Swami Vivekananda
यस यू कैन सी ऑन डी स्क्रीन स्वामी विवेकानंद से सिख ट्रुथ पर ट्रुथ सेक्स अलोन लुक नोट पर ब्लेस आईटी मेक एन बट डू नोट लेट डेट बी योर इंसेंटिव हर नो मोटिव एक्सेप्ट गॉड डेड तू कम तू ट्रुथ एवं थ्रू हेयर स्वामी विवेकानंद हिमसेल्फ हज गो थ्रू दिस हेल्प इन ऑर्डर तू अराइव ट्रुथ बाय ट्रुथ व्हाट दस आईटी मीन हर ट्रुथ मिंस दी अल्टीमेट नेचर ऑफ अवर रियलिटी व्हाट इस मी ट्रू नेचर व्हाट इसे डी ट्रू नेचर ऑफ दिस वर्ल्ड व्हाट इसे डी ट्रू नेचर ऑफ डी सेंसर दें दिस ट्रू नेचर ऑफ संसार इस ब्रह्मा सत्य जगत मिथ्या बट इन अराइव आईटी ट्रुथ वे हैव तू पास थ्रू डी हिल बिकॉज़ डी पाठ डी साधना डी जर्नी डी स्पिरिचुअल जर्नी दिस रिलिजियस लाइफ आईटी इस नोट इन इजी लाइफ वे नो डेट हो स्वामी विवेकानंद हेड को थ्रू हिल है फादर पास्ड दें ही हेड तू चॉइसेज इधर ही कैन डू सम जब ही कैन अर्न मनी और टेक केयर ऑफ है फैमिली और ही कैन कम तू ठाकुर और डेडिकेट हज लाइफ तू मदर काली और वे नो डेट व्हाट पाठ स्वामीजी चूज यूनाइटेड डर इस वेरी फेमस इंसिडेंट इन कथामृत नरेंद्र अदर यंग बॉयज डेट ओके मी फादर हस पास्ड आवे और देवर इस नथिंग तू आईटी इन मी होम बट आई हैव फाउंड एन जब इस एन मैनेजर इन एन टी गार्डन इन नॉर्थ ईस्ट यू नो सी यू सच एन फनी थिंक आईटी इसे डेट स्वामीजी रियली गान देवर इस एन मैनेजर ऑफ एन गार्डन दें व्हाट फूड हैव हैपन वे कैन ऑलवेज इमेज इन समथिंग लाइक दिस ऑफ फूड आईटी इस गोइंग तू हैपन स्वामीजी बिल नेवर प्रायोरिटी हज ऑन फैमिली ऑफ ठाकुर बट वे कैन जस्ट इमेजिन सोमेटाइम्स सो ही से टेक आई हैव ए जब आई हैव रिसीवड ए जब ऑफर आई बिल को देवर इस एन मैनेजर ऑफ टी गार्डन दें आई बिल सम मनी और आई बिल फॉरगेट एवरीथिंग जो अबाउट एन पुर और जो अबाउट मदर ताली और जो अबाउट दिस जो अबाउट दिस वेदांत और साधना और एवरीथिंग आई जस्ट वांट तू अर्न सम मनी और हेल्प मी फैमिली दिस इस व्हाट स्वामी रिलाइज डेट आईएफ ही डैजंट कल नरेंद्र तू दक्षिणेश्वर दें हिमायत लास्ट नो रेन परमानेंटली सो ठाकुर से ठाकुर सेंड सम मैसेज तू नरेन बाय अंदर वेरिएबल तो को जस्ट कम तू दक्षिणेश्वर वंश और मीत ठाकुर सो नरेंद्र ओके लेट मी को तू ठाकुर और मेक प्रणाम तू हम फॉरएवर लास्ट टाइम सो डेट इस हो है कम तू दक्षिणेश्वर और धी इंसिडेंट इस तेरे डिस्क्राइब इन कथम नरेन कम्स और ही सिट्स बिफोर ठाकुर सो ठाकुर से स्थित सिंह एन सॉन्ग सो नरेंद्र स्टार्ट सिंगिंग वन आफ्टर अंदर सर्च दीपाली डिवोशनल सोंग्स डेट भजनस डेट यू नो बिकॉज़ ही हिमसेल्फ पर सिंगिंग डेट इमोशन ऑफ डी सॉन्ग दे विकम सो स्ट्रांग अपन हम जो डी थॉट ऑफ है फैमिली ऑफिस हंगरी ब्रदर्स हंगरी मदर देवर वज एन कोर्ट कैसे दत हज होम डी हाउस