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Swami VIvekananda's Inspired Talks ·

Swami Vivekananda : Inspired Talks : 21 Dec 2022 : English & Hindi

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पहले अमी अमर स्क्रीनशॉट ओनली डिफरेंस डिफरेंट नाम फॉर डी से फैक्ट डी तू साइड नथिंग बट स्टॉपिंग के फॉर अनदर लाइफ व्हेन यू से डेट यू हैव डिड सो सी आर नॉट लाइक इन क्रिश्चियन फिलासफी था वाले अप ओनली अत डी टाइम ऑफ जजमेंट एंड दें गोल्ड जजेस डेट अकॉर्डिंग तू डेट्स फॉर अकॉर्डिंग बिटवीन दिस लाइफ हिंदी अंदर लाइफ एंड व्हाट मैटर्स अल्टीमेटली फ्लो ऑफ अवर कर्म एंड डी एंड ऑफ अवर कर्म सी विल अटेंड इदर मुक्ति और सी विल जस्ट गो ऑन टेकिंग अनदर लाइफ इट्स अन मैग्नीफिकेशन ऑफ डी से लाइफ इस सी आर लीडिंग ऑन अर्थ व्हेन वे से था ऑन अर्थ सी आर लीडिंग अन वेरी गुड लाइफ व्हाट दस डेट मिन सी हैव गुड थिंग्स तू इट सी हैव अन वेरी नाइस होम तू लाइव इन सी हैव वेरी गुड कर तू ट्रेवल इन सी हैव वेरी नाइस फैमिली वाइफ एंड चिल्ड्रन लविंग पेरेंट्स फ्रेंड्स से रसगुल्ला एंड आदर ट्रेन आइटम्स देयर यू विल गेट तू इट गुड आइटम्स तू इट हर यू हैव गो वैन फैमिली देयर यू विल गेट 100 फैमिली सो लाइक डेट अवर प्लेजेस एंड ओवर एंजॉयमेंट मल्टीप्लाई डेट इसे हवन अकॉर्डिंग तू हिंदुइज्म डेट लाइफ ऑफ प्लेजर एंड डेथ ऑफ डिस्प्लेजर डेथ इस समथिंग वेयर सी रैंस ऑल ओवर वर्ल्डली पोजीशंस एवरीथिंग डेट सी ड्राइव फॉर ऑल ओवर लाइक्स एंड डिसलाइक्स एंड ऑफ डेट इसे डी डेड सो स्वामी जी से डेट लाइव एंड डेथ एंड नथिंग बट तू एस्पेक्ट ऑफ डी से कॉइन वही बिकॉज एवं बोथ ऑफ दिस ऑल वेयर डूइंग इसे मेकिंग टैली ऑफ़ और करमास एवरी मोमेंट वे दो vankarma और अनादर एंड दिस कर्म इस डी में कोर ऑफ अवर हिंदुइज्म इफ आई एम गुड तू माय भाई इफ आई एम गुड तू माय पेरेंट्स नौ दिस सी हेड नारायण सेवा हर एंड डर्बी सो डट सैम टर्न ओवर देयर इस ट्रेडीशन डेट अन ऑल दिस चिल्ड्रन दिस चिल्ड्रन लेफ्ट अलोन की देयर पेरेंट्स बिकॉज दे कनॉट टेक केयर ऑफ डेम सो दिस इंस्टीट्यूशंस अरे तेरे दे विल टेक दिस चिल्ड्रन इन दिस और फैंस एंड दें दे विल टेक केयर फॉर डेम सी इफ सी देयर आर सैम लेजिटीमेट ड्यूटीज ऑफ ह्यूमन बीइंग आई हैव इफ आई एम अन हाउसहोल्डर आई हैव माय ड्यूटी टुवर्ड्स माय पेरेंट्स टुवर्ड्स माय ब्रदर्स टुवर्ड्स माय डॉटर्स एंड संस एंड इफ इमाम मोंक आई हैव माय ड्यूटी टुवर्ड्स अटेनिंग गो मोक्ष धर्म अर्थ पुरुषार्थ मेंस अवर ड्यूटीज और समथिंग सी नीड तू ड्राइव कम इस और सेंशुअल डिज़ाइन सो दिस मटेरियल पोजीशन आर अर्थ हाउसहोल्डर्स लाइफ डेट इस नथिंग तू बी सेड अबाउट इट बट दे हैव तू बी अटेंड बेस्ड ऑन धर्म सो व्हाट इस थर्मा धर्म इस योर ड्यूटी ड्यूटी टुवर्ड्स एवरीवन सराउंडेड यू सो इफ यू फॉलो योर ड्यूटी प्रॉपर्ली दें यू कैन हैव एंजॉयमेंट ऑफ धर्म अर्थ एंड कम अप इसे हाउसहोल्डर सो दिस धर्म अर्थ फॉर डी मोन डी पुरुषेर थिस मोक्ष मार्ग व्हेन अन पर्सन रिनाउंसस एवरीथिंग फॉर ए साधक एवं इफ यू इन डी हाउसहोल्डर्स लाइफ लाइक से बलराम बाबू शोल्डर ग्रेट हाउस शोल्डर डिसीप्लस ऑफ श्री राम कृष्ण लेटर ऑन मैन शारदा स्वामी विवेकानंद एवं टुडे वीसी @ में हाउसहोल्डर्स हु डू नॉट मैरी हर