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जय ठाकुर मैं यह सोच रहा हूं की दिसंबर में जो हमारा जो मंथली मैगज़ीन है रामकृष्ण ज्योत वह प्रकाशित होगा तो उसमें क्या एडिटोरियल लिखना है तो हमको पता है की दिसंबर में 14th दिसंबर आईएफ वे सी डेट इफ सी थिंक अबाउट दिस टॉपिक कंट्रास्ट इस तेरे सच ए डिफरेंस सी विल सी इन डी लाइफ ऑफ होली मदर एंड डी वे वुमेन आर लिविंग टुडे डी एक्सपीरियंस ऑफ इमेज इन टुडेस आगे सो दिस कंट्रास्ट दिस डिफरेंस इस सो वाच्ड डट सैम टाइम डेट इस इट एवं पॉसिबल फॉर मॉडर्न वुमेन तू फॉलो होली मदर फूटस्टेप इस इट एवं पॉसिबल फॉर मॉडर्न वुमेन तू प्रैक्टिस डी टीचिंग्स ऑफ होली मदर यदि हम देखते हैं की इतना बड़ा विरोधाभास है आज की स्त्रियों के जीवन में और उनके अनुभव में और मैन का जो शिक्षण है मैन के जो उपदेश है और जिस तरह से मैन रहती थी वो मैन रहती थी इतने 10 फुट का एक छोटी सी नौबत करके जगती दक्षिणेश्वर में ठाकुर के कमरे से शायद 30 40 फुट दूर होगी वो गंगा के किनारे रहती थी वही 10 जगह में ही मैन का पूरा संसार वहां पर चूल्हा जलेगा वहीं पे खाना pakega वहीं पे वो सब खाने के लिए जितना भी समान है वो रहेगा सोने के लिए भी वह बिस्तर वगैरा वहीं पर है वो ब्लांकेट्स वगैरा और फिर जितने भी वह जो कोलकाता से लेडी देवोतीस जो आती थी वह भी मैन के साथ में वही रहेगी साथ में देवी है या तो फिर जो लक्ष्मी दीदी है ठाकुर की भतीजी वे लोग भी सब एक साथ में यहीं पर रहते द तो इतनी छोटी सी जगह इतनी जगह में क्या मार रहती थी और सुबह को बहुत ही अर्ली मॉर्निंग उठ जाना है उसे समय तो क्या था की अटैच बाथरूम वगैरा नहीं था तो जितने हैं वो सब बाहर में ही करना है तो गंगा के किनारे जाकर के कहीं पे अभी पुरुषों के लिए तो चले यह बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं होगा किंतु हम सोच सकते हैं की स्त्रियों के लिए कितनी बड़ी यह दिक्कत वाली बात है तो मैन बहुत ही जल्दी सुबह में उठ जाती थी और सब स्नान वगैरा सब करके वो वापस ए जाती थी अभी दिन भर वो जो है की वो बाथरूम नहीं जा पाएंगे या कुछ नहीं कर पाएंगे तो मैन खुद कहती है की इस तरह से उनको रोग लग गया मैंने उनको जो पेट की बीमारी हो गई क्योंकि वह सब समय वह गंगा के किनारे नहीं जा पाएंगे तो मैन का यह जीवन है साथ में हम देखते हैं की किस तरह से वह पर्दा डालकर रहती थी ठाकुर के जो सन्यासी मतलब युवा शिष्य द उन्होंने भी मैन का चेहरा कभी नहीं देखा था बहुत ही या तो कम उम्र के लात मारा जैसे शिष्य होंगे जिनके सामने मैन जो है शायद ये जो घूमता खोल करके अपना चेहरा दिखा देती तो इस तरह से एकदम ट्रेडिशनल जीवन जीना एकदम कंजरवेटिव जीवन जीना और मैन का उपदेश भी देखेंगे तो सब समय उनके उपदेश में यह बात दिखाई देगी की यह जो परिवार है परिवार के साथ में कैसे एडजस्ट करके रहना है यह जो एक पगली मामी एक साइड फिर वह जो पागल राजू दूसरी मैन के जो भाई द वह लोग सब समझ झगड़ते रहते द अभी एक दिन की घटना है है की वह जो काली मैन और vardamama कुछ बात को लेकर के दोनों में आपस में झगड़ा हो गया तो हाथापाई ए गई गांव की बात है जहां पर उसे समय मारे थी तो मैन को पता चला मैन दौड़ते हुए गई और दोनों भाई को अपने अलग-अलग खींच रही है अरे तुम उससे तुम्हारा दोस्त है तुम कुछ मत बोलो तुम यहां पे ए जाओ अभी वो तो बड़ी बहन थी तो ये दोनों भाई जो छोटे द तब उनकी गोद में खेले भी द तो बड़े होने के बाद में भी मैन को उनको इस तरह से जतन करना पड़ता है तो यह जो मैन का जो पूरा जीवन है वह पूरा एक फैमिली ओरिएंटेड था जैसे की ठाकुर ने मैन खुद कहती थी की ठाकुर ने मुझे जगत में मेटरूब का प्रचार करने के लिए मुझे छोड़कर के गए हैं वर्ण ठाकुर के जाने के बाद में मैन के शरीर धारण करने की क्या जरूरत क्या आवश्यकता थी मैन रही नहीं पाएगी बिना ठाकुर के किंतु ठाकुर ने कहा था की जगत में मात्रा भाव का प्रचार माने खुद कहा है ये बात माने खुद यह बात कही है की matrubhav का प्रचार करने के लिए ठाकुर मुझे रख करके छोड़ करके गए हैं इस जगह में सो हर लिविंग इन केज इन दिस नंबर वेरी स्मॉल वेरी स्मॉल रूम एंड फोर अन्य से फॉर वाशिंग और फॉर बाथरूम सी हेड तू गो तू डी बैंक ऑफ गंगा बिकॉज इट अन टाइम बिकॉज सी विल हैव तू वाले अप वेरी अर्ली एंड सी हेड तू फिनिश ऑल वाशिंग इतरा एंड रिटर्न तू डी नंबर बिफोर अन्य वैन इस व्हाट्सएप इन दक्षिणायन गो तू गंगा ऑन डी बैंक ऑफ गंगा ड्यूरिंग डे टाइम एंड मदर दिस गिव मी अन डिस्टेंस ऑफ डाइजेस्टिव डिजीज सो मानी पीपल वर्किंग हर एंड तेरे अलसो मदर लाइफ फैमिली ओरिएंटेड लाइफ से हद वैन सिस्टर इन लॉ सी वाज ऑलमोस्ट मेड सी वाज सी हेड शिहाद अडॉप्टेड नॉट लीगली अडॉप्टेड बट सी वाज केयरिंग फॉर राडू हु वैसे डी डॉटर ऑफ हिज भाई ऑफ हर भाई एंड राजू हेड सो में मेंटल एंड फिजिकल प्रॉब्लम्स एवरी टाइम मदर विल हैव तू वरी अबाउट समथिंग फॉर आदर रिगार्डिंग राडू एंड मदर यंगर ब्रदर्स कलीम मामा वधाम इट्स आते रवि सी दे यूज्ड तू फाइट एंड ऑल डी टाइम इन डी होम देयर इस वैन इंसीडेंट व्हेन kalimama हेड फाइट विथ अंदर भाई एंड समवन टोल्ड मदर थॉट्स सी योर ब्रदर्स आर फाइटिंग एंड मदर एंड देयर रेंट तू डी प्लेस वेयर फाइटिंग एंड कूल डेम अपार्ट फिजिकल से वास दी एल्डर सिस्टर एंड हेड तू केयर लाइफ अलसो सी वुड उसे तू वेयर अन लॉन्ग वेल ऑन हर फेस एंड शुड रियली शो हर फेस तू अन्य वैन इस वैन तू ठाकुर एवर इन फ्रंट ऑफ यू वेल सो सच्चे कंजरवेटिव सचिन ऑर्थोडॉक्स लाइफ मदर हस एलईडी एंड ये सी विल हैव तू कंसीडर हो कैन विमान टुडे फॉलो टीचिंग्स गिवन बाय मदर आज की स्त्रियों के जीवन में देखते हैं तो जैसे की किरण बेदी है वह तो आईपीएस ऑफिसर थी उन्होंने जेल में जाकर के कितने रिफॉर्म वगैरा किए जिम तो क्रिमिनल होते हैं यह पुलिस वाले भी तो आधे क्रिमिनल जैसे ही है तो इस तरह से मा पागल लोगों के साथ में रहना उन लोगों के साथ में फाइट करना अभी हमारे तो कितने ही महिला भक्त है जो की डॉक्टर है या तो फिर कोर्ट में वकील है या तो फिर वो टीचर है और प्रोफेसर है इस जगत में वे लोग सबके साथ में खड़े रहकर के पुरुषों के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर के फाइट करती है और वह जो है की अपने परिवार का भरण पोषण भी करती है तो यह जो आज की स्त्रियों का जो जीवन हम देखते हैं और मैन का जो जीवन देखते हैं तो हमको यह प्रश्न होगा की मैन का जो जीवन और जो टीचिंग लाइव एंड टीचिंग क्या इसका कोई रेलीवेंस आज की स्त्रियों के लिए है की भी नहीं है टुडे ऑफ डी सिविलाइजेशन एंड स्तन शोल्डर तू शोल्डर विद मैन एंड पार्टिसिपेट इन एवरी एक्टिविटी फॉर एग्जांपल एंड सी हेड मेड सो में रिफॉर्म्स नौ सी नो डेट हो डीलिंग विथ दर्स एंड दिस क्रिमिनल्स ऑफ हाईएस्ट ऑर्डर इस सो डिफिकल्ट तू डीएल विद डेम एंड 1/2 फॉर पुलिस इस अलसो लाइक यू नो वेरी डिफिकल्ट तू डीएल विद डेम एंड तू मेक डेम एक्सेप्ट डी रिफॉर्म सी वैसे ब्रिंगिंग एंड तू मेक डेम वर्क इस सी वुड से मेक डेम वर्क अंडर अलसो मणि ऑफ अवर लेडी devoteeswar से लॉयर्स इन हाई कोर्ट इदर दे आर टीचर्स और से दे आर प्रोफेशनल्स और दे आर वर्किंग इन आदर इंडस्ट्रीज लाइक इट सेक्टर एट स्टैंडिंग शोल्डर तू शोल्डर विद में दे आर गोइंग आउट इन डी वर्ल्ड डूइंग दिस जॉब दे आर टेकिंग केयर ऑफ डियर फैमिली टेकिंग केयर ऑफ डी एजुकेशन ऑफ डी चिल्ड्रन एवरीथिंग देयर डूइंग इसे देयर इस नो डिफरेंस ऑफ रोल बिटवीन में एंड वुमेन जो पुरुष और स्त्री के बीच में ये जो घर में जो एक रोल था की जो अपनी मैन के जीवन में ही हम देखते हैं ज्यादातर समय घर में रहेगी खाना pakaayegi और हमारे पिताजी है वह बाहर में जाकर के नौकरी करेंगे या बिजनेस करेंगे या जो कुछ भी किंतु आज देखते हैं की बहुत सारी स्त्रियां भी महिलाएं भी बाहर में जाकर के करती है और जो कम पुरुष करते हैं फाइटर पायलट आज तो इंडियन एयरफोर्स में हम देखते हैं की एकदम जो लेटेस्ट मॉडल के फाइटर जेट से मिराज या तो सुख होय उसमें भी महिला पायलेट्स को वो जो है ये लोग एडमिशन दे रहे हैं वो फाइटर पायलट भी है आर्मी में भी है नेशनल डिफेंस अकादमी में भी है वो जहां हमारी राष्ट्रपति स्वयं जो है आज एक दलित महिला है देखिए देश का जो सर्वोच्च सम्माननीय पद है वहां पे एक महिला बैठी हुई है मोस्ट एडवांस मॉडल ऑफ फाइटर जेट दे आर एवं इन नेशनल डिफेंस अकादमी ऑफ इंडिया इसमें फीमेल इंफ्रंट लाइन एवरीव्हेयर तो अभी हमको यह देखना है की मैन का जीवन जो है और आज की महिलाओं का यह जो जीवन और अनुभव है वहां पे समन्वय कहां है तो देखिए हमको एक बहुत ही अच्छा इंसीडेंट मिलता है मैन के जीवन nikalaud और निवेदिता और सारा अली बुल यह जो सब भारत में आए तब अभी ऑलरेडी स्वामी जी जब अमेरिका गए द तो उन्होंने मैन के बारे में बहुत कुछ कहा था पब्लिक में या प्रवचन में कुछ नहीं बोले द वह मैन का जीवन ही ऐसा है की जहर में उसको डिस्कस करने की कोई जरूरत नहीं है किंतु उनकी यह जो फौरन लेडी देवोतीस थी उनके बारे में उन्होंने मैन के जीवन की जो पवित्रता है उनकी जो बिना साधना किए मैंने ठाकुर और स्वामी जी के जीवन में तो हम साधना के बारे में कितना सब कुछ पढ़ते हैं कितना सब कुछ देखते भी है किंतु मैन के जीवन में हम panchtapa है चलो हमने देखा की ठाकुर के शरीर के जाने के बाद में panchtapa का अनुष्ठान किया था माने किंतु उसके अलावा कुछ ठाकुर ने मैन को कहा था की सुबह को उठ जाना है जब ध्यान करना है किंतु एक साधना के रूप में ईश्वर प्राप्ति के लिए ठाकुर और स्वामी जी ने जो किया है वो मैन के जीवन में हमको नहीं देखने को मिलता है ऐसा लगता है की वो सहज तरीके से जब ध्यान कर रही है ऐसा लगता है की वह सहज अब वे ऑफ लाइफ जैसे हम सांस लेते हैं जैसे हम खाना खाते हैं जैसे हम कोई भी नित्य कर्म करते हैं वैसे ही मैन जो है जब ध्यान किया करती थी उसका कोई उद्देश्य नहीं था ईश्वर प्राप्ति का फिर सूर्यनंद जी ने कहा है की मैन के मैन का जो मैन है वह कंठ प्रदेश से कभी नीचे नहीं आया मैंने ये जो हम जो शर्ट चक्र हम देखते हैं तो अनाहत चक्र फिर विशुद्ध चक्र आज्ञा चक्र तो यह जो कंठ प्रदेश का जो चक्र है उससे पीछे मैन का मैन कभी आया ही नहीं ऐसा लगता था मैन जब चाहे मैन काली का दर्शन कर सकती थी जब चाहे ईश्वर दर्शन कर सकती थी किंतु जानबूझकर के माने अपने जीवन को संसार में ओटीपी रखा मैंने देखिए कितना विचित्र बात है की हमको ईश्वर के दर्शन करने के लिए हमको साधना करनी पड़ती है और मैन को जो है ईश्वर का दर्शन ना हो जो घर का कम है वो ठीक तरह से कर पाए इसके लिए उनके मैन को राजू की माया जो है और राजू की माया में लिप्त हो करके अपने मैन को जबरदस्ती नीचे रखना पड़ता था जिससे की वो संसार का सारा कम कर पाए सो हर सी सी कंट्रास्ट इस देयर बिटवीन दी साधना ऑफ ठाकुर एंड स्वामी जी इन डियर बोथ लाइव सी सी डेट इट सो मच साधना सच मेडिटेशन सच डिफिकल्ट डिफरेंट टाइप्स ऑफ स्पिरिचुअल प्रैक्टिस एवरीथिंग ऑर्डर तू रिलाइज्ड ठाकुर एंड स्वामीजी अब बोथ दें देयर निर्विकल्प समाधि एंड दें सी गोद एंड एवरीथिंग सी रीड इन डी लाइफ बट इन मदर लाइफ अस इफ मदर इसे डूइंग दिस जापान एंड मेडिटेशन इस इफ इट्स दे टुडे अफेयर इस इजीली इसे विदाउट अन्य स्ट्रेन एक इट सी वाज ब्रीदिंग और डूइंग अन्य आदर डेली वर्क डेली चॉइस इन हर लाइफ फोर हर मेडिटेशन एंड स्पिरिचुअलिटी वास नॉट डिफरेंट समथिंग डिफरेंट फॉर्म हर दे तू दे लाइफ इट वाज एजी सिकुड़ sikhod shikud हैव अन्य अमाउंट ऑफ रिलिजियस रिलिजन एक्सपीरियंस इस आते हर फंगल टिप्स व्हेनेवर सी वुड विश सी वुड हैव डी विज़न ऑफ गोद मदर काली और इवेंट आपको आफ्टर डी महासमाधि ऑफ ठाकुर सो मदर लाइफ इस सो दीपाली इंटरवोवेन विद दिस स्पिरिचुअल एक्सपिरिएंसेस डेट अनलाइक उस सी हैव तू मेडीटते सी हैव तू प्री सी हैव तू डू तपस्या इन ऑर्डर तू रिलाइज कॉल मदर हद तू मेष हेरसेल्फ इन दी माया ऑफ राजू हर लव फॉर राधास इन हर फीट सो डेट सी कैन डू ऑल दिस दे टुडे वर्क विदाउट बीइंग डिस्ट्रैक्टेड ऑफ डिस्ट्रिक्ट बाय अन्य स्पिरिचुअल एक्सपिरिएंसेस सो दिस इसे डी डिफरेंस बिटवीन अस बट वैन दे थ्री ऑफ थ्री स्वामी विवेकानंद फॉरेन डिसाइड स्कैम तू कोलकाता olibun एंड निवेदिता एंड स्वामीजी tukdem तू मीत मदर अभी निश्चय स्वामी जी ने मैन के बारे में मैन के पवित्र जीवन के बारे में वो उन्होंने सारा अली बुल है निवेदिता है उन सबको बताया था और वे लोग जब भारत में आए स्वामी जी के श्री चरणों का अनुसरण करके स्वामी जी ने कहा की यदि आप कुछ अब मेरे लिए कुछ करना है हो तू हेल्प मी दें हेल्प इंडिया भारत को मदद करो कैसे भी तरीके से तो उन्होंने सोचा भारत में जाएंगे स्वामी जी के साथ तो कोलकाता आकर मैन को मिलने के लिए तो अभी स्वामी जी तो सोचते द स्वामी जी खुद तो गए नहीं पता है की मैन तो ghumataan के रहेगी स्वामी जी के साथ में इतना बात भी नहीं कर पाएंगे मतलब स्वामी जी ने ही कर पाएंगे तो उन्होंने तीन जो महिलाओं को है अकेली भेजा अभी जो है उन्होंने सोचा था की अरे मैं इनके सामने भी घूमता तान के रहेगी उनके साथ में भी थोड़ी बहुत बात करके प्रसाद देके छोड़ देगी किंतु हुआ बिल्कुल विपरीत वो लोग जब मैन के पास गई मैन ने उनको खुले हृदय से खुले हाथों से उनको स्वीकार किया अपने पास में बिठाया उनके साथ में कितनी सारी बातें की अभी मैन बोलती है बंगाली में यह लोग बोलते हैं इंग्लिश में किंतु जब मैन और पुत्री का जब संवाद होता है तो भाषा का कोई महत्व नहीं रहता क्योंकि जो भाव है वह भाषा से बहुत ही ज्यादा ऊपर है और भाव का जो संबंध होता है उसके बीच में भाषा का अंतरराष्ट्रीय कभी नहीं आता निवेदिता ईटीसी डी वे मदर इसे टॉकिंग विथ एवरीवन एल्स बाई कीपिंग हर veltage एंड सी विल टॉक फॉर अन ह्यूमंस एंड दें गिव डेम प्रसाद एंड दें सेंड डेम बैक इंसटिड माधव वेलकम डी डॉक्टर्स ऑफ स्वामी जी विथ ओपन आर्म्स ओपन हार्ट एंड टॉक विद डेम फॉर सच अन लॉन्ग पीरियड ऑफ टाइम आदर वुड टॉक इन बंगाली एंड दे विल टॉक इन इंग्लिश बट रिलेशनशिप ऑफ इमोशंस डेट लव बिटवीन मदर एंड डॉटर ऑफ लैंग्वेज एंड डी इमोशनल बॉन्ड डी लव डेट लैंग्वेज बैरियर नेवर रेमन अन्य प्रॉब्लम तू कम्युनिकेट तो इस तरह से आ स्वामी जी के पास में और जब स्वामी जी को ये सब कहा तो स्वामी जी ने एक लेटर में लिखा है की वो अभिभूत हो गए की जिस तरह से माने इन विदेशी महिलाओं को avkaar दिया था और इसके बाद में हम देखते हैं की जब निवेदिता जो निवेदिता स्कूल है उसकी जब स्थापना करने की शुरुआत की तो मैन ही थी जिन्होंने अपने जो बाकी सब भक्त जो मैन के पास आते द उनको का के उनकी लड़कियों को उनकी पुत्री को निवेदिता स्कूल में भेजा था यह का कर के की उनको शिक्षण की बहुत ही आवश्यकता है तो देखिए यह कैसा एक कंट्रास्ट है की माने खुद ने अपने जीवन में पढ़ तो नहीं की हालांकि वो पढ़ना चाहती थी की तो उनको पढ़ नहीं करने दिया गया यह अलग बात है अभी क्या करेंगे उसे समय की वह जो सब परिस्थितियों थी किंतु उन्होंने जिस तरह से भी अपना जीवन जिया हो वह अपने भक्तों की जो है उनके लिए वह सब समय कहा करते द की निवेदिता स्कूल में भेजो निवेदिता जो सिखाती है वो सीखो अभी देखिए की कहां निवेदिता वो जो शिवसेना रिवॉल्यूशनरी वो आयरलैंड में वो जैसे भारत के भारत तो गुलाम था आयरलैंड के साथ में मतलब इतना मतलब बुरा व्यवहार नहीं हुआ था क्योंकि वो भी तो विदेशी मतलब गोरे-प्रेजा है किंतु वे लोग भी उनके अंडर द रूल ऑफ ब्रिटिश एम्पायर तो आयरलैंड को फ्री करने के लिए जो मूवमेंट चलती थी उसमें निवेदिता उसका एक हिस्सा थी वो इतनी एग्रेसिव थी मतलब वो अपने जो भी आपको भारत के आजादी के बारे में बोलना हो या स्त्री शिक्षण के बारे में बोलना हो एकदम बिना किसी संकोच बिना किसी भाई के वो अपना जो मत है वो अभी व्यक्त कर पाती थी राजा महाराजा भारत की इतने भी जो रिवॉल्यूशनरीज है सब जाकर के निवेदिता को मिलते द निवेदिता सबके साथ में बात करती थी उनको गाइड करती थी सुभाष चंद्र बोस है यह जो वडोदरा के जो राजा है वो जो सयाजीराव गायकवाड़ जिसके बारे में स्वामी जी ने कहा की वो किसी ने स्वामी जी को पूछा की भारत का सर्वश्रेष्ठ राजा कौन है सर्वस्व प्रोग्रेसिव राजा कौन है तो स्वामी जी ने ये सहायता गायकवाड़ का नाम दिया था तो सयाजीराव गायकवाड़ के साथ में निवेदिता ने बात करके उनको गाइड किया था तो वो इतनी जो मॉडर्न उसका जो आउटलुक था मैन चाहती थी की उनके भक्तों की जो लड़कियां हैं उन्हें वेदिता के साथ में रहे उसकी स्कूल में पढ़े और वे लोग भी ये मॉडर्न आउटलुक जो है वह जो अपना है किंतु उसका जो पाया उसका जो फाउंडेशन होगा उसका जो आधार होगा डेट फाउंडेशन विल बी इंडियन स्पिरिचुअलिटी इंडियन स्पिरिचुअलिटी एंड मॉडर्न वे ऑफ लाइफ मॉडर्न साइंस एंड टेक्नोलॉजी मॉडल सिविलाइजेशन कंबाइनिंग फर्स्ट सिविलाइजेशन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक और यह जो आधुनिक जगत की यह जो विद्या है आधुनिक जो जिस तरह से हम रह रहे हैं इन दोनों को कंबाइन करके एक सर्वश्रेष्ठ सिविलाइजेशन का गठन करना है यह मैन का बेसिक जो है वो टीचिंग है सो निवेदिता स्टार्टेड निवेदिता स्कूल इन कोलकाता इन दिस निवेदिता स्कूल एंड सी वुड से डेट प्लीज सी नो डेट निवेदिता वो सच है विवेकानंद मदर हेरसेल्फ isased तू हर देवोतीस अगेन एंड अगेन डेट लेट उर डॉटर्स बी एजुकेटेड बाय निवेदिता सो हर इस डी रिकॉन्सिलिएशन ऑफ दिस तू आइडिया अस डेट मदर ट्रेडिशनल लाइफ एंड बेस्ट ऑन रिलिजन एंड स्पिरिचुअल एंड दिस मॉडर्न वे ऑफ लाइक सी हैव तू कम बोथ इन ऑर्डर तू प्रोड्यूस डी बेस्ट सिविलाइजेशन डेट इसे एवर हैपन आध्यात्मिक और धर्म यह जो है वो हमारे जो बाकी जो हम जीवन में जो कुछ भी करते हैं या तो जॉब करते हैं या तो फिर हम या तो फिर हम अपने बच्चों की परवरिश करते हैं या तो हम परिवार का परिवार का जो पालन पोषण करते हैं खाना पकाते हैं बच्चों को स्कूल में ले जाते हैं अपने माता-पिता की सेवा करते हैं परिवार की संभल रखते हैं यह जो सब हमारा जो जीवन है उससे और आध्यात्मिकता वह कोई अलग चीज नहीं है ऐसा नहीं है की हमने सुबह को आधा घंटा या तो एक घंटा बैठ करके जब ध्यान कर लिया और फिर बाकी का पूरा दिन जो है संसार का कम करते हैं आइडियल क्या है आदर्श क्या है हम दिन भर जो कुछ भी कम करते हैं ईश्वर को हम हमको इस संपूर्ण कमरे प्रत्येक क्षण में ईश्वर को भून लेना है जैसे की वो जो धागा जो मोती का जो हर है जो मोती जो है वो सब धागे में पड़े हुए हैं इस तरह से ये जो हमारे प्रतिदिन भर की जितनी भी घटनाएं हैं जितनी भी इवेंट से वो सब ईश्वर रूपी जो धागा है वह उसमें बनी हुई होनी चाहिए जिससे की प्रत्येक घटना जो है वो ईश्वर में हो जाए कुकिंग में भी सी आर टेकिंग ओवर चिल्ड्रन तू स्कूल में बी आर टेकिंग केयर ऑफ ओवर एल्डरली पेरेंट्स एवरीथिंग सी डू ऑल दिस टास्क ऑल दिस वर्क हज तू बी मेड टर्न टुवर्ड्स डी गोल्ड एवरी टास्क तू बी इन्फ्यूज विद डी गोद कॉन्शसनेस डेट वाज स्पिरिचुअलिटी विल बिकम अपार्ट ऑफ ओवर दे तू दे लाइफ मा के लाइफ में हमने देखा ऐसा कभी नहीं देखा की panchtapa के बाद में वो कहीं पे गई है बहुत सारी तपस्या की है और एक के बाद ईश्वर दर्शन हो रहा है मैन के हाथ में ईश्वर दर्शन मैन की मुट्ठी में था जब चाहे वो मैन मुट्ठी खोल करके ईश्वर को देख पाती थी तो इस तरह से ईश्वर को हमको अपने प्रतिदिन के जीवन जो है उसमें पास में ले आना है मंदिर में उसको छुपा के नहीं रखना है सी हैव तू ब्रिंग गोद इन अवर डे तू डे लाइफ टीचिंग ऑफ होली मदर मैन शारदा देवी का यह है उपदेश और हमारी आधुनिक स्ट्रोक के लिए उनके जीवन और चरित्र का ये है ए महत्व आज यहीं समाप्त करते हैं कल मिलेंगे श्री राम कृष्ण जय राम कृष्ण