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एस यू कैन सी स्वामी जी से वे हैव तू फाइट जो सेंस डिलाइट डी थिंग्स तू विच वे आर दी मोस्ट अटैचेद वे हैव तू किल्ड वे हैव तू स्टैंड अलोन वे आर ब्रह्मांड जो अदर आइडिया बी मर्जड इन दिस वन इस वे हैव सी बिफोर अलसो और हो स्वामी विवेकानंद ऑन लाइफ हो ही है तू स्ट्रगल अगेंस्ट दिस नीड दिस डिजायर तू प्रोटेस्ट हज ऑन मदर और इसे ऑन ब्रदर्स और सिस्टर आफ्टर डी पासिंग आवे ऑफ स्वामीजी फादर वे हैव सीन डेट हो इस अंकल अंकल ट्राई तू कुक आवे डी होम वे कैन इमेजिन जस्ट एन दे एगो देवर बिल 20:30 पीपल ईटिंग डेली इन स्वामीजी हाउस और जस्ट डी नेक्स्ट दे हैव नथिंग तू आईटी वन थिंक ऑन अनदर और देवर होम इट्स हेल्प * प्रेशर ऑन वन हैंड आईटी वैसे डी कल ऑफ ईटरनल अंदर डी ट्विटर आगे ऑफ श्री राम कृष्णा और ऑन डी अदर हैंड आईटी बाज दिस डोमेस्टिक रिस्पांसिबिलिटी दिस टेंशन विच डी यू हम इन तू अपोजिट डायरेक्शंस आईटी वज सो स्ट्रांग डेट नरेन यूज्ड तू हैव स्प्लिटिंग हेड्स एवरीथिंग कुडेंट एवं डिलाइट और ही वुड दे इन एन डार्क रूम और कट ऑफ फ्रॉम एवरीवन इस डी टाइम ठाकुर वो सुद्दनली अफ्रेड ट्रिंग तू फाइंड एन वे आउट और वे हैव सीन अलसो बिफोर डेट हो ही इस सुद्दनली फल इन एन कंपनी ऑफ पीपल कंपनी ऑफ बॉयज ऑफ हज ऑन आगे विच वेयर कंसीडर्ड तू बी एन बेड इन्फ्लुएंस अपन हम और आईटी टाइम भावनाथ वेट तू ठाकुर और ही कंप्लेंट डेट्स सी हो वे नेवर इमेजिन डेट नरेन इनसिलफुल पर इन सच ए बेड कंपनी नरेंद्र शेरेक्टर बिल बी डिस्ट्रॉय इन सच डेंजरस मैनर व्हेन भावनाथ कंप्लेंट लाइक दिस ठाकुर बी कैन वेरी एंग्री हूं आर यू तू कंप्लेंट अबाउट मी गेट आउट ऑफ मी वे नेवर कम बी पर मी आइस आईएफ यू से एनीथिंग एवर अगेन और हिट टाइम्स वन दे आईटी अप तू सेंटर मैसेज थ्रू नरेन डेट यस प्लीज अन्य हो कम तू मीत मी एटलिस्ट वन एंटरटेन टाइम यू नो डेट नरेन हेड फाइंड सेवरल जर्म्स बट नरेंद्र कप अन्य ऑफ डेम वन ही फाइंड जब इन विद्यासागर स्कूल बट व्हाट हैपेंड नरेंद्र एफिशिएंट और ग्रेट इन एवरीथिंग और वे अलसो नो डेट ग्रेट इंटरेस्ट इन एजुकेशन सो बीइंग इन विद्यासागर स्कूल डी परसों हूं वास डी मोस्ट एडवांस मोस्ट डूमा से फॉरवर्ड थिंकिंग फॉरवर्ड लुकिंग इन डी फील्ड ऑफ एजुकेशन डेट वज विद्यासागर और नरेंद्र टीचर इन हज फूल न और इमीडियाटली स्टार्टड एक्सपेरिमेंटिंग विथ जो दिस मॉडर्न फॉर्म्स ऑफ लर्निंग सो पॉपुलर और सच एन एप्पल इन डी आई ऑफ इंडिया सागर गेट विद्या सागर सन इन डॉ ही वज सपोज तू बी हेयर इन हीटर ऑफ डी इन विद्यासागर स्कूल आफ्टर विद्यासागर डिक डेट वज डी जनरल असुंप्शन बट दिस सन इन डॉ सुद्दनली फूल स्कूल तू नरेंद्र व्हाट बिल हैपन तू मी दान सो ही स्टार्टड एन सेइंग जो दिस मेड थिंग्स अबाउट न और आईटी इसे नोट डेट नरेन व्हेन तू अमेरिका और दें जो दिस मजूमदार हेडसेट दे स्टार्टड मालानी हम दिस स्टार्ट हेडिंग इन इंडिया इट्स सेल्फ डेटर सनी इन लो स्टार्टड मालानी नरेंद्र विद्यासागर थॉट इनेलो इस जूलूस ही सिंपली पट डेट माइट बी नरेंद्र माइट मी टॉकिंग आईटी मी फ्रेश तू मी फेस इस सच ए नाइस मैनर बट इसी सच एन बेड आई डोंट नो विद्या सागर व्हाट है डिड है नारायण आउट ऑफ स्कूल सो डेट इस फर्स्ट टाइम और फर्स्ट एक्सपीरियंस ऑफ जब आई वांट तू फॉरगेट जो अबाउट दिस मेडिटेशन और ईश्वर प्रताप और जगत मिथ्या एट सिटेरा मी फर्स्ट ड्यूटीज तू टेक केयर ऑफ मी पेरेंट्स मी मदर मी ब्रदर्स और सिस्टर सो आई एम फ़ॉरगेटिंग जो अबाउट ठाकुर और आई बिल को तू दिस असम इन डी टी गार्डन और आई बिल बी एन मैनेजर आई बिल मनी आई बिल टेक केयर ऑफ मी फैमिली डेट वज व्हाट नरेंद्र वास थिंकिंग और सर्टेनली श्री राम कृष्णा बीइंग राम कृष्णा ही रिलाइज व्हाट नरेंद्र वास थिंकिंग ही सेंड एन देवोटेड तू हम और सैड डेट प्लीज आस्क हम तू मीत मी वंस बिफोर ही लीव्स अन्य हो कम तू मीत मी एवं पर एन फू मोमेंट्स आई वांट मी बट प्लीज कम तू मेक और वे नो डेट फेमस नाइट न और वेट तू रामकृष्ण और रामकृष्ण वे कम ठाकुर विकम सो इमोशनल ही स्टार्टड सिंगिंग हो तो के हारी हारी कथा बोलते हो दरई ना बोलती हो दरई मन सुंदर हो आभार टोक हारी हारी आई एम अफरैद तू टॉक तू यू आई एम अफरैद तू नो तू टॉक तू यू आई एम अफरैद इन मी हार्ट डेट आई एम गोइंग तू डू फॉरएवर ठाकुर इस क्राइंग और नार्निया इस क्राइंग बोथ हर क्राइम और डी देवोतीस अथर्ववेद सीटेट इंडियन रियल लाइफ फनी दे डिड'टी रिलाइज्ड आईटी वज दिस कुशल मोमेंट इन नरेस लाइफ डी देवर वज एन ग्रेट डेंजर एवं बीइंग दी अवतार ऑफ शिवा हिमसेल्फ एवं बीइंग दी ब्लेस्ड वन ऑफ डी सप्तर्षी हिमसेल्फ एक ठाकुर से पांचो भूटर भदेव ब्रह्मोड़े कहां दे व्हेन एवर और गॉड एवं दिस समवन इस ग्रेटेस्ट विष्णु और शिवाड़ डेन सिर्फ अवतार ऑन अर्थ देवर बाउंड में डी लॉस आते फिजिक्स ऑफ दिस पांच माइट और लास्ट इस क्रिस्टल मोमेंट इन है लाइफ ठाकुर तोक हाइंबिके इस एयर और तोक हम तू डी राइट पाठ सो डेट वज डी कृष्ण नाइट इन नरेस पाठ और डी नेक्स्ट डेट ठाकुर को सो हैप्पी ही ही इस टेलिंग तू एवरिवन डेट नरेंद्र काली मैनेज नॉरेन काली मानेसर और हज एक्सेप्टेड मदर काली तिल नारायण यूज्ड तू अरगोवेट आपको लेफ्ट और राइट व्हाइट व्हेनेवर ठाकुर वुड से डेट आई हैव सीन दिस विजन आई होश इन डेट विजन से डेट दिस इस जो दिस क्रीज ऑफ इंडिया योर इल्यूजन ऑफ योर मन योर दिलुटेड जो दिस सॉर्ट ऑफ यू आर मैड यू आर क्रेज़ी नरेंद्र शब्द व्हेन यू वुड और यू नो डी रिजल्ट ऑफ दिस हो दिस व्हाट वास डी बाइक प्रोडक्ट ऑफ दिस आर्गुमेंट व्हेन निवेदिता स्टार्टड आर गिविंग आईटी स्वामीजी जनरली वे एक्सपेक्ट डेट वे इंडियन जनरली वे बिल टेक ओवर वॅटीवर अवर गुरुआ इजीली आई बिल नेवर गिव अदर वाइस थिस इस जिवन तो सम स्ट्रांग देवोतीस लाइक नरेन बट एडरवाइज वे में से वे बिल सी बाबूराम महाराज राजा महाराजा महापुरुष महाराज काली महाराज दिस सिंपली तू को ठाकुर बट नोट इंडियन बिल यूजुअली टेक वॅटीवर डी पीपल डी परसों तू होम दे हैव एन ग्रेट रेवरेंस डी ग्रेट रिस्पेक्ट दे बिल टेक हम तू डेट फेस वैल्यू दे बिल टेक देवर शब्द विदाउट अन्य अरगुमेंट्स विदाउट अन्य हेसिटेशन बट व्हेन दिस पर और देवोतीस स्टार्टड कर अराइविंग तू स्वामी जी दे वुड आर यू एन लिटिल हर और डियर बीइंग अमेरिकंस बीइंग ब्रिटिश देवर यू नो आईटी इस आईटी जेनेटिक इफेक्ट आई वुड से डेट आईटी इस जेनेटिक एडवांटेज रदर लेट मी से डिफेंडिंग अपन योर पर्सपेक्टिव पॉइंट ऑफ व्यू यू में ओनली डिफरेंट और एडवांटेज व्हाट एवर दे वुड आर यू स्टॉप अपडेट एवरी स्टेप बट एवं अमोंग डेम निवेदिता वज यूनिक सही वज ऑब्सेसिव सही वुड ऑक्सिजिवली आर्गिव इस स्वामीजी इन एवरी डिटेल एवरी स्मॉल स्मॉल डीटेल्स व्हेनेवर स्वामी जी वुड से समथिंग निवेदी आज 10 क्वेश्चन और आईएफ स्वामीजी आंसर्स दिस और क्वेश्चंस सही वुड स डी जेन 100 मोर क्वेश्चन सो आई एम सर तू सचिन एक्सटेंडेड एवं अदर अमेरिकन देवोटीस्वर फेड अप दिस मेक क्लाउड और सर अली बिल दे कंप्लेंट तू स्वामी जी स्वामी जी वही डू यू गिव हर डेट मैच इंर्पोटेंस लेट हर आर यू यू डोंट हैव तू रिप्लाई डोंट यू सी हो इंसलटिंग सही इस तू यू व्हेन व्हेन सही आस्क क्वेश्चंस डी स्वामीजी सेस डेट आई कैन आर गिव विथ यू जो विथ हर एवरी दे बिकॉज़ आई हैव विथ मी गुरु स्टेप ऑफ मी सिमिलरली अरगोवेट ठाकुर स्वामी जी ठाकुर बट देवर नाइट नरेन एक्सेप्टेड ठाकुर सेंट हम तू काली मंदिर नरेंद्र सिंह एन फू सोंग्स बिफोर मदर काली और दें आईटी हैप्पी डेट जो दिस वरी जो दिस टेंशन जो हिस्ट्री जो डी डिसोल्वड आवे इन डी होली लोटस फिट ऑफ मदर काली और ही ट्रॉली विकम डी इंस्ट्रूमेंट ऑफ डी को ऑफ डी वर्ल्ड अवतार को हेड कम दिस टाइम तू बिंग दिस न्यू मैसेज डी मैसेज ऑफ वेदांत डी सनातन हिंदू संस्कृति विद डी वर्ल्ड सो नरेन विकम डी परफेक्ट इंस्ट्रूमेंट सो था वास डी नाइट ठाकुर वज वेरी हैप्पी इस सेइंग डेट नारायण काली मां से बट इन रियलिटी वे नो डेट नारायण हज एक्सेप्टेड श्री राम कृष्णा विदाउट अन्य इक्विपमेंट विदाउट अन्य बर्ड्स विदाउट अन्य टेंशन ही है फर्स्ट डिसाइड डी वेल सेंट पीटर वैसे डी फर्स्ट डिसाइड जो ऑफ जीसस डी वे अर्जुन अवार्ड फर्स्ट अमोंग दी पांडव ऑफ डी दिस इसे डी डिसीप्ल ऑफ कृष्णा और नरेंद्र विकम डी फर्स्ट अमोंग डी इक्वल्स डी फर्स्ट अमोंग डी 16 मॉनेस्टिक डिसीप्लस ऑफ श्री राम कृष्णा डेट वज डी नाइट सो सी सो सोल हस तू बी टेंपर्ड इन दी फायर इन ऑर्डर तू गेट रीड ऑफ जो दिस डिजायर्स जो दिस डिजायर्स आर नोट ऑलवेज कामिनी और कांतर सम टाइम्स वे फूल डेट यस दिस आर जेनेटिक डिफेक्ट्स इनसाइड एन ह्यूमन बीइंग दत में और एन वूमेन यूजुअली लस्ट पर दे अपोजिट सेक्स अब में और वूमेन यूजुअली दे आर ग्रीडी दे वांट जो दिस वर्ल्डली थिंग्स दिस आर थिंग्स ओके वे कंसीडर दम दिस आर वे कैन इजीली सी आयरन चेंज बट डर आर गोल्डन चेंज अलसो चेंज सो स्टल इन अवर फ्री इन अवर नेक्स्ट डेट वे कैन नोट एवं रिकॉग्नाइज्ड डी बॉन्डीस ऑफ माया ओवर डी तू टेक केयर ऑफ ओवर फैमिली ओवर धीरे तू टेक केयर ऑफ ओवरलोड वंश भाई बिकॉज़ आईटी इस एन ड्यूटी फ्रॉम राइट फ्रॉम डी अवर चाइल्डहुड वे हैव बिन टोटल आईएफ यू एवरी आइडियल चाइल्ड इसे डी वन तू टेक्स्ट टेक्स्ट केयर ऑफ हज ओल्ड फादर और मदर और वे सी जो डीज हॉरिबल स्टोरी नो व्हाट इसे डी पेरेंट्स हैव विकम ओल्ड और चिल्ड्रन दे व्हाट दे डू डी सन व्हाट इस दस ही थ्रो टाइम ओल्ड आगे होम सो ओल्ड दिस इस स्टोरी वे रीड इन डी न्यूज़पेपर और आई वांट तू बी कम डेट आइडियल सन आई बिल टेक केयर ऑफ मी मदर टिल्ट तिलहर तिलहर लास्ट मोमेंट आई बिल टेक केयर ऑफ बट थिस डिजायर इस अलसो एन गोल्डन चैन इन डी निक ऑफ एन सड़क इन ऑर्डर तू ट्रॉली रिलाइज गॉड ट्रॉली रिलाइज ब्रह्मांड वे हैव तू गेट रीड ऑफ वे हैव तू ऑफर जो ओवर डिजीज तू डी लोटस श्रीराम कृष्णा नो यू मैं आस्क मी तू क्वेश्चन व्हाट हैपेंड
Hindi
आ अभी क्या हुआ था की आ चंद्रमणि देवी की तो ठाकुर हमको पता है की चंद्रमणि देवी महा दक्षिणेश्वर में रहती थी वो ठाकुर उनको वहां पे ले आए थे और बड़ी जतन से उनकी वो जो है उनका केयर करते थे भुवनेश्वरी देवी हमको पता है की स्वामी जी जब सेकंड टाइम अमेरिका में गए तो क्या था की जब फर्स्ट टाइम अमेरिका से लोट तो बेलूर मठ बनाने के लिए बिलीव मठ की स्थापना करने के लिए रामकृष्ण मठ की ठाकुर ने कहा था की गंगा के किनारे जो महल मेरी अस्थियों को जो है दफन करना ऐसा ठाकुर ने कहा था तो था वास डी कमांड फ्रॉम ठाकुर हिमसेल्फ तो स्वामी जी ने फर्स्ट टाइम अमेरिका जाकर के अपनी जो भारत की परवाह एन करके जो इतने जो पैसे कलेक्ट किया थे जो फंड कलेक्ट किया था बैलून उससे वो बेलूर मठ की जमीन खरीदी बेलूर मठ की स्थापना की अभी उन्होंने क्या किया की उसे पैसों में से उसे निधि में से उसे फंड में से अपनी मां के लिए एक मकान परचेज करने के लिए ₹5000 कुछ उधर लिए अभी ये जो रुपए जो उन्होंने लिए अभी देखिए किस तरह से इन लोगों का प्रिंसिपल कम करता है नरेंद्र पैसे कमाई स्वामी जी ने अपने मेहनत से पैसे कमाई हैं ये राजा हमारा शरद महाराज वगैरा को तो कोई पहचानता भी नहीं है लोग यही समझते हैं वो रास्ते पे फर्न वाले फकीर है स्वामी जी ही तो देश विदेश में गए स्वामी जी तो वहां से वापस आए तो राजा महाराजाओं ने रथ में से उनके घोड़े हटा करके औरत की रसिया अपने कंधों पे दाल के रथ को खींच था तो वो तो स्वामीजी थे उनके गुरु भाई कौन है कौन नहीं है ठाकुर श्री राम कृष्णा कौन है किसी को नहीं पता था तो स्वामी जी का ही तो पूरा महिमा था उसे समय स्वामी जी ने अपना का खून भा करके इतनी छोटी उम्र में वह जो अस्थमा है डायबिटीज है वो सब लेकर आए थे अमेरिका से जब भारत वापस लौटे पूरा हेल्थ डिस्ट्रॉय कर दिया पैसा कलेक्ट किया और पैसों से वो बेलूर मठ का जमीन खरीदा अभी उसमें से स्वामी जी उधर ले रहे हैं रुपया देखिए आइडियल लोगों का किस हद तक आइडियल फॉलो करते सीधा सीधी बोल दिया होता ये पांच हजार मेरे बाकी के तुम्हारे स्वामी जी के एक भी गुरु भाई उसमें कोई भी विरोध नहीं बताता है ऊपर से वो खुश होते हैं की हां उनकी मां की जो स्थिति है तो उनके लिए मकान तो खरीद करना ही चाहिए आपको पता हो तो स्वामी जी जब प्रभु जी हमें थे जब वर्णन नगर मत छोड़के निकाल गए थे उसे समय ये जो है शरद महाराज फिर ये जो निरंजन महाराज ये तीन कर गुरु भाई थे स्वामी जी के वो उनकी भुवनेश्वरी देवी की और उनके भाइयों की प्रतिदिन खोज लिया करते थे प्रतिदिन कहानी जाकर के देखते थे की क्या उनको खाने को तो मिल रहा है की नहीं वो ठीक है की नहीं तो इतना गुरु भाइयों स्वामी जी के प्रति प्यार था प्रेम था भालोबासा था तो स्वामी जी यदि 5000 लेकर के अपनी मां के लिए अलग से नया मकान खरीद करते तो उनमें से कोई विरोध नहीं करता किंतु फिर भी स्वामी जी को पता है की ठाकुर का नाम लेकर के मैंने ये पैसे कलेक्ट किया जो ठाकुर के ही है अपनी उसे दिन जी रात को उन्होंने अपने को संपूर्ण रूप से जो श्री रामकृष्ण के चरणों में मां काली के चरणों में समर्पित कर दिया स्वामी जी को पता है की उसमें से एक भी चीज अभी जो ठाकुर के नाम पे होगी उनके हस्त वह अपने हाथ में नहीं ले सकते यहां तक की मतलब देखिए आइडियल कहां तक जाता है की स्वामी जी खुद एक बार गड़बड़ गए थे फिर मैन मां को स्वामी जी का कान पकड़ना पड़ा था जब प्ले हुआ कोलकाता में प्लेग रिलीफ स्टार्ट हुआ उसे समय पता चला की मठ के पास अभी इतना पैसा कहां है प्ले डी रिलीफ करेंगे स्वामी जी ने कहा मठ गिरवी रखेंगे मटका जमीन बेचकर के प्ले करेंगे तब मैन याद दिल दिया नरेंद्र यह मत अभी तुम्हारा नहीं है की तुम उसको गिरवी रखो या उसको तो तब कहानी जाकर के नारायन की अकल ठिकाने आई थी यह लोगों का देखिए की आइडियल किस लेवल का राहत है सब एक बार त्याग किया देखिए वो गिरीश होश के बड़े में हम लोग बोलते हैं की सब लोग बाकी सब देवोते गिरीश को बोलते हैं बकलेमा दे दिया पावर ऑफ अटॉर्नी दे दिया बड़े मजे से हो अभी तुम गिरीश खुश राहत है अरे भैया पता है मुझे पता है इस हृदय पर क्या बिताती है जब पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी है उनके घर में उनका किसी एक लड़की या किसी का देहांत हो गया जो की उनको बड़ा प्रिया था गिरीश होश कहते हैं मेरी आंख में से एक आंसू भी नहीं आए ठाकुर की बिना परमेश्वर के ठाकुर की बिना मर्जी के में वो भी नहीं सकता जो की मेरे प्रियजन है परिजन है परिवारजन है उनके लिए तो वाकईमा दे देना या तो फिर संपूर्ण रूप से शरणागत हो जाना लगता तो बड़ा सहज है चलो शरणागत हो जाते हैं जब ध्यान वगैरा की जरूर नहीं है वो जो रामचंद्र डेट उसे समय वो सब चारों और बोलकर घूमता था की हमने तो ठाकुर के ठाकुर हमारे मस्तक को स्पर्श किया है आशीर्वाद दिया है कल्पतरुद्दीन के उसे दिन पहले जान वाली को सबको ईश्वर दर्शन भी करवा दिया है अभी हमको क्या करने की जरूर है किंतु एटा शुद्ध कथा नहीं ठाकुर कहते हैं की मुख्य जनक राजा बोले जन्नत राजा हो जाए ना ये जो ब्रह्म शर्मा जी ठाकुर के पास आते थे कहते थे हमारा जनक राजा का मत है एक हद से संसार चलाएंगे दूसरी और से साधन करेंगे तो ठाकुर कहते हैं अरे भैया जनक राजा ने पर ऊपर करके सर नीचे करके कितने सालों तक तबसे की है तब कहानी जाके वो जनक राजा हुए हैं तो ये एक हास्य संसार में जो साधना ये सब जो हम मुंह से बोलते हैं यहां शरणागत हो जो या बक्कल मी दे दो ये आध्यात्मिक जीवन में जो सहज सरल रखना वाली जो बातें हैं उसके पीछे भी गला काटकर के तपस्या करनी पड़ती है नारायण अजामिल नारायण का भगवान विष्णु का एक नंबर का शत्रु प्रतिदिन उनको गली देता है प्रतिदिन उनको कोस्टा अभी आखिरी दिन क्या हुआ अपने बेटे को बुला लिया पता नहीं किस तरह से उसने बेटे का नाम नारायण रखा ये मैंने पुरी स्टोरी तो पड़ी नहीं कथा अमृत में किंतु इतना आता है की आखिर दिन अपने बेटे को बुलाया बेटा नारायण आओ तो बहू एक नारायण का नाम लिया तो उसको मुक्ति मिल गई तो किसी ने पूछा चलो हम भी इस तरह से एक ही बार भगवान का नाम लेते हैं थोड़ा ठाकुर कहते अरे मूर्ख उसने आगे के जन्म में जन्म में कितनी तपस्या की हमको पता नहीं है तो यह शरणागढ़ होना वगैरा जो सहज सरल भी कॉन्सेप्ट है उसके पीछे भी कितनी तपस्या चाहिए वो इसे ठाकुर को पढ़ करके हमारा सबसे ज्यादा अटैचमेंट है किंतु इससे भी सूक्ष्म अटैचमेंट है उसे करने का कम कंचन का अटैचमेंट तो नजरों से दिखाई देता है किंतु यह नाम यश प्राप्त करने का अटैचमेंट हमको भी नहीं समझ में आता की मैं इस अटैचमेंट में फैंस गया हूं लोग मेरी बातें सुन मैं प्रवचन डन मैं बड़ा आदमी बानो लोग मेरी प्रशंसा कराया अच्छा महाराजा आप कितना अच्छा बोले और मुझे हृदय को सुकून मिलता है तो मुझे भी मिलता है झूठ बोलूंगा किंतु देखिए ये भी एक डेंजरस अटैचमेंट है एक बार इसमें फस गए फिर कहां वो घर बार छोड़कर के आए थे कहां इतने दोनों से साधना की कहां वो बेलूर मठ में 3.5 बजे उठकर के मंगल आरती अटेंड करते थे 10:30 को सोते थे ये सब साधना तपस्या जो है वो पानी में बा जाएगी मिट्टी में मिल जाएगी चलिए एकदम सूक्ष्म सूक्ष्म लगे वाले अटैचमेंट से हम यदि वह सहावत ना रहे फिर इससे भी ज्यादा जैसे हमने स्वामी जी की लाइफ में देखा इससे भी ज्यादा डेंजरस सब अटैचमेंट है अच्छा वो बात किंतु कहना तो रहेगी अभी यदि प्रश्न होता है की यदि माता पिता की सेवा करना यदि एक अटैचमेंट है तो स्वामी जी ने जब अमेरिका पहले बार वह 5000 लिया उधर लिया और फिर मां के सेवा करने के लिए मां का मकान खरीदने के लिए खर्च किया और सेकंड टाइम जब स्वामी जी अमेरिका जाते तो सब समय बोलते रहते हैं अरे मुझे इतना रुपया जो है मुझे बेरो मटका बेलूर मठ का जो सब मैंने रुक उधर लिया है मुझे वापस करना है सब समय बोलते हैं और जो बाकी के स्वामी जी के साथ में वो जो बाकी सब उनके शिष्य थे वो उनके रिमनेस में लिखने हैं की स्वामी जी कितने टेंशन में थे इस बात को लेकर के तो अभी हमको ये प्रश्न अवश्य आता है की यदि सब कुछ उन्होंने अपने गुरु के श्री चरणों में मां काली के चरणों में समर्पित कर दिया उसे दिन रात को जी दिन उन्होंने काली को माना था ठाकुर इतने खुश हुए थे तो फिर ये अटैचमेंट किस तरह का अपनी मां के प्रति यह किस तरह का ये जो मतलब ये माया है की स्वामी जी को इतना बड़े स्वामी जी होने के बाद में भी अपनी मां का संबल करने के लिए शेर करने के लिए आता है तो इसके बड़े में हमको यह जानना है की जैसे ठाकुर कहते है ना की जब सांप चला जाता है किंतु उसकी वो जो रेखाएं हैं वो ऐसी र जाति है तो ये क्या है की एक जो प्रारब्ध कुछ कर्म होते हैं इसको हम लोग स्वीकार करके थोड़ा बहुत ये करते हैं किंतु ये जो है की किस शब्दों में समझाएंगे भीतर में कोई अट्रैक्शंस या अटैचमेंट नहीं है एक शरीर जो है वो एक अपनाकर्मक कर रहा है जैसे भजन करना जैसे वो ठाकुर कहते हैं ना किरानी को यदि करनी यानी क्लर्क एक दुकान वाला एक दुकान वाले को ब्रह्मा ज्ञान प्राप्त हो गया तो ब्रह्मज्ञान में समाधि में से वापस आकर के वो धीरे-धीरे करें नाच में वो नाचेगा ना की वो फिर से अपनी दुकान संभालने को बैठ जाएगा उसे दुकान संभालेगा किंतु इस बार जब दुकान संभलता है तो उसके हृदय में पता है ना ये दुकान मेरी है ना ही मैं दुकान का हूं शरीर धरण किया है तो शरीर के कुछ कर्म है कर्मों को निभा रहा हूं जब तक शरीर है तो भीतर में से जितने भी वो जो अटैचमेंट से बंधन थे जो यह इस वगैरा थी वह सब जलकर के रख हो गई इस शरीर है तो शरीर के कुछ कर्म है तो वो निभा रहा है तो इस तरह से देखिए गहनाक्रमणों गति ही गीता में लिखा है ये जो करमती कटी कितनी गहन और सूक्ष्म है कभी-कभी हम सोचते हैं की मैं तो कर्तव्य का पालनपुर करता हूं कर्तव्य का पालनपुर करते करते कहानी पे हम फिसल जाते हैं पता नहीं चला है और कभी कभी हमको लगता है की मैं त्याग कर रहा हूं तो त्याग करते करते हमारा हृदय इतना सूक्ष्म रू कठोर हो जाता है की सब तरह की ये जो ह्यूमन टेंडेंसेस जो है वो मा जाति है तो वो भी ठीक नहीं है वो जो ठाकुर ने कहा है की वो शुकनो योगी एक जगह से जा रहे थे तो रास्ते में देखा की एक योगी जो है वो एक खाट पे बैठा है तो वो किसी ने उसके बड़े में कुछ अभद्र कमेंट कर दिया रामचंद्र या किसी कोई साथ था तो ठाकुर ने कहा ठाकुर ने कहा योगी है किंतु शुकनो योगी अर्थात रक्ष है उसका हृदय है तो किसी ना कोई अभद्र कमेंट कर दिया ठाकुर उन्होंने लगा की ठाकुर उसकी निंदा कर रहे चलो हम भी वह एक और एक चाबी लगा दे तो ठाकुर ने कहा अरे नहीं उसने त्याग किया है जो त्यागी है वो संसारी से कहानी आगे है तो ये बात है की चलो त्याग किया है बहुत अच्छी बात है किंतु साथ-साथ में ही जो ह्यूमन फीलींगस जो है वो खत्म नहीं हो जानी चाहिए जब स्वामी जी वहां पे थे काशी में तो उसे समय पता चला की बलराम बेसन का डेथ हो गया अभी बलराम तो उनके गुरु भाई जैसे है तो वहां से लेटर गया उनको अभी स्वामी जी ने ठीक किया की मैं सब छोड़ कर के वो परम डी 10 मित्र के साथ में संस्कृत सिख रहे थे सर उसको तो वह सब डिस्कशन कर रहे थे वो छोड़ कर के कोलकाता जा रहे बलराम राशू को उनकी वह जो है अंतिम संस्कार वो अटेंड करने के लिए तो परम दादा बोलते हैं यह आपका किस तरह का त्याग है स्वामी जी मैं तो अभी तक सोचता था इतने आप सन्यासी वीर है इतने हजार साल के बाद में भारत में 1 दिन का एक चिंगारी एक ऐसी प्रकट हुई है जो की सन चंद्रमा को जो है वो प्रज्वलित कर शक्ति है और आखिर में आप भी ऐसे निकले आपके किसी एक बृहस्थ का मृत्यु हो गई आप सब छोड़ करके जा रहे हैं तो स्वामी जी ने कहा अब इस स्वामी जी इस उत्तर देते स्वामी जी ने कहा देखो भाई हमारे गुरु ने ऐसे ही हमको बनाया है ऐसे ही व्रत रूप के बंधन में डाला है हम ऐसे ही है तो देखिए की त्याग और संज्ञा या तो फिर साधना इन दोनों की जो भेद रेखा है उसकी जो ये डिवाइडिंग लाइन है वो बड़ी सूक्ष्म है वो सोच समझकर के हमको साधना करनी है वे आर ब्राह्मण जो अदर आइडिया मस्त बी मस्त इन दिस वन अच्छा तो आज यही तक कल फिर से मिलता है