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Swami Vivekananda's Teachings ·

Swami Vivekananda English & Hindi 15 May 2023

English

सो टीचिंग्स ऑफ स्वामी विवेकानंद आई हैव शेयर्ड मी स्क्रीन और वे हैव ऑलरेडी गान थ्रू दिस टीचिंग वेरी नाइस टीचिंग एन डी दे जो अर्जुन और दुर्योधन बोथ कम तू मेक श्री कृष्णा तू आस्क पर हज फीवर सो दुर्योधन बाज आई थिंक ही वज सो एरोगेंट एन परसों डेट ही वुड भगवान कृष्णा लॉर्ड कृष्णा बाज असली सो व्हाट दुर्योधन दे ही थॉट डेट आई एम एन वेरी इंपॉर्टेंट परसों और आई बिल को और स्टैंड आईटी कृष्णा हेड ऑफ भगवान कृष्णा इस थे आई बिल स्टैंड आई बिल वेट पर हम तू वाले अप और कृष्णा हुआ अर्जुन अवार्ड डेट लेट मी स्टैंड आईटी वेयर कृष्णा स्वीट्स बिकॉज़ आई एम ए हज हम्बल सर्वर आई ऍम ही कृष्णा स्वीट और नो व्हाट हैपेंड वे सो डेट कृष्णा सोहन दुर्योधन फर्स्ट अर्जुन सेकंड सो ही सेड तू दुर्योधन डेट यू हैव फर्स्ट चॉइस फ्रॉम व्हाट आई हैव गो आई हैव गो 2 फर्स्ट इसे मी आर्मी डी ग्रेटेस्ट आर्मी इन डी वर्ल्ड मोस्ट पावरफुल मोस्ट डेली आर्मी इन डी वर्ल्ड डेट इस व्हाट आई हैव गो और डी अदर थिंक आई हैव गो इस मी सेल्फ बट आई बिल नोट फाइट यू कैन टेक मी बट आई बिल नोट फाइट सो दुर्योधन थोर डी चॉइस इस वेरी क्लियर आई बिल सिलेक्ट डी आर्मी और व्हेन कृष्णा सैड डेट अर्जुन नो यू आर सैडल विद मी यू हैव नो ऑप्शन से डेट लॉर्ड एवं आईएफ यू आईएफ यू हैव जिवन मी डी फर्स्ट चॉइस आई वुड हैव सिलेक्टेड यू रदर थान योर आर्मी और दें वे नो व्हाट हैपेंड इन डी वार इत्सेल्फ डी काउंसिल ऑफ कृष्णा वो सो पावरफुल डेट आईटी क बटर दें और एंटीरे आर्मी सो सी रदर दें तू हैव वेल्थ नाम और फेम आईटी इस बटर तू हैव एन गुड कंसल दिस इस वन टीचिंग वीकेंड टेक आवे फ्रॉम थिस और हर स्वामीजी सिस्ट बैटलफील्ड डी धर्मक्षेत्र धर्मक्षेत्र फाइटिंग विथ अवर बेड टेंडर से गुड टेंडेंसी आर पांडव वेट टेंडेंसी आर लवर्स डियर इसे एन बटर बिटवीन कौरव और पांडव एवरीडे एवरीडे फाइट और एवरी दे वे हैव तू डिसाइड हूं विनस इन डी वार इत्सेल्फ पांडव वंस और फोर जो बट इन अवर हार्ट इन डी धर्मक्षेत्र ऑफ ओवर हार्ट वेयर देवर इस एन डेली बटर सम टाइम्स विनस सम टाइम्स पांडव स भेज सम टाइम्स आई आई नो डेट मी वेट इस इंक्रीजिंग मी शुगर इस इंक्रीजिंग सो आई शुदंत आईटी दिस पर्टिकुलर स्वीट सो एग्जांपल सेफ पर एग्जांपल रसूल है सो आई हैव डिसाइड डेट आई बिल नोट लाइक बट व्हाट हैपेंस व्हेन आईटी कॉम बिफोर टेंप्टेड आई एम सो वेरी सच फाइट सच ए कनफ्लिक्ट इन मी हार्ट वेदर तू आईटी दिस और नोट और सम टाइम्स व्हाट हैपेंस वे लेट जो क्वेश्चन अलोन और स्टार्ट ईटिंग डी स्वीट दत ओके लेट मी आईटी इस रसूल आई पर वंस पर वन दे और व्हाट इस रंग ईटिंग एन स्वीट पर वन दे नथिंग रंग सो आई बिल जस्ट आईटी और आई बिल फॉरगेट जो डी मेडिकल क्वेश्चन डेट आई हैव बिन एडवाइस बाय डॉक्टर सोर ऑफ वार बिटवीन पांडव और कौरव अपल्स एवरी दे इन अवर हार्ट और आगे आईटी हैपेंस लवर्स व्हील्स मोस्ट ऑफ डी टाइम ऑफ डी टाइम कवरऑल विन रदर थान पांडव स वेल दिस इस डी नेचर ऑफ ओवर फाइट दिस इस डी नेचर ऑफ डी महाभारत ऑफ वार विच इस गोइंग ऑन इन अवर हार्ट और हर स्वामी जी से इस डी मोस्ट हीरोइन भाई अर्जुन इस थी जनरल बिकॉज़ हूं इस डी जान जनरल दी संकल्प शक्ति डी बिल पावर दिस बिल पावर आईटी तेलसर्स वेट तू ब्रेक वेंटो टॉप ओवर बेड टेंडर सेंट तू चेक इन ओवर सेंशुअल डिजायर वेट तू चेक कर मटेरियल प्ले डी एंकरिंग पर मटेरियल प्लेजेस दिस इस व्हाट इस कॉल्ड तू स मी अवर बुद्धि बाई अवर रियल जनरल इसे दी अर्जुन और एक्चुअली डी लॉर्ड ऑफ डी सोल और आई हर डी कृष्णा इसे दी एक्ट वन सो आईएफ अर्जुन इस बुद्धि अर्जुनाइज बिल पावर तिल डी कृष्णा इसे डी आत्मन सो इन दिस वेरी स्मॉल सेट कोटेशन डी वेरी स्मॉल ट्वीट ये फाइव में उसे डी शब्द डी शब्द पीटी इस वेरी पॉपुलर एंटायर महाभारत व्हाट आर डी बेसिक फंडामेंटल्स वे हैव तू डेवलप अवर जनरल डी कैपेसिटी ऑफ अवर जनरल डेट इस दी संकल्प शक्ति डेट इसे डी बिल पावर डेट इस डी बुद्धि दे इसे दी अवर एबिलिटी तू डिस्क्रिमिनेशन वुड इस गुड और व्हाट इसे एन इविल व्हाट इस राइट और व्हाट इस रंग व्हाट इस प्रेयर और श्रेया दिस प्रेयर और श्रेया शब्द वे हैव यूज्ड बिफोर अलसो प्रेयर यू नो व्हाट इसे डी मीनिंग ऑफ प्रेयर डी समथिंग विच आई लाइक एन प्रेयर इस डी सेंशुअल डिजायर्स और डी श्रेया इस थिंक विच आई शुड डू लाइक आई शुड मेडिट्रेड आई शुड रीड कथमरोध ए शुड डू प्राणायाम डू योग व्हाट आई शुड डू सर और व्हाट आई वांट तू डू आई डोंट वांट तू वेक अप अर्ली इन डी मॉर्निंग आई डोंट वांट तू डू प्राणायाम और योग और रीड कथामृत और तू डू जब देवर आई सिंपली वांट तू स्लीप 7 ओ'क्लॉक 8 ओ'क्लॉक आई वांट तू स्लीप लेट दें आई वांट तू वेक अप और दें आई वांट तू ड्रिंक सम टी और कॉफी और स्क्रॉल इन एन चेयर इस ही चेयर और रीड सम न्यूज़ और रीड सम ओवर युटुब वीडियो और लिसन तू सम सोंग्स दिस इस व्हाट आई वांट तू डू दिस इस व्हाट मी बॉडी डिमांड्स बट व्हेन अवर बॉडी डिमांड्स ओवर स्पिरिट डिमांड समथिंग एल्स दिस जो विच इस देवर इनसाइड स आईटी डिमांड समथिंग एल्स सो वे हैव तू लिसन तू डी सॉन्ग ऑफ सोल और नोट दी विंग ऑफ अवर बॉडी डी लंगर वे लिसन तू डी विनिंग ऑफ अवर बॉडी मदर रिसेंटली आई वो रीडिंग ए रिमिनीसेंस ऑफ महापुरुष महाराज और डी ऑथराइज्ड डी ऑथर इस डी हिमसेल्फ ए मोंक ही से डेट एवं इट्स सचिन एडवांस आगे महापुरुष महाराज मोस्ट प्रोबेबली 70 तू 75 वन दिस रिमेंशंस वज रिटर्न मोंक दिस महाराज इस सेस डेट इवेंट सचिन एडवांस आगे महापुरुष महाराज व्हाट्सएप एवरीडे क्लॉक थ्री ओ क्लॉक और ही बिल को तू डी यू नो इन बेलूर मठ आईटी वास दी ओल्ड श्री डेट इन न्यू टेंपल वास कंस्ट्रक्टेड लेटर ऑन संवारे इन 1936 बट व्हेन महापुरुष महाराज इन दिस ओल्ड आईएफ यू हैव त्रिकोण विजेटेड बेलूर मठ उसे दिन डेट ओल्ड स्ट्राइक सो ही वुड को तू डेट ओल्ड श्री और ही वुड सीट ऑन इन आसन ऑफ मुरुगामा आईटी इस अलसो रिटन डेट व्हाट किड ऑफ आसन दिस महापुरुष महाराज हेड आईटी वज एन मुरूगन शर्मा और ऑन डेट आसन ही वुड सीट और दें ही वुड मेडीटते पर तू अवार्ड एक्टलेस सी इट्स सचिन एडवांस्ड से और दें ही वुड को तू हज रूम और दें मोंगस और जनरली मोंक यंगर मेंस फूड कम तू मेक प्रणाम तू हम और ही वुड तेल डेम सम ओल्ड स्टोरी सम ओल्ड रिमिनीस इंस्टाग्राम इमेज इन डेट सचिन एडवांस है जो 77 एयर अलसो अवर हेड ऑफ डी सेंटर ही हिमसेल्फ इस 75 इयर्स ऑफ आगे बट आई हैव नेवर सीन हम मिस मंगल आरती आई मिस मंगलौर आईटी सम एवं दो आई एम हाफिज आज बट ही रेयरली मिसयूज मंगल आरती एवं दो ही रिटर्न लेट सोमेटाइम्स बिकॉज़ ही हज तू ट्रैवल एन लोट तू गिव लेक्चरर्स ईटीसीरा सम टाइम्स यू वुड रिटर्न वेरी लेट इन डी नाइट और वॅटीवर आईटी मे हैपन ही इसे वेरी बीजी ड्यूरिंग डी दे पर हिप्स हिप्स बॉडी इसे नोट फीड इस हेल्थ इस सफरिंग फ्रॉम दिस इसे सम और कोल्ड और सोमेटाइम्स पर है फ्रॉम फीवर बट आई हैव रेयरली सीन हम नेवर सीन हम मिस मंगल आरती आईटी फाइव ओ क्लॉक हर डेट मैच डिसिप्लिन हज कोड सो सी दिस वेयर दी ओल्ड मोंक ओल्ड जेनरेशन मोंक पर डेम अटेंडिंग मंगल आरती बाज लाइक एन यू नो ब्रह्मा एस आई कमांड फ्रॉम दी गॉड हिमसेल्फ आईटी इस डी कमांड फ्रॉम श्री राम कृष्णा हिमसेल्फ वॅटीवर में हैपन दे बिल नेवर मिस मंगल आरती दिस आउट ऑफ डिटरमिनेशन दे हैव गो बट सभी अवर यंगर जेनरेशन पैरहैप्स थिंक डेट देवर व सच हॉट यश लास्ट नाइट लास्ट नाइट डी टेंपरेचर वो सो हाय आईटी वज सो हॉट आई कनॉट स्लीप डी होल नाइट सो बटर लेट मी स्लीप थ्रोट डी मॉर्निंग और लेटर ऑन आई बिल को तू टेंपल और मेक प्रणाम तू अकुर दिस इस व्हाट में योर फर्स्ट यंगर जेनरेशन मोंक थिंक बट दिस ओल्डर जेनरेशन मोंक आई हैव सीन प्रभानन जी को भी मैंने देखा था

Hindi

प्रभानन जी को बन टीवी हो गया था उनके जो हड्डियां थी वो पुरी वो मतलब वो डेटियोरोरेट हो रही थी प्रभानन जी हमारे वाइस प्रेसिडेंट महाराजा अभी जिनका कुछ दो महीने दो महीने पहले तो मैं उसे समय बेलूर मठ में था और ऑलरेडी वो उनका हेल्थ बहुत ही हो रहा था बहुत ही खराब हो रहा था और बरेली वो अपने से चल सकते थे वह व्हीलचेयर में ही चलते थे और प्राइस दीक्षा देना वगैरा सब कुछ बैंड हो गया था उसे समय तो उसे समय बेलूर मठ में था उनको देखा था की ऐसी स्थिति है की वह खड़े भी नहीं हो का रहा है किंतु उनके सेवक महाराज कैसे भी करके उनको व्हीलचेयर में बिठाकर के वो अपने यदि बेलूर मठ गए होंगे तो प्रभानंद जी महाराज का कैमरा कहां पे है वो देखा होगा वो जो ओल्ड फोर्ट यार्ड है मटका उसके इस साइड में जहां पे ओल्ड ट्रेनिंग सेंटर है उसे साइड में उनका कैमरा था तो वहां से उनके सेवक महाराज वो जो कोर्टयार्ड है व्हीलचेयर में कोर्टयार्ड से लेकर आएंगे अभी क्या होता है की वहां तो सीडी है इतना बड़ा में टेंपल जल्दी देखा होगा वहां पे राम नहीं है वहां पे सीडी है तो फिर वो जो है की एक से वो दोनों सेवक दो साइड से उनको पढ़ते थे वो कितनी कष्ट से कितनी मुश्किल से वो सीधी चढ़ेगा फिर वहां पर खड़े रहेंगे तो और एक सेवक जा करके व्हीलचेयर लेकर आएगा फिर से उनको व्हीलचेयर में बिठाएंगे फिर वो व्हीलचेयर लाकर के वहां पर वह मंदिर में लेकर आएंगे सुबह को 4:00 बजे मंगल का दर्शन करेंगे फिर वही व्हीलचेयर में बैठकर फिर वो सीडी से उतार करके अपने रूम में वापस जाएंगे कितना कष्ट होता होगा सोच लीजिए किंतु मैंने एक दिन भी उनको मंगल आरती मिस करते नहीं देखा ये जो हमारे जो पुराने सन्यासी थे जो पुराने साधु थे उन लोगों ने ये सब चीज एकदम का ली थी मैंने जैसे सब डाइजेस्ट कर लिया था कुछ-कुछ नियम की मंगल आरती तो कभी मिस नहीं करना है कोई चाहे और कुछ भी हो जाए तो मैंने दिल्ली भी गया था शांत