इन विच देवर लिविंग आईटी वैसे डी हाउस इन विच दे व लिविंग आईटी वास टेकन ओवर बाय डी रिलेटिव्स और दिस रिलेटिव बिकॉज़ डी ने देवर वज एन कोर्ट कैसे नो डेट थॉट डेट वे बिल टेक आवे डर हाउस और देवर इस एन पोर्ट किस सो नरेन हेड तू स्पेंड मोर टाइम टेकन केयर ऑफ दिस फैमिली मेंबर्स दें आ टाइम तू अटेंड तू ठाकुर सो आईटी दिस कंडीशन बिकॉज़ नरेंद्र वो सिंगिंग और बिकॉज़ ऑफ है सॉन्ग इस सुद्दनली एवरीथिंग गोस फॉरगेटेन फॉरगॉटेन दिस कोर्ट कैसे ट्रबल विथ हज मदर हज हंगरी ब्रदर्स एवरीथिंग वज फॉरगॉटेन हज सिस्टर और सुद्दनली ही वज ओवर कम विद दिस स्ट्रांग डिजायर पर गॉड इसे लेट हज हिडेंस रिनाउंसेशन ही इस हिडन त्याग इट्स सुद्दनली बर्स्ट फोर्थ और स्टार्टड डी फ्लेमिंग लाइक इंफर वेरी पावरफुल सॉफ्ट ही सिंस ठीक टॉमी टॉमी सो वेरी नाइस बंगाली सॉन्ग कथा बाल्टी और दरई कथा ना बोलती और डेरिव मनीष ऑन डी हाय आभार तोमर हर ही हरे व्हाट इस डी मीनिंग ऑफ दिस बंगाली सॉन्ग डेट आई एम अफरैद तू टॉक विद यू आते डी से टाइम अफरैद तू नोट तू टॉक विद यू आई हैव एन दीप फेयर इन मी हार्ट डेट आई एम गोइंग तू लूज यू सो सी दिस इस हो इस सुद्दनली नरेंद्र स्टार्टड क्राइंग और ठाकुर सो स्टार्टड क्राइंग सो देवर व आधार देवोते इस स्टैंडिंग हर सीटेट डर सो दे एस्क्ड ठाकुर गेट भाई सुद्दनली यू बोथ हर क्राइम और ठाकुर सेस दिस जस्ट समथिंग बिटवीन उस आईटी इस एन प्राइवेट मटर समथिंग बिटवीन उस दे आईटी वज आईटी नो नीड पर यू तू नो बट आईटी मोमेंट जो दिस डिजायर पर हेल्पिंग हज मदर इट्स एत्र वेट आवे और नरेन डेडीकेटेड हिमसेल्फ फूली तू मदर ठाकुर से डेट को तू मदर कॉलेज टेंपल और प्राय तू हर नेक्स्ट दे ठाकुर वो सो हैप्पी एवरीवन हूं वुड कम ठाकुर वो तेल डेम देती काली मैं से नरेश एक्सेप्टेड मदरली पर डेट लॉन्ग नरेन हेड ठाकुर नारायण हिट सेड डेट यस जो दिस विजंस आर नथिंग बट हेलाउजिनेशंस जो योर व्हाट मदर काली है सेठ आईटी इसे योर आईटी इसे आईटी इस डी सम सॉर्ट का डेलूजन ऑफ उर माइक इस सम सॉर्ट ऑफ मेंटल अबीरेशन साइकोलॉजिकल डिस्टरबेंस ऑफ योर मन इस नो सच थिंग्स मदर काली देवर इसे नो सच थिंक इस मदर कालिस विजन और मदर का ली ड्रीम्स इट्स योर साइकोलॉजी डिजीज कैटलॉग अप तू दिस इवेंट आ नरेंद्र हेड ठाकुर बट आते डेट नाइट व्हेन ठाकुर सैड दिस सॉन्ग ठाकुर सेंड दिस सॉन्ग मैन सांड हाय टॉमी हारी हरदा आई एम गोइंग तू लॉस यू परमानेंटली डेट नाइट नरेंद्र एक्सेप्टेड फ्रॉम हज हार्ट डी टेस्ट मदर काली इस डर और आईटी इसे हज लीव्स मिशन तू डेडिकेट हिमसेल्फ तू डी स्प्रेड ऑफ मदर कालिज मैसेज और व्हाट ठाकुर सेस दिस आईटी इस हज मिशन तू स्प्रेड वेदांत दिस धर्म चक्र परिवर्तन धर्म चक्र प्रवर्तन डेट इस हज जब डेट ही इस गोइंग तू ही स्टेंस ऑन डी संधि बिटवीन कलयुग और सतयुग ही स्टेंस ऑन डी काश ऑफ तू यू गज डी कलयुग इस गोइंग आवे स्टार्टिंग और ही इसे डी इंस्ट्रूमेंट ऑफ और डेट हूं इसे गोइंग तू बिंग दिस चेंज ही इसे गोइंग तू बिंग दिस रिवॉल्यूशन सो नरेंद्र दक्षिणेश्वर ठाकुर विकम वेरी हैप्पी और हज स्टार्टड टेलिंग एवरीवन डेट्स सी नरेन हेड एक्सेप्टेड मदर काली नरेंद्र हेड एक्सेप्टेड मदर काली नरेंद्र है नरेंद्र काली मैनेज है सो डेट वज हो स्वामी जी हज तू को थ्रू हिल इन ऑर्डर तू एक्सेप्ट मदर काली और यू नो डी रिटर्न ही डेडीकेटेड हिमसेल्फ कंपलीटली तू मदर मिशन तो ठाकुर्स मिशन कैलिफोर्निया वे सी डेट ही इसे वॉरिड अबाउट कलेक्टिंग मनी बिकॉज़ ही हेड 1000 रिटर्न तू इंडिया फ्रॉम अमेरिका ही हेड जो डी मनी डेड ऑन आफ्टर गिविंग लेक्चरर्स इन अमेरिका ही है डोनेटेड एवरीथिंग तू डी बेलूर मठ और आउट ऑफ दिस मनी विच ही हिमसेल्फ कलेक्ट जो डी मनी डेट ही हिमसेल्फ कलेक्ट इन अमेरिका डेट ही हेड डोनेटेड तू बेलूर मठ आउट ऑफ डेट मनी ही हेड एन टेकन एन थाउजेंड रुपीज पर डी सके ऑफ एन हाउस पर हज मदर और व्हेन स्वामी जी रिटर्न तू अमेरिका पर डी सेकंड टाइम और हूं वज गिविंग लेक्चरर्स इन कैलिफोर्निया ईटीसेटरा ही वैसे ऑलवेज वॉरिड डेट इयर्स आई हैव एन डेट ऑफ आई हैव टेकन मनी फ्रॉम बेलूर मठ सो आई नीड तू रिटर्न ऑलवेज वॉरिड अबाउट दिस डेट और ही वज ट्रिंग तू ऑन एक्स्ट्रा मनी तू पे आईटी ऑफ नो सी सुचिस ट्रेंड्स थिंक डेट डी फाइव डी मनी डेट ही हेड टेकन फ्रॉम डी बेलूर मठ आईटी वज आर्म्ड में हिमसेल्फ एन बाइक गिविंग लेक्चरर्स में डिस्ट्रॉयिंग हज हेल्थ डी व्हेन डी फर्स्ट 4 इयर्स विथ स्वामीजी स्पेंड इन डी बेलूर इन अमेरिका ही हेड क सो हार्ड डेट व्हेन ही रिटर्न तू इंडिया ही कांट्रैक्टेड डायबिटीज और अस्थमा डेट हज हेल्थ वज सो डिस्ट्रॉय डेट ही बिल दी ऐवेंंचुअली आते डी वेरी यंग आगे ऑफ 39 सो स्वामी जी डिस्ट्रॉय हज हेल्थ जिवन अप हज एवरीथिंग ऑन कलेक्ट सम मनी आउट ऑफ डेट सम मनी हिट टुक एन लिटिल अमाउंट पर हज मदर और हज फॉरएवर वॉरिड डेट आई नीड तू रिटर्न दिस दे और आईटी तू फुलफिल मी डेट सो दिस इस हो सी व्हेन वे जब हम जीवन में
स्वामी विवेकानन्द
एक आइडियल को एक्सेप्ट करते हैं की हां सन्यास मेरा आइडियल है या तो फिर जल्दी एवं मैं ग्रास डीबी हूं तो मैं जी क्षेत्र में कम बोल रहा हूं यदि मैं टीचर भी हूं तो मां लीजिए की मेरा आइडियल है बच्चों को बहुत अच्छे से पटना मतलब मेरा जितना भी नॉलेज है बेस्ट ऑफ डी बेस्ट आई बिल हैव तू गिव तू डी स्टूडेंट तू मी बॉयज और गर्ल्स तू होम डेट इसे मी आइडियल और उसे आइडियल को चरितार्थ करने के लिए हमको कितना ही संघर्ष ना करना पड़े हमको वो छोड़ना नहीं चाहिए देखिए यदि हम आइडियल के लिए आदर्श के लिए नहीं जिएंगे तो हमारे जीवन में और पशुओं के जीवन में कोई फर्क नहीं र जाएगा हम लोग सोचते हैं की मैं जब करूंगा और उसके बाद में जो है की मैं अपने परिवार का भरण ललन पालनपुर करूंगा और फिर जल्दी थोड़ा बहुत समय मिल जाए जब मैं मेरा वृद्ध हो जो मैं जो सब रिस्पांसिबिलिटी से मुक्त हो जो तब मैं थोड़ा सा धर्म वगैरा कर लूंगा जिससे की क्या है की नेक्स्ट जीवन में थोड़ा सा मुझे वो जो है की वह हो जाए की मैं थोड़ा सहूलियत हो जाए बहुत ज्यादा पाप करना लेकिन मैं नेक्स्ट कर्मों में एन जो ऐसा हम लोग सोचते हैं किंतु देखिए इस तरह से तो यह पशु पक्षी भी तो जीते हैं फिर तो उनमें और हमें फर्क क्या रहा हम ऐसा नहीं है की सबको सन्यासी होना है किंतु हम जीवन के जी क्षेत्र में भी होना क्यों उसे क्षेत्र के जो आइडियल है जैसे हमारा हिंदू धर्म तो यही कहता है की धर्म का पालनपुर करो अभी धर्म क्या है सभी के अपने अपने धर्म है एक राजा का राज्य धर्म है विद्यार्थी का विद्यार्थी धर्म है पति का पति धर्म है सती का सती धर्म है गुरु का गुरु धर्म है मैन जो क्षेत्र में आप है उसका एक धर्म है यू हैव तू गिव योर बेस्ट यू हैव तू स्टिक तू डी इतिहास और डू योर बेस्ट इन ऑर्डर तू एडवांस धर्म के लिए जीना है नहीं के अर्थ और कम के लिए अर्थ और कम का जो अनुष्ठान होगा वह भी धर्म के आधार पे होगा तो इसीलिए स्वामी जी यहां पर कहते हैं सी ट्रूठफुल ट्रुथ सहित अलोन सत्य की जो संधान है सत्य का जो संधान है सत्य के लिए करो लुक नोट पर ब्लिस ग्लेस अर्थात की आनंद अभी जड़ी में धर्म का पालनपुर कर रहा हूं तो मुझे सामने में ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होगा या तो फिर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होगा ये ये सोचकर के धर्म का पालनपुर मत करो आध्यात्मिक जीवन का अनुष्ठान इसलिए मत करो की जैसे मां काली का या ठाकुर का जो भी मेरे इश्क देवता है उसका मुझे उनका मुझे दर्शन मिलेगा दर्शन मिलन वो उनकी दया के ऊपर आधारित है वो उनकी कृपा के ऊपर आधारित है हमारा कम है साधना किया जाना दुकानदार की तरह जैसे मैंने इतना रुपया दिया मैंने ₹10 दिया तो एक किलो जो है मुझे आलू मिल गए मैंने ₹20 दिया तो 2 किलो मुझे टमाटर मिल गए तो ऐसे ही मैंने 1000 जब किया तो फिर मुझे मेरे मां में शांति क्यों नहीं मिल रही है तो वो तो भगवान की आपको ये आलू टमाटर थोड़ी ना है की ₹10 देकर के आपने खरीद लिए हजार 2000 जाम करके खरीद लिए ईश्वर की जब इच्छा होगी उनकी कृपा होगी वो आपके मां को शांति आनंद और आध्यात्मिकता से भर देंगे किंतु जब तक वो होता है या कभी भी शायद मां लो की नहीं होता है की हम जो साधना कर रहे हैं हम जो जब ध्यान कर रहे हैं उसमें कहानी कोई कमी ए जाए भगवान के और ही अहंकार ए गया की अरे तुमने ऐसा क्यों किया मेरे साथ में मैं तुम्हारा नाम ले रहा और मेरे साथ में ऐसा क्या स्वामी जी जैसे स्वामी जी के साथ में मां है बहन है भाई है भूखे पड़े हैं वो अमेरिका में जाकर के वो इतने बड़े-बड़े धनपत्तियों के घर में र रहे हैं इतने बड़े-बड़े जो लखपति वगैरा जो थे वो स्वामी जी के शिष्य थे तो ऐसा नहीं कहा स्वामी जी ने उन लोगों को की मेरी मां को मदद करने के लिए थोड़ा सा रुपया भेज दो एक बहुत इंटरेस्टिंग घटना एक्चुअली हुई है यह जो सर अली बिल है वगैरा जो न्यूयॉर्क के कुछ उनके जो डिसीप्ल थे उन्होंने भुवनेश्वरी देवी को एक पत्र लिखा था क्यों लिखा था की आपने स्वामी जी जैसे सुपुत्र को जन्म देकर के मानव जाट का जो कल्याण किया है उसके लिए हम वेदांत सोसाइटी न्यूयाॅर की ये जो लेडी डिसीप्ल है महिला भगत है वो आपकी बहुत-बहुत आभारी है ऐसा करके एक लेटर लिखा था किंतु मुझे सिर्फ आभार व्यक्त कर लेने से है तो फिर एक थैंक्स दे देने से क्या आपका वह जो कोर्ट कैसे चल रहा है मकान के लिए वो क्या चला जाएगा बेटा स्वामी जी के जो छोटे-छोटे भाई हैं आधा समय उनको खाने को भी नहीं मिल रहा है वो खाना मिल जाएगा स्वामी जी की बहन ने सुसाइड तक कर लिया इतनी उनकी हालात खराब थी तो क्या वो जी बहन ने सुसाइड कर लिया वो वापस ए जाएगी वो नहीं आने वाली है तो ये ये देखिए की स्वामी जी को पता था की अपने या तो संपूर्ण जगत है जिसके कल्याण के लिए उन्होंने जन्माग्रहण किया है दूसरी और उनके भाई बहन और मां है जिनका कल्याण जिनका की जिनको हेल्प करना उनके जीवन का मतलब वो उनको हेल्प करना चाहिए पुत्र धर्म है वो पुत्र धर्म से भी ज्यादा स्वामी जी का हृदय इतना विशाल था इतने सेंसेटिव थे वो की दूसरों का कष्ट नहीं देख सकते थे तो कहानी पराई का कष्ट नहीं देख सकते तो अपनों का कष्ट तो देख कर के उनके हृदय पर क्या बीती होगी हम लोग सिर्फ कल्पना कर सकते हैं तो देखिए की यह जो सत्य का जो रास्ता है आध्यात्मिक साधना का रास्ता डेड गोस थ्रू हेल्प नरक से जाता है और ये जो नरक है यह जो नरक क्या है की हमारी ये जो वासनाएं है हमारी जो इच्छाएं हैं हमारे जो है हमारे जो रिलेशन शिप है हमारे जो जिनको की हम प्रेम करते हैं उन सबको जो है हमको परित्याग करना होगा एक मंत्र ईश्वर ही सत्य है यह बोलकर के यदि मैं साधना करता जाऊं करता जाऊं सामने कुछ ना मिले ये जो सिख गुरुओं के बड़े में हमने पढ़ा है गुरु गोविंद सिंह है या तो फिर अर्जुन सिंह है वगैरा देखिए की मुगल लोगों ने उन लोगों के ऊपर में कितने अत्याचार किया उनको घर जो तेल जो गम तेल में उनको दाल करके उनको जिंदा जल दिया था इतने अत्याचार सहकार के भी क्या उनको के प्रति श्रद्धा भक्ति है उसमें थोड़ी सी कमी आई क्या उन्होंने अपने जो अपने जो यह समाज है सिख समाज उसके अगेंस्ट में उन्होंने क्या वो उनको गद्दारी किया ऐसा नहीं किया की वो हम मुस्लिम मां जो तो फिर आपको सुख क्षमा कर देंगे तो ऐसा तो उन्होंने कभी नहीं किया अपना धर्म है अपना जो परिजन है उनको तो उन्होंने कभी नहीं छोड़ धर्म की रक्षा करने के लिए तो जब तक आप धर्म के रास्ते पे हैं आपको बहुत साड़ी कठिनाइयां आएगी किंतु और सामने हो सकता है की कुछ भी ना मिले तो यह जो बाकी लोगों को जो इतना आनंद मिलता है कभी-कभी हम सोचते हैं की चलो भाई मैं जब ध्यान करता हूं तो शायद मुझे पहचाना मिला शायद मुझे प्रमोशन ना मिला शायद मुझे वो यूरोप अमेरिका में वेकेशन करने के लिए जान को ना मिला मैं लिंड में था यहां पे आने से पहले लिमडी यहां पास में ही एक छोटा सा शहर है राजकोट के पास में ही तो वहां पर एक हार्ट जल हार्ट स्पेशलिस्ट हमारा देवता तो वह डेली आश्रम में वह जॉगिंग करने के लिए आता था मॉर्निंग वॉक के लिए क्योंकि आश्रम बहुत बड़ा है तो मॉर्निंग वॉक करने के बाद में मेरे साथ में थोड़ा बहुत वो बातें होती थी कभी-कभी तो उसकी उम्र भी तो 50 प्लस थी और मैंने हार्ट स्पेशलिस्ट यानी की मतलब वो इंटेलिजेंट भी बहुत था और ठाकुर का भक्ति भी बड़ा था और उसके साथ में बात करने में अच्छा लगता था बीच-बीच में तो वो हर दूसरे तीसरी दिन मुझे बोलना था की महाराज मैंने लिंड में रहके बहुत बड़ी गलती कर दी मैंने कहा पहले बार जब मुझे ऐसा कहा तो मैंने कहा क्या रे ऐसा क्यों का रहे हो तुम्हारा जीवन तो आपका जीवन तो इतना मतलब आदर्श जीवन है ठाकुर के भक्ति हैं और प्रतिदिन आपको यहां पे आरती में आने का मौका मिलता है लोगों का जब ऐसा होता है ना की लोग चाहे भी इस संध्या आरती में नहीं ए पाते तो ठाकुर ने तो आपके ऊपर की आप अपना खुद का क्लीनिक है जब चाहे आप आरती में ए सकते हैं जब चाहे मंदिर में कर सकते हैं इतना पैसा है दो-दो तीन-तीन गाड़ी है आपका लड़का जो है वह भी मेडिकल का स्टडी कर रहा है आपकी जो वाइफ है उनकी जो धर्म पत्नी वह भी वह मतलब बहुत ही धार्मिक थी बहुत ही उधर हृदय की थी बीच-बीच में बहुत अच्छा खाना बना करके आश्रम में भेजती थी साधुओं के लिए तो एक आदर्श परिवार आपका है उससे ज्यादा तो क्या चाहिए आपको छोटा सा गांव है यहां पे कोई आपको टेंशन नहीं है बड़ा शांति से रहते हैं मैं तो कहता हूं की यू आर तो मोस्ट फॉर्चूनेट परसों लिविंग इन लिमिटेड तो मुझे बोलना है की अरे महाराज मेरा तो 15-20 लाख का वो इनकम है किंतु मेरे जो दूसरे कालिक थे जो बड़े-बड़े सिटी में जैसे अहमदाबाद है वडोदरा है वहां पे हार्ट स्पेशