहीं पहुंच पाएंगे ऊपर से अधिकांश जहां पर द वहां से भी ज्यादा नीचे गिर जाएंगे तो अब हम इसलिए स्वामी जी ने यह जो कर्मयोग तो यह क्यों प्रावधान किया अपने रामकृष्ण मिशन में साधु brahmchariyon का इंक्लूडिंग मैसेल्फ ज्यादातर में जिनको पहचानता हूं यह मैच्योरिटी लेवल नहीं है की स्वाध्याय और जब ध्यान लेकर के दिन निकले हमको कम करना ही होगा ये हमारे शरीर मैन का गठन ही इस तरह से है कर्म हम पॉजिटिव कर्म नहीं करेंगे तो विकृति ए जाएगी इसीलिए स्वामी जी ने कर्मयोग का रास्ता हमको दिखा करके गए सुबह शाम जितना भी हो सके एक घंटा दो घंटा जिसको की हम ट्रेडिशनल आध्यात्मिक साधना कहते हैं जब ध्यान साधन भजन प्रार्थना पूजा पाठ वह सब दिन में दो बार करें किंतु दिन का ये जो हिस्सा है उसके दौरान हम अपने शरीर के साथ में कुछ कर्म करें आदर वाइस हम स्पिरिचुअल मैच्योरिटी को नहीं पहुंचेंगे और फिर जहां से आरंभ किया था उससे भी ज्यादा नीचे गिर जाएंगे तो यह आध्यात्मिक यह सब उपदेश हमको पढ़ने हैं असली आनंद भीतर में है हृदय में ठाकुर को बिठाना है तीर्थ यात्रा का क्या महत्व है उससे भी ज्यादा आनंद भीतर के तीर्थ में आता है सब सन लेना है किंतु उसका इंप्लीमेंटेशन प्रैक्टिस तभी करनी है जब हम उसे स्पिरिचुअल मैच्योरिटी तक पहुंचने हैं आदर्श एक व्यवहार एक है व्यवहार में रहकर के आदर्श को नहीं भूल जाना है और आदर्श का पालन करते-करते अवयव आरोप भी नहीं हो जाना है जिससे की हम इस तरह की मुसीबत में पद जाए की आदर्श को छोड़कर के व्यवहार में उलट जाए ये दोनों को क्या उसका रोल है वो अंडरस्टैंडिंग इसी को असली विजडम कहते हैं कोई आदमी पंडित होता है तो वह ठाकुर की कहानी है ना एक एक पंडित नोखा में जा रहा था तो वह चलाने वाला पंडित ने उसको पूछा क्या तुमको वेदांत आता है तो वह चलाने वाला बेचारा बोला नहीं पंडित जी मैंने वेदांत का अभ्यास नहीं किया तो न्याय आता है संख्या है तो वह बेचारा बोला नहीं यह सब का तो मेरा नाम भी नहीं सुना तो पंडितो मैन में मैन में खुश हो रहा है देखा मैं कितना सुपीरियर हूं ये किस तरह का मूर्ख है ये तूफान आया 9 का उलट गई और अभी तैरने की बारी ए गई तो वे नौ का वाले ने पूछा पंडित जी को की पंडित जी आपको तैरना आता है बोला मुझे तेरा नहीं आता तो नाविक बस मुझे तैयार ना है तो आध्यात्मिक ज्ञान में हम ऐसे भी ना उलझा जाए की संसार में हम फैल हो जाए फिर इस 1 दिन ऐसा आएगा की अध्यात्म छोड़कर के ये डिप्रेशन फ्रस्ट्रेशन में ही हम लोग उलझ जाए दोनों का रोल क्या है दोनों का आदर्श क्या है क्लियर रख कर के एक मैच्योरिटी सिस्टम के साथ में अपने जीवन में आगे बढ़ाना है ठीक है आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति राम कृष्ण परम कृष्ण