आत्मानंद जी को देखा और शांत आत्मानंद जी दिल्ली के हेड है उनको भी देखा वो कितना ही दिन पर कम करते रहेंगे इतनी उम्र हो गई है वो मंगल आरती मिस नहीं करेंगे तो नहीं ही करेंगे तो ऐसे जो पुराने साधु को देखकर के हमको थोड़ा सा मिलता है की चलो इनकी तपस्या के सहारे हम लोग खड़े हैं इनकी तपस्या के कंधों पे हम लोग खड़े हैं न्यूटन ने न्यूटन को किसी ने एक बार पूछा था की आपने इतना दूर तक देखा उन्होंने इतने हजारों साल का हमारा वैज्ञानिक इतिहास विज्ञानियों का इतिहास हम लोग इतने हजारों साल से यह सोने को पर्यटन कर रहे हैं की चंद्र पृथ्वी के आसपास कैसे घूमता है या तो पृथ्वी जो है सूरज के आसपास कैसे घूमती है उसे समय ऐसा माना जाता था की सूरज पृथ्वी के आसपास कैसे घूमता है तो जो भी है ये जो शैलेश टी ल बॉडी जिसको कहते नहीं इंग्लिश में ये जो ग्रह नक्षत्र गैलेक्सी सैटेलाइट मून सन अर्थ प्लैनेट्स ये सब जो है आकाश में ऐसे कैसे खड़े रहते हैं क्या किसी रस्सी से एक दूसरे को बंद दिए गए हैं की क्या है तो ऐसे हम लोग हजारों साल से सोचते थे तो आपने ये जो ग्रेविटी गुरुत्वाकर्षण का नियम जो खोज निकाला इससे हम लोगों को सबको ये समझ में आई है जो पूरा विश्व ब्रह्मांड है कॉसमॉस उसके से कम करता है तो आप इतना दूर तक कैसे देख पे ऐसा किसी ने न्यूटन को पूछा तो न्यूटन ने कहा था एबल तू सी कर बिकॉज़ स्टैंडिंग ऑन डी शोल्डर ऑफ डी जायंट्स अर्थात की मैं इतना दूर देख पाया क्यों क्योंकि मैं जो जयंत लोग हैं जो की बहुत ही लंबे बहुत ही सशक्त लोग हैं जॉइंट लोगों के कंधे पे खड़ा था इसलिए मैं इतना दूर देख पाया तो देखिए की जयंत अर्थात की क्या है की न्यूटन के आने से पहले भी तो कॉपरनिकस एक गैलीलियो है फिर एरिस्टोटल है प्लेटो है और फिर इंडिया से भी वो जो वराह मिहिर है भास्कर है इन लोगों ने इतनी साड़ी खोज की थी तो वो सब लाइब्रेरी में तो सब पड़ी है ना वो ग्रंथ के आकर में पुस्तकों के रूप में तो पढ़-पढ़ कर के तो पहले पूरा बैकग्राउंड तैयार कर दिया फिर जो है की उसे बैकग्राउंड के आधार पर उसने एक नया ही एक पैलेस बनाया एक नई ही एक नए ही वो एक इमारत का एक नए ही बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन किया तो वो तब हो पाया जब इन लोगों ने फाउंडेशन रेडी करके रखा था तो यह जयंद से की जो की जेनरेशन वाले जिन्होंने हमारे लिए रास्ता तैयार करके रखा है तो आज भी हम लोग रामकृष्ण मिशन में जो हम लोग जो सब यंग साधु है हम लोग सोचते हैं की हम लोग सेफ क्योंकि वे आर स्टैंडिंग ऑन डी शोल्डर ऑफ जायंट्स यह प्रभानंद जी ये सुहितानंद जी जो आजकल आनंद जी फिर मैं हर्षानंद जी को मैं पहचानता था हर्षानंद जी बेंगलुरु के हेड थे और मैं जब उसे समय टच में था ट्रेनिंग सेंटर में बेलूर मठ में तो आए थे और वो प्रवचन दिए थे हर्षानंद जी ने एनसाइक्लोपीडिया ऑफ हिंदुइज्म बनाया था इतने बड़े-बड़े दो वॉल्यूम है तो वो देख करके मैं इतना प्रभावित हो गया था तो मैं वह टच में आए थे लेक्चर देने के लिए किसी में क्या होता है की वैसे तो आचार्य महाराज होते हैं जो की डेली पांच क्लास कंडक्ट करते हैं वह जो की सिलेबस होता है उसके अनुसार किंतु इसके अलावा भी जो कोई साधु आता है कोई सेंटर से बेलूर मठ में तो उनको रिक्वेस्ट की जाति है की थोड़ा सा समय हमारे किसी के भाइयों के लिए निकालिए तो वो ट्रेनिंग सेंटर में आकर के हम ब्रह्मचारियों को एक स्पीच देंगे प्रवचन देंगे कुछ अच्छी बातें कहेंगे हमको बड़ा अच्छा लगता था मैंने वो जो डेली जो पांच क्लास है उसको हम लोग पंचतपा बोलते थे अरे पांच क्लास दिन में अटेंड करना मैन पांच टप्पा की थी हमको भी पांच तप करनी पद रही है ऐसा हम लोग आपस में सोचते थे किंतु यह कोई सीनरी साधु आता था बोलने के लिए तो क्या है वो नोटिस वो ग जाति थी वहां पे नोटिस बोर्ड पे हमारे ट्रेनिंग सेंटर में तो हम लोग बड़े खुश हो जाते हैं अरे वो हर्षानंद जी ए रहे हैं फिर एक बार वो विश्वात्मानंद जी आए थे वो एक के बाद एक जो भी सीनियर्स आते हो आते हैं एक तो भूमानंद जी आए थे एक बार पुणे से तो व्यूवर्स तू लुक फॉरवर्ड तू डेट क्लास जो है डेली क्लास को पांच तप जैसे लगता है टेक्निकल सब्जेक्ट पे बोलेंगे विधानसभा बोलेंगे और फिर वो शंकर भाषी के ऊपर में क्लास होगी किसको ये सब करना है किंतु कोई सीनरी साधु आकर के अपने अनुभव की बात कहता है वह पुराने दोनों की बात करता है तो इतना अच्छा लगता था वे यूज्ड तू लुक फॉरवर्ड तू डेट अभी और जैसे हमको पता चला बेलूर मठ में पंगत में तो सब साथ में बैठने हैं ना सब मैन जनरल सेक्रेटरी महाराज से लेकर के ट्रस्टी महाराज से लेकर के जो आज ही आया हुआ ब्रह्मचर्य बिल्कुल पहले दिन जो ब्रह्मचर्य आया सब लोग एक साथ में बैठकर के पंगत में खाना खाएंगे ये बेलूर मठ का बहुत बड़ा एक है वरना दूसरी दूसरी संस्थाओं में जाएंगे ना तो क्या होता है की जो संस्था के वो जो सीनरी लोग होते हैं उन लोगों के लिए रूम में या कहानी सेपरेटली एक उनको डाइनिंग हाल होता है वहां पे उन लोगों के लिए अच्छी-अच्छी स्पेशल सब चीज होती है और ये सब जूनियर लोग जो होते हैं उन लोगों के लिए जो सब और कोई नहीं खाता यह इन लोगों मिला दो मठ में उल्टा है ये जनरल सेक्रेटरी महाराज असिस्टेंट सीक्रेट जनरल सेक्रेटरी महाराज वो सब बैठेंगे अभी होता क्या है अच्छी-अच्छी चीज वे लोग तो नहीं का पाएंगे उम्र हो गई है उनके सामने रख देने से थोड़ा सा ग्रहण करके बोलेंगे अभी दे दो बच्चों को तो अच्छी चीज हम लोग का लेंगे हम लोग देखते थे र देखते थे की वाइस प्रेसिडेंट महाराज प्रेसिडेंट महाराज जनरल सेक्रेटरी महाराज का प्रसाद कब आता है तो थोड़ी डर हुई की वो प्रसाद ए गया तो प्रसाद ए गया तो इस में से हम लोग का लेते हैं उल्टा होता है अच्छी-अच्छी चीज हम बच्चे लोग खाता थे वो सीनरी लोग बेचारे वो भजनानंद जी का थल में तैयार करता था तो देखा था की डबल बाल राइस और वो एक-दो आदि कच्ची एक रोटी नहीं रोटी तो नहीं खाता थे डबल राइस को जो है वो पूरा कृष कर देते थे फिर वो जो है वो एक जो बॉयल वेजिटेबल एक जो राहत था वो मैन वो कैरो राहत था ना की पप्पू पपीता राहत था ऐसा कुछ है और एक ये राहत था एक बोएल एक ऐसा ऐसा ये रहेगा तो वो सब चीजों को कृष कर देंगे फिर वो जो है की जो लोग मछली खाता हैं तो उनको एक थोड़ा सा जैसे भजन सुविधानन जी तो यही सब डबल राइस एक बोल वेजिटेबल केरट या पपीता या तो फिर यह करेला और फिर साथ में सुइटानंद जी मछली खाता तो एक छोटा सा मछली बस इतना ही लोगों का खाना और बाकी का जो पायस है ना की वो इलिश मच है जो कुछ भी है वो सब बच्चे लोग उदा देते हैं तो बेलूर मठ का दिस इस स्पेशली की पहले ही दिन आया हुआ ब्रह्मचारी और डी सीनरी हां प्रेसिडेंट महाराज प्रेसिडेंट महाराज का जो खाना है जो उनके क्वार्टर में बंता है क्योंकि क्या है की उन लोगों का जो है बहुत उम्र हो गई है हर घूम फिर नहीं सकता है तो अभी देखिए प्रधानमंत्री जो है वो पंगत में खाने के लिए नहीं ए पाते थे किंतु क्योंकि मतलब इतना कष्ट होता था किंतु वो मंगल आरती कभी भी मिस नहीं करेंगे तो ये हम लोग जब पंगत में देखते थे खाना खाने के समय की कोई सीनरी साथ वो आया है पंगत में बैठा है इमीडियाटली हम लोग जाकर के हमारे प्रिंसिपल महाराज को बोलते हैं महाराज महाराज जो मारा जाए उनका लेक्चर रखवाई है तो महाराज भी हमारे प्रिंसिपल ना है वो नहीं सिक करके यह सब क्या वो सो वो सब सीनरी साथ हो की बात सीखने रहते हो किंतु इस में असली एक जो आध्यात्मिक जीवन साधु जीवन यदि गठन करना है यदि एक अपने मां को जो है मजबूत बनाना है तो ऐसा होता है की शंकर भया नो डाउट इंपॉर्टेंट है ये जो श्रीधर टीका है गीता के ऊपर में वो हमको सीखने थे फिर ये विवेक चूड़ामणि का एक क्लास राहत था स्वामी जी के ज्ञान योग का एक क्लास राहत था स्वामी जी का ज्ञान योग बनाने की बहुत ही डिफिकल्ट टेक्स्ट समझना के लिए तो वो सब राज्यों का क्लास राहत था किंतु वो सब छोड़ करके ऐसे को पुराने दोनों की बात है या तो रिमेनिंग यह सब सुना पढ़ना और उसके बड़े में जानना यह हमको ज्यादा अच्छा लगता था तो क्या है की देखो हमारे मां के भीतर में श्रेया और श्रेया ये दोनों का युद्ध जो है इन दोनों का जो झगड़ा जो है प्रतिदिन लगा राहत है और जैसे एक मां होती है ना दो बच्चे सब समय झगड़ने रहते हैं तो दोनों को दोनों का हाथ पकड़ कर के वह सेपरेट कर देती है तो वैसे ही यह जो हमारी बुद्धि है अर्जुन रूपी जनरल उसको बोल करके यह दुर्गुण और शगुन का वो जो झगड़ा है उसको मित देना है सदगुण जो है उसको जितना है वो एक अच्छी मतलब वो एक में बात है और भगवान कृष्णा है वो है आत्मा जो की हमारे भीतर में रहकर के हमारे जो हमारा जो पूरा जो कर्म का प्रवाह है उसको गाइड करते हैं अच्छा अभी स्वामी जी क्या कहते हैं वे हैव तू स्टैंड अलोन वे आर ब्राह्मण जो अदर आइडिया वन मुझे अच्छा खाने की इच्छा है मुझे कंफर्ट में रहने की इच्छा है मुझे जो है की वो जो इंद्रियों के सुख भोग है कम कंचन है उसको भोग करने की इच्छा है यह जो सब इच्छाएं हैं कामनाएं हैं उसको जो है जिसके साथ में हम सबसे ज्यादा जीड़ित है तो उससे हमको सेपरेट हो जाना है बेहद तू स्टैंड अलोन वही बिकॉज़ वे आर रहमान यदि कोई कहता है की मैं इंजीनियर हूं कोई कहता है की मैं डॉक्टर हूं कोई कहता है की मैं इतना बड़ा धनी आदमी हूं कोई कहता है की मैं इतना प्रतिष्ठित आदमी हूं कोई कहता है की मैं इतना बुद्धिमान हूं तो मैं बुद्धिमान हूं मैं धनी हूं मैं प्रतिष्ठित हूं वह सब भूल करके हमको सिर्फ एक ही बात याद रखती है मैं आत्मा हूं मैं ब्राह्मण हूं वीडियो है वह सब समय हमारे हृदय में जो है वो झंकृत होना चाहिए तभी तो कहानी जाकर के मनुष्य जीवन का जो सर्वोच्च दिए हैं उसको हम प्राप्त कर पाएंगे यह जो सब पुराने पुराने दोनों की यादें पढ़ेंगे तो देखेंगे की एक के बाद एक जो यंग लड़के बेलूर मठ में आते हैं आखिर क्यों ऐसा लगता है की कहां जैसे स्वर्ग में ए गया है उसे दिनों को तो पता है ना की भारत गुलाम था अंग्रेजन के वो कंट्रोल में था अंग्रेज लोग हम पर राज्य करते थे की जब भी चाहे जिसको भी चाहे पकड़ के जय में दाल देंगे जिसको भी चाहे वो डंडा मारेंगे जिससे भी चाहे वो संपत्ति हरण कर लेंगे और वैसे भी यदि आप ब्रिटिश लोगों के साथ में झगड़ा ना भी हुआ हो आपका आप गरीबी बेकरी जो अराजकता वो इतना था की एक यंग लड़का क्या करेगा इस संसार में बेचारा पूरा परेशान हो जाता था तब उसे स्थिति में से निकाल कर के बैलून मठ में आता था तो लगता था की जैसे वह स्वर्ग में ए गया है है वह जो सब डायरेक्ट डिसीप्ल वह जो 1920 के उसे समय की यदि उसे समय यदि वो आया होता तो देखा की मां है जयरामबाती में राजा महाराज महापुरुष महाराज बाबूराम महाराज वो बेलूर मठ में है शरद महाराज उद्बोधन में है फिर वो अभ्यारण जी महाराज उसे समय न्यू यॉर्क में थे तो ये जो है शशि महाराज का तो देहांत हो गया था दक्षिण दक्षिण भारत तो पूरा राजा महाराजा ने कहा था की दक्षिण में पूरा अंधेरा छ गया तो उसको ऐसा तो नहीं हुआ बाद में एक के मतलब उसे समय के लिए कुछ समय के लिए अंधेरा छ गया शशि महाराज की मा समाधि के बाद किंतु फिर एक के बाद एक हमारे संघ के इतने अच्छे-अच्छे साधुओं ने वहां जाकर के कम किया अभी आज गौतम आनंद जी महाराज है तो बहुत आनंद जी महाराज की वजह से तो पूरा साउथ इंडिया ओटका हुआ है तो मतलब जी की साधना वो जो कहते हैं ना स्टैंडिंग ऑन डी शोल्डर ऑफ जायंट तो पूरा साउथ इंडिया जो है गौतम आनंद जी के कंधों पे खड़ा है उनकी फर्स्ट सैकड़ो पे खड़ा है वो तो मैन जी को देखेंगे की 90 प्लस उनकी आगे है कभी भी मंगल आरती मिस नहीं करेंगे और हमेशा हंसते-हंसते बात करेंगे मेरा मेरा कितना सद्भाग्य था मैं बेलूर मठ में था तो गौतम आनंद जी जितनी भी बार बेलूर मठ बार-बार आना पड़ता है ये मीटिंग है वो मीटिंग है ये सेलिब्रेशन है वो कुछ है तो ऐसा उनको सब समय उनको बेलूर मठ खाना पड़ता था तो मेरा जो कम था हेड क्वार्टर की और से उनको एक्सपोर्ट करके एयरपोर्ट से बेलूर मठ में ले आना और बेलूर मठ से उनको एयरपोर्ट ले जाना आई वज दे रिप्रेजेंटेटिव हैडक्वाटर तो सब मुझे इतना अच्छा लगता था आयुष तू लुक फॉरवर्ड तू डेट मेरा कम राहत था हैडक्वाटर में बहुत बीजी राहत था फिर भी क्या है की यहां हैडक्वाटर में जितने भी साधु हैं सबको वो रोशन में कोई ना कोई सीनियर्स है तो आएगा तो एक रिप्रेजेंटेटिव को भेजना पड़ता है क्योंकि उनको सलमान देने के लिए तो हेड क्वार्टर के जितने साधु हैं तो बाय रोशन सबका नंबर आएगा तो आयुष तू लुक फॉरवर्ड तू डेट की एक बार त्यागना जी आए थे डिस्टेंस से आए थे तो क्या हुआ था दो-तीन बार वह बेलूर मठ से कहानी बाहर फंक्शन के लिए गए थे कोलकाता या साउथ इंडिया ऐसा कुछ तो एयरपोर्ट से रूममेट थे बेलूर मठ एयरपोर्ट गए थे फिर से एयरपोर्ट से बिलॉन्ग और फिर से एयरपोर्ट तीन कर बार ऐसा हुआ था सो आईटी मी गुड फॉर्चून की हर बार में उनके साथ में था तभी एयरपोर्ट से बर्मा का जर्नी समथिंग लाइक 30 मिनट्स का है और जी दिन ट्रैफिक ज्यादा होता है तो 40 मिनट 50 मिनट एक घंटा भी हो जाता है तो उसे समय इतना मजा होता है की इतना सीनरी साधु जो की हम तो इतने जूनियर हैं हमारे सामने देखने का भी उनके पास टाइम नहीं है हमारे जैसे कितने ही जूनियर्स हैं तो बेलूर मठ में घूमते राहत है तो अभी गाड़ी में तो और कोई है नहीं बात करने के लिए वो बैठे हैं और मैं बैठा हूं तो फिर उनके साथ में इतना जी प्राण भर के बात होती थी मैं सब क्वेश्चन उनको कर लेट था महाराज मैंने आपके बड़े में ऐसा सुना है सही है की गलत है क्योंकि क्या है की ब्लू मत में रहेंगे तो सीनरी सीनरी साधुओं के बाद में बहुत उनके बड़े में बहुत कुछ सुनने को मिलता है कभी सीनरी साधु स्वयं यदि नजर के सामने ए जाए तो फिर तो उनको छोड़ना ही नहीं है प्रश्न के बाद प्रश्न पूछना है महाराज ऐसा ये फिर वो बोस्टन में क्या करते हैं वो सब कुछ तथा वो उनके जो लेक्चरर्स से युटुब पे बहुत सुंदर लेक्चर है कभी समय मिलने से सुनिएगा त्यागना जी बोस्टन वेदांत सोसाइटी ऑफ बोस्टन ऐसा करने से मिल जाएंगे किंतु क्या थोड़ा टेक्निकल वेदांत के ऊपर में बोलते हैं तो वो थोड़ा एक अंडरस्टैंडिंग होना चाहिए संस्कृत का और शास्त्र का किंतु यदि नहीं भी है और फिर भी उनको सुनेंगे तो त्यागी तपस्वी साधु है ना उनकी वाणी में अमृत होता है तो सुनकर के हृदय को जो है मां को जो है संध्या हा मिलता है शांति मिलती है तो ऐसे सब साधुओं का बहुत सॉन्ग हुआ है गौतम आनंद जी को तीन से कर बार मुझे एयरपोर्ट से लगा और ले जाना वह मौका मिला है तो वो गाड़ी में तो गौतम आनंद जब आएंगे वो तो हजारों लोग वो सैकड़ो लोग इकट्ठा हो जाएंगे प्रणाम करने के लिए आशीर्वाद लेने के लिए बात करने के लिए वो गाड़ी में कहां जाएंगे गाड़ी में तो वो है मैं हूं सेवक महाराज है दो सेक्रेटरी महाराज और सेवक मारा है और ड्राइवर है तो फिर उसे समय महाराज के साथ बात करना है और महाराज भी इतना सरल शांत सुबह उसे हास्यमुख से वो बात करेंगे मुझे पूछेंगे तुम क्या करते हो क्या नाम है तुम्हारा मतलब क्या है तुम्हारा हिस्ट्री बताओ क्या कम करते हो देखो इतने सीनरी संज्ञा सी है और मैं तो इतना जूनियर था तो सबकी केयर करना सबके बड़े में खबर रखना और नेक्स्ट टाइम में जब जाऊंगा एयरपोर्ट उनको रिसीव करने के लिए तो नाम से पहचानेंगे की हां अच्छा तुम्हारा वो कैसा कैसा चल रहा है उसके बड़े में मतलब याद रखेंगे इन सब चीजों का ये लोगों का ग्रेटनेस कितना है कितने लोग प्रति सप्ताह वो लोग एक दूसरी जगह से जाते हैं हजारों हजारों लोगों को दीक्षा देते हैं फिर भी अपने शिष्यों के बड़े में जूनियर साधुओं के बड़े में यह सब बातें याद रखना उनको प्रश्न करना उनकी केयर करना ये जो उनकी ग्रेटनेस है उसे ग्रेटनेस के ऊपर में वो जो अत्यधिक वह जो है हमारी भी रामकृष्ण संघ की वो बनी हुई है वह इनके कंधों पे आज हम खड़े हैं तो इसलिए हमको टेंशन नहीं होता की चलो एक दो तीन मंगल आरती मिस हो भी गई तो भी क्या टेंशन है यह लोग तो करते हैं अटेंड हमको क्या चिंता है ऐसा सोच करके हम लोग कभी-कभी वो उसमें वो जो है सुबह को सो जाते हैं और उसमें जो है छुट्टी लगा देता है अभी हमारे हमारे बात की जेनरेशन का क्या होगा पता नहीं वो किन के कंधों पे खड़े रहेंगे वो तो अभी ठाकुर ही बताएंगे अच्छा तो आज यही तक कल फिर से मिलते शांति शांति