Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda
शेयर इट विथ आदर्श सी नो डेट सी टॉक अबाउट डेट इंसीडेंट यस्टरडे डेट वैन बॉय कम इन रूम एंड ठाकुर वाज ईटिंग जलेबी एंड विथ डी मोमेंट ही सो डेट बॉय ही हिट डी जलेबी बिहाइंड हिम बिकॉज ही इन था मोमेंट ही बी कम जस्ट लाइक अन बॉय डी बॉय डेट बॉय वाज बॉयज आई लाइक नो प्ले दे लाइक तू कोरल एंड डी लाइफ तू फाइट अमोंग इ आदर एंड ऑल इट इसे टाइम इट देयर इसे नो पाप इनसाइड देर माइंड्स व्हेन अन ग्रोन अप कोरल देयर इस अन लॉट ऑफ एंगर एंड डिस्ट्रेस एंड चैलेंज बिहाइंड दिस कोरल बट स्मॉल बॉयज स्मॉल चिल्ड्रंस दे व्हेन डिपोज देयर इसे नथिंग बिहाइंड डियर माइंड्स इनसाइड देयर माइंस आर लाइक अन पूरे वाटर लाइक अन पूरे वोटर वालें लाइक मिनरल वाटर इफ यू गो तू गंगोत्री डी वाटर ऑफ गंगा डीड फ्लोज फ्रॉम डी गंगोत्री हो पूरे इट इस सो चाइल्ड्स माइंड इस लाइक अन पूरे वोटर यू कैन throwns इनसाइड इट विल बी पीपल बट आफ्टर वर्स्ट डी वाटर विल बी अस योर आगे एवर व्हेन डू सी ग्रो अप ऑल ओवर यू नो ऑल ओवर एक्सपीरियंस ऑल ओवर स्ट्रगल ऑल ओवर सो सेट मैक्स फैलियर्स etsetra दे मेकर्स बिटर एंड अवर माइंड्स ग्रोन अप्स माइंड्स आर लाइक दिस डर्टी वाटर दिस वाटर विथ लॉट ऑफ एम्पलाइज इनसाइड itemen सीन कम फ्रॉम आउटसाइड पर हेल्प्स बट इनसाइड देयर इस लॉट ऑफ इंप्योरिटीज सी हैव तू फिल्टर अवर माइंड डी वेयर सी फिल्टर दिस वाटर एंड अवर माइंड शुड अलसो बिकम लाइक अन चाइल्ड लाइक पूरे वाटर हते यू कैन सी इफ यू आर स्टैंडिंग अबोव यू कैन सी व्हाट लिस इन डी बॉटम ऑफ डी लेक व्हेन देयर इस अन लेप ऑफ पूरे वोटर यू कैन स्टैंड ऑन डी बैंक ऑफ डी लेग एंड यू लुक बिलो बिनेट हेड यू कैन सी व्हाट लिस आते डी बॉटम ऑफ दिस पूरे वाटर लैंड अवर माइंड शुड अलसो बी लाइक ऑफ पूरे वाटर एंड सी शुड बी एबल तू सीट ऑन दे बैंक एंड मेडीटते पीसफुली डी स्काई ऑफ अवर माइंड शुड बी लाइक अन क्लियर मॉर्निंग स्काई विद नो क्लाउड्स वेरी जेंटल सैन एंड्रयू इंफिनिटी दिस इस हो पूरे ओवर माइंड शुड बी इंसटिड ऑफ डेट व्हाट हैपेंस ओवर फैलियर्स एंड अवर एक्सपीरियंस एवं अवर सक्सेस आय ऍम नॉट जस्ट टॉकिंग अबाउट फैलियर्स फैलियर्स मेकर्स बिटर सक्सेसिव मेकर्स सो दिस बिटर्नेस एंड ऐरो गर्ल्स मेक अवर माइंड सिर्फ लाइक सी आर स्टैंडिंग ऑन ए लेक विच इस सो डर्टी सी कैन नॉट सी एनीथिंग इनसाइड सी कैन नॉट सी एवं व्हाट इस विनीत डेट वैन फुट बिलीव डी सरफेस एंड दिस गे ऑफ अवर माइंड इस लाइक अन स्टॉर्मी सरफेस देयर इसे अन स्टॉर्म गोइंग ऑन क्लाउड्स क्लाउड्स हिट डी सैन डेट इस डायरेक्टनेस इनसाइड डी वर्ल्ड सो माइंड ऑफ ए क्रोम में ओर वुमेन इस लाइक्ड स्टॉर्मी स्काई डी साधना दे तू सी डू हर आय कीपिंग ठाकुर इन अवर आगे अवर गोल कीपिंग ठाकुर इसे अवर आइडियल सी सी डेट इंस्पीते ऑफ ठाकुर्स हो मच 45 इट डी टाइम विल ऑफ दिस इस बीइंग रिटर्न दिस reminations आर बीइंग रिटर्न है माइंड वास सो पूरे सी अंदर चाइल्ड ही विल अलसो बिकम चाइल्ड लाइक यू विल विथ यू नो बिकम जूलूस विथ हिम बट वह लोग थीसिस मोमेंट्री इट इस लाइक थ्रोइंग स्टोंस ऑन ए वेरी पूरे क्लियर लेग यू थ्रो ऑन डी स्टोंस दे विल बी रेप्स बट अन वोटर इत्सेल्फ विद रेमैन परफेक्टली क्लियर परफेक्टली क्लीन सो द इट इस वही ठाकुर व्हेन आदर्श एंड गिव ठाकुर तू मंगोज जो ठाकुर लाइव तित वेरी मच अट्रैक्शन टुवर्ड्स दिस मैंगो इस नॉट लाइक ओवर अट्रैक्शन तू अवर सेंशुअल प्लेजेस और मटेरियल प्लेजर ही इस अट्रैक्शन वेरी गुड इफ इट डी मैंगो अगेन दस नॉट मैटर ही इट्स डेट मैंगो बिकॉज आदर्श एंड हिज मदर फीड हिम ऑफर हिम विथ अन ग्रेट डिवोशन एंड हिज रिंग डी डिवोशन वेट ठाकुर एक्सेप्ट समथिंग फ्रॉम उस डेट इस ही इस डूइंग दिस ओनर अस तू ब्लेस उस यू नो डेट देयर इस अन नाइस स्टोरी ऑफ मारवाड़ी देवोतीस दे कम तू thagte वुड विजिट ठाकुर एंड दे वुड ऑफर में ड्राई फ्रूट्स मणि आदर थिंग्स वीड्स एट से traveri एक्सपेंसिव ड्राई फ्रूट्स एंड स्वीट्स एंड थिंग्स लाइक डेट ठाकुर वुड नॉट ईट अन्य ऑफ डेट ही विल गिव हिम तू ऑल नारे ही विल से डेट देयर इस अन देयर इस अन फायर ऑफ डी बस फायर ऑफ प्योरिटी बर्निंग इनसाइड नरेस आर्ट इफ नरेन इट्स ऑल दिस इंपोर थिंग्स यू बाई इंपोर बिकॉज दिस मारवाड़ी मिंस अर्निंग मणि अलसो देयर आर तू बेस ऑफ अर्निंग मणि देयर आर एथिकल बेस ऑफ अर्निंग मणि देयर इस इन एथिकल वे ऑफ अर्निंग मणि सो दिस मारवाड़ी देवोतीस वाटेवर दे उसे तू ब्रिंग तू ठाकुर विल नॉट इट ऑल तू नरेन एंड नर एंड वुड कंटेंटमेंट एंड नथिंग वुड हैपन तू हिम बिकॉज देयर इस डी अग्नि ऑफ ज्ञान इट वाज बर्निंग ब्राइटली इन narras हार्ट सो ठाकुर दिस बालक भाव सी अगेन एंड अगेन इन में आदर कंडीशंस इन मेरी आदर सिचुएशंस अलसो सी सी डेट हो पूरे एंड चाइल्ड लाइक है माइंड इस एंड दिस इस हो सी शुड ड्राइव तू बी अवर सेल्स डेट इनसाइड अवर माइंड व्हेन सी आर सीटेट फॉर मेडिटेशन वन सी आर सीटेट फॉर डी वर्कशीट एंड मॉर्निंग जपम एंड dhnum ऑफ ठाकुर सी शुड मेक और माइंड इस क्लियर इस डिलाइट इस ओवर डी स्काई ऑफ अवर माइंड इस लाइक ए मॉर्निंग स्काई विदाउट अन्य क्लाउड्स एंड विद जेंटल सैन शाइनिंग अपॉन डी वर्ल्ड एंड डी लेग ऑन विच बैंक सी आर स्टैंडिंग डी लेक इस एक क्रिस्टल क्लियर पूरे वाटर विथ परफेक्टली कम सरफेस एंड दें सी शुड मेडीटते अपॉन धीस दिस वेरी नाइस नेचुरल ब्यूटी एंड सी विल सी इमेजिंग डेट ठाकुर इस देर स्टैंडिंग इदर ही इस अलसो सीटेट विथ अस मेडिटेटिंग विथ फॉर सी आर बीकमिंग जस्ट लाइक अन चाइल्ड विद सी आर अलसो सी एंड ठाकुर अन चिल्ड्रन एंड सी आर प्लेइंग विद हिम सॉर्ट ऑफ इमेज इन एशियाई इट हेल्प्स अस वेरी मच इन अवर मेडिटेशन व्हेन यू टेक इनीशिएशन फ्रॉम गुरु व्हाट विल हैपन डेट गुरु विल गिव यू मंत्र एंड गुरु विल तेल यू डेट यू शुड आ प्रैक्टिस शीट यू शुड डी चंट इट 1008 टाइम्स यू शुड टाइम गुरु विल से बट अलांग विथ इस कपम अलांग विथ दिस मेडिटेशन सी शुड अलसो उसे इमेजिनेशन इमेजिन था सी आर यू नो इन दिस इस वैन इमेज ठाकुर सीटेट इन फ्रंट ऑफर्स ऑन हिज ऑन हिज पेड़ एंड सी देवोट्स आर सीटेट बिफोर हिम इन अन सर्कल एक ठाकुर इस इदर टॉकिंग और सिंगिंग एंड वेयर अलसो सिंगिंग विथ ही और सी आर जस्ट सीटेट देर एंड लिसनिंग तू वोट ही से अलांग विथ अस देयर इस अन नरेन इस ट्रीटेड राइट बी डिसाइड्स मी एंड देयर इस लेटर देर इस योगेंद्र देयर इस बाबूराम महाराज देयर इस ए डी vaitanand जी गुरु गोपाल ठाकुर आरती इस गोइंग ऑन इन मदर टेंपल एंड कोच एंड घंटा दिस बेल्ट सत्र आर रिंगिंग एंड मदर आरती यू नो दें kathamukh ठाकुर मास्टर वहां से डिस्क्राइब ऑल दिस साइंस इन दक्षिणेश्वर वही ही दस डेट सो डेट सी कैन उसे थे तू मेडीटते सी कैन उसे टाइम तू बिल्ड दिस वर्ल्ड इन अवर हेड्स इनसाइड अवर हेड स्पेस सी कैन क्रिएट दिस वर्ल्ड्स एंड सी कैन इमेज इन डेट इयर्स दिस इसे हो दक्षिणेश्वर वाज इट डेट टाइम्स इट वाज सच अन ब्यूटीफुल प्लेस ऑफ मदर काली हेरसेल्फ फॉर लिविंग देयर मदर ब्लेसिंग हिज स्प्रेड एवरीव्हेयर मास्टर महाशय इन वैन प्लेस डिस्क्राइब डी कथा बर्ड्स एवं डी गेटमैन एवं डी कुक्स नौ दिस फिल्म दिस आदर पुजारी से दक्षिणी शू एडवेक crookir दीपक देवर नॉट नाइस पीपल देवर इम्मोरल पीपल बट इंस्पीते ऑफ द इम्मोरलिटी बिकॉज ठाकुर वैसे लिविंग देयर एंड बिकॉज ऑफ ठाकुर तपस्या मदर काली हेरसेल्फ वेट बिकम जगराता यू नो डेट दिस वर्ड मथुरा बाबू यूजर्स इन हिज डिस्क्रिप्शन डेट मदर काली हे बिकम जागृत आई थिंक वास इट मथुरा बाबू और रानी रश्मोनी वैन ऑफ डेम यूजेस दिस वर्ल्ड ठाकुर फर्स्ट स्टार्टेड वरशिपिंग मदर काली द एक्चुअली फेल्ट कालिस प्रेजेंस इन डी काली टेंपल इन डी दक्षिणेश्वर टेंपल इन बिकॉज तू कॉल ठाकुर मटर काली है बिकम अवके सी इसे avekn एंड सी इस रेडी तू ब्लेस एवरीवन सो सी कैन अलसो इमेजिन ऑल डी साइंस इन अवर माइंड व्हेन सी आर इन डी मॉर्निंग वन सी आर मेडिटेटिंग व्हेन सी आर डूइंग अवर डेली साधना डेली प्रेयर एंड सी कैन अलसो इमेजिन डेट सी कैन देर आर सो में सेंस इदर सी आर वर्किंग ऑन डी बैंक ऑफ गंगा टॉकिंग विथ नरेन नरेन स्टेरिंग डी समथिंग वेरी नाइस और इदर व्यूअर सीटेट इन फ्रंट ऑफ ब्रेन तुम मदर एंड मदर इसे इन लिविंग इनसाइड नौ बट एंड सी इस ब्लेसिंग अस ऑल दिस सेल्स ऑल दिस इमेजिनरी सी कैन प्ले इन ओवर माइंड इन ओवर आर्ट एंड डेट विल मेक सच अन ब्यूटीफुल वे ऑफ मेडिटेशन इट विल बी कम सच अन ब्यूटीफुल वे ऑफ स्टार्टिंग योर डेथ डी मोमेंट आई वाले अप आई शुड इजीली इमेजिन वह वह ठाकुर शोरूम सी रीड इन कथामृत एक्स्ट्रा ठाकुर यूज्ड तू अलाउद्दीन यंग बॉयज तू स्लीप इन हिज रूम बिकॉज हिम अप अर्ली इन डी मॉर्निंग एंड दें ठाकुर्स डेम तू मेडिट्रेड ही वुड यू नो डेट देयर इस नाइस डिस्क्रिप्शन इन मदर लाइफ डट मदर एंड लक्ष्मी दीदी थैंक यू वेरी अर्ली इन डी मॉर्निंग ठाकुर विल थ्रो ऑफ वाटर अन बकेट फुल ऑफ वोटर विनीत डेट डोर बिन इन डी डोर सो ही विल थ्रो इन डी वोटर्स सो डेट बेड मैटरेसेस एट सेटेरा विल वेट एंड तेल इमीडीएटली वाले अप दे ठाकुर यू तू डू दिस एंड 3 ओ क्लॉक इन डी मॉर्निंग समथिंग लाइक डेट सो ठाकुर्ली इन डी मॉर्निंग एंड फोर्सेस तू मेडी बट सी नीड दिस सॉर्ट ऑफ डिसिप्लिन व्हेन सी बेगिन अवर स्पिरिचुअल लाइफ
स्वामी शिवानन्द : माँ की मधुर स्मृतियाँ
मा की मधुर स्मृतियां महापुरुष महाराज के संस्मरण हम पढ़ रहे हैं हमने देखा की किस तरह से महापुरुष महाराज गए वहां पर जय रामबाती मैन को भोजन मैन को खाना बना के खिलाया महापुरुष महाराज दूसरे दिन बीमार हो गए मैन को रिक्वेस्ट किया की मैन यदि हम यहां पर मैं आपको बोला नहीं आपस में डिस्कस किया की मैन हम लोग यहां पे रहेंगे तो मैन को कितना कष्ट होगा चलो यहां से निकल लेते हैं रास्ते में यदि जान भी चली जाए तो चले जाए मैन को कष्ट नहीं देना है अभी महापुरुष महाराज आगे क्या कहते हैं मैन जब दक्षिणी ईश्वर में ठाकुर के चरणों में रहने के लिए आई तो ठाकुर ने उन्हें बड़े snehpurvak अपने पास रखा और बड़े yatnapurvak उन्हें साधन बच्चन विषय उपदेश दिए हर तरह से उत्साहित किया और उनकी सहायता की परंतु ठाकुर ने निर्विकल्प समाधि लाभ करने के बाद यह सब किया था हमने कल डिस्कस किया की यदि हम अपने शुद्र बुद्धि से यह सब चीजों को सोचते हैं तो हमारे मैन में प्रश्न अवश्य होंगे की ठाकुर इस तरह से कैसे रह सकते द स्वामी विवेकानंद के बारे में मैं जब बिल्कुल पहली पहली बार पढ़ना शुरू किया मुझे कुछ कुछ चीजों का बड़ा आश्चर्य होता था अमेरिका सिर्फ स्वामी जी चाहते हैं तो एक ही घर में वो अपनी लीडरशिप है उनके साथ में रहते द किंतु हमको यह याद रखना है की जैसे हमने अभी डिस्कस स्वामी विवेकानंद के अंतर्मन में प्रज्वलित था वह यह जो मारवाड़ी लोग जो भी अशुद्ध अशुद्ध चीज लेट द मैंने चीज अपने से तो अशुद्ध ने ही होती जिस तरह से उसको अर्जेंट किया गया है वो वो माने इम्मोरल रास्ता है तो ठाकुर वह सब चीज स्वामी जी को खाने को दे देते द और स्वामी जी खा भी जाते द उनको कोई हनी नहीं होती थी तो ये ठाकुर मैन स्वामी जी इन लोगों की बात ही अलग है यह लोग अवतार है भगवान शिव भगवान विष्णु मैन काली मैन जगदंबा के स्वयं शक्ति उनके भीतर में प्रकाशित है और वे लोग जिस तरह से जीते हैं वो हमारे लिए एक आदर्श स्वरूप है यदि हम इनके जिस तरह से 100% आदर्श का पालन शायद ना कर पाए किंतु उन्होंने जो करके गए हैं उसका यदि वैन परसेंट भी इस जन्म में हमसे हो पाए तो क्या होगा यह पुनिया का यह जो हमारा यह जो यह हमारा बैंक बैलेंस वी नेक्स्ट लाइफ में कैरी फॉरवर्ड होगा वहां पर 2% हम कर पाएंगे उसके नेक्स्ट लाइफ में वो 3% होगा ऐसा करके करके हमारा जो पुनिया का संग्रह है वो बढ़ता जाएगा ठाकुर ने कहा था की काली मंदिर में जो मैन है इसके भीतर में अर्थात अपने शरीर के भीतर में वही मैन विराजमान है और वही मैन मोहब्बत में रहती है और जो कल हमने डिस्कस किया जिससे उपनिषद के मा वाक्य है तो ये इससे भी अपने स्वामी जी के लिटरेचर के mahapakya है ठाकुर ने ऐसा क्यों कहा यह जानने में एन तो हमारी कोई रुचि थी और ना हमने कभी जानने का प्रयास ही किया देखिए महापुरुष महाराज क्या कहते हैं हम लोग कुछ कुछ चीज जो ठाकुर कहते द अपनी बुद्धि को बंद करके सन लेते द स्वीकार कर लेते द नहीं जानने का प्रयास किया हम तो इतना ही जानते हैं की ठाकुर ने ऐसा कहा था भगवान ने स्वयं मानव देख धारण की और श्री राम कृष्ण के रूप में अवनी हुए उनके उद्देश्यों को समझ पाना हम जैसे सीमित बुद्धि वाले लोगों की बुद्धि से परे है और हमें कभी उसे समझने की इच्छा भी नहीं देखिए यह कैसा है पता है ना की जब यह जो ठाकुर कहते हैं ना जब यह आप किसी घाटे घाट में पानी डालते हैं किसी खड़े में पानी डालते हैं तो उसमें पहले आवाज़ होती है किंतु घाट जब पानी से संपूर्ण भर जाता है तो एकदम शांत स्थिर हो जाता है तो ये जो विद्या अर्जुन करने का जब समय है उसे समय हमारे मैन में प्रश्न होते हैं संदेह होते हैं हम कुछ सोचने का प्रयत्न करते हैं किंतु जैसे-जैसे हमने एक बार साधना की शुरुआत की एक बार हमने ठाकुर को अपने इष्ट देवता के रूप में स्वीकार कर दिया उसके बाद में यह संदेह भी कहां अदृश्य हो जाते हैं अपने प्रश्न भी कहां विलीन हो जाते हैं ठाकुर जो करते हैं वह सब सही है उसको हम स्वीकार कर लेते हैं और अपने जीवन को उनके जीवन के उनके आदर्श के अनुसार डालने का प्रयत्न करते हैं महामाया ने जीवन के कल्याण अर्थ स्वयं जन्म ग्रहण किया था उनकी मानवी लीला समझना बड़ा कठिन है वे स्वयं कृपा करके यदि एन समझा दे तो भला कौन समझ सकता है वह कितने साधारण ढंग से रहती थी कितनी छुपी हुई रहती थी मानो छड़ना वेश में रहती हो देखिए ये जो मैन की भी जो लीला है जो मैन ईश्वर जो है वो मनुष्य रूप धारण करके पृथ्वी पे क्यों आते हैं अच्छा मुझे एक बार प्रश्न हुआ था की ठाकुर तो आए तो आए अभी वो तो चले भी गए तो जो लोग ठाकुर के प्रत्यक्ष दर्शन किए होंगे जो लोग दक्षिणेश्वर में जाकर के ठाकुर के साथ में रहे होंगे मैन के दर्शन किए होंगे उनका जीवन तो धन्य हो गया अभी हमारा क्या हमको तो कितना कष्ट करके प्रत्येक टेप हमारा जो है फाइट करके करके हमको निकलना पड़ता है उन लोगों के लिए तो यह सब चीज बड़ी सहज थी मैन में कभी भी कोई विचार उत्पन्न होता है या तो फिर कोई गलत कम करने को मैन में इच्छा होती है ठाकुर के पास चले जाओ ठाकुर का आशीर्वाद और ठाकुर की उपस्थित में ही यह सब को विचार जो है वो जैसे दिया जलाते हैं तो अंधेरा के साथ चला जाता है वो सब इम्मीडिएटली ये सब चले जाएंगे तो उनको तो ज्यादा कष्ट भी नहीं करना पड़ा था हमको जो है जड़ी भी ये सब कुछ भी कला बदल जो हमारे मस्तिष्क में ए जाता है कोई भी इस तरह से कुछ भी होता है तो हमको कितना कष्ट करके उससे मुक्ति पानी पड़ती है कभी-कभी हम उसमें फर्स्ट भी जाते हैं क्या करें मनुष्य देव धारण किया है तो उसे समय मैं सोचता था क्या इन लोगों के साथ में ठाकुर ने फीवर किया मतलब ये ठाकुर के राज्यों में भी क्या ये ये फेवरेट है यह फेवरेट नहीं है जो ठाकुर के साथ में रहते द सहज मुक्ति मिल गया हम लोग जो की ठाकुर के साथ में नहीं आए हमको इतना कष्ट करना पड़ा क्यों ठाकुर ने ऐसा किया ठाकुर तो अनंत कल तक जिंदा रह सकते हैं वह तो मृत्यु ब्रह्मा व्याधि यह सब तो उनके लिए खेल के समान है वह सब समय के लिए जिंदा रह सकते हैं चाहे तो रह सकते हैं चाहे तो बार-बार जन्म ग्रहण कर सकते हैं वह 1836 में आकर के 1886 में चले गए तो क्या 1886 में वो फिर से जन्म नहीं ग्रहण कर सकते ठाकुर के लिए क्या यह सब कुछ असंभव है यह समय सोचता था कभी कभी किंतु पता है बाद में जैसे-जैसे पढ़कर के चिंतन करके जो थोड़ा सा अकाल आती है मुझे यह पता चला की देखिए जो मानव लीला मानव देहात धारण करके यह लीला करने का और इसके संबंध में इतना एक्सटेंशन अपना लिटरेचर है ठाकुर कब उठाते द क्या करते द उठने के बाद में क्या खाते द क्या पहनते द कैसे रहते द कब जातियां कब वो मतलब मंदिर में जाते द कब कैसे मैन कलियां करते द किस तरह से भक्तों के साथ बात करते द दक्षिणेश्वर का माहौल कैसा था मैन शारदा स्वयंवर में कैसे थी उद्बोधन में कैसे रहते द इतना विस्तृत वर्णन है अपने सामने में की जड़ी हम यह जो जपान करने के समय प्रार्थना करने के समय साधना करने के समय अपने मैन में यह सब इमेजिन करते हैं की हान मैं भी मैन के साथ में जय राम बाती में हूं मैं भी यह जो सब मैंने कहा था ना बीच में की ठाकुर और मैन के पास में दो तरह के ये सन्यासी शिष्य आते द दो तरह के भक्त आते द की एक तो है की कलकत्ता के मिडिल क्लास एजुकेटेड फैमिली से निकल कर के ये सब जिसको की जिनका कल्चर है थोड़ा बहुत बैकग्राउंड है स्टडी और एजुकेशन का जो लोग एक लॉजिकली पढ़ सकते हैं समझ सकते हैं चीजों को वे लोग आते द और दूसरे जो है की जय रामबाती आंचल जो है वो जो एरिया है उसके आसपास के ये सब लड़के लड़कियां जो औरत पुरुष महिलाएं यह सब द जिनको इस तरह से हम हाईली कल्चरड या तो माने एक मिडिल क्लास इस तरह से नहीं बोलेंगे वह लोग एक सरल सहज विश्वास लेकर मैन के पास आते द और क्या बोलना है किस तरह से बिहेव करना है वो सब भी हम तारे हम लोग हम लोग कैसे सोफिस्टिकेटेड होते हैं 10 लोग इकट्ठा होते हैं तो हमको पता है किस तरह से बिहेव करना है किस तरह से हमको बात करनी है जैसे की दूसरे को कष्ट करना हो या दूसरे को बुरा ना लग जाए किंतु आ इन लोगों का था की गांव से आए हैं तो कुछ भी बोल देंगे आपको अभी-अभी आपको बड़ा बुरा लगेगा अरे उसने मुझे ऐसा बोल दिया किंतु उनके मैन में कुछ नहीं है सहज सरलता से बोल दिया ये जो सब गांव की महिलाएं एक बार मैन के पास आई थी तो आकर के वो मैन को पूछ रही है अच्छा ये कितनी गे है यहां पे कितने आपकी ये जो फल वगैरा जो है वो कैसे आते हैं यहां पर कितने लोग लेट हैं तो हम कोई कभी ऐसा करके पूछता है की आपके घर में क्या-क्या है एक ये चीज कितने का लिया वो कितने का लिया आपकी सैलरी क्या है आपके तो हमको थोड़ा बुरा लगता है अरे यह मेरी प्राइवेट लाइफ है तुमको क्या है ये सब जानने का हम शहर में इस तरह के प्रश्न कभी किसी को नहीं करेंगे वो जो करेगा वो इम्मीडिएटली swecially आउटकास्ट हो जाएगा किंतु गांव के लोग हैं वो कुछ भी बोल देंगे आपको किंतु क्या है की हम लोगों के मैन में यदि हम मुंह से ये सब प्रश्न नहीं भी करेंगे ना हमारे मैन में वो क्यूरियोसिटी बड़ी स्ट्रांग रहेगी अच्छा ही इसके पास में गाड़ी ए गई है उसका सैलरी बड़ा होगा प्रमोशन हुआ होगा क्या होगा मुझे पता नहीं किंतु वो क्यूरियोसिटी इतना स्ट्रांग है किंतु हम मुझसे बोलते नहीं है गांव वालों का है मुंह पे बोल दिया किंतु उनके भीतर में ये जो अंकित मंगल है वो नहीं रहता है तो एक गांव के जो ये जो महिला पुरुष जो सब लड़के जो राम मैं महाराज है फिर इस तरह से बाकी जो मैन के सेवक संज्ञा सी द वो मैन के पास आते द जय राम वाटिका एक माहौल ही अलग बनता था तो यह सब चीज हमको अपने मैन में इमेजिन करके सोचना है की हम भी मैन के साथ में वहां पर रह रहे हैं में महाराज है या बाकी सब महाराज की तरह मैं भी उनकी सेवा कर रहा हूं और मैन के आशीर्वाद अभी क्या है की जो सेवक होता है उनको आशीर्वाद वगैरा इतना ज्यादा नहीं चाहिए जो जिस तरह से कल्पतरु दिन में हमने देखा की वो जो भक्त जो बाकी सब द वो जैसे ही ठाकुर ने सबको स्पर्श करना शुरू किया सब लोग बाकी सब भूल गए और ठाकुर के वो जो स्पर्श ग्रहण करके आध्यात्मिक अनुभूति पाने के लिए सब लोग उत्साहित हो गए किंतु जो जो लड़के द यह सब जो बाकी सोचा की ठाकुर की सेवा करना हमारे लिए ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि आशीर्वाद ग्रहण करना तो अपने मैन में हम चाहे सन्यासी हो की गुरु हस्त हो अपने मैन में जो भाव है वह सेवक कर रखना है नहीं की सिर्फ भक्त का भक्त हो सकता है की एक लेवल पर थोड़ा स्वार्थी हो जाए की हान मुझे भगवान के आशीर्वाद चाहिए किंतु जो सेवक पता है वह सोचता है की किस तरह से ठाकुर की सेवा करो और देखिए जो लोग आश्रम में रहते हैं वे लोग तो यह सब कम करके सेवा वगैरा तो करते हैं आप सोचेंगे की हम लोग घर में रहते कैसे करेंगे जो ठाकुर की सबसे बड़ी सेवा है अपना जो अहंकार है अपना जो एगो है वो ठाकुर के शरीर में सैक्रिफिस कर देना यही ठाकुर की सबसे बड़ी सेवा है ठाकुर जी से इसको ग्रहण करते हैं हमारे सैक्रिफिस को हमको तो फिर हमारा जन्म अंतर का जितना भी यह सब यूकेडी है सब क्लियर हो जाएगा हमेशा के लिए हम ठाकुर के वो जो santangan है उसके भीतर में हमारा स्थान ए जाएगा अंतरंग और बहिरंग दो तरह के ठाकुर के शिष्य द ठाकुर को कैंसर हो गया तो भवनाथ ठाकुर उनके बारे में कहते द की यह जो मैन है वह बहुत ही उच्च कोटि का लड़का है और वगैरा वगैरा ठाकुर भावना की बड़ी प्रशंसा करते द भवनाथ जो था नरेंद्र के साथ में ठाकुर के पास में आता था तो ठाकुर भी उसको बड़ा स्नेहा करते द किंतु ठाकुर को कैंसर हो गया तो नरेंद्र जो है की उसने बाकी सब छोड़ के ठाकुर की सेवा में वो लग गया और ये भावना जो है वो शादी वादी करके एक तरह एक दिन वो कथामृत में अच्छा वर्णन है की वर राजा जो होता है माने वो जो माने जो जिसका शादी होता है उसको वर्ना जब बोलता है वो उसका मैंने उसे तरह के कपड़े पहन के वो दक्षिण काशीपुर एक दिन आया था वो बोल रहा है ठाकुर को ठाकुर अभी कैसे हैं आप हो आर यू इस तरह से पूछ रहा है जैसे की कोई मेहमान उनके घर पे आया है वो आपकी खबर पूछने के लिए तो किसी ने पूछा की देखिए इस तरह के लोग जो आपके पास में बार-बार आते द अभी आपसे दूर क्यों हो जा रहा है तो ठाकुर ने कहा की ये जो कैंसर हुआ है बेटा लोग बादशाह ये चुन्नू बंगाली में कहते हैं लोगों को अलग माने फिल्टर करने के लिए लोगों को की कौन अपना है अंतरंग है और उन भी रंग अपने स्वार्थ से आता है की ठाकुर के पास आने से मुझे कुछ मिल जाएगा और कौन इसलिए आता है की मैं ठाकुर को मैं प्रेम करता हूं ठाकुर पर मेरी श्रद्धा भक्ति है इसलिए मैं यहां पे आता हूं और ठाकुर को यदि कुछ कासन हुआ है तो मुझे उनके सेवा करनी है रडार दें की यह सोच में पद जाना है क्या अरे खुद का कैंसर ठीक नहीं कर पाए मेरा क्या करेंगे तो ऐसे लोग जो इस तरह से सोचते द वे लोग निकल गए और ठाकुर के अंतरंग जो भक्तगण है वे लोग रह गए तो हमको भी मैन में ठाकुर मैन के साथ में इस तरह से रिश्ता रखना है की हम उनके सेवक हैं सिर्फ भक्त नहीं है ठाकुर की ठाकुर के साथ में जो भी अच्छा होता है बुरा होता है उनको जो गिर गए द हाथ टूट गया था मैन को बीच-बीच में छोड़ हो जाता था बीमार हो जाती थी तुम मैन में मैन में हमको वहां पर दक्षिणी छोड़ जाकर के ठाकुर की सेवा करनी है हम वहां पर गए हैं और जगदंबा आश्रम और पड़ा हम भी जैसे मैन की वह थी उनमें से हम भी मैन की सेवा करती है तो इस तरह सेवक भाव जब हम रखेंगे हमारा है जो अहंकार है हमारे यह जो जितने में रख पर जाएंगे हमको पता भी नहीं चलेगा हम ये सोचेंगे भी नहीं की हान ठाकुर चलो मुझे मुक्ति दे दो हान चलो मुझे मेरा ये सब जो भी मुझे अर्जन किया है उसको नष्ट कर दो मैं चाहता हूं की मेरा मैन शांति से भर जाए यह सब बोलने की कुछ जरूरत भी नहीं पड़ेगी हम ठाकुर को लेकर के इतने व्यस्त हैं की बाकी सब चिंता ठाकुर ही कर लेंगे हमको करने की जरूरत नहीं है जैसे ठाकुर का वो उदाहरण है की बच्चा यदि पिताजी का हाथ पकड़ के चलता है तो वो हाथ छूट जाता है शायद वो गिर जा सकता है किंतु पिताजी ने बच्चे का हाथ पकड़ा है तो इस तरह से पकड़ा है बच्चा जल्दी खेलने के लिए भी जाना चाहेगा तो वह पिताजी उसको जाने नहीं देंगे है और इससे भी बड़ी एक बात है सेवियर सेवक जो भाव है यदि हम यह कहेंगे की मैं ठाकुर का सेवक हूं मैन का सेवक हूं तो वो हमारे कान पकड़ लेंगे और फिर कान पकड़ना तो ऐसा है की जब तक मुक्ति नहीं मिलेगी तब तक वह छोड़ेंगे नहीं तो इस तरह से ये डिग्रीज है तो हमको सिर्फ ये ठाकुर के साथ में भक्त भगवान का संबंध नहीं सेवक सेव्या का संबंध रखना है ठाकुर को बोलना है की हमारे कान पड़कर के हमारे जितने भी यह सब हमारी ये जो मिश्चीफ है जितने भी हमारे ये झगड़ा वगैरा है सब को ठीक कर दो और आपकी शरण में ले लो आपकी सेवा करने के लिए झनना-जनवर आप जब भी जन्म लेंगे हम भी आपके साथ में आएंगे नहीं चाहिए मुक्ति नहीं चाहिए भक्ति चाहिए सिर्फ आपके श्री चरण में अब हमको स्थान मिले तो आज के दिन इतना ही कल फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति