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ओम स्थापा के धर्म स्वरूप ने अवतार वरिष्ठ आओ राम कंप्लीट शब्द ऑफ स्वामी विवेकानंद उसमें से हम लोग देख रहे हैं स्वामी विवेकानंद का ज्ञान योग के ऊपर में दिया हुआ लेक्चर कॉसमॉस दिन माइक्रोकॉस्म और हमने कल पढ़ा अभी तक की किस तरह से प्रकृति का भाव सौंदर्य है मनुष्य के ऊपर में असर करता है हमारे मां को उच्च लेवल के प्रश्नों की और भट करता है हम लोग यह पूछना शुरू करते हैं की सृष्टि से पहले क्या था सृष्टि से कहां से आई और सृष्टि का नियंत्रण कौन है और यह समझने के लिए स्वामी जी जो शब्द प्रयोग करते हैं इतने खूबसूरत है की आईटी इस लाइक रीडिंग शायरी इन परोस तो लास्ट सेंटेंस जो हमने कल पढ़ा था मैं फिर से एक बार पढ़ना हूं स्वामी जी कहते हैं ओवर मदर अर्थ की थे सीस और ओशन डी रिवर्स और माउंटेंस सिटीज और विलेज ह्यूमन रेसिस्ट एनिमल्स प्लांट्स बर्ड्स और प्लैनेट्स और लुमिनरीज जो दिस इंफिनिटी वैरायटी ऑफ क्रिएशन हेड नो एक्जिस्टेंस हमारी पृथ्वी माता जो है उसके ऊपर में ये विराट समुद्र ये नदियां पहाड़ शहर गांव मनुष्य सभ्यता पशु पश्चियन पेड़ पौधे यह आकाश में दिखने वाले तारे ग्रह इन सब का अस्तित्व नहीं था अभी यह खाने के बाद में स्वामी जी आगे प्रश्न करते हैं क्या यह बात सही है की क्या हम शोर है इस मामले में जब हम यह कहते हैं की जब पूरा विश्व अंधकार में अंधकार से ढाका हुआ था जब सत्य भी नहीं था असद भी नहीं था ना सदाशिव एन असद जी तरह से स्वामी जी ने सूक्त को किया था कल है तो हम यह कहते हैं क्या यह बात जो हम कहते हैं या तो ये जो हमारे मां में मां में जो कल्पना का उदय हुआ है क्या ये सही है क्या ये ठीक है वे बिल ट्राई तू ट्रेस हो दिस कंक्लुजन इस अराइव्ड आईटी ये कंक्लुजन जो है वो किस तरह से आया ये हम समझना का प्रयास करेंगे फोटोस मां सी अराउंड हम मनुष्य अपने चारों और क्या देखा है टेक एन लिटिल प्लांट एक छोटे पौधे को लीजिए ही पूत स्पीड इन डी ग्राउंड मनुष्य जमीन के भीतर में एक बी को रखना है और लेटर ही फाइंड एन प्लांट पीपी आउट देखिए पीपी आउटसाइड पहले तो मनुष्य एक छोटा सा बी सी जमीन के भीतर में बोता है उसमें से एक छोटा पौधा प्रकट होता है स्वामी जी ने शब्द जो उसे किया है पीपल आउट अर्थात की मैन भीतर में से अचानक एक जंप लगा करके खड़े हो जाना ये पता है किस तरह का शब्द है जनरली देखिए जो लोग इंग्लिश स्टडी करते हैं या कोई भी लैंग्वेज स्टडी करते हैं उनको पता होगा की जब आप सामान्य व्यवहार में जो भाषा प्रयोग करते हैं तो जब हमारा कोई भाषा के ऊपर में हमारा कंट्रोल या तो हमारा नियमन सामान्य होने से हम लोग सामान्य शब्दों का पर्यटन प्रयोग करेंगे किंतु यदि हमारा कंट्रोल असामान्य रहेगा अपना कंट्रोल जो लैंग्वेज के ऊपर में जबरदस्त रहेगा तो हम उसे भाषा के बात करना चाहते हैं तो उसे भाषा के सामान्य शब्दों को प्रयोग नहीं करके असामान्य शब्दों का प्रयोग करेंगे कुछ पोएटिक शब्दों का प्रयोग करने की शुरुआत करेंगे जैसे की हमने पिछले सत्ता मां की जीवनी में या तो लीला प्रश्न में देखा था गंभीरानंद जी महाराज और शरद महाराज दोनों का संस्कृत और बंगाली दो भाषण हैं उन दोनों के ऊपर में इस तरह का प्रभुत्व है की वे जो शब्द प्रयोग करेंगे तो शब्द सीधे हमारे हृदय के भीतर में चले जाएंगे शब्द शायद अनयूजुअल होंगे शब्दों का चयन शायद पहले बार हम पढ़ेंगे तो हमको थोड़ा सा कन्फ्यूजन में दाल दे सकता है किंतु एक बार दो बार तीन बार पढ़ने से जो भाव व्यक्त करना चाहते हैं वह हम उसे शब्दों से बहुत ही बखूबी व्यक्त होता है उन्हें बहुत ही सुंदर रूप से व्यक्त होगा क्योंकि उनका भाषा के ऊपर में इस तरह का कंट्रोल है तो यहां पर भी स्वामी जी का इंग्लिश के ऊपर में कंट्रोल इस तरह का है की वो यदि पौधा जमीन में से निकाल रहा है तो जनरली शब्द उसे होता है ग्रा प्लांट ग्रोस आउट ऑफ डी सोई उसकी बजे किंतु स्वामी जी ने शब्द प्रयोग किया है पीपल आउट यह थोड़ा सा ह्यूमरस भी है मैंने थोड़ा सा हमर का हास्य अस्पत तो नहीं होता वो तो गलत ट्रांसलेशन हो गया ह्यूमर्स का भी हिंदी क्या होगा जो भी है की थोड़ा सा यह ह्यूमरस शब्द प्रयोग भी है और साथ में हमारे मां में एक विजुअल कल्पना खड़ी करता है की जब वो एक्प्रिंग है स्प्रिंग को अपने ऐसा करके ढाबा करके रखा है फिर स्प्रिंग छोड़ मिलेंगे तो स्प्रिंग के सिर्फ फराक करके वह खड़ी ऐसा कुछ कहते हैं तो ये पाइप आउट शब्द हमें जिन्हें उसे किया है और अपने मां में एक विजुलाइजेस खड़ा करता है की जमीन में से खड़ा करके एक छोटा सा पौधा खड़ा हो गया तो ये अपने हमारे विजुलाइजेस में भी एक हेल्पफुल है और दूसरा है की हम देख सकते हैं की स्वामी जी का इंग्लिश के ऊपर में प्रभुत्व इतना है की वो अनयूजुअल शब्द प्रयोग कर सकते कर सकते हैं गो जिसका की अर्थ होता है निकालना बड़े होना इसकी बजे कप आउट शब्द का प्रयोग वही करेगा जिसका की इंग्लिश बहुत ही अच्छा है वरना यदि हम ठीक-ठीक नहीं समझेंगे तो क्या होगा की गलत गलत शब्द प्रयोग होना शुरू हो जाएगा यदि कोई कहता है की चलो मुझे इंग्लिश डिक्शनरी या तो गलत शब्द प्रयोग कर लेट हूं उससे क्या होगा की दो चीज हो जाएगी और कहेंगे अरे यह तो बड़े प्रकार के शब्द प्रयोग कर रहा है यह एक होगा और फिर कोई आप हमारी गलती भी नहीं पकड़ पाएगा किंतु ऐसा करने से थोड़े ही मतलब चार-पांच सेंटेंस में ही पता चल जाएगा की इसका नॉलेज रुढीमेंटरी है प्राथमिक कक्षा का है जबकि जो मास्टर होता है वो जैसे-जैसे पढ़ने जाएंगे उनको वैसे-वैसे पता चला जाएगा की अनयूजुअल शब्द प्रयोग सभी परफेक्शौली उसे किया गए हैं और हमारे मां में वो एकदम ठीक रूप से बैठ भी जाते हैं तो स्वामी जी कहते हैं की मनुष्य अपने आसपास में क्या देखा है देख लीजिए की हमारे पास में एक छोटा सा बीच है बीच को हमने जमीन में बॉय और कुछ समय के बाद में एक छोटा सा पौधा फैट करके उसमें से निकाल आता है लिफ्ट इत्सेल्फ तो जमीन में से धीरे-धीरे करके उठाता है और बढ़ता ही जाता है बढ़ता ही जाता है तिल आईटी बीकमस गिगैनटिक ट्री तब तक बढ़ता जाता है जब तक की वो एक विशाल वटवृक्ष में परिणत ना हो जाए यहां पर स्वामी जी ने बनी एंटी का नाम तो नहीं दिया किंतु फिर भी हम लोग मां लेते हैं की बनियान वटवृक्ष के बड़े में वो बोल रहे होंगे तो वहां पर बनी एंट्री शायद इतने नहीं होंगे वरना तो बड़ा विराट रूप से यदि बोलना है तो भारत में वह वटवृक्ष है और अमेरिका में यदि देखा जाए तो वो है रेड बूट्स रेडवुड या तो शुक्रिया यह इतना विराट वृक्ष होता है सीधा सीधा जाता है आई थिंक 400 500 फुट की हाइट पर और वह हजारों सालों तक राहत है मैन रेडवुड जितने लंबे और बड़े वृक्ष और जगत में शायद दूसरे नहीं होंगे हजारों और फैलता है जबकि यह रेड वुड जो है वह पूरा सीधा ऊपर में जाता है वो मैंने वटवृक्ष अपने वो कॉलोनी की तरह है की वो कॉलोनी फैलती ही जाति है जबकि ये रेड वुड है वो स्काईस्क्रैपर की तरह है वो सीधा सीधा ऊपर जाएगा उसके नीचे में आप यदि खड़े रहेंगे तो चींटी की तरह मालूम होंगे ऊपर में देखेंगे तो लगेगा और जैसे पूरे बादल को ऊ रहा है तो यहां पे स्वामी जी कहते हैं की यदि बी को जमीन में बॉय तो हम क्या देखेंगे जमीन में से वो पौधा बन के धीरे-धीरे वो अपने को उठाता है और फिर बढ़ता ही जाता है बढ़ता ही जाता है जब तक एन की वो एक विराट वृक्ष में ना परिणत ना हो जाए दें आईटी डिक तब वह मृत्यु को प्राप्त होता है लिविंग ओनली डी सी बीच को रख के जाता है खुद तो मृत्यु कामता है और बीच को रख के जाता है आईटी कंप्लीट डी सर्किल एक सर्किल को वो संपूर्ण करता है आईटी कॉम आउट ऑफ डी सी बीकमस डी ट्री और एंड्स इन डी सी अगेन एक बीच में से प्रकट होता है बता बड़ा सा वृक्ष बंता है और वृक्ष में से फिर से बीच प्रकट होते हैं और फिर उसकी जीवन लीला समाप्त हो जाति है हमारे यहां पे जैसे मनुष्य के लिए यदि कहा जाएगा तो क्या कहेंगे जन्म मृत्यु जरा व्याधि यह हमारी साइकिल है और यदि गीता का यह जो स्पन की गीता है उसमें बड़ा ही सुंदर दृश्य भी है यह छोटा बच्चा है वह एकदम शिशु मुश्किल से 12 महीने होगा उसे सोया हुआ है उसके बाद में वही शिशु का वह मैं थोड़ा सा बड़ा होकर के दिखाए है वह चित पेंटिंग है बहुत ही सुंदर पेंटिंग है वो बैठा हुआ है बड़ा हुआ तो पांच साथ आठ महीने का होगा तो वो बैठना सीखेंगा फिर और एक एक डेड साल का वो दिखाई हैं वो खड़ा होना शिखा है ऐसा करके वो एक-एक साल के अंतर पे वो पहले तो सोया हुआ था बिल्कुल शिशु था बैठना शिखा खड़े होना शिखा दौड़ना शिखा खेलने शिखा बड़ा हो गया और कम को सूटकेस लेकर के कम करने के लिए जा रहा है नौकरी करने के लिए वृद्ध हुआ है लकड़ी का सहारा लेकर के कमर झुक गई है झुक गई है और फिर अभी वह फिर से सिया में सोया है क्योंकि वो बीमा हो गया है वृद्ध हो गया है और फिर जब वो मृत्यु होती है उसकी तो उसकी यह जो जीवात्मा है वो ऐसे उड़ करके फिर वो शिशु के भीतर में प्रवेश करती है मैन सुंदर वो पेंटिंग है की वह पूरा अपना लाइफ साइकिल तो जन्म से लेकर के बड़े होने तक और वृद्ध होने से लेकर के मृत्यु के बाद में फिर से वो जीवात्मा नया शरीर धरण करता है मनुष्य के बड़े में क्या है जैसे की गीता कहती है की जब तक हमारे कर्म वो वर्कआउट नहीं हो जाएंगे हम लोग एक के बाद एक जन्म लेते ही रहेंगे तो ये मनुष्य के बड़े में है यहां पे स्वामी जी किस तरह से क्या समझते हैं देखते हैं पहले तो बीच बीच को बॉय वॉटरप्रोक्ष हुआ वटवृक्ष में से फल हुए फल में से दूसरे बी निकले और वो बीच को रख करके बटर वृक्ष या तो जो भी वृक्ष होगा वो समाप्त हो गया बीच में से आया बी में समाहित हो गया दूसरी उपमा देते हैं लुक आते बर्ड स्प्रिंग्स किस तरह से एक अंडे में से वो निकलता है अब इस प्रिंस शब्द उसे किया है अंडे में से जन्म लेट है ऐसा नहीं कहा स्प्रिंग्स कहा यानी की जंप लगता है फिर से स्वामी जी एक नया शब्द प्रयोग यहां पे कर रहे हैं जनरली क्या कहना चाहिए की बर्ड कैम्स आउट ऑफ दी एग अथवा तो बर्ड टैक्स बर्थ आउट ऑफ डी आगे उसकी वजह स्वामी जी कहते हैं बर्ड स्प्रिंग्स फ्रॉम डी आते उनका जो इंग्लिश है वो इतना परफेक्ट है और इस तरह से एक विजुअल हमको देते हैं जमीन में से पौधा पीपी आउट हुआ अंडे में से पंछी स्प्रिंग हुआ और जब हम इमेज जब आंख बैंड करके सोचेंगे तो हमको यह सब चीज याद रखना में यह सब विजुअल कस जो हेल्पफुल राहत है तो बर्ड स्प्रिंग्स आउट ऑफ डी आगे लीव्स इट्स लाइफ वो अपना जीवन जीता है और दें डिक और मृत्यु प्राप्त होता है लिविंग आधार आगे दूसरे अंडो को रख करके सीड्स ऑफ डी फ्यूचर बर्ड्स और यह अंडे क्या है भविष्य के पंछियों के लिए ये बी है तो दो उपमा स्वामी जी ने दी बीच में से वृक्ष होता है वृक्ष फल देता है फल में से बी होते हैं और वो बीच में से मैन वो वृक्ष की जो जीवन यात्रा बीच में से शुरू हुई बीच में समाहित हुई तो सिमिलरली ये पंछी की भी जीवन यात्रा अंडे में से शुरू हुई उसे स्प्रिंग आउट होता है अंडे में से वो पनकी एकदम खड़ा करके वो चलांग लगा करके उड़ान भरत है जब भी उसका ठीक ठीक ट्रांसलेशन किया जाए और फिर यदि वह बड़े होने के बाद में अपने से अंडा देता है और वह जब मृत्यु प्राप्त होता है तब उसका अंडा और पीछे में र जाता है वो छोड़ के जाता है सो विद डी एनिमल्स सो विथ में और यही बात पशुओं के लिए भी सही है और यही बात मनुष्य के लिए भी सही है एवरीथिंग इन नेचर बिगिंस आगे आईटी वेयर फ्रॉम सर्टेन सीड्स सर्टेन रुढीमेंट्स सर्टेन फाइन फॉर्म्स इस जगत में सब कुछ कोई एक बीच में से कोई एक प्रारंभिक अवस्था में से कोई एक सूक्ष्म अवस्था में से प्रगति होता है और बीकमस ग्रोसर और ग्रोसर सूक्ष्म अवस्था में से प्रगति हो करके फूल से फूलततर अवस्था की और चला जाता है और डेवलप्स और विकास प्राप्त होता है उसमें से वह इस तरह से वो उसे फूल से फूलततर होता है विकास प्राप्त होता है विकसित होने की भीम कुछ निश्चित समय तक चलती है उसके बाद में इस चीज यानी वो अंडा हो पक्षी हो ना की प्रो वृक्ष हो मनुष्य हो एन की कोई प्राणी हो वो अपने सूक्ष्म फॉर्म में अपने बी रूप में वो फिर से समाहित हो जाता है सब साइड सब साइड से शब्द उसे किया है यानी की समाहित हो जाना मृत्यु या डेथ या तो डिस्ट्रक्शन नहीं उसे किया सब्सिडी उसे किया समाहित हो जाना है इसके पीछे भी हम देख सकते हैं की मृत्यु अर्थात यदि एक तो अंतिम अवस्था हो गई की चलो इसका तो यहां पे समाप्त हो गई लीला किंतु ऐसा नहीं है वो लीला चलती ही रहेगी फिर से वो बीच में से फिर से वो प्रकट होगा फिर से लीला चलेगी फिर से बीच में समाहित होगा और फिर से वो बीच में से प्रकट होगा यानी ये जन्म मृत्यु जरब यदि की साइकिल यदि मनुष्य को उपलक्ष्य करके कहा जाए वृक्ष को यदि हम कहेंगे की जरा और व्याधि हो खीर को प्राप्त होते हैं किंतु मनुष्य के लिए यह ज्यादा सत्य है की जरा और व्याधि तो जन्म और मृत्यु और चार और व्याधि यह साइकिल हमेशा के लिए लिए चलती रहेगी अभी तक तो जो उपमैडी वो तो फिर भी एक सामान्य जगत से ली है अभी एकदम पोएटिक उपमा देने की शुरुआत करते हैं की ये जो बारिश का जो बिंदु है बारिश में ये जो कल परसों यहां पे बारिश हुई थी की वहां पे भी हुई थी कुछ दोनों पहले तो बारिश का ये जो एक जल का एक बिंदु जिसको की सूरज का किरण उसके ऊपर में टकरा करके साथ रंगो में विभाजित हो जाता है तो वो बारिश का बिंदु कहां से प्रकट हुआ वो समुद्र में था वहां पर प्रकाश की गर्मी की वजह से सूरज की गर्मी की वजह से वो वेपराइज हो करके माशा की भूत हो करके अवकाश में उसने आकाश में उठने की शुरुआत की और वो पानी का वो बारिश का बिंदु हुआ तो स्वामीजी डी रैंट्रो इन विच डी ब्यूटीफुल सनबीम इस प्लेईंग वो बारिश का बिंदु वो बारिश का वो जल बिंदु जिसके भीतर में ये सुन भी अर्थात की प्रकाश की सुंदर किरण जिसके भीतर में खेल रही है वह ड्रोन इन डी फॉर्म ऑफ वेपर फ्रॉम डी ओसियन वो समुद्र में से वशी भवन के रूप में वाष्प के रूप में वो ऊपर में आकाश में उठी थी यहां पे देखिए स्वामी जी एक दूसरा सुंदर शब्द उसे करते हैं ड्रोन ड्रोन अर्थात की खींचना अभी वो का सकते हैं की हेड रीजन फ्रॉम डी ओसियन समुद्र में से वह उठी थी यह बारिश की बारिश का यह बिंदु बारिश की यह पानी की पानी का यह बिंदु किंतु यह उठाना रीजन ऐसा नहीं उसे करके उन्होंने कहा बारिश बारिश का जो पानी है वो समुद्र में से खींच गया है ड्रोन मैन जितने भी शब्द इस तरह के विशेष उन्होंने उसे किया हैं वो शब्द सिर्फ याद रखना से भी अमेजिंग के जितने भी उपमाएं हैं वो सब हम हमारे मां में फिट बैठक रख सकते हैं वो पाइप आउट हो गया वहां पे वहां पे स्प्रिंग हो गया पनकी अंडे में से यहां पे बारिश का पानी है वो ड्रोन हुआ ऑप्शन में से समुद्र में से खींच गया वेट पर आवे इन डी और और रिच्ड एन रिचिंग वेयर आईटी चेंज इन वाटर वेट पर आवे इन डी और आकाश में हवा में बहुत दूर तक उसने सफर की और फिर एक इस तरह की जगह पर पहुंच जहां पे वो पानी में प्रेरित हुआ उठाता है जब समुद्र में से बसपा के रूप में वो उठाता है जब उड़ता है की पानी अपने से तो उड़ नहीं सकता वो पानी को तो खुद को तो ड्रोन खींच नहीं सकते आप आकाश में तो वो वाष्प के रूप में वो उठाता है फिर वो ट्रैवल करता है बादल के रूप में पूरे विश्व में और कहानी जाकर के इस बादल का पानी के रूप में परिणीति होती है और फिर वहां पर वह बादल है वह पानी में प्रेरित होकर के पृथ्वी पर गिरता है पानी के रूप में फिर से पानी के रूप में डूबी कन्वर्टेड इन वेपर अगेन पानी के रूप में गिरता है अभी वो आकाश में अभी वो पहाड़ पे गिरेगी ना की जमीन पे गिरेगी ना की वो समुद्र में गिरेगी की नदी में और जहां पे भी गिरेगी उसको एक एन एक दिन फिर से इस सूरज की गर्मी से फिर से वशीभूत होना ही है फिर से उसको आकाश में उड़ना ही है फिर से उसको बादल बन्ना ही है बादल में से बारिश हो करके पृथ्वी पे गिरना ही है ये चक्र उसका चला ही रहेगा सो विद एवरीथिंग इन नेचर बाय विच वे आर सराउंडेड हम ये जितने भी प्राकृतिक फिनोफेना प्राकृतिक दृश्य है जो भी हम अपने चारों और देख रहे हैं उन सब के साथ में यही होता है किसी सूक्ष्म रूप से उसका आरंभ हुआ वह बड़ा होना विकसित होना शुरू हुआ कुछ निश्चित समय तक उसका विकास चला और उसके बाद में वो अपने सूक्ष्म रूप में बी के रूप में फिर से समाहित हो गया स्वामी जी ने शब्द उसे किया है सब साइड समाहित हो गया वे नो डेट डी ह्यूज माउंटेंस आर बीइंग कद अपन बाय ग्लेशियर और रिवर्स हमको पता है की यह विराट पर्वतमाला है उसके ऊपर में ये ग्लेशियर यानी की ये बर्फ की काटने है या तो फिर नदी है ये इसको ऊपर में कम करती है इसको धीरे-धीरे करके ग्रीन डॉ करती है अर्थात की इसका जैसे की रेट है रेट कहां से आई पत्थर को पानी टकराता है और पानी पत्थर के साथ में इतनी बार टकराता है बार-बार की पत्थर के वो चूहा और ये होकर के टुकड़े टुकड़े हो करके धीरे-धीरे करके उसमें से बालू यानी की रेट बन जाति है तो यह बड़ी बड़ी पहाड़ की काटने है उसके ऊपर में यह बर्फ या तो फिर नदी ये दोनों उसके ऊपर में घर्षण करते हैं और घर्षण करके इसको छोटे-छोटे उसको उसको दुष्ट में यानी की धूल मिट्टी में प्रेरित कर देते हैं इतना बड़ा सा पहाड़ और किंतु बर्फ या पानी उसको मिट्टी में मिला दे सकता है क अपन बाइक ग्लेशियर और रिवर्स विचार स्लोली बट सुरेली पाउंडिंग डेम और पुलवराइजिंग डेम इन सेंट बर्फ और नदी धीरे-धीरे किंतु निश्चित रूप से स्लोली बट सुरेली धीरे-धीरे परंतु निश्चित रूप से पाउंडिंग और पुलवराइजिंग दो शब्द उसे किया हैं पाउंडिंग यानी की आघात करना पाल्वेइज अर्थात की मैन वो घंटी में वो चम चक्की पिस्ते हैं ना उसकी तरह उसको पीस करके स्लोली और सुरेली फाइंडिंग और पालवे राइजिंग * कॉन्टिनेंट है तो अमेरिका के किनारे पे किंतु यह पेसिफिक ओसियन टकराता है जोर-जोर से टकराता है और जहां पे वो समुद्र के साथ में ये कॉन्टिनेंट इकट्ठा होते हैं वहां पे देखिएगा जिसको बीच कहते हैं हम इंग्लिश में समुद्र का किनारा पूरा बालू से भारती होगा मैं वो रेट से भारत होगा क्यों क्योंकि वो कॉन्टिनेंट इतना जबरदस्त है जिसके ऊपर वह मनुष्य रहते हैं पेड़ पंछी पशु पक्षी या सब कुछ राहत है उसको भी ये पानी टकरा टकरा करके हजारों लाखों करोड़ साल से टकरा टकरा करके उसको हमने नदी के समुद्र के किनारे एटलिस्ट उसको मिट्टी के बालू के रूप में उसको तोड़ करके पाल्वेइज और फाउंडेशन उसके ऊपर में आघात करके उसको किस-किस करके वो चक्की में पिस्ते हुए मैंने इंग्लिश पीस नहीं वो हिंदी में चक्की की तरफ पीसना वो उसको बालू के रूप में प्रेरित कर दिए हैं डेट ड्रिफ्ट आवे इन दी ओसियन वेयर इट्स सेटल्स डॉ ऑन इट्स बेड अब ये बालू है ये मिट्टी है उसके साथ में क्या होता है ये मिट्टी धीरे धीरे करके ये समुद्र के भीतर में चली जाति है और समुद्र की सात पे जमा होती है और सात पे जमा होकर के फिर क्या कहते हैं ड्रिफ्ट आवे * डी क्वेश्चन समुद्र में जाति है वेयर आईटी सेटल्स डॉ ऑन इट्स बेड समूह समुद्र की सात जो है उसके ऊपर में जमा होती है लेयर आफ्टर लेयर मैन एक के बाद एक स्टार बनती है बीकमिंग हार्ड इसे रॉक्स ये जो बालू जिसको की पानी ने उसको पानी ने उसको पत्थर को चकनाचूर किया था वो वही पत्थर का वह मैन यह दुष्ट सेंड वही पानी के भीतर में बैठा एक के बाद एक लेयर बनाता है धीरे-धीरे करके पत्थर की तरह फिर से मजबूत हो जाता है फिर से स्ट्रांग हो जाता है सेटल्स डॉ ऑन इट्स बेड लेयर आफ्टर लेयर एक के बाद एक स्टार बनाता है बीकमिंग हार्ड इसे रॉक पत्थर की तरह मजबूत हो जाता है वंस मोर तू बी हिप्ड अप इन डी माउंटेंस ऑफ एन फ्यूचर जेनरेशन और ये उसकी सात पे जमा हुई एक के बाद एक स्टार में जमा हुई मिट्टी इतनी पत्थर की तरह मजबूत हो जाति है और भविष्य की जेनरेशन में भविष्य की पत्तियां इसी पत्थर को फिर से पहाड़ के रूप में उठाता हुआ दिखेगी अगेन थे बिल बी फाउंड इन पलवारिस फिर से जब पहाड़ होगा फिर से उसके ऊपर में पानी आगत करेगा फिर से उसको चक्की में पीसेगा ऐंठस डी कोर्स गोस ऑन और वो पुरी भीम चलती रहेगी फ्रॉम सेंड राइस दिस माउंटेंस दे को बालू में से पहाड़ प्रगति होते हैं उत्पन्न होते हैं और यही पहाड़ इस बालू में रेट में मिट्टी में समाहित हो जाता है देखिए इतने सारे एग्जांपल दिए स्वामी जी ने हमको ये संसार चक्र किस तरह से चला है और जी तरह से ठाकुर की उपमा देने की क्षमता थी जो कुछ भी देख लेते थे उसकी वह उपमा दे देते थे वो एक सियोल की वह कहानी वह पता है ना मैंने जब पहले बार सनी थी मुझे इतना हंसी आया था की वो एक गे ना की भैंस के जिले में चला राहत है देखा है की उसका अंडकोष्ठ झूम रहा है वह कब गिरेगी तो वह खाएगा फिर देखा की वो तो गिर नहीं रहा है तो उसको खाने को भी नहीं मिला वो निरसा हो करके चला गया वो कौवे की कहानी की मछली लेकर के चारों और उड़ता है तो जैसे ही कौवे के मुंह में मछली देखते हैं वो दूसरे पंखे उसके पीछे चलते हैं उसको परेशान करते हैं उसके ऊपर आक्रमण करते हैं वो कौवा परेशान हो करके मछली को छोड़ देता है तो पक्षी बाकी सब भी उसको छोड़ देते हैं तो जब तक ये कामना वासना रहेगी तब तक हमको भुगतना पड़ेगा तो यह बात करने के लिए ठाकुर किस तरह से उपमा के बाद उपमा देते हैं स्वामी जी को भी हम देखते हैं की वो संसार चक्र समझने के लिए उन्होंने इतनी साड़ी उपमाए दे दी हमको तो अभी ये उपमा देने के बाद में स्वामी जी का क्या कंक्लुजन है वह हम कर देखेंगे ओम शांति शांति