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ओम नमो भगवते राम कृष्णााय ठाकुर मा स्वामी जी कोनो मैजिक वांड नहीं माने ओदे काछे रकम मिरेकल नहीं जे एक बार ओ कथा सुनलाम कििंबिबा एकटा मंत्र नीलाम कििंबा क एक बार मंदिर गलाम ताते ही आर होए गैो निश्चय होए जावे ज विश्वास थकले होए जावे किंतु बर भाग लोग की होय धीरेधीरे करे संस्कार काटते होय संस्कार काटा प्रक्रिया अनेक बार हमरा भाभी जे की काटबे की ना केनो जे दुट कथा सुनने ए संस्कार नहीं ज महापुरुष स्पर्श पे गलाम ताले तत खणात केे जावे जतग संस्कार अच्छे शेटा एकटा कथा अच्छे तार पर एकटा कथा अच्छे जैन ठाकुर कथा एकटा गाछ नीचे दुईजन ऋषि मुनि तपस्या कर छिल नारद मुनि थेके जाे ओरा जिज्ञास कर ले मुनिरा जे अपनी वैुंठ लोक जा भगवान के जिज्ञास कर जतो बछ तपस्या करते होवे तो नारद मुनि फिरते तखन बोल जे गाछ ऊपर जतो गुलो पाता ततो जन्म अपना के तपस्या करते होवे तो ए कथा सुने एक जन तो खूबी डिप्रेस डिप्रेस हो गन किंतु आर एक जन छ खूब खुशी हो गन ए बोले ना कोखनो ना कोखनो तो हमारे मुक्ति निश्चय होवे तो देखो ए दुटो कथा हम सुनते आची हो तो ज महापुरुष स्पर्श पे गलाम क्षणमह सज्जन संगति रेका भवती भव तरण नौका क्षणमह सु एक जन जो एक जन सज्जन साधु पुरुष संगो पे गला पुर नौका जेटा अच्छे भव सागर पार करे देवो शेटा एकटा धारणा अच्छे ना हो एकटा धारणा अच्छे जन्म जन्मांतर धरे आदर तपस्या करे जेते होवे आर निजे जे बिलीफ अच्छे देखो ठाकुर माय और स्वामी जी कथा और कहानी ए दुट ते ज आदर इंटरेस्ट बसे जाए और यदि हमरा नियमित रूपे सत्संगो करे ए कथा कहानी सुनते थाकी ओार ऊपर स्मरण मनन निध्यासन करते थाकी यदि एार ऊपर जैन महा महावाक्य बिचारा छे तो ठाकुर मा स्वामी जी कथा और कहनी ऊपर एक चिंतन करते थाकी ताले बोध हो आ दे बे दूर नहीं ए जेठा हम गंतव्य स्थान एक बार ट्रेनिंग सेंटर भजनानंद जी आर आचार्य जो छिलन एको आज एक तो वाइस प्रेसिडेंट मोस्ट प्राइस वाइस प्रेसिडेंट हो गए छंगे किंतु तखन आदर आचार्य जो छिलन और भजनानंद जी जोखन शेखाय खूब धीर गंभीर भावे शेखाए और ये तो डीप सब फिलॉसोफिकल पॉइंट खूब ध्यान दिए सुनते हो एक मिस कर ले पुर ऊपर थेके जावे तो उन गंभीर हो कथा बोलचे वेदांत कथा कोनो एक डिफिकल्ट सब्जेक्ट हठात एकू है बोलन जे हमरा यदि मुक्ति ना हो पाई और सुध रामकृष्ण लोक जाए ताते कोनो खति नहीं कथा सुन ने तो भीष्म [हंसी] अब खोए गला ने भजनानंद जी पखे ए रकम कोो एक लाइटली कोनो कथा बोला आर ताओ भक्ति नहीं है श किंतु देखो ए जरा महापुरुष आ शंगे तो भक्ति ज्ञान दुटो आ अनेक समय भक्तिटा एरा चापिए थाके सु ज्ञान दटा देखाए तो हम जेटा मने होय नित्य नियमित एटा सत्संगो कोे थाकले हमारे दे एटा राम कृष्ण लोक जावा शेटा कोनो असंभव थाके ना थाकबे ना सहज होए जावे तो वि दिस प्रएमबल आर सबाई के आ रिक्वेस्ट करो जे ए रकम सत्संगो करते थाक [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऑनलाइनो अनेक होय एक तो सुची आर जा जदी सुविधा होय बा का यदि कोनो आश्रम थाके तो एकने गि ओखाने गि जदी किुटा समय अपनी मंदिर बोते पारे साधु देव शंगे गोप्पो करते पारे ताले खूब भो होवे तो विद दिस प्रएमबल ए पत्र आ एकटा सिलेलेक्ट करे छ स्वामी जी चिट्ठी लिखा होए छे सिक्स्थ अप्रिल 1897 एक जरा स्वामी जी संबंध जानेन जाने जे 1896 एक बार लास्ट वीके स्वामी जी कोलंबो ते चले ए छे आर 1897 प्रारंभ उननी भारत भ्रमण प्रारंभो कोरे छे दक्षिण थेके प्रारंभो कोरे रामनाथ ए सब चेन्नई ओटा क्रॉस करे कोलकाता ते ऐसे छे आरतार पर कोलकाता थेके नॉर्थ इंडिया ते ग छे तो वि दिस क्रोनोल ोलॉजी दा बोल क्रोनोलॉजी तो वि दिस क्लेरिटी ऑफ क्रोनोलॉजी हमरा जानी जे सिक्स्थ अप्रिल 1897 तार माने ए शबे एे छ भारत ए चार मास होए छे तोखन स्वामी जी ए चिट्ठी लिखे छ श्रीमती स्वरला घोषाल के उननी छिले एक जन टैगोर परिवार भद्र