Skip to transcript
ClassesSaradakosh

Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi Teachings ·

Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi : English & Hindi : 6 Jan 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda

ओम स्थापना शर्मा जय मैन जय मैन अच्छा ठंडा नहीं है जितना हर बार होता था पता नहीं धीरे-धीरे करके यह ठंडी का दिन पीछे चला जाता है और गरम ज्यादा बढ़ता जाता है इसको क्लाइमेट चेंज अच्छा सेल श्री राम कृष्ण adbhutanand जी महाराज अद्भुत डिप्टी मजिस्ट्रेट एंड ही हेड ऑर्गेनाइज्ड ऑफ फेस्टिवल इन हिज होम इन कोलकाता एंड ही इनवाइटेड ऑल डी डिवोर्स बट ही फ़ॉरगोट तू इनवाइट रामबाबू एक्चुअली ही vaasant अन पर्सन इन चार्ज ऑफ इनविटेशन इट वाज ओवर राखल महाराज राजा महाराजा सो ठाकुर ही सीज डेट ठाकुर डिड'टी इनवाइट मी ऑन डी आदर एंड व्हेनेवर तेरे इस अन फेस्टिवल इन माय होम आई इनवाइट एवरीवन सो वही इसे ही कीपिंग दिस आउट ऑफ डिस्टेंस फ्रॉम मी चार्जर इनविटेशन ही वाज सपोज तू गो तू होम ऑफ एवरी डेम फॉर डी फंक्शन राखल रखी स्टील जस्ट चाइल्ड सो ठाकुर गिव्स वेरी नाइस उपमा डी इफ यू क्रीज रखास थ्रोट मिल्क विल कम आउट वही गिव्स दिस उपमा वही ही गिव्स दिस एग्जांपल इट इस कॉल्ड इन इंग्लिश डी रीजन फॉर डी semilies डेट बिकॉज स्मॉल चिल्ड्रन ड्रिंक मिल्क एंड बिकॉज द ड्रिंक मिल्क इस सपोज्ड तू बी मिल्क विथ इस अप तू डेट दे आर सपोज तू बी फील्ड विद मिल्क अप तू डेट सो इफ डी थॉट मिल्क विल कम अप डेट इस सिमिलर स्टोरी ठाकुर से डेट वाज वैन पुजारी ऑफ काली एंड व्हेन मुस्लिम के फर्स्ट फिल्म तू कन्वर्ट तू इस्लाम एंड देयर टोल्ड हिम डेट नौ यू विल हैव तू डू अल्लाह सो दिस कालिज पुजारी ही हेड डैन ही इसे anteyer लाइफ डी जापान काली विल कम आउट ऑफ है माउथ सो देश मुस्लिम बिकम वेरी एंग्री एंड टोल्ड हिम डेट नाउ योर कन्वर्टेड तो इस्लाम वही अरे यू डूइंग जफार्म ऑफ काली सो दिस पृष्ठ ही वैसे कन्वर्टेड प्रीस्ट बिकॉज है इन बंगाली फुल ऑफ समथिंग डेट थिंग अप तू हिज थ्रेड सो से थिंग अबाउट रखा है राखल और राजा महाराजा स्टील चाइल्ड इन मिली सेंसेज फिजिकल हेयर्स ग्रोन अप्स सी मस्ट बे अराउंड 1670 इयर्स ऑफ आगे बट बिकॉज ठाकुर डूइंग साधना देयर आर डिफरेंट टाइप्स ऑफ रिलेशनशिप खाल अलसो हेड संतान भाव सो इंस्पायर टॉप बीइंग ऑलमोस्ट इन है टीनएजर्स rakhals माइंड दे सो डेट इस व्हाइट ठाकुर नो नीड तू अटैच अन्य ब्लेम तू राजा महाराजा बिकॉज देयर इस अन मिल्क अप तू हिज थ्रोट बट यू नो व्हाट हैपेंस व्हेन एवर डीज तू थिंग्स आर ट्रांसलेटेड दिस anteyer एसेंस ऑफ ठाकुर स्पीच इट गोज अन बेस्ट सो डेट इसे वही दिस सेंटर्स इस ट्रांसलेटेड इन इंग्लिश सो नौ लाटो महाराज टेल्स अंदर इंसीडेंट इट वास अलसो आते ऑथर बेबस डेट आई फर्स्ट सो बैंकिंग चंद्र चटर्जी नौ बंकिम चंद्र वास अन सेलिब्रेटेड बंगाली ऑथर बंकिम एक्सट्रीमली इंटेलिजेंट ही ट्राई तू टेस्ट ठाकुर बट ही कम आवे आउटर डैन व्हेन ही वास अबाउट तू लीव ही आस्क ठाकुर तू विजिट हिम बट साइंस ही नेवर सेंड इनविटेशन ठाकुर डिड नॉट गो तू हिज हाउस नौ सी हैव समथिंग तू लर्न फ्रॉम दिस सी नो डेट ठाकुर वेंट तो द होम्स ऑफ विद्यासागर देवेंद्र नाथ टैगोर दिस केशव सेन इन में सच पीपल वेयर कंसीडर्ड तो बे वेरी प्रेस्टीजियस वेरी रिच ठाकुर वेंट तो देयर होम विदाउट इनविटेशन बट हर लौटो महाराज तू दी होम ऑफ बंकिम चंद्र विदाउट इनविटेशन वाइस सो बिफोर ठाकुर वेट aneware लिविंग विथ ठाकुर ठाकुर विल डिसाइड डेट आई वांट तू विजिट समवन लाइक देयर इस वैन जतिन राजा ही हद उपाध्याय ऑफ राजा सो ठाकुर विल सेंड हृदय विल टेस्ट इफ दिस पर्सन ओर नॉट नव सी नो डेट मोस्ट ऑफ दिस रिच पीपल देयर एरोगेंट पीपल विदाउट एरोगेंस दे कैन नॉट सरवाइव इन डेट कंपटीशन हाईली कॉम्पिटेटिव वर्ल्ड एंड मैन सो बट देयर आर डिफरेंट टाइप्स ऑफ एगोस देयर आर सैम टाइप्स ऑफ हेब्बल विच आर कंसीडर्ड तू बी स्पिरिचुअल विच वेरी डेंजरस सो तमस तामसिक एगो राजसिक एगो एंड सात्विक एगो देयर आर थ्री टाइप्स ऑफ एगोस व्हाट इसे डी सात्विक एगो डट आय एम डी देवोटी ऑफ पार्टिकुलर कॉल्ड लाइक शिवर एंड डी devoteyo ऑफ शिवा एंड आयरन इस नो वैन इस ग्रेटर डीवीडी एस आई एन डेट इस राजा सात्विक एगो व्हाट इस राजस्व एगो डट आय वांट धीस में अकांप्लिशमेंट्स इन माय लाइफ आई वांट तू बी सक्सेसफुल इन दिस पार्टिकुलर फील्ड इन माय लाइफ ठाकुर हिमसेल्फ वैन सेट डेट आई वांटेड तू बी डी किंग ऑफ वर इसे नाइस बिकॉज लेकिन ऑर्डर तू भी किंग ऑफ देवोतीस यूनिट तू हैव ऑल डी बेस्ट क्वालिटीज था अन देवोटी हेयर्स व्हाट विच आर दिस पॉलिटिक्स दें सत्य अहिंसा परिग्रह ब्रह्मचर्य ईश्वर परीदा 10 क्वालिटीज collectoli एयरपोर्ट तू हैव दिस 10 हॉलीडे सो राजस्व एगो इसे लाइक सेल वह ठाकुर हिट्स से डेट आई वांट तू बी डी किंग अमोंग डी देवोट्स डेट मेंस ही वांट तू है सी डी बेस्ट इन ऑल दिस 10 क्वालिटीज दें विच इस वेरी नाइस आफ्टरवार्ड्स दिस एगो bikams डिसआर्ड वंस यू अटेंडेड हायर स्टेज ऑफ साधना योर एगो विल सो नो हम इन हेविंग पीपल आउटसाइड अलसो डेट आई वांट तू बी सक्सेसफुल इन दिस पार्टिकुलर फील्ड एंड इन ऑर्डर तू बी सक्सेसफुल यह वर्क हार्ड वर्क इन विच फील्ड देयर सपोज यू आर पॉलीटिशियन सपोज समवन इस एन इंडस्ट्रियल सबको समवन इस अन ऑथर सपोर्ट सैम वैन इसे अन टीचर समवन इसे अन साधु सैम वैन इसे अन हाउसहोल्डर देयर एक ऑफ बीइंग सक्सेसफुल स्टैंड्स ऑन देयर हार्ड वर्क आई लाइक तू से डेट माय पब्लिकेशन डिपार्टमेंट इस वेरी सक्सेसफुल वही बिकॉज आई एम प्रिंटिंग में इन न्यू बुक्स आई एम प्रिंटिंग अवर मैगज़ीन आई एम अलसो पब्लिश आई हैव अलसो डिवेलप फैन ऐप सो दिस एगो दिस प्राइड लेट मी से दिस प्राइड ट्रेंड्स ऑन सॉलिड वर्क बट डी थॉमस सिखों इस वेरी डेंजरस यू आर जस्ट बीइंग एगोइस्ट विदाउट अन्य अकांप्लिशमेंट्स एंड बिहाइंड डेट एक देयर आर कम क्रोध मैड लोग तो हम हैं आई विल बिकम एक्सट्रीमली जेलर यू नो व्हाट वे हैपेंड विथ स्वामी विवेकानंद व्हेन अन केशव चंद्रसेन एंड ब्रा आधार ब्रह्मो समाज ब्रिटेन और अमेरिका ध्वज इन फिटेड देयर एक्सेप्टेड विद ओपन आर्म्स बिकॉज दिस इंटेलेक्चुअल क्लास अकादमी क्लास इन यूरोप एंड अमेरिका थोर दिस ब्रह्मो समाज रिप्रेजेंट्स दी एक में डीएमआईटी स्मित ऑफ इंडियन इंटेलेक्चुअल कल्चरल अटेंडेंट अचीवमेंट सक्सेस डी ट्रू रिप्रेजेंटेटिव ऑफ हिंदू कल्चर सो दे फ़ॉरगोट तू इनवाइट एस और गिव अज़मत रिस्पेक्ट तू ब्रह्मो समाज सो ब्रह्मो समाज बिकम वेरी एजुकेटेड एंग्री ज्वेलर्स एंड दिस स्टार्टेड ट्रेडिंग अलसो लाइक अगेंस्ट स्वामीजी सो दिस एगो और aroganj डेट इस बेस्ट ऑन जेलर और घृणा और उससे क्रोध डेट इस वेरी डेंजरस काइंड ऑफ एक सो डेट इस विले व्हेनेवर ठाकुर वुड विजिट सैम ही वुड प्लांट तू विजिट samvance हाउस इन कोलकाता व्हाट ही वुड डू वुड सेंड राइड व्हेन हृदय वाज लिविंग विथ एंड लेटर ऑन सैम अंदर डिसीप्ल तो हृदय वुड गो तू डी होम ऑफ डी पार्टिकुलर पर्सन एंड आर दे विल चेक वेदर दिस पर्सन इस एकॉस्टिक इन तामसिक सेल्स और इन राज्य सिक्स सेंस सी ऑल कैन सी थी व्हेनेवर सी कम इन टच विद अंदर पर्सन व्हेनेवर सी आर टॉकिंग विथ अंदर पर्सन विकेट इमीडीएटली रिलाइज डेट दिस पर्सन इस फुल ऑफ प्राइड बट हिज प्राइस अचीवमेंट्स एंड दिस पर्सन इस फुल ऑफ एंगर एंड जेलर एंड इफ ही उसे ऑलवेज सी कैन सेंस डेट ही इस ऑलवेज थिंकिंग समथिंग नेगेटिव अबाउट मी सो स्पाइट इनसाइड हिम डियर इसे मालिस इनसाइड सी कैन ऑलवेज ह्यूमन बीइंग कैन से दिस अबाउट अंदर ह्यूमन बीइंग डेट व्हाट इसे गोइंग ऑन इन हिज माइंड दिस माइंड तू माइंड कम्युनिकेशन तेलीपति इट इस डी वाटेवर सी रीड इन स्टोरी इन स्टोरी ऑफ मैजिक देयर इस टेलीपैथी दज टेलीकम्युनिकेशन दे 2001 द बट इन जनरल सी ऑल ह्यूमंस आर कैपेबल ऑफ सेंसिंग अंदर इमोशन अंदर सेंटीमेंट्स सो डेट इस वही ठाकुर सो दिस बंकिम चंद्र चटर्जी पर हिप्स ए ग्रेट नाम इन कोलकाता नथिंग तू क्रिटिसाइजिंग अबाउट बट आई एम गेसिंग हर आई एम मेकिंग चंद्र आदर वाइस देवेंद्र नाथ टैगोर इंसीडेंट फुल लर्न्स सो मच अबाउट बिकॉज व्हेन मदर टोल्ड ठाकुर इन 21 डेज़ बट इंसटिड ऑफ डाइन ठाकुर रिटर्न बैक ऑन डी प्लेन अमोंग द लिविंग बीइंग सो डेट ही कैन स्प्रेड दिस गुड न्यूज़ ऑफ मदर अराइवल अमोंग उस सो व्हेन मदर रिस्पांसिबिलिटी तू स्प्रेड माथेर स्नेक सो एच एंड एवरीवन शुड बिकम अन यू नो ब्लेस्ड की रिसीविंग हिज ब्लेसिंग्स इन व्हेन विद्यासागर ठाकुर गोज तू मीत विद्यासागर ही इसे डेट इन बंगाली मैलवेयर स्प्रेडिंग फ्रॉम मलाला पर्वत ऑल डी ट्रीस bikamchand बट देयर आर सैम ट्रेस विच डू नॉट बिकम लाइक साग और सैम आई फ़ॉरगोट एग्जैक्ट नाम आय विल हैव तू रिफ्रेड तू कदापुरम बट दिस इस माय मीनिंग डेट व्हेनेवर गॉड्स ब्लेसिंग इस फ्लाइंग अमाउंट इस टाइप ऑफ पीपल एच ऑफ अस विल बिकम ब्लेस्ड की रिसीविंग देयर आशीर्वाद ओके हिंदी

स्वामी शिवानन्द : माँ की मधुर स्मृतियाँ

मैन की मधुर सुनते हैं हम लोग पढ़ रहे द महापुरुष महाराज के बारे में महापुरुष मार्च क्या कहते हैं हमारी मैन का नाम है शारदा मैन स्वयं ही सरस्वती होनी संभव है कल हमने देखा था ठाकुर कहते हैं श्री चालक की चालाकी माने हम कितनी ही तरह की विद्या क्यों एन सिख ले यदि कोई विद्या हमको धीरे-धीरे अच्छा ऐसा नहीं है की मैं सिर्फ कर्मयोग ज्ञान योग भक्ति योग की करूंगा यदि मैं स्टूडेंट भी हूं और मैं चाहता हूं की कोई विषय में मेरी मास्टरी हो या मैं कलाकार हूं आर्टिस्ट हूं सिंगर हूं किसी भी तरह की एक विद्या में अर्जुन करता हूं तो क्या है की वह विद्या की साधना है धीरे-धीरे करके देखो हम उसके ऊपर मैं अपने मैन को एकाग्र करते हैं यह एकाग्रता की शक्ति से हम बाद में ईश्वर के ऊपर में भी मैन को एकाग्र कर सकते हैं तो विद्या सीखना जो है कोई भी विद्या जो है हमको ईश्वर की ओर ले ही जाएगी यदि वह हमारा जैसे विदेश में होता है बहुत सारे बड़े-बड़े पेंटर्स कल्चर आर्टिस्ट होते हैं जो की कंपलीटली अथॆिस्ट है भगवान में विश्वास ही नहीं करते तो चलो भाई साइंटिस्ट भी ऐसे होते हैं तो उनकी इच्छा नहीं है की उन्होंने जो शक्ति अर्जन की है जो मनमान की एकाग्रता जो धड़क प्रतिज्ञा उनकी ये जो संकल्प शक्ति है उसको उनको फिर ईश्वर प्राप्ति के लिए नहीं लगानी या तो फिर आत्म दर्शन के लिए नहीं लगानी तो वो उनकी चॉइस है किंतु बिकॉज के हम हिंदू लोग ज्यादातर इस तरह के एड्स या तो नास्तिक नहीं होते बहुत सारे लोग इस तरह से ओवर्टली रिलिजियस नहीं होते की हान चलो मुझे मंदिर में जाना है या ईश्वर प्राप्ति करनी है आत्म दर्शन करना है ऐसा नहीं सोचते होंगे किंतु यह जो यूरोप में जो आजकल जो नास्तिक हुआ चल रहा है की ईश्वर है ही नहीं वो मैन की कल्पना है यह जो अपना जो मैन है जो की यह सब भूखे वस्तुएं ग्रहण करता है या तो यह जो मैटेरियलिस्टिक वर्ल्ड है उससे ऊपर कोई हायर द्वारा उच्च सत्ता है ही नहीं अब सोचते हैं की है तो आपको साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट करवाने चाहिए इस तरह का जो घर naastikbal आजकल यूरोप में अभी जो बा रहा है भारत में ऐसा नहीं है यदि कोई आर्टिस्ट ऐसा भी सोचता है क्या मुझे भगवान में ऐसा कोई विश्वास नहीं है आत्मा जैसी कोई चीज है की नहीं मुझे क्या पता डीओईएसएन'टी मैटर यदि वह अपनी विद्या में अपने मैन को एकाग्र करना सिखाता है और फिर विद्यार्जन करने के लिए तो पता है ना की आपको कितना हार्ड वर्क करना पड़ता है आपको एकदम परफेक्ट रूटीन फॉलो करना पड़ता है यह जो मैं कुछ दिनों पहले एक जो बॉडीबिल्डर है उसका मैं एक इंटरव्यू सन रहा था तो वो कहता था की आपको वो जल्दी अपने बॉडी को ठीक ठीक से फिटनेस मेंटेन करनी है तो आपका डायट कंट्रोल इतना होना चाहिए इतना स्ट्रिक्ट होना चाहिए की यदि हम कोई आम आदमी जो है ना वो इस तरह से डायरेक्ट कंट्रोल कर ही नहीं पाएगा बहुत ही आपकी संकल्प शक्ति चाहिए और आप सक्सेस हो जाते हैं सक्सेसफुल तो आपके सामने सब तरह की खाने पीने चीजें ए जाती है तो हमने उससे आपको दूर रहना है फिटनेस को मेंटेन करना है वो भी कितना चैलेंजिंग कम है तो मैं वह इंटरव्यू सन रहा था तो देखिए हम साधु लोग भी मैंने मुझे ऐसा लगा की इतना डायट कंट्रोल नहीं करते जितना की उसको करना पड़ता है तो कोई भी विद्या हो कोई भी क्षेत्र हो सफल होने के लिए मैन पर ट्रिमेंड सेल्फ कंट्रोल चाहिए ही चाहिए भले ही चाहे आप ईश्वर में ना माने किंतु फिर ये जो सेल्फ कंट्रोल ए गया जो विल पावर ए गया डिटरमिनेशन ए गया एक आगरा तक की शक्ति ए गई तो फिर अब इसी शक्ति से जिस क्षण आत्मा है या तो ईश्वर है उसके ऊपर में आप मैन को ले आएंगे उसे दिन आपकी जो प्रगति है वो बहुत ही झड़प से होगी बहुत ही जल्दी से जो है आप एक के बाद एक आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करते जाएंगे तो इसीलिए जो ज्ञान होता है किसी भी तरह का वो हमारे लिए ईश्वर प्राप्ति या आत्म का रास्ता सहज सरल बना देता है किंतु कुछ कुछ तरक्की उपलब्धियां होती है जैसे की क्राइम है जैसे की डिशऑनेस्टी है बहुत सारे गवर्नमेंट ऑफिसर होते हैं बहुत सारे नहीं कुछ कुछ तो होते ही है की वो दूसरों के वो जो मतलब जो पैसा गरीबों के कल्याण के लिए योजनाएं सब गवर्नमेंट ने बनाई है उसे मत देने की बजाय अपने पॉकेट में डालता है तो इस तरह के सक्सेसफुल लोग फिर ना ही उनकी दृढ़ संकल्प शक्ति बनती है ना ही उनके मैन में एकाग्रता आती है सिर्फ उनका मैन जो है जो मैंने अहंकार और फिर ये जो ये कहते हैं ना ग्रिड इंग्लिश शब्द है ग्रिड से भरा हुआ होता है तो फिर इस तरह की जो विद्या है वो किसी कम की नहीं इसलिए ठाकुर ने कहा है श्री चालाकी चालाकी अर्थात वही विद्या सही विद्या है जो की आपको उन आखिर में ईश्वर तक ले जाए महापुरुष महाराज आगे कहते हैं शुद्ध ज्ञान और शुद्ध भक्ति दोनों एक है मैन की कृपा से ही वह होना संभव है मैन ही ज्ञान की स्वामी की है वे यदि कृपा करके ब्रह्मा विद्या अधिकारी हो सकता है अन्यथा नहीं अभी वो जो ठाकुर अच्छा सा एक उदाहरण देते हैं ना राम लक्ष्मण और सीता जंगल वैन में से जा रहे हैं सबसे पहले राम है बाद में सीता है बीच में पीछे में लक्ष्मण ए रहा है तो जब तक मैन सीता रास्ते में है लक्ष्मण जो है राम का दर्शन नहीं कर पाते तो इसलिए ठाकुर ने कहा है की यह जो अध्य शक्ति रूपिणी महामाया है उसको दो हाथ जोड़कर के प्रार्थना करनी चाहिए मैन आप मुझमें पर कृपा कीजिए मेरा रास्ता खोल दीजिए तभी मैं जो है आत्मा साक्षात्कार कर पाओ यह जो संख्या है या तो वेदांत है उसमें कैसे कहा गया है जो जगत की किस तरह से वर्णन की गई है संख्या दृष्टि से देखेंगे तो एक पुरुष है एक प्रकृति है पुरुष है यानी की वह हमारा चेतन स्वरूप है और प्रकृति जो है वो जड़ स्वरूप है हमारे जितनी भी जड़ icchaye कामनाएं या तो फिर हमारा जो जड़ अस्तित्व वो प्रकृति के अधीन है और यदि हमको पुरुष चेतन प्रिंसिपल जो है यह कॉन्शियस प्रिंसिपल उसकी उपलब्धि करनी है या तो फिर उसका अनुभूति करनी है अनुभव करना है तो प्रकृति के राज्यों से पहले ऊपर उठाना होगा तो इसके दो रास्ते हैं जैसे ज्ञान योग है भक्ति योग है ज्ञान योग में हम क्या करते हैं की जैसे ठाकुर का खुद का उदाहरण है ना की मैन को प्रार्थना करते रहे करते रहे मैन का दर्शन नहीं मिला सबसे पहले दर्शन की बात है तो दक्षिणेश्वर में मैन काली की मूर्ति के सामने यू खड़े द और वो रोते रहते द की मैन मुझे दर्शन दो क्या किया मैन का ही खड़क निकल लेकर के पूरा अपने गले में मरने को प्रयत्न किया कहा की दर्शन नहीं दोगी तो मैं अपने खुद को आत्मसमर्पण कर दूंगा आत्मा बलिदान कर दूंगा तुम्हारे श्री चरणों में तो उसी क्षण प्रसन्न होकर के माने आशीर्वाद प्रदर्शन दिया तो ये जो आत्म बलिदान देने की जो बात है वो जो जिस तरह से विजुअल जिस तरह से ये मेटाफोरिकली देख कही गई है उसी तरह से हमको अपने प्रतिक्षण अपने जीवन में उसको उतरना है यदि हम आध्यात्मिक साधना के पथिक है तो प्रतिक्षण अपना यह जो अहंकार है या तो अपनी ये जो सब नेगेटिव इमोशन से प्रतिक्षण जो है हमारे जीवन में हमारे सामने वो आती रहेगी किसी भी व्यक्ति को किसी भी चीज को किसी भी कार्य को हम यदि देखते हैं तो हमारे सामने दो तरह के रास्ते हैं उसको देखने के लिए या तो फिर हम का सकते हैं की मैं उसमें सफल नहीं हो का रहा हूं तो इसका अर्थ है की दूसरे लोग जो है मेरे रास्ते में बढ़ा बने हुए हैं या तो फिर मैं यदि उसमें सफल हुआ हूं तो यह फिर मेरी बहुत बड़ी बड़ाई मार दी है मैंने सफल हो के यह एक रास्ता है दूसरा एक रास्ता है की मैं सफल नहीं हो का रहा हूं किसी चीज में तो उसका अर्थ है की मुझे अपने आप को और ज्यादा सक्षम सुदृढ़ स्वरूप बनाना होगा ये एक और जिले में सफल हो गया हूं तो यह जो है ऐसा नहीं है की सिर्फ मेरे अकेले की मेहनत है मेरी सफलता के पीछे मेरा परिवार है मेरे जो मित्र मंडल है मेरे जो ओवर कर से कलीग्स है बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने जिनका की इस सफलता में उनका हाथ है उनका ये अवदान है तो यह सक्सेस शोल्ड बे शेड विद एवरीवन और ऑफ कोर्स जो आध्यात्मिक के साथ रहता है वह तो यही मानता है की सफलता के पीछे में ईश्वर का आशीर्वाद है तो यह दो रास्ते हैं जगत को देखने के लिए और सही रास्ता ये है की हम दूसरों को ब्लेम ना करके या तो फिर अहंकार से मत ना हो करके जगत को सामने भाव देखें जगत में सबके साथ मैत्री और करुणा का संबंध रखें और अपने सक्सेस को सबके साथ में शेयर करें मैन ही ज्ञान की स्वामी है वे यदि कृपा करके ब्रह्मा विद्या का द्वार खोल दे तभी जीव ब्रह्मविद्या का अधिकारी हो सकता है अन्यथा नहीं दुर्गा सप्तशती में कहा प्रसन्न वरदान रेनाम भवति मुक्ताई यह महामाया ही प्रसन्न होकर मनुष्यों को मुक्ति का वर प्रदान करती है मठ में मैन की जैसी पूजा होती है वैसी और कहीं नहीं होती यहां की पूजा ठीक-ठीक भक्ति की पूजा है हम लोगों की कोई कामना नहीं है हम तो केवल मैन की प्रसन्नता के लिए यह पूजा करते हैं हमारे वराह नगर मठ से ही स्वामी जी ने दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी उसे समय खत तथा चित्रा में पूजा होती थी बाद में इस मठ में भी स्वामी जी ने ही सर्वप्रथम प्रतिमा में पूजन आरंभ किया पूजा के समय मैन ने भी कुछ दिनों के लिए बेलूर आकर के नीलांबर बाबू के मकान में निवास किया था मैंने कहा था मैन दुर्गा यहां प्रतिवर्ष आएगी अच्छा देखिए यहां पर दुर्गा पूजा के बारे में बात कही गई है अभी दुर्गा पूजा का जो ऐतिहासिक थोड़ा सा वर्णन अपने रिलेटेड में कर दो है आपको शायद पता होगा की स्वामी जी ने सर्वप्रथम बेलम मठ की स्थापना की तो बहुत सारे विदेशी सन्यासी भी स्वामी जी के साथ में आए द और साथ-साथ में भी यह भारत के जितने राजा महाराजा ये जो ब्रिटिश ऑफिसर स्वयं जो ब्रिटिश गवर्नमेंट में द वे लोग भी बेलूर मठ उठा करके स्वामी जी से तो औपचारिक मुलाकात करते द कोई कोई आकर के स्वामी जी से कोई आध्यात्मिक कोई टीचिंग्स पाने का भी प्रयत्न करता था तो ऐसा देखकर के ये जो बेलूर के आसपास में यह जो हावड़ा करके वो जो हावड़ा के भीतर में belumat है तो हावड़ा के कुछ ब्राह्मणों को ऐसा लगा की स्वामी जी जो है वो सही सही वो हिंदू संत नहीं है यह जो है विदेशी स्वरूप हो गए हैं और यह जो विदेशों की जितनी पुरी किया है वो हिंदू धर्म में वो घुसने का प्रयत्न करेंगे प्रवेश करवाने का प्रयत्न करेंगे जिससे की हमारा हिंदू धर्म जो है वह पतित है तो उन्होंने क्या अपने आपस में ऐसी बात करने की शुरुआत की की बेलूर मठ की मुलाकात ना लो क्योंकि वहां पे ये जो साहब लोग हैं अर्थात ये ब्रिटिश अमेरिकन वगैरा है वो वहां पे इकट्ठा होते हैं वहां पे दुनिया भर के व्यापारी चार भी होते होंगे किसको पता की वहां पे क्या होता है कौन देखने को गया है इसके लिए जो सही सही जो हिंदू है वो बीमारू मठ में नहीं जाएगा इस तरह से एक वो बात होना वहां के खासकर के ब्राह्मण जो उच्च वर्ण समाज है फावड़ा का उसमें ऐसी बातें शुरू हुई थी उसे समय क्या हुआ था की एक बार स्वामी जी गंगा के किनारे बैठे द तो उन्होंने देखा की गंगा में से मैन दुर्गा बाहर आई है और आकर के उनको दर्शन दिया है तो उसे समय अभी देखिए स्वामी जी यह सब शायद सुनते भी होंगे किंतु अभी क्या करेंगे ऐसा तो नहीं है की यदि कोई आपके अगेंस्ट में इस तरह से अफवाह फैला रहा है तो आप जाकर के उससे जल्दी आपको ये रीजनिंग करने का भी प्रयत्न करेंगे तो वो कोई कम का नहीं है क्योंकि एक बार उसका एक शिव मोशन हो गया सब चीजों पर वैसे भी ध्यान नहीं देते द किंतु यह एक ऐसा एक इंसीडेंट हुआ जब मैन दुर्गा को उन्होंने देखा तब उनको लगा की बैलून मठ में मैन दुर्गा की पूजा होनी चाहिए और साथ-साथ में ही जाकर के उन्होंने राजा महाराज को कहा की राजा अमीर देखेची में मुस्तफा द मैन दुर्गा हो तो मैं उन्होंने जाकर के कहा की मठ में मैन दुर्गा की पूजा होनी चाहिए तो साथ-साथ में राजा महाराजा ने कहा की मुझे भी इसी तरह का एक दर्शन हुआ है तो अभी स्वामी जी और राजा महाराज तो श्री रामकृष्ण देव के प्रमुख शिष्य द उन्होंने डिसाइड कर लिया की मठ में पूजा होगी तो उसी समय सारी तैयारी आरंभ हो गई शशि महाराज के जो पिताजी द और उसे तरह के चुस्त ग्रामीण द और उन्होंने तंत्र साधना भी की थी वो तंत्र में जो दीक्षा लेते हैं उसको बोलते हैं purnabhishek जो तंत्र की जो दीक्षा होती है उसको purnabhishek बोलते हैं तो उन्होंने purnabhishek भी ग्रहण किया था तंत्र के साधना भी की थी तो वो हुए तंत्र धारा और पुजारी कौन द पहली पूजा के मैं अभी भूल गया हूं किंतु इस तरह से वो पहली दुर्गा पूजा जो है बेलूर मठ में संपन्न हुई और शशि महाराज राजा महाराज स्वामी जी यह जो शशि महाराज के पिता जी उन्होंने ठीक किया की ठीक रूढ़ि chustata से जो की हमारे शास्त्र में जिस तरह से बताया गया है प्रत्येक स्टेप को वैसे ही पालन करके हम दुर्गा पूजा करेंगे यहां तक की स्वामी जी ने वो जो दुर्गा पूजा का एक अभिन्न अंग है पशु बाली देना तो स्वामी जी ने सर्वप्रथम दुर्गा पूजा में वो पशु बाली भी दिया था किंतु बाद में यह जो मास्टर महाशय वगैरा द उन्होंने जाकर के मैन को कंप्लेंट किया की अरे यह उम्र में पशु बाली देने की शुरुआत हो जाएगी तो यह तो हम तो सोचते द की इतना मॉडर्न मतलब बेस्ट ऑफ बोथ वर्ल्ड है बेस्ट ऑफ बोथ वर्ड उन वैन है यह जो मॉडर्न साइंस टेक्नोलॉजी है उसको भी ग्रहण करते हैं और जो की सर्वश्रेष्ठ है हिंदू आध्यात्मिकता में दोनों उनका संगम है हिंदुओं की जो कट्टर मतलब kattarpanthita कही है या तो फिर अंदर श्रद्धा कही वो भी नहीं है और विदेश की जो नास्तिकता है वो भी नहीं है अर्थात ये जो विदेश का नेगेटिव और हिंदू धर्म का नेगेटिव ये दोनों एस्पेक्ट बात करके दोनों के बेस्ट अंशु को यहां पे इकट्ठा किया गया है तो यही बेलूर मठ में यदि पशु बाली की शुरुआत होगी तो ये ठीक नहीं रहेगा ऐसा मास्टर ने मैन शारदा देवी को जाकर के कंप्लेंट किया था तो माने जाकर के बोल दिया लड़कों को की अभी से यहां पर पशु बाली नहीं होगी और ये लोग तो सब मैन के सब इतने पक्के मतलब ये द भक्त है तो उसे दिन के बाद से पशु बाली नहीं हुआ तो यह इस तरह से जो पहली बार इतना विधिवत और दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई तब वो जो हावड़ा का जो ये ब्राह्मण समाज है अगल-बगल में रहने वाला सब लोग इतने इंप्रेसिव हो गए घर यहां पे इस तरह से दुर्गा पूजा होती है और उसे समय इस तरह की विधिवत दुर्गा पूजा कहीं नहीं होती थी ये जो यहां तक की दक्षिणेश्वर तो काली मंदिर है वहां पे तो इस तरह से होगा नहीं और भी कहीं पे नहीं होता था तो उसे दिन से उन्होंने उसे ठीक-ठीक समझ लिया की यहां पे जो है बेलूर मठ में आधुनिक सभ्यता और हमारी अर्वाचीन सभ्यता इन दोनों का एक sumathoor संगम यहां पे हुआ है तो तब से ये जो ब्राह्मण समाज में जो है बेलूर मठ के लिए एक अपना एक आदर बढ़ गया अभी स्वामी जी के लिए बारे में इस तरह की बातें पहले भी हुई है स्वामी जी और निवेदिता वहां पे गए द ओंकारेश्वर तो ओंकारेश्वर अमरनाथ तो अमरनाथ की यात्रा में तो पता है ना की वो प्लस साधु समाज जाता है उनके साथ में सब कुछ चलना होता है तो वही एक सही-सही मतलब वो जो है की हमारे शास्त्र संवत यात्रा हुई तो इस तरह से और स्वामी जी है और निवेदिता है वो साधु लोगों की जो मंडली है उसमें वे लोग अमरनाथ जा रहे द तो अभी बाकी साधन ने देखा की जो स्वामी जी जो है निवेदिता के साथ में रहते हैं तो उन्होंने जाकर के स्वामी जी को कंप्लेंट किया की देखिए आप तो महापुरुष है शिव स्वरूप है आप जो चाहे कर सकते हैं apavitrata आपको छू तक नहीं पाएगी हमको यह बात पता है किंतु आप तो साथ-साथ में ही हिंदू समाज के लिए आदर्श स्वरूप है आप जो करते हैं बाकी सब लोग देखेंगे यदि आप इस तरह से विदेशी शिष्य को अपने साथ में रखेंगे तो इससे जो है हिंदुओं में एक बहुत ही गलत मैसेज जाएगा हम लोग यह मानना शुरू कर देंगे की आपने जो है आपका जो हिंदू धर्म है वो aruvaachin प्राचीन हिंदू धर्म नहीं है आपने एक नए तरह से यह जो ब्राह्मण समाज है या तो यह आर्य समाज है वो अपने हिसाब से हिंदू धर्म का एक मैन ghadant एक उन्होंने इंटरप्रिटेशन किया है तो आप भी ऐसे ही हिंदू धर्म का एकदंत इंटरप्रिटेशन आपका हम लोग जो है प्राचीन साधु आपको हमारे समाज में नहीं swikarenge तो स्वामी जी ने इम्मीडिएटली क्या किया की निवेदिता का जो टेंट है वो साधु स्वामीजी खुद साधुओं के साथ में साधुओं के जो टेंट जहां पे लगते द वहां पे रहने के लिए चले गए और वो जो निवेदिता का टेंट जो है वो साधु समाज के साथ-साथ में कुछ गवर्नमेंट ऑफिसर दिया आते द क्योंकि वो इस तरह से की वो लॉ एंड ऑर्डर बना रहे साधुओं को कोई तकलीफ ना हो तो गवर्नमेंट कुछ ऑफिसर भी वो तहसीलदार वगैरा कुछ साथ में द तो उसे निवेदिता के रहने की व्यवस्था निवेदिता का टेंट वहां पे उन लोगों के साथ में कर दिया यह जो गवर्नमेंट dahsildar वगैरा जो द उनके साथ में तो इस तरह से स्वामी जी यह चीज बहुत बखूबी समझते द की यदि आप हिंदू धर्म सही-सही हिंदू है तो आपको दो चीज एक तो है की ये जो आधुनिक जो ressionality है जो लॉजिक के बसु पर हम सब कुछ सोचते हैं जो है उसको हम दूर रखते हैं अपने से तो राशनलिटी भी उतनी ही इंपॉर्टेंट है किंतु हमारे प्राचीन रीति रिवाज है नीति नियम है उनका संपूर्ण रूप से त्याग कर देना अथवा तो उसका एक मैन ghadant एक इंटरप्रिटेशन देना यह भी ठीक नहीं है इसलिए रामकृष्ण मिशन में आप देखेंगे की जितने भी पूछा है होती है बहुत ही पारंपरिक ढंग से बहुत ही पवित्रता के साथ में होती है और साथ-साथ में ही हमारी जो सेवा कार्य है रामकृष्ण मिशन के हमारी डिस्पेंसरी है या स्कूल है या तो फिर यह जो स्टूडेंट्स हॉस्टल है या तो हमारा पब्लिकेशन डिपार्टमेंट है बेस्ट ऑफ डी बेस्ट मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का हम प्रयत्न करते हैं तो यह था स्वामी विवेकानंद के अनुसार में आधुनिक हिंदू धर्म की एक परिकल्पना आज यही तो कल फिर से मिलेंगे देरी में आप तो है