इन अवर पब्लिकेशन डिपार्टमेंट इट वैन वेरी गुड वालंटियर ही वैसे अन प्रिंसिपल ऑफ स्कूल एंड ही उसे तू स्पेंड mostoffice टाइम हर इन अवर पब्लिकेशन डिपार्टमेंट प्रूफ रीडिंग एंड ट्रांसलेट ओवर गुजराती बुक्स मोस्ट ऑफ डी इनिशियल मैगज़ीन डेट वाज रन बाई ओवर पब्लिकेशन एंड मोस्ट ऑफ ओवर बुक्स हज बिन इधर ट्रांसलेटेड की हिम इस निंबूज्ज मंथ्स सुसाइड मनसुख मेहता अनफॉर्चूनेटली पास्ड आवे ड्यूरिंग कोरोना pendemic बट व्हेन आई शो हिम वर्किंग हर हिज आगे वाज 80 प्लस आई थिंक मोर दें 80 इयर्स ओल्ड एक्जेक्टली आते नाइन ओ क्लॉक स्टे हर तिलतेड 11:30 समथिंग लाइक डेट इन डी आफ्टरनून ही विल अराइवल तू ओ क्लॉक विदाउट फैल इन स्टे हर तिल सिक्स ओ क्लॉक समथिंग लाइक डेट दे आफ्टर दे विद आउट अन्य वेरिएशन इन है रोते इट वाज डिफिकल्ट एवं फॉर मी तू फॉलो दिस काइंड ऑफ रूटीन तू कम तू ऑफिस हिज रेगुलरली सो दिस हाउसहोल्डर्स में देर लेडी देवोतीस हु लाइव्स सच अन लाइफ ऑफ डेडीकेशन एंड कंपैशन सो मोक्ष मार्ग डेट मेंस फॉर दिस मोंक अस वेल अस दिस टाइप ऑफ हाउसहोल्डर्स हुवे डेडीकेटेड देर लाइफ तू डी गोद एंड तू डी सर्विस वैन बर्थ आफ्टर गेट रीड ऑफ एवरीथिंग ऑल ऑफ माय ट्रबल तो स्वामी जी से इस डेट एवं इन डेथ यू आर नॉट गोइंग तू हैव रिलीज फ्रॉम योर सफरिंग बिकॉज यू आर यू विल हैव तू टेक अंदर बर्थ यू हैव गोल्ड दिस कर्म प्रवाह इट इस नॉट गोइंग तू लेट यू बी अलोन सो डेट इसे स्वामी जी लाइव एंड डेथ आर ओनली डिफरेंट नाम फॉर डी से फैक्टर डी तू साइड ऑफ डी वैन कॉइन बोथ आर माया डी इन एक्सप्लीकेबल स्टेट ऑफ ड्राइविंग इट वैन टाइम तू लीव एंड अन मोमेंट लेटर तू दिए सी सी टाइप तू लीव सी अलसो ड्राइव तू ड्राइव एंड दिस इसे डी ह्यूमन लाइफ इन नुतशेल इन साक्स वेरी फ्यू शब्द स्वामी जी स्वामी विवेकानंद टोल्ड अस एवरीथिंग डेट वे नीड तू नो अबाउट अवर लाइफ ह्यूमन लाइफ ह्यूमन फिलासफी इंजीनियर एस सी नो डेट अबाउट महाभारत इट इस सेड डेट वाटेवर इस देयर इन दिस वर्ल्ड इट इस देयर रिटर्न इन डी महाभारत एंड वाटेवर इस नॉट रिटर्न इन महाभारत इट इस नॉट तेरे इन दिस वर्ल्ड डी से थिंग इस अबाउट स्वामीजी'एस कंप्लीट वर्क्स व्हाट एवर इस देर अन्य टाइप ऑफ फिलासफी इस देयर इन दिस वर्ल्ड इट इसे यू विल फाइंड इट तू बी एनालाइज्ड इनकंप्लीट वर्क्स एंड डी फिलासफी विच यू विल नॉट फाइंड इन कंप्लीट वर्क्स सी विल नॉट फाइंड aneware इन डी वर्ल्ड सो दिस स्ट्राइविंग फॉर लाइफ इसे वेल एस ड्राइविंग फुल डेथ व्हेन यू सी व्हेन अन पीपल ग्रो ओल्ड एंड देयर यू नो दे बिकम मेच्योर दे नॉलेज increasestam इंक्रीज सोमेटाइम्स व्हाट हैपेंस डिड थे विल फुल डेट लाइफ इट सेल्फ हिज बिकम में बर्डन और उनकी आदर हैंड दे विल थिंक डेट एवरीथिंग डेट कॉमन मैन स्ट्राइव्स फॉर डेट ओके नौ आई एम एस स्टूडेंट सो व्हाट इसे डी गोल ऑफ माय लाइफ डी गोल ऑफ माय लाइफ इस तू हैव हायर रैंक इन माय स्टडीज एंड तू पास एग्जामिनेशन विद वेरी गुड रैंक्स ओके आई पास तो एग्जामिनेशन सो व्हाट इस अन गोल ऑफ माय लाइफ तू फाइंड अन वेरी गुड जॉब और तू है वेरी नाइस बिजनेस ओके आई गो तू वेरी नाइस सो व्हाट इस माय गोल्ड तू हैव अन फैमिली तू हैव अन गुड वाइफ और अन गुड हस्बैंड नाइस कैरियर फॉर माय चिल्ड्रन सो दिस साइकिल ऑफ ड्राइविंग फॉर दिस वर्ल्डली पोजीशंस इट गो ऑन बट ऑफ वाइस में अत 1 पॉइंट ही रिलाइजेज डेट दिस साइकिल इट इट इस नॉट मेक अन्य सेंस देयर नीड्स इनसाइड हिम विच आर नॉट फुलफिल्ड बाय दिस वर्ल्डली थिंग्स डेट इसे डी सक्सेस इन बिजनेस एंड सडन है ना स्पेशली इन दिस मॉडर्न फील्ड्स लाइक नैनो टेक्नोलॉजी और दिस इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी देयर लाइफ सो एक्साइटिंग बिकॉज दे आर constuntly डूइंग वैन थिंग और अंदर विच आर कंपलीटली न्यू सो तेरे इस अन रश ऑफ इनोवेशन एंड इनोवेट यू सेटिस्फेक्शन बट आई पोस्ट फॉर वैन मोमेंट एवं दे विल रिलाइज डेट दिस कांस्टेंट रश फॉर समथिंग न्यू समथिंग बटोर प्रोडक्ट बटोर स्ट्रीट्स फॉर सेल्स सेल्स मैनेजमेंट तू हायर ए बटोर से ग्रेटर सेल्स मैनेजमेंट ऑल दिस रैशेज ऑल दिस सक्सेस वन सी रिलाइज डेट रियल जॉय इन लाइफ अंदर टाइप ऑफ जॉय विच रेजिडेस इन अस विच रिजल्ट्स इन समथिंग हायर इन अन सुपर कॉन्शियस प्लांट एंड व्हेन सी कैन रीड डी सुपर कॉन्शियस प्लेन सी सी डी वर्ल्ड कंपलीटली सी विल सी कंपलीटली न्यू वर्ल्ड सो दिस इसे हो विजडम टीचेज उस डेट डी दे तू दे मंडे एंड लाइक दिस रूटीन जनरल लाइफ देयर इस समथिंग फार बॉन्ड बॉन्ड दिस मंडे इन लाइफ अलसो रियली ओनली डी सेल्फ विच सी हैव सेपरेटेड ओवर सेल्स फ्रॉम एंड वरशिप इस आउटसाइड ऑफर्स बट इट इस अवर ट्रू सेल इट ऑल डी टाइम डी वैन एंड ओनली गो सी हो स्वामी जी एक्सपेंस दिस एंड व्हेन सी आर लर्निंग इंडियन फिलासफी दिस तू शब्द विल कम रिपीटेडली बिफोर अस डेट वैट एंड अद्वैता व्हाट इसे डी वेदर शक्ति वरशिपर सो आई वरशिप विष्णु और आई वरशिप काली शुड दिस इस विष्णु एंड दिस इसे मी और ही फ्रेंड वाटेवर रिलेशन सी वांट तू हैव विथ हिम शुद्ध सेपरेशन इस कोल्ड dvahi tatvhita मिंस तू ओके बट डी मोमेंट आई रिलाइज्ड दे विष्णु हु इस लिविंग आउटसाइड इसे एक्चुअली लिविंग इनसाइड मी आई एम विश क्वालिटीज आई उसे तू इमेजिन अबाउट हिम एक्चुअली दे रेसीडे इन मी देयर इस अन वेरी नाइस स्टोरी इन अवर ओपन डी स्टोरी ऑफ बर्ड स्टैंडिंग ऑन डी ग्राउंड एंड डी बर्ड वाज वेरी ओल्ड एंड वैसे वेरी इल एंड आगे इट हैपेंस हेड यू सीन ओल्ड बर्ड हिज फेदर विल बिकम अन डार्क एंड श्री वर्ल्ड एंड हिज हिज बॉडी वुड बी लाइक दिस आगे ओल्ड मैन ही टॉप्स डाउन सो डी बॉडी ऑफ डी ओल्ड बर्ड अलसो स्टॉप्स डाउन एंड हिज फेदर bikams श्री वर्ल्ड एंड डार्क बट दिस बर्ड ऑन डी टॉप ब्रांच ऑफ डी ट्री अंदर बर्ड विच वैसे सीटेट ऑन डी टॉप ब्रांच ऑफ डी ट्री डेट इस वेरी यंग एंड वेरी हेल्दी विगर्स डी बर्ड डी फेदर वेरी ब्राइट एंड वेरी शाइनिंग एंड hijted लाइक यू नो स्ट्रेट विथ stratebay एस आई वाज वेरी स्ट्रांग अलसो सो दिस ए ओल्ड बर्ड विच vastending ऑन डी ग्राउंड इट डिसाइड्स इट लेट मी गो एंड मीत दिस यंगर बर्ड दिस मोर ब्यूटीफुल बर्ड एंड लेट मी टॉक विद हिम सो ही हॉप्स फ्रॉम ग्राउंड तू फर्स्ट ब्रांच ऑफ डी ट्री डी मोमेंट तू डी फर्स्ट ब्रांच बिफोर डेट ही वाज पैरहैप्स लेट मी टॉक इन ह्यूमन टर्म्स आई थिंक यू हो ओल्ड अवर जनरल एवरेज लाइफ़स्पन इस समथिंग अराउंड 675 इयर्स ऑफ आगे सो दिस बर्ड व्हेन इट वाज स्टैंडिंग ऑन डी ग्राउंड इट वाज 80 इयर्स ऑफ आगे बट व्हेन इट्स जंप होप तू डी फर्स्ट ब्रांच इट बिकम 70 