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Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi Teachings ·

Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi : English & Hindi : 4 Jan 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda

adbhutanand जी महाराज यूट्यूब नौ वनडे फिर वह सैम सच फेस्टिवल इन अथर बाबू साउथ एंड एस इट उसे तू हैपन डेट दे वुड एंप्लॉय वैन ऑफ ठाकुर्स यंग बॉयज एट सेटेरा वैन ऑफ डी डिसाइड तू गो एंड स्प्रेड डी न्यूज़ डेट ऑन सचिन डेट देयर इसे सच सच फेस्टिवल इन डी होम ऑफ दिस पार्टिकुलर डिसीप्ल ठाकुर हिमसेल्फ इस कमिंग एंड यू आर ऑल इनवाइटेड तू कम सो इन दिस पार्टिकुलर इंस्टेंस इट वाज ड्यूटी गिवन तू राजा महाराजा तो गिव अन निमंत्रण तू गिव इनविटेशन तू ऑल ऑफ ठाकुर डिसाइड्स रेसिडिंग कोलकाता नौ राजा महाराजा चाइल्ड लाइक इन टेकिंग दिस रिस्पांसिबिलिटी विले ही इसे माइंड उसे तू रिमाइंड एब्सर इन जापान एस सी नो डेट राजा हमारा जूस तू डू जब हम कंटीन्यूअसली एंड इफ समवन आस्क हिम डट डू यू डू दिस जॉब दें रिमेंबरिंग डी नाम ऑफ एवरी डिसीप्ल डेम इट वुड बी अन bitparas डिफिकल्ट फॉर हिम सो राजा महाराज फ़ॉरगोट तू इनवाइट रामबाबू सो रामबाबू वेंट तो ठाकुर एंड परिसर डेट आदर बाबू हेड अरेंज अन फेस्टिवल इन है रूम एंड हिज एंड इनवाइटेड मी वही इसे इट सो आई व्हेन आई अरेंज फेस्टिवल इन माय होम आई इनवाइट एवरीबॉडी इंक्लूडिंग ऑथर बाबू वही शुड देयर बी इस दिस आउट ऑफ से भेदभाव डिस्टिंक्शन बिटवीन देवोतीस अमोंग ठाकुर दिस ग्रुप ऑफ देवोतीस विल बी सेलिब्रेट फेस्टिवल एंड दे विल इनवाइट ओनली अमोंग फ्रॉम देयर ग्रुप एंड अंदर ग्रुप व्हेन द एयर रेंज ऑफ फेस्टिवल दे विल नॉट इनवाइट फ्रॉम आदर ग्रुप देवोट्स सो राम बाबू वेट तू कंप्लेंट तू ठाकुर ठाकुर ट्रेड तू कंसोल हिम एंड सईद लुक ग्राम राखल वैसे आस्क तू अरेंज थिस एंड ही सिंपली फ़ॉरगोट तू इनवाइटेड राखल ही इसे जस्ट अन बॉय नौ सी ठाकुर राम बाबू अरेंज अन फेस्टिवल एंड ही फ़ॉरगोट तू इनवाइट यू बट इट इस नॉट आदर बाबू और सच हु डीड नॉट इनवाइटेड राखल डेट सी प्लीज इनवाइट एवरी वैन ऑफ ठाकुर्स देवोतीस ऑन दिस डेट सो डेट सी कैन ऑल गदर एंड एंजॉय ठाकुर्स अराइवल सो आई हैव फ़ॉरगोट तू इन्फॉर्म यू एंड हर ठाकुर इसे जस्ट अन बॉय बट इन बंगाली डेट मेंस इफ यू नो क्विज डी थ्रोट ऑफ रखा मिल्क विल कम आउट वही ठाकुर सेज दिस हर इट इस ट्रांसलेटेड डेट ही इस जस्ट ए बॉय बट सी व्हेन सी राइट समथिंग और वीं इन डी वर्ल्ड ऑफ लिटरेचर देयर आर डिफरेंट वेज ऑफ सेइंग समथिंग यू कैन सिंपली से डेट ही इस जस्ट ए बॉय एंड ही फॉरवर्ड तू तेल यू बट हर ठाकुर से स्टेट इफ यू उसे थॉट मिल्क विल कम अप वही डेट ही सो स्मॉल आगे इट इसे सी नो डेट बेबीज ड्रिंक मदर मिल्क एंड व्हेन थे ग्रो अप अलसो व्हेन दे आर टॉडलर्स और से दे आर जस्ट 67 इयर्स ओल्ड डियर के डायरेक्टर्स मिल्क सो धाकड़ इस रखी सो यंग इन हिज आगे डेट इफ यू थॉट डेट मिल्क हिज जस्ट ड्रिंक इट विल कम आउट एंड सी ओल्डर पीपल है ड्रिंक टी एंड आदर थिंग्स सी डोंट लाइक ठाकुर एक्सप्लेन दिस कलरफुल सीमा डेट राखल इस चाइल्ड बट हो ही सेस डेट ही हज जस्ट बीइंग ड्रिंकिंग मिल्क एंड इफ यू स्क्विज डी मिल्क विल कम आउट दिस इस आउट ठाकुर बाबू हिमसेल्फ व्हेन तू रामबाबू'एस हाउस एंड इनवाइटेड हिम तू डी गदर इट नौ से व्हेन आदर बाबू कम तू रिलाइज डेट रामबाबू हेड गान तू ठाकुर एंड कंप्लेंट ही अथर बाबू से डेट ओके दिस इस माय फॉल्ट आई एस्क्ड राखल तू इनवाइट एवरीवन सो ही विल फॉरगेट ऑफ कोर्स यू कैन नॉट एक्सपेक्ट अन बॉय तू रिमेंबर एवरीवन एंड एवरीथिंग दिस इस डी रिस्पांसिबिलिटी ऑफ डी ग्रोन अप्स सो सी डी थिंग ब्रिटिश गवर्नमेंट गवर्नर पुटिंग साइड ऑल है ऑल हिज प्रेस्टीज ऑफिस पोजीशन ही पुट एवरीथिंग साइड व्हेन तू रामबाबू'एस हाउस एंड टोल्ड हिम डेट्स सी आई एम सॉरी आई अपॉलिजाइज डेट आई फ़ॉरगोट तू इनवाइट यू इनफैक्ट इट वाज नॉट आई इट वाज राखल यू फॉर गुड तू इनवाइट यू एंड प्लीज कम तू माय होम बिकॉज ठाकुर हिमसेल्फ इस कमिंग एंड कपूर कॉम ऑल ओवर स्मॉल एगो शुड बी वाच्ड अवेयर इट इस ठाकुर से इस वेरी अंदर देयर इस वेरी नाइस स्माइल अन वेरी नाइस सुपरमार्केट गोज तू मीत डियर सागर विद्या सागर ठाकुर सेज डेट यू नो डेट सी आर सच स्मॉल रिवर डेट यू आर सो बिग शिप हो कैन यू योर बिग शिप कम तू दक्षिणेश्वर एक्चुअली सच बिग मैन हो विल गो तू दक्षिणेश्वर तू मेक ठाकुर ठाकुर डिफिकल्ट तू विजिट मी आते डी दक्षिणेश्वर आई एम जस्ट ए पुर अन पृष्ठ ऑफ काली सो विद्यासागर स्टार्टेड स्माइलिंग एंड ठाकुर इम्मीडिएटली सो डेट विद्यासागर dajunt फुल बेड अबाउट दिस कमेंट व्हेन डी रेन कॉम देयर इस अन फ्लड इन गंगा एंड एवं डी स्मॉल स्मॉल रिवर्स एवं डी स्मॉल कनाल दे आर फिल विथ वाटर तू डी ब्रेन सो था एवं बिग शिप लेकिन इंटर ऑफ माय स्मॉल माय हम्बल धीस इसे हो सी हैव तू अंडरस्टैंड डेट व्हेन सी देवोतीस सी आर टॉकिंग अबाउट ओवरसीज़ समवन इस पर हिप्स वेरी सक्सेसफुल इन हिज वर्ली लाइव्स समवन इस ऑफिसर समवन इसे अन बैंक मैनेजर समवन इस इन अन वेरी समवन इसे वेरी रिच पर्सन एंड सैम आदर पीपल आर पर है उसे नोट देयर ट्वीट्स नोट डेट फॉर्चूनेट पर हेल्प्स बट व्हाट हैपेंस व्हेन दिस devuthnij गदर टुगेदर दिस रिच पीपल सक्सेसफुल पीपल शूट फॉरगेट डियर एक एंड ट्रीट एवरीडे ऑफ ठाकुर बिकॉज डी पावर डी प्रेस्टीज एंड डी महिमा ऑफ श्री राम कृष्ण इस सो ग्रेट लेट सपोज वैन पर्सन इसे जस्ट स्मॉल कैंडल एंड अंदर पर्सन इस बिग टॉर्ट लाइक बट व्हेन यू पुट दिस स्मॉल कैंडल एंड बिग टॉर्जन एक्ट टुगेदर यू विल फाइंड लाइट लाइट इस वेरी पावरफुल एंड कैंडल्स लाइट इस वेरी यू नो वीक एंड क्लिक करें बट व्हेन यू पुट दिस बोथ टुगेदर बिफोर सन डी बिफोर डी पावर ऑफ सैन टॉर्च एंड कैंडल लाइट बोथ पेन इन साइनिफिकेंस बोथ बिकम इक्वल्स पावर इस सो ग्रेट सिमिलरली अमोंग अवर देवोतीस समवन में भी सक्सेसफुल सम्मान में भी लेस सक्सेसफुल समवन इस रिच समवन इस पर ऐप्स नोट डेट रीच बट व्हेन सी गेट टुगेदर सी हैव तू अंडरस्टैंड ठाकुर हिमसेल्फ इस अराइव्ड अमोंग उस ठाकुर हिमसेल्फ हिल्स अपीयर्ड इस गिविंग हिज ब्लेसिंग्स अमोंग डी कंपनी ऑफ डी देवतास एंड व्हेन दिस हैपन बोथ बिकम इक्विलाइजर सो सी शुड रीड एवरी वैन इसे इक्वल दें सी गेट टुगेदर डेट इसे वही दिस इंसीडेंट इस अन ग्रेट लेसन तू डी देवोतीस ऑफ ठाकुर डी रामबाबू ही वाज हिमसेल्फ अन मेडिकल एग्जामिनर आदर्श एंड हु वाज अन डिप्टी मजिस्ट्रेट एंड जनरली इट हैपेंस इन दिस वर्ल्ड डेट अन पर्सन डेट डिप्टी मजिस्ट्रेट उन अंदर पर्सन लाइक अन गवर्नमेंट ऑफिसर डी मेडिकल एग्जामिनेशन गवर्नमेंट पोस्ट सो दे थेम्सेल्वेस हैव सच एगो डट डेविल नॉट यू नो बंद एवं लिटिल तू मीत एच अदर तेरे इस अनदर इंसीडेंट ठाकुर दिस वाज इन अर्ली डेज़ व्हेन हिज देवोतीस हिडन स्टार्टेड कम तू मीत हिम ठाकुर वंस टोल्ड मथुरा बाबू डेट से आई वांट तू मीत देवन देवेंद्र नाथ टैगोर नौ देवेंद्र नाथ टैगोर ब्रह्मो समाज yuvaj अन वेरी प्रेस्टीजियस पर्सन इन कोलकाता एंड एवं ब्रिटिशर्स यूज्ड तू मंगल विथ हिम वेरी इजीली एंड ही वैसे कंसीडर्ड तू बी इन आइकन ऑफ कल्चर एंड ट्रेडीशन अच्छा आमके की सुनते अच्छा लाइट चले गए खाना अच्छा लाइट चले पहले हमें इन डी कॉन्टैक्ट ऑफ दिस रामबाबू एंड आदर्श ए डिप्टी एंड रामबाबू वाज अन मेडिकल एग्जामिनेशन ग्रेटनेस ऑफ ठाकुर डेट व्हेन दे उसे तू कम टुगेदर दे वुड फॉरगेट हेयर इगो एंड मीत विद इ आदर आगे इफ देयर बोसोम फ्रेंड्स यस आई वाज टॉकिंग अबाउट माथुर बाबू एंड देवेंद्र नाथ सो देवेंद्र नाथ सच अन प्रेस्टीजियस पर्सन सच अन फेमस पर्सन इन कोलकाता सो वैन दे ठाकुर ही अटेंड निर्विकल्प समाधि एंड मदर मदर काली टोल्ड हिम डेट तू ही भागो मुख्य था दिस इस डी बंगाली एक्सप्रेशन इस वेरी डिफिकल्ट तू ट्रांसलेट डी जनरल ट्रांसलेशन इस इट हैपेंस इन योग शास्त्र इट इस रिटर्न डेट अपनी निर्विकल्प समाधि विभिन्न डेथ आफ्टर 21 इफ सी रेमैन 21 डेज़ इन nirvikal पर समाधि सी विल लीव ओवर बॉडी एंड अवर अंतःकरण विल अब्जॉर्ब इट विल dissemin डिसोल इन दी ओशन ऑफ ब्रह्मांड सो आफ्टर 21 डेज़ इंस्टिट्यूट ऑफ हिज अटेनिंग महादी thakurpost गिवन इन ऑर्डर बाय मदर काली तू ही भागो मुख्य था अर्थात यू स्टे इन डी स्टेज जस्ट बिटवीन दिस अल्टीमेट कॉन्शसनेस बट लिटिल कॉन्शसनेस अबाउट आउटसाइड वर्ल्ड सो ठाकुर वास लिविंग ऑन दिस बॉर्डर लाइट एबल तू अब्जॉर्ब इन समाधि एंड आते हिज विल अगेन ही वुड बी एबल तू सी अन टॉक विथ अस लिसन तू अस एंड डिस्कस विथ हर टीच फर्स्ट सो ठाकुर वाज लिविंग ऑन दिस बॉर्डरलैंड एंड ही डिसाइडेड डेट ही वुड विजिट ऑल दिस ग्रेट मैन ऑफ कोलकाता एंड ही वुड टीच डेम ही वुड गिव गुड न्यूज़ ऑफ दी मदर अराइवल सो वैन दे ठाकुर टोल्ड मथुरा बाबू डेट्स आय वांट तू गो तू मीत देवेंद्रनाथ टैगोर प्लीज अरेंज मीटिंग सो देवेंद्र नॉट टैगोर वो सच है बिग पर्सन सच अन प्रेस्टीजियस पर्सन नो माथुर बाबू हिमसेल्फ हु इसे वेरी रिच एंड ही हिमसेल्फ अलसो सच अन बिग पर्सन वुड गो तू होम एंड इनवाइटेड तू डी होम ऑफ अंदर प्रेस्टीजियस पर्सन सक्सेसफुल रिपीटेडली रिक्वेस्ट नो आई एम बिजी टुडे और परहेज दिस एंड डेट बट व्हेन ठाकुर कीप इन कीप ऑन इंसिस्टिंग माथुर बाबू से देख ओके आई गो स्टडाइंग इन माय स्कूल विथ देवेंद्र नाथ देवेंद्र वाज माय क्लासमेट स्कूलमते सो आई विल टेक यू तू हिम सी दिस इस हो ठाकुर प्रेसर्स वुड मेक एवं दिस हाईली एरोगेंट हाईली इगोइस्टिक पीपल एंड एबल तू मिक्स डेम टुगेदर सो डेट दे कैन कम टुगेदर इन डी होली कंपनी ऑफ ठाकुर ओके सो नौ ओवर हिंदी क्लास

स्वामी शिवानन्द : माँ की मधुर स्मृतियाँ

आई हते जस्ट ज्वाइन मैंने सिर्फ ज्वाइन ही किया था उसे समय चेन्नई मठ में गया था तो चेन्नई मार्ट तो इतना मतलब इतना बड़ा मंदिर है इतने सारे साधु है इतने सारे भक्त आते हैं तो वो दिन शायद महाशिवरात्रि की रात थी ना ऐसा कुछ था रात का ये समय था तो रात मतलब रात को पूजा हो रही थी मोस्ट प्रोबेबली महाशिवरात्रि की रात्रि बहुत पहले की बात है तो मैं वहां पे मंदिर में पूजा तो चल ही चलती ही रहती है मतलब पुरी रात भर प्रथम प्रवृत्ति अपराध में रात को थोड़ा सा बाहर में टहलने को निकाला आश्रम में तो देखता हूं क्या होता है बिल्कुल पहली बार आया था चेन्नई में तो देखा तो वहां पर आश्रम के गेट बंद कर दिए हैं और कुछ गरीब लड़के लड़कियां वहां पर खड़े हैं गेट के पास में ऐसा वो साला को पड़कर के भीतर में देख रहे हैं तो मैंने किसी को पूछा रे आप इन लोगों को अंदर नहीं आने देंगे तो बोला की नहीं नहीं अभी फिलहाल नहीं आने देंगे मतलब पूछा चल रही है बहुत सारे देवोते हैं यहां पे इकट्ठा हुए हैं तो उसे समय मुझे थोड़ा सा क्योंकि मैं नया नया था और ये सब विचार सारणी होती है ना लिबरल साम्यवादी विचार सभी को एक तरह से ट्रीट करना चाहिए ठाकुर के भक्तों में भेदभाव क्यों तो अभी भी है उसे समय भी था अभी भी है आ मुझे उसे समय थोड़ा ये बुरा लगा था और आ देखिए उसका रीजन हो सकता है कुछ भी उन्होंने क्यों किया यह सब रिजल्ट मैटर उनका रीजन होगा किंतु मैं पर्सनली ऐसा मानता हूं की ठाकुर के पास में जो कोई भी आता है जिस जिस बैकग्राउंड से आता है जिस परिस्थिति को लेकर आता है सब समय मंदिर के दरवाजे जो भी आप एक तरह के देवोटी के लिए खुले रखते हैं तो दूसरे तरह के देवोते के लिए भी खुले रखने चाहिए अभी ऐसा हो सकता है की कभी-कभी वो मतलब यू नो मतलब मैंने एंटी सोशल एलिमेंट्स थी इस तरह इस गरीब लोगों के कपड़े पहनकर घुस जाते हैं ऐसा हमारे वहां पर खासकर नारायणपुर में हमारी स्कूल है तो ट्राइबल डेवलपमेंट वहां बहुत सारा हो रहा है तो वहां पर क्या है क्रिश्चियन missionaryyon का भी बहुत सारा इन्फ्लुएंस है तो वे लोग इस तरह से ट्राइबल रूम को uksate हैं की ये साधुओं के विरुद्ध में कुछ गड़बड़ कर तो ये सब परिस्थिति होती है उन्होंने उसके साथ उसको देखकर के हमको प्रैक्टिकल ओके उसका मतलब सॉल्यूशन लाना है बहुत समय क्या होता है की गरीबों के कपड़े पहन के साइंटिस्ट सोशल एलिमेंट ही इस तरह से धार्मिक स्थान पर जाकर के हल्ला गुलाम मत चाहते हैं ऐसा भी हमने शायद देखा होगा सो सी हैव तू हैव प्रैक्टिकल सॉल्यूशन तू एवरीथिंग किंतु माने इस चीज को थोड़ा सा इससे थोड़ा सा ऊपर होकर के ऊपर उठकर के देखा जाए तो हमारे आश्रम में सभी के लिए दरवाजा खुला होना चाहिए सभी को इक्वल ट्रीटमेंट मिलनी चाहिए ऐसा पर्सनली मेरा मानना है अच्छा मैन मैन शारदा देवी के बारे में मैन की मधुर स्मृतियां महापुरुष महाराज के बारे में हमने पढ़ा की किस तरह बाती में गए द बीमार हो गए वापस ए गए मैन को कष्ट नहीं देना है और उसके बाद में महापुरुष महाराज मैन के बारे में का रहे हैं की ठाकुर ने मैन के बारे में क्या कहा है जैसे ऊपर नीचे जो का मा वाक्य है की जो मंदिर में मैन काली है वही मोहब्बत में भी रहती है ये एक mahavagya कहा फिर एक दूसरा भी एक मां-बाप का की जो मैन काली मंदिर में रहती है जो मैन काली मोहब्बत में रहती है वही इसके शरीर में अर्थात अपने खुद की ओर इशारा करके का रहे हैं की वही मैन काली इसके भीतर में भी विद्यमान है विराजमान है मैन जब दक्षिणी ईश्वर में ठाकुर के चरणों में रहने आई तो ठाकुर ने उन्हें बड़े snehpurvak अपने पास रखा और बड़े yatnapurvak उन्हें साधन भजन विषयक उपदेश दिए हर तरह से उत्साहित किया और उनकी सहायता की परंतु ठाकुर ने निर्विकल्प समाधि लाभ करने के बाद यह सब किया था इस विषय में ठाकुर ने हम लोगों से कई बार कहा था काली मंदिर में जो मैन है इसके भीतर द वही ब्रह्मा विराजमान है और वही मैन मेरे पास रहती है अर्थात मैन शारदा देवी ठाकुर ने ऐसा क्यों कहा यह जानने में एन तो हमारी कोई रुचि थी और ना हमने कभी जानने का प्रयास किया था हम तो इतना ही जानते हैं की ठाकुर ने ऐसा कहा था भगवान ने स्वयं मानव देहात धारण की और श्री राम कृष्ण के रूप में उनके उद्देश्यों को समझ पाना हम जैसे सीमित बुद्धि वाले लोगों की बुद्धि से परे हैं और हमें कभी उसे समझने की इच्छा भी नहीं हुई महामाया ने जीवन के कल्याण अर्थ स्वयं जन्म ग्रहण किया था उनकी मानवी लीला समझना बड़ा कठिन है वह स्वयं कृपा करके यदि एन समझा दे तो भला कौन समझ सकता है वे कितने साधारण ढंग से रहती थी कितनी छुपी हुई थी मानो छतवान वेश में रहती हो यह हमने कल डिस्कस किया था की ईश्वर का पृथ्वी पर आवर्ती ना होना यह क्यों होते हैं की जिससे की हमारी इमेजिनेशन को एक एक पोस्टिक आहार मिले देखिए इमेजिनेशन जो होती है हमारे एक बहुत बड़ा धन है मनुष्य जाती का एक जो पशु होता है वो उसका जो वो स्टिंक्ड के थ्रू कम करता है वो इंस्टेंट अर्थात उसने कल खाना खाया था आज उसको खाना खाना है कल उसको यह कोई पत्थर से चोट लग गई थी तो आज वो वो पत्थर वगैरा कांटे वगैरा सब बच के चलेगा कल उसने इस टाइम में इतना सोया था तो आज उसको इतना सोना है वह कल की बात सोच करके आज का दिन निर्धारित करता है मनुष्य जो है आने वाला कल को देख करके आज का दिन निर्धारित करता है हम क्यों स्कूल में जाते हैं हम क्यों इतनी कष्ट करके मेहनत करके पढ़ करते हैं हम क्यों अपनी जॉब है या अपना बिजनेस है उसमें इतना अपना पूरा जो प्राण शक्ति है वो दल देते हैं हम क्यों यह पढ़ नए साधन वजन आध्यात्मिक जीवन जो है उसके लिए उसको उसमें आगे बढ़ाने के लिए हम इस तरह से सत्संग करते हैं इस तरह से हम एक दूसरों के साथ के हम भगवान के बारे में बात करते हैं हम लोग क्यों जिन शिव में जाते हो और एक्सरसाइज करते हैं क्योंकि हमको पता है की ये सब करने से हमारा आने वाला कल है वो अच्छे से माने वो समृद्ध होगा वो स्वस्थ होगा वो सुखमय होगा तो आने वाले कल को देखकर के हम आज का दिन ठीक करते हैं ये मनुष्य का स्वभाव है और पशु का स्वभाव है उसने कल ऐसा किया था तो आज वो उसी का रिपीटेशन करेगा तो आने वाला जो कल है हमारी जो इमेजिनेशन है वह आने वाले कल का वह पेंट वह हमारे सामने खड़ा करती है यह जो एक देश वो सक्सेसफुल होता है अर्थात की उसकी इमेजिनेशन जो होती है बहुत ही फर्टाइल होती है बहुत ही रिच होती है और जो देश हर चुका होता है उसकी डेस्टिनेशन भी हर चुकी होती है भारत में आज तक ऐसा बहुत सालों तक होता रहा की हमारे पुरखे इतने मतलब सक्सेसफुल द हम लोग हमारा जो सतयुग भारत में था उसके बाद में आज कलयुग ए गया क्या करेंगे चलो फिर से भूतकाल में चले जाए फिर से सतयुग को ले आए ये स्वामी विवेकानंद खुद कहते हैं की आपके पुरके महान द उसमें कोई भी मत ही नहीं है किंतु आपकी आने वाली जेनरेशन आपके बच्चे बच्चे इससे भी महान होंगे यह तुम लोग ध्रुव विश्वास रखो ऐसा स्वामी जी ने खुद हमको कहा है की जो भूतकाल है उसके ऊपर में सतत सोचते रहना उसी के अनुसार आज का दिन बनाना यह जो देश ऐसा करते हैं जो सिविलाइजेशन जो कंट्रीज ऐसा करते हैं उसका भविष्य जो है अहंकार मैं हो जाता है और जो देश जो है एक अपना एक उनकी एक रिच इमेजिनेशन होती है जितने भी सिलिकॉन वाली के जो एंटरप्रेन्योर्स है यह जो हाईटेक इंडस्ट्रीज साइंस टेक्नोलॉजी खास करके वहां पर इस तरह इन्नोवेशंस होती है वे लोग सब समय 10 साल 15 साल आगे सोचते हैं ये जो क्रिएटिविटी जो है वो अपने आर्ट से लिटरेचर से मूवी हैं नवल से स्टोरी टेलिंग ट्रेडीशन से सब जगह पर दिखेगा की जिसका एक रिच एंड एक उन्होंने फैबुलस जिसका इमेजिनेशन होता है वहां पर देखिएगा की प्रोग्रेस जो है और जो जनरल स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग के बहुत ही हाई रहता है अभी देखिए की जापान है जर्मनी है वो अमेरिका है ब्रिटेन ब्रिटेन तो खैर अभी इंडिया से टोटल नंबर ऑफ जीडीपी में पीछे चला गया किंतु पर कैपिटा जीडीपी आप देखेंगे तो हम लोगों का पर कैपिटल जीडीपी है शायद दो-तीन हजार डॉलर और इन लोगों का है 20000 25000 डॉलर इतना यानी की जो कंसिस्टेंट ऑफ लिविंग बना के रखा है फॉरेन कंट्रीज ने रीजन यह है की जो 14500 की जब तक उसे समय भर सोने की चिड़िया था किंतु पता नहीं क्या हुआ यह मुस्लिम आक्रमण या कुछ भी बोलो आप की हमारे भीतर में ही एक इमेजिनेशन की कमी ए गई हम लोग जो है ये जो रेस ऑफ डी नेशंस जो है ये राष्ट्र की ये लड़ाई या तो राष्ट्रों की ये दौड़ उसमें हम हर गए और हमारी इमेजिनेशन जो है खत्म हो गए और ये जो वेस्टर्न यूरोप है वहां पर रेनेसा रेनेसा अर्थात रिवर्ट ऑफ लर्निंग उनकी जो सेंस ऑफ एडवेंचर है यह एक्सप्लोरेशन करने की इच्छा है चलो सातों समुद्र हम घूमकर के देखते हैं देखते हैं हमको क्या मिलता है तो ये जो वो बाहर में आए वर्ण दे एक्सपेंडेड एंड सी कांट्रेक्टर वो कहते हैं ना की एक्सपेंशन इस लाइफ कांट्रेक्शन को है उसको समृद्ध कर रहा है इमेजिनेशन का पोषण है वह हमारा आध्यात्मिक जीवन के लिए भी वह बहुत ही बेनिफिशियल हो सकता है तो यह जो भगवान पृथ्वी पर अवतरण करते हैं मनुष्य जन्म धारण करते हैं वो लीला जो करते हैं उसमें जो पावर है की यदि हम उसके बारे में इमेजिन करें उसके बारे में चिंतन का लीला ध्यान इस तरह से उसको हमारे शास्त्रों में कहा गया है लीला चिंतन या तो लीला ध्यान तो लीला ध्यान करते-करते क्या होगा जैसे भगवान श्री कृष्ण वो वृंदावन में वो गोपियों के साथ में रासलीला कर रहा है या तो जो बाल कृष्ण है वो इतना नटखट है की मैन यशोदा को पूरा परेशान कर दे रहा है इधर उधर से जाकर के उसे गोपियों के घर में से मक्खन चुरा के खा रहा है मैन यशोदा उसके पीछे में दौड़ती है वो गोपियों के मैन यशोदा को कंप्लेंट कर दी है आपका लड़का कैसा है की हमारे घर में घुसकर के मक्खन चोरी कर रहा है सबको पता है मैन यशोदा को भी पता है की भगवान की लीला हो रही है किंतु लीला में ही इतना आनंद है की यदि ये लोग चाहते तो आंख बंद करके ध्यान मग्न हो जाते हैं और उसे समाधि में चले जाते किंतु ऐसा नहीं करके कृष्ण की लीला का ashvdan पाना उन्होंने ज्यादा पसंद किया की हम लोग में बहुत अच्छी बात ठाकुर कहते हैं राधा महामाया का स्वरूप धारण करके उन्होंने महेश दा को आशीर्वाद दिया की मैन यशोदा हो तुमको क्या चाहिए तो जो चाहती वो मांग लेती मैन यशोदा माने वह सब समय निर्विकल्प समाज में मग्न होकर के रहना है सब समय मुझे ब्रह्मज्ञान का वो मतलब अनुभूति हो और यह जो मेरे जो जन्म मारन किए जो फेरे है जो ये मेरे जितने भी मतलब मेरी कामनाएं vasnae है कर्म के जितने फेरे सब कट जाए संसार से संपूर्ण रूप से विमुख हो जाए सब कुछ मांग सकती थी जो की आध्यात्मिक जीवन की सर्वोच्च उपलब्धि है किंतु वह नहीं मैन करके मैन यशोदा ने क्या कहा की सब समय कृष्ण की लीला जो है वो मुझे देखने को मिले सुनने को मिले उसके घर में मेरा मैन में वही लीला चलती रहे वही आशीर्वाद नहीं मांगते हो तो यह जो लीला जो है ईश्वर की अवतार होकर के वो जो पृथ्वी पे आते हैं वो इतनी मधुर सुलभ और हमारे मैन को इस तरह से वो मतलब वो पवित्र कर दे उन्हें फिटर की तरह कम करते हैं और जैसे वो पानी यहां पर डालते हैं फिल्टर में तो दूसरी ओर से कितना स्वच्छ पवित्र निर्मल हो करके निकलता है सो ये जो लीला जो है वो फिल्टर की तरह है वो आप जो है वो गंदा पानी एक साइड से डालिए दूसरी ओर से जो है स्वच्छ पानी शुद्ध पानी वो इस तरह से वो होकर के निकलेगा तो ये लीला जो है उसको हमको जब भी सुबह को शाम को आपको समय मिले आप शायद साधना करते होंगे जब ध्यान करते होंगे ठाकुर की पूजा पाठ जब कुछ भी करते होंगे प्रेयर्स तो उसे समय आंख बंद करके थोड़ा सा समय ऐसा सोचिए की आप भी दक्षिणेश्वर में बैठे हैं यहां पर ठाकुर वहां पर हम बैठे हैं या तो फिर ठाकुर भजन जा रहे हैं बहुत अच्छा सा और वो हम मिल रहे हैं या तो फिर हम साथ-साथ में वह भजन गा रहे एक समय था जितने भी काली कीर्तन द जितने भी आगमन ही संगीत था एक कथा अमरूद के जितने भी बंगाली संगीत सब मुझे मुक्तहस्त है बेलूर मठ में हम लोग ट्रेनिंग सेंटर में द तो वो काली कीर्तन काली दुर्गा पूजा की एक महीने आगे से वहां पर मंदिर में काली कीर्तन आरंभ हो जाता है और उसे समय तो पता है ना आपको की हमारे आरती का समय है संध्या का समय तो गर्मी के दिनों में समर सीजन में क्या होता है की संध्या देरी से होती है तो आरती के बाद में वो जब ध्यान करने का साधन भजन करने का ज्यादा समय नहीं मिलता क्योंकि फिर 9:00 बजे जो है वो भोजन का समय हो जाता है किंतु शारदी के दिनों में जबकि यह सब उत्सव हमारे चल रहे हैं ठाकुर सब आता है दुर्गा पूजा आता है या फिर काली पूजा आती है तो उसे समय संध्या आरती बहुत जल्दी हो जाती है खासकर के बेलूर मठ में 6:00 बजे के आसपास हो जाती है 6:45 को तो उसका अर्थ है की 6:30 को संध्या आरती खत्म होगी और 9:00 बजे तो भोजन है तो आराम से दो ढाई घंटा आपको मिल जाता है तो उसे समय क्या होता है की मंदिर में दुर्गा पूजा के एक महीने आगे से काली कीर्तन चालू हो जाता है तो मैं बेलूर मठ में इतने साल रहा था की वो जो काली कीर्तन वगैरा जो चलता था मैंने वो मुझे वो पुस्तक लेकर के वो साथ-साथ में वो गाने की जरूरत नहीं पड़ती थी प्राइस सभी mukhyasta हो गए द और ऐसा होता था की वहां पर हम लोगों को क्या है की 4:00 बजे तो मंगल आरती का समय है बेलूर मठ में तो वहां पर मंदिर में जाकर के मंगल आरती अटेंड करना है और बाद में जितना हो सके एक घंटा वहां पे बैठना है और जब करना है जब ध्यान जो भी आपसे हो सके तो मैं वह जप करने को भी बैठता था ना मंगल आरती के बाद में तो वो कल शाम को वो जो काली कीर्तन जो गया था वही मैन में चलता रहता था तो शुरू में थोड़ा ऐसा लगा की अरे जब करने का समय है वो कीर्तन क्यों चल रहा है काली देता है बाद में पता चला की जप करने का जो आनंद है उससे तो वो काली कीर्तन जो मैन में जो चल रहा है सतत उसका आनंद ज्यादा है तो कहना में ये चाहता हूं की ये सब जो खाली कीर्तन वगैरा है कथामृत के गाने हैं भजन है ये यदि हम mukhyasth कर लें और ये जब हम संध्या के समय जब हम ठाकुर के साथ में जाकर बैठते हैं थोड़ा समय उसे समय ये लीला चिंतन करके हान ठाकुर बलराम भवन बलराम मंदिर में गए हैं भक्त लोग उनको खीर करके कीर्तन कर रहे हैं नाच रहे हैं ठाकुर खुद यह सब कीर्तन के बाद एक घर है तो हम भी इन लोगों के साथ में है ऐसा चिंतन करने से जो है उससे जो हमारे मैन को सुकून मिलेगा उससे जो हमारी आध्यात्मिक प्रगति होगी वो कहीं ज्यादा होगी raidharm किए जो ट्रेडिशनल वे ऑफ साधन पढ़ती जो हमको बताई गई है है वह गलत नहीं है मैंने उसका भी एक लॉजिक है माने क्या होता है की जैसे भोजन है भोजन में एक तो डाल शार्क रोटी चावल वगैरा हम रोज खाते हैं फिर बीच-बीच में क्या है की हम अचार लेते हैं आइसक्रीम लेते हैं शायद कोई मिठाई ए जाती है तो ये सब जो लीला चिंतन वगैरा है वो मिठाई की तरह है वो आपको यदि आप रोज यदि मिठाई खाएंगे ना तो फिर वो भी ठीक नहीं है आपको डाल चावल खाना है और साथ में फिर मिठाई खाना है तो दोनों का आपको आनंद मिलेगा तो वैसे ही ये जो आपके गुरु जो है वो जो आपको जप करने की जो पढ़ती बताते हैं तो आपको वो तो करना ही करना है 108 किंतु इसके साथ में अपने भोजन को संतुष्ट माने तृप्ति कारक बनाने के लिए हम इस तरह से एक मिठाई खाते हैं या इस तरह से कोई एक स्पेशल आइटम खाते हैं तो लीला ध्यान चिंतक इस तरह से अपनी जो दाई नंदिनी साधना है उसको तृप्ति कर करने के लिए एक ऐड है माने उसमें उसको मिलाया जाता है किंतु यदि हम सिर्फ इसको भी लेकर के रहेंगे ना तो ये अपना मैन चंचल हो जाएगा मैं अपने अनुभव से का रहा हूं बीच-बीच में मैंने जब करना बिल्कुल छोड़ दिया था सोचा इस तरह से मैं इमेजिनेशन करके इस तरह से लीला ध्यान लेकर रहूंगा किंतु फिर मैंने पाया की ये सब करने में क्या है आपके मैन को तो खर्च करना पड़ता है तो फिर जिस मैन से आप ये सोच रहे हैं उसी मूल से आप और भी बहुत कुछ सोचता है तो एक्चुअली तो योग साधना का उद्देश्य है योगेश चित्त वृत्ति निरोध माने अपनी इमो इमेजिनेशन है अपनी जो चिंता पढ़ती है अपनी जो मैन की जो प्रवृत्तियां है उसका दमन उसका समान और उसका संपूर्ण निकंदन ये तो योग शास्त्र है तो यदि हम जिस मैन से सोचते हैं इसलिए सोचने को खत्म करना चाहता है तो सोच को परेशान करने के लिए परिशुद्ध करने के लिए हम कोई अच्छा विचार करें अच्छी इमेजिनेशन करें किंतु उसको लेकर रहना अर्थात योग महाराष्ट्र का बेसिक जो सिद्धांत है चित्तौड़ निरोध उसके अगेंस्ट में हम चले जाएंगे इसके लिए यह जो ट्रेडिशनल साधन पढ़ती गुरु के द्वारा प्रदर्शित जब ध्यान वो तो करना ही करना है किंतु साथ-साथ में ये एक इस तरह से एक रसगुल्ले की तरह है एक मिठाई की तरह है की जो अपने साधन पढ़ती को वो हमको करने से हमको paritrukti मिलेगी परेशानी मिलेगी हमारी मैन का नाम है शारदा मैन स्वयं ही सरस्वती है वही कृपा करके ज्ञान देती है ज्ञान अर्थात भगवान को जानना ठाकुर बोलते तो श्री चालक की चालाकी बंगाली में कहते हैं माने आप बहुत कुछ पढ़ लिखाई कर दिए हैं बहुत सारे शास्त्रार्थ कर दिए हैं वह जो पंडित की बात है मौका चलाने वाले को पूछता है की तुमने क्या शास्त्र पढ़े हैं तुमने संख्या पतंजलि वाला पंडित को पूछता है पंडित वहां से क्या आपको तैरना आता है वो पंडित जी कहते नहीं तैरना नहीं आता तो नोखा वाला बोलता है मुझे तैरना आता है देखिए यह बहुत सागर में आपका ज्ञान चाहे कितना भी हो उसको तैरना ही सबसे बड़ा आपका ज्ञान है चलिए वो ज्ञान नहीं है तो बाकी सब ज्ञान किसी कम के नहीं इसलिए यहां पर कहते हैं की सच्ची भक्ति होने संभव है और ज्ञान अर्थात भगवान को जानना ज्ञान होने पर ही ठीक-ठाक होनी संभव है मैं उसे दिन वह क्लास ले रहा था और उसे दिन शाम को तो किसी ने प्रश्न किया था की वो भक्ति और ज्ञान के बारे में तो मैंने कहा था की शुद्ध भक्ति शुद्ध ज्ञान एक ही यदि आप यह कहते हैं की मैं शुद्ध भक्ति ही करूंगा शुद्ध ज्ञान नहीं करूंगा वो भक्ति और ज्ञान के स्वभाव को नहीं समझने के बराबर है यदि आप शुद्ध भक्ति करते हैं तो आप शुद्ध ज्ञान करते ही करते हैं क्योंकि दोनों का जो फाउंडेशन है वो है त्याग और एकाग्रता शुद्ध देखिए यहां पे भी महाराज कहते हैं शुद्ध ज्ञान और शुद्ध भक्ति दोनों एक है मैन की कृपा से ही वह होना संभव है माही ज्ञान की स्वामी है वे यदि कृपा करके ब्रह्मा विद्या का द्वार खोल दे तभी जीव ब्रह्मविद्या का अधिकारी हो सकता है अन्यथा नहीं दुर्गा सप्तशती में कहा गया है सैयशा प्रसन्न वरदान भगवती मुक्ता ये महामाया ही प्रसन्न होकर मनुष्यों को मुक्ति का वर प्रदान करती है अच्छा तो आज यही तक स्वामी चेतन देखो जीवन में हिंदी में बोलता हूं जैसे सब लोग समझ पाए इसलिए क्योंकि क्या है की जैसे मैंने कहा ना की ये जो लीला ध्यान वगैरा है वो रसगुल्ले की तरह है की आप रोटी डाल साग सब्जी सब खाते हैं साथ-साथ में आप स्कूल लेंगे किंतु यदि आप इसकी महिमा बहुत बड़ा देंगे तो लोग क्या सोचना शुरू करेंगे की गुरु ने जो मंत्र दिया है उसका जप करने की इतनी कोई खास जरूरत नहीं जैसे मैं अपना खुद का अनुभव खुद करके बताया मेरे खुद के मैन में एक ऐसा हो गया था की एक समय में की ये जो मैं लीला ध्यान कर रहा हूं उससे मुझे इतना आनंद मिल रहा है की बाकी सब छोड़ो की क्या जरूरत है जब इच्छा होगी तब करेंगे किंतु इससे क्या होने की मैन में चंचलता बढ़ाने की संभावना होती है यदि आपका मैन फुल्ली ट्रेंड नहीं है तो इसके लिए जैसे आप पूरा भोजन करते हैं उसके बाद में थोड़ा सा मिठाई खाते हैं तो इससे आपका भोजन समतुला होता है तो वैसे ही यह जो गुरु की प्रदर्शित साधन बचत पद के बाद में आप लीला ध्यान करें तो आपकी साधन पढ़ती संपूर्ण होगी वर्ण वो इंबैलेंस आने की संभावना है तो ये जो वो आप कहते हैं ना की सिगरेट स्मोकिंग इस इंज्यूरियस तू हेल्थ सीक्रेट के नीचे में वो लिखा रहता है तो इस तरह की आप कुछ भी बात करते हैं तो साथ-साथ में आपको इसके जो वो कंट्राइंडिकेशन से वो बता देने पड़ते हैं adervise वो एक मिस अंडरस्टैंडिंग होने का भाई रहता है तो शायद मैंने तो खुद वो कितना पड़ी नहीं है किंतु मैंने बाकी सब सीनियर से सुना था की जब ये चेतनानंद जी महाराज ने वो किताब लिखी बहुत ही अच्छी किताब है पढ़ने ही चाहिए वो करना ही चाहिए मैं खुद करता हूं किंतु एक बार में वह एक क्वेश्चन दे देना था की गुरु की बताई सदन पढ़ती के बाद में ही इसको करना है ऐसा शायद वहां पे नहीं दिख रहा है शांति हरि दर्शन