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Sri Ramakrishna & Swami Vivekananda ·

Sri Ramakrishna & Swami Vivekananda English & Hindi 13 Mar 2023

Swami Vivekananda

स्वामी जी से टुडे गोल्ड इस बीइंग तू बी डूइंग नोवाडेज व्हेन देवर वो सेकंड वर्ल्ड वार कैथोलिक चर्च डेट दीदान टेक पार्ट इन तू डी कनफ्लिक्ट बिकॉज़ डी कैथोलिक चर्च हेड एन लॉन्ग हिस्ट्री थ्रोट इस 2000 वर्ष फर्स्ट ऑफ जो व्हाट हैपन डेट आफ्टर डी दिस इंटीग्रेशन ऑफ डी रेमन रोमन अंपायर दे फाउंड डी कैथोलिक चर्च फाउंड डेट देवर वन ऑफ डी मोस्ट वेल्डी और इनफ्लुएंशल ऑर्गेनाइजेशन इन दिस इंटीग्रेटेड रोमन अंपायर डिसइंटीग्रेटिंग रोमन सोसाइटी सो प्रीवियसली आईटी वैसे डी अथॉरिटी ऑफ डी सीजर तू क इन डी रोमन सोसाइटी बट नो बिकॉज़ सीजर क्लोजिंग देवर पावर और बड़बड़ियंस वेयर टेकिंग फ्रॉम जो डी सीड्स सो व्हाट हैपेंड डेट गवर्नमेंट ओपन डेट आईएफ डी रीजन ए टेक फ्रॉम आउटसाइड गवर्नमेंट प्रोटेक्ट्स पीपल सो डेट एवरीवन इंक्लूडिंग चर्च और अदर बिजनेस इस ईटीसेटरा आर सेफ विदीन डी सिटी वाल्स बट बिकॉज़ ऑफ दिस बारबाडियन अटैक्स और दिस बीकनिंग ऑफ दिस गवर्नमेंट जो अथॉरिटी आर्मी चर्च फाउंडेड इट्स स्टेंस इन दी डायरेक्ट लाइन ऑफ अटैक ऑफ दिस बर्बरीक फोर्सेस सो व्हाट दिस स्टार्टड डूइंग दे स्टार्टड टेकिंग अप डिसगवर्नमेंटल अथॉरिटी वन आफ्टर अंदर फ्रॉम दिस इंटीग्रेटिंग सिक्सर्स पावर्स और दे इस्टैबलिश्ड थेम्सेल्वेस इंडिपेंडेंस दे संवेग अराउंड 89 आफ्टर डी पासिंग डी वे ऑफ जीसस वे सी डेट कर चीज एक्चुअली डिक्लेअरिंग वार ऑन अदर इन अदर रिलिजियस अदारनेशन ईटीसेटरा डेट बाज हो धी क्रुकेड और दिस डी इनसेप्शन डी आइडिया बिहाइंड क्रम डेट सर्च विद डिक्लेअर डेट दिस पर्टिकुलर स्टेट और दिस पर्टिकुलर परसों इस नोट फिट तू बी क्रिश्चियन और पार्ट तू बी एन क्रिश्चियन अंपायर सो दे शुड बी किल्ड सो दिस इस हो वे सी थ्रोट डी हिस्ट्री ऑफ वेस्टर्न सिविलाइजेशन चर्चगेट पावर बट बिकॉज़ चर्च स्टार्टड गेनिंग पावर इट्स स्टार्टड अलसो देवर इस दीप करप्शन स्टार्टड विद हिंदी सर्च डेट ऑप्स विकम करप्ट इंसटिड ऑफ प्रेयिंग तू जीसस तू स्टार्ट पेंडिंग दे टाइम इन मैनिपुलेटिंग वन किंग अगेंस्ट अंदर कलेक्टिंग मोर और मोर वेल्थ और डी पोस्ट ऑफ पॉप इत्सेल्फ इट्स स्टार्टड गोइंग इन दी हाथ ऑफ डी वेल डी फैमिलीज रदर दें एन परसों हूं हेयर स्पेंड हज एंटीरे लाइफ इन डी चर्च प्रेयिंग और फास्टिंग और डूइंग पेनिस डी पोस्ट आउट ऑफ थे सपोज समवन इस प्रमोटेड तू डी पोस्ट ऑफ डी पॉप दें इन डी पॉप फूल बी होली और ही वुड बी ऑनेस्ट और देवर बिल बी इंटीग्रिटी इन है करैक्टर बट इंसटिड ऑफ डेट व्हाट हैपेंड डेट सेवरल बिल बी एफ फैमिलीज इन रोम दे तू ओवर दिस पेप्सी और दिस स्टार्टड इंस्टॉलिंग देवर ऑन संस आज एन पोक्ड नो दिस पीपल हूं वेयर पॉप नो अवर डेज देवर देवर बोर्न इन बिल बी फैमिली सर्च विकम कंपलीटली करप्ट सो डेट इसे वही दिस कॉन्सेप्ट ऑफ सिपरेशन ऑफ चर्च इन स्टेट गण मोर प्रॉमिनेंस इन लेटर टाइम्स व्हेन देवर वैसे एन रिफॉर्मेशन देवर वज अवेयरनेस थिएटर चर्च हज गान करप्ट इंफिनिटी तू डू समथिंग अबाउट डिसएप्परेटेड गवर्नमेंट फ्रॉम डी चर्च इन इंडिया धी आइडिया है बिकॉज़ ऑलरेडी देवर वेरी डिफिकशन ऑफ लेबर दे इस ब्राह्मण देवर इस एन क्षत्रिय वैश्य देवर इस एन शुद्ध साधु इस आउट ऑफ दिस कास्ट इरिटमैटिक सो एवरीवन इस डूइंग डर पार्ट ब्राह्मण बिल नेवर टेक ऑफ शास्त्र और को इन डी फील्ड ऑफ बैटल और ही बिल नोट ट्री तू टीच आदर्श सो दिस कास्ट एन वेयर इन वन सेंस बट आईटी अलसो प्रोटेक्टेड ओवर सोसाइटी फ्रॉम थे रिलिजन कॉस्ट तू दी वेस्टर्न सिविलाइजेशन चर्च आईटी ट्राई तू टेक ओवर डी अथॉरिटी ऑफ डी म्युनिसिपल गवर्नमेंट बट टुडे वे डू नोट स्लीप दिस पर्टिकुलर रोल फ्रॉम डी चर्च ओके बट वे डू नोट एक्सपेक्ट दिस फ्रॉम डी चर्च बट में पीपल एक्सपेक्ट दिस फ्रॉम डी गॉड डेट दिस आर मी प्रॉब्लम्स और आईएफ आई वरशिप यू शुड क्लियर जो ऑफ मी वर्ल्डली प्रॉब्लम्स यू शुड बिंग मी वेल्थ यू शुड रिमूव मी डिजीज यू शुड बिंग सम सोशल बेनिफिट तू मी यू शुड बिंग सम नाम और फेम तू मेक दिस इस व्हाट पीपल एक्सपेक्ट फ्रॉम डी गॉड बट स्वामी जी से यू शुड एक्सपेक्ट ओनली ज्ञान भक्ति और वैराग्य नथिंग एल्स सी इन डी कैसे ऑफ श्री रामकृष्ण देवर इस एन वेरी फेमस इंसिडेंट डेट वन दे हृदय तोड़ रामकृष्ण भगवान राम कृष्णा डेट्स सी यू टॉक विद मदर काली एवरीडे और मदर हस हर ब्लेसिंग अपन यू सो वही डोंट यू को और आस्क पर सम सिद्धाही सम मैजिकल पावर्स फ्रॉम मदर चाइल्ड लेट मी को और आस्क मदर पर सम मैजिकल पावर सो ठाकुर वेट तू टेंपल और ही आस्क तू मदर काली डेट टेलिंग मी डेट यू शुड गिव मी सम मैजिकल पावर सबसे थाई वही डोंट यू डू डेट डी मोमेंट ठाकुर आस्क थिस फ्रॉम मदर खाली व्हाट हैपेंड मदर काली शार्ड हम एन विजन और ओल्ड प्रॉस्टिट्यूट सही वज सही टर्न तू हर बैक तू ठाकुर और सही स्टार्टड डूइंग हर एक्सट और डेट मेंस विच ठाकुर विकम वेरी एंग्री और ही कम बैक तू हृदय रनिंग और स्टार्टड वैरायटी हम डेट सी बिकॉज़ ऑफ यू आई हते यू सिद्धार्थ लिबर्टी से मेरिट मिराक्युलस मैजिकल पावर डेट इसे लाइक ओल्ड प्रॉस्टिट्यूट वीटा सो डेट इस डेट यूजलेस इन डी लाइफ ऑफ सड़क और यू नो ढेरवारे अदर इंसिडेंट अलसो डेट ठाकुर हेड तू गुरु बैरवी ब्राह्मणी वैसे आस्क डेट यू बिल हैव तू टीच थ्री शिव 3 स्टूडेंट वन वज चंद्र अंदर बाज गिरिजा थर्ड वर्स्ट सो आफ्टर भैरवी ब्राह्मणी लेफ्ट दक्षिणेश्वर इन लेटर टाइम्स बोथ दिस चंद्र और गिरिजा कम तू मीत ठाकुर और ठाकुर यू नो रिसीव डेम विथ ओपन आर्म्स बिकॉज़ गुरु भाई सो ठाकुर टॉक विद डेम वेरी हैपिली बट ही अलसो शो डेट बोथ ऑफ थे हज मिराक्युलस सिद्दीके दिस सिद्धाही बोथ ऑफ डेम बोथ डी चंद्र और गिरिजा सो ठाकुर से डेट यू बिल हैव तू गिव तू मी आई बिल टेक आईटी आवे फ्रॉम यू ओनली थैंक यू प्रोग्रेस इन उसे स्पिरिचुअल लाइफ वे नो डेट वन दे वेट ठाकुर वेट तू डी गार्डन हाउस ऑफ यदि मलिक विच वास नेआर्बी तू दक्षिणेश्वर और व्हेन एवर वन ऑफ डी दिस इदर चंद्र और गिरिजा वन ऑफ दम वास विथ ठाकुर और व्हाट हैपन व्हेन देवर रिटेनिंग डी पाठ वज कंपलीटली डार्क आते डी टाइम देवर वेयर नो लाइट्स स्ट्रीट लाइट्स इत्र सो दिस चंद्र सैड डेट वे हैव टर्न्ड हज बैक टुवर्ड्स डी पाठ और यू नो डियर वज एन रे ऑफ लाइट कम आउट ऑफिस बैक और आईटी लाइटें डी पाठ और ही टोल्ड तू ठाकुर डेट्स सी डी रिजल्ट नो इन दिस लाइट इन दिस यू को तू को बैक तू दक्षिणेश्वर सो डेट यू वांट डंबल अपन स्टोन और यू वांट गेट इंजर्ड वर्किंग इन डी डार्क सो ठाकुर मैजिकल पावर देवर हिंद्रांस रदर थान हेल्प इन योर स्पिरिचुअल जर्नी सो वेदर वे आस्क समथिंग फ्रॉम गॉड और वे आस्क समथिंग फ्रॉम एन रिलिजियस ऑर्गेनाइजेशन वे शुदंत एक्सपेक्ट डेम तू फूल ओवर मटेरियल नीड्स सी इन व्हेन आईटी कॉम तू कर्मयोग वे डू में ऑफ डी थिंग्स डेट म्युनिसिपल अथॉरिटीज शुड डू आई बाज इन रांची वेयर वे हैव एन लोट ऑफ और डेवलपमेंट क वेरी एक्सटेंशन और डेवलपमेंट क वे यूज्ड तू डू वे यूज्ड तू को तू दिस फॉर्म्स और दिस पीपल फार्मर्स और दिस ट्राईबल पीपल वे वुड टीच डेम हो तू ब्रेड बटर क्वालिटी लाइव स्टॉक हो तू हो तू शो दिस बटर क्वालिटी जी धी इसे कर्म योग दिस इस नोट लाइक डेट वे आर टेकिंग ओवर डी अथॉरिटी ऑफ डी गवर्नमेंट आईटी इस नोट लाइक डेट बीइंग एन रिलिजियस ऑर्गेनाइजेशन वे आर हेल्पपिंग पीपल तू अर्न मनी दिस इस बेसिकली अकर्म योग ऑफ वेट तू अटैं गुड देवर इसे कुशल डिफरेंस बिटवीन वोट और इस ऑफिसर दस इन्फोटेक सपोज इस ऑफिसर देवर आर में यू नो जिला कलेक्टर्स और जिला मजिस्ट्रेट दे अलसो देवर आर एजुकेशन ऑफिसर और देवर इस एवरीथिंग इस देवर गवर्नमेंट स्कूल आर डियर गवर्नमेंट अस्पताल आर डर गवर्नमेंट पीडी डिपार्टमेंट आर डर और वे अलसो हैव अस्पताल वे अलसो हैव स्कूल बट व्हाट इसे डी कृष्ण डिफरेंस बिटवीन व्हाट गवर्नमेंट दस और व्हाट वे डू वे सी गॉड इन डी पेशेंट इन डी पुर पीपल इन डी स्टूडेंट इन डी फार्मर्स वे सी गॉड सर्विंग डेम पर गवर्नमेंट आईटी इस नोट लाइक देसी गुड एक्चुअली दे वांट केक बैग दे वांट जो दिस करप्शन आईएफ दे वांट तू प्रोवाइड सम सर्विस तू यू देवी एक्सपेक्ट मनी इन रिटर्न इलीगल मनी सो दिस इसे डी कृष्ण डिफरेंस बिटवीन वुड गवर्नमेंट स और वाटर रामकृष्ण मिशन वे आर नोट एन रिप्लेसमेंट ऑफ म्युनिसिपल अथॉरिटी वे आर एक्चुअली देवर इस अगेन डिफरेंस बिटवीन वोट क्रिश्चियन चर्च दस और व्हाट वे डू वे यू सी इन नॉर्थ ईस्ट और रांची और केरल सो देवर आर सो में चार्ज और देवर क सो गुड आई मीन सम पर्टिकुलर केसिस आई हैव सीन दिस मी सेल्फ दे आर डूइंग गुड क अमोंग थे ट्राईबल्स बट थे टारगेट इस यू नो फूड नोट तू सर्विस डेम ऐवेंंचुअली और इंक्रीज डी नंबर ऑफ क्रिश्चियन सेल्फिश मोटिव वन रामकृष्ण मिशन गोस तू नॉर्थ ईस्ट और तू रांची वे हैव एन एक्सटेंशन ट्रबल डेवलपमेंट क इन रांची बट वे नेवर शॉट तू कन्वर्ट अन्योन वे नेवर एवं टेल्स दें यू बिल हैव तू टेक दीक्षा व्हेनेवर गुरु महाराज कॉम वे नेवर तेल अन्य ऑफ दिस थिंग्स इन में ऑफ डी केसेस वे डोंट एवं टॉक अबाउट स्वामी जी वे सिंपली गोढ़म इन तेल डेम और सर्वे डेम दत दिस इस हो यू कैन बटर योरसेल्फ दिस इस हो यू कैन ऑन सम बटर लिविंग और दिस इसे डी वे तू हैव एन बटर ट्रीटमेंट पर योरसेल्फ और योर फैमिली सो वे सिंपली सर्वे डेम विदाउट एक्सपेक्टिंग एनीथिंग इन रिटर्न बट विथ क्रिश्चियन मिशनरीज थे एक्सपेक्टेड दिस ट्राईबल्स कन्वर्ट तू क्रिश्चियनिटी और विद गवर्नमेंट एक्सपेक्ट सम मनी और एटलिस्ट डी गवर्नमेंट पॉलीटिशियंस व्हेन दे प्रोवाइड गुड सर्विस दे एक्सपेक्ट व्हाट इन रिटर्न डी वे इट्स नोट लाइक दिस कंपलीटली सेल्फलेस सर्विस बीजेपी प्रोवाइड गुड गवर्नेंस बट थे एक्सपेक्ट वोट्स इन रिटर्न दे एक्सपेक्ट इलेक्शन विक्ट्री इन रिटर्न दिस इस नोट सो विथ रामकृष्ण मिशन

श्रीरामकृष्ण कथामृत : भक्तों के साथ श्रीरामकृष्ण : 11 मार्च 1882

यहां पर जो स्वामी जी कहते हैं की हमको जो है ईश्वर को एक म्युनिसिपल अथॉरिटी के रूप में नहीं देखना है हमको ईश्वर से ये सब नहीं मांगना है की मेरा घर मकान अच्छा बना दो या तो फिर ये जो रास्ते वगैरा है उसको ठीक कर दो या तो पानी ठीक से नहीं ए रहा है पानी गंदा रहा है तो पानी को ठीक कर दो ये गवर्नमेंट हॉस्पिटल है यह स्कूल है उसको ठीक कर दो यह तो हम ईश्वर से नहीं मांगते हैं तो आप कहेंगे की रामकृष्ण मिशन जो है यह जो सब सर्विस एक्टिविटी कर रहे तो वह क्या हम लोग क्या यह म्युनिसिपल अथॉरिटी या तो यह जो गवर्नर है गवर्नमेंट है उसका रिप्लेसमेंट हम है तो नहीं हम लोग तो जो सर्विस देते हैं हम लोग देखते हैं की एक इंसान के सर में ईश्वर विराजमान है और ईश्वर की सेवा करने के लिए यह सब सर्विस एक्टिविटीज है हम चाहे नॉर्थ ईस्ट में हमारे स्कूल हो ना की रांची में हमारी स्कूल ये जो ट्राईबल बहुत बड़ा कृषि विज्ञान केंद्र है रांची में तो ये सब ट्राईबल डेवलपमेंट क जो हम करते हैं हम लोग ये एक्सपेक्ट नहीं करते की हम लोग उनको कन्वर्ट करेंगे चलो हमारी यहां तो कन्वर्जन का कॉन्सेप्ट ही नहीं है किंतु हम लोग उनको यह भी नहीं कहते की ठाकुर जी की किताब पढ़ो या फिर हमारे जो प्रेसिडेंट महाराज प्रेसिडेंट मारा जाते तो उनसे दीक्षा लो हम लोग तो ये भी उनसे एक्सपेक्ट नहीं करते हैं यदि उनकी आर्थिक जो कंडीशन है थोड़ी बहुत इंप्रूव हो जाए हमारी हॉस्पिटल में थोड़ा बहुत ट्रीटमेंट मिल जाए और उनका जीवन सही रूप से चले यही हम लोग देखते हैं जबकि यह जो क्रिश्चियन चर्च है वो लोग अच्छे से सेवा करते हैं मैंने देखा है रांची में था कोई कोई एक्टिविटी बहुत अच्छी है उनकी बड़े ही इंटीरियर एरिया में जाकर के कम करते हैं जहां पर एवं हमारा भी संभव नहीं है रामकृष्ण मिशन का में पावर मनी पावर लिमिटेड है तो हम लोग सब जगह पर जो है नहीं जा पाते हैं तो वे लोग इतना इंटीरियर में जाते हैं गवर्नमेंट भी नहीं जा पाती मैंने देखा है तो कम ये लोग अच्छा कर रहा है किंतु उनका सामने यह एक्सपेक्टेशन होता है की ट्राईबल लोग जो है क्रिश्चियनिटी में कन्वर्ट हो जाए और गवर्नमेंट यदि सर्विस प्रोवाइड करती है तो जो पॉलीटिशियन से वे लोग ये एक्सपेक्टेशन करते हैं की सामने में हमको वोट मिले बीजेपी ये जो सब स्कीम से प्रोजेक्ट्स ये सब चला रहे हैं ऐसा नहीं है की कंपलीटली सेल्फलेस रूप से चला रहा है वे लोग उनकी एक्सपेक्टेशन है की हां वो इलेक्शन जीते एक के बाद एक उनकी गवर्नमेंट को उनके के मिनिस्टर और प्राइम मिनिस्टर को तो यह जो इदर यह गवर्नमेंट अथॉरिटी है या क्रिश्चियन चर्च है या तो कोई भी हो फिर जो लोग इस तरह की जो गवर्नमेंट जो सर्विस देनी चाहिए एजुकेशन हेल्थ और अन्य अवार्ड जो फिर लाइवलीहुड डेवलपमेंट को डेवलपमेंट कॉटेज इंडस्ट्रीज वगैरा जो गवर्नमेंट को करना चाहिए तो गवर्नमेंट तो सेल्फलेस पूछ करती ही नहीं है क्रिश्चियन चर्च भी नहीं करता और हम लोग जो करते हैं हम लोग इंसान में ईश्वर को देखकर के ईश्वर की पूजा करने के लिए ये सब करते हैं इसीलिए यदि रामकृष्ण मिशन से या तो फिर ईश्वर से ये एक्सपेक्टेशन कभी नहीं हनी चाहिए की वे लोग जो है हमारी आर्थिक सामाजिक या अन्य कोई जो है वो हमारे लिए वहां पे उन्नति वो हमारे ले हमारे लिए लड़े या तो फिर आर्थिक हमारा विकास करने में हेल्प करें सामाजिक विकास करने में हेल्प करें धर्म है या तो ईश्वर है उसका एक ही कम है आपका आध्यात्मिक विकास करना जैसे मैंने डॉक्टर महाराज का उदाहरण दिया था की वो इतने हम्बल है इतने विनम्र है दिन रात हॉस्पिटल में कम करते हैं तो उनसे उनको यह नहीं है की हां चलो डेली एक हजार पेशेंट को मैं ट्वीट करता हूं ठीक है वह सेटिस्फेक्शन होगा लेकिन तो उससे भी बड़ी बात है की कर्म का जो यह बंधन है एक के बाद एक छोटा जाता है यह जो माया का जो आवरण है धीरे-धीरे वो हर चला जाता है और उसकी जगह पे फिर आत्मा का प्रकाश होगा आत्मप्रकाश होगा वो उनका एक्सपेक्टेशन है नहीं की फिर ये आज 1000 है तो मैं इतना बड़ा आदमी हो गया 1000 पेशेंट को डेली ट्वीट करके की अभी सब तरह से मुझे सलमान मिलन चाहिए ये बिल्कुल ये वो सोचते भी नहीं है ऐसा सोचना गलत है सो डेट इस वही इतना ब्यूटीफुल स्टेटमेंट स्वामी जी देते हैं की ईश्वर को हम लोग जो है कोई म्युनिसिपल अथॉरिटी या गवर्नमेंट की तरह देखते हैं की जैसे हमारा आर्थिक डेवलपमेंट भी कर दे इकोनामी को भी बड़ा दे और फिर जो है सोसाइटी को भी यह डेवलप कर दे वो सब तो हमको करना है ईश्वर से आशीर्वाद प्राप्त करके अपने को जो डेवलपमेंट करना है सोसाइटी का फैमिली का या इंडिविजुअल और हमको करना है और ईश्वर से सिर्फ आशीर्वाद लेना है कल हमने देखा की ठाकुर क्या कहते हैं ठाकुर कहते हैं अच्छा मास्टर महाशय लिखने हैं यहां पर की ठाकुर जगन्माता के साथ बातचीत कर रहा है का रहे हैं मां सभी कहते हैं मेरी घड़ी ठीक चल रही है इसी हिंदू मुसलमान सभी कहते हैं मेरा धर्म ठीक है परंतु हां किसी भी तो किसी की भी तो घड़ी ठीक नहीं चल रही है तुम्हें ठीक-ठीक कौन समझ सकेगा परंतु व्याकुल होकर पुकारने पर तुम्हारी कृपा होने पर सभी पाठों से तुम्हारे पास पहुंच जा सकता है तो यह देखिए जैसे हम के बड़े में जब डिस्कशन कर रहे थे तो अद्वैत का अद्वैत के इतिहास को विचार में व्यक्त करना थोड़ा सा कठिन है क्यों है क्योंकि यह जो इतिहास बहुत ही डिफिकल्ट है जब हम के बड़े में सोचते हैं या तो रितिक वे तो स्पिरिचुअलिटी या वे ऑफ साधना के बड़े में सोचते हैं तो वह इतिहास बड़े क्लियर है हम एक एक ऑब्जेक्ट है हम लोग सब्जेक्ट बाहर में कोई एक वास्तु है मैं यहां पे हूं और मुझे इस चीज को पन है तो मुझे कैसे पन है अभी जैसे ये बुकमार्क है यहां पे स्वामी जी के विचारों वाला तो यहां मेरे टेबल पे मेरे सामने पड़ा है तो मैं उसको इस तरह से ग्रहण करूंगा बड़ा सिंपल है सोने में समझना में किंतु यदि स्वामी जी मेरे भीतर में ही विराजमान है तो मैं उनका दर्शन कैसे करूंगा मैं कैसे और दर्शन करने की भी बात तो गलत हो गई दर्शन कब होता है जब कोई बाहर अलग मेरे से कुछ अलग है तो मैं उसका दर्शन कर जो मैं खुद हूं मुझे स्वामी जी बन्ना है आधार और रडार दें मुझे यह रिलाइज करना है की मैं खुद स्वामीजी हूं तो वह कैसे होगा मैन देखें की ये विचार को एक्सप्रेस करने के लिए जो हमारे शब्द है वो पूरे घरवाड़ा जाते हैं उनको बार-बार सोचकर के ठीक करना पड़ता है अपने शब्दों को अरे नहीं मैं कुछ भी कहूंगा तो वो देख के जैसे मैंने कहा ना की स्वामी जी के दर्शन करने हैं मेरे भीतर में मेरे भीतर में दर्शन हो ही नहीं सकते दर्शन तो ऐसी कोई चीज के होते हैं जो में नहीं होते जो में नहीं हूं उसका दर्शन होगा जो मैं खुद हूं मुझे सिर्फ रिलाइज करना है की मैं ये हूं मुझे सिर्फ यह समझ लेना है की ये मैं हूं किंतु फिर वो मुंह से बोलने से तो नहीं होगा मुंह से जैसे मैंने कहा था की मैं कन्याकुमारी गया था तो मैंने सोचा की स्वामी जी तो ये समुद्र तेरे लिए वहां पे विवेकानंद रॉक पे जाकर के अभी अभी तो उसका नाम विवेक आनंद रॉक है उसे समय नहीं था तो वो रॉक पे जाकर के उन्होंने साधना की मेडिटेशन की अध्ययन किया मैं भी करूंगा मैं भी बहुत अच्छा स्विमर था उसे समय बहुत प्रैक्टिस करता था और ओलंपिक साइज का स्विमिंग ताल था हमारे घर के पास में मेरे रेगुलर जय करता था तो कौन सी बड़ी बात है समुद्र इतना डर लेना कोई ज्यादा नहीं है 100 मी में इतना कुछ होगा मैंने जंप लगाया समुद्र में और 100 मी तो छोड़ दीजिए 10 मी जाते-जाते यह अवस्था हो गई की बस अभी तो प्राण निकाल गए इतना मतलब वो एक सोशल हो गया क्योंकि तीन समुद्र इकट्ठा होते हैं चारों और से वो यहां से एक वो वाव आता है तो मुझे यहां से उठा करके ऐसा पत्ता है दूसरा वाव करता है तो वहां से उठा करके यहां पे पत्ता है 10 मिनट 10 मी में इतना एग्जास्ट हो गया की मैं वापस यदि जिंदा ए जाऊंगा तो वो स्वामी जी की कृपा होगी तुम्हें मुंह से कितना ही बोलना रहा हूं मैं स्वामी जी हूं मैं थोड़ी स्वामी जी की तरह शक्ति वो आत्मा श्रद्धा वो ब्रह्मचर्य की शक्ति वो जो मेधा शक्ति वो जो ध्यान की शक्ति को समाधि की शक्ति वो सब थोड़ी ना वैसे ही ए जान वाली है तो वही तो वेदांत जो है वह हमको बताता है की हमारे भीतर में यह जो आत्मा है उसको किस तरह से हमको उसको रिलाइज करना है तो वह जो शब्द अलग-अलग तरीके से अभी वो प्राप्त करना तो चलो जन्मांतर के साधना है किंतु वह आइडिया समझ के लिए विभिन्न विभिन्न प्रकार के हम एनालॉग जो है विभिन्न प्रकार के उदाहरण जो है विभिन्न प्रकार की स्टोरी जो है उसका हम इस्तेमाल करते हैं तो यहां पर ठाकुर बहुत अच्छी बात करते हैं कहते हैं की सभी धर्म कहते हैं मेरी घड़ी सही है किंतु किसी की भी तो घड़ी परफेक्शौली सही नहीं है नहीं अब वेदांत ही मतलब आप हिंदुइज्म भी का लीजिए हिंदुइज्म में उसे समय कितने सारे प्रॉब्लम थे सती प्रथम थी विधवा विधवाओं के लिए बहुत ही मतलब उनको कष्ट सी पड़ता था बाल्य विवाह प्रथम थी वह बहुत कुछ था और अभी क्रिश्चियनिटी में भी प्रॉब्लम है इस्लाम में भी प्रॉब्लम है सब में अच्छे भाग भी है और बड़ा भाग भी है क्योंकि वह क्या है की वह जो उनके स्थापक चले जान के बाद में शिष्य लोग कुछ ना कुछ गड़बड़ उसमें घुस आते हैं भगवान बुद्ध का चरित्र देखें तो स्वामी जी जो है इतना प्रभावित है बुद्ध दास है बार-बार बुद्ध के बड़े में बात कर रहे हैं किंतु वो कभी बुद्धिस्म ग्रहण नहीं करें बौद्ध धर्म अपने से कभी ग्रहण नहीं करेंगे क्योंकि बौद्ध धर्म जो की बुद्ध के जान के बाद में डेवलप हुआ उसमें बहुत सारे उसमें क्या कहेंगे की नेगेटिव प्वाइंट्स है या तो वो परफेक्ट नहीं है जितना उसको होना चाहिए तो ठाकुर यहां पर कहते हैं की सभी लोग कहते हैं की मेरी घड़ी सही है किंतु किसी की भी घड़ी सही नहीं अभी एक दूसरी बात जो यहां पे वो नहीं करते किंतु बाद में एक जगह पे कहते हैं की यदि घड़ी को ठीक करना है तो सूरज के साथ में अपनी घड़ी मिला लेनी है आपकी घड़ी में यहां पे दिखेगा किसी के घड़ी में दिखेगा संध्या है किसी की घड़ी में देखेगा सुबह है किसी की घड़ी में दिखेगा दो पर है किंतु सूरज देखिए सूरज जो है वो जो वो वही एक ही जगह पे है वो उसकी घड़ी अलग नहीं है तो सूरज के साथ में अपनी घड़ी मिला लेने से फिर सबकी घड़ियां ठीक हो जाएगी तो वैसे ही यह अद्भुत वेदन को समझने के लिए बहुत ही सूक्ष्म रूप से यहां पर अद्वैत को समझाया गया है ये जितने भी शरीर है यह 700 करोड़ मनुष्य जो पृथ्वी पर जीते हैं सबकी यह जो साइकोलॉजिकल पैटर्न अलग होती है सबकी आशाएं आकांक्षाएं अलग-अलग होती है सबके डर अलग-अलग होते हैं सबकी यह जो जीवन में जो कुछ अपने की एंबीशन होती है वो अलग होती है किंतु उसके पीछे जो आत्मा है वो एक ही है और यदि हमको सही सही अपना मनुष्य जन्म को कृतार्थ करना है तो हमको जो है आत्म दर्शन ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए हृदय की बाकी सब चीज अच्छा बाकी सब चीज कीजिए ऐसा नहीं है की हम अपने शास्त्रों में तो कहा है की जो ब्रह्मचर्य श्रम के बाद में गृहस्थिरम आता है 25 साल बाद में ही जो है की आप चाहे की मानव प्रस्ताव श्रम या तो संज्ञा शास्त्र में जा सकते हैं तो वह गृहस्थ श्रम में प्रवेश करके अपना वो जो आर्थिक उन्नति करने के लिए सामाजिक उन्नति करने के लिए पर्यटन कीजिए किंतु बेड डेट सब समय एक ख्याल रहना चाहिए की यह एक फेस जब खत्म हो गया जीवन में समाप्त हो गया तो फिर ईश्वर वापस चले आते हैं आत्मा दर्शन जो है हमारा उद्देश्य बन करके वापस चलता है वह जो एक 25 साल का वो जो एक था पीरियड गुरु हस्तश्रम का इस में हमने वो सब चिंताएं की है किंतु फिर से जैसे ब्रह्मचारी आश्रम में हम पर्यटन करते थे यह जो एक आत्म निशीथ जीवन जीने का वही जीवन हमको वन प्रस्थाश्रम और सन्यास आश्रम में जीने का पर्यटन करना है तो ये जो विभिन्न घड़िया जो है वो उसको सूरज के साथ में मिलने से ठीक हो जाएगी वैसे ही हमारी विभिन्न आशाएं आकांक्षय है उसको यदि हम आत्मा की और घुमा दे तो पता चलेगा की आत्म दर्शन ही अल्टीमेटली सभी का उद्देश्य है और ऐसा होगा भी नहीं की इस जन्म में यदि ईश्वर का नाम ना लिया तो आत्मा दर्शन की चेष्टा ना की तुम्हें मुक्त हो गया मृत्यु के बाद में ऐसा नहीं है बार-बार आना पड़ेगा बार-बार संसार चक्र में जो है हमको वो पीसना पड़ेगा और कहानी जाकर के अकाल आएगी अरे इतना पीस लिए अभी चलो हम थोड़ा सा ईश्वर का नाम ले ले जब ये जो भावना जागृत होगी की हां संसार असर है वो कितने ही जनों के बाद में चाहे पता चले कोई-कोई जन्म में हमारा बहुत धनी कुटुंब में जन्म हुआ है जो मुंह मांगा मिल गया है जो मग मुझे मिल गया है तो फिर चलो उसे जन्म में छोड़ दो ईश्वर की बात ही नहीं आएगी मां में किंतु उसके बाद का जन्म होगा उसके बाद का जन्म कहानी तो ऐसा होगा की इतना हम संसार में पीटेंगे की वो आखिर में वो एक अकाल ए जाएगी की अरे नहीं ईश्वर दर्शन तो होना ही चाहिए और कोई कोई होते हैं जैसे शंकराचार्य बचपन में ही वो ठीक कर लिया था की संसार मेरे लिए है ही नहीं मेरे लिए तो है यह जो वेदांत के साधना तो ऐसे नहीं ऐसे सीधा कान नहीं पकड़ करना की उल्टा कान पड़कर कहानी ना कहानी से तो ईश्वर के पास आना ही है तो इसीलिए यह जो अद्वैत वेदांत को कितना ब्यूटीफुल समझते हैं यह जो बाकी ठाकुर कहते हैं ना की जितने भी रास्ते हैं सभी हाथों से आप एक ही ईश्वर के पास पहुंच सकते हैं यहां पर ठाकुर कहते हैं तुम्हारी कृपा होने पर सभी पाठों से तुम्हारे पास पहुंच जा सकता है देखिए ये जो कॉन्फिडेंस है ये जो मतलब मैन ये केयरलेसनेस है मतलब 100 कोल्ड केयरलेसनेस बाकी आपको ये शर्ट है या वैष्णव है उसको कहेंगे की ठीक है तुम शक्ति किंतु अभी तो आजकल तो बहुत लोग लिबरल हो गए हैं लिबरल होप किया गए हैं केयरलैस हो गए हैं मतलब अच्छा ठीक है मेरे साथ हो वैष्णो क्या फर्क पड़ता है क्योंकि हमारे लिए यह रिलिजन जो है इतना इंपॉर्टेंट पार्ट नहीं है जीवन का जितना की पहले था मैंने हम लोग इसके लिए इतना ये ये नहीं है मतलब आतुर नहीं है की हम ईश्वर प्रताप करें इस पाठ पे चल करके हमारा आईडेंटिफिकेशन हमारा उसके ऊपर में निष्ठा इतना नहीं राहत है इसलिए हम कहते हैं बहुत सारे लोग बहुत क्रिश्चियन लोग आजकल कहते हैं की अच्छा ठीक है तुम यदि हिंदू भी हो तो डिसेंट मटर तुम ईश्वर प्रताप कर लोग मैंने फादर इन हैव एन या तो जो भी है उसको तुम प्राप्त कर लोग इसलिए कहते हैं की वो निष्ठावान क्रिश्चियन नहीं है यदि कोई निष्ठावान क्रिश्चियन होता जैसे पहले हुआ करता था आजकल क्या है ये जो भोगवाद इतना प्रबल हो गया है की मैं मुंह से बोलना राहत हूं की मैं क्रिश्चियन हूं या तो मैं मुस्लिम हूं या तो मैं वैष्णव हूं या तो मैं शराफत हूं या तो मैं वेदांती हूं या तो मैं ठाकुर के पास आता हूं यह सब मो की बातें र गई है एकदम जो जबरदस्त निष्ठा जो की पहले के सतों को मैं होती थी तो यदि आप उसे तरह के निष्ठावान सड़क होते हैं तो यह स्वीकार ही नहीं करते की मेरे जो पाठ है जो मेरी साधना है उसके अलावा और कोई साधना से ईश्वर प्रताप हो शक्ति है वह स्वीकार करने के लिए किसी निष्ठावान सड़क को बाकी लोग जो भी बोले उनको पड़ी नहीं है वो मेरा मेरी करियर मेरा फैमिली वही मेरे लिए सब कुछ है मैं क्यों धर्म को लेकर के रिलिजन को लेकर के झगड़ा करने को जाऊंगा बहुत सर जो लिबरलाइजेशन जो आज का सोसाइटी में होता है ना वो इसलिए नहीं लोग सही में लिबरल हो गए लोग केयरलैस हो गया विश्वास करता है उसका खुद का जो धर्म है उसके खुद के जो इस्ट देवता है उसमें वो पूरा विश्वास करता है तो वो सहज रूप से स्वीकृत नहीं कर पाएगा की उसके खुद के इश्क के अलावा और कोई इस्ट जो है वो अच्छे हैं बटर है अभी हम हमको खुद को देख लीजिए आज मैं ठाकुर की दीक्षा ली है ठाकुर की किताबें को पढ़ना हूं मैं कभी यह स्वीकार नहीं करूंगा की ये चाहे ये ओशो रजनीश है या तो फिर ये जो रमन महर्षि है या तो फिर वो कृष्णमूर्ति है जय कृष्णमूर्ति उन लोगों के पास में ठाकुर से बटर नॉलेज नहीं हो सकता कैसे हो सकता है ठाकुर तो अवतार है ठाकुर को एक के बाद एक दर्शन होते थे उन लोगों को तो सब कहा वो गृहस्ती थे फिर संसार में भी थे और फिर कहां वो साधु हो गए फिर वो सही सही साधु हुए की भी नहीं किसको पता तो इस तरह से हम लोग भी यह सोचते हैं की ठाकुर के अलावा और किसी अवतार अभी हो ही नहीं सकता किंतु समझेगा की जो ठाकुर के पास आने वालों की भी एक मेंटालिटी होती है वह जय कृष्णमूर्ति के पास समझना वालों की भी एक मेंटालिटी होती है यहां पर वो जो ब्रह्माकुमारी बहुत पॉपुलर है तो वहां के उनके जो फॉलोअर्स है या तो यहां पे स्वामीनारायण बहुत पॉपुलर है तो उनके जो फॉलोअर्स हैं उनकी भी एक मेंटालिटी है और उसे मेंटालिटी उसे साइकोलॉजी के अनुसार वह धर्म का गठन किया गया है और यदि वो उसे धर्म के थ्रू भी चलेंगे तो वो भी ईश्वर को प्राप्त ऐसे ही करेंगे जैसे हम लोग यहां पर रामकृष्ण मिशन में रामकृष्ण सॉन्ग में करते हैं यह जो सही सही अपने मां को पूरा लिबरल बना सकता है मां को लिबरल कौन बना सकता है दो तरह के लोग एक तो केरला से पड़ी नहीं है कुछ अरे ठीक है वो धर्म वगैरा क्या है तो वे लोग अपने मां को लिबरल बना सकते हैं और दूसरे लोग जो है की सही सही आता वे लोग सब समझेंगे की मैं जो रास्ते पर चल रहा हूं मेरा जो ईश्वर है वही सर्वश्रेष्ठ है अच्छा अभी पता नहीं की मेरे को भी क्या हो गया माया के राज्य में यह सब चला राहत है अच्छा ठीक है तो आज यही तक कल फिर से मिलेंगे