Swami Vivekananda
अच्छा सो यस्टरडे भी शो दिस कोटेशन ऑफ स्वामी जी स्वामी जी स्टेट ब्लेस्ड आईटी इसे तू बी पर्सीक्यूटेड पर डी साइको फ्रीज व्हाट दस आईटी मीन डेट वे आर फॉलिंग सपोज आई से डेट आई बिल नोट लाइक और सपोज आईएफ आई से डेट दिस इस दी सपोज आई एम ए सोल्जर और एनीमी कॉम बिफोर मी और आईएफ आई थिंक डेट आई बिल नोट कल डी एनीमी बिकॉज़ आई एम प्रैक्टिसिंग अहिंसा दें दत इसे एन पाठ ऑफ डेट इस एन पाठ ऑफ सोना अच्छा अच्छा अच्छा पर दिस वीक डिस्कस दिस एग्जांपल ऑफ खुदीराम ठाकुर इन डी कोर्ट बिकॉज़ इन बी हो ऑफ डेट लैंडलॉर्ड बी इन ऑन बायफ ऑफ डेट जमीन डी बिकॉज़ लिंग इसे अगेंस्ट हज थर्मो सो डिसमींदार दिस लैंडलॉर्ड स्टार्टड हैरेसिंग खुदीराम और बिकॉज़ ऑफ डेट खुदीराम हेड तू लेफ्ट डेयर विलेज डी विलेज ऑफ है आंसेस्टर्स और कम तू कम आउट कुकर धी इसे दिस डी परफेक्ट एग्जांपल ऑफ बीइंग पर्सीक्यूटेड पर डी सेक ऑफ धर्म आईएफ आई एम फॉलोइंग धर्म और आईएफ आई एम डी टेंप्टेशन कॉम बिफोर डेट डी क्राइसिस कॉम बिफोर मी डेट आई फॉलो डी धर्म आई बिल थ्रो माइसेल्फ इन बट जस्ट पर वन मोमेंट आई स्टॉप फॉलोइंग डर्मा जस्ट पर वन सेकंड आई स्टॉप डूइंग व्हाट आई फूल इस राइट और स्टार्ट डूइंग व्हाट इस डिमांड ऑफ मी दें व्हाट बिल हैपन डेट आई बिल लीव इन कंफर्ट पर डी रेस्ट ऑफ मी लाइफ सो दिस मोमेंट्स ऑफ चूसिंग थर्मो ओवर धर्म बिकॉज़ ऑफ दिस ट्रबल बी मी फेस इन डी फ्यूचर आर्थर मोमेंट्स दे बिल्ड अवर करैक्टर सो देवर आर सो में एग्जांपल्स लाइक दिस इन अवर यू नो डेट स्वामी जी स्वामी जी इस नरेन ही वज यंग बाय स्टडाइंग इन कॉलेज और हज फादर पास डी वे है फादर डिड और डी विश्वनाथ डेट और व्हाट हैपेंड विथ सम पीपल स्टार्टड ट्रेडिंग डी लाइफ डेट नरेंद्र कंपनी सम ऑफ डी फ्रेंड्स ऑफ नरेंद्र नोट ऑफ गुड करैक्टर और बिकॉज़ नरेन वो टॉकिंग विद थे बिकॉज़ नरेन हेड फ्रेंडशिप विद डेम दे अलसो स्टार्टड नरेंद्र आईएफ पीपल आर सेइंग लाइक दिस अबाउट मी और आईएफ दिस परमहंस महाशय थिंग्स लाइक दिस अबाउट मी आई ठाकुर अलसो बिलीव्स डेट आई लाइक मी करैक्टर इस आई हैव लास्ट मी करैक्टर दें देवर इस नो नीड पर मी तू को तू दक्षिणेश्वर बट यू नो व्हाट हैपेंड डी ठाकुर सेंड मैसेज थ्रू सम वन वा समवन वन दे व्हाट हैपन डेट कम तू दक्षिणेश्वर और हज स्टार्टड क्राइंग बिफोर ठाकुर और स्टार्टड सेइंग डेट सीट ठाकुर श्री परमहंस वहां से नरेंद्र टाउन पर्सनालिटी बट डी मोमेंट ही फेस्ट विद दिस ट्रबल डी मोमेंट स्टार्टड डूइंग जो दिस आउट ऑफ इलीगल क्रिमिनल एक्टिविटीज इन ऑर्डर तू अर्न मनी और ऑर्डर तू सेटिस्फाई है सेंशुअल डिजायर दिस इस हो पीपल स्टार्टड टॉकिंग और इसे हेपोंधत वास एन वेरी गुड फ्रेंड विद नरेन और भावना स्टार्टड टॉकिंग लाइक दिस ब्रो इन फ्रंट ऑफ ठाकुर सेइंग डेट परमहंस माशा विथ थॉट डेट नारायणी सच आगे स्ट्रांग करैक्टर इस सच ए होली और पूरे मन ही इस गुड और वे हैव हार्ड फ्रॉम यू योरसेल्फ डेट ही इसे डिसेंडेंट ऑफ डी वन ऑफ डी सप्तर्षी इस वन ऑफ डी ऋषि ऑफ सप्तर्षी सो हो कैन जस्ट तेल लिटिल क्राइसिस चेंज हज कैरक्टर्स ऑफ फंडामेंटल सो भावना स्टार्टड क्राइंग लाइक दिस और ठाकुर विकम वेरी एंग्री ठाकुर टोल्ड भावना आईएफ यू टॉक लाइक दिस अबाउट दिस दक्षिणेश्वर इमीडीएटली लेफ्ट मी रूम गेट आउट ऑफ मी साइड बोथ नरेंद्र और ठाकुर डेट एवरीवन थॉट डेट बिकॉज़ नरेन इस मिक्सिंग विथ डी पीपल विथ डी बॉयज हज करैक्टर इस नोट गुड विद डी बॉयज हूं आर इन दिस यू नो ड्रिंकिंग और विजिटिंग दिस वूमेन हज करैक्टर इस नोट गुड ईटीसी पीपल स्टार्टड बी लिविंग थिंक बट था वास टेस्ट पर ठाकुर डेट ठाकुर बिलीव्ड दिस पीपल और हिट लेफ्ट यू कैन से रेपुटेशन सो नरेंद्र सोशल फैब्रिक ऑफ जो डी नेशंस ऑन प्लेनेट अर्थ नेवर हैव बिन पॉसिबल विदाउट एन पावर ऑफ श्री रामकृष्ण विदाउट डी फोर्स स्पिरिचुअल फोर्स ऑफ श्री रामकृष्ण बिहाइंड सो आईटी वैसे नेसेसरी पर ठाकुर तू बिलीव इन नरेन हेड इन टाइप ऑफ डिफिकल्टी वुड हैव अराइज और वे में थिंक हो कैन नरेंद्र कूद को मेड ही इसे डी डिसेंडेंट ऑफ ऋषि ऑफ सप्तर्षी बट ठाकुर हिमसेल्फ आईटी पोंचो भूटर फाड़े ब्रह्मोपुरी खंडे वन दी अवतार टेक्स्ट बर्थ इस एन ह्यूमन फॉर्म ही बीकमस वल्नरेबल फ्रॉम जो दिस ह्यूमन परी टेल्स जो दिस ह्यूमन वीकनेस जो दिस ह्यूमन एरर्स सो आईटी मेड बी पॉसिबल दिस इस वराह अवतार स्टोरी टेल्स अगेन और अगेन डेट भगवान शिवा हिट डी फॉर्म ऑफ वराह इन ऑर्डर तू किल्ड डेमों और आफ्टरवार्ड व्हाट हैपन डेट ही वो ही विकम वेरी हैप्पी विथ दिस फैमिली हज फैमिली और हज वाइफ और एवरीवन हज सन चिल्ड्रन ऑन अर्थ दें डी गॉड्स इन एवर गुड्स इन स्वर दे विकम कंफ्यूज और एंजर्स डेट आईएफ डी गुड डेसेंट रिटर्न तू स्वर्ग इन व्हाट बिल हैपन तू डी स्वर्ग सो भगवान शिवा वेट विथ त्रिशूल लेकिन इस हैंड और डिस्ट्रॉय डी बॉडी ऑफ वराह और इमीडियाटली डी भगवान विष्णु स्टार्टड लाफिंग और रिटर्न बैक तू स्वर्ग अब भगवान राम स्टोरी ऑफ डेट व्हेन रावण तू अब सीता दें राम भगवान राम स्टार्टड क्राइंग नो वे नो डेट आईटी वास हूं अलाउड रावण तू किडनैप हर आईटी वास सितारे तप है वह सो ग्रेट शिवपूड डिस्ट्रॉय रावण इमेज इन फ्लैश इन एन सेकंड इन स्पाइट ऑफ डेट दिस वज एन एंटीरे लीला डेट शो डेट वे कैन लर्न फ्रॉम दिस बट इंसटिड ऑफ बिलीविंग डेट इंसटिड ऑफ अंडरस्टैंडिंग डेट दिस इस लीला भगवान राम स्टार्टड क्राइम सो डेट इस राइट ठाकुर डिस्टिक मीन डी लॉर्ड टैक्स डी बॉडी टैक्स डी शॉप ऑफ एन ह्यूमन फॉर्म विच इसे मेड ऑफ दिस पांच महाबोधि दें ही इसे अलसो विकम वल्नरेबल तू ओवर ह्यूमन फेयरनेस ह्यूमन वीकनेस अवर ह्यूमन एरर्स डी गॉड हिमसेल्फ बीकमस प्रोन तू ह्यूमन एरर सो डेट इस वही आईटी इस एंटायरली पॉसिबल डेट हेड नरेस करैक्टर लिटिल विक्टर कंपनी और जो डी थिंग्स डेट इसे फ्रेंड्स वेयर डूइंग सो ठाकुर माइट इंस्टिट्यूट ऑफ डेट ठाकुर 100% फेडू नरेन और दें ही सेंड एन मैसेज वा सम वन देवोते तू नरेस आईटी प्लीज कम तू मीत मी आते दक्षिणेश्वर नरेन हेड डिसाइड डेट सी जो डी देवोतीस आर मालानी मी बिहाइंड मी बिग जो डी देवोट्स आर क्रिटिसाइज मैं वेस्ट इंसटिड ऑफ एलपीजी दे नो डेट मी फैमिली इस पुर नरेंद्र बिल नोट को टॉकिंग अबाउट हज पावर्टी और आस्किंग पर हेल्थ आईटी वज ठाकुर हूं वज आस्किंग एवरीवन डेट प्लीज हेल्प न और प्लीज गिव सम मनी तू न और नरेनोद विकम वेरी एंग्री डेट वही आर यू आस्किंग एवरी वन तू हेल्प मी सो नरेंद्र हिमसेल्फ वुडन आस्क पर हेल्प बट एवरी वनवास डेट नरेंद्र तो नरेंद्र अलसो स्टॉप गोइंग तू दक्षिणेश्वर ओनली ठाकुर ओनली ठाकुर हिट्स ग्रेट इन नरेंद्र जो डी देवोतीस स्टार्टड क्रिटिक नरेन और नरेन हिमसेल्फ थॉट डेट ठाकुर इस क्रिटिसाइज बिहाइंड मी बिगनर्स डेट वैसे ठाकुर पोजीशन बट ही बिलीव और ही स्टॉप गोइंग तू दक्षिणेश्वर सो देवर इसे एन रिफ्ट बिटवीन जो दिस देवोतीस और नरेन आते टाइम ठाकुर सेंड एन मैसेज कम तू मीत मी ए दक्षिणेश्वर और नरेन कैंप तू दक्षिणेश्वर और डी दे नरेंद्र डिस्क्रिप्शन इस तेरे कथा बोलते हो ना बोलते हो दरई मनीष शिंदे वेरी नाइस बंगाली सॉन्ग ठाकुर जो ब्यूटीफुल सॉन्ग सच्चे पावरफुल इमोशन नरेन ठाकुर व्हाट हैपेंड बिटवीन यू बट चेस्ट वन ऑफ डी मोमेंट डेट अपन बिटवीन एन गुरु और डिसएबल सो ठाकुर सेठ तू नरेन दत आईएफ आई लास्ट यू दें आई बिल फूल सचिन ग्रेट पेन इन मी हार्ट डेट आई माइ नोट बी एबल तू सरवाइव विदाउट यू और नरेंद्र फेथ इन हम और नरेन अगेन स्टार्टड कमिंग तू ठाकुर और दें इस एन फेमस इंसिडेंट डेट नरेंद्र वॅटीवर इन दिस सर्विस अमाउंट ऑफ मनी और है एल्डर भाई विश्वनाथ डेट एल्डर भाई फैमिली होम एन एन्सेस्ट्राल होम और नरेन हेड तू लाइव वेट तू लीव आस्क मदर काली दें सही बिल हेल्प मी ए लिटिल सो आईएफ देवर इस एन लिटिल से डेट सम फैसिलिटी पर मी फैमिली आईएफ दे कैन आंसर लिटिल मनी और सम रेगुलर फुट तू आईटी दें आई कैन डू तपस्या साधना रेगुलरली विदाउट वायरिंग सो ठाकुर टेल्स तू नरेंद्र भाई आर यू आस्किंग मी डायरेक्टली तू मदर और आस्क हर रिक्वेस्ट वे हैव डिसकस्ड इट्स सो में टाइम्स इट्स वन ऑफ डी मोस्ट फेवरेट इंसिडेंट इन इंटर राउंड लिटरेचर लेट नरेंद्र मार्केट जो है जो है ट्रबल्स इस मदर और है यंगर ब्रदर्स और सिस्टर और जो डेट कॉम आउट ऑफ है माउथ हज प्लीज गिव मी ज्ञान भक्ति वैराग्य गिव मी ओनली डी स्पिरिचुअल वालुज और नथिंग अवर्सेज नथिंग अबाउट दिस मनी और क्लोज और रोटी कपड़ा मकान हिट व्हाट वे से इन जनरल ही नेवर टॉक्स अबाउट टॉक्स अबाउट डेम और ओनली आस्क पर ज्ञान भक्ति वैराग्य ही रिटर्न तू ठाकुर और टेल्स ठाकुर डेट सीट दिस इस योर लीला डेट यू हैव मेड मी से समथिंग लाइक दिस यू नो आई नो यू आर यू नो सो में ट्रिक सो दिस इस वन ऑफ योर मैजिकल ट्रिक दत इस शेड ऑफ आस्किंग पर क्लॉथस और फूड और मनी आई स्टार्टड आस्किंग पर ज्ञान प्लीज टॉक मेकिंग मिस्ट स्टार्टड लाइफ इन से दिस इस नोट मी लीला दिस इस योर ट्रू नेचर व्हेन वे कम इन फेस तू फेस विद डी ग्रैंड रियलिटी शो नेचर ओवर ट्रू में क्लेम तू बी वेरी होली यू नो डेट देवर इसे एन फेमस इंसिडेंट ऑफ दिस योग पतंजलि योग व्हाट इसे दिस नाम सीटिंग पर धरना इन जंतर मंत्र वन जो दिस एंटी करप्शन मूवमेंट रामदेव यस रामदेव सो रामदेव वो सीटेड इन जंतर मंत्र डूइंग जो दिस धन और व्हेन दिस लोकपाल मूवमेंट वास गोइंग ऑन व्हेन पुलिस कम तू केज यू क विमेंस क्लॉथस और रन सो दिस शोस ओवर करैक्टर डेट रामदेव बिलीव डेट ही सच ए ग्रेट होली मां और ही इसे एन एंटीरे इंडस्ट्री स्टार्टड इन डी नाम ऑफ पतंजलि कहते हैं की जब हम धर्म के लिए जब हमारे
स्वामी विवेकानन्द
सामने एक क्राइसिस खड़ी हो जाति है जब हम धर्म को पालनपुर धर्म का पालनपुर करने के लिए यदि हमारे सामने ऐसा हो जाता है की या तो मैं धर्म का पालनपुर करूंगा तो मेरे सामने इतनी साड़ी मुसीबत ए जाएगी लोग जो है मेरी बहुत निंदा करेंगे या तो फिर जो है पर जीयूशन अर्थात की हमारे ऊपर में एक तरह से ये अत्याचार होने की संभावना है जैसे ये क्रिश्चियनिटी के बड़े में मुझे एक बात जो बहुत ही पसंद है हम क्रिश्चियनिटी का जो फर्स्ट सेंचुरी उसका हिस्ट्री पढ़ेंगे तो एक के बाद एक ये जो पहले तो क्या हुआ था की उन्होंने जो रोमन एंपरर थे उन्होंने क्रिश्चियन लोगों को इग्नोर किया बोला की ये पगले हैं उसके जो लीडर है जिसे उसको तो हमने क्रुिफाई कर दिया है तो अभी क्या फर्क पड़ता है की अभी ये कुछ पगले लोग मुझे उसका नाम लेकर के क्रॉस लेकर के घूमते पढ़ने हैं किंतु धीरे-धीरे क्या हुआ की क्रिश्चियन लोगों की संख्या बढ़नी ही गई और क्रिश्चियनिटी वज रिलिजन पर स्लेव्स और वूमेन समाज में क्या होता था जो गुलाम लोग बहुत सारे थे और औरत थी लोगों को कोई राइट नहीं था तो यह जो गुलाम जो थे और औरत थी जो लेडीज जो थी उन लोगों ने क्रिश्चियनिटी को फटाफट करके अपनाना शुरू किया क्योंकि क्रिश्चियनिटी में है की सबको एक डिग्निटी मिलनी चाहिए तो अभी क्या हुआ की इतने सारे क्रिश्चियन फॉलोअर्स हो गए अभी जो अभी जो औरत एक है जो एक लेडी जो है उसने क्रिश्चियन क्रिश्चियन धर्म अपनाया तो आपको लगता है की औरतें ने यदि अपना है तो क्या फर्क पड़ता है किंतु जब उसका लड़का होगा लड़की होगी तो वो तो बचपन से ही वो बोन क्रिश्चियन है जब वे लोग बड़े होंगे तो फिर समाज का पूरा करैक्टर चेंज होना शुरू हो जाता है ये देख करके वो जो एक के बाद एक जो वहां के जो ये थे सीजर वे लोग डर गए की अरे ये अंपायर रोमन एंपरर मुनरो ये सब पगले सब तो उनको डर लगा की इतने सारे क्रिश्चियन हो जाएंगे सोसाइटी में तो फिर हमारा जो स्टेटस टेंशन रिलिजन जो है की अंपायर की वरशिप करना फिर यह जो जूस और जुपिटर और इन लोगों की करना वह सब अपने हाथ से चला जाएगा और धर्म क्या है ना की धर्म राजा के हाथ में रहने से वो लोगों को धर्म का डर दिखा करके अपना कम निकलवा सकता है किंतु जिद्दी धर्म राजा के हाथ में नहीं रहेगा तो क्या होगा लोग अपना रिबेलीयन स्टार्ट कर देंगे तो उन्होंने क्रिश्चियन लोगों का पर्स स्टार्ट किया उन लोगों के ऊपर में अत्याचार स्टार्ट की है उन लोगों को पकड़ पकड़ कर के कुर्सिफाई करना शुरू किया जिंदा जालना शुरू किया रीना में डालना शुरू किया रीना अर्थात वहां पे एक बड़ा सा मैदान होता है वहां पर जंगली पशु पक्षियों के सामने उनको छोड़ दिया जाता है शेर है या तो फिर ये जो बाग है या बियर है इसे जंगली पशुओं के सामने और कहेंगे की या तो तुम क्रिश्चियनिटी को छोड़ दो या तो फिर जंगली पशुओं के साथ में तुम युद्ध करो तो कैसे वो लाड सकता है बेचारा तुम्हारा ही जाएगा तो पहले 100 200 सालों में इतना क्रिश्चियन लोगों का मृत्यु बहुत ही कष्टदायक मृत्यु अपनाया अपने धर्म थोड़े बिना वह कहा की क्रिश्चियनिटी को हम नहीं छोड़ेंगे भले चाहे हमारी मुदित हो जाए भले ही चाहे आप हमारे पे कितने ही टॉर्चर कर दे तो ये जो प्रॉसीक्यूशन था उसमें से उसको सहन करके करके ये जो क्रिश्चियन धर्म जो बच्चा हुआ था उसे समय यही एक फाउंडेशन है की बाद में क्रिश्चियनिटी इतना स्प्रेड हुआ तो देखिए हिंदुइज्म में इस तरह का परसूसन कभी नहीं होता क्योंकि यहां पे जो राजा है यहां पे ये जो अच्छा इस्लाम समय में हिंदू लोगों के ऊपर में बहुत सर पॉजिटिव हुआ था और इसकी बहुत साड़ी स्टोरी भी है जैसे की सिख गुरुओं की स्टोरी है की एक के बाद एक कैसे सिख गुरुओं को जलते हुए तेल की कढ़ाई में उनको फेक दिया गया था उनको जिंदा जल दिया गया था उनकी नजर के सामने उनके परिवार की हत्या कर दी गई थी तो ये जो पर्सीक्यूशन होता है धर्म के लिए उसे समय यदि हम टिक जाते हैं तो फिर हमारा धर्म का फाउंडेशन बड़ा ही स्ट्रांग हो जाता है हमारी आध्यात्मिक शक्ति बहुत बाढ़ जाति है तो अभी क्या है की यदि मुझे एक लोग प्रहलाद की तरह तपस्या करने को बोला जाए एक पर पे खड़ा र कर के सालों साल भर तक ने तपस्या करूं भगवान विष्णु प्रश्न होंगे मुझे आशीर्वाद देंगे ऐसा तो शायद मुझे नहीं होगा किंतु जब मेरे सामने इस तरह का कोई मौका ए जाए की मैं इस आदर्श को फॉलो करता हूं मैं सत्य वचन ही पालनपुर करूंगा सत्य नहीं बोलूंगा या तो फिर मैं जो भी मेरे नियम है उसमें जो है की इसका पालनपुर करूंगा ही करूंगा और फिर उसे समय यदि मेरे सामने क्राइसिस आई है की मुझे सत्य बोलना पड़ेगा वरना तो फिर वो लोग जो मुझमें पर प्रेशर कर रहे हो बहुत सर अत्याचार कर सकते हैं उसे समय यदि मैं अपने आदर्श में टीका रहूं तब कहानी जाकर के मेरा जो करैक्टर है स्ट्रांग होगा और जो है मेरी आध्यात्मिक जो यात्रा है बहुत ही ज्यादा आगे बाढ़ जाएंगे अभी ऐसा नहीं है की हमको सामने से यह सब मुझे मार ऐसा करके वह सामने से मुसीबत को इनवाइट करना है यह सब क्या है की यदि ए जाता है तो फिर जो अपनी तपस्या जो 10 साल में होने वाली थी कंप्लीट मैंने 10 साल में जितना फल मिलने वाला था तपस्या था वो हो सकता है की उसे की वजह से उसे अत्याचार की वजह से कुछ ही समय में उसका जो है रिजल्ट ए जाएगा तो यह जो है स्वामी जी का ब्लेस्ड आईटी इस तू बी पर उसका जो दूसरा पार्ट है उसको हम कल देखेंगे अभी कथामृत कल हमने देखा की किस तरह से वह विद्यासागर के घर ठाकुर आए हुए थे और एक लड़के को देखकर के बोला की यह विद्या का लड़का कुछ लोग बातें हंसी मजाक भी कर रहे थे की ठाकुर के सामने जाना बड़ा डेंजर है वो पकड़ लेंगे अपने मां में क्या लड़के को देखकर के ही बोल दिया माया के सांसद में बड़ी ए शक्ति है और यह दूसरी भी बात अच्छी की वह मिठाई लाई गई पहले तो विद्यासागर ने सबको मिठाई दी वह जो उनके साथ में जो गेस्ट आए थे वह ठाकुर के साथ में हाजरा और भावना उनको भी दिया सागर कहते हैं की अरे वो तो घर का लड़का है उसको छोड़ दो उसको क्या अभी मिठाई देनी हम लोग सोच सकते हैं की इनके मां में मास्टर महाशय के मां में कैसा एक थोड़ा सा दुख तो हुआ होगा की क्यों मुझे इग्नोर कर रही इस तरह से किंतु यह जब छोटी-छोटी घटनाएं जो है जैसे स्वामी जी का ये कोटेशन ही हमको बताता है की जब ऐसा कोई आघात आता है कोई एक शो आता है छोटे से ही भले की भले ही क्यों ना हो देव फॉर्म और कैरेक्टर दे एक्सीलरेट अवर जर्नी टुवर्ड्स प्रेरिचुअलिटी ये जो आध्यात्मिक यात्रा जो है हमारी उसकी जो गियर जो है वो फर्स्ट गियर में चल रही है तो उसको सेकंड गियर में ले आता है फिर और यदि कोई कष्ट आता है तो उसको थर्ड गियर में ले आता है जितना कष्ट आता है उतना ही वो हायर गियर में अपनी गाड़ी चलती है उसका अर्थ यह नहीं की सामने से कष्ट को इनवाइट करना देखिए हमारा प्रॉब्लम क्या है की जिसका बिल पावर जिसकी संकल्प शक्ति बहुत स्ट्रांग है वो अपने से तपस्या कर सकता है वो अपने से डिसाइड कर सकता है की हां मैं रात को 10:00 बजे सो जाऊंगा सुबह को 2:00 बजे उठ जाऊंगा 2:00 से 5:00 बजे तक 6:00 बजे तक में बैठकर के जब ध्यान करूंगा या तो फिर कोई सादग्रंथ का पाठ करूंगा उसके बाद में जब दिन चालू होता तो दिन भर में तो कम चला ही राहत है किंतु फिर भी वो दोपहर को खाने के बाद जल्दी थोड़ा विश्राम लेने की बात आई है तो उसे समय विश्राम लेने की बजे मैं फिर से थोड़ा बहुत जो है जब ध्यान कर लिया करूंगा या तो फिर बहुत सारे लोग एकादशी करते हैं या तो फिर ये जो चैत्र मास चल रहा है तो अभी कोई देवोटी होते हैं की चैत्र मास में उपवास करते हैं फिर ये जो रामायण का पाठ करते हैं तो ये सब जो है अपने भारतीय परंपरा में इस तरह की ऑपच्यरुनिटीज हमको बहुत साड़ी दी गई है की आप सामने से यदि तपस्या करना चाहते हैं तो ये क्षेत्र मास की नवरात्रि है जो मोदी का था ना पहले बार जब अमेरिका गया था तो ऐसा ही नवरात्रि था तो प्रेसिडेंट ओबामा के साथ में स्टेट डिनर है तो मतलब वह जो उन्हें ऑफिशल डिनर जो होता है वो तो एक बहुत बड़ा सम्मान है वहां पर बैठने हैं वह नींबू पानी पी रहा था क्योंकि वो वक्त कर रहा है इस तरह से नवरात्रि है वगैरा जो फॉलो करने की तो कोई बात ही नहीं है यदि सब सब लोग ऐसा कर लेते किंतु जैसे मेरे से खुद से मैं खुद कभी उपवास वगैरा नहीं करता मैं जब घर में था तो जैन वो एटमॉस्फेयर था वो जो कलर तो उसकी वजह से वो जो पर्यूषण वगैरा होते थे उसमें मैं थोड़ा बहुत शायद कर लिया करता था किंतु जब जॉइन किया उसके उसे समय ठाकुर को पड़ा की ये जो शारीरिक तपस्या है उसका कोई अर्थ नहीं है सब मानसिक तपस्या ही असली है तो ये सब हमको क्या है ना की ये मतलब ये जो सही चीज जो लेनी होती है मानसिक तपस्या करने के लिए तो वो तो फिर कब होगा कब नहीं होगा पता नहीं किंतु पहले से ही सोच लेते अरे ठाकुर ने बुलाया की शारीरिक तपस्या शारीरिक कष्ट करने की जरूर नहीं है छोड़ो इन सबको तो क्या है की अपना मां भी ये सब चीजों को एक्सक्यूज चाहता है तो मैंने ऊपर वगैरा कभी नहीं किया अभी भी नहीं करता रेयरली कभी कभी करता हूं शरीर खराब होने से बुखार वगैरा होने से तो ये सब क्या है की यदि सामने से होता है तो हमको यह इस तरह से एक एक्सटर्नल हेल्प की जरूर नहीं अपनी भीतर से तपस्या आई है अपने भीतर से जो अग्निक जो प्रवाह अपनी की जो यह जो है ये उसकी जो फ्लेम है वो वही हमारे मां को जो है वो पवित्र कर देती हो वही हमारे कर्मों को जल करके भस्म कर देती है किंतु जब भीतर से नहीं आता तो ये एक्सटर्नल अवलंबन जो है बाहर से जैसे क्रिश्चियन क्रिश्चियनिटी है क्योंकि क्रिश्चियनिटी में अपने जैसी तपस्या करना इतना सब कुछ नहीं है वहां पे ऐसा है की फेडेड होप और चैरिटी तो ऐसा कुछ करो तो मतलब ये प्रोजैक्यूशन जब बाहर से हुआ तब कहानी जाकर के उनका कैरेक्टर और भी स्ट्रांग हो अपने हिंदू धर्म में भी देखिएगा की इस्लाम जहां गया है वहां पर उन्होंने स्थानक धर्म को बिल्कुल सफाई कर दिया है जैसे यह जो इराक और ईरान है वहां पर जो ओरिजिनल जो भी धर्म रहा होगा उसको उन्होंने खत्म कर दिया जो अफ्रीका में गए तो हमको तो पता है उनका एक बहुत ही डेवलप धर्म था बहुत ही एडवांस धर्म था सोफिस्टिकेटेड था उन्होंने पिरामिड वगैरा सब बनाया किंतु वो सब वो जो उनका जो लोकल रिलिजन जो है उसको खत्म करके फिर इस्लाम जो है उसने अपना पर जमा दिया तो एक इंडिया ही एक ऐसा देश है जहां पर वैसे तो 20% अभी हो गया है अपनी पागल जैसी पुलिस इसकी वजह से आजकल वरना तो यह है की अपना जो हिंदू धर्म है वह इस्लाम के सामने टिक करके रहा इंस्पीते ऑफ के जितना ही चाहे पेरू क्वेश्चन होता रहे जितना ही चाहे वो जो ठाकुरों कहानी बताता है ना वो एक पंडित को पकड़ करके वो जबरदस्ती मुला बना दिया तो बोला की अभी तुम काली का नाम मत लेना अल्लाह का नाम लेना तो वो अल्लाह अल्लाह कर रहा है बीच-बीच में काली अजर है तो मुला लोग पकड़ कर उसको मारना लगे तो वो बेचारा पंडित बोलना है क्या करूं काली गले तक ए गई है वो अल्लाह का नाम आता ही नहीं है थोड़ी डर के बाद नहीं काली ए जाति है तो देखिए ये जो जगह मघई की कहानी है चैतन्य महाप्रभु की जो स्टोरी में आई है उन वे लोग थे ब्राह्मण कन्वर्ट हो गए और फिर जो हिंदुओं का हिंदू लोगों के ऊपर में अत्याचार करना शुरू कर दिया तब कहानी जाकर के जो चैतन्य महाप्रभु के प्रेम के प्रभाव से फिर से उनके मां में जो है वो हिंदू धर्म के प्रति जो एक श्रद्धा भक्ति है वो फिर से प्रकट हुए तो यह क्या है की क्राइसिस अपने हिंदुइज्म में जितना भी है तो हम हिंदुओं को उसने स्ट्रांग राजा का एक क्रिश्चियन अंपायर है उसे समय जो ठाकुर का जन्म लेना यह बताता है और बात ये नहीं की ठाकुर अकेले हैं ठाकुर को पूरा एक सिस्टम है कितने ही जो है आचार्य कितने ही गुरु कितने ही साधु कितने ही सिद्ध संत महापुरुष दक्षिणी शोर में आते गए कमरपुकुर में आता है जो कमरपुकुर में हम देखेंगे की बालक दादर की बात जो है की वो जो छोटी थी अर्थात एक छोटा सा धर्मशाला जैसा वहां गांव के बाहर में वहां पे कितने साधु संत आते थे वह जो अपनी यात्रा में वहां पर विश्राम लेने के लिए रुकते थे पूरा इकोसिस्टम बंता है ना की धर्म आध्यात्मिकता एक यह जो है की सब ग्रंथ पाठ का भजन का कीर्तन का एक पूरा एक पदावली कीर्तन का एक एक सिस्टम बंता है जिसमें की यह गधा डर हुआ जिसमें की दादर को पोषण मिला और अभी वैसे उत्तर किंतु फिर भी एक्सटर्नल जो है वह बिना उसके तो किसी को भी नहीं चलेगा ठाकुर ने खुद कहा की पांच भूटर फाड़े ब्रह्मपुरी कंधे अर्थात पांच महाभूत का ये जो शरीर जब धरण किया है तो ये जो ह्यूमन वीकनेस जो है वो भी उनमें थोड़ा बहुत तो आएगी आएगी एडरवाइज तो शरीर धरण ही नहीं होगा तो यह पूरा एक सिस्टम था धर्म अध्यात्म का उसमें से पनप करके ठाकुर ने जो है अपनी साधना की तो ये इतना प्रॉसीक्यूशन 1000 साल का अत्याचार होने के बाद में भी हिंदू धर्म सिर्फ टीका नहीं रहा ठाकुर फिर चैतन्य महाप्रभु इसे एक के बाद एक जो है संत महापुरुषों का वो जो है वो प्रगति होते हैं इस धर्म में हमारे इस भारत की भूमि में यही दर्शाता है की अत्याचार के सामना करके हिंदू धर्म जो है और भी स्ट्रांग हुआ है और यह सिर्फ ठाकुर ही नहीं अब प्रत्येक स्टेट में चले जाइए जैसे की यहां पर जो स्वामीनारायण संप्रदाय है फिर जैसे आप महाराष्ट्र में जाएंगे तो वह जो इनका एक संप्रदाय है मैं नाम भूल गया मैं वहां पे गया था बहुत अच्छा है वाडेकर ही संप्रदाय तो ऐसा देखेंगे आप की एक के बाद एक संप्रदाय जो है वो इसी क्रिश्चियनिटी और इस्लाम के अत्याचार के सामने ही बड़ा हुआ है और इसीलिए वो देखेंगे की क्रिश्चियन लोगों ने आखिर में एक ऐसा पॉलिसी अपना है की लोगों को कन्वर्ट करना छोड़ दो मैंने चुपके से करो किंतु बहुत ज्यादा बड़ा चड्ढा करके मत करो वरना क्या है की इन लोगों का जो वेद श्रद्धा है और भी स्ट्रांग होगा तो इसीलिए जो है की क्रिश्चियन कन्वर्जन बड़ा ही साइलेंटली होता है बड़ा ही सूक्ष्म रूप से होता है और न्यूज़पेपर में वगैरा पर हम कहानी पे कुछ भी नहीं पढ़ेंगे मुस्लिम लोग जो है वो जो थोड़ा और तमाशा ज्यादा करते हैं तो वो थोड़ा सा नजर में ए जाता है क्योंकि उन लोगों का साइकोलॉजिकल अंडरस्टैंडिंग थोड़ा कम है क्रिश्चियन लोगों का बहुत ज्यादा है वो कहते हैं की यदि आप किसी को ऊपर में अत्याचार करेंगे उसका धर्म बदला लेने के लिए तो वो बदलेगा नहीं ऊपर से उसका श्रद्धा जो है और भी स्ट्रांग होगा और एक आदमी जब इतनी स्ट्रांग श्रद्धा से र सकता है तो पूरे समाज जहां पे वो र रहा है सबको इफेक्ट कर देगा सब में वो श्रद्धा का संचय कर देगा इसलिए यदि धर्म के ऊपर में यदि अत्याचार करना है यदि किसी को धर्म परिवर्तन करना है बहुत ही साइलेंटली प्रलोभन देकर के ये शशि महाराज वर्णन नगर मठ में थे तो दो-तीन जो क्रिश्चियन जो क्रिएचर्स थे वो प्रचारक उनके पास में आते थे तो अभी हमारा तो ऐसा है की सर्वधर्म संभव सभी शास्त्रों का अभ्यास करेंगे तो शशि महाराज ने बाइबल को बड़ा अच्छा पढ़ा था तो ये लोग उनके पास में आते थे शशि महाराज के पास में बोला यार ये तो हिंदू साधु हो करके बाइबल पढ़ रहा है निश्चय उसके मां में कोई दुविधा है दुख है चलो उसको हम पलटा देते हैं उसका हम धर्म परिवर्तन कर देते हैं तो कुछ दिन तो आए बाइबिल के बड़े में बड़ी चर्चा की और शशि महाराज भी बड़े उत्साह से बात कर रहे करें जीसस ने ऐसा कहा है वो सब तो उससे वो बड़े खुश हो गए उनको पता नहीं की शशि महाराज के लिए सब धर्म एक जैसे हैं और उनकी निष्ठा तो ऑफ कोर्स ठाकुर के प्रति सर्वश्रेष्ठ निष्ठा है उनको छोड़कर और कहानी जान का प्रश्न ही नहीं आता तो एक दिन वो प्रचारक ने का दिया पादरी ने शशि महाराज को की यदि आप क्रिश्चियनिटी को अपना लेते हैं वो क्रिस्टी धर्म अपना लेट है तो हम आपको बहुत सर पैसा देंगे बड़ी सुंदर लड़की के साथ में आपकी शादी भी कर देंगे और फिर आपको बड़ा समाज में प्रतिष्ठित हम करके ये जो ब्रिटिश ऑफिसर है उनके साथ में मुलाकात करवा लेंगे ब्रिटेन में ले जाएंगे ऐसा करके उन्होंने बड़ा अच्छे से प्रलोभन दिया उसे सुनकर के शशि महाराज को इतना गुस्सा आया वो ऐसा उनको झाड़ दिया उसने उनको ऐसा गाली-गलत दिया और शशि महाराज गली देने में बिल्कुल पीछे नहीं पढ़ते थे उनको धमक देकर के वहां से भाग दिया ऐसा है की उनको यह बात बड़े अच्छे से समझ में आई है की प्रलोभन देकर के धर्म परिवर्तन करो धमकी देकर के मत करो धमकी देंगे धमक देंगे यदि अत्याचार करेंगे तो ऊपर से जो श्रद्धा भक्ति जो है उनके धर्म में और ज्यादा बढ़ेगी तो इसलिए मतलब ये मुस्लिम लोगों में और क्रिश्चियन लोगों में ये डिफरेंस है अच्छा अभी मास्टर महाशय आगे कहते हैं श्री
श्रीरामकृष्ण कथामृत : कोलकाता में ईश्वरचंद्र विद्यासागर के साथ
रामकृष्ण एक भक्ति लड़के के बड़े में विद्यासागर से का रहे हैं जो सामने ही बैठा था अभी यह भक्ति लड़का यहां पे नाम नहीं लिखा किंतु मुझे लगता है यह मास्टर महाशय स्वयं मास्टर महाशय अपने बड़े में कहानी कुछ कहते नहीं है तो इसलिए कभी-कभी कहते हैं एक भक्ति ने कहा या तो फिर श्री एम ऐसा कर देते हैं और कहीं-कहीं उन्होंने अपना नामकरण मोहिनी मोहन कर दिया है की मोहिनी मोहन से यह बात हो रही है तो मोहिनी मोहन कौन हो मशरूम से स्वयं तो यहां पे ठाकुर जो है एक भक्ति लड़के के बड़े में विद्यासागर से का रहे हैं जो सामने ही बैठा था लड़का ठाकुर ने कहा यह लड़का बड़ा अच्छा है और इसके भीतर सर है जैसे फल्गु नदी ऊपर तो रेट है पर थोड़ा खोदने से ही भीतर पानी बहता दिखाई देता है अब ये जो फल्गु नदी जो है अतः सर यही उपमा ठाकुर ने मास्टर म्हारे के बड़े में और कहानी पे उसे की है कथम रूप में और एक जगह पे तो इसलिए मैं अनुमान लगा रहा हूं की यह ठाकुर जो है इस लड़के मतलब मास्टर माशा के बड़े में बात कर रहे हैं और दूसरा क्या है की मास्टर महाशय तो उनकी विद्यासागर की स्कूल में टीचर थे तो ठाकुर जैसा होता है ना की वो रिकमेंड करते हैं की लड़का अच्छा है तो कभी क्या है की मतलब जो अपने जो फ्रेंड होते हैं उनको हम रिकमेंड करते हैं इस आशा में चलो उनको थोड़ा प्रमोशन मिल जाए चलो उनको थोड़ी सुविधा हो जाए तो ठाकुर का भी देखिए वो ऐसे हमको लगता है की ठाकुर बड़े आध्यात्मिक है बड़े ही ऊपर हायर लेवल पे सोचते हैं किंतु उनकी ये जो आम सेंस भी है ना बड़ी ही स्ट्रांग है खास करके मास्टर मास्टर के साथ में इंटरेक्शन में ये सब चीज हमको दिखे जाति है और एक बार दक्षिण वहां पे पंचवटी में कीर्तन हो रहा था तो बारिश हुई होगी शायद तो छाता लेकर सब गए थे जब वापस आए सब लोग तो ठाकुर ने मास्टर महाशय को पूछा था नहीं मैं तो छाता भूल गया तो ठाकुर नाराज हो गए कहा मैं जब भाव में चला जाता हूं ईश्वरीय भाव में तो मेरे शरीर पर वेस्टन को भी मैं नहीं संभल पता हूं मैं पूरा दिगंबर हो जाता हूं और मां की स्तुति होने लगता हूं फिर मैं कभी छाता नहीं भूलता और तुम लोग पूरे संसार ही हो तुम छाता भूल के ए गए आम सेंस भी है बड़ी शर्ट है और यहां पर ऐसा क्यों कहा मास्टर महाशय के बड़े में विद्यासागर को विद्यासागर तो मास्टर के बस है उनकी यदि प्रशंसा कर ले तो दो चीज है की एक तो प्रशंसा बंटी है क्योंकि सही सही में मास्टर महाशय के बड़े में देखेंगे की जब सभी लोग हंसी मजाक कर रहे हैं हमने वो द्वितीय तृतीय दर्शन में देखा ना ठाकुर कहते हैं की सब लड़कों के साथ में हंसी मजाक कर रहे हैं किंतु मास्टर महाशय जो है उनको बड़ा आश्चर्य हो रहा है की अरे यही एक साधु महात्मा है जिन्होंने मुझे कहा था की तुम्हारे में ज्ञान है और तुम्हारी बीबी में आज्ञा है तुम कौन से बड़े ज्ञानी हो गए हो ऐसा करके पूछा था की क्या तुम्हारा सरकार पर विश्वास है की निराकार पे विश्वास है तमाशा सोचते हैं की दोनों तो जो दूध है वो कल सफेद है तो सफेद दूध कल कैसे हो सकता है तो जो चीज निराकार है वो सरकार कैसे हो ऐसा वह असमंजस में पद गए दुविधा में पढ़कर बोले की मुझे तो निराकरी पसंद है तो ठाकुर ने कहा था की जो यदि निराकार पे विश्वास है तो इस की साधना करते रहना किंतु जो है उसमें दुविधा मत करना तो ऐसे उपदेश देने वाले ठाकुर को दूसरे दिन देखा बच्चों के साथ में हंसी मजाक कर रहा है वो बच्चे जो है वो हंसते-हंसते जमीन पे है वो लोडपोट हो जा रहा है तो वो हंस नहीं रहे दुविधा में पद गए तो ठाकुर कहते हैं की उसकी उम्र थोड़ी ज्यादा हो गई है तो इसीलिए वो हंसी मजाक में वो भाग नहीं पार्टी से पेट नहीं कर का रहा है तो मास्टर एम ठाकुर को पहले से ही पता था की भले ही चाहे मास्टर महाशय वैसे 28 साल के थे तो लड़के ही थे किंतु फिर भी क्या है की बाकी जो लड़के आते थे 17-18 साल के 19 साल के नरेंद्र वगैरा उनके सामने तो 10 साल बड़े थे उनके उम्र में तो इसलिए ठाकुर कहते हैं की इसके भीतर में फल्गु नदी है अर्थात जो है वो जैसे फल्गु नदी वो जो जमीन के भीतर में जाति है और जल्दी थोड़ा सा खुद कम कर दे इसे खुद एक करते हैं तो पानी निकाल आता है तो उसके भी इतने सारे ऊपर से दिखाई नहीं देता तो विद्यासागर को बोल दिया ऐसा दो चीज है एक तो प्रशंसा बंटी भी है की हां चलो ये लड़का बड़ा अच्छा है दूसरा है मास्टर ठाकुर का ये बड़ा ही शार्क आम सेंस है की विद्यासागर हो सकता है उसको प्रमोशन दे दे या तो फिर जो बार-बार मास्टर महाशय ठाकुर के पास ए रहे हैं उससे जो छुट्टी पड़ती है स्कूल में तो उसको वो जो है बड़े नाराज ना हो जाए और तीसरी भी एक बात है ठाकुर कितना लंबा सोचता है की जो मास्टर से क्या करते थे उनकी स्कूल में जो लड़के पढ़ने थे उनमें से यदि किसी की बहुत ही गर्मी के दृष्टि रहती थी तो उनको ठाकुर के पास ले आते थे अभी ठाकुर तो निश्चित ज्ञान भक्ति वैराग्य का उपदेश देंगे मतलब कम कामिनी कंचन त्याग करने का उपदेश देंगे तो लड़कों के मां में तो लड़के लोग तो ब्रेन वॉश हो जाएंगे ना मैं वो पिताजी और बाकी के लोग तो वही सोचेंगे की हमारे लड़के का ब्रेन वॉश कर दिया तो ये जो पेरेंट्स से बड़े नाराज होता है तो ये देख कर के विद्यासागर के पास कंप्लेन गया था और विद्यासागर को बोला भी था की तो जो बार-बार जो परमहंस महाशय के पास जा रहे हो ये ठीक नहीं है तुम्हारे लिए तुम्हारा जो फर्स्ट प्रायोरिटी है तुम्हारा जो फर्स्ट लॉयल्टी है वो तो स्कूल है पर तुमको सैलरी तो मैं दे रहा हूं और तुम तो जाते हो वो तो ठीक है तुम फिर लड़कों का भी ब्रेन वॉश करवा देव ये कौन सी बड़ी बात है तो ये सुन करके फिर मास्टर माशा को बड़ा दुख ग गया और उन्होंने जो है रिजाइन कर दिया अभी ऐसा तो नहीं की माशा माशा के पास में बहुत सर पैसा है या तो बैंक बैलेंस ऐसा कुछ है तो फिर वो तो फिर ठाकुर ने भी उनको ये कहा था की ठीक है तो फिर उन्होंने बाद में जो है माशा-माशनi अपना खुद का वो जो एक इंस्टीट्यूशन स्टार्ट किया था मैं नाम भूल गया उसका दो-तीन जगह पे जब भी किया था और फिर अपना खुद का मेट्रोपॉलिटन स्कूल मोस्ट प्रोबेबली उसका नाम है वो अपने उन्होंने स्टार्ट किया और फिर पूरा जीवन उन्होंने वहीं पे बिताया था तो यह जो है वही जो वही स्वामी जी वाली बात ए गई की यदि ठाकुर के पास यदि ठाकुर को छोड़ दो तो तुमको जब रहेगा तुम्हारा और तुम हमको सैलरी मिलेगा अजय ठाकुर के पास जाना है तो तुमको जब छोड़ देना पड़ेगा अभी विद्यासागर ने ऐसा शब्दों में नहीं कहा था किंतु उनकी नाराजगी से वो तो मस्त-मस्त है समझ जाएंगे तो देखिए की ये पूरा इतना भविष्य जो है ठाकुर को दिखे रहा था इसलिए पहले ही उसके गुड शब्द उनके बड़े में एक बोल दिया पहले ही उनके बड़े में एक रेकमेंडेशन कर दिया वो सिफारिश कर दी के बड़े में की एक अच्छा लड़का है भीतर में सर है किंतु बाहर से दिखाई नहीं देता अभी मिठाई का चुकाने के बाद आप ठाकुर जो है मिठाई खाने के बाद हंसते हुए विद्यासागर से बातचीत कर रहे हैं देखते ही देखते कैमरा दर्शकों से भर गया कोई बैठा है कोई खड़ा है श्री राम कृष्णा कहते हैं आज सागर से आमला इतने दिन खाई सता और अधिक से अधिक हुआ तो नदी अच्छी पर अब सागर देख रहा हूं सब लोग हंसने लगे तो विद्यासागर ने कहा तो थोड़ा खर पानी भी लेते जाइए सागर का पानी खर होता है नदी का पानी मीठा होता है तो ठाकुर ने कहा नहीं जी खर पानी क्यों तुम तो विद्या के सागर नहीं हो विद्या के सागर हो सब हंसने लगे तुम सीरियस समुद्र हो सब लोग हंसने लगे विद्यासागर कहते हैं की आप जो चाहे का सकते हैं देखिए प्रशंसा करना यह सब हम लोग सोचते हैं की यह जो जिनको जगत में चमचागिरी करना है तो दूसरों के प्रशंसा करके कम निकाल लेना ये तो बड़े ही मनोरथ की बात है तो उसमें कुछ गलत नहीं है मैं वो स्वागत है की उनका जो चरित्र जो है विद्यासागर का वह तो जग जाहिर है उन्होंने जो विद्या के क्षेत्र में जो किया संस्कृत के क्षेत्र में जो किया समाज सुधारना क्षेत्र में जो किया वो तो सबको पता है उनकी प्रशंसा तो बंटी ही है और क्यों जो कोई अच्छा कम करें तो उसकी प्रशंसा हम क्यों ना करें ये देखिए ये सब आम सेंस पॉइंट ठाकुर हम सबको दे रहे हैं ठाकुर कहां विश्व के अवतार जगतगुरु स्वयं है उनको किसी की प्रशंसा करने जान के लिए क्या उनकी जरूर है और विद्यासागर ऐसा तो नहीं है की उनका शिष्य हो जान वाला है वो तो देख ही रहे हैं की उसका खुद का मतलब एक ये क्या है कहेंगे की उसका खुद का मतलब मन पावर इतना ये है मतलब एगो इतना स्ट्रांग होता है ना ऐसे लोगों में जो सक्सेसफुल होते हैं तो ये सब पता होने के बावजूद भी प्रशंसा क्यों कर रहा है जो सक्सेसफुल व्यक्ति होता है जो जिसने किसी क्षेत्र में विद्या महारत सिद्धि हासिल की है उसके लिए उसको धन्यवाद देना ये तो रोमन सेंस है इसलिए कुछ चमचागिरी या तो फिर अपना कम निकाल लेना ऐसा नहीं कहते हैं जो लोग जो है ना सामाजिक नीति नियम नहीं समझ पाते इस तरह से आम सेंस जिन लोगों में नहीं रहती है उन लोगों को जीवन में बड़ा कष्ट सहन पड़ता है वे लोग बोलते हैं की मेरा आत्मसमन इतना बड़ा है की मैं चमचागिरी करके प्रमोशन नहीं लूंगा किसी के पास चमचागिरी करके अपना कम नहीं निकलेगा किंतु दिस इस नोट पे नेगेटिव वे में नहीं देखना है यहां पे जो है जो अच्छी बात है उसको हमको प्रमोट करना है जहां पे भी हमको कोई सिद्धि दिखाई दे जहां पे भी हमको एक सक्सेस दिखाई दे जहां पे भी हमको सिंसेरिटी दिखाई दे तो उसको जेनुइन लिए प्रशंसा तो करनी ही चाहिए उसमें गलत क्या है उसे आदमी को भी जो अच्छा कम कर रहा है उसको भी थोड़ा सा भीतर में एक सहारा मिलेगा अभी विद्यासागर बड़ा मतलब क्या है की विनम्रता से बोल तो रहे हैं की आपने मुझे सागर तो बोल दिया किंतु मैं तो सागर का पानी तो खर होता है नदी का पानी मीठा होता है आप खर पानी सागर का ले लीजिए तो ठाकुर ने विनम्रता से दिखानी पड़ती है ना तक अपना थोड़ी अहंकार से यह फूल जाएंगे हम लोग तो ठाकुर रूप से सामने कहते हैं की तुम तो कोई विद्या के सागर नहीं है शेरा सागर हो अमृत के सागर हो तो फिर ये क्या कहेंगे विद्यासागर अच्छा आपकी जो धरना है वो आप सोचिए मैं क्या करूं की तू भीतर भीतर में से तो बड़े खुशी होगा भीतर भीतर में से तो एक बड़ा एक आनंद आएगा की अरे ठाकुर के बड़े में सुना तो था ठाकुर के बड़े में सब जैसे विद्यासागर के बड़े में ठाकुर ने सुना परमहंस महाशय के बड़े में जनरली कोलकाता के सभी लोगों को पता है ये जो केशव सेन जो है वो तो बहुत कुछ लिखना राहत था उनके बड़े में तो ऐसा प्रसिद्ध आदमी नाम किया हुआ आदमी धार्मिक आदमी जब मेरी प्रशंसा करता है तो मां में तो खुशी होगी भले ही चाहे वो मुंह पे व्यक्त क्यों ना करें तो यह जो आम सेंस पॉइंट जो है वह सब ठाकुर से लेना है ठाकुर वैसे एकदम कहां वो बॉर्डर लाइन पर रहते थे वो जब वो उनके 21 दिन समाधि में रहे अद्वैत साधना करते थे तोता पुरी जब थे उनके समय में तो मैन दर्शन दे करके कहा था तू ही दो मुख्य था अर्थात यह जो कॉन्शसनेस और सुपरकॉन्शसनेस के बीच की जो बॉर्डर लाइन है वहां पर तुम रहो जब चाहे तुम उसे कॉन्शियस लेवल पे ए सकते हो जब चाहे सुपरकॉन्शियस में चले जा सकते हो और यदि ठाकुर चाहते तो वो सुपर कॉन्शियस में र कर पूरा जीवन बीता दे सकते हैं फिर भी लोक कल्याण के लिए उन्होंने पृथ्वी पर रहना वो जायज समझा पृथ्वी पर रहना उन्होंने उचित समझा तो इसे ठाकुर को विश्व अवतार स्वयं को क्या पड़ी है किसी की प्रशंसा करने की कोई भी इस जगत में कितना ही बड़ा हो जाए ठाकुर के सामने तो चींटी भर है फिर भी जब कोई अच्छी चीज देखते हैं तो उसकी प्रशंसा करना एक निस्वार्थ प्रशंसा करना तो वह उचित है मैन उसमें गलत कुछ नहीं है भले चाहे फिर उसके दूसरे बेनिफिट हमको मिल जाए सामने वाला खुश हो जाए और हमको फीवर करना शुरू कर दें और डेट इसे एक सांसारिक बाय प्रोडक्ट उसकी जरूर है किंतु यदि हम जेनुइन है तो वो आध्यात्मिक साधना में हमको जो है सामने वाले को हेल्प होता है यह तो आशीर्वाद देना ही हो गया ना एक तरह से यदि ठाकुर कहते हैं की भाई तुम तो छीर सागर हो जो ठाकुर ने उसको तो एक इनडायरेक्ट उसको आशीर्वाद ही दिया है तो वैसे ही हम लोग बोलेंगे हम कहां आशीर्वाद देने वाले हैं किसी को हमने मैं अपने में ही कुछ नहीं है किंतु मनुष्य मंत्र आशीर्वाद भी दे सकता है शराबी दे सकता है तो दोनों का बड़ा ही पावरफुल इफेक्ट होता है यदि जेनुइनली दिया जाए यदि किसी को आपको ऊपर में बहुत अत्याचार करेंगे और नाराज होकर के मां के भीतर से यदि श्राप देगा तो वह उसका भयानक अर्थ है उसका निकाल सकता है मैंने भले ही चाहे उसे आदमी का वैसे कुछ ना हो ऊपर नीचे ना हो कोई साधना हो ना ही कुछ और कुछ हो किंतु यदि मां के भीतर से श्राप आता है बड़ा ही उसको भयानक उसको मतलब डैमेज कर सकता है वैसे ही कोई भी आदमी गरीब आदमी को अब थोड़ा सा खाना देंगे तो उसके मां से जो त्रुटि सहकार से जो उसके ग्रिटीट्यूड जो उसके मां में आएगा की हां आपने मुझे मेरी जरूर का समय मदद की बहुत ही आभार आपका यदि इस भिखारी को कुछ खाना देते हैं यदि उसकी सही-सही उसकी नीड होती है तो मां के भीतर से उसका एक ग्रिटीट्यूड आएगा एक आभार प्रदर्शित करेगा वो भी एक आशीर्वाद समाज है भले ही चाहे वो भिखारी भी क्यों ना हो गौ माता की सेवा करते हैं तो बहुत सारे लोग जो अपने हिंदू धर्म में तो गौ माता का जो एक आशीर्वाद मिलता है तो कोई भी आशीर्वाद दे सकता है यदि एक जेनुइन ली आप किसी की प्रशंसा करते हैं तो उसको आशीर्वाद देना ही हुआ और उसका भी एक प्रगति होगा वो सामने वाले का एक उन्नति होगा वो जो आदर्श लेकर के चल रहा है उसमें जो है उसको और भी ज्यादा जो है बूस्ट मिलेगा उसको और भी ज्यादा जो है वो ऐंठूसियाज्म मिलेगा और उत्साह मिलेगा अच्छा तो आज यही तो कल फिर से मिलते हैं