महिला भारती बोले एकटा पत्रिका छिलो शे संपादन करते से समय एक जन मे ए रकम कोनो पब्लिक लाइफ आशा कोनो एकटा पत्रिका संपादन करा शेटा एक विराट व्यापार छिलो और हमरा तो जानी जे ईशर चंद्र चक्रवर्ती स्वामी जी के बोले छ स्वामी शिष्य संवाद प्रणेता जे महाशय ए जुगे अपनार ए जे विदेशी शिष्य शिष्यारा आे शेटा ही आदर पखे एक महा आश्चर्य तो स्वामी जी शंगे ए कैप्टन एंड मिज शेवियर ऐसे छिलन ए तार पर कुडविन ऐसे छिलो आर पर ऐसे छिले ए जोसेफाइन मैक्लाउड मिसेस ओलीबुल निवेदिता मिस मूलर तो ए विदेशी शिष्या आर शिष्य देर देखे भारत अनेक ही भाव छिलो जे आ दे एक सेल्फ इमेज हो गए छिलो तो ना कि हमरा गुलाम हमरा गुलाम तो सेल्फ इमेज हटात करे भंगे गैो आर हमरा देखते पेलाम जेना आमरा से ऋषि मुनि देरी संतान आ दे पूर्वजो छिले से महावीर महायोद्धा अर्जुन से महावीर हनुमान से महाप्रतापी भगवान राम से नीति ते दुखो भगवान कृष्ण से भगवान राम भगवान कृष्ण और ऋषि मुनि दे संतान हमरा ये हटात जे आर आत्म सम्मान छिलो जे सुप्त छिलो एक टू जेगे उठे छे किंतु ए मने कोलकाता कोक जो शिक्षित दे मध्य सु ए जेटा अग्निमय वाणी स्वामी जी न छटा सुमित थकबे ना पुर भारत छोड़िए पड़वे शेटा स्वामी जी चेष्टा छिलो आर जखन स्वामी जी देख ले ए जे श्रीमती शरला घोषाल ओार एक जन प्रशंसक और उन्हीं स्वामी जी आदर्श अनुसार ए भारतीय नारी दे चरित्र गठन करते चा तोखन स्वामी जी ए लेटर ओना के लिखे छे आमी एकू आगे पढ़ची पर एक चर्चाओ करो की लिखे स्वामी जी ओम तत्सत मान्य बराशु महाशयार प्रेरित भारती शटा पत्रिकार नाम भारती पाय विशेष अनुग्रही तो बोध करते छ एवं जे उद्देश्य आारो खुद्र जीवन नस्त होइया छे ताहा जे भवदिया न्याय महानुभवा दे साधुवाद संग्रह करते शखम होइया छे ताहा ते आपना आपना के धन्य मने करते देखो ए साधु बांग्ला माने ऑलमोस्ट संस्कृत मतन स्वामी जी लिखचे एक हमरा तो जानी जे स्वामी जी जेटा के बोले चलती बांग्ला अर्थात कि मने जेटा डे टू डे बंगाली शेटाओ बोलते पारतेन खूब इफेक्टिवली बोलते पारतेन और से चलती बांग्ला भीतर उन्हीं डीप फिलॉसोफिकल मैसेज देते पारते तो शेटाओ स्वामी जी क्षमता छिलो आर ए साधु बांग्ला संस्कृत बंगाली एार भीतर दियो स्वामी जी खूब गहन कथा बोलते पारतेन ए जीवन संग्राम में नवीन भा समुदातार समर्थक अति बिरल ए जीवन स्वामी जी एक नतुन भाव ऐसे छ तो स्वामी जी निजे के बोलचे नवीन भावे समुदाता तार समर्थक अति बिरल तार मध्य उत्साहत कथा तू दूर था विशेष तो हो आमा देर होतो भागो देश देखो एक जन महिला एक जन सचरित्र नारी एक जन भद्र कुटुंबेर एक जन नारी शिक्षिता नारी ए रकम नतुन भाबेर समुद गाता के उत्साह देन शेटा खूब विरल भारत है स्वामी जी जोखन अमेरिका ते गए छ उन सब थे के बो आश्चर्यना के होए छिलो स्वामी जी बोलचे ए देश शादा सादा ही तेमनी धबल चरित्र ए तो गुलो सब नारीरा आर अमेरिका ते जेटा के बोले कल्चर जेटा के बोले हायर थिंकिंग ओ सब मेरा ही करे ये सब नारीरा ही करे जरा पुरुष आ ओ सुधु एकटा माथा ओ टाका अर्जन करते होवे ओरा टाका टाका करे और दर्शन साहित्य संस्कृति ए सब मेरा जेनो की बहन को छे ओरााई जेनो जरा दर्शन साहित्य ते जरा निपुण ओर के पृष्ठ पोषकता मेरा ही कोरे तो अमेरिका ते तो स्वामी जी देखे छ सच चरित्र उच्च शिक्षिता नारी समाज के एक हायर स्टेशन जा छे किंतु भारत देख ले की हमारा तो जानी से कहानी जे स्वामी जी वराह नगर मोड थेके बेियिए छ और अल्मोड़ा ते गि एकटा गुफा ते ब संकल्प करे छ एक निर्विकल्प समाधि ते देहोत्याग करो किंतु तोखन ही एक निदारुण समाचार उनार काछे एे छ जे उनार निजे बो आत्महत्या करे छे तोख स्वामी जी भावले अमर निजे बने यदि ए अवस्था त भारत जुड़े कोटि-कोटि हमार बोनेरा आे ओ की अवस्था होवे ताले स्वामी जी लिटरली आर मेटाफोरिकली हिमालय थे के नीचे नाम लेन आर भारत भ्रमण प्रारंभ कर ले आर की देख ले एमनी तो भारत गुलाम एमनी तो मैं हो ना पुरुष सबाई प्राय दरिद्र संस्कृति कििंबा शिखार नामो निशान नहीं आर मे दे कथा बोलते गले आरो डेंजरस छोटो मे दे बे करे देवा होय जोखन स्कूल जा बोस तोन देख ले छले में दे मां होए गए छ और छोटो बोखन संतान प्रसव होय तोन बते पार छ मन और स्वास्थ दुटार की गति होवे तो स्वामी जी पुर भारत ए रकम देखे छ हो तो रेयर कोनो भद्र लोक पावा जाए कोनो भो सचरित्र फैमिली पावा जाए जे खाने मेरा पढ़ाना कर छे जे खाने मेरा संस्कृति साहित्य दर्शन कला ए सब निजे जीवन गठन करे एटा खूब रे से समय भारत छिलो तोखन स्वामी जी अमेरिका ते गए जेटा नतुन आइडियाज भारत आते चाहिए छिलन स्वामी जी प्लांट की छिलो अमेरिका ते ग देख ले भोगवा चरम शिखरे एरा बोया अच्छे और भारत की देख ले जे भारत डूबे अच्छे ए दरिद्रता भीतरे किंतु भारत काछे एकटा अमूल्य संपद आ जेटा विदेश दरकार और विदेश एकटा अमूल्य संपद आ जेटा भारत दरकार भारत काछे आ वेदांतो तो आध्यात्मिकता आर विदेश काछे आ ए मेर जनो सम्मान आर ए साइंस साइंस एंड टेक्नोलॉजी एक्चुअली भारत देखो स्वामी जी निजे ही बोलचे आमादे शास्त्र बोला होए छे यत्र नारस्तु पूजते तत्र रमंतु देवता एमनी तो शास्त्र सब लेखा छ किंतु ए पत्र एक पत्र ही हमरा पाठ करो एक पर जे शास्त्र कथा तो बड़ा लंबा लंबा कथा किंतु व्यवहार परिणत करार समय घार डीम तो देख स्वामी जी एक प्लान छिलो भारत थेके वेदांत योग आध्यात्मिकता शदा विदेश ग प्रचार करते होवे आर विदेश कृतकारिता कृतकर्मिता प्रैक्टिकल सेंस इंडस्ट्रियलाइजेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी एक्टा म एक सभ्य समाज शेटा भारत आस्ते होवे तो ए आदान प्रदान करे ये पश्चिम टाओ एनरिच होवे भारत समृद्ध होवे तो पुर जगत ए आदान प्रदान दिए ए गिव एंड टेक दिए पुर जगत समृद्ध होवे शेटा छिलो स्वामी जी प्लान तो ए प्लान ए श्रीमती शरला घोषाल एटा संबंध किछू किछू सुने छे आर स्वामी जी समर्थन करत एकटा आर्टिकल भारती पत्रिका ते लिखे छे तो ए आर्टिकल स्वामी जी पढ़े छे आर तार ऊपर ओनार एक रिप्लाई ए जन बंगो विदुषी नारी साधुवाद समग्र भारतीय पुरुष उच्च कंठ धन्यवाद अपेक्षा अधिक ला प्योर संस्कृत ए जे बोंगो नारी ताओ सच चरित्र ताओ उच्च शिक्षता ओनार साधुवाद ता होले की ए जे पुर भारत एको पुरुष चेचिए चेचिए स्वामी जी के साधुवाद जाना छे ता अपेक्षा खूब बी एटा मूल्यवान अधिकोश लाखो केनो जे एको मने जे हमरा इंडियन गवर्नमेंट एड जदी पड़ी तो माझ लिखा था के एक तो जानी ना किंतु आ जो बाते छिलाम और इन न्यूज़ पेपर ए सब एड बेरू तो यदि एक जन पुरुष के अपनी शिक्षित करेन शू एक जन पुरुष ही शिक्षित होवे किंतु एक जन में के अपनी शिक्षता को करेन पुर फैमिली शिक्षित हो ए रकम गवर्नमेंट एड बेयर कर तो एको अपनी देखवे जे गवर्नमेंट वेलफेयर स्कीम मे देर जनो जतो स्कीम आ शेटा जतो इफेक्टिव सब के बी इफेक्टिव ओाई से जन गवर्नमेंट एक अनेक काज चले तो से जन स्वामी जी एकने बोलचे शतोशतो पुरुष साधुवाद चे ब इंपॉर्टेंट आ एक जन विदुषी बोंगो नारी साधुवाद प्रभु करे जेनो आपनार मतो अनेक रमणी ए देश जन्म ग्रहण करेन ओ स्वदेश उन्नति कल्पे जीवन उत्सर्गों को आपनार लिखितो भारतीय पत्रिका मत संबंधी प्रबंध विषय आार किंचित मंतव्य आहा ए पाश्चात देश धर्म प्रचार भारत मंगोले जो करा होइया छे एवं होइबे देखो ए कथा स्वामी जी बोल छे बटे जे पाश्चात देश धर्म प्रचार भारत मंगले जनोई स्वामी जी ए आशा ई प्लान विदेश गन बटे किंतु जखन हमरा स्वामी जी विदेश कारकलाप पढ़बो पाठ करबो अध्ययन करबो तखन एकटा खूब एक विचित्र जिन हमरा जानते पारबो हमरा तो जानी जे स्वामी जी लेक्चर कििंबबा क्लास टिकट थकतो क्लास होय तो अनेक समय थकतो ना किंतु पब्लिक लेक्चर टिकट तो केनो जे स्वामी जी निजे तो जीवन निर्वाह हो जे व्यो आटा करते हो तार पर भारत जे का चल शे टाका दरकार छो भले टिकट के ना हो टिकट डिस्ट्रीब्यूट करा होतो और टाका एक कलेक्ट करा होतो किंतु आमी पढ़े देखे छ अनेक बार ए रकम होय छे स्वामी जी जोख देख जे अमेरिका ते कोनो पुरु पुरुष कििंबा में किंबबा कोनो संस्था ए रकम दरिद्र दे जोनो काज कर छे मने स्वामी जी फट करे ए टाका जेटा भारत कलेक्ट करा होए छ ओखाने दिए दिल भारत कथा एको बाबले केनो ए रकम स्वामी जी को छे आमी आगे आगे एकू बिस्मित होए छिलाम एक देख अमेरिका हो ना ब्रिटेन गरीब लोगकेरा तो सब जगह थकबे किंतु ओर गवर्नमेंट तो काज कोर छे भारत मतन ओ तो गुलाम देश नहीं ओ निजे गवर्नमेंट छे और अमनी तो लोकेरा खूब धनी ताले ओखानकार गरीब लोगके दे जो दरिद्र दे जो स्वामी जी ए तो केनो भाव छ बते पार छिलाम ना किंतु पर भवे देखलाम देखो स्वामी जी आ भारतीय और एरा विदेशी ए रकम डिस्टिंशन स्वामी जी हृदय छिलो ना केनो जे हां भारत जनार विशेष एक सिंपथी छिलो केनो जे भारत पॉवर्टी बेश छिलो भारत दरिद्र बेश छिलो भारत कष्ट बेश छिलो भले भारतवासी पखे ओनार भारतवासी दे जन ओनार मने बे एक सिंपथी छिलो किंतु एस सच जारा वेदांत के अनुसरण कर छे जरा आदर भारतीय संस्कृति के अनुसरण कर छे सबाई बुझते पार छे जे ए भीतरे जे आत्मन आ से आत्मन और भीतरे आ भारतीय मध्य से आत्मन ब्रिटिश जारा भारत ऊपर राजकोर छे भारत के गुलाम बन रखे छ ओ भीतर से आत्मन सुध तारा अज्ञानी बते पार छे ना जे ए रकम करे अपर कोष्ट देवा उचित नहीं अज्ञानता दूर करते होवे लोके दे पखे कोखनो घृणा करते होवे ना स्वामी जी निजे बोले छे आ जोन कोलकाता छिलाम ब्रिटिश दे जन आर मने घृणा छिलो अवश्य एको किंतु जोखन आ ब्रिटेन एलाम लंदन एलाम आर ए ब्रिटिश दे चरित्र देखलाम तोन ओ जन जो आर खूब एक एडमिरेशन बे गए छे केनो जे एरा हो प्रैक्टिकल लोग जखन डिबेट करवे शबा निजे निजे एक ओपिनियन किंतु जखन एक बार ठीक होए जावे जेना ए कोर्स ऑफ एक्शन ए रकम ए मेथड दिए हमरा काज करबो तोखन शबाई एकजुट होए जावे आर जेटा ओर लीडर लीडर कथा सुने काज करबे सो से शंघोबद्ध होए लीडर आका बोए काज करा से प्रैक्टिकल सेंस ए ब्रिटिश दे स्वामी जी देखे छ और स्वामी जी ओटार जन ओदे एडमायर करे छे तो देखो मा एक कथा छे जे एक समय मा काशी ते छिले और माय सेवक एक जन छिलेन होार एक जन महाराज सन्यासी उननी आगे जीवन पूर्वाश्रम में छिलन क्रांतिकारी तो हठात एक दिन न्यूज़ एलो जे दिल्ली ते जो वायसरॉय थाके तो ब्रिटिश दे से वसोय ऊपर एक बोमा फैला होए छे तो से समय जमन क्रांतिकारी विचारधारा छिलो जे जरा आदि ऊपर राजकोर छे ओर के मेरे फैलते होवे तो ए रकम एक जन क्रांतिकारी हो तो बोमा फैले छे ए वाइससरॉय ऊपर एक वायसरॉय तो बेचे गए छे किंतु ये सीआईडी डिपार्टमेंट ब्रिटिश गवर्नमेंट एक्टिव होए गए छे आर उ एक जन क्रांतिकारी के धर ले तो हवेबे ना पुर भारत थेके क्रांतिकारी विचारधारा शेष करे देते होवे इट अ सेंस ऑफ रिवेंज बोले जेखाने जेखाने मने एक्टिव क्रांतिकारी जरा छिलो ओ देर के वो तो अटक करते प्रारंभ करे छे किंतु भूतकाल जारा छिलो ओदे के ओ मने अरेस्ट करते प्रारंभ करे छे तो ए माय सेवक महाराज काशी ते उननी पूर्वाश्रम में क्रांतिकारी छिलन तोखन कोई जन साधु ऐसे मां के बोलले जे मां उन तो क्रांतिकारी छिले ता होलेना के एक थे के शिय जेते बोलते बोलले उचित ना होले पुलिस वाला एक आशबे ओके तो अटक करे जावे किंतु अपना के हो तो हैरेस कर मी सब मने टेंशन माथा नेवर कोनो दरकार नहीं अपनी बल उननी चले जाए ख के और अन्य साधुरा ओना के बोले छ जे ए साधु के महाराज जी के जेनी क्रांतिकारी छले जे मां के मीछे मीठी कष्ट देवा होवे अपनी एक थेके चले जान से समय मां बोले छ देखो जे वो तो भो लोग छिलो माने मां वसोय संबंध बोले छ उननी तो भो लोग छिले मीछार ऊपर बोमा फैला केो देखो जोख प्रथम बार सुनलाम तो हम मने एक आश्चर्य होए छिलो गतो पूर्व जतो बार जगदंबार आगमन होए छे किस जन होए असुर संहार जन अरि नाश जन शत्रु नाश जन ए शुभ निशुम के मेरे फैल ले ए जे रक्त बीज वधू को कर ले ए जे महिषासुर दमन कर ले ए जो तो राक्षस दे माने हत्या करार जोने ही तो माय आगमन होए छे वध कर जो ही तो मा आगमन होए छे किंतु ए बार देखो माय आगमन किस जन होए छे भारत पखे तो ब्रिटिशरा तो राक्षस ही छिलो किंतु तब ओदे पखे माने चीफ राक्षस वायसराय माने की मने मॉनस्टर इन चीफ भारत पखे तो ए राक्षस जन मा ए रकम बोलचे वो तो भो लोग ही छिलो और ऊपर बोमा फैला केो तो देखो जोख गंभीरानंद जी महाराज मा जीवनी हमरा पड़ी तो अनुक्रम ओटा जे पूर्व भूमिका महाराज जी बोले छ जे ए बार मा आगमन होए छ संशय राक्षस नाश करार जो आदे हृदय भीतरे अपर पखे जेटा द्वेष आदे हृदय भीतरे एकटा घमंड आ एकटा सुपीरियोरिटी कॉम्प्लेक्स आे ए सब नाश करार जनो ए बार माय आगमन होए छे ठाकुर आर स्वामी जी होए तो ए जे कामिनी कांचन प्रति आमादे आकर्षण नाश करार जन्म ए जे शडरीपु बोले किंबिबा अष्टपाश बोले किंबा पंच कक्लेश बोले ओार वध करार जन्मो माय ठाकुर और स्वामी जी आगमन ए बार होए छे तो से जन ज एकने स्वामी जी बोले छे जे पाश्चात्य देश धर्म प्रचार भारत मंगल जो ही करा होया छ एवं होइबे किंतु शंगेशंगे ए पुर कॉन्टेक्स्ट मने रखते होवे स्वामी जी चिंताधारा स्वामी जी हृदय पुर जगत जन छिलो जखन विदेश गए छ ओर के ओार जन शेखाई नहीं आ तोरा तो दे वेदांतो शेखा तोरा तड़ातड़ी आ के टाका दिए दा इंडिया ते पाठी देवो ना स्वामी जी रे एटीट्यूड छिलो ना ओ दे जन संपूर्ण पूर्ण सहानुभूति छिलो बोले तो आज आदर विदेश रामकृष्ण मिशन वेदांत सोसाइटी दे देख ए तो हेल्दी प्रचार हो और उनारा आदर रिस्पेक्ट करे ना होले सु एक ट्रांजैक्शनल एटीट्यूड स्वामी जी जो जेते भारत कल्याण जो ऐसे जतो तड़ातड़ी होक टाका दिए दिन आ एक थेके पालावो ए रकम यदि थकतो तो स्वामी जी निजे एतो रिस्पेक्ट कौनो पेते ना टाका पे हो तो किंतु रिस्पेक्ट पेते ना तो से जन ए स्टेटमेंट के विद इन दैट कॉन्टेक्स्ट आर देखते हो पाश्चातरा सहायता ना करले जे हमरा उठते पारबो ना इहा चिरो धारणा पा देखो ए सेंटेंस किंतु खूब इंपॉर्टेंट स्वामी जी पर ही बोलबेन जे आदर सेंस ऑफ जे ऑर्गेन माने शंघोबद्ध होए काज करा आर लीडर आका होवा कथा हम भूले गए सब निजे निजे एक ओपिनियन आ छे स्वामी जी से फेमस उदाहरण जे मने कतोटा ए लोबस्टर एकटा जारे भीतरे भरे छ जदी एकटा ऊपर उठार चेष्टा कर छे अननेरा मिले ओटा पा धरे ओके बार टेने आचे नीचे तो ए जेलसी छे ईर्ष्या छे हिंसा बांग्ला थे तो ए हिंसा आदे मने एतो डीप ढुके गए छ जे आरा निजे म तो निजे उन्नति कल्प निजे उन्नति चेष्टा ही करते पार छ ना तो से जन एकने स्वामी जी बोलचे जे लीडरशिप तो एकटा चाहे विदेशीर देखे ज हमरा हो तो एकजुट होते पारी जे मने शरद चंद्र कथा जे महाशय ए बारे तो सबसे बो आश्चर्य ए जे विदेशी अपना के फॉलो कर छे तो जदी एटा देखे भारतवासी एक उद्दीपना हो एक जदी इंस्पिरेशन पाए जे हां विदेशरा फॉलो कर छ स्वामी जी के ताले हमरा केनो करबो ना से राजा महाराज ग्रामे एक भोजन समारोहो करा होए छो आगे जमींदार के गले पर ए कुली मजदूर बो तो जे आचार ओ के सर्व करा हो तो बोल एटा की जिन आचार तोरा बोल आचार चार बोले तो एरा तो खोखनो खाई नहीं बेचारा तरा जिज्ञास कर जे बाबूरा खे गए छ की एटा आगे तो बोलचे हां खेले यदि बाबूरा खेले तो भो ही होवे ताले दवा दे तो [हंसी] मने केनो स्वामी जी के फॉलो करते होवे केनो संगोबद्ध होते होवे केनो लीडर आज्ञावर्ती होते होवे शटा जानी ना किंतु जोन विदेशी रा काले भो ही होवे भले जक इंस्पिरेशन पाई ए देश लेखन गुर आदर नहीं अर्थ बोल नहीं एवं सर्वापेक्षा शोचनीय ए कृतकर्मता प्रैक्टिकिटी आद ना उद्देश्य अनेक आ उपाय ए देश नहीं आ दे मस्तक आष्ट नहीं आ दे वेदांत मत आ परिणत कर क्षमता नहीं आ दे पुस्तके महा साम्यवाद आदर कार्यजे महाभेद बुद्धि महािस्वार्थ निष्काम कर्म भारत प्रचारित होया किंतु कार आमरा अति निर्दय अति हृदयहीन निजे मानसो पिंडो शरीर छाड़ा अन किुई भाभी ते पना देख कतो पावरफुल कथा स्वामी जी विशुद्धानंद जी महाराज जखननी स्टूडेंट छले जिततेन युवक जितन तो ए जिततेन महाराज एक बार ठीक को लेन जय राम बाटी जावे और अनेकी निरस तो करे छ राष्ट्रता दुर्गम तार पर डके माज खाने खूब भय आ छे ओरा सु टाका केे ने ना तो मा के मेरे फेलवेने जाबे ना तो रकम करे निरस्त करार लोकेरा छिलो तो शबाई के अब करे अब्ञा करे यंग जितन ए्थ प्रेसिडेंट ऑफ रामकृष्ण मिशन स्वामी विशुद्धानंद जी भविष्य तो तोन स्टूडेंट तो ए यंग जितन जय राम बाटी जा बटे किंतु मने भीतरे एटा भाव यदि क्यों आमा के माय संग इंट्रोड्यूस करे देवार थाके के ताले भो होवे केनो जे आ तो एक बार बारे अचेना माय पखे जय राम बाटी ते जावो तो मां निश्चय जिज्ञास करबे के तुम कोथाई थेके ऐसे छो केनो ऐसे छोर ओना के एक अलर्ट करे देवा होए छिलो जितन महाराज के तो सबाई जाने जे ब्रिटिश गवर्नमेंट ए जरा क्रांतिकारी ओर ऊपर ओ ब्रिटिश गवर्नमेंट एक कड़ा नजर तो एक जो यंग छेले कोलकाता थेके ए तो पाड़ा गाय आचे तार माने ए स्वामी जी फॉलोवर मां के मा दर्शन करते ऐसे छे स्वामी जी फॉलोवर यंग आशिष्टो दृढ़ो बलिष्ठो बुद्धि आ देहो सुस्तो आ तार म क्रांतिकारी और जोखनी जमनी जावे जय राम भाटी तेमनी ये सीआईडी ए पुलिस और उ सब और पीछेने लाग तो मां के कष्ट होवे मां के कष्ट देवा होवे सब भवे जितन महाराज भाव छले ज के आमा के इंट्रोड्यूस करे दे ता हले मां आमा के रावे थकते देवे मंत्र दिखा देवे ना हो तो भाबे जे आर एक जन क्रांतिकारी ऐसे छ और आमा के होय तो ताड़ी देवे किंतु की करा जावे पाड़ा गाय काके खुश जावे जे के इंट्रोड्यूस करे देवार जन तो बेचारा भवे भवे ओखाने जाे जय राम बाटी ते चले ऐसे छे ऐसे मा सामने उपस्थित होए छ दुई हाथ जोड़े मां के प्रणाम करे और पुर अपेक्षा मने भीतरे ए जे मां एक बार जिज्ञास कर के तुम केनो ऐसे को थेके छो किंतु ता ना जितन महाराज निजे बोलचे मां बो स्नेहो भरे जिज्ञास करे बाबा भो आो तो रास्ते कोनो कष्ट हो नहीं तो तो मने जेनो निजे छले विदेश थेके फिरत छे जोखन जितन महाराज ई कथा सुन ले ये तो अभिभूत होए गले मने फ्रॉम दैट मोमेंट ऑनवर्ड्स जेनो माय श्री चरण निजे के संपूर्ण शरणागत करे फैले से तो से देखो जे स्वामी जी जेटा बोलचे तो वेदांतो मत आ परिणत कर बार क्षमता नहीं ये क्षमता एटा के बोले वेदांतो मते माने की सर्वम खलव इदम ब्रह्मन अहम ब्रह्मास्म तत्व मसी तार माने जतो जीवितो जिन आ मृतो देहो आ कििंबिबा मने जड़ो पदार्थो कििंबा जीवंत पदार्थो जा किु को देख श भीतर ब्रह्म आ ए ब्रह्म समुद्र विभिन्न लहर मात्र नाम रूप आलादा भीतर जिनिश तो एकटा ही तो एटा हमारे वेदांतो सिखा और ए वेदांतो सीखे नाम रा के बोली जे एटा डोम एटा बागदी एटा ए सब की को था नहीं माय ते नली छोड़े छोड़े रोटी दी एक जन डोम ना की बागदी छिलो का बोध हो ए अमजदी बेचारा खेते बसे छ और नलीनी छोड़े छोड़े रोटी दी छे मां बोल एटा की को छिश दावा के दाऊ छले के रकम करे की खेते दते हो बोले मा कतो स्नेहो भरे निजे हाथ रोटी परवेशन कर छे और जो माने झूठा परिष्कार करे ए परिष्कार करे तो नलिनी बोलचे मां तुम जात जावे की करो एटा तो देखो तखनकार समाज भीतर ए रकम एक जड़ो बात प्रवेश करे दिए छे जे वेदांत आत मतन वेदांत फिलॉसफी पुर जगत कोथाऊ नहीं आर शंगेशंगे देख भारत मन ए नाथ जात करे जेटा हमरा गतो 1000 वर्ष धरे जे पागल कल्पन आरंभो करे छ स्वामी जी बोलचे त्रावण कोर गए छ केरल आज पागला गारद म कीजे देखलाम पागला गारद तो ये एक पागला गारद हमरा इ देश के ब दिए छ एक एक म एक दिक आ छे आ सर्वश्रेष्ठ अद्वैत वेदांत आर एक दिक आ छे ये जतो गोलो नात जात सब पागलापन तो से जन स्वामी जी बोलचे जे उद्देश्य अनेक आे उपाय आई नहीं मस्तक आस नहीं वेदांतो मत आ परिणत कर बार क्षमता नहीं कार्य की को परिणत करते हो ज देखते चाह माय जीवन आशल माय कथा माय जीवन माय कानी एक जन बूढ़ो में जय राम बाटी गए छे उन तो ए लेबरर छिले और काछेर ग्राम थे के जदी किु पाठाते हो जय राम बाटी ए बूढ़ो मेयर माथा माथाए उन सब बहन को नहीं आस्ते जदी काछे ग्राम थे के मायर जन किछू पाठावे होय तो वेजिटेबल पाठा छे फ्रूट पाठा छे ना हो किछु मसला टोसला तेल टेल पाठा छे तो ये लेबरर लेडी उननी बूढ़ो में महिला उननी माथा सबन करे नहींस्ते तो एक दिन उननी ऐसे छे तो ऐसे छ म अंधार होए गए छ तो मां बोलचे अच्छा एक काज करो ए रात कोथा जावा दर नहीं रात एक नहीं आर बारंदा ही सोए थाको शकालशकाल बेिय जावे तो उन बूढ़ो महिला बोलचे अच्छा ठीक अच्छे मां अपनी जैन बोले मां एक चटाई स्प्रेड करे दिए छ बार बंदा ए लेबरर उन महिला सुए अच्छे एक होए छिलो की जे एम तो बोयस हो गए छ बोस का तार पर मलेरिया होए छिलो आ रामा मतन तो लग्जरी नहीं जे मने अशुख होए छ भले छटी छटी आज के काजे जाो ना काजे जावे ना तो खेत के देवे ता होले मलेरिया होए छे तब वो सब माथा बोहन करे नहीं छे एकु जोन सुए छे प्राय बेहोशी होए गए छे और आषाड़े पथारीटा नगरा करे फैले छ चटाईटा तो मा हैबिट अति प्रत्युषे अति शकाले उठे छे उठे देख छे जे ए महिला ए रकम करे बिछानाटा नगंगरा करे फैले छे तो मां भाले जे एकु जदी अपरेरा उठबे ए नलिनी टलिनी जरा सबाई माथा एक गरम आज जदी देखवे जे ए रकम करे छे ओ बेचारी के ऐन जंत्रणा देवे ऐन और म करबे निंदा करबे ओ बेचारी खूब कष्ट पावे तो मां म आस्ते आस्ते ए महिला के बोलचे अठा उठुन और एकु तो सूर्योदय एकु होबे ही अपनी ठंडा ठंडा एकू बेरिए जान माने तड़ातड़ी अपनी ग्रामे पहुंचे पारे और आंचल एक मुड़ी टूड़ी दिए दिए छ महिलाओ बुझते पेरे छ निजे नोरा करे छ किंतु जो माय एक रकम मने भरोसा प्रदो कथा सुनते पे खूब मने खुशी होय ओखान थेके चले गए छ तार पर देख मां निज से बिछाना परिष्कार कर छे ए चटाईटा क्लीन करे पुकुर पाड़े सुकुते दिए छे आर से समय तो गोबर ये सब लेपा हो शकाल शकाल शबा उठार आगे गोबर लिपे दिए छ ये भंदा है और का के किसु बोल ना जो शबा उठलो तो किु देखतेो ना तो देख महिला चले गए तो चले गए ठीक तार पर किंतु मायर जरा शीरा छिलो तार भीतरे एक जन जिज्ञास करते आरंभ करे छ ये तो शकाल शकाल गोबर गोबर के पे तो पुर काो देखो ए जे वेदांत मत आ किंतु कार्य परिणत करते होवे ए शो हृदय तो रखते होवे आदर हृदयटा ए तो विशाल होए जावा उचित कोनो कारुर प्रति आदर भीतरे द्वेष थाकले होवे ना कारुर प्रति आ दे मने एकू एनिमिटी थाकले होवे ना आ एक जन बोले जे एक घमंडो संपूर्ण रूप त्याज्य करते होवे निजे हृदयटा एक बार समुंदर मतन होए जावा उचित तभी तो हमारा वेदांत के फॉलो कर ना हले तो किस वेदांतो मुख्य शब्द लंबा लंबा कथा ठाकुर जैन बोलचे ए पंडित कुक जन पंडित ए खूब शकुनी मतन हवा ते खूब ऊंचू ते उठे किंतु नजर सब समय भागाड़े दिखे तो ए रकम ज ना हो जाए हमारे पखे जेना हमरा आध्यात्मिक हमरा धर्म कोरी हमरा खूब एक श्रद्धालु भक्त मुखे सब लंबा लंबा कथा आर अपर जन आदे हृदय विद्वेष भाव अपर जनो आदे मने एकटा एनिमिट भाव एटा जदी ना हो शेटा आ दे खूब ठीक ठीक मने रखते होवे तार परवा से स्वामी जी किंतु आज के ए परंत थाक ओम शांति शांति शांति शांति हमारा प्रश्न हो गीता थेके हम गीता 18 नंबर अध्याय 66 नंबर श्लोक देखी जे भगवान बोल सर्वधर्म परित्याज माम एकम शरणम रजा अहम तम सर्व पापे मोक्षयाम मास ए बार कौन धर्म देर के माने छेड़े भगवान का देते हो ए ही बते पाी ना जे भगवान बोल धर्म त्याग करो तुम शरणा हो की धर्म त्याग करो एकने धर्म डेफिनेशन हो निजे निजे ड्यूटी देखो महाभारत भीष्म एकटा उक्ति अच्छे जे ए क्षत्रिय धर्म कतो खति करे छना के जोखन द्रोपदी अपमान होिलो तोखन किु बोलते पारे नहीं केनो जे राजा आज्ञा बोहो होए थकते होवे राजा छलेन अपनार तो जानी हे दुर्योधन फादर तो दुर्योधन जोखन ए कुकार जो करचे ओार निजे फादर की करे किु बोलबे तो ए भीष्मटा हो ये राजा आज्ञा हो एक क्षत्रिय धर्मटा ओना के किु करते दी ना द्रोणाचार्य बोल भीष्म बोल भीष्म पितामह बोल सब बयोष् तब द्रोपदी अपमान निजे चोखेर सामने होवा सत्य किु म निंदा करते पार ना म स्टॉप करते पारचे ना तो एटा जो ई धर्मटा खत धर्मटा जे एटा तोमा के करते ही होवे एटा तो ऑब्लिगेशन एटा तोमा के को करा उचित तो भगवान कृष्ण बोलचे ओ सब छेड़े हमार शरणागत हो तार माने एकने भगवान शेटा बोलचे ना जेटा हमरा धर्म बोले बुझी यूजुअली शेटा हो सदाचार शेटा हो निष्ठा शेटा हो शत आचरण तो से सत आचरण किंबबा शदाचार किंबिबा निष्ठा शेटा छाड़ते भगवान कृष्ण बोलचे ना धर्म बोले से समय जेटा बोझ तो कि जेटा तोमा के धर्म पथ थेके विमुख कोरे दी तथाकथितो धर्म जे मन भगवान रामकृष्ण बोलचे जे ईश्वर द जावा तो आ धर्म आशल धर्म आर शंगेशंगे जरा बोष्ो ओ कथा भाव सुनते होए माय कथा सुनते होवे बाबा कथा सुनते हो बड़ो भाई कथा सुनते हो तब ठाकुर की बोलचे जे देखुन जे बोली भगवान जन गुरु शुक्राचार्य कथा सुने विभीषण भगवान रामे जेष्ठ भ्राता रावण कथा सुने नहीं ठाकुर स्वयं से झामा पुकुर टोले छिले राम कुमार ओना के लिए ऐसे छान थेके कामरार पुकुर थेके ना कि निजे के हेल्प कर किंतु ठाकुर स्पष्ट बोले दिए छ चाल कोला बांधा विद्यामा कोनो इंटरेस्ट नहीं तो एक टू रामकुमारो एक गिल्ट फील कर ना कोथाओ से किशोर गदाधर माय संग थक तो खुशी-खुशी ना कि हम ओके टेने ऐसे छ एकने हम काज करान जोो तो देखो एकटा धर्म अच्छे जेटा के हम बोली ड्यूटी कििंबिबा ऑब्लिगेशन से ड्यूटी कििंबा ऑब्लिगेशन यदि आदर ईश्वर पथ थेके विमुख करे दे तखन ओटा के फॉलो करा उचित एटा हो मीनिंग ठीक महाराज धन्यवाद [गला साफ़ करने की आवाज़] प्रणाम महाराज जी महाराज जी आ बोल तो स्वामी जी माने म तो वेस्टर्न गिल अमेरिका माने तो हमारे देश थेके तो का देश महिला तोनेक एडवांस तो हिसाब की स्वामी जी हमारे देश महिला दे की वही एडवांस होते बोल माने लेटर अपनी पढ़ ले स्वामी जी ओ इमिटेशन करते बोलचे ना बोलचे ओ का थेके प्रेरणा नीते होवे ना होले तो स्वामी जी बोले ही दिए छ निजे लेक्चर जे मां सीता चरित्र सब जो लिखा होए गए भारतीय नारी आदर्शी हो मां सीता और एकुन मां शारदा तो निजे के उन्नत करते हो शे प्रेरणा नीति ओ काछे बोलचे ओ इमिटेशन करते बोल छे ना कॉपी पेस्ट करते बोल छे ना अच्छा इट्स सेइंग दैट वी शुड ट्राई टू फॉलो देम वी शुड ट्राई टू अपग्रेड आवरसेल्व्स लाइक देम नॉट फॉलो देम अपग्रेड करते होवे किंतु निजे निजे रास्ता है ठीक महाराज जी प्रणाम महाराज जी क्वेश्चन छो म आज के आज के टेक्स्ट ना बट बट ए जोगाव वशिष् छ जे देव तृष्णा न्याय दुखदाई अन्य किसीु ही ना किंतु ज्ञान तृष्णा तो पड़े जो आत्मिक ज्ञान प्रति आकृष्ट हो त तो हम दुख दीे ना ठीक कथा देखो ठाकुर मतन त्यागी हमरा पाबो ना तबे से ठाकुर बोलचे हम इच्छा छो जे हम भक्तों दे राजा होवो स्वामी जी मतन वैरागी आर के नहीं से स्वामी जी बोलचे द वे बुद्धा हैड अ मैसेज फॉर द ईस्ट आई हैव ए मैसेज फॉर द वेस्ट तो शत इच्छा ये इच्छा मध्य नहीं अच्छा पाठ छ वासना मिटाई समय हम मोने जे वही हम वासना खय करेते छ शेषे देखी जे वासना तो खय हो नहीं बिया जते छ हम निजेरा ही खय प्राप्त हो तो मां तो बोले जे निर्वासना हो किंतु हम जरा म आध्यात्मिक पथ जस्ट चला शुरू करे छ किंबा ये प्रिपरेशन तो माने हम तो वासना के रखे रखे ही चलची म की हम वासना के लिए तार पर निर्वासना प जा देखो आर मत एक आध्यात्मिक जगत अनेक किु लेखा अच्छे आर निजे मत ठाकुर जैन बोलचे जतोटा हमरा सूरज दिके एग जाो पृथ्वीटा पीछेने छूटे थकबे आदर करा उचित जे कर्म ज्ञान भक्ति और ध्यान ये चार जोगे समन्वय स्वामी स्वामी जी जे लोगो ते ही कोरे गए सीक्रेट किु नहीं ये रामकृष्ण मिशन लोगो देख ते लिखा छ कर्म ज्ञान भक्ति ध्यान चार्ट समन्वय कोले बासना टाशना नि पा जावे माथा घमाते होवे ना टेंशन होवे ना हम मत