Swami Vivekananda
नो आई कैन सी डी रियल फोर्सेस वे कैन ओनली सी डी रिजल्ट्स पट आउट सेल्फ लोशीट फॉरगेट आईटी जस्ट लेट गॉड क आईटी इस हज बिजनेस वे हैव नथिंग तू डू बट स्टैंड साइड और लेट को क डी मोर वे को आवे डी मोर गॉड कम से गेट रीड ऑफ डी लिटिल आई और लेट ओनली डी ग्रेट आई लाइव व्हाट इसे डी मीनिंग हर स्वामीजी वांट्स तू से दे तू व्हेनेवर वे सी सम ग्रेट रिजल्ट ग्रेट थिंग्स हैपनिंग इन डी सोसाइटी व्हेनेवर वे सी एन ग्रेट मोमेंट टेकिंग हॉल ऑफ डी सोसाइटी लेटेस्ट गिव डी एग्जांपल ऑफ अवर फ्रीडम मूवमेंट ऑफ इंडिया संवारे फ्रॉम 1900 तो 1947 दिस ऑलमोस्ट 50 वर्ष पान ऑफ अवकेनिंग इन इंडियन सोसाइटी फ्रॉम एवरी विलेज एवरी सिटी पोस्ट एवरेस्ट फ्रीडम फाइटर से अर्जन फ्रीडम फाइटर से रीजन अप और दे हैव लुसेंट तू डी कल ऑफ डी ग्रेट फ्रीडम फाइटर अपडेट आगे महात्मा गांधी जवाहरलाल नेहरू सरदार पटेल और सुभाष चंद्र घोष जस्ट नाम डेम इन पंजाब इन महाराष्ट्र इन साउथ इंडिया इन नॉर्थ इंडिया एवरी स्टेट डर वेयर डी फर्स्ट लाइन ऑफ ग्रेट फ्रीडम फाइटर और बिहाइंड डेम देवर वेयर डी सेकंड और थर्ड लाइन ऑफ फ्रीडम फाइटर हज नाम टुडे वे हैव ऑलमोस्ट फॉरगॉटेन सो ठोस फ्रीडम फाइटर होम वे रिमेंबर ठोस हूं आर टुडे फॉरगॉटेन दे हैव जो बिन रेस्पॉन्डिंग तू एन ग्रेट फोर्स विच हज बिन वर्किंग साइलेंटली इन इंडियन सोसाइटी पर डी लास्ट 50 इयर्स बिफोर एवं थे वेयर बोर्न सो व्हाट वास डेट ग्रेट फोर्स वे हैव क्लार्क बिकॉज़ अदर वाइस तैरा ऑफ नो उसे तू स सो इन 1836 ही इंट्रोड्यूस एन ब्रिटिश एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया विच बेसिकली टोटल तू फॉरगेट एवरीथिंग डेट वे हैव स्टडीज फ्रॉम ओवर फोर फादर तू रिविले ओवर स्क्रिप्चर्स तू हेड ओवर पुराण और गॉड्स और गोडेसेस और बेसिकली टोल्ड स तू एक्सेप्ट डी सुप्रीम दे वांट तू दे वांट एन तू डू कीपिंग अकाउंट कीपिंग डी रिकॉर्ड स्किपिंग डी लोग लोग और कीपिंग डी ट्रैक ऑफ डी मोमेंट ऑफ डी आर्मी और कीपिंग डी ट्रैक ऑफ डी प्रोड्यूस परचेज पर डी किचन क्लेरिकल शब्द दे वांटेड तू डू दत इसे वोट दे टोटल इमेजिंग डेट 100 एयर ऑफ दिस क्लार्क मेकिंग एजुकेशन बिल मेक इंडिया कंपलीटली डोसाइल कंप्लीट स्लेव तू दी विशेष ऑफ डी ब्रिटिश अंपायर बट वे नो व्हाट हैपेंड एट थे सेम एयर 1836 डी भारत भाग्य विधाता डी फ्रीडम प्रूफ फ्रीडम फाइटर ऑफ इंडिया डी वन परसों हूं वैसे गोइंग तू इंस्पायर एंटीरे इंडिया नोट ओनली इंडिया एंटीरे वर्ल्ड हज स्पिरिचुअल पावर वज गोइंग तू रिचार्ज डी बैटरीज ऑफ एवरी फ्रीडम फाइटर इन इंडिया ही वास बोर्न और हज नाम वह श्री राम कृष्णा डी से हर 1836 डेट दिस क्लार्क मेकिंग एजुकेशन वास इंट्रोड्यूस और श्री राम कृष्णा वास बोर्न इन इंडिया सो सी हो दिस वर्ल्ड मूवमेंट टैक्स शिव ऑन वन हैंड ब्रिटिश बाय इंट्रोड्यूजिंग दिस 1836 एजुकेशन एक्ट बाय इंट्रोड्यूजिंग दिस क्लार्क मेकिंग एजुकेशन बाय डी टाइम ऑफ 1936 समथिंग अराउंड 100 इयर्स दे बिल कंपलीटली चेंज इंडिया कंपलीटली मेक इंडिया परफेक्ट कॉलोनी पर ब्रिटिश एक्सपेंशनिज्म ब्रिटिश मर्केल टाइम प्रैक्टिस मर्केलिल से मार्केट और दे बिल मेक स कंपलीटली दोसालेस स्लेव्स इंसटिड विद इन 100 एयर इंडिया नोट ओनली गण इंडिपेंडेंस वे गेट डी सच ए पावरफुल फाउंडेशन ऑफ डेमोक्रेसी वे हेड गो सच ए गवर्नमेंट डिड बेसिकली थिंक अबाउट वेलफेयर ऑफ पीपल यू नो डेट देवर आर में नेशंस हूं गेन इंडिपेंडेंस अलोंग विथ इंडिया वे नो डेट पाकिस्तान इस तेरे दिस म्यांमार इंडो चीन दिस अफ्रीकन कंट्रीज चीन आईटी सेल्फ इंपीरिया टूरिज्म कम्युनिस्ट रिवॉल्यूशन इन एवरी वेयर इन यूरोप इंक्लूडिंग रसिया इंक्लूडिंग जर्मनी एवरीव्हेयर बट वे सी डेट इन इंडिया ओनली डेट इस वन प्लेस शाइनिंग विकों ऑफ लाइट और ह्यूमैनिटी और यू कैन से डेट वन एन प्लेस इन डेट कंटेंपरेरी सिविलाइजेशन व्हेन अवर फ्रीडम मूवमेंट इस नोट बिन एन कंपनी ब्लू शेर वो और ब्लू शेड लेटर ऑन व्हेन देवर वैसे एन पार्टीशन बट डी फ्रीडम मूवमेंट आईटी सेल्फ वज लार्जली ब्लडलेस यस ऑफ कोर्स डी ब्रिटिश गवर्नमेंट गिव दिस हैंड में फ्रीडम फाइटर इंक्लूडिंग भगत सिंह इंक्लूडिंग में अदर खुदीराम बॉस इट्स बट ठोस नंबर ऑफ पीपल हूं वेयर हैंड और किल्ड बाय डी ब्रिटिश गवर्नमेंट और ठोस हूं डिड इन ओवर सत्याग्रह मूवमेंट स्टैंडिंग बाय बेटिंग ऑफ दिस जलियांवाला बैग में टोटल नंबर अंतरिक्ष स्पीकिंग वह वेरी स्मॉल कंपेयर तू डी ब्लू शेड विच वास अनलेस्ट से इन चीन और रसिया बिकॉज़ ऑफ कम्युनिस्ट रिवॉल्यूशन इन जर्मनी बिकॉज़ ऑफ दिस फास्टेस्ट इवोल्यूशन इन अमेरिका और फ्रांस बिकॉज़ ऑफ डियर वार ऑफ इंडिपेंडेंस एवरीव्हेयर वे सी डेट इंडिपेंडेंस और एन फ्रीडम फ्रॉम डी फॉरेन पावर्स इसे कम आईटी एन ग्रेट कॉस्ट इन में पावर इन ब्लू इंटीरियर्स इन इंडिया ओनली इसे एन वन कंट्री डेट ओवर इंडिपेंडेंस हज बिन वेरी मिनिमम ऑफ ब्लू शेड ब्लू शेड कम लेटर ऑन बिकॉज़ ऑफ ओवर ऑन फूलिशनेस लेट स नोट गोइंग तू डेट पार्टीशन और इट्स बट बिकॉज़ नोट बिकॉज़ ऑफ दिस फोर और पावर डेट हिस्टोरिकल इश्यूज डेट लेट तू ब्लू शेड्स सो दिस इस डी स्ट्रैंथ ऑफ दिस उनसे फोर्सेस टुडे नो वन क्रेडिट श्री राम कृष्णा और स्वामी विवेकानंद विवेकानंद मोस्ट दे से डेट स्वामी विवेकानंद इंस्पायर में फ्रीडम फाइटर इंक्लूडिंग महात्मा गांधी बट वे नेवर से डेट अवर फ्रीडम हज बिन गेंद बिकॉज़ ऑफ स्वामी जी बट वे नो डेट व्हाट वास डी वन थिंक डेट वज रियली नेसेसरी इन ओल्ड वुड मेड स स्लेव इन डी फर्स्ट प्लेस यू हैव तू अंडरस्टैंड डेट हो वे गेट फ्रीडम यू हैव तू अंडरस्टैंड हो वे वेयर मेड स्लिप और वे वीर मेड स्लेव बिकॉज़ ओवर रिलिजन हेड विकम करप्टेड एन नोट जस्ट हिंदुइज्म आगे वे डिसकस्ड बिफोर डेट दिस बुद्धिस्म और करप्ट प्रैक्टिसेज ऑफ बुद्धिस्म और प्रैक्टिस और दिस टेंडेंसी ऑफ बुद्धिस्म तू मेक एवरीवन एन मोंक एन टीचर हूं इस टीचर ब्राह्मण हो इस टीचिंग पेपर तो बुद्धिस्ट बिल से डेट नो नीड तू टीच जस्ट विकम ए मॉम डेट इस ओनली वे ऑप्शन अदर वाइस आईएफ यू पीपल टीच स्टूडेंट आईएफ यू आर सक्सेसफुल योर एगो बिल इंक्रीज आईएफ यू आर फेलियर दें यू बिल बी कम डिप्रेस्ड और बोथ ऑफ दिस आरोगंज और डिप्रेशन बोथ आर दिस टंबलिंग ब्लॉग्स इन डी पाठ ऑफ साधना सो डोंट डू डेट डोंट को इन डी संसार आते ऑल और यू बिल बी फ्री फ्रॉम दिस बफरिंग यू नो जो डीज नेगेटिव एनर्जी और दिस नेगेटिव फोर्सेस ऑफ फ्रस्ट्रेशन और सक्सेस नो नीड तू प्रोटेस्ट पीपल नो नीड तू प्रोटेस्ट अगेंस्ट दिस फोर और इन्वेस्टर्स नॉन नीड तू डिस्टेंस जस्टिस इन डी सोसाइटी विकम ए मोंक बिकॉज़ आईएफ यू आर एन फेल्ड किंग यू बिल सिंह डॉ इन डिप्रेशन यू बिल स्टार्ट ड्रिंकिंग वाइन और डिपोज यू स्टार्ट डूइंग देबोचारी और आईएफ यू आर सक्सेसफुल यू बिल विकम सो आरोगर डेट यू नो डेट यू बिल नेवर अगेन टेक डी नाम ऑफ डी लॉर्ड यू योर सेल्फ स्टार्ट बिलीव इन डी यू योरसेल्फ पर डी लॉर्ड यूनिवर्सल आर डी गॉड सो में किंग आर डर इन हिस्ट्री फिरोज यूज्ड तू बिलीव डेट दे थेम्सेल्वेस आर डी गॉड डेट इस वही इन योर इजिप्ट अलसो और इन रोमन अंपायर अलसो देवर इस एन ट्रेडीशन ऑफ वरशिपिंग एंपरर इसे गोल्ड इन एन अमोंग डी रोमन इन रोमन एंपरर अलसो यूज्ड और इजिवेंट्स फिरोज अलसो यूज्ड तू डू डेट बिकॉज़ दे आर वेरी सक्सेसफुल दे आर वेरी पावरफुल देवर ग्रेट मिलिट्री दे रनिंग ओवर सो में पीपल सो वे डिक्लेअर डेम सेल्फ इसे गॉड नो व्हाट एन ब्लास्ट फेम व्हाट इस व्हाट इस सिली थिंक तू डू यू आर जस्ट स्मॉल मां आईएफ यू आर आईएफ यू गुड डिसेंट्री आईएफ यू गो मलेरिया और चिकन भूनिया आई बिल सिंपली स्लीप डॉ और यू बिल नेवर राइस अगेन सो एन में इस सो फ्रेजर सो स्टूपिड सो टाइनी और ये ही है मेरी तू तू डिक्लेअर हिमसेल्फ गॉड सो दिस इस डी रिजल्ट ऑफ आरोगन्स ऑफ सक्सेस सो डोंट विकम सक्सेसफुल और डोंट विकम ए फेलियर रिनाउंस डी वर्ल्ड और विकम ए मॉम दिस प्रैक्टिस ऑफ बुद्धिस्म क्रीटेड डिस्ट्रक्शन इन अवर हिंदू सोसाइटी ऑन वन डी बेस्ट ऑफ डी बेस्ट क्षत्रिय बेस्ट ऑफ डी बेस्ट ब्राह्मण बेस्ट ऑफ डी बेस्ट पीपल हूं वेयर वर्कर्स और पीपल हूं बिल ट्रेडिंग पीपल हूं वेयर डी मरचेंट्स आईटी अप जो बीकमस और व्हाट हैपन देवर नोट बेसिकली एलिजिबल पर ए मॉम एन गुड क्षत्रिय इसे एन गुड किंग बट ही कैन नोट बी एन गुड मोंक अब ब्राह्मण इस एन गुड टीचर बट यू कैन नोट बी एन गुड मोंक सो देवर वज करप्शन इन डी मून S3 और देवर वज वीकनेस इन डी सोसाइटी बोथ वे ही बुद्धिस्म डिस्ट्रोएड और नेशन डेट इसे डी कंक्लुजन ऑफ स्वामी विवेकानंद और ऑफ कोर्स अलोंग विथ आईटी देवर वज अंदर प्रैक्टिस सेट इन हिंदुइज्म इत्सेल्फ वे नीडेड रिफॉर्म मैडली नीडेड रिफॉर्म बट आईटी वज स्टार्टड बाय शंकराचार्य बट आईटी तू कब विले पर दिस रिफॉर्म साइकिल तू बी कंप्लीटेड आईटी वज कंप्लीटेड ओनली व्हेन सही रामकृष्ण कैंप सो डी साइकिल ऑफ रिफॉर्म इन मॉडर्न हिंदुइज्म आईटी बिगिंस विद आचार्य शंकर और आईटी और स्विच ट्रे रामकृष्ण सो दिस एंटायर हिस्ट्री ऑफ हिंदुइज्म और बुद्धिस्म मेक उस वल्नरेबल और डेट वज भाई वे वे केस बट इस डी सॉल्यूशन ऑफ दिस नोट तू क्रिएट मोर गनशिप्स और नोट तू क्रिएट ग्रेटर आर्मी और नोट तू क्रिएट मोर सोल्जर दिस इस नेवर गोइंग तू गिव स फ्रीडम आईएफ वे गेन फ्रीडम में मिलिट्री मेंस बाय डी मिंस ऑफ से ब्लू शेड दें विद इन एन वेरी शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम बिल स्टार्ट फाइटिंग इंडिया बिल डिवाइड इन सो में प्रिंसली स्टेटस और सो में प्रिंसली किंग्डम्स सो आईटी वज नोट जस्ट टेक वे हेड तू गेट फ्रीडम वे हैव तू कप इंडिया यूनाइटेड वे हैव तू कप इंडिया डेमोक्रेटिक वे हैव तू कप इंडिया जस्ट और पुण्य भूमि सो पर डेट सो डेट एवरीवन हायर दे कैन डू दिस साधना इन पीस और साधना भूमि इनकरेज डेम तू डू साधना सो
स्वामी विवेकानन्द
हम यदि यह कहेंगे की भारत को फ्रीडम कैसे मिला तो भारत को फ्रीडम जय हमारे जो फ्रीडम फाइटर हैं उन्होंने तो है उनका तो एक बहुत बड़ा उड़ान यही है किंतु यहां पे जैसे कहा स्वामी जी कहते हैं की कोई भी आंख जो है वो सही सही जो रियल पावर है इस जगत में जो कम करता है जो रियल फोर्स से इस जगत में कम करती है कोई भी आंख उसको देख नहीं शक्ति यह जो सही सही जो फोर्सेस जो होती है इस जगत की जी जगत को शॉप करती है इस जगत को जो है 40 करती है इस जगत को जो है वो नेविगेट करती है तो वो रियल फोर्स जो है वो हमेशा इनविजिबल रहती है और यहां पर हमको पता है की जैसे पर एग्जांपल यदि हम फ्रीडम मूवमेंट का एक एग्जांपल ले तो यही सही सही फोर्स क्या है 1836 में यह रोबोट क्लाइंब ने सोचा यह यदि ब्रिटिश एजुकेशन एक्ट जो है मॉडर्न इंडिया में इंट्रोड्यूस करेंगे सबको क्लच बना देंगे तो बाय 1936 110 साल में जो है इंडिया जो है परफेक्ट गुलाम हो जाएगा परफेक्ट कॉलोनी हो जाएगा हमारे मिल में जितना भी कपड़ा जितना भी प्रोडक्ट बंटी है सब यहां पे इंडिया में लेकर डंप करेंगे और ये मूर्ख लोग जो है हमारी सब प्रोड्यूस खरीद भी लेंगे और हम जो है यहां से पैसा बटर करके ब्रिटेन को धनी बनाएंगे ऐसा वो सोच के रखा था किंतु देव कृपा देखिए ईश्वर का क्या विधान है देखिए इस साल 1836 में श्री रामकृष्ण देव का जन्म हुआ और बाय 1936 हम लोग जो थे की नहीं मंत्र की सिर्फ इतना नहीं की हम लोग फ्रीडम अपने की कतर पे खड़े थे किंतु बेलूर मठ की स्थापना हो चुकी थी श्री रामकृष्ण मंदिर जो आज का जो में टेंपल है उसका वह जो प्रतिष्ठा समारोह था वह जो है वह तो 1938 बस दो ही साल में वो संपन्न होने वाला था अर्थात ठाकुर ने सिर्फ नहीं की ब्रिटिश अंपायर को भाग दिया वह खुद जो है यहां पे झंडा गडकर के बड़े ही दीप रूट लगाकर के बैठ गए हैं भारत की इस भूमि में तो अभी हम ये का आज जो है की बहुत कोई ऐसा नहीं रहेगा की ठाकुर मां स्वामी जी ने भारत को जो है ये जो है हमको स्वतंत्रता दिलाई है हम लोग बोलेंगे की भारत को स्वतंत्रता कैसे मिली तो हम लोग जो है यह गांधी नेहरू पटेल बस यह वगैरा जो है की उनके नाम हम लेंगे और नाम लेना गलत भी नहीं है उन्होंने बहुत बहुत जो है हार्ड क किया है किंतु उनके पीछे जो इनविजिबल आशीर्वाद जो था एक इनविजिबल फोर्स जो थी जो की पूरे भारत के मां को भारत के जितने भारतीय हैं इन सबके मां को एक कान में एक सूत्र में बंद करके ये जो फ्रीडम फाइटर जो लीडर्स थे उनको फॉलो करने के लिए जो गाइड कर रही थी इनविजिबल वह सत्ता जो है आध्यात्मिक सत्ता तो ठाकुरमार स्वामी जी की ही थी यदि नहीं मिले तो हम लोग बाकी सब देश में देखिए जैसे की यह जो चीन है या तो रसिया है जो कम्युनिस्ट रिवॉल्यूशन आया तो कितने करोड़ लोग वहां पर मा गए सिविल वार में रिवॉल्यूशन में वर्स में फर्स्ट वर्ल्ड वार सेकंड वर्ल्ड वार देखिए जर्मनी या तो फिर अमेरिकन वार ऑफ इंडिपेंडेंस है या तो फिर फ्रेंच रिवॉल्यूशन है सब जगह पे भी जब भी चाहे कोई जो राजा है या तो करूर विदेशी सत्ता है उसके पास से स्वतंत्रता अपने के लिए कितना जो है उनको खून की नदियां बहाने पड़ी है भारत में जो है किंतु ठाकुर मास स्वामी जी के आशीर्वाद से एक अहिंसा सत्याग्रह की मूवमेंट करने से ही ज्यादातर हमको सब कुछ मिल गया है ब्लू शेड हुआ तो पार्टीशन के समय हुआ वह तो फिर हमारा हिस्टोरिकल मामला था उसमें फिर ब्रिटिश लोगों ने क्या है की वह जो आज जलती है तो अपनी रोटी सेक लेते हैं तो ऐसा उन्होंने अवश्य किया किंतु खेर वो एक दूसरे टॉपिक है तो यह जो है स्वामी जी के शुरुआत की वजह हमको जो आजादी मिली और आज भारत का वह जो साइंस टेक्नोलॉजी इकोनॉमिक्स पॉलिटिक्स यह जो जितना भी डेवलपमेंट हो रहा है मिलिट्री डेवलपमेंट सबके पीछे ये इनविजिबल पावर ही अभी तक करियर है वरना देखें की भारत जैसा इतना डायवर्स कंट्री इतनी साड़ी लैंग्वेज है इतने सारे कलर है इतनी साड़ी ट्रेडीशन से इतने सारे वो मतलब 1030 करोड़ पीपल है यहां पे है वो एक सिंगल राष्ट्र में आज तो हम विश्व के सबसे जो है पॉपुलर कंट्री में ए गए हैं चीन भी हमारे से पीछे चला गया है जहां तक पापुलेशन की बात है तो इतनी बड़ी पापुलेशन एक साथ शांति से जो र रही है वो तो ठाकुरमार स्वामी जी के आशीर्वाद के बिना कभी भी संभव नहीं होता और सामने देखें की भारत को तोड़ने के लिए विदेशी सकता है हमारे में भीतर में से जो कुछ कुछ लोग पर्यटन कर रहे हैं उनके बाबा युद्ध जो है की हम लोग जो है एक साथ शांति से र रहे थोड़ी बहुत ऊपर ऊपर से यह सब प्रॉब्लम्स होते होंगे किंतु मोर और ली लार्जली स्पीकिंग वे आर लिविंग आईटी पीस सो दिस इस डी रिजल्ट ऑफ डी ब्लेसिंग ऑफ ठाकुर्मींद स्वामी जी तो यहां पे स्वामी जी कहते हैं की नो की कैन सी डी रियल फोर्स वे कैन ओनली सी डी रिजल्ट ठाकुरमार स्वामी जी के आशीर्वाद भारत पर कम कर रहे हैं नजरों से हम राम कृष्णा विवेकानंद जो भक्ति है देवोटी है रामकृष्ण मिशन के हम लोग देखते हैं किंतु हम लोग तो ये मुट्ठी भर है 130 करोड़ के भीतर में 5 लाख 6015 लाख कितने होंगे शायद किंतु यह जो बाकी के 130 करोड़ लोग हैं उनको तो नहीं दिखाई देता या तो फिर बाहर के विश्व में जो लोग र रहे हैं वे लोग भी सोचते होंगे की गांधी जी की वजह से इनको जो है फ्रीडम मिला या तो फिर ब्रिटिश लोगों ने उनके मां में इतनी उदारता ए गई ब्रिटिश लोग यही सोचते हैं की हमने उनके ऊपर में दया करके उनको फ्रीडम दे दिया तो बाहर के लोग ऐसा सब कुछ सोचते होंगे किंतु हम रामकृष्ण मिशन के जो देवोटी है ठाकुर के जो भक्ति हैं हमको पता है की सही सही फोर्स क्या है पट आउट सेल्फ लुसित फॉरगेटेड जस्ट लेट गॉड क आईटी इस बिजनेस अर्थात जितने भी लीडर से उनके जो फॉलोअर्स हैं लीडर बने चाहे अपने को सोच की मैं खुद मोटिवेट हो रहा हूं और यह जो मुझे फॉलो कर रहा है वो मेरी ग्रेटनेस की वजह से है किंतु ऐसा करने से वो उसका अहंकार इतना बाढ़ जाएगा उसके फॉलोअर्स भाग जाएंगे और यदि वो लीडर ऐसा रहेगा की नहीं ठाकुर की इच्छा से या तो फिर जो भी इस्ट देवता में उसको विश्वास है उनकी उनकी इच्छा से जो है मैं ये महत्व कार्य करने को जा रहा हूं मेरे उनके हृदय में अपने इस्ट देवता को बिठाएगा तो लोगों को भी दिखेगा की हां वो अहंकार की वजह से ऐसा नहीं कर रहा उसका एगो कंट्रोल में है वो सबको हेल्प करने के लिए ऐसा कर रहा है या तो फिर उसके पीछे कोई आध्यात्मिक शक्ति खड़ी है तो लोग देखते हैं और लोग फॉलो करते हैं
श्रीरामकृष्ण कथामृत : कोलकाता में ईश्वरचंद्र विद्यासागर के साथ
कल हमने देखा की कथामृत का स्ट्रक्चर किस तरह से हैं की यहां पर जो है ठाकुर विद्यासागर से मिले और विद्यासागर के मां में जो दुविधा थी धर्म के प्रति और ठाकुर ने एक ही नजर में देख ली अंतर्यामी थे ठाकुर तो एक ही नजर में समझ लिए की उसके हृदय में क्या है तो सीधे-सीधे कहना शुरू कर दिया की ब्रह्मा जो है उसको कोई जान नहीं सका उसके बड़े में लिख नहीं सका उसके बड़े में बात नहीं कर सका जो भी बात होती है ये देवी देवता है 33 कोटी दे- देवी-देवताएंi हमारे ये जितने भी अवतार है जो दशावतार कहो ना की कितने भी चाहे अवतार कहो ये अवतार की बातें अवतार की कहानी है या तो फिर हमारे वेद उपनिषद पुराण तंत्र हमारे धर्मशास्त्र है या तो फिर एवं ये जो कथा अमृत कंप्लीट वंस वगैरा है ये सब कुछ जो है मुंह से उच्चरित हो चुका है और झूठ हो चुका है किंतु एक ब्राह्मण जो है उसको हमने अपने मुंह से नहीं उसके बड़े में बात की है नहीं अपनी कलाम से उसके बड़े में लिखा है ना ही अपने मां से के बड़े में सोचा है नहीं इस आंखों से देखा है नहीं इस कानों से श्रवण किया है यदि ब्राह्मण के बड़े में जाना है सुना है देखा है बात की है तो वो शुद्ध बुद्धि के गोचर है नहीं की अशुद्ध बुद्धि है साधना तपस्या ब्रह्मचर्य त्याग सत्यपालन ये सब हम आध्यात्मिक साधनाएं करेंगे तो हमारा मां जो है शुद्ध परिशुद्ध होगा या हमारे मां के भीतर से ये जो है जो कर्म की दाल जो है ये कर्म की जो बदबू है वो चली जाएगी ये जो है ईश्वर प्रेम की ये जो अगरबत्ती जलते हैं मैं रोज सुबह के आकर के कर पांच अगरबत्ती चलता हूं पूरा पब्लिकेशन में एकदम बढ़िया सब खुशबू हो जाति है तो अपने हृदय में जब ठाकुर की जो ये अगरबत्ती जलेगी उसकी जो खुशबू आएगी ब्रह्मा समझ पाएंगे किंतु जब तक यह जो कूड़ेदान के जैसे वो हमारे कर्म और उसके फल इकट्ठा करके हृदय में रखें तो बदबू की वजह से जो है ब्रह्मा भी बेचारा भाग जाएगा आगे ठाकुर कहते हैं वेद पुराने में जो ब्रह्म के विषय में कहा गया है वह किस ढंग का कथन है तो सुनो एक आदमी के समुद्र देखकर लौट पर यदि कोई उससे पूछे की समुद्र कैसा है तो वह जैसे मुंह बे करके कहता है हा क्या देखा किसी लहरें कैसी आवाज किंतु जो उसकी जो ग्रेटनेस है उसके व्यक्त करने के लिए शब्द कहां है अपने पास जैसे रसगुल्ला का स्वाद कैसा है आप जितना ही डिस्क्राइब कर ले उसकी पुरी कुकिंग मेथड दिखा दे उसका टेस्ट ऐसा लगता है वो पूरा उसके ऊपर में एचडी थीसिस कर दे किंतु जब तक रसगुल्ला नहीं खाएंगे तब तक उसका स्वाद कैसा है वो समझ में नहीं आएगा तो यहां पर भी समुद्र देखा तो कैसा देखा जितना ही वर्णन कर ले वर्णन अधूरा है जब तक वो खुद अपनी आंखों से नहीं देख सकते तो ठाकुर कहते हैं की बस ब्रह्म का वर्णन लिखा है वह आनंद स्वरूप है सच्चिदानंद सुखदेव आदि ने यह ब्रह्म सागर के किनारे पर खड़े होकर देखा और छुआ था किसी के मत अनुसार वे इस सागर में उतारे नहीं इस सागर में उतारने से फिर कोई लोट नहीं सकता अर्थात यदि हम शुद्ध बुद्धि जो है उसके द्वारा यदि ब्रह्म साक्षात्कार करेंगे तो फिर जैसे वो समाधि में मगन हो जाएंगे और जैसे की हमारे शास्त्रों में कहा गया है की 21 दिन यदि समाधि में मगन रहते हैं तो मृत्यु जो श्री हमारा जो शरीर है उसकी मृत्यु अवश्य भावे है किंतु जब ठाकुर ऐसा कहते हैं की इस सागर में उतारने से फिर कोई लोट नहीं सका तो किंतु वह खुद यह छुपाते हैं की उन्होंने इस सागर की गहराई में डब लगे है और मां के आशीर्वाद से ऊपर आए हैं और हमको सागर की गैरों की गहराई के बड़े में बातें कहे रहे हैं समुद्र के जो भीतर में जो सब सोना मोती वगैरा जो सब छुपा हुआ है उसके बड़े में बात कर रहे हैं खुद के बड़े में नहीं कहते हमको पता है वह बात पहले भी हमने की ही है की जब वह तोता पुरी जो है उन्होंने ठाकुर को जब उपदेश दिया वेदांत का तो उसे समय ठाकुर जो है की इमीडियाटली समाधि प्राप्त कर लिए और यह जो तोता पुरी फिर वह तोता पुरी ने भी ठाकुर से वो जो मां के बड़े में बहुत कुछ सिखाती किस तरह से जो भक्ति जो है वो बिल्कुल असर नहीं है और भक्ति का भी एक जो है सत्ता है भक्ति का भी एक महात्म्य है ये बात सिख करके वो वहां से गए अब जैसे तोता पुरी गए वहां से ठाकुर ने सोचा की मैंने जब ये जो ब्रह्मा विद्या प्राप्त की है तो मुझे तो मेरे लिए यह बात बेस्ट है की मैं इस में पूरा डब जाऊं तो पूरे 6 महीने जो है ठाकुर लगातार समाधि में रहे थे और उसे समय दक्षिणेश्वर में एक सड़क आया था तो सड़क क्या करता था ठाकुर की सेवा करने के लिए देखिए कैसा ईश्वर की लीला है उसे समय ठाकुर की सेवा कोई नहीं कर सकता था क्योंकि वह जो समाधि क्या है ब्रह्म ज्ञान क्या है वो नहीं समझेगा कोई आदमी तो ठाकुर को क्या वो संभालेगा तो यह एक साधु था की एक निश्चित समय पर ठाकुर को मार-मार करके उनको थोड़ा बहुत होश में लता था उनके मुंह में उनके जो थोड़ा बहुत अन्य जो है वो घुसा देता था बाद जब जबरदस्ती करके ठाकुर थोड़ा बहुत खाता थे और फिर जो है समाधि में मगन हो जाते थे फिर वो साधु र देखा था की कितनी क्षण तक ठाकुर जो है यह अन्य जो है वो पचाने में उनके शरीर को पोषण देने में लगेगा फिर जैसे समय आया फिर जो है जोर-जोर से ठाकुर को हिल हिल कर के मार-मार करके वो थोड़ा बहुत होश में लता था फिर जो है जोर जबरदस्ती उनको थोड़ा बहुत मिला देता था और ठाकुर का करके फिर से वो समाधि में मगन हो जाते थे तो लगातार छह महीने तक वो समाधि मगन रहे और फिर जो है मां का दर्शन हुआ मैन कहा कोई जगत की जो हमारी चेतन है और हर जगत में समाधि जो है उसकी जो बॉर्डरलैंड है उसकी जो सीमा है वहां पे तुम रहो जब चाहे तुम समाधि में भी जा सकते हो जब चाहे तुम अपने भक्तों के साथ में बात भी कर सकते हैं अभी मैन ये तो नहीं कहा की धर्म चक्र प्रवर्तन करना है किंतु यह आवश्यक कहा की भावना मुख्य था उसके बाद में ठाकुर के खुद के मां में आने लगा की मैं ऐसे विशुद्ध लोगों को विशुद्ध आत्माओं को खोजो की जिनके साथ में मैं बात कर सुकून वरना तो ये जितने भी विषय लोग हैं कालीबाड़ी के उनकी बात सुनके सुनके तो मेरे कान जो है झुला गए हैं ठाकुर ने खुद कहा है तो ठाकुर ने क्या किया वह जो कोठीवाड़ी है जहां पर यह जो माथुर नाथ वगैरा रहते थे वह उसकी छठ पर जाकर के जोर-जोर से चिल्ला के बोलते हैं और एक उठाई अच्छी तरह की तुम लोग कहां पर हो यह जो विशुद्ध आत्मा जिनका मां जो है इतने जन्म जन्मांतर की साधना से इतना पवित्र हो गया है ठाकुर के पार्षद है जो जन्म अंतर के अवतार के पार्षद है यहां पर हो आओ तो ठाकुर ने पुकार और फिर एक के बाद एक जो रामचंद्र डेट है वह राजा महाराजा है नरेन है लथु महाराज है वगैरा सब ने आना शुरू किया तो यह जो पूरा है की ठाकुर ये इस कहते हैं की सागर में उतारने से फिर कोई लोट नहीं सकता किंतु फिर वो जैसे यहां पर हम कहते हैं ना की अपने खुद के हृदय में ईश्वर को बिठाऊ जैसे स्वामी जी ने कहा की मैं क्या करता हूं वो बात भूल जो तो यहां पे भी ठाकुर ने बिल्कुल ऐसा कहा वैसा नहीं कहते की मैं 6 महीना समाधि में मगन रहा और फिर जो है की मां का आशीर्वाद का करके अभी मैं ये कार्य कर रहा हूं तुमसे मिलने के लिए आया हूं ठाकुर विद्यासागर को ऐसा नहीं कहते अपनी बात जो है पुरी वो छुपा देते हैं ठाकुर की बात याद करके खाने का दायित्व हम लोगों का है और जो भी कुछ कहते हैं उसमें जो है की रीडिंग बिटवीन डी लाइंस पोस्ट स्क्रिप्ट जो की किसी को नहीं दिखाई देती जैसे हमने कहा ना की समाज में ऐसी फोर्स है जिसको लोगों को देख नहीं सकते वह जो फोर्स है उसका कार्य देख सकते हैं जैसे हवा है हवा में ऑक्सीजन है ऑक्सीजन के सांस लेते हैं हमारा जीवन धरण होता है ऑक्सीजन को ही देख नहीं सकता अभी हवा में इस ऑक्सीजन चला जाए तो हम सभी लोगों का तत्काल मृत्यु हो जाएगा तो वैसे ही ठाकुर जो है ठाकुर के जितने भी उदाहरण है जितने भी बातें हैं जितना भी कुछ बोले हैं सबके भीतर में रीडिंग बिटवीन डी लाइन एक इनविजिबल फोर्स के हिसाब से ठाकुर की खुद के अनुभव ठाकुर का खुद का जीवन उसमें भुना हुआ है उसमें जो है इस वोवन थ्रू और थ्रू तो उसको खोज करके बाहर करने का दायित्व हमारा है अच्छा तो आज यही तक कल फिर से मिलते हैं ओम शांति शांति