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Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi Teachings ·

Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi : English & Hindi : 29 Dec 22

Swami Adbhutananda : Sri Ramakrishna as we saw him

ओम sthapa का धर्म श्री राम कृष्ण सेंस ऑफ ऑर्गेनाइजेशन सो टुडे पीपल हु हैव लॉट ऑफ मणि व्हाट विल डू दे विल सेलिब्रेट होली फेस्टिवल्स ऑन ए बिग स्केल दे विल हैव बिग बड़ी पोजेस प्रोसेशन इन डी स्ट्रीट जस्टिस यस्टरडे कपल ऑफ डेज़ एगो व्हेन आई वाज आफ्टर मून देयर वाज अन प्रोसेसर इन डी स्ट्रीट हर इट व सो नौ डेट साउंड ऑफ म्यूजिक एंड भजनस एक्स्ट्रा इट वाज ऑल आउट इट वाज डिफिकल्ट तू सीट हर इन डी पब्लिकेशन सेंटर एंड देयर एंटीरे बिल्डिंग स्टार्टेड तू वाइब्रेट डेट लाउड म्यूजिक deplayed डेट वाज आर रिलिजियस पजेशन इफ यू बिलीव डेट बाय पुटिंग अप डी शो एंड यू नो टर्निंग ऑन दिस स्पीकर ऑफ कोर्स इट इस नॉट पॉसिबल तो फॉलो थे बोथ 100% इट इस नॉट पॉसिबल एवं फॉर अस व्हाट हैपन सी फॉलो दैन आज मच पॉसिबल यथाशक्ति दिस इसे डी वर्ड यूज्ड इन अवर हिंदू शास्त्र इंटेंशन नॉट अवर ठाकुर्स हिज फादर इसे फादर एंड स्मॉल चाइल्ड ही कैन नॉट कॉल ही है जस्ट लर्न तू स्पीक ही कनॉट स्पीक हिज फादर्स नाम प्रॉपर्ली ही विल नॉट बी एबल तू से फादर ही मैं जस्ट से बा बाबा समथिंग लाइक डेट तो दस इट मिन डेट गोद विल एक्सेप्ट ओनली डी बिग सैन हु इस इन्फ्लुएंस हुए एबल तू कॉल हिम प्रॉपर्ली ही इसे एबल तू चेंज ऑल डी संस्कृत जस्ट बेबी हु इसे जस्ट लर्न तू स्पीक ही इस नॉट एबल तू डू फादर विल डिस्क्रिमिनेट नो फादर विल नॉट फादर अंडरस्टैंड इंटेंड एंड एबिलिटी दिस आर तू थिंग्स इट इस माय इंटेंट asabh बेबीज इंटेंड तू स्पीक हिज फादर्स नाम बट हिज एबिलिटी इस नॉट ये डेवलप्ड डी एबिलिटी विल डिवेलप थ्रोट डी इयर्स तो सिमिलरली गो सीज डेट व्हाट इस ओवर इंटेंड तू सरेंडर माय एगो इन ठाकुर्स होली लोटस फीट आय सिंसेरली विशेष तू बी ऑन डी पथ ऑफ साधना ध्यान ज्ञान भक्ति वैराग्य बट माय एबिलिटी इस लिमिटेड बाय डी सरकमस्टेंसस इन विच आई लाइव इन दिस आश्रम इन रिस्पांसिबिलिटी आई हैव तू राइट आर्टिकल ट्रांसलेट एंड बिजनेस आई हैव तू स्पेंड मणि फॉर डेट एंड एवरीथिंग आई हैव तू डू सो माय एबिलिटी तू स्पेंड टाइम इन मोर साधना और पर प्रैक्टिसिंग ऑल दिस परफेक्टली इस लिमिटेड सो था इस वही ठाकुर गिव्स दिस एग्जांपल डेट शिवनाथ प्रॉमिस बट आई डिड'टी कम सी मस्ट बी ट्रूठफुल इन अवर डेली एंड सी हैव तू अंडरस्टैंड डेट सी हैव तू बी एस ट्रूठफुल आज हिज पॉसिबल अन अनदर इंसीडेंट इस नॉट गिवन हर बट सी नो डेट वैन दे वैन ऑफ डी बॉयज और निरंजन महाराज लाइन तू मी बिकॉज दे आर नॉट फ्री दे हैव तू लीव अंडर डी अन अंडर डी अथॉरिटी ऑफ देयर पेरेंट्स सो इफ द पेरेंट्स परमिट दें देयर एबल तू कम तू दक्षिणेश्वर इफ दे पेरेंट्स वांट परमिट सो दे वांट बी एबल तू कम हर यू वांट ठाकुर सिंह डेट व्हाट इसे योर इंटेंड एंड व्हाट इसे योर एबिलिटी शिवनाथ शास्त्री इसे अन परफेक्टली फ्री पर्सन ही इस एबल तू सेट इसे ऑन शेड्यूल ही इफ यू थिंक इट आई वांट तू स्पेंड दिस इवनिंग इन कोलकाता वर्किंग अराउंड डी स्ट्रीट्स दैन इट इस हिज एंड इफ यू थिंग्स डेट लेट मी विजिट दक्षिणेश्वर तू गो तू मीत ठाकुर अगेन इट इस हिज ऑन विश बट विद दिस बॉयज हु उसे तू कम तू ठाकुर दे हैव तू आस्क परमिशन फ्रॉम देयर पेरेंट्स इफ मदर इसे नो नो इफ यू गो तू परमहंस महाशय हिज ब्रेन वाज सो में यंग पीपल एंड यू में अलसो आई विल लॉस यू अलसो डोंट गो तेरे बॉयज दिस यंग बॉयज दे आर नॉट फ्री ऑन दे डू नॉट लीव लाइफ अकॉर्डिंग तू डी ऑन विशेष दे हैव तू एक्सेप्ट एवरीथिंग दे पेरेंट्स से इट इस वही ठाकुर अलसो सी एस इंटेंट एंड एबिलिटी वंस ही से तू शिव नाथ इस इट ट्रू डेट यू हैव सेड डेट माय ब्रेन इस unblence नौ सी व्हाट हैपन विद दिस शिवनाथ शिवनाथ सो डेट हो ठाकुर ब्रेन वॉश केशव सेन अलसो में एंड पीपल इन कोलकाता बट ओके देयर यंग बॉयज एंड इट इसे इट तू ब्रेन वॉश बट वैन ऑफ डी लीडिंग इंटेलेक्चुअल ऑथर columwriter ऑफ डेट अक्षय कुमार शर्मा जो विशेष नोट हैव फॉर्म लाइक काली लाइक दुर्गा लाइक शिव लाइक राम लाइक कृष्ण इट्स आताप मेरा kargold विदाउट फॉर्म डोस नॉट हैव अन्य ह्यूमन बॉडी सो शिवनाथ सेस डेट ठाकुर इस एबल तू ब्रेनवाश evriven बिकॉज हिज मेड उन्हें पागल तो ही इसे सेइंग तू हिज disciphers परमहंस महाशय पागल ऑनर्स महाशय श्री राम कृष्ण इस मेड डोंट विजिट इन दक्षिणेश्वर टेलिंग एवरीवन था यू आर मेड मैन सो मास्टर टोल्ड शिवनाथ पांडे ही मेट डेट यू आर सेइंग एवरीवन था माय ब्रेन विलेज करते हैं उसे बेहद ठाकुर दिस नाम एंड फेम इन डी सोसाइटी यू वांट एवरीवन तू कम तू यू एंड वरशिप यू वांट तू कम यू वांट एवरीवन तू प्रेज यू एंड दिस इस योर दिस इसे डी थिंग्स अपॉन योर माइंड इस फोकस एंड यू आर कंसीडर एंड आई वांट तू आई सिंपली वांट तू ऑफर माय एंटीरे लाइफ तू और तू गोद तू मदर काली तू मधुर दुर्गा एंड यू आर कंसीडरिंग अन पर्सन हु इसे हु इसे हु इसे एगो इस सो हाई एंड अन पर्सन हु इस एगो इसे ऑलमोस्ट नॉन एक्जिस्ट हो कैन यू यू कैन यू हो कैन यू कॉल मी हिट immaid सो दिस इस हो ठाकुर टोल्ड हिम ठाकुर टोल्ड मणि मलिक वैन दे वही डू यू कैलकुलेट सो मच नौ दिस इसे ठाकुर्स वे ऑफ सेइंग डेट यू शुड स्पेंड एवरीथिंग ऑन बट सी सी हैव तू अंडरस्टैंड गो इन डी सर्विस ऑफ गोद एंड सर्विस ऑफ ह्यूमैनिटी व्हेन सी डू दिस अवर मणि bikams शुद्ध मणि वन सी स्पेंड इट दें डी रिजल्ट विल बी बेनिफिशियल तू अस बट इफ सी आर वेरी माइजर कंजूस इन ओवर स्पेंडिंग आई विल से डेट एवरीथिंग डेट यू नो व्हाट हैपेंड विथ रामबाबू रामबाबू वो सच है वैन ऑफ डी ग्रेट समवन इन हिज फैमिली अन स्मॉल डॉटर स्मॉल गर्ल वाटर एंड यू कैन इमेजिन था हो हॉरिबल लेकिन इमेज इन सच हॉरिबल डेथ पुर चाइल्ड हेड तू सफर अर्निंग सो मच मणि एंड आई एम सो सेल्फिश इन माय धीरे डट आय वांट तू होल्ड एवरीथिंग फॉर मैसेल्फ आई वांट तू स्पेंड एवरीथिंग फॉर माय फैमिली एंड सी व्हाट हैपन दिस इसे हो माय फैमिली मेंबर्स माय दिस यंग गर्ल इस टाइम इन माय फैमिली व्हाट इसे डी उसे ऑफ माइंड ही बिकम वेरी यू नो लेडीज एंड वेरी ओपन हैंडेड इन हिज पेंडिंग मणि फॉर ठाकुर इनवाइट ठाकुर तू कोलकाता एंड दें ही वुड यू नो अरेंज मीटिंग ऑफ डी देवोतीस एंड दें ही वुड स्पेंड अन लॉट ऑफ मणि इन प्रिपेयरिंग डिफरेंट डिफरेंट आइटम्स फॉर प्रसाद पर्सन हु इसे माइजर हो सी इस मणि विल बी स्पेंड इदर है सन विल बिकम वेरी यू नो दे विल एक्वायर बेड हैबिट्स एंड डेविल्स पेंट ऑल डी मनीज insectrums एंड क्रिमिनल एक्टिविटी और ही विल बिकम वेरी इल एंड डॉक्टर्स विल टेक आवे ओनली हिज मणि फॉर ट्रीटमेंट फॉर ही विल बिकम ट्रैप्ड इन सैम कोर्ट केस एंड हिज मणि विल गो आवे एंड पेइंग डी फीस ऑफ लॉयर्स दिस इस हो डी मणि ऑफ अन माइजर डोनेट लेटर ऑफ दिस मणि अन सिंग अन सैम पोर्शन ऑफ दिस मणि फॉर डी सर्विस ऑफ ठाकुर जो ठाकुर टेल्स manimali डू यू कैलकुलेट सो मच ठाकुर वुड आस्क हिम हो डिड यू कम हर इन ऑर्डर तू से मणि मलिक उसे तू वॉक फ्रॉम हिज होम तू grandhta फ्रॉम हेयर टेक केयर तू बड़नगर एंड दें वुड प्रोसीड तू दक्षिणेश्वर ऑन फुट ऑन सैम देस वुड बी सनबर्न ठाकुर अस्थम वही डू यू कम हर अंडर सच हार्डशिप कैन यू कम आल डी वे बाय गैरेज सो manimali रिप्लाई इफ आई राइड वैन हॉर्स माय चिल्ड्रन विल थिंक इट नेसेसरी तू राइड इन वैन विद तू हॉर्सेज हाउसहोल्डर शूज मा कैरिज विद वैन हॉर्स विल वर्क इट विल अन कैरिज विद तू फोर्सेस विल यू नो ट्रेवल फास्टर दें कैरिज विथ वैन हॉर्स डेट इसे वही कैरिज विद तू कोर्सेज मोर एक्सपेंसिव दें विथ वंस सो डेट इफ आई कम हर इन अन कैरिज विथ वैन हॉर्स माय संस वुड ट्रेवल हर इन अन कैरिज विद तू हॉर्सेज नौ ठाकुर अलसो सईद समथिंग वेरी सिमिलर एंड अन बीट अन भद्रा भाषा उसे करो प्रॉफिट सो दिस इस हो ह्यूमन माइंड वर्क्स सी मल्टीप्लाई हैबिट्स बट सी हाफ मेक डी गुड हैबिट्स टेक ओनली हाफ मेजर

स्वामी विवेकानन्द की दृष्टी में माँ की महिमा : माँ की मधुर स्मृतियाँ

शिवानंद महाराज के बारे में हम पढ़ रहे द शिवानंद महाराज श्रीमती शारदा देवी के बारे में क्या कहते हैं महाराज जी कहते हैं की मैन की जो महिमा है उसको समझने के लिए अभी भी हमको बहुत समय लगेगा और कल हमने देखा की कैसे एवं विज्ञान आनंद जी महाराज स्वामी विवेकानंद ने उनको कहा की पेशेंट जाओ मैन आई है तो उनके दर्शन करके आओ तो विज्ञान आनंद जी महाराज गए और वैसे छठ पता करके ऊपर ऊपर से प्रणाम किया और चले ए रहा है तो स्वामी जी को पता था की dekhiaenanand जी महाराज क्या करने वाला है तो पीछे-पीछे गए की किस तरह से प्रणाम करते हैं देखा की ठीक से प्रणाम नहीं किया तो एकदम चिल्ला के बोले अरे पेशेंट क्या कर रहे हो तुम साष्टांग प्रणाम करो मैन को कब कहीं जाकर के विज्ञान आनंद जी ने मैन को विज्ञान आनंद जी महाराज ठाकुर के जो त्यागी संतान है वह स्वयं यदि यह सोचते हैं की अरे हम आपको क्यों सलमान दे अकोट की बीवी है इसलिए तो सम्मान दे रहा है ठाकुर के धर्मपत्नी है इसीलिए तो देर आदर वाइस मैम क्या है मैन को तो हमने कभी समाधि में जाते नहीं देखा मैन को तो कभी स्वामी जी की तरह वेदांत के ऊपर में उपदेश देते नहीं देखा तो माह में इस ऐसा तो क्या है तो इसीलिए धीरे-धीरे करके जैसे जैसे हम आध्यात्मिकता के रास्ते पे आगे बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे ही हमको पता चलता जाएगा की मैन की महिमा क्या है महाराज खुद कहते हैं की शुरू में हम लोग भी उन्हें नहीं समझ सके द वे अपने देवी स्वरूप को इस तरह छुपाए रखती थी की किसी के लिए भी उन्हें समझना कठिन था वह कौन थी यह सब कुछ शिवानंद जी महाराज का रहे हैं उन्हें के शब्द है पूरे पूरे उन्हें के शब्द है वह कौन थी यह बात ठाकुर ही ठीक जानते द और स्वामी जी ने भी कुछ हद तक उन्हें समझा था देखिए ठाकुर को पता था इसीलिए तो मैन को उन्होंने उनकी आराधना की थी मैन की पूजा की थी शोध श्रीदेवी के रूप में और स्वामी जी को थोड़ा बहुत पता था पाश्चात्य देशों की यात्रा करने के पूर्व स्वामी जी ने एकमात्र मैन को ही अपना उद्देश्य बताया था और उनका आशीष लेकर ही समुद्र को पार कर गए द जैसे वह स्वामी जी ने कल कहा ना हमने पढ़ा था कितना अच्छा उन्होंने कहा की मैन के आशीर्वाद से हनुमान रूपी इस संतान ने जो है समुद्र पार कर दिया और हनुमान जी का और स्वामी जी का हनुमान जी को तो सिर्फ वो जो एक स्ट्रेट थी एक छोटा सा एक पानी एक रास्ता था पैसेज बिटवीन ने जो इंडिया एंड श्रीलंका वह पार करना था स्वामी जी तो कहां वो पूरा इंडियन ओशन उसके बाद में अटलांटिक ओशन दो दोस्त समुद्र पार करके वहां पे चले गए हनुमान जी को तो सिर्फ एक ही रोशन पार करना था तो यह स्वामीजी पाश्चात्य देशों की यात्रा करने के पूर्व एकमात्र मैन को ही अपना उद्देश्य बताया था और उनका आशीष लेकर ही समुद्र को पार गए द माने भी उन्हें जीत खोलकर आशीर्वाद देते हुए कहा था बेटा तुम दिखती चाहिए होकर लोटो तुम्हारे मुख में सरस्वती विराजित हो अच्छा यह बात भी एक इंटरेस्टिंग चीज है मैंने जो पहली बार पढ़ा की स्वामी बोलने के लिए खड़े हुए और फिर उन्होंने मैन सरस्वती का नाम लेकर के उन्होंने बोलने की शुरुआत की तो मुझे आश्चर्य यह हुआ की ठाकुर का नाम लेकर के क्यों उन्होंने बोलने की शुरुआत नहीं की यह मैंने मैन को पढ़ने की और समझने की शुरुआत की उससे पहले की बात है सब समय मैं सोचता था जब भी पढ़ता हूं या जब भी उसके बारे में सोचता हूं ठाकुर क्यों नहीं सरस्वती क्यों सरस्वती बहुत बाद में मुझे पता चला की दो चीज एक तो सरस्वती विद्या की देवी है वो तो एक चीज है और स्वामी जी तो विद्या के ऊपर में बोलने वाले द दर्शन शास्त्र हिंदू धर्म के ऊपर में बोलने वाले द वो तो एक चीज हो गया तो लॉजिकल सरस्वती का नाम लेना बटोर है किंतु दूसरी भी एक बात थी देखिए मैन खुद शारदा सरस्वती है तो ठग्स अमेजिंग को पता था की ठाकुर के नाम से ज्यादा पावर मैन के नाम में है तो इसलिए बात तो मैंने पढ़ी थी अवश्य किंतु मैं भी भूल गया था देखिए माने क्या कहा तुम दिग्विजय होकर लोटो तुम्हारे मुख में सरस्वती विराजित हो माने आशीर्वाद दिया है सरस्वती का नाम लेकर के किंतु हमको मैन के जो संतान है हमको थोड़ा सा अलग दृष्टि से इसको देखना है माने कहा है की मैं खुद तुमको प्राण शक्ति दूंगी वहां पर जाकर के बोलने के लिए सरस्वती का नाम लेकर के मैन अपने बारे में बोल रही है देखिए ठाकुर का ऐसा था ठाकुर किसी के साथ बात करते द ना तो अपने को स्वयं को उद्देश्य नहीं करते द एक जगह कथम् रूप में है तो एक ब्रह्मो समाज के कुछ ये ब्रह्माजी वहां पर वाराणसी वगैरा गए और भास्करानंद जी ने की तरह नंगी शामिल दो में से एक के वहां पे जाकर के देखा की ठाकुर का फोटो वहां पे लगा हुआ है तो वह लोग दक्षिणेश्वर वापस आकर के ठाकुर को बोल रहा है की महाशय हमने आपका फोटो वहां पे देखा है तो ठाकुर हंसते हुए क्या बोलते हैं उल्टा अर्थात खोल अर्थात ये ये जो ये होता है ना कवर शरीर तो सिर्फ आवरण है आवरण के भीतर में आत्मन रह रही है तो यह जो आत्मन जो है हमारी तो ठाकुर ने तो antkaran जो है वो तो पूरा मैन के चरणों में समर्पित कर दिया है ठाकुर का हाथ को फैक्चर हुआ था तब ठाकुर का रहे द की मुझे लगता है की शरीर के भीतर में अब दो ही लोग हैं एक तो है की वो जिसने की अपने को संपूर्ण आत्मसमर्पण कर दिया है दूसरी है मा तो ठाकुर एवं देखते ही नहीं द अपने को अपने के हिसाब से वह देखते द की मैन ही जैसे ठाकुर कहते हैं ना तुम ही जंत्री अम्मी जंतर मैन को कहते हैं की तुम यंत्रों को चलाने वाली हो मैं तुम्हारे हाथ का यंत्र हूं तो अपने को संपूर्ण रूप से उन्होंने विलोपित कर दिया था संपूर्ण रूप से उन्होंने अपने को समर्पित कर दिया था तो श्री रामकृष्ण गदाधर ठाकुर बोल के कोई था ही नहीं जो भी द वो द मैन का शिष्य और मांस स्वयं तो इसलिए ठाकुर कहते द इस आवरण का फोटो रखा है मेरा तो फोटो है ही नहीं मेरा फोटो जल्दी रखना है तो मैन का ही फोटो रख लो देख लो की मैन के चरण कमल में मेरा स्थान है तुम शायद नहीं देखता होगा मुझे तो दिखता है की मैं वहां पर हूं तो इस तरह से जब कहती है की सरस्वती तुम्हारे मुख पर विराजित हो अर्थात मैन कहती है की मैं स्वयं आकर के तुमको शक्ति दूंगी माफी तो यह तो नहीं कहेंगे की मैं आकर के तुमको आशीर्वाद दूंगी मैं सरस्वती का नाम लेकर के अपने बारे में बोल रही है और हुआ भी वैसा ही मैन के आशीर्वाद से स्वामी जी विश्वविद्यालय महाशक्ति स्वरूपिणी माने विश्व की नारी जाती को जागृत करने हेतु धारण की थी देखो ना मैन के बाद सभी देशों की नारियों में कैसा जागरण दिख पड़ता है अब उन लोगों ने अपने जीवन को सर्वांग सुंदर बनाने और सभी विषयों में उन्नति करने हेतु कमर कसली है अच्छा देखिए यह भी एक बात है की भारत में जो नारी जागरण हुआ तो स्वामी जी ने तो कहा है की यह जो नारी जागरण जो है या तो नारियों का आदर्श जो है वह सब मैन शारदा देवी के हिसाब से और मैन शारदा देवी ही नारियों के आदर्श होने चाहिए किंतु महापुरुष महाराज कहते हैं की देखिए एवं विदेश में भी अमेरिका यूरोप में भी स्त्रियों को इतना समाज में हक या सम्मान नहीं था जीवन जो वोट पाने की यह जो फाइट थी की हान हमको वोट चाहिए ज्यादा इसके लिए मतलब हम वोट देना चाहती है इलेक्शन में इसके लिए उन्होंने जो फाइट की वह सब भी बात बात की ही बात है 1900 के बाद की बात है ये जिसको फेमिनिज्म कहते हैं विदेश में तो मैन के आने से नहीं सिर्फ भारत में नारियों की उन्नति चालू हुई परंतु विदेशों में भी नारियों की उन्नति उनके वजह से चालू है जैसे वैदिक तथा पौराणिक युग में गार्गी मैत्री सीता सावित्री आदि अद्भुत नारी चरित्र का विकास हुआ था वैसे ही इस युग की नारियों में आध्यात्मिकता राजनीति विज्ञान शिल्पकला साहित्य आदि सभी विषयों में अति आश्चर्य जनक जागरण हुआ है आगे और भी होगा सब देवी शक्ति का खेल है साधारण मनुष्य इसका मर्म नहीं समझ सकते और देखिए चेहरे पे घूमता लगाई रहती थी तो मैन टेक्नोलॉजी यह जो सब क्षेत्र है जिनका महापुरुष महाराज ने उल्लेख किया है वो सब चीजों के बारे में मैन को कैसे समझ में आएगा किंतु जब निवेदिता ने अपनी स्कूल स्टार्ट की निवेदिता स्कूल कोलकाता में स्टार्ट की उसे नाम दिया था श्री रामकृष्ण स्कूल गर्ल्स स्कूल आई थिंक प्रोबेबली तो उसे समय माहिर थी जो की सब अपने भक्तों को कहती थी की अरे एक एक भक्त आया वह एक एक और एक लेडी devotiya ही मैन के पास में और का रही है की अरे मेरी बेटियों की शादी नहीं हुई वो तो बड़ी हो जा रही है मतलब उसे समय तो था ना की 10 11 12 साल पे वो शादी हो जाती थी तो वो बड़ी हो जा रही है शादी नहीं हो रही है तो मैं क्या पूरा परेशान थी तो मैंने कहा अरे उसने परेशान होने की क्या जरूरत है nirita की स्कूल को स्कूल में उनको भारती करवा दो वहां पे पड़ेगी बढ़ेगी sikhegi उनका जीवन भर करेंगे तब तो कहीं अभी ये सब चीज माने नहीं कही माने इतना कहा की निवेदिता के स्कूल में उनको भारती करवा दो किंतु जितने भी इस तरह से मैन के पास में जो महिलाएं आती थी उनकी महिला भक्ते उन सब को मैन कहते द की हान निवेदिता के स्कूल में उनको एडमिट करवाने से बच्चों का भविष्य अच्छा रहेगा तो मैन सिर्फ यह नहीं की उनको आध्यात्मिक शिक्षण देती थी किंतु साथ-साथ में ये भी देखती थी की यह जो साइंस एंड टेक्नोलॉजी ये जो विज्ञान यह जो है उन सब चीजों में भी उन लोगों का मतलब वे लोग सीखें और निवेदिता स्कूल की मुलाकात माने कितनी बार ली होगी और जो सुधीरा दीदी है सुधीरा दीदी मैन के पास में आती थी वो सुधीर दीदी वहां पे टीचर थी निवेदिता स्कूल में और सिस्टर क्रिस्टीन और सिस्टर निवेदिता के जाने के बाद में उन्होंने स्कूल का पूरा भर संभाला था और वही स्कूल चला रही थी और वहां पर सरला दीदी भी थी वो इधर वो स्टूडेंट थी वो टीचर थी यह सही कुछ था और वही सरला दीदी बाद में जाकर के जो वो एक ग्रुप था वहां पे बहनों का उसमें एक सरला दीदी थी तो जब यह 1963 में जब यह बात हुई की यहां शारदा मठ की शुरुआत करेंगे अभी एक आशा देवी करके एक बहन थी तो उन्होंने क्या किया उन्होंने सोचना शुरू किया की अरे स्वामी जी तो का कर गए हैं की महिलाओं का मठ जो है बहनों का सबसे पहले चालू हो तो अभी बेलूर मठ तो कब से सालों से चल रहा है और बहनों का मठ नहीं चालू हो रहा है तो ये आशा दीदी और उनका एक ग्रुप था बहनों का तो वे लोग गंभीरानंद जी महाराज के पास आई बेलूर मठ में गंभीरनाथ जी महाराज जनरल सेक्रेटरी द और प्रेसिडेंट महाराष्ट्र मोस्ट प्रोबेबली यह प्रभु महाराज अपने aishwaryanand जी तो उन्होंने आकर के उनको रिक्वेस्ट किया की आपने ब्लू उम्र तो चालू कर दिया किंतु शारदा मठ अभी तक क्यों नहीं चालू हुआ है क्यों नहीं आपने शुरू किया तो आप हमको परमिशन दीजिए हम स्टार्ट करेंगे तो यह बेलूर मठ के ट्रस्टों में भी इसको लेकर के सब डिस्कशन हुआ सब कुछ डिटेल में चर्चा हुआ फिर उन्होंने कहा की देखो आप ये आशा दीदी को बोला की आपकी जो बात है हम स्वीकार करते हैं की शारदा मैन शुरू होना चाहिए और जब स्वामी जी जब द 1890 18 और 1900 उसे समय क्या भारत गुलाम था और वैसे ही बहनों को इतना सुविधा नहीं था की अपने इंडिपेंडेंट रह सके सोसाइटी में भी बहुत सारे रिस्ट्रिक्शन थी किंतु यह जो जवाहरलाल नेहरू महात्मा गांधी जीवन सुभाष चंद्र बोस यह जो मॉडर्न जेनरेशन ऑफ फ्रीडम फाइटर है देव चैंपियन देव राइट्स ऑफ फीमेल तो आज तो मॉडर्न इंडियन रिपब्लिक है और महिलाओं को सब तरह के राइट्स से तो अच्छा चलो शारदा माता की शुरुआत की जाए किंतु balloonam से आशा देवी को क्या बोला गया की देखो आप लोग कार्य करने के लिए सक्षम है और आपको फिलासफी भी आती है ठाकुरमार स्वामी जी को भी आपने पढ़ा है सब कुछ अच्छा है किंतु यदि मठ की शुरुआत करनी है तो ऐसी महिलाओं को आपको रखना होगा जिन्होंने सही सही में साधन तपस्या की है और उनको कुछ ईश्वर की अनुभूति हुई है मैंने सिर्फ जिसको हम मॉडर्न साइंस बोलते हैं मॉडर्न सोसाइटी बोलते हैं यह मॉडर्न वे ऑफ लाइफ है स्वामी जी ने कहा है की यह सब कुछ हमको करना ही है अपने महिला भक्तों के बच्चे को वहां पर भेजा किंतु इसकी स्थापना करनी है तो ऐसा कोई आपके बीच में चाहिए जिनको सही-सही में ईश्वर की कोई अनुभूति हुई हो तो यह जो सरला देवी थी उसे समय वह आई थिंक निवेदिता स्कूल में ही उसे समय शायद रह रही थी तो उनको बुलाया सरला दीदी ने बाद में मैन की सेवा की थी मैन जब आखिरी समय में बीमार थी तो किसी महिलाओं को वहां पे रखना पड़ेगा उनके समकोण सब कुछ तरह से मैं आपको हेल्प करने के लिए जैसे ठाकुर की सेवा करने के लिए जो स्वामी जी महाराज शरद महाराज लाती महाराज वगैरा द यंग लड़के की ठाकुर खड़े भी नहीं हो रहे हैं उनको सब कुछ उनके लिए दही जो भी एक्टिविटीज है उनको हेल्प करना है तो यह लड़के लोग ये कर रहे द तो मैन की भी ऐसी परिस्थिति आखिर में हो गई थी तो सरला दीदी थी और भी कुछ मैन को हेल्प कर रहे द तो बेलूर मठ से कहा गया की सरला दीदी को शारदा मठ में लाइए उनको प्रेसिडेंट बनाया और आशा दीदी जो है वह जनरल सेक्रेटरी बनेगी तब कहीं जाकर शुरू होगा तो इस तरह से देखिए जो विज्ञान और आध्यात्मिकता बेलूर मठ में भी यह बात समझते हैं और ठाकुर ने भी यही बात कही है मैन ने भी यही बात कही है की ये जब दोनों का संगम होगा तब कहीं जाके आज का जीवन जो है वो सफल होगा हम कभी ऐसा नहीं कहते की आज की ये जो मॉडर्न वे ऑफ लाइफटाइम लर्निंग है उसको त्याग करो उसको त्याग नहीं कर सकते हम इतना गहनता से इसमें दुबे हुए हैं अभी एक चित्रों मेरे पास में कल परसों आया था उसमें लिखा है की आपको यदि एक ऐसी केबिन में बहुत बढ़िया चित्रा था केबिन का चित्रा था पीछे में पूरा एक बहुत ही सुंदर प्राकृतिक दृश्य था वह कहा उसमें लिखा है की आपको इस बहुत ही सुनहरे प्राकृतिक वातावरण में एक केबिन में आपको ठहरने को बोला जाए और वहां पर एक कंडीशन है की आप वहां पर एक महीना रहिए आपको नहीं इंटरनेट होगा नहीं मोबाइल होगा नहीं टीवी होगा नो इलेक्ट्रॉनिक नो कम्युनिकेशन नथिंग पूरे प्रकृति में आप रहिए एक महीना तो आपको ना की 1 लाख ने 2 लाख रुपया हम देंगे ऐसा हो एक आयत है मेरे पास अभी सही गलत है पता नहीं मैंने अपने स्टेटस पर रखा इतने सारे लोगों ने बोला हान हम रहने को तैयार हमको बताइए ये कहां पे है एन एक अब मुझे पता नहीं कहां पे है किंतु देखिए हम लोग बोलते हैं की हान हम इस तरह से रहेंगे किंतु पता है सही-सही में वहां पे जाकर के रहना हमारे लिए बड़ा ही काश्तकार हो जाएगा क्योंकि हम लोग इस तरह से पहले से ही बड़े जो जेनरेशन है आई एम 40 प्लस नौ तो हमारी जो जेनरेशन है वो तो चलो हम लोग तो गली में गिल्ली डंडा खेल करके और वो सब रहे हैं किंतु आज की जो जेनरेशन है बचपन से ही ये मोबाइल ये टीवी ये इंटरनेट उसके साथ पढ़ की वजह से आज तो ऑनलाइन हो रही है तो आज की जेनरेशन के लिए यह सब करना बड़ा मुश्किल है तो स्वामी जी ठाकुर ने क्या कहा है किसी ने बोला कम और क्रोध से कैसे मुक्ति पाई जाए तो ठाकुर ने कहा की उसे मुक्ति पाने की क्या जरूरत है मूड फिर देवना अर्थात की उनको ठाकुर की ओर ईश्वर की ओर घुमा दो गुस्सा करना है तो यह गुस्सा करो अरे मैंने ठीक किया की मैं सुबह उठकर जब ध्यान करूंगा तो मैं क्यों नहीं कर का रहा हूं यदि अहंकार करना है तो करो की हान मेरी जो साधना है मैं अपने साधना में इस तरह से प्रोग्रेस कर रहा हूं मैं ईश्वर का सबसे बड़ा भक्त हूं जैसा रावण का अहंकार था ना की वो शूट का सबसे बड़ा भक्त है तो ऐसा तामसिक यदि हम कर करो तो उसमें भी कोई गलत नहीं है मतलब कहो की मैं भगवान का वीर भक्त हूं तो ये कम क्रोध वगैरा से मुक्ति नहीं पानी उसको ईश्वर की ओर मोड देना है तो हमको भी ऐसा करना है की यह जो ऑनलाइन कम्युनिकेशन से वगेरा है उसे पर मुक्ति हम का सकते हैं की नहीं पता नहीं किंतु इसका उसे तरह से करना है की जिससे की हमारे जीवन में वो बेनिफिशियल हो जाए reather धन की हमारे जीवन को वह विडंबना में डालते अच्छा आज यही तक कल फिर से मिलेंगे