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Sri Ramakrishna Teachings ·

Sri Ramakrishna Life And Teachings English & Hindi 28 Jan 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Premananda

श्री राम कृष्ण बाय स्वामी अद्भूतानन्द जी सॉरी स्वामी प्रेमानंद जी महाराज प्रेमानंद जी महाराज है नाम वास बाबूराम हिज पूर्व श्रम इन बाबूराव एंड जस्ट तू गिव अप अन लिटिल बीट ऑफ बैकग्राउंड इसे इट हैपेंड इन ओवर रामकृष्ण ओल्डर सी कम हर पूर्व श्रम नेम्स बट आफ्टर टेकिंग सन्यास फर्स्ट ब्रह्मचर्य एंड दें सन्यास सी आर कोल्ड बाय फर्स्ट ओवर ब्रह्मचर्य bikams अवर ऑफिशल नाम बट इस एवरीवन नाम है कृष्ण सखा कम किया नोबडी दस डेड एवरी वंश प्लीज कम हर सो लाइक दिस सो अलसो इन अवर रेमेडीज सैम टाइम्स इट में हैपन डेट पीपल हु आर न्यू विद ओवर इतिहास एंड आईडियोलॉजी डेम गेट कंफ्यूज विद मल्टीपल नेम्स पर हिप्स सोमेटाइम्स आई एम कॉलिंग हिम बाबूराम महाराज सोमेटाइम्स आई एम कॉलिंग हिम स्वामी प्रेमानंद बट दिस इस डी लॉजिक बिहाइंड दिस एंड स्पेशली इन डी केस ऑफ राजा महाराजा डिक्लेयर डेट आज तक फ्रॉम आगे ऑफ टुडे सी विल राजा महाराजा विक्रम विक्रम बाबू राम महाराज डेट मिंस इट इस बाबूराव मारे लाती महाराज mahapurushma बट वेन्यू कॉल जस्ट महाराज डेट मिंस राजा दिस इसे डी रीजन दिस इस डी हिस्ट्री बिहाइंड मल्टीपल नेम्स इन ओवर ऑर्डर सो एनीवे सी आर टॉकिंग अबाउट बाबूराव मारत डेट इस स्वामी प्रेमानंद ही कम तू ठाकुर एंड ashcharge माने समथिंग सो सरप्राइजिंग ड्यूरिंग डी नाइट एंड ड्यूरिंग मिडनाइट ठाकुर कम विद हिज धोती बिकम जस्ट लाइक ए चाइल्ड एंड डी वेट चाइल्ड नो सेंस ऑफ शर्म चाइल्ड नो सेंस अलसो लेट है क्लॉथ एंड ही विल वॉक अराउंड पॉइंट इन चाइनीस श्वेतांबर अंदर व्हाइट कलर क्लॉथस एंड dikambar dicmis डी क्लोज मेड ऑफ डी दिशा डेट मिंस द डू नॉट वेयर अन्य क्लॉथ सो दिस दिगंबर मोस्ट दे अलसो प्रैक्टिस डेट बिकॉज दे आर सो अब्जॉल्वड इन डिवाइन एक्सटेसी और दे आर प्रैक्टिसिंग दिविनिटी सो दिस क्लोज एंड एवरीथिंग दस नॉट मैटर ऑफ कोर्स इन डेट केस दिस इस अन फोर्स प्रैक्टिस टेक यू तू प्रैक्टिस बाय नॉट वेयरिंग क्लॉथस इन पब्लिक एंड दिस एंड डेट दिस वैन बिकम एंड वर्क विद ऑफिशल बट इन ठाकुर्स मूविंग अराउंड विदाउट क्लॉथ इट वाज नेचुरल इट वाज नेचुरल इवोल्यूशन सो ठाकुर कम तो मीत द मिडनाइट स्पिनिंग तू सी नरेन सो बाबूराम महाराज वाज वंडर इन डेट हो मच अनलॉक के पर्सन कैन यू फॉर अंदर परसेंटेज बाबूराम बाबरा मर्द से ठाकुर स्मूथ वास नॉट आते ऑल एलिवेटेड त्रिस डेट नाइट ही स्पेंट एंटीरे नाइट इन डिवाइड एक्सप्रेस इन भर nobinger गेटिंग नो रेंज ही वुड रिटर्न तू हिज रूम ना दें फॉर सैम टाइम बट आफ्टर ए विले यू वुड फॉरगेट इट एंड अगेन एंड कम बैक तू उस एंड बिगिंस स्पीकिंग ऑफ नरेंद्र गुड क्वालिटीज एक्सप्रेसिंग एथिकल इंग्लिश ऑफिस माइंड ऑन अकाउंट ऑफ नरेंद्र लॉन्ग absors डी वे हंगरी पर्सन बैग्स फॉर फूड ठाकुर वाज patetically ऑब्जर्विंग डी टेरिबल बैंकॉक सेपरेशन एंड थॉट हो वंडरफुल इसे लव एंड हो हार्ड हार्ड हार्ड मस्ट बे ठीक पर्सन फॉर होम इस लोंगिट्यूड एंड हिज बिहेवियर सो परफेक्ट सो ही स्टार्टेड थिंकिंग दी ठाकुर स्लो मोशन बी सो ग्रेटफुल नरेश एंड दिस नरेंद्र मस्ट बे अन हार्टलेस क्रुएल पर्सन डेट ही dajunt कम तू मीत ठाकुर इसे वांट तू सी इन सो डेसपरेटली नरेंद्र मस्ट बे अन वेरी हार्ड आरटेट क्रुएल पर्सन सी हवेली डिस्कस दिस बिफोर अलसो लेट हो ए थर्ड डिसाइड्स ऑफ ठाकुर इनिशियली हेड सैम काइंड ऑफ नेगेटिव से इंप्रेशन ऑफ़ नारे बिकॉज नरेंद्र विदाउट प्रेगनेंसी ठाकुर बट स्मार्टेस्ट स्मार्टनेस इस समथिंग डिफरेंट स्मार्ट देवोतीस विद डेट मिंस ट्रू जीनियस डेट नरेन एंड गिरीश तू वेयर तू चाहिए अधर्स मिटे हु वीं अकादमी क्वालिफाइड हाईली इंटीरियर अलसो बट जीनियस इस इन unorther कैटिगरी एंड व्हेनेवर यू मीत अन जीनियस पर्सन इनिशियल इंप्रेशन विल ऑलवेज बी डेट ही इस वेरी एरोगेंट बिकॉज फॉर हिम डी थिंग्स डेट मैटर तू उस दे तू दे लाइव डेट आई वॉरिड अबाउट दिस आई केयर फॉर दिस दिस जीनियस पीपल हु हैव तू स्पार्क ऑफ क्रिएटिविटी एंड इनोवेशन इंसर्ट डेट डोंट केयर फॉर दिस ट्रायफल्स ऑफ दिस वर्ल्ड सो सी में थिंक ऑफ थे इस हार्टलेस क्रुएल अलसो थैंक्स एरोगेंट अलसो सो दिस इसे हो नरेश फर्स्ट इंप्रेशन वास इन में ऑफिस डिसीप्ल एंड अलसो सी नो डेट वैन दे व्हाट हैपन डेट आफ्टर नरेस फादर हेड पस्त आवे नरेन वाज पोर्ट इन नरेन वाज नो मणि फॉर हिज मदर एंड हिज ब्रदर्स सो डेट कैन परचेज सैम फूड एंड ईट इट टाइप ड्यूरिंग डी टाइम ऑफ क्राइसिस नरेन उसे तू मीत सैम ऑफ है फ्रेंड्स हु वर नोट ऑफ गुड कैरक्टर ऑल दिस गुड कैरक्टर फ्रेंड्स ऑफ नरेंद्र नेगेटिव वंस वेरी गुड फ्रेंड ऑफ नरेन ही कम तो दक्षिणेश्वर एंड स्टार्टेड क्राइंग बिफोर ठाकुर डेट्स सी परमहंस महाशय नरेन वो सचिव गुड बॉय बट नौ इन बेड कंपनी डी मोमेंट ठाकुर हर दिस आर दिस ही बिकम वेरी एंग्री डट इफ यू अगेन क्रिटिसाइज नरेन इन फ्रंट ऑफ मी इफ यू अगेन mailains बिफोर मी आई विल नॉट सी योर फेस अगेन गो आवे आउट ऑफ डी shineswar डोंट कम बिफोर मी अगेन एंड ऑफ कोर्स भवनाथ बिकम वेरी फ्राइड एंड हर स्टार्टेड आस्किंग फॉर अपॉलिजी बट दिस वैसे व्हाट हेड हैपेंड विद दिस इस सी हैव सीन हो शरत तुम्हारा जो फर्स्ट इवेंट तू मीत नारे एंड ही सो डेट टॉकिंग विद अंदर फ्रेंड अबाउट दिस प्ले ऑफ माइकल मधुसूदन एंड हो कैजुअल ही वाज गिविंग ही इसे ओपिनियन एंड हो कॉन्फिडेंट असेसमेंट ऑफ दिस प्ले एंड हिज ऑल अंडरस्टैंडिंग ऑफ इंडियन रजिस्ट्री एंड कल्चर शरद महाराष्ट्र डिस्कस इट हो धीस बैंक ऑफ यंग पीपल बिकम सो क्लोज डी बोंग ऑफ लव बिटवीन हिम वैसे अन ग्रेट इसे डी लव ठाकुर है विद नारे सो दिस वैसे अन gratual इवोल्यूशन अमोंग थे सो दिस वैसे डी फर्स्ट इंप्रेशन बाबू राम महाराज शेड गुड ऑफ नरेश ठाकुर वंश तू सी नरेन ठाकुर्स लोंगिंग फॉर नरेश फॉर मैरिड इस सो ग्रेट एंड हिज सो डेसपरेट तू मीत हिम बट नरेंद्र वेरी सेल्फिश पर्सन डी नाइट पस्त इन दिस वे इन डी मॉर्निंग प्रणाम मास्टर डट इसे मेकिंग आफ्टर मेकिंग प्रणाम दे वेंट तू टेंपल मेक प्रणाम तू मैन काली ठाकुर एंड दें डिपार्टेड फॉर कोलकाता थ्री और फोर डेज़ आफ्टर 30 इवेंट आई अगेन में राम dayalbabu डी से राम दयाल बाबू हु हा हेड कम तू दक्षिणेश्वर विथ बापू राम महाराज बाबू टोल्ड मी तू बाबू राम महाराज ठाकुर वंश तू सी यू विजिट हिम डी पावर सच ए ग्रेट पर्सन सच अन ग्रेट हम्ज़ा वही डोस यू वांट तू सी मी आई एम जस्ट डी बॉय स्टडाइंग इन कॉलेज आय जस्ट अननोन पर्सन हो कम अन पर्सन सो ग्रेटेस्ट ठाकुर वांट्स तू सी मी एंड थैंक ऑफ कोर्स यू नो डेट दें सी सी ठाकुर longain फॉर नरेंद्र सो मच एंड आय ही व्हाट्स तू सी मी अलसो सी विल बिकम वेरी प्लीज फ्रॉम इनसाइड डेट यस आई एम अलसो समवन लाइक ठाकुर वांट्स तू मीत मी नो वर्ल्ड एंड विल से इन शब्द बट ऑलवेज विद सैम वंश तू मीत यू विल फाइंड इट वेरी पिसिंग डेट यस यस आई हैव सैम इंपोर्टेंट वैन वांट तू मीत यू महाराज से प्राइड और अबाव सच प्लेजेस ऑफ स्मॉल स्मॉल थिंग्स तू विच सी हैव तू बट इफ ठाकुर सी कॉल तू उस डेट वंस तू सी मी आई वुड बिकम वेरी प्लीज सो आई वाज अमेजिंग आई आस्क वही हेस ही कोल्ड फॉर मी आई डिड'टी रिलाइज देन हो कंपैशनेट आपको वर्स्ट

श्रीरामकृष्ण कथामृत : द्वितीय दर्शन

समय उनको पता नहीं था की ठाकुर का जो प्रेम है वो सिर्फ इसलिए नहीं है की वो नरेन को कितना चाहते हैं इसलिए है भक्ति ईश्वर प्राप्ति के बारे में थोड़ा सा भी एक उनके भीतर में चिंगारी भी जल्दी है की उन चिंगारी को अवनी की ज्वाला में परावर्तित कर दे क्योंकि ठाकुर का जो जन्म हुआ है पृथ्वी के ऊपर में वो तो इसीलिए हुआ है उन लोगों में आध्यात्मिक शक्ति का संचय करना और यदि हम समझते द की अच्छा ऐसा क्यों जरूरी है की हमको आध्यात्मिकता चाहिए समझ में तो हमको यह पता है की स्वामी यूरोप गए द और उन्होंने देखा उसे समय सेक्युलरिज्म जिसको कहते हैं नास्तिकता समय बहुत ज्यादा थी अमेरिका में इतनी नहीं थी अमेरिका में आज भी नहीं है अमेरिका में आप जाके देखिए थर्मो या क्रिश्चियनिटी लोगों का जो धर्म है और क्रिश्चियन प्रीचर्स उन लोगों का बड़ा आदर होता है और पैसा भी बहुत मिलता है और चर्च में फिर भी लोग जाते भी है किंतु यूरोप में जाकर आप देखिए आगे ऑफ टुडे वहां पे चर्च भी खाली रहेंगे और कोई वैसे कोई माने जो पॉप है या कोई धार्मिक जो उनका योग होता है पथरी बोर्ड होना की फादर बोलो हुए उन लोगों को बड़े ही वह लोग क्या है की वो सलमान की दृष्टि से देखते हैं और पहले ही मैन में सोच लेते हैं की इन लोगों ने कुछ ना कुछ गड़बड़ वगैरा उनके जीवन में होगी ही होगी तो ये बहुत ही मतलब दिस रिस्पेक्टफुल दृष्टि से धार्मिक लोगों को यूरोप में देखा जाता है तो उसे समय जब स्वामीजी यूरोप में गए द तो उन्होंने कहा था की यूरोप जो है वो दारू होता है उसके बहुत बड़े पहाड़ पर बैठा है और जिसने इसमें तनख्वाह भी गिरेगा चिंगारी भी तो यह गुण पाउडर वो इतना जोर से धड़का होगा की पूरा यूरोप को वो जलाकर भस्म कर देगा तो वो आप ही सही 50 साल ने ही स्वामी जी ने कहा था 50 साल में ऐसा होगा तो ये जो फर्स्ट वर्ल्ड वॉर सेकंड वर्ल्ड वॉर और लेटर ऑन जो कोल्ड वॉर और आज जो यूक्रेन में हो रहा है जो उनकी जो नास्तिकता है इन्हें एक नास्तिकता उसकी वजह से सोसाइटी में आप जितना ही चाहे लो एंड ऑर्डर हो इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हो साइंटिफिक इनोवेशन वगैरा वो क्रिएटिविटी हो किंतु समाज का जो मूल है समाज की जो जड़ है रूट्स जो है उसको पोषण करता है धर्म और आध्यात्मिकता सिर्फ दिखावे का धर्म नहीं की सन्डे को चर्च में जाकर के अपने अटेंड कर लिया सही सही भीतर में से एक आध्यात्मिक हमारे टेंडेंसी होना चाहिए तभी जो है की हम लोग साथ में में पार्ट करके रह सकते हैं एक दूसरों की जो छोटी-छोटी कमियां है एक दूसरों की जो छोटे-छोटे बातों में जो है एकदम झगड़ा होने लगेगा छोटी-छोटी बातों में मारपीट होने लगेगी तो हम भारत में इतनी इतना छोटा सा देश मतलब भारत वैसे देश बहुत बड़ा है की तो हमारा जो पापुलेशन है तो 140 करोड़ का अभी तो देखिए हम उम्मीदें पेपर में पढ़ा की चीन से भी ज्यादा पापुलेशन हमारा हो गया है सी आर डी मोस्ट पॉप्युलर नेशन पॉप्युलर नेशन ऑन अर्थ सबसे ज्यादा जिसकी जनसंख्या है तो इतनी छोटी जगह में इतने सारे लोग जो रहते हैं और ज्यादातर हम लोग केसर नहीं सुलते कभी भी 11 वहां पे झगड़ा हो रहा है यहां पे हो रहा है छोटी कंपेयर तू अवर पापुलेशन डी क्राइम स्टैटिसटिक्स इस वेरी लो कंपेयर तू पापुलेशन प्रक्रिया है वह गरीबी मतलब नेचुरल जो आदमी को खाना नहीं मिलता वह तो परेशान तो हो ही जाएगा की तो वो परेशान होकर के फिर वो क्राइम क्यों इजीली चला जाता है हमारे गरीब लोग इतना इजीली कभी भी क्रिमिनल एक्टिविटी में वो भाग नहीं लेंगे तो यह जो आध्यात्मिकता होती है उसका सोसाइटी पर इस तरह से प्रभाव पड़ता है कल हमने देखा हम अभी तक देखें की मास्टर महाशय कैसे ठाकुर के पास गए और ठाकुर उनको का रहा है की सागर पर विश्वास है ना की निराकार पे और यदि यदि निराकार पर विश्वास है तो बहुत अच्छा है मैन की जो निष्ठा है मैन की जो श्रद्धा भक्ति है वही जो है आध्यात्मिक साधना के सही संबंध बिना चढ़ी श्रद्धा भक्ति के तुम यदि किसी चीज को फॉलो करोगे तो उसके लिए कोई परिणाम नहीं होने वाला चाहे हम हाईएस्ट फिलासफी अद्वैत है तो मैं मुंह से कहता रहता हूं जो मेरे फ्यूचर में श्रद्धा भक्ति त्याग तितिक्षा वैराग्य वगैरा सद्गुरु राशि नहीं है तो वो अथवा बोलने से कुछ मिलने वाला नहीं और वो चाहे जितना ही निम्न कक्षा का आदिवासी क्यों ना हो किसी पत्थर की किसी पेड़ की पूजा करता है जैसे शरण धर्म है यह जो नॉर्थ ईस्ट में या तो अपने झारखंड के आदिवासियों ने देखा जाता है उसके मैन में यदि श्रद्धा भक्ति ठीक रहेगा चलिए वो ठीक उसकी वह जो अपने जो इंद्रियों के सुख है उसको संयमित करने का प्रयत्न करेगा 100% नहीं चले जाएंगे सही अमित करना है और यह था शक्तियों मतलब उसको दमन करते रहना है तो अपने इंद्रिय भोग को वो अच्छा शक्तियों से नियमित करता रहेगा तो सही-सही वो इतना प्रिमिटिव रिलिजन भी sharanakarmak के अप ना हो उसमें आध्यात्मिक जीवन में बहुत आगे बढ़ जाएगा अर्थात हम किस धर्म का पालन करते हैं कितने ही सर्वोच्च देवता की पूजा क्यों ना करते हो उससे ज्यादा कोई फर्क नहीं पड़ता हमारे हृदय में जो टेंडेंसी है हमारे हृदय की यह जो पवित्रता है उसी पे हमारा धार्मिक जीवन का उत्थान होता है तो इसीलिए जब ठाकुर ने कहा की सरकार हो ना की मीरा का निष्ठा भक्ति होने से ही सरकार की पूजा करते तो मूर्ति पूजा हो गई पत्थर की मूर्ति की पूजा नहीं है तो ठाकुर ने का दिया की हम पत्थर की मूर्ति की पूजा नहीं करते हम अपने इस तरह से नहीं नहीं उसके यह मेरे शब्द है की मैन की पवित्रता होने से ही वह अपने चयन पत्थर की भी मूर्ति की पूजा करते हैं और फिर किंतु ठाकुर साथ-साथ में और प्रसन्न होकर के पहले तो कहा की पत्थर की मूर्ति ने भी चिन्मय मूर्ति जीवंत मूल्य प्राण वैन प्राण vanturti और फिर कहा की तुम्हारे कलकत्ते वालों लोगों का यही एक प्रॉब्लम है जब चाहो लेक्चर देते रहो जब चाहे दुश्मन को बोलते रहो की अरे भाई ऐसा करो वैसा करो अपने को खुद को कौन समझे इसका ठीक नहीं तब मास्टर मास्टर सोचते हैं की आप तो सही है यह विज्ञान है मैथमेटिक्स है की साहित्य या लैंग्वेज ऐसा तो कुछ नहीं है धर्म थोड़ा बहुत बढ़कर के रात लिया वो पैरेट की तरह पोपट की तरह रख ली और फिर दूसरों को जैसे पोपट सीताराम सीताराम मैन के पास में पोपट था वह गंगा राम बोल कर के पैरोट था तो वह बीच-बीच में जब उसको भूख लगती थी तो मैन मैन करके वो बोलता था तो मैन जैसे ही सुनती थी उनको तो मैं अच्छा बाबा गंगाराम थोड़ा बहुत खाना लेकर वो गंगाराम वो जो तोता तोता बोलते हैं उसको हिंदी में तो तोते के वो उसका वो जो पिंजरा था उसको खोल के भीतर में खाना रख देती थी और वो मैन की बातें सुनकर वो भी सीताराम सीताराम ऐसा कुछ बोलना उसमें शुरू कर दिया था की तू वो तोता सीताराम बोलता है और हम लोग सीताराम बोलते हैं यदि मुंह से ही बोलते हैं जैसे हो जाएंगे हृदय में यदि परिवर्तन होगा तो सही-सही सीताराम बोलने का अर्थ अभी यह जो पूरा डिस्कशन हुआ मास्टर महाशय और ठाकुर का तो मास्टर महाशय कहते हैं की श्री राम कृष्ण के साथ मास्टर का यही प्रथम और यही अंतिम तर्क था जिसके बाद में उन्होंने ठाकुर के साथ कभी तर्क नहीं किया ठाकुर के साथ में कभी वाद विवाद नहीं किया ठाकुर ने जो कहा उन्होंने सरल हृदय से उसको एक्सेप्ट करिए क्योंकि हम भी तो हृदय को समझ सकते हैं हृदय को देख सकते हैं हम देख सकते हैं की वो कितने पवित्र मैन से यह बातें का रहे हैं कोई कोई मतलब करके हमको कहता है की अच्छा तुम ये करो तो तुमको फायदा होगा तो हम पहले यह सोचते हैं की मुझे ऐसा कहने के भीतर उसका क्या बेनिफिट है उसको कुछ बेनिफिट मिलता होगा तभी मुझे ऐसा कहता है सेल्स पर्सन आके बोलता है ना आप यह चीज ले लीजिए यह बड़ा आपको लाभकारी है तो ऑफ कोर्स हमको समझ में आता है की उसको सेल होगा तो उसको भी तो बेनिफिट होगा तो ठाकुर इस तरह से कोई स्वार्थ अपने मैन में भरकर के उनको नहीं कहते यह बात तो कोई भी समझ जाएगा इसलिए ठाकुर के साथ में उनका हम और अंतिम तक श्री रामकृष्ण तुम मिट्टी की मूर्ति की पूजा करने की बात कहते द यदि मिट्टी की ही मूर्ति होती तो उसकी भी पूजा की जरूरत है देखो सब प्रकार की पूजन की योजना ईश्वर ने ही की है जिनका यह संसार है उन्होंने ही यह सब किया है जो जैसा अधिकारी है उसके लिए वैसा ही अनुष्ठान ईश्वर ने किया है लड़के को जो भोजन और उसका वही भोजन उसके लिए मापक आती है समझे मास्टर महाशय कहते हैं जी हान और अभी ये जितने भी ट्रांसलेशन द उसके सब के यही प्रॉब्लम है यह जो गुजरात है महाराष्ट्र नॉर्थ इंडिया यहां पर नॉनवेज वगैरा लोग नहीं खाते वो ठाकुर यह जब यह पार्टिकुलर उदाहरण में कहते हैं की मैन मछली की सब्जी और मछली के अचार का जो उदाहरण देते हैं यहां पर या तो फिर वह आलू की तरकारी बना देते हैं या संदेश बना देते यहां पर ऐसा नहीं लिखते की ठाकुर मछली का उदाहरण मछली की वांगी मछली के पकवान का उदाहरण दे रहा है तो हमको तो यह उदाहरण पता है हम तो ठाकुर के संतान है हमारे मैन में ऐसा कुछ नहीं तो ठाकुर ने यहां पे कहा है की देखो विभिन्न तरह की जो पूजा है उसका आयोजन किस हुआ है भगवान ने जैसे मैन है मैन देखती है की कोई बड़ा लड़का है उसकी पाचन शक्ति बहुत ही स्ट्रांग हूं तो उसके लिए अच्छे से अचार मसाला वगैरा डालकर के मछली की सब्जी मैन बनाएगी वो फिर वो जो छोटा बच्चा है उसकी पाचन शक्ति शायद शायद इतनी स्ट्रांग नहीं है तो उसको उसे तरह से झोल भर जैसा कोई व्यवस्था मैन करेगी जिसके पेट में जिस तरह की पाचन की क्षमता है उसके अनुसार मैन सबके लिए भोजन की व्यवस्था करती है तो वैसे ही हम किस तरह की साधना कर सकते हैं हमारी क्षमता क्या है उसके अनुसार यह विभिन्न प्रकार की साधन प्रणालियों की व्यवस्था हुई है हमको यह नहीं देखना है की मैं वो हाईएस्ट साधन प्रणाली सकता है वो नहीं सोच करके मेरे लिए अनुरूप क्या है वह सोचकर हमको साधना करनी मास्टर विनीत भाव से कहने लगे देखिए अभी उन्होंने विनीत भाव से शब्द उसे किया है विनीत भाव से कहने लगे मास्टर महाशय के ईश्वर में मैन किस तरह लगे अभी तक कर रहे द की ऐसा तो होना चाहिए वैसा होना चाहिए अभी पहली बार अभी प्रश्न कर रहे हैं जैसे विद्यार्थी शिक्षक के पास जाता है सर हमको यह बता दीजिए की ये जो इंग्लिश का कोई क्वेश्चन है तो ये ग्रामर का रूल कैसे कम करता है वगैरा तो मास्टर महाशय भी बड़े विनीत भाव से ठाकुर को पूछ रहा है की ईश्वर में मैन किस तरह से लगे तो श्री राम कृष्ण कहते हैं सर्वदा ईश्वर का नाम गुणगान करना चाहिए सत्संग करना चाहिए बीच-बीच में और साधुओं से मिलना चाहिए संसार में दिन-रात विषय के भीतर पड़े रहने से मैन ईश्वर में नहीं लगता कभी कभी nirchand स्थान में जाकर ईश्वर की चिंता करना बहुत जरूरी है प्रथम अवस्था में बीच-बीच में मैन गाना बड़ा कठिन ऐप देखिए सत्संग और एकांत यह दो चीज यहां पर ठाकुर ने कही है दोनों का एक ही अर्थ है की आपका जो संसार की प्रति आपका जो मैन है वहां से मैन को खींच करके कोई सत कार्य अर्थात सत्य संघ उसमें लगाइए या तो फिर जो है अकेले बैठकर के ईश्वर का नाम गुणगान चिंतन मनन स्मरण कीजिए अर्थात आपका मैन उसे डायरेक्शन में जा रहा है तो वहां से लेकर के डायरेक्शन उसकी चेंज कर दीजिए जैसे गाड़ी में फॉरवर्ड गियर होते हैं वो बैक आ बैकवर्ड गियर होता है रिवर्स गियर जो होता है तो वैसे ही गियर को चेंज करके रिवर्स गियर में दल देनी है गाड़ी को तो गाड़ी अभी जो संसार की ओर आगे बढ़ रही थी तो पीछे वह ईश्वर की ओर जाएगी अच्छा यह आगे पीछे पछाड़ी उड़ान देते तो ऐसा कहना चाहिए की अभी तक हमारी गाड़ी रिवर्स गियर में जा रही थी संसार में करेंगे तो ईश्वर की ओर आगे बढ़ेगी अभी ठाकुर क्या कहते हैं पौधों को चारों ओर से ऋणधना पड़ता है नहीं तो बकरी चारा ले अच्छा देखिए यह जो उदाहरण है उसका दो अर्थ है यहां पर ठाकुर तो बाकी के उदाहरण में कहां है की पौधा जब छोटा होता है तो उसको इस तरह से प्रोटेक्शन में रखना पड़ता है उसके चारों ओर एक वो एक जो है वो बैरियर करना पड़ता है वो जो पिंजरा रखते हैं या वगैरा कुछ किंतु जब यही pothup बड़ा हो जाएगा तो इस पौधे के साथ में आप जंजीर से अधिक को भी बंद लेंगे तो भी पौधे को नुकसान नहीं होगा अर्थात जब हम आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत करते हैं तब हमको बहुत सारे कुछ थोड़े बहुत तो नितिन नियम बना करके हमको अपने मैन को प्रोटेक्ट करना होगा साधु संग आध्यात्मिक ग का पठान जब ध्यान वगैरा करना होगा जितना हो सके फिर किंतु जब हमारा मैन फिर हो जाए तब हम कहीं जाकर इस संसार में भी रहे तो भी हमको नुकसान नहीं होगा यह जो केशव सिंह के बारे में कहा था ठाकुर ने केशव को कहा की तुम्हारी पूछ निकल गई है अर्थात तुम जब जो मैडम जो होता है पूछ होती है तब मेंढक छोटा होता है पानी में रहना पड़ता है मेंढक बड़ा हो जाता है उसकी पूछ चली जाती है तब जमीन पर भी रह सकता है तो वैसे ही हम सबके लिए जब आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत करते हैं जब हम नए नए नो सीखिए विद्यार्थी हैं तब मैन को प्रोटेक्शन में रखने की बड़ी जरूरत पड़ती है कोई उल्टे उल्टे विचार जो है या फिर कोई ऐसी कोई बात जो की मैन को चंचल कर दे उन सब चीजों से थोड़ा सा दूर रहना पड़ता है किंतु एक बार हम एक लेवल पर पहुंच जाए एक बार कोई अनुभूति हो भीतर में एक बार ठाकुर का आशीर्वाद मिल जाए उसके बाद में फिर हम भले ही चाहे संसार में आकर के सब तरह के कर्म करें तो भी हमारा मैन जो है सांसारिक उपासना हो और आकर्षणों से थोड़ा बहुत मुक्त होकर के रहेगा इसलिए हमारे जो भारतीय शास्त्र में पहले ब्रह्मचर्य हम फिर बाद में व्यवस्था श्रम है बहुत सारे लोग ऐसे सोचते होंगे की अरे सन्यास आश्रम तो जो है वो तो गुरु आश्रम के बाद में आता है तो ऑलरेडी आपने वो जो है की इन देव के चुप हो आनंद वगैरा है वो कर ली है उसके बाद में आप संसद ग्रहण सन्यास ग्रहण करते हैं आखिर जो आश्रम है किंतु एक्चुअली तो है की सबसे पहले ही तो ब्रह्मचर्य आश्रम है ब्रह्मचर्य श्रम में ही एक tapasyamay एक निष्ठा जीवन जीने का जो टेस्ट है वो तो हमको मिली जाता है पहले 25 साल बाद में तो हम ग्रॉस आश्रम में जाते हैं तो इसीलिए जब हम ब्रह्मचर्य आश्रम ठीक-ठीक करने के बाद आश्रम में जाएंगे तो यह जो व्यवस्था स्वयं की जो खास करके इंद्रिय भोग के अलावा भी ये जो चिंता जो है ये जो टेंशन ट्रेस जो है जो की आजकल लोगों को मार देता है जिसको भी देखो 40 साल में ब्लड प्रेशर डायबिटीज शुगर बढ़ जाता है और बीपी बढ़ जाता है आजकल तो कितने लोगों को ऐसा हो रहा है तो यह छोटी-छोटी उम्र में जो जिसको लाइफ टाइम दिस इस कहते हैं तो लाइफस्टाइल दिस इस लव चैनल को क्यों होता है स्ट्रेस स्ट्रेस जो है आज के जमाने में सबसे बड़ा किला सबसे बड़ा वो जो है हमारे लिए खाता है तो ये स्ट्रेस से बचाना अपने मैन को जितना भी किसी की वो जो समस्या आए हमारे जो चैलेंज जो जीवन हमारे सामने से फेंकता है तो हम उसका हंसते मुंह से उसका मुकाबला कर पाए एक एक सुस्त एक पारिवारिक जीवन वो हमारा हम जब घर में चाहे तो हमको देखकर के जो हमारे जो रिलेटिव से अपनी बीवी बच्चे जो भी है हस्बैंड वह हमको देख कर के प्रसन्न तनु भाई वर्ण क्या होता है पता है वो बहुत सारे घरों में ऐसा होता है हस्बैंड दिन में कम करता है इतना टेंशन सर पे होता है घर में जाकर चिकना चलना शुरू करता है बीवी की मारपीट करता है बच्चों के साथ जबरदस्ती जीवन हो जाता है किसी-किसी का तो ब्रह्मचर्य आश्रम जो पहले 25 साल एक ठीक-ठीक पालन करने से हमारा जो gurubast आश्रम भी है वह आशीर्वाद हो जाएगा भले चाहे हम संसार के सभी कम करें हमारे शास्त्र में जो धर्म अर्थ कम मोक्ष जो जोधपुरी कुछ खाएं सबका भी पालन करें फिर भी हमारा मैन जो है प्रसन्न रहेगा हमारे परिवारजनों के लिए मित्रों के लिए हम आशीर्वाद होंगे ठाकुर आगे कहते हैं ध्यान करना चाहिए मैन में कोने में और वैन में अर्थात जो हम वही जो एकांत की बात की सब समय अभी क्या है की आज के जमाने में तो ऐसा नहीं है की हम लोग फिर से ब्रह्मचर्य का वो जो अनुष्ठान करते हैं इसलिए इस सब बहुत सारी चीज जो है हमको व्यवस्था आश्रम में हमारी जो भक्ति है आध्यात्मिक जीवन के बारे में यह 20 साल बच्चे मेरे साथ में भी वही बहुत सारे लोगों के साथ में बैठी की बचपन तो हमारा बीट गया और बचपन में तो हंसते खेलते कुत्ते हान चलो मंदिर में जाते हैं वे तो घर में छोटा सा मंदिर है वहां पर आरती पूजा भी करते होंगे फूल भी चढ़ाते होंगे किंतु लगता है अरे वह तो बूढ़े हो गए वीडियो ऐसा करेंगे हम तो जवान है अब ये सब करने की क्या जरूरत है तो ऐसा वो हमारे बहुत सारे लोगों के मैन में होता है किंतु जब यह 18-19-20 साल है कॉलेज के बाद में या तो ड्यूरिंग दिस कॉलेज थोड़ा बहुत ही लता है की अरे नहीं ये भी तो एक फेर ऑफ लाइफ है जिसको की हमको एक्सप्लोर करना चाहिए तो ऐसा 25 साल जो की हमारे शास्त्र में कहा गया है की ब्रह्मचर्य जन्म से लेकर के 25 साल वो जनरली खत्म होने के बाद में ही ये सब सेंस हमारे मैन में जागृत होता है अभी कुछ मुट्ठी पर लोग होते हैं जो की रामकृष्ण मिशन की स्कूल है या तो फिर यहां पर स्वामीनारायण के गुरुकुल वगेरा है तो इस तरह के स्कूल में यदि पढ़ने का उनको सोप गया हुआ होगा तो निश्चय वे लोगों को बचपन से ही मतलब जब से स्कूल में ज्वाइन किया तब से ही वो मंगल आती है अटेंड करो सुबह को 4:00 बजे उठकर के ठंडे पानी से स्नान करो वह सब मोबाइल वगैरा नहीं रखना है एक निष्ठा करके अभ्यास करना है वो इस तरह के गुरु रूम में तो रामकृष्ण मिशन की हॉस्टल में स्कूल में रहने से उनको सीखने को मिलता है की तो ऐसा संस्था के कितने लोगों का होता है मेरे साथ में तो नहीं हुआ था वो ज्यादातर लोगों के साथ भी नहीं होता है तो हम लोगों को अकाल आती है ब्रह्मचर्य आश्रम खत्म होने के बाद में तो अभी grihsthim की उम्र ए गई है तब हम लोग ये सब सिख रहे हैं तो इसीलिए ये सब एक्स्ट्रा केयर जो है वो हमको करनी पड़ती है ये ठाकुर ने कहा की जो ध्यान करना चाहिए जब करना चाहिए मैन में या तो फिर अपने घर के इस तरह के रूम में जाकर के जहां पे हम अकेले रह पाए या तो फिर वैन में जाकर के किसी रेट रेट में जाकर के किस आश्रम में जाकर है और सर्वदा सत असत विचार करना चाहिए ईश्वर ही साथ अथवा नित्य वस्तु है और सब असद अनित्य बारंबार इस प्रकार विचार करते हुए मनुष्य अनित्य वस्तुओं का त्याग करना चाहिए की अभी जैसे उपनिषद में कहा गया है की श्री और प्रिया दोनों हमारे सामने आते हैं अभी नेक्स्ट वीक मेरी परीक्षा है अगले दिन मेरी परीक्षा है और आज रात को किसी मेरा मित्र आज मुझे मिल गया उसमें मुझे नहीं होता दे दिया अरे चलो वहां बहुत बढ़िया मूवी लगा है यह दोनों मेरे सामने आकर के खड़े हो गए जो करने से मेरा भविष्य में मेरे साथ में अच्छा होगा और प्रेरित क्या है मुझे अभी उसको वह चीज मुझे अभी करने से अच्छे में मूवी देखने को जाऊंगा अभी 1 घंटे 2 घंटे के लिए बड़ा आनंद आया किंतु कल हो सकता है की परीक्षा में मेरा परफॉर्मेंस कम हो जाए मेरे मार्क्स इतने अच्छे ना आए अच्छी जॉब ना मिले और पूरा जीवन जो है मुझे पैसों के लिए संघर्ष करना पड़े तो यह शॉर्ट बेनिफिट के लिए मैंने जो किया वह श्री है लॉन्ग टॉप बेनिफिट के लिए जो किया मूवी को छोड़ दो कल परीक्षा ने परीक्षा की तैयारी कर लेते हैं बाद में तो फिर पूरा जीवन मूवी देखते रहेंगे डीओईएसएन'टी मैटर एक बार पेश आना शुरू हो जाएगा सब समय सर और प्रह हमारे नजर के सामने आते रहते हैं और जो वॉइस डिसीजन करता है कंसिस्टेंटली श्रेया को चूस करता है उसका जीवन जो है बहुत ही वो मतलब क्या है की उसका जीवन जो है की वो उच्च मैंने वो मोर उसको सेटिस्फेक्शन मिलेगा अच्छी तरह से वह जीवन जी पाएगा संघर्ष के जीवन में कम रह गया तो यहां पर ठाकुर असद इस तरह के शब्द उसे करते हैं सत्य है जो की हमारे आध्यात्मिक जीवन में जिसका की प्रभाव beneficient है जो की हमारे अत्यधिक जीवन को वो शक्ति करते हैं अभी एक ऐसी परिस्थिति ए गई की झूठ बोलकर के मैं अपने को बचा दूंगा कोई बड़ी समस्या होने वाली थी मैंने कोई ऐसा गलत प्रणाम कर दिया स्कूल में गया होमवर्क नहीं किया तो सच बोल देता सर मैं कल मूवी देखने के लिए चला गया था अच्छा होमवर्क नहीं हुआ तो अभी सर बोलेंगे तो मेरे साथ बोलने से तो टीचर बड़े नाराज हो जाएंगे मां-बाप को यदि कंप्लेंट भी कर दे तू तो झूठ बोल देंगे अरे मेरे घर में लाइट नहीं थी ये वो सब पता है ना बच्चों का तो बहुत सारे एक्सक्यूज बनानी है तो झूठ बोल दिया तो ठीक है चलो टीचर ने भी मैन लिया ज्यादा कुछ एक्शन नहीं लेंगे किंतु ये झूठ बोलना हमारे आध्यात्मिक जीवन के लिए अच्छा नहीं है और भले चाहे गलत कम किया भी क्यों ना हो भले अच्छा है होमवर्क की जगह मैंने और कोई घूमने के लिए चला गया ऐसा कुछ कर दिया यदि मैंने उसको सच बोल के स्वीकार भी कर दिया तो भी जो है वो जो गलत कम करने का वो जो दुष्परिणाम है बहुत हद तक वो कम हो जाएगा बहुत हाकम वो कट जाएगा तो यह सब असद यह 24 सब समय जीवन में आता है शॉर्ट टर्म हमको नुकसान हो किंतु rongtem बेनिफिट हमको आवश्यक मिलेगा अच्छा