Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Premananda
ओम sthapa का यॉट धर्मस्य सर्वधर्म स्वरूप ने अवतार varishthayan रामकृष्ण यत नमः और भगवान कृष्ण [प्रशंसा] परफॉर्म नो सर्च ग्रांड इवेंट्स अरे प्रेजेंट हर टुडे डी राक्षस आर नॉट डी मॉन्सटर्स वर लिविंग आउटसाइड अस बट डी राक्षस आर मॉन्सटर्स लिविंग इनसीडियस अवर ऑन एगो arogans अवर ऑन एंगर लार्जड ग्रिड ऑल दिस नेगेटिव क्वालिटीज jealousytra धीस आर डी मॉन्सटर्स डेट सी नीड तू कंकर इन दिस आगे एंड हो ठाकुर हेडसेट mereculas पावर एस सी शो ऑन सेवरल ऑकेजंस इसे फॉर एग्जांपल फ्रॉम फर्स्ट अच्छा न्यू वारी कल्पतरु दे डेट ही टच हिज डिसीप्लस एंड बाय ही इस नियर टच डी डिसीप्ल स्टार्टेड हेविंग वैन और अंदर सॉर्ट ऑफ स्पिरिचुअल एक्सपिरिएंसेस सो वाटेवर इस कंसीडर्ड मिरेकल इन दिस इस ठाकुर वाज एबल तू परफॉर्म डेट ओन्ली थिंग डू नोटिस दिस पॉइंट अमोंग अवर देवोतीस बिकॉज दिस पॉइंट क्लियर अलसो है डिसीप्लस विल डिवाइडेड इन ब्रांचेस वैन ब्रांच एलईडी बाय रामचंद्र दत्त परफॉर्मेंस या ऑस्ट्रेलिया बिकॉज सी हैव ऑलरेडी हैव डी डिवाइन स्पर्श श्री रामकृष्ण एंड ऑन डी आदर हैंड डी आदर ब्रांच आदर स्कूल ऑफ थॉट मेड बाय स्वामी विवेकानंद ही सेड डेट ठाकुर हिमसेल्फ रिक्वेस्ट स्टेटस कमांडेड उस तू परफॉर्म austurities सो डेट सी कैन सी कैन एस्टेब्लिश ओवर सेल्फ फैमिली ऑन डी पथ अपॉन डी स्मित ऑफ स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस सो दिस इस हो सी ट्रीट मिरेकल इन श्री रामकृष्ण लाइफ ओके सो व्हाट इसे डी आदर पॉइंट डेट बाबूराव महाराज डिस्कसेस बाबूराम महाराज अवतार चर्म डी वर्ल्ड विथ डी ब्रिलियंस ऑफ देयर फिजिकल ब्यूटी बट सी राम कृष्णस फिजिकल ब्यूटी इन conspictures वंस गिरीश घोष एस्क्ड वही सर नो फिजिकल ब्यूटी दिस टाइम ड्यूरिंग है साधना लस्टर बिगड़ तू अमानत फ्रॉम हिज बॉडी सो मच ठाकुर परेड तू डिवाइन मदर आई हैव अन फिजिकल ब्यूटी मदर गिव मी स्पिरिचुअल ब्यूटी सो अगेन लिसन सी हर तू डी डिस्क्रिप्शन ऑफ श्री राम श्री कृष्ण हो ब्यूटीफुल देयर हो हैंडसम दे वेयर फिजिकल फिटनेस वो सच डेट एबल तू परफॉर्म ग्रेट इम्यूनिटी फ्रॉम दिस देर बॉडी एंड ऑल दिस डिस्क्रिप्शन इसे देयर इफ सी रीडर रामायण और महाभारत और भागवत केयरफुली बट सी सी डेट व्हेन देवोतीस स्टार्टेड कमिंग तू ठाकुर ही हु ही अपील ही उसे तू अपर जस्ट लाइक अन मिडिल एज्ड ओल्ड मैन हु फेस वाज ए रिंग कर्ड हज बॉडी वाज अन लिटिल बंद एंड यू नो ही वाज जस्ट लाइक ए कॉमन मैन इन डी फर्स्ट अपीरियंस लेटर ऑन डी मोमेंट स्टार्ट टॉकिंग विद यू एंड ऑल हिज डिवाइन अब्बा और जस्ट डेट यू कैन सी बीइंग एक्सप्रेस इन हिज शब्द सी हैव सीन डेट इन केशव सेंस केस डी दे ठाकुर कम तू मीत केसेस एंड केशव से थॉट हिज जस्ट पुर ब्राह्मण ही मिटे दिस इस माय गैस व्हाट आई हैव नॉट रेडी इन केशु साइंस बायोग्राफी और aneware एल्स बट keshavs एंड माय हेल्थ इस अन पुर ब्राह्मण ऑफ काली एंड कम हर तू आस्क फॉर मणि समथिंग लाइक डेट बट बहन ठाकुर स्टार्टेड स्पीकिंग स्टार्टेड सिंगिंग एंड डूइंग कीर्तन ईटीसी देयर सो दीपाली इंप्रेस्ड बाय डी मेनिफेस्टेशन ऑफ इनर दिविनिटी डेट वाज हिडन इनसाइड ठाकुर सो वेट ठाकुर वुड स्टार्ट टॉकिंग और सिंगिंग ईटीसी डी दिविनिटी विल बी एक्सप्रेस बट डी वे दिस फिजिकल ब्यूटी इस डिस्क्राइब इन ओवर पुराण अबाउट अधर्व तरस इट वाज एब्सेंट अपेरेंटली ऑन डी फर्स्ट साइड दिस इस वेरी इंपॉर्टेंट वर्ड तू अंडरस्टैंड आते दी फर्स्ट साइट इट वाज एब्सेंट इन ठाकुर स्लाइड सो ठाकुर बट हर बाबूराव महाराज अगेन टेल्स अंदर इवेंट ड्यूरिंग साधना डी सैम काइंड ऑफ स्पिरिचुअल लाइट पोस्ट इम्यूनिटी फ्रॉम ठाकुर्स बॉडी आते डी टाइम ठाकुर बिकम वेरी इरिटेटेड विथ इट ठाकुर हिमसेल्फ हिट डिस्क्राइब वेरी नाइस इंसीडेंट्स वैन ऑफ डेम इस डेट व्हेन ही वास इन kamapukur एंड यू वुड वेयर टॉवल अराउंड है वेस्ट एंड कीपिंग है बॉडी ही इसे डी धड़ ओपन ही वुड गो फॉर बेड इन डी पॉन्ड पीपल वुड लाइन अप ऑन डी स्ट्रीट्स तू वॉच इंप्रूव है udarshan ऑफ हिम डेट ब्यूटीफुल डेट हैंडसम ही उसे तू लुक लेटर ऑन ठाकुर बीट हिज बॉडी सेइंग अगेन एंड अगेन डेट आई डू नॉट वांट दिस लाइट आई डू नॉट वांट दिस मेनिफेस्टेशन ऑफ दिविनिटी इन माय बॉडी प्लीज गो आवे गो आवे डी वे ही दे इन दिस वैन ही प्राय तू मदर मदर काली एंड मदर काली तुक इस लाइट आवे डेट वैसे सी कैन एक्चुअली सी इन हिज बॉडी सो सी हैव तू अंडरस्टैंड डेट दिस इसे अंदर टॉक तू givas मणि वेरी नाइस स्टोरी मीटिंग हिज एंड हिज वाइफ आस्क हिम डेट योर फ्रेंड इस भगवान कृष्ण हिमसेल्फ वेल्डिंग वही डोंट तू गो एंड आस्क फॉर मणि तू हिम सो सुदामा तू आस्क फॉर मणि बिकॉज इन डी केस ऑफ स्वामी जी स्वामी जी इस पेरेंट्स वेयर फादर पास्ड आवे इट वाज डिफिकल्ट तू फीड हिज मदर एंड हिज ब्रदर्स सो वैन दे स्वामीजी कम तू ठाकुर इन दक्षिणेश्वर वैन नाइट एंड सईद डेट महाशय इट इस डिफिकल्ट फॉर मी तू कम हर बिकॉज माय फादर एंड आई विल हैव तू अर्न मनी तू गिव माय फैमिली सो ठाकुर स्वामी जी कंडत आस्क फॉर प्लीज गिव मी मणि और क्लोज इतरा सो डेट आई कैन टेक केयर ऑफ माय फैमिली एंड लेटर ऑन माय फैमिली इस सेफ आई विल कम हर एंड ड्यूज साधना नो सच मिडिल वे नो सच सेफ्टी प्लग्स वर्थ इट इन डी लाइफ ऑफ ठाकुर माइंस स्वामी जी एंड दिस ऑल दिस ग्रेट डी कास्ट सो व्हेन सुदामा कम तू मीत भगवान कृष्ण ही नेवर आस्क फॉर मणि ही जस्ट टॉक अबाउट ठोसे ओल्ड डेज़ इन डी आश्रम और सांदीपनि ऋषि हो दे यू तू प्ले एंड टॉक एंड लव इट्स एतरा बट व्हेन सुदामा रिटर्न होम ग्रेट पैलेस सो में वर्कर्स एंड सो मच मणि इट्स फिजिकल विच फॉर डी फुल फिल्म ऑफ ओवर सेंशुअल प्लेजेस ऑल डेट सी शुड आस्क फॉर इस स्पिरिचुअल ब्लेसिंग्स बट इन टुडेस आगे आगे ठाकुर डेट मिंस इन डी आगे मणि इन फूड सो दिस आगे ऑफ फूड और वूमेंस है इयर पीपल विल नॉट डिस्क्रिमिनेट वुड तू आस्क फॉर अवतार एंड वोट नोट तू आर सो हेड ठाकुर कम विद फोर है आर्म्स एंड गधा चक्र शक एंड सुधा एंड दंड पद्मा समथिंग लाइक डेट पीपल वुड हैव गदर अराउंड हिम एंड दे वुड हैव स्टार्टेड आस्किंग डेट प्लीज योर दिस इलनेस प्लीज एनिमी ऑफ माइंड प्लीज रेमेडी ऑफ माय प्रॉब्लम थिंग्स लाइक डेट डेट इस व्हाइट ठाकुर कम हर थिस टाइम ठाकुर एवरीवन इस मोस्टली इंटरेस्टेड इन अर्निंग मणि और फाइंडिंग सकर फॉर फैमिली ही शुड कम इन छड़ना वेस्ट ठाकुर हिमसेल्फ डट वे किंग गोज अराउंड डी स्ट्रीट अराउंड डी सिटी ड्यूरिंग डी नाइट तू फाइंड आउट हो ही सिटीजंस आर डूइंग ही गोज इन छड़ मोवेश डेट मेंस बाय हैडिंग हिज रियल नेचर ही इसे रियल आइडेंटिटी एंड वेयरिंग डी क्लोज ऑफ अन कॉमन मैन डेट वे ही कैन टॉक विद पीपल एंड था वे ही कैन फाइंड आउट व्हाट इस रियली गोइंग आदर वाइस व्हेन किंग्स सीट्स इन हिज पैलेस एंड ऑल दिस दरबारी स्टैंडिंग बिफोर टेल हिम एनीथिंग ट्रू दे वायलेट तू हिम ऑलवेज ट्री तू प्लीज डी किंग सो डेट किंग दस नॉट डेट इसे वही हिंद गोस तू हिज किंगडम ट्रेवल्स फॉक्स अराउंड डी स्ट्रीट्स ऑफिस सिटी किंगडम बाय वेयरिंग अन बाय हैडिंग है आइडेंटिटी सो सी कैन टॉक विद पीपल एंड फाइंड आउट व्हाट इस एलियन देयर सो दिस इसे हो ठाकुर हेड कम दिस टाइम बाय हैडिंग इस ट्रू आइडेंटिटी एंड ओनली अन फ्यू फॉर्च्यून पीपल वेयर एबल तू डीसी फॉर ही इसे एंड दें आस्क फॉर डी से बून ज्ञान भक्ति वैराग्य था स्वामीजी एस्क्ड फ्रॉम मदर काली सी आर डेट prefertinate फ्यूज इन माय होम देयर वाज नो मेंशन ऑफ ठाकुरमार स्वामी जी नो वैन एवं न्यू अबाउट डेम एंड लेटर ऑन व्हेन देयर वाज अर्थक्वेक इन गुजरात टाइम आई कम तो बीइंग टच विथ रामकृष्ण मिशन एंड डेट वाज डी फर्स्ट टाइम आई स्टार्टेड रीडिंग डी आई आई रेड कथा अमरूद डेट वाज माय फर्स्ट इंट्रोडक्शन ऑफ कॉस्ट सी हैव फैमिलियर विद डी नाम ऑफ विवेकानंद बिकॉज सी हैव रीड अबाउट हिम इन अवर टेक्स्ट विवेकानंद डी वेट तू शिकागो पार्लियामेंट ऑफ रिलिजन एंड हिज से डी सिस्टर एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका लाइक दिस सी हैव रेड इन ओवर टेक्स्ट बुक बट नो स्पेशली इन गुजरात वेरी फ्यू पीपल आर फैमिलियर विद डी विवेकानंद स्टार्टेड रामकृष्ण मिशन स्टार्टेड डी मॉनेस्टिक ऑर्डर स्टार्टेड ऑल डी सर्विस एक्टिविटी वेरी फ़्यू पीपल अरे फैमिलियर विद दिस स्पेशल इन गुजरात सो सी मोस्ट ऑफ फर्स्ट हैव कम हर नॉट फॉर डी एक्सपेक्टिंग समथिंग wrally बेनिफिट बट बिकॉज सी आर अट्रैक्टेड बाय डी टीचिंग्स ऑफ ठाकुर मैन एंड स्वामीजी ओके नौ हिंदी
श्रीरामकृष्ण कथामृत : द्वितीय दर्शन
अच्छा मेरे पास एक प्रश्न आया था की हमारी भारतीय संस्कृति कितनी पुरानी पचास हजार साल कितनी पुरानी है तो इसके बारे में मेरे जो कुछ इतिहास है वैसे वो कन्वेंशनल नहीं है मतलब आज कल की जिस तरह की यह जो एक चालू हुआ है मतलब एक ट्रेंड की हमको यह प्रो करना है की इंडियन कल्चर इंडियन सोसाइटी इंडियन हिस्ट्री या तो फिर इंडियन सिविलाइजेशन बहुत पुरानी है और हम ही ने यह सिविलाइजेशन डिवेलप की है हम ही नहीं ये सब कल्चर और सब ट्रेडीशन सब डिवेलप की है और बाकी सब देशों ने हमारे से लिया है तो वैसे वो क्लेम कुछ गलत नहीं है स्वामी जी खुद कहते हैं की इंडिया यह सब मत सिविलाइजेशन इंडिया इसे मदर ऑफ डेमोक्रेसी वो बात सही है क्योंकि यह जो मेल मार्ट करके रहने का साथ में रहने का और कंप्रोमाइज करके फ्रेंडशिप करके रहने की जो बात है इंडिया के हमारे जो वसुधैव कुटुंबकम यह सच जो हमारा जो सूत्र है वेद में दिया हुआ है तो ये तो बहुत पुराना है सबसे पुराना शायद होगा किंतु इसके साथ-साथ में हमको एक और भी एक चीज समझनी है की जो इवोल्यूशन को यदि हम एक्सेप्ट करते हैं जैसे की मैं करता हूं तो इवोल्यूशन क्या है की दो तरह से होता है एक तो स्पिरिचुअल पॉल्यूशन है और दूसरा है की फिजिकल इवोल्यूशन तो स्पिरिचुअल इवोल्यूशन यानी की ये जो सबसे पहले जो एक अमीबा भी जो प्रकट हुआ था पृथ्वी पे आज से तकरीबन 3 बिलियन इयर्स एगो माने थ्री बिलियन यानी कितना हुआ 3000 करोड़ में समथिंग बट एवर तो तीन बिलियन इयर्स एगो ये जो एक छोटा सा vancellular आर्गनिज्म भी जो डिवेलप हुआ था पृथ्वी पर उसमें भी वो फुल मणि स्वामी धीरे इवॉल्व होता है जैसे-जैसे की मेनिफेस्ट होता है रदर थन इवॉल्व हमारा है की आत्मन मेनिफेस्ट होता है जैसे-जैसे हम साधना है फिजिकल इवोल्यूशन है उसकी सीडी ऊपर से ऊपर चढ़ते जाते हैं और दूसरी ओर है ये फिजिकल इवोल्यूशन वैन सेल्यूलर आर्गनिज्म फिर मल्टीसेल्यूलर आर्गनिज्म फिर ये जो मछली मछली में से ये जो बंदर बंदर में से आदमी वो एक फिजिकल इवोल्यूशन की चेन है और आंधी आदर हैंड ये जो चैन है की हमारा जो आत्मा जो है वो आत्मन कैसे मेनिफेस्ट होती है तो यह जो सर्वप्रथम जो मनुष्य प्रकट हुआ था होमो सेपियंस जिसको बोलते हैं मॉडर्न ह्यूमन बीइंग तो वो इस अफ्रीका में कहीं पे वो जो सवाना बोलते हैं उसको बड़े-बड़े प्लेन से बड़े-बड़े मैदान है जहां पर खा सकता है और बहुत ही सुंदर जगह है वहां पर सबसे पहले जहां तक हमारा आर्कियोलॉजिकल जेनेटिक ड्रिल आर्कियोलॉजिकल एविडेंस साथ-साथ में जेनेटिक ट्रेल ये दोनों जहां तक जाता है वह इष्ट अफ्रीका में का इवोल्यूशन हुआ फिर ईस्ट अफ्रीका में से जो है पुरी पृथ्वी पर उन्होंने माइग्रेशन किया माइग्रेशन क्यों होता है जनरली की आप जिस एरिया में रहते हैं वहां पे या तो कोई नेचुरल डिजास्टर होता है जिससे की आपको बटोर लिविंग कंडीशन के लिए वो जगह छोड़ के जानी पड़े या तो फिर ऐसा होता है की हम लोग तो उसे समय हंटर गैदर है अर्थात ये जो pashuvat करते द वो पशु को खाते द तो ये जो बड़े-बड़े हार्ड होते हैं ना वो जिसको क्या बोलते हैं बड़े-बड़े ग्रुप होते हैं पशुओं के उसको हम फॉलो करते द उसे समय तो वो जैसे हान वो जो बड़ा पशुओं का प्रूफ जा रहा है हार्ड जिसको बोलते हैं इंग्लिश में मुझे पता नहीं हिंदी शब्द अभी याद नहीं ए रहा तो वो पशुओं के वो जो ग्रुप को फॉलो करते करते जहां जहां गए पृथ्वी पर हम लोग भी फैल गए और फिर आखिर में क्या हुआ की कहीं कहीं पे हम लोग जो है की एक ट्राइबल कल्चर डिवेलप की है अर्थात की जैसे reverbeli है या तो फिर एक जंगल है छोटा सा वहां पर हमको अच्छा लग गया रहने लगे और वहां से जो प्राकृतिक जो संपत्ति है फल फूल पेड़ वगैरा उसमें से हम लोग अपना जीवन निर्वाह कर रहा है उसको काट करके वगैरा उसको कंज्यूम करके फिर उसमें से यह और इकोनॉमी डिवेलप हुई और उसके बाद में ये अर्बन इकोनॉमी डिवेलप हुई और जो सबसे पहली सिविलाइजेशन जिसको बोलते हैं वो reverbeli सिविलाइजेशन जैसे की मैंगो रिवर वाली सिविलाइजेशन चीन में सिंधु रिवर वाली सिविलाइजेशन इंडिया में फिर ये जो मेसोपोटामिया सुमेरियन एंड अक्कड़ दिस आर तू रिवर्स इन मेसोपोटामिया मॉडर्न दे इराक आज का जो इराक है वहां पे सुमेर और अक्कड़ बोलकर दो बड़ी नदियां हैं तो उसको उसके किनारे जो सिविलाइजेशन डिवेलप है उसको मेसोपोटामिया सिविलाइजेशन बोलते हैं और नाइल सिविलाइजेशन जो की इजिप्ट में है जो अभी तक के जो आजकल लॉजिकल एविडेंस है इन चार सिविलाइजेशन को सबसे असिएंट जीना जाता है 10000 साल 12000 साल का कोई डेट इनको दिया जाता है किंतु अभी सिंधु वाली सिविलाइजेशन जो की भारत में हुआ और बाद में ये जो सरस्वती डेंसिटी reversibilization या तो फिर कावेरी सिविलाइजेशन जो की साउथ इंडिया में तो ये सब जो है उसे समय सबसे बड़ी बात हमको ये याद रखने की एक्सचेंज ऑफ आइडिया से कंटीन्यूअस एक्सचेंज ऑफ इतिहास होते द वो एक्सचेंज ऑफ इतिहास हो करके ही ये सिविलाइजेशन जो है परी पुष्ट होती है कोई भी सिविलाइजेशन अपने को आइसोलेट करके जो है वो डिवेलप नहीं हो सकती फिर ऐसा कोई क्लेम नहीं कर सकते हम लोग की हमने अपनी बॉर्डर्स जो है बंद कर दी है दूसरी लैंग्वेज कल्चर sevilization वालों के साथ में बात करना बंद कर दिया है हमने अपने से यह टेक्नोलॉजी साइंस इतिहास किए हैं और अभी हम सबको सिखाएंगे ऐसा कभी नहीं होता आइडिया एक्सचेंज कंटीन्यूअस होते रहते हैं हमारी यह जो पोर्ट्स जार कोटरी वगैरा जो है जो की सिंधु वाली में जो बनते द वो वहां पर चित्रा में पाए गए हैं अर्थात वो सब समय ट्रेड रूट्स ओपन रहते हैं इतिहास एक्सचेंज होता रहता है उसमें से कंटीन्यूअस एक्सचेंज ऑफ इतिहास एंड ट्रेड एंड मर्चेंडाइज यह जो सिविलाइजेशन paripusht होती है अब 1000 साल तक हमने अपनी बॉर्डर बंद करके रख दी हमने हिंदुओं ने अपना माइंड बंद करके रख दिया उसी का परिणाम थी ये गुलाम है स्वामी जी जब हम जापान गए तो उन्होंने देखा की किस तरह से हो डी नेशंस आर ऑन मार्क वो स्वामी जी एक लेटर लिखते हैं yokohamas है वो अपने मद्रास डिसीप्लस को की विदेश में जाओ और देखो आंखें खोलो अपनी कैसे बाकी के सब देश जो है प्रगति कर रहे हम लोग वहीं पर पड़े हैं और देखिए सबसे बड़ी ट्रेजेडी क्या है की स्वामी जी जब अमेरिका से वापस आए तो अभी जैसे हिंदू समाज में होता है की कला पानी उन्हें क्रॉस किया है तो अभी वो अछूत हो गया उसको मंदिर में प्रवेश नहीं करने देंगे तो निवेदिता और स्वामी जी दक्षिणेश्वर गए गंगा नदी में नोखा में बैठकर ठाकुर के मैन काली का दर्शन करने के लिए ठाकुर जहां पर रहते द उसे कमरे का दर्शन करने के लिए अभी स्वामी जी को काली मंदिर में प्रवेश नहीं है क्योंकि वो कला पानी क्रॉस करके आए अछूत हो गए तो अभी उन्होंने का दिया की आपको भी काली मंदिर में नहीं जाने देंगे तो निवेदिता जो है वह काली मंदिर में गई महाकाली का दर्शन किया ठाकुर जिस कमरे में जितना सुंदर उपदेश दिए ठाकुर की लीला हुई कितना कीर्तन वगैरा सब हुआ भगवान का नाम हुआ उसे कमरे में निवेदी था बैठ करके ध्यान कर रही है और बेचारे स्वामीजी बाहर नौका में बैठे हुए हैं और सोच रहे हैं की अरे मेरे यहां पे तो मैंने स्वामी जी का जो हृदय है प्रांत है वही दक्षिणेश्वर में पड़ा हुआ है और वही दक्षिणेश्वर में उनको प्रवेश नहीं है तो यह जो एक बहुत ही एक भयानक दुर्घटना हमारे साथ में हुई 1000 साल तक हमारा जो ये जो ब्रेन बंद करके हमने रखे तो उसे चीज से हमको अभी बाहर आने की जरूरत है यह मैं कभी-कभी देखता हूं आज करके जो कुछ सो कोल्ड मॉडल कलर्स होते हैं इंडियन हिस्ट्री क्लेम करना शुरू करते हैं की हमने यह खोज लिया हमने वह खोज लिया हम सबसे श्रेष्ठ द तो श्रेष्ठ उसके बारे में कोई प्रश्न ही नहीं है भगवान भगवान राम भगवान कृष्ण भगवान रामकृष्ण की भूमि है किंतु यह ओपन एक्सचेंज ऑफ आइडिया सब समय हमको मैन में रखना है की उसी से हम लोग भी सीखते हैं उसी से हमको दूसरों को भी सीखना है स्वामी जी ने कहा है की जो वेस्ट के पास में मॉडर्न साइंस एंड टेक्नोलॉजी उसको हमको सीखना है और हमारी ये जो स्पिरिचुअलिटी हमको उनको सीखना है हालांकि अभी इस बात में भी अभी पूरा उल्टा हो गया है अभी क्या हुआ की हमारे जितने भी इंडियन है वो बड़ी-बड़ी कंपनियों में सीईओ है वो सुंदर पिचाई कहो ना की वो सत्य नडेला कहो गूगल माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के सीईओ मतलब कोर टेक्नोलॉजी का इंजीनियर कंपनी कही जाए उसमें सब टॉप लेवल पे सब इंडियन बैठे हैं और अभी ये जो वेदांत वगैरा का जो योग खासकर के योग वगैरा का वो जो क्या बोलते हैं ट्रेंड वो अमेरिका में ऐसा उठा है की भी वो लोग हमको सीखते ही होगा अभी अमेरिका में जितने भी योग स्टूडियो चलते देखेगा आपको इंडियन दिखेंगे ही नहीं ज्यादातर विदेशी लोग ही होगा करता है और विदेशी लोग ही अभी मेडिटेशन वगैरा ज्यादा डिवेलप करते हैं तो अभी उल्टा हो गया है की वे लोग हमको योग सीखते हैं हम लोग उनको टेक्नोलॉजी सीखते हैं बट वाटेवर ये जो है एक्सचेंज ऑफ इतिहास वही इस सिविलाइजेशन को जीवन रखता है जिस दिन हमने अपने दिमाग को बंद कर दिया वो सिविलाइजेशन भी स्टार्ट ऐवेंंचुअली अभी अच्छा अभी जो है ईश्वर दर्शन के ऊपर मास्टर महाशय ठाकुर को पूछते हैं की ईश्वर दर्शन के उपाय क्या है सबसे पहले तो पूछते हैं ईश्वर दर्शन हो सकता है की नहीं हो सकता है तो कैसे हो सकता है उसके उपाय क्या है जो ठाकुर जो है एक के बाद एक स्टेप बाय स्टेप हमको सीखते हैं और सीखते भी कैसे जैसे साइंटिफिक मेथड होती है ना हम लोग जैसे फिजिक्स का कोई प्रमेय हम बोलते हैं प्रूफ जैसे मैथमेटिक्स का कोई प्रूफ हमको एस्टेब्लिश करना है तो हम स्टेप बाय स्टेप इसमें जाएंगे की एक्स = 30 लेटर ऑन 2X + 2y = प्रूफ करते हैं मैथमेटिक्स इतना ही प्रेसिस ठाकुर की फॉर्मूला से और सिर्फ ठाकुर क्या हमारी जो भारतीय परंपरा है आध्यात्मिक परंपरा मैथमेटिक्स जितनी ही प्रेसिस है हम यदि जितना प्रशिक्षण से इंजीनियरिंग प्रॉब्लम सॉल्व करते हैं स्पेशल बनाते हैं यह जो फर्स्ट अपोलो मन मिशन आदमी को सर्व प्रथम चंद पर भेजा गया तो वह रॉकेट था उसमें कितने सारे मूविंग पार्ट्स द एक में भी यदि गड़बड़ हो गई तो वो रॉकेट जो है या तो अवकाश में ही विस्फोट हो जाएगा या तो वो जो तीन एस्ट्रोनॉट वहां पे गए द वो लोग वहीं पर रह जाएंगे और उनको वापस लाने के लिए कोई हमारे पास में उपाय नहीं रहेगा तो इतना बड़ा-बड़ा जो इंजीनियरिंग फिट है जो इतना बड़ा बड़ा इंजीनियरिंग सिद्धि हमने आ सिद्ध करके दिखाया क्योंकि मैंने वैन इन थाउसेंड पार्ट ये जो मतलब रहता है प्रेसीजन उतना प्रेसीजन से हम यह इतना इंजीनियरिंग करते हैं तो उतना ही प्रेसीजन से ये जो हमारी ये जो स्पिरिचुअल वैल्यूज है स्पिरिचुअल टीचिंग है इतना ही प्रिस्क्रिप्शन से सिखाया गया है और यदि हम उसको ठीक ठीक पालन करेंगे तो उसमें जो रिजल्ट दिखाए गए वो रिजल्ट हमको मिलने ही मिलने है नहीं मिलने का कोई प्रश्न ही नहीं आता अभी ठाकुर कहते हैं खूब व्याकुल होकर रोने से उनके दर्शन होते हैं स्त्री या लड़के के लिए रोते हुए आंखें लाल कर देते हैं पर ईश्वर के लिए कोई कब्र होता है ईश्वर को व्याकुल होकर पुकारा चाहिए अभी ऐसा नहीं है की हम लोग पैसों के लिए रोते हैं एक्चुअली हम लोग पैसों के पीछे दौड़ते हैं तो वो जो जिस मतलब हमारा जो ड्राइव रहता है जो एंबीशन रहता है जितना की हम यह अपनी करियर के लिए लगाते हैं की ये मुझे अपनी कैरियर में सक्सेसफुल होना है जो मेडिकल करियर है तो आई वांट तू बिकम ए वेरी गुड सर्जन बिजनेस है तो आई वो वेरी गुड बिजनेसमैन तो करियर के पीछे में जो हम अपनी प्राणशक्ति लगा देते हैं वही प्राणशक्ति यदि हम यह आध्यात्मिक purshute में लगाते हैं ऐसा नहीं है की हमको संन्यास लेकर के संसार तय करके सब कुछ छोड़ देना है किंतु हमने डिस्कस किया था पहले अनियमितता होनी बहुत आवश्यक इतना दिन एवं 10 मिनट भी क्यों ना हो एवं 20 मिनट भी क्यों ना हो मैं 10-20 मिनट नियमित रूप से यदि तथा अमृत का पाठ करता हूं या तो कोई भी धर्मग्रंथ आपको अच्छा लगता है भागवत है कोई भी है उसका मैं नियमित 15 मिनट पार्ट करूंगा 15 मिनट चैटिंग करूंगा 10-15 मिनट गायत्री मंत्र है ये जो वो फिर हम ठाकुर मतलब बहुत सारे तो चांटिंग में मतलब बहुत सारे मंत्र सुक्तम अपने परंपरा में है वो है या तो फिर जैसे हमने जो ये है हमारे गुरु महाराज गुरु महाराज ने हमको जो मंत्र दीक्षा दी है तो वो 15 मिनट पाठ करना 15 मिनट चैटिंग करना 15 मिनट जब करना ऐसा मैं ऐसा नियम करके करूंगा तो 5 साल में 10 साल में 20 साल में रिजल्ट मिलना ही मिलना है उसमें कोई मिन में नहीं है किंतु अनियमितता होने चाहिए पेशेंस होना चाहिए यह दो चीज और संकल्प शक्ति होनी चाहिए विल पावर की आज मुझे बाहर जाना है तो आज मैं ट्रेवल करूंगा तो ट्रेवल करने की वजह से मेरा जप नहीं हो पाया अभी कुछ दिनों पहले एक देवोते ने बोला मैं ट्रेवल कर रहा था जब नहीं हो पाए मैंने कर ट्रेवल कर रहा है तो कहां तुमको कुछ कर लेना था तो जा रहे हो तो प्लेन में ही जा रहे द थोड़ा वेट करके आंख बंद करके जब कर लेते क्या है प्लेन में नहीं जप कर सकते गाड़ी में नहीं कर सकते ऐसा थोड़ी ना है वो कहीं पे भी जप कर सकते हैं तो ऐसा कैसे भी करके वो मौका निकल लेना है और वो जो जितना नियम किया है वो नियम करके करना ही करना है यह कहकर ठाकुर गाने लगे मानो तो सच्ची व्याकुलता के साथ पुकार करके तो देख यहां पर वह मतलब वर्ग में नहीं दिया है परोस कर दिया है वर्ण बंगाली में जो भजन वगैरा इतना सुंदर है तू सच्ची व्याकुलता के साथ पुकार करके तो देख भला देखे वह श्यामा बिना सुने कैसे रह सकती है तुझे यदि मैन काली के दर्शन की अत्यंत तीव्र इच्छा हो तो जवाब पुष्पा बिल्व पत्र लेकर उन्हें भक्ति चंदन से लिप्त कर मैन के चरणों में पुष्पांजलि दें अभी देखिए कितनी सुंदर उपमा भी दी है की भक्ति चंदन जावा पुष्प यह सब लेकर जैसे हम चंदन लगाकर के जो बिल्व पत्र है या कोई पुष्प है वह मैन के श्री चरणों में अर्पण करते हैं तो पुष्पक क्या है चंदन क्या है इस तरह से वो उपमा देकर के वो समझाया है भक्ति चंदन से लिप्त कर कहते हैं व्याकुलता हुई की मानो आसमान पर सुबह की ललई छा गई शीघ्र ही सूर्य भगवान निकलते हैं व्याकुलता के बाद ही भागवत दर्शन होते हैं जैसे की सुबह को होता है की एकदम सुबह को पहले तो उजाला होगा उजाला होने से पता चलता है की ये रात्रि का समय जो है वो समाप्त होने को आया है सूर्य नारायण का अभी उदय होने ही वाला है किंतु यह जो सुबह की जो लालिमा है वो लालिमा का वो देख कर के हमको पता चलता है की अभी सुबह होने में देर नहीं है तो वैसे ही अपने जीवन में हम जैसे यह सद्गुण राशियों का pravrittiy जब देखते हैं तब हमको लगता है की हान हम सही रास्ते पे चल रहे वर्ण तो अंधेरे में कहां पे भटकते रहते हैं पता भी नहीं चलता मैन में डिप्रेशन ए जाता है अरे मैं जो कुछ कर रहा हूं वह ठीक भी कर रहा हूं की नहीं यह सब वो विचार जो आता है ना तो किंतु जब वह लालिमा दिखाई देती है सुबह की अर्थात जैसे किसी ने मुझे कुछ गलत मतलब कुछ गुस्से में कहा तो मैंने उसको क्षमा कर दी उसे समय शायद गुस्सा हो गया होगा क्षमा कर दिया तो फिर कोई चीज देख कर के मेरा मैन बहुत ही lalahit हो गया उसके लिए क्या यह तो मुझे खाना ही खाना ये तो खाना है पाना ही पाना है उसको परचेज करने ही करना है किंतु फिर थोड़ा चिंतन करके देखा अरे छोड़ो ये सब चीजों को बिना मतलब पैसे व्यर्थ करना है और खाने की चीजों में तो ऐसा है की जितना फैंसी चीज खाते हैं उतना इससे है बाद में भी गधा है तो जैसे-जैसे हमने अपने मैन पे कंट्रोल करना शुरू किया तो इस जैसे हम मैन को कंट्रोल करते हैं हमारी जो बेसिक इंस्टिंक्ट जो है उनको हम धीरे-धीरे काटना शुरू करते हैं तब समझना शुरू कर दिए की ये जो सुबह का जो ये जो मैंने जो उजाला है वो हमारे जीवन में प्रकाशित होना शुरू हो गया अर्थात ठाकुर का जो आशीर्वाद है वो धीरे-धीरे प्रकट हो रहा है और फिर अभी इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में भी ईश्वर की कृपा दर्शन अवश्य होगा बात यह है की ईश्वर को प्यार करना चाहिए विषय पर विषय की पुत्र पर माता की और पति पर सती का जो सती की जो प्रीति है उसे एकत्रित करने से जितनी प्रीति होती है भालोबासा बंगाली शब्द है उतनी ही प्रीति से ईश्वर को बुलाने से उसे प्रेम का महा आकर्षण ईश्वर को खींच लता है ठाकुर कैसे उपमा देता है की ये जो सती अपने पति को जिस तरह से प्यार करती है मैन अपने बच्चे को जिस तरह से प्यार करती है वो इतना उसको कुछ भी हो जाए तो अपने हृदय में अरे उसको यह हो गया तो वो जो प्रेम है ईश्वर की ओर यदि हम और उसमें भी जैसे मैन यशोदा भगवान कृष्ण को और किस तरह से प्यार करती थी प्रेम करती थी तो वो एक रिलेशनशिप एस्टेब्लिश करना है जैसे मेरा का भगवान कृष्ण के साथ था यह मैन यशोदा का भगवान कृष्ण के साथ था या तो फिर भगवान महावीर का भगवान राम के प्रति जो था वह मधुर भाव संतान भाव मेटरूब या तो फिर ऋषि मुनियों का शांत भाव हो या तो फिर सुदामा का साक्ष्य भाव भगवान कृष्ण की ओर इससे जो भावों का वर्णन जो है वैष्णव शास्त्र में दिया गया है तो वो एक रिलेशनशिप भगवान के साथ में एस्टेब्लिश करना है सोचना है जैसे मेरा संतान भाव है मैं सब समय सोचता हूं की मैन शारदा देवी दक्षिणेश्वर में है वो अपने कमरे में ठाकुर के साथ बैठे हुए मैं भी छोटा बच्चा हो करके उनके आसपास में खेल रहा हूं और वो भी जो है मेरे साथ में इतना प्रेम से बात करते हैं फिर या तो फिर जैसे भगवान का था जो कृष्ण के साथ में खेलते द तो ऐसा भी हम इमेजिन कर सकते हैं तो एक मतलब वरशिप करने के समय प्रार्थना करने के समय पूजा करने के समय चिंतन करने के समय या तो जप करने के समय भगवान को एक स्वरूप देना है और फिर हमको उसे स्वरूप के साथ में एक रिलेशनशिप एस्टेब्लिश करना है तो वह जो रिलेशनशिप है वही जो है एक हम हमारा हाथ पकड़ करके हमको आध्यात्मिक जीवन में आगे ले जाएगी व्याकुल होकर के उन्हें पुकारा चाहिए बिल्ली का बच्चा म्याऊं म्याऊं करके मैन को पुकारता है उसकी मैन उसे जहां रखती है वही वह रहता है कभी रख की देरी पर कभी जमीन पर तो कभी बिच्छू ने पर यदि उसे कष्ट होता है तो बस वह म्याऊं म्याऊं करता है और कुछ नहीं जानता मैन चाहे जहां कहे जा जो भी कहे म्याऊं म्याऊं सुनकर के वो दौड़ी जाती है अभी जो बिल्ली का बच्चा है तो बिल्ली के मैन को देखा होगा की बिल्ली अपने बच्चे को ऐसा मुंह में पकड़ करके ऐसा लेकर के घूमती है तो पहली बार मैंने ऐसे देखा तो मैंने कहा अरे बिल्ली उसको काट रही है की क्या किंतु वो बिल्ली जब किसी पक्षी को खाती है या कोई खाना खाते देखना जोर से उसे पर वो मरती है तो वह एक स्ट्रेंथ है और बच्चे को अपने मुंह में पकड़ कर के वो घूमती है तो वो दूसरी तरह से पकड़ के बहुत सारे पशुओं को फिर बाद में मैंने देखा की वो मैन अपने छोटा बच्चा होता है उसका मुंह में लेकर के वो इधर-उधर घूमती है अभी वही जैसे की शेरनी है या तो फिर यह जो यह जो बेयर है मतलब पोलर बेयर और या तो फिर पांडा बेयर तो उनकी मैन को देखिएगा वैसे शिकार भी करते हैं तो एकदम जोर से उसको मतलब नोच लेते हैं अपने मुंह से किंतु बच्चे को पकड़ते हैं तो इतना मतलब वो कोमलता से इतना प्रेम से पढ़ते हैं बच्चे को हनी ना हो तो वही मैन है वही मुंह है मैन का वही दांत है जिसने तीक्ष्ण दांत किंतु शिकार को पकड़ने के समय एक तरह से बच्चे को पकड़ने से रो एक तरह से तो ये जो मैन का जो बच्चे की ओर प्रेम जो है वो इतने रिलेशनशिप को इकट्ठा करके यदि वही रिलेशनशिप हम ठाकुर के साथ में भगवान के साथ में एस्टेब्लिश करें तो निश्चय जो है उनके आशीर्वाद हमको शीघ्र प्राप्त होंगे अच्छा तो आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे