Skip to transcript
ClassesSaradakosh

Sri Ramakrishna's Stories ·

स्वामी ब्रह्मानन्द कथित : श्रीरामकृष्णदेव : जैसा हमने उन्हें देखा 12 Nov 2022

Transcript

ओम sthapa का यॉट धर्मस्य सर्वधर्म स्वरूप ने अवतार varishthay ramkrishnayate नमः श्री रामकृष्ण देव के सन्यासी शिष्य ठाकुर के बारे में क्या कहा करते द उनके क्या rementions द उनकी क्या यादें थी वह हम इस किताब में से पढ़ रहे हैं किताब का नाम है श्री रामकृष्ण देव जैसा हमने इन्हें देखा स्वामी ब्रह्मानंद के ठाकुर कहा करते ईश्वर की अनुभूति करने हेतु tivrav व्याकुलता की जरूरत होती है इस संबंध में ठाकुर प्राय एक कहानी बताया करते द एक बार एक साधक ने अपने गुरु से पूछा की ईश्वर की प्राप्ति कैसे हो गुरु ने शिष्य के प्रश्न का कोई उत्तर एन देकर शिष्य को निकटवर्ती सरोवर में ले जाकर उसे पानी में डूबा कर पकड़े रखा कुछ समय में शिष्य बेचैन होकर जब गिरने ही वाला था तो गुरु ने उसे पानी से बाहर निकलते हुए पूछा तुम्हें पानी के भीतर कैसा लग रहा था गुरु ने कहा ईश्वर के लिए ऐसे ही व्याकुलता होने पर तुम्हें ईश्वर की अनुभूति होगी सो ठाकुर से डिड सी हैव तू हैव डेट इंटेंस डिजायर लोंगिंग इन संस्कृत और इंटेंस लॉजिंग गो एंड ओनली दें सी कैन रिलाइज्ड कोड एंड हो दिस इंटेंस डिजायर शुड बी ठाकुर टेंसेज स्टोरी डेट वैन दे वैन में तू ए गुरु एंड गुरु डेट आई वांट तू रिलाइज्ड एंड गुरु से डेट यू नीड तू हैव दिस स्ट्रांग डिजायर हो स्ट्रांग डिजायर 10 डिसीप्लस हेड विनीत डी वाटर एंड डिसीप्ल वाज सफरिंग फ्रॉम डी ब्रेथलैसनेस एंड ही वो स्ट्रगलिंग तू गेट फ्री आफ्टर ए विले गुरु रिलीज फिल्म आज मच यू हेड तू कम आउट ऑफ वाटर सो दिस इंटेंस लोंगिंग इसे अन की तू रिलाइज गोद किंतु यह व्याकुलता के साथ में एक दूसरा पेस्ट ठाकुर सब समय कहा करते द नियर मिटाता रेगुलेट अभी देखिए की मैं कभी-कभी ऐसा होता है ना की जिसको हिंदी में कहा करते हैं मार्केट वैराग्य मार्केट वैराग्य क्या है की सुद्दनली अभी कुछ मेरे घर में कोई प्रॉब्लम हो गया या जहां पर मैं जॉब करता हूं वहां कुछ प्रॉब्लम हो गया चलो ईश्वर भक्ति के लिए आराधना करते हैं तो इस तरह से ऐसा कोई विचार जो है कभी कभी हमारे मैन में ए जाता है किंतु ऐसे विचार के साथ में क्या होता है जब भी कोई गुरु के पास जाता है या किसी के पास जाता है और कहता है की हान मुझे अभी ईश्वर प्राप्ति करने हैं मुझे साधना करनी है मुझे आराधना करनी है मैं क्या करूं तब जब को बताया जाता है की हान तुम प्रतिदिन सुबह को उठकर के एक घंटा जब ध्यान किया करना प्रतिदिन संध्या को एक बार जब ध्यान किया करना तब इससे तुम्हारा हो जाएगा तब उसको लगता है की अरे बस इतना ही इतना तो मैं ऐसे करके कर लूंगा फिर वह 12 सप्ताह करता है और फिर वो एकदम थक जाता है अरे एक दो सत्ता किया मुझे तो मैं बहुत ज्यादा कर सकता हूं इतना कम करने की क्या जरूरत है उसे करके वह टाइम बढ़ा देता है वैसे टाइम तो बढ़ा दिया 3 4 5 6 घंटे किए किंतु कुछ दिनों के बाद में फिर यह पूरा उत्साह ठंडा हो गया और फिर वो वापस घर चला गया मैंने ऐसा देखा मैं बेलूर मठ में था पीपीटी में तो पीटीसी यानी प्री प्रोबेशन ट्रेनिंग सेंटर जहां पर जो नए लड़के जो आते हैं सन्यासी होने के लिए वहां पर ट्रेनिंग के लिए उनको रखा जाता है बहुत अच्छी जगह है बेलूर मठ में बीच में गार्डन है उसके चारों ओर वो बिल्डिंग बना हुआ है तो वहां पर हमारा रूटीन बेहतर था की सुबह को सुबह को 4:30 को उठ जाना और फिर 4:30 को उठकर के एकदम 3:30 को उठ जाना 3:30 को उठ जा करके नहा धोकर के तैयार होकर के 4:00 बजे मंगल आरती में जाना फिर 4 से 5 जो है मंगल आरती फिर वह हमारा जो ट्रेनिंग सेंटर है वहां पर वापस आकर के एक घंटा आधा घंटा योगासन का प्रैक्टिस करना और उसके बाद में ब्रेकफास्ट होता था 6:30 बजे उसके बाद में 1 घंटा वेजिटेबल कटिंग जितने भी हम नए लड़के आए द उन सबको कुछ सेवा करनी होती है किचन में ठाकुर का भंडार जहां पे होता है तो हम लोग अपने हाथों से यह जो खाना बनता था सन्यासियों के लिए साधुओं के लिए वो जो वेजिटेबल्स होते द वो आलू होता है पटल होता है वो सब chhilte द काटते द सब एक साथ में बैठ करके 20-25 ब्रह्मचारी और एक ब्रह्मचारी था वो साथ में वहां पे बैठ के कोई धार्मिक ग्रंथ का पाठ किया करता था तो थ्योरी ऐसा था की यह जो हम यह कम करते हैं यह जो लगता है वेजिटेबल कटिंग कर रहा है किंतु यह तो ईश्वर ठाकुर की सेवा है ठाकुर की पूजा है तो उसे समय हमारे मैन में और कोई विचार ना हो सिर्फ आध्यात्मिक विचार ही धार्मिक विचार ही हो इसलिए या तो वह ठाकुर का कोई जीवन ग्रंथ पाठ होता था या किसी का कोई रीमेंस पार्ट होता था ब्रह्मचारी पाठ करेगा बाकी हम लोग सब एकदम मुंह बंद रखकर के अपना मैन को ऐसा कोई उच्च विचार में फोकस करके केंद्रित करके यह जो है वेजिटेबल वगैरा कट कर देते द उसके बाद में 2 घंटे तक क्लास जिसमें ठाकुरमार स्वामी जी का जीवन वगैरा हमको सिखाया जाएगा और उसके बाद में भोजन दोपहर का उसके बाद आधा 1 घंटा विश्राम होता था और फिर से 2:30 बजे क्लास चालू हो जाता था फिर से दो क्लास तीन क्लास होते द उसके बाद में दोपहर को नाश्ते के बाद में वॉलीबॉल हम प्रैक्टिस करते द जिससे की फिजिकल हेल्थ सब का अच्छा रहे और उसके बाद में संध्या आरती संध्या आरती के बाद में फिर से जो है वहां पर जो बहुत सारे मंदिर है गंगा किनारे जाएंगे तो आपको देखने को मिलेगा तो वह गंगा के किनारे किसी मंदिर में बैठ करके जब ध्यान करना मैं स्वामी जी के मंदिर के पीछे में बैठा करता था जो की गंगा से एकदम लगा हुआ है तो इस तरह का एक पवित्र वातावरण खड़ा होता था की जैसे देखो सामने और कुछ नहीं दिखाई देता गंगा है आकाश है और आकाश में तारे दिखाई देते हैं क्योंकि वहां तो संध्या हो गई होती है तो और पूरा जगत बिल्कुल शांत हो जाता है कोई भी कहीं पे थोड़ा सा भी आवाज़ नहीं सिर्फ हम साधु ब्रह्मचारी जो है हम वहां पर बैठकर जब ध्यान करते हैं तो इतना पवित्र सुंदर वो स्थल था उसके बाद में फिर से हम ट्रेनिंग सेंटर में आते द फिर हम लोग सब वहां पर नियम था की संध्या आरती के बाद लाइट नहीं चलाना है यह जो बड़ी लाइट जो रहती है सिर्फ टेबल लैंप चलेगा तो टेबल लैंप के प्रकाश में हम लोग कथामृत है या ऐसी कोई किताब का पाठ करते द उसके बाद में रात्रि का भोजन 9:00 बजे 9:00 बजे के बाद में हम लोगों का भोजन के बाद क्लास होता था जनरल सेक्रेटरी महाराष्ट्र हमारे उसे समय swarnanand जी खुद वहां पर बैठते द बाकी सब सीनियर सन्यासी हमारे ट्रस्टी बहुत सीनियर संज्ञा सी जिसके साथ में हम 20-25 बिल्कुल नए आए हुए ब्रह्मचारी बैठकर के खिलाफ पाठ होता था फिर से कोई ग्रंथ का बाद में चर्चा होती थी और बेलवा हमारे ट्रेनिंग सेंटर में जाते जाते 10:30 हो जाते द तो सोचिए की हम लोग उठे हैं 3:30 बजे दोपहर में मुश्किल से 1 घंटे का रेस्ट हुआ है और रात को हमको ट्रेनिंग सेंटर में आते ही 10:30 बज गए और फिर सब तैयार होकर सोने में 11:00 बज जाएंगे तो हम लोग दिन भर में इतने मतलब व्यस्त रहते द की हमारे पास और कुछ भी करने का सोचने का समय नहीं था तो यह जो नियमित तिथि हमारे जीवन में वह अनियमितता ही हमको धीरे-धीरे करके यह सन्यास जीवन में आगे ले गई तो सब कुछ घड़ी की तरह होना चाहिए जिस समय अपने तय किया है की इस समय मुझे पाठ करना है तो वो पाठ करना है है यह समय हमको जब ध्यान करना है जो जब ध्यान करना है इस तरह से आप रूटीन बनाकर चलेंगे तो आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ाना आसान हो जाएगा नहीं की एक व्याकुलता से आकर के कुछ दिनों तक आपने किया फिर छोड़ दिया और फिर कभी हाथ में ही नहीं लिया तो व्याकुलता के साथ-साथ में niyambaddhta भी होनी चाहिए तभी हमारा जो आध्यात्मिक जीवन है वो सफल होगा सो हर ठाकुर टेल्स अबाउट लोंगिंग इन अवर लाइफ इन योर हार्ट बट इट डी से टाइम यू नीड तू हैव वेरी डिसिप्लिन लाइफ दिस लोंगिंग एंड डिसिप्लिन बोथ शुड गो हैंड इन हैंड adervise व्हाट विल हैपन विदाउट डिसिप्लिन योर लोंगिंग विल फैक्टर अफेक्ट इट विल आफ्टर विले फिजियोलॉजी न्यूली अराइव्ड ब्रह्मचर्य वे हद तो वाले अप अत 3:30 इन डी मॉर्निंग दें ओवर सेल्फ एवरीथिंग व्हेयर न्यूक्लियस वॉश क्लॉथ एंड एक्सप्लोरर हेड तू अटेंड मंगल आरती मॉर्निंग आरती इन डी टेंपल एक्सप्लोरर दें फ्रॉम फोर तू 5:30 सी हैव तू मेडीटते इन डी टेंपल इत्सेल्फ दें रिटर्न तू ट्रेनिंग सेंटर सी हेड ओवर एक्सरसाइज etsetra चांटिंग चांटिंग डी नाम ऑफ गोद स्तोत्र एवरीथिंग एंड योगासन एक्सरसाइज दें ब्रेकफास्ट वैन ओवर वेजिटेबल कटिंग वेजिटेबल कटिंग इस एक्चुअली अन सर्विस तू ठाकुर सर्विस तो sanyasij एंड सर्च इट इस अन वरशिप फॉर अस विले वे विल फुल पोटैटो और दम वैन ब्रा सारी वह सीट इन कॉर्नर एंड रेड वैन ऑफ अवर हॉलीवुड टॉक अमोंग इ आदर टॉक रबिश अमोंग इ आदर धारण जनरली दिस इस व्हाट हैपेंस व्हेन सी टॉक्स बट सी हैव तू फोकस अवर माइंड ड्यूरिंग वेजिटेबल कटिंग अपॉन गोद आफ्टर वेजिटेबल कटिंग सी हेड तू अवर्स ऑफ क्लासेस थ्री क्लासेस इन डी मॉर्निंग आफ्टरनून लंच दें ऑलमोस्ट हाफ अन हौर वैन ओवर रेस्ट दें 2 एंड 2:30 पीएम इन दे आफ्टर लोन तू मोर क्लासेस ऑन डी बैंक टेंपल वेयर इट मीट्स गंगा एंड एंटरटेन डी वर्ल्ड सो पीसफुल कम एंड क्यूट देयर इस नथिंग बट मरमर ऑफ डी फॉलोइंग रिवर्स एंड ट्विंकल इन स्टार्स इन डी स्काई एंड विथ लॉट्स ऑफ मोंक इट डूइंग मेडिटेशन होम ओर इन डी टेंपल आफ्टर वर्ल्ड्स विल रिटेन ओवर ट्रेनिंग सेंटर एंड इन डी इवनिंग आफ्टर इवनिंग आर टी इट वाज अन रूल नेवर तू स्विच ऑन डी सीलिंग लाइट सी हेड तू रीड वाटेवर यू वांट तू रीड इन दिस लैंप लाइट एंड आफ्टर रीडिंग नाइट डिनर आफ्टर डिनर अंदर क्लास विथ अवर जनरल सेक्रेटरी महाराज एंड सी विल रिटर्न तू ओवर ट्रेनिंग सेंटर अत 10:30 इमेजिंग डेट सी विल बी एबल तू स्लीप इट इलेवन ऑफ क्लॉक हेड सचिन इंटेंस डेली रूटीन डेली डिसिप्लिन एंड 30 व्हाट प्रोपेल्ड उस अहेड लेटर ऑन इन अवर लाइफ सो लोंगिंग एंड डिसिप्लिन बोथ आर मेड तू प्रोग्रेस हर एक अन्य समय उन्होंने कहा क्या तुम जानते हो की ईश्वर की अनुभूति के लिए कैसा प्रेम चाहिए जिस प्रकार सर में घाव हो जाने के कारण कोई कुत्ता व्याकुल और मत होकर चारों ओर जोड़ता है वैसे ही ईश्वर की खोज करने के लिए घर vyakhulta होनी चाहिए तो व्याकुलता और डिसिप्लिन यह दोनों चीज ठाकुर ने अलग अलग समय अपने शिष्यों को बताई थी अंदर स्टोरी अंदर एनालॉजी अंदर स्माइल हो वे शोल्ड हैव दिस सेंटेंस अन ओनली दें सी कैन मेंटेन avarses एंड दिस ग्रिलिंग रूटीन ये दिन के बाद दिन प्रतिदिन सुबह को उठकर के मंगला आरती में जाना क्लासेस अटेंड करना संध्या आरती में जाना ये पार्ट करना जब ध्यान करना ये बोरिंग हो जाता है कभी कभी ये बहुत ही हमको रूटीन जैसा लगने लगता है तो ठाकुर इसीलिए कहते हैं की ये यदि व्याकुलता जीवन भर हमारा साथ नहीं देगी तो हम लोग कुछ देर के बाद रूटीन से उठ जाएंगे और छोड़ करके चले जाएंगे तो पहले जब मैंने पढ़ा तो मैंने सोचा ठाकुर तो घड़ी पहनते नहीं तो फिर अपना हाथ क्यों देख रहे हैं ऐसा घड़ी की तरह टाइम खोजने के लिए तब उन्होंने कहा की यह जो हमारे जो बाल है हाथ पर मैं यदि हम उसको देख पाते हैं तब तक दिन है और जैसे अंधेरा हो जाता है तो हाथ के ऊपर यह जो बाल है हमने देख पाएंगे इसका अर्थ है की अभी संध्या हो चुकी है और सब कुछ छोड़कर के ईश्वर का नाम लेना चाहिए तो यह थी ठाकुर की खड़ी मैंने इस तरह से वह जागृत रहते द की कहीं यह समय ना चला जाए मुझे जो करना है जीवन का जो सर्वोच्च उद्देश्य है वो करने का इतने जागरूक ठाकुर रहते द लुकिंग अत हिज एंड काउंटिंग हेयर्स ऑन हिज हेड वॉइस ठाकुर वाचिंग है हैंड एंड काउंटिंग ट्राईंग तू काउंट हर ही इसे नॉट वेयरिंग अन्य वॉच इट इस नॉट गोइंग तू गिव अन्य टाइम बट देन ठाकुर एंड इट इस टाइम फॉर यू तू लीव है जो एक गृहस्ती है जो संसारी है वह इस तरह का रूटिंग कैसे मेंटेन कर सकता है उसको तो कभी-कभी कुछ भी प्रॉब्लम ए जाता है कभी कुछ भी वो समस्या ए जाती है जॉब करते हैं बिजनेस है वो सब में इस तरह का रूटीन फॉलो करना या संभव भी होता है की नहीं दिन भर कम किया अभी थके हरे घर आए हैं अभी इतने थक चुके हैं अभी खासकर के आजकल जीवन जीवन में अपने समय में देखता था की जो लोग जॉब कर मैं घर में था मैं देखता था की 5:30 हुए की सब लोग घर ए गए अपने बिजनेस है या नौकरी है वहां से और 5:30 घर ए गए खाना खाया फिर चलो किसी के वहां मिलने को चलते हैं किसी संबंधी के वहां गए ना की कहीं बाहर घूमने तो गए इस तरह किंतु आजकल तो देखता हूं की रात को 8-89 बजे तक वह कम किए ही जा रहे हैं आते-आते बिल्कुल संध्या हो चुकी है और दिन भर इतना कम कर लिया है ओवर टाइम किया कुछ भी करने को अभी साहस भी नहीं है शक्ति भी नहीं है पूरा शरीर मैन जो है थक चुका है कलां तो हो गया है तो इस तरह के जीवन में रहते रहते किस तरह से हम ईश्वर साधना कर सकते हैं यह प्रश्न आता है तो अभी इसका तो उपाय एक ही है की ठाकुर ने कहा है की बीच-बीच में जंगल में जाकर के एकांतवास करके आपको कुछ दिन साधना करनी चाहिए कहीं कुछ आश्रम में चले गए कहीं पे कोई इस तरह की जगह पे चले गए हिल स्टेशन हो या ऐसी कोई जगह की जहां पर कोई ज्यादा लोग ना आते हो आप अपने अकेले रह सकते हो और फिर वहां पर जाकर आप थोड़ी बहुत साधना कर सकते हो हर अन क्वेश्चन रिसेस डी टुडे इसे वुमेन दे आर सो बिजी सोमेटाइम्स व्हेन दे आर डूइंग जॉब ओर बिजनेस etsetra हो इसे इट पॉसिबल फॉर डेम तू फॉलो सच ट्रिक रूटीन वन आई वास इन माय होम व्हेन आई वाज अन चाइल्ड आई यूज्ड तू सी डेट डी में हु हेड जॉब देयर इसे तू रिटर्न होममेड फाइव ओ क्लॉक समथिंग लाइक डेट एंड इवनिंग फोर्स अवर ऑन इवनिंग वैसे ऑफ फैमिली इवनिंग इदर विल सी टुगेदर टॉक amangover सेल्स और गो आउट मीत सैम वैन गो सैम प्लेस वॉच गार्डन इट्स एतरा हैप्पी डेज़ सी सी डी जॉब टेक्सास सो मच ऑफ योर टाइम यू आर बिजनेस हो कैन टाइम मेंटेन माय रूटीन सो हर ठाकुर सॉल्यूशन एंड कट योरसेल्फ ऑफ ऑफ डी ग्रेट नौ अबाउट गोइंग ऑफ डी ग्रेट स्विच ऑफ योर मोबाइल्स एंड स्विच ऑफ योर सोशल मीडिया अकाउंट्स फॉर ए वीकेंड इट्स एंड फोकस योर माइंड कंपलीटली मैंने कभी हम एकांत में भी जाएंगे तो ये मोबाइल जो है साथ में रहेगा तो वो एकांत का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि हम पूरा संसार साथ में लेकर जा रहा है तो फिर जाते हो तो मोबाइल को भी स्विच ऑफ कर दो सोशल मीडिया अकाउंट को भी इतना समय स्विच ऑफ कर दो तभी कहीं जाकर के हम अपने जीवन में आगे बढ़ पाएंगे ठाकुर कहा करते द की भाव के घर में कोई चोरी नहीं करनी चाहिए अर्थात दंभा पर छोड़कर मन्मुख एक करके ईश्वर प्राप्ति के साधना करनी चाहिए सरल हृदय साधकों को बहुत प्यार करते द वह कहा करते द मैं चापलूसी की परवाह नहीं करता मैं उसे व्यक्ति को प्यार करता हूं जो aantrikta और nishthapurvak ईश्वर को पुकारता है ठाकुर यह भी कहते द की आंतरिक निष्ठा से ईश्वर को पुकारने पर मैन के सभी निर्गुण और अशुद्ध भाव चले जाते देखिए दो बात ठाकुर ने हमको यहां पर कही है की यहां पर कोई शॉर्टकट नहीं शॉर्टकट के साथ की हमने ठाकुर मंदिर में जाकर के इतना प्रणामी दे दिया किसी साधुओं को कोई भंडारा दे दिया खाना खिला दिया प्रणामी मत दक्षिण दे दिया और फिर कहा की मैंने आपके लिए इतना किया है अभी आप मेरे लिए इतना करो ये जो सब विधि वगैरा करवाते हैं ना हम लोग तो ठाकुर दूसरी एक जगह पे कहते हैं की ईश्वर क्या कोई दुकान में जाकर के कोई चीज परचेज करते हैं की हान मुझे मोबाइल अच्छा लगा मैं इतना रुपया देता हूं आप मुझे इतने रुपए में मोबाइल दे दो तो ठाकुर के इस तरह की कोई चीज है की आप उसको खरीद सकते हैं मैंने आपको इतना दिया अभी आप मुझे इतना दीजिए ठाकुर के साथ में हमारा संबंध संतान और माता पिता के बीच में जो संबंध होता है उसे तरह का संबंध होता है अब जो बच्चा होता है मैन को प्रेम करता है इसलिए नहीं की मैन से उसको कुछ मिलने वाला है मिलता है निश्चय मिलता है किंतु उसके अलावा भी कोई फार अबाउट अन्य वाली गेम्स जो संबंध होता है वो शुद्ध प्रेम के ऊपर में निस्वार्थ पवित्र प्रेम के ऊपर में बना हुआ है तो इस तरह से ईश्वर के साथ में शुद्ध पवित्र प्रेम से नाता बनाना है नहीं की ईश्वर को कहना है की हान मुझे यह दे दो बदले में मैं तुम्हारे मंदिर में इतना चड्ढा हुआ दे दूंगा या मैं बदले में इतना कुछ कर लूंगा यह व्रत कर लूंगा या यह यात्रा कर लूंगा वगैरा ईश्वर को प्रेम करना चाहिए और प्रेम से बंद करके ईश्वर को यदि हमको कुछ देना है तो वह उसकी इच्छा दे तो भी ठीक है नहीं दे तो भी ठीक है कोई फर्क नहीं पड़ता हम अपने से जो होता है इतना कर लेंगे हर ठाकुर से नो गिव एंड टेक इन डी रिलेशनशिप बिटवीन बू एंड गोद देयर शुड बी नो insenseity देयर शुड बी नो टाइम तू प्लेस इन फैक्ट प्रेस सोमेटाइम्स सी गिव प्रेस बाय डेट आई वांट तू गैन समथिंग फ्रॉम हेमा अरे यू आर डूइंग सच अन नाइस थिंग विद एक्सपेक्टेशन डेट ही विल फेयर मी इन सैम वे सो नेवर दिस गिव दिस फेक प्रेस और ट्री तू फाइंड अन्य शॉर्टकट इन स्पिरिचुअल लाइफ ओवर रिलेशनशिप विद गोद शुड बी रिलेशनशिप टेक केयर ऑफर्स एंड मैटर आई विल टेक केयर ऑफ माय सेल्फ अगेन डिफरेंट मैटर वेरी वेल बिकॉज आई डोंट वांट एनीथिंग इन रिटर्न फ्रॉम ठाकुर इन दिस लाइफ इन दिस संसार आई विल टेक केयर ऑफ माय सेल्फ आई जस्ट वांट तू लव गोद फॉर डी से ऑफ लव रदर दें आस्किंग एनीथिंग इन रिटर्न एक बहुत अच्छा कहानी ठाकुर बताते हैं की दो मित्र जा रहे द तो रास्ते में शेर दिख गया तो एक मित्र कहता है की अरे चलो हम भगवान को बुलाते हैं राम को बुलाते हैं ना कृष्ण को बुलाते हैं हमको बचा लेंगे तो दूसरा मित्र कहता है अरे उन लोगों को तकलीफ देने की क्या जरूरत है आओ हम यह पेड़ पर चढ़ जाता है तो देखो अब बोलेंगे किसका भक्ति ज्यादा है जो छोटी-छोटी चीजों में भगवान को याद करता है उसका तो भक्ति ज्यादा होना चाहिए दूसरा मित्र कहता है की यह सब चीजों के लिए ईश्वर को तकलीफ मत दो अपना रास्ता अपने को खोज लो भगवान से भगवान राम से यदि कोई रिश्ता है तो हनुमान और राम का जो रिश्ता है दासिया भक्ति और अपने वो जो ईश्वर से इस तरह का रिश्ता होना चाहिए जो कृष्ण और कृष्ण के साथ में कोई रिश्ता बनाना है तो सुदामा का जिस तरह से रिश्ता था नाता था| एक सखी भाव तो इस तरह से रिश्ता बनाना चाहिए जो लव प्रेम रदर थन अन्य डिमांड ठाकुर ने ठाकुर है शोल्डर वेरी नाइस स्टोरी तू फ्रेंड्स लेटेस्ट कॉल राम और कृष्ण अंदर फ्रेंड्स लव फॉर डी शॉप ऑफ लव ग्रेटर थन अन्य गिव एंड टेक अन्य रिलेशन डेट एक्जिस्ट इन दिस वर्ल्ड इफ यू हैव तू हैव रिलेशनशिप विथ लॉर्ड राम दें हैव डी रिलेशनशिप ऑफ डी हनुमान दासी भाव ही वैसे propetali डेडीकेटेड तू राम इफ यू वांट तू हैव अन रिलेशनशिप विद कृष्ण हॉर्ड ऑफ सुदामा एंड सखिया भाव अन फ्रेंडशिप रिलेशनशिप ऑफ अन फ्रेंड विच एंड डिमांड एनीथिंग इन रिटर्न सुदामा की बात तो पता है उसकी बीवी ने कहा अरे आपके मित्र है वहां पे राजा है जाओ उसके पास जाकर के कुछ मांग लो तो सुदामा आए बेचारे बीवी ने धक्का मार के भेजा है तो मुंह से तो कुछ कहने पाए की मुझे यह चाहिए ना वह चाहिए वह गुप लगा करके वह सब पुरानी बातें करते बैठे अपने बचपन की बातें मित्रता की बातें और वैसे ही बिना कुछ मांगे घर चले गए घर में जाकर देखा तो सोना चांदी से घर भरा हुआ भगवान कृष्ण ने उनके मैन की बात समझ करके उनकी इच्छा पूर्ण की अभी मुंह से मांगते तो क्या देते जितना मंगा है उतना मिलता उससे ज्यादा कुछ नहीं मिलता किंतु नहीं मंगा तो जितना चाहिए था उससे कहीं ज्यादा कुछ भगवान ने इनको दे दिया तो ईश्वर है अंतर्यामी मुंह से मांगने की जरूरत नहीं शुद्ध प्रेम काफी है हमको जो चाहिए हमारे जो आवश्यकता है वो सब ईश्वर पुरी कर देंगे सुदामा वेट तू डी हॉल होम ऑफ कृष्ण पैलेस ऑफ कृष्ण बिकॉज ही हेड नथिंग तू इट वाज पुर एंड हिज वाइफ केप्ट ऑन इंटरेस्टिंग डट प्लीज गो एंड मीत योर फ्रेंड हु इसे डी किंग एंड आस्किंग दिस थिंग एंड डेट थिंग सो डेट सी कैन लाइव हैपिली पीसफुली सो 10 इंच एलईडी फ्रेंडशिप वर्क की हिम था ही कैप तू टॉकिंग अबाउट है ओल्ड डेज़ ऑफ देयर फ्रेंडशिप आते स्ट्रैप एंड कद आस्क फॉर एनीथिंग बट व्हेन के रिटर्न विद ऑल डी वेल डेट कृष्ण कैन गिव हेड ही आस्क एनीथिंग फ्रॉम है ऑन शब्द ही हिट एस्क्ड बट व्हेन ही डिडेंट आस्क एनीथिंग ही कैन एवरीथिंग डेट कृष्ण कैन गिव वही कृष्ण कैन लुक इन अवर हार्ट एंड सी वोटर अवर ट्रू नेसेसिटी एंड ही कैन फुल फिल्म है अंतर्यामी ईश्वर हमारी आवश्यकता है भी दो तरह की होती है जैसे वेद में कहा गया है प्रिया और श्रेया श्रेया क्या है जो की मुझे पसंद है मेरी इंद्रियों की भोग करने के लिए यह सब चीज मुझे चाहिए सोना चांदी गहना अच्छा खाना अच्छा कंफर्टेबल घर हो यह सब मुझे प्रिया है किंतु श्री क्या है श्री है मेरे जो आने वाला जीवन है मेरा जो आध्यात्मिक जीवन है उसके लिए मुझे जो चाहिए तो वो क्या है ज्ञान भक्ति वैराग्य यह है मुझे श्रेयस कर चीज मेरे लिए तो ईश्वर जब हमको देते हैं वह हमको प्रिया चीज नहीं देते वह हमारे लिए श्रेयस कर है वह देते हैं हम ईश्वर को प्रार्थना करेंगे तो ऐसा नहीं है की ईश्वर आपको धनी बना देगा किंतु ईश्वर जो है आपको सही व्यर्थ है रियल वेल्थ क्या है हमारी तो रियल बेल्स है यह ज्ञान भक्ति वैरा यह हमको ईश्वर हमारी झोली भर भर के दे देगा वैल्यूज इन माय लाइफ विच हेल्प मी तू प्रोग्रेस स्पिरिचुअल सो व्हेन सी प्राय तू बोर्ड goddessent मेक अस वेल दी ही में गिव आज मच नीडेड तू लाइव माय लाइफ कंफर्टेबल सो डेट आई कैन फोकस यू विल गिव मी स्पिरिचुअल वेल एंड ही विल फुल माय हार्ट विद सच दीप स्पिरिचुअल वेल लेट आई विल नॉट आस्क एनीथिंग अगेन इन दिस लाइफ ओनली लव है तो आज इतना ही कल फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति हरि ओम तत्सत श्री राम कृष्ण जय राम कृष्ण जय राम कृष्ण