हिज 70 इयर्स ओल्ड इस एजिंग प्रक्रिया एक्चुअली रिवर्स एंड अवार्ड डेज़ सी यू नो मेक ऑल दिस एक्सपेरिमेंट इन जेनेटिक सेल्स हो तू रिवर्स ओवर एजिंग प्रक्रिया सो व्हाट हैपन विद दिस बर्ड और मिरेकल इट इस होप फ्रॉम इट जंप फ्रॉम ग्राउंड तू डी फर्स्ट ब्रांच एंड इम्मीडिएटली ही वाज यंगर बाय 10 इयर्स एंड दें ही सो डेट इस डेट बर्ड इस एवं मोर यंगर मस्ट बी ओनली 25 इन डी प्राइम लेट मी गो एंड मीत हिम सो ही हॉप्स जर्म्स फ्रॉम लोअर ब्रांच तू अंदर हायर ब्रांच दें ही से इस डेट एजेंट प्रक्रिया इस अगेन रिवर्स ही वैसे 70 इयर्स नौ ही वाज 60 इयर्स ओल्ड हिज बैक हिज बिकम स्ट्रेट हिज डिसीसिस हिज बोन आवे हिज फेदर आर बी कमिंग ब्राइटों एंड ब्राइटर दें ही जंप्स तू अंदर हीरे ब्रांच एंड ही ग्रॉस यंगर एंड यंगर एंड यंगर तीन ही जंप्स तू डी टॉप ब्रांच दें ही सो इस हिमसेल्फ ही इस अलसो 25 ईयर ओल्ड ही इसे अलसो स्ट्रांग बिगर इस फेदर अन शाइनिंग एंड प्राइड एंड दें ही लुक्स अराउंड फॉर दिस यंगर बर्ड तू whomed कम तू मीत एंड दिस यंगर तू बी फाउंड वेयर डिड बर्ड गो डेटिंग ऑन डी ग्राउंड स्टैंडिंग ऑन डी टॉप ऑफसेट ब्रांच बोथ अरे हिम है तो सिमिलरली आईएमडीबी इस ए गोद रेसिडिंग इन स्वर्ग बट डी मोमेंट आई स्टार्ट डूइंग माय साधना आई विल बिकम माय क्वालिटीज माय sadgunj आर बिकम मोर इन मोर बोर्ड लाइट इस व्हाट आर डी क्वालिटीज ऑफ विष्णु इस कंपैशनेट विश्नोई स्ट्रांग विष्णु इसे वेरी फ्रेंडली विष्णु इसे वेरी केयरिंग कृष्ण इसे वेरी केयरिंग फॉर हिज फ्रेंड्स कृष्ण हेस ऑल दिस गुड क्वालिटीज डी मोमेंट आई स्टार्ट प्रोग्रेसिंग इन साधना आई विल सी डेट ऑल डी गुड क्वालिटी ऑफ कृष्ण और मेनिफेस्टेड इनसाइड मी एंड व्हेन डी एंड ऑफ माय स्पिरिचुअल जर्नी आई आई रीच इट लेवल ऑफ कृष्ण हिमसेल्फ आई विल रिलीज था आई मैसेल्फ कृष्ण विद होम आई हैव कम तो मीत आई सेल्फ कृष्ण आई एम हर आई हैव सेपरेटेड माय आत्मन फ्रॉम मैसेल्फ एंड आई एम लुकिंग आते दिस आत्मा सो दिस इस हो स्वामी जी explances विले सी रिकॉग्नाइज ए गोद इट इस रियली ओनली डी सेल्फ विच सी हैव सेपरेटेड ओवर सेल्फ फ्रॉम एंड वरशिप इस आउटसाइड ऑफ अस गोद एक्चुअली rizards इन मी सी सिंपली सी हिम ए समवन लिविंग आउटसाइड ओके सो लेटेस्ट शिफ्ट अवर गियर तू हिंदी क्लास से टॉपिक हिंदी में अच्छा स्वामी जी क्या कहते हैं उसे समय उच्च श्रेणी के जो ब्राह्मण में भी बहुत सारी श्रेणियां होती है और सभी में बंगाल में ही नहीं सब जगह पर ऐसा होता है तो उच्च श्रेणी के ब्राह्मण द और वह सभी से वह भिक्षा है वह स्वीकार नहीं करते द ना इधर माइक ही वर्क नो एवं देखिए यह जो हमारी हिंदू परंपरा है वहां पर आप बाकी सब जगह पर देखेंगे जैसे इजिप्ट है जैसे बेबीलोन है जैसे ग्रीस है वहां पर यह जो विद्या जो है विद्या का जो रक्षण कैसे हुआ तो इजिप्ट में आप ये जो पेपर्स बोल करके वो जो एक प्रकार के पेपर बनते द वो उसके उसमें वो लोग लिख करके रखते द यह पिरामिड की जो वॉल्स होती है पिरामिड पे वो सब वो अंकन करके रखते द उनके जो अल्फाबेट है ये जो से थिंग जो ये बेबीलोन में वो जो टैबलेट बोलते हैं टैबलेट में वो जो मिट्टी का टैबलेट बनाते द उसमें वह लिख देते द फिर उसको बैक कर देते द अग्नि में उसको रख देते द तो ऐसे सब जगह पर आप देखेंगे की राइटिंग के थ्रू जो है उनकी जो विद्या जो है उसका रक्षण हुआ है किंतु यह जो अब अपनी विद्या को ऐसा किसी फिजिकल फॉर्म में रखते हैं ना उसका एक बहुत बड़ा डेंजर है जब कोई आक्रमणकारी आएगा और वह यह चाहेगा की आपकी संस्कृति नष्ट हो जाए तब वह विद्या की जितनी भी चीज हैं आपके जो मंदिर है यह जो टैबलेट्स है ये जो पिरामिड है वो वगैरा सब तोड़ देगा पेपर्स जो ये जो सब ये द पेपर वगैरा द उसको जला देगा तो आपकी संस्कृति वहीं पर नष्ट हो गए अभी भारत में देखिए क्या हुआ हमारे जितने भी वेद द उपनिषद द हमारे जितने वेदांत के शास्त्र ग्रंथ द वो सब ये ब्राह्मण लोग mukhst करके रखते द और जेनरेशन आफ्टर जेनरेशन यह गुरु जो है अपने शिष्यों को वह सीखते द वह आप गुरुकुल में जाएंगे ना सुबह से यह मंत्र पाठ चालू हो जाता था यह जो ब्राह्मण के लड़के द वो गुरु के साथ में बैठेंगे और गुरु मंत्र पाठ कर रहा है वह बच्चे दोहरा रहा है और वह पूरा जीवन यही करते द और कुछ नहीं करते द और जो राजा जो क्षत्रिय था उसका कम था की ब्राह्मण जो है उसका रक्षण करना उसका भरण पोषण करना क्योंकि जो ब्राह्मण है है वह विद्या का यह जो यह जो टॉर्च जो है जो उसकी जो जोत है उसको वो parivahit करता है वो विद्या जो है एक जेनरेशन में से दूसरी जेनरेशन में उसको वो वहां करता है तो इसके लिए ये क्षत्रिय का कम था किंतु भारत में हमने देखा की किस तरह से हमारे ऊपर में एक के बाद एक आक्रमण होते गए और एक के बाद अच्छा पीपल्स नेचर कैन'टी भी डिसाइडेड बाय कास्ट या ऑफ कोर्स ऑफ कोर्स मैंने ये पहले तो ऐसा होता था की हम जो की क्वालिटी है उसके अनुसार वो कास्ट दी जाती थी अभी तो ये जन्म जन्म वंशानुगत हो गया है की ब्राह्मण का लड़का ही ब्राह्मण हो सकता है वो जो ये जो राजपूत है उसका लड़का ही राजपूत हो सकता है बनिया है तो उसका लड़का बनिया पहले तो ऐसा नहीं था गुरुजी जो है जो शिष्य को एक्सेप्ट करते द उसकी क्वालिटी देखकर के एक्सेप्ट करते द महाभारत रामायण में आपको दोनों तरह के उदाहरण मिल जाएंगे जैसे की वह एकलव्य जो था एकलव्य को उसको शिष्य के रूप में ग्रहण नहीं किया यह जो करना था करुणा को उसके गुरु ने नहीं सिखाया क्यों नहीं सिखाया क्योंकि वो जो है नीचे वो मतलब वो क्षत्रिय नहीं द तो ये डिस्क्रिमिनेशन भी पाया जाता है और उसके अगेंस्ट में जितने उच्च कक्षा के गुरु है वो सबको सीखते हैं और यह भी एक चीज याद रखना है की जब पूरा ये जो सब हमारे शास्त्रों वगैरा बाद में लिखे गए हैं जबकि यह जो वर्ण प्रथा वगैरा ऑलरेडी जो उसका मतलब वो ये होना शुरू हो गया था उसके पहले हमारा जो ट्रू वैदिक आगे है जब तू कुछ लिखा ही नहीं गया था सब कुछ mukasta रहता था उसे समय जो है किंतु इस तरह से वर्ण का भेदभाव नहीं रहता था तो यह जो ब्राह्मण की हम बात कर रहे द तो ब्राह्मण जो है वह ब्राह्मण का एक ही कम है की विद्या की रक्षा करना तो यह जो ठाकुर के जो पिताजी है वो भी है वो विद्या की रक्षा करने के लिए उसे जानते द की शास्त्र की रक्षा करने के लिए उनका जन्म हुआ है नहीं की शास्त्र के नाम पे पैसे अर्जन करने शास्त्र को बेच करके पैसा अर्जन करने के लिए नहीं शास्त्र का निभा करने के लिए शास्त्र की रक्षा करने के लिए और शास्त्र की रक्षा उन्होंने कैसे की अपना जो पुत्र था श्री रामकृष्ण गदाधर उनमें उन्होंने शास्त्र के जितने भी उसकी जो दिव्यता है उसकी जो गुण राशि है वह सब उन्होंने गदाधर के भीतर में उन्होंने उसको शिक्षा दे देकर के उन्होंने रामकृष्ण बोलकर के किताब है हमारी बहुत छोटी सी बढ़िया सी किताब है बच्चों के लिए श्री राम कृष्ण देव की कहानियां उसमें लिखी गई है तो उसमें चित्रकार ने सब चित्रा दो रहे भाई बहुत बढ़िया सा चित्रा है वह जो छोटा सा बालक गदाधर अपने पिताजी के पेड़ को उसमें गोद में बैठा है और जो खुद ही राम जो है अपने बच्चे को ऐसा गोद में बिठाकर के एक खाद ऐसा करके उसको सिखा रहा है उसे चित्रा देखकर के आपको इतना आनंद आएगा जैसे की लगेगा की यह भारतीय परंपरा सही सही में यहां पे उसका रक्षा हुआ रहा बाद में फिर ऐसा हुआ की शास्त्र को बेच करके रुपया अर्जन करने वाले लोगों का यह सब बन गया संसार में किंतु सही सही जो ब्राह्मण होगा वो सोचेगा की विद्या की जो दिव्यता है उसको परिपूर्ण pariposhit करना और उसका परिपालन करना वही उसका असली कम है बाकी उसका जो भरण पोषण है उसका जो जीवन निर्वाह है वगैरा सब राज्य की ओर से होगा किंतु अभी क्या है की अभी पूरा समय बदल गया है और पूरा जमाना बदल गया है अभी हम यदि इसका पैरेलल खोजने को जाएंगे तो यह अपनी यूनिवर्सिटी में शायद हम देख पाएंगे है की कोई अच्छी यूनिवर्सिटी है कोई अच्छा प्रोफेसर है तो प्रोफेसर को जो टेन्योर मिलता है लाइफ़लोंग उसका अर्थ ही यही है की जिससे की उसके ऊपर में और कोई प्रेशर ना दल सके की भाई तुमको नौकरी में से हटा देंगे तुम बच्चों को ठीक से सिखाओ इट्स अन लाइफ टाइम टेन्योर मिल गया तो वो शांति से बैठ के रिसर्च कर सकता है ऐसा विदेश में खासकर के कुत्ता है वो भी मटेरियल साइंस में फिजिक्स केमिस्ट्री ये जो सब नोबेल प्राइस मिलते हैं उन लोगों को इसीलिए मिलते हैं जो फुल टाइम प्रोफेसर जो होते हैं उनको फिर वो टीचिंग का वो प्रेशर नहीं रहता या फिर कोई उसका दाता है तो दाता को रिजल्ट दिखाना है इस तरह का प्रेशर नहीं रहता लेकिन देवोते थेम्सेल्वेस तू पूरे रिसर्च तो भारत में भी इस तरह से बाद में यह जो नालंदा यूनिवर्सिटी है वगैरा का वो हुआ है हमारे रामकृष्ण मिशन में ये जो वेद विद्यालय है बेलूर मठ में उसमें भी यहां पे है और हम साधु लोग भी तो है वैसे हम चाहे तो हम कर सकते हैं हम लोग इतने बिजी रहते हैं कम में की अब क्या किंतु भारत का पुनरुत्थान तभी होगा जब इस तरह के कितने सारे लोग सिर्फ विद्या के लिए जीवन पूरा बिताएंगे रडार दें के मुझे विद्यार्जन करके विद्या को बेचना है ऐसा वो क्योंकि बेचने के लिए हम लोग विद्या के साथ में सब तरह से वो बंद छोड़ करना कंप्रोमाइज करना स्टार्ट कर देंगे वो सामने वाले को क्या चाहिए वो मुझे प्रेजेंट करूंगा नहीं की यह जो मैं जिस विज्ञान को सिख रहा हूं विज्ञान का भीतर का जो इंटरनल डायनामिक्स क्या है वो समझने की बजाय तो इसीलिए भारत ने फिर से वह जो ट्रेडिशनल ब्राह्मण द और फिर से यदि जन्म लेंगे अपना जीवन जो है सिर्फ विज्ञान के लिए अर्पित करेंगे विज्ञान का अध्ययन और विज्ञान का वह बच्चों को सीखना तो फिर से जो है वह हम ग्रेटनेस की ओर फिर से बढ़ाना शुरू करेंगे जो पूजा पाठ करने पैसा लेकर के पूजा पाठ करता है तो इस तरह से ब्राह्मण से भी वो भिक्षा ग्रहण नहीं कर पाएंगे आई एम आई आसमा एंड युष्मद इस समथिंग विच इस आउटसाइड ऑफ मी नौ व्हाट इसे आउटसाइड ऑफ मी एवं गोद इस नॉट आउटसाइड ऑफ नाम गोद इस इनसाइड मी एस स्वामी जी ऑलरेडी सेड डेट माय ऑन आत्मा आई सी इट इस समथिंग विच इस आउटसाइड बट एक्चुअली इट इस माय ऑन सेल्फ गोद इस रेसिडिंग इनसाइड मी सो व्हाट इस आउटसाइड ऑफ में ओनली दिस इग्नरेंस थिस इग्नरेंस कम जनरली व्हाट हैपेंस डेट सी थिंक डेट आई एम ए इग्नरेंट पर्सन एंड गोद इसे लिविंग संवारे इंग्लिश में चालू हो गया अच्छा हिंदी में अच्छा मैं कभी कभी ऐसा सोचता हूं की मैं भक्त हूं और मेरे भीतर में अज्ञान है और यह जो भगवान जो है वो कहीं पर बाहर में रहते हैं मुझे अपना जो अज्ञान जो है उसको हटा करके यह जो बाहर में जो भगवान रहते हैं मुझे उनको पाना है किंतु यहां पर स्वामी जी ने पहले ही का दिया की भगवान क्या आत्मा है है उसी का यह प्रोजेक्शन वह आउटसाइड में है भगवान बाहर में नहीं है वह मेरा खुद का आत्मा है अच्छा तो ये अज्ञान कहां पे है हम सोचते हैं अज्ञान हमारे में है किंतु नहीं अज्ञान हमारे में नहीं है क्योंकि मेरा सही जो नेचर है मेरा जो सही सही स्वभाव है वो तो ज्ञान स्वरूप है मेरे भीतर में अज्ञान रह ही कैसे सकता है ये जो parchhaya जो है परछाई परछाई पृथ्वी पे हो सकती है सूर्य में कभी क्या कोई परछाई हो सकती है आप सूरज पे चले जाइए रहने के लिए वहां पे तो मिलियन ऑफ डिग्री टेंपरेचर रहता है किंतु इस तरह का एक्सप्रेस क्राफ्ट बना दीजिए की वो मिलियन डिग्री टेंपरेचर को सहन कर पाए और सूरज में जाकर के आप चारों ओर घूमी है देखिए की यहां पे वो परछाई कहां पर देखने को मिलेगी जो की प्रकाश स्वरूप स्वयं है उसके भीतर में हमको परछाई देखने को ही नहीं मिलेगी इसी तरह से मेरा जो मेरा सही स्वभाव है मैं ज्ञान स्वरूप हूं मेरे भीतर में अज्ञान या तो यह जो माया हो ही नहीं सकती तो यह जो ब्रह्म जो भगवान का हूं या ब्राह्मण कहूं वह तो मेरे भीतर में ही है तो मेरे बाहर में क्या है ये जो अज्ञान जिसको की मैं सोच रहा हूं की मेरे भीतर में है एक्चुअली अज्ञान बाहर में है तो यहां पे स्वामी जी कहते हैं आसमा आसमा यानी की मैं मैं क्या है मेरा ज्ञान स्वरूप या तो भगवान या तो आत्मा और युष्मद क्या है बाहर क्या है वो है अज्ञान तो ये जो प्रकाश और अंधकार ज्ञान और अज्ञान ये दोनों कभी मिल नहीं सकते हैं अज्ञान जो है वो उसका कोई अस्तित्व नहीं है जैसे की मैन लीजिए की मैं चारों ओर देख रहा हूं की मेरा मेरा उत्तर यह खो गया है और मैं उत्तरीय को खोजने के लिए इसको उत्तरीय बोलते हैं उसको खोजने के लिए मैं चारों ओर देख रहा हूं अरे कहां है कहां है कहां है मुझे मिल नहीं रहा है किंतु जिस क्षण मुझे पता चल गया अरे नहीं मेरे यह तो मैंने पहन के ही रखा है उत्तरीय को तो अच्छा मुझे ज्ञान हो गया मेरा ज्ञान चला गया अर्थात ऐसा नहीं था की मैंने उत्तरीय कहीं बाहर से लिया है वह था ही मेरे पास मुझे पता नहीं था जैसे ज्ञान हुआ वह मेरे पास में ए गया बाहर से कहीं से मैं नहीं लाया हूं मुझे सिर्फ यह जानना है की वो मेरे पास में है तो यह जो मैं जो मेरा स्वरूप है और जो मेरा स्वरूप नहीं है ये दोनों ज्ञान और अज्ञान प्रकाश और अंधकार सब समय के लिए सेपरेट ही रहेंगे ये दोनों कभी मिलने वाले नहीं है सूरज के ऊपर में कभी भी परछाई नहीं गिर सकती है परछाई पृथ्वी पर ही गिरती है तो वैसे ही जहां पे अज्ञान होता है वहीं पे अंधेरा होता है जो ज्ञान स्वरूप मेरा जो हृदय है उसके भीतर में अंधेरा हो ही नहीं सकता बस प्रॉब्लम यह है की मुझे पता नहीं है निडर कैन बी डेरिवेद फ्रॉम डी आदर माने जो अज्ञान से ज्ञान उत्पन्न ही होता और अज्ञान जो है उसमें से ज्ञान तो हो ही नहीं सकता और ज्ञान में से अज्ञान नहीं हो सकता दोनों हमेशा सेपरेट हैं सब्जेक्ट ऑब्जेक्ट हस बिन सुपर इंपोर्ट ये जो सेंटेंस है वो बड़ा समझने वाला है शंकराचार्य ने बहुत अच्छा है उसका उपमा दिया है बहुत अच्छी इसकी एक उदाहरण दिया है की जो ज्ञान है उसके ऊपर में माया का आवरण कैसे होता है तो एक आदमी जैसे रास्ते पे जा रहा है अंधेरा है रास्ते में देखा की कृषि पड़ी है तो उसने समझ लिया की अरे तो साफ है साफ है समझ करके बड़ा दर गया किंतु चीज किसने है वो जैसे टॉर्च का प्रकाश रहता तो पता चला की यह तो साफ नहीं है रस्सी है तो रस्सी से तो कोई डरने वाली बात नहीं है आराम से वो चला गया तो एक्चुअली साथ तो था नहीं थी तो रस्सी दर जो लगा उसको अज्ञान की वजह से लगा था और जैसे ही अज्ञान चला गया तो वैसे ही उसका दर भी चला गया तो यह जो सुपर इंपोजिशन जिसको बोलते हैं अध्ययन इसका संस्कृत शब्द है अध्ययन अध्ययन कैसे होता है अध्याय होता है की यह atmaman है मैं समझ लेता हूं मैं सेशन हूं मैं समझ लेता हूं की मेरा जन्म हुआ है कुछ सालों पहले मुझे इतने इतने मैंने मुझे इतनी लैंग्वेज है मैंने इतनी इतनी किताबें पढ़ी है इतने दिनों के बाद मेरा मृत्यु हो जाएगा ये जो सोचता हूं वो मेरे सही स्वरूप के ऊपर में एक माया का आवरण मैंने लगा दिया है किंतु जब मैं ये सोचना शुरू कर दो की नहीं मैं आत्मा हूं ना ही मेरा जन्म था ना ही मेरा मृत्यु है और जो स्वामी जी ने कहा ना की जीवन और मृत्यु दोनों एक सिक्के के ही दो पहलू है तो मेरा तो ना ही जीवन है ना ही मृत्यु मैं तो अजहर अमर शाश्वत सर्वज्ञ सर्वव्यापक आत्मा हूं तो फिर जो है मेरे भीतर में जितना दर लगा रहता है ना हम लोग सभी लोग क्या है की बहुत ज्यादा दर में रहता है बहुत सारे है मतलब कहीं मुझे बहुत बड़ा रोग हो गया है की कोई बहुत बड़ी क्राइसिस ए जाती है छोटे-छोटे दर रहते हैं की मैंने इस तरह का कम करूंगा तो कोई मुझे क्या कहेगा अच्छा मुझे ये करना है मुझे मैं चाहता हूं की कहां पे जाना है मंदिर में जाना है कभी-कभी जस्ट फॉर एग्जांपल बता रहा हूं की कहीं पे मैं जाना चाहता हूं तो सब समय में दर के रहता हूं की लोग क्या कहेंगे उनके मतलब ये जो उसका जो रीपर कृष्ण जो होता है उसका नेगेटिव reprekarshan वो क्या आएगा वो सब सोच करके सोच करके मैं दर के दर के बहुत मार रहता हूं किंतु जिस क्षण मुझे पता चल गया की मेरे भीतर में ही वही आत्मा है जो की सबके भीतर में है तो दूसरे लोग क्या कहेंगे वो वही कहेंगे जो की मैं कहने वाला हूं भले चाहे माया के राज्य में रह कर मुझे लगे की ये सचिन है ये दूसरा कोई है ये तीसरा कोई है और बाकी लोग अलग-अलग चीज कहते हैं जब मैं हायर लेवल ऑफ कॉन्शसनेस पर चला जाऊंगा मुझे सब कुछ एक ही जैसा दिखाई देगा अच्छा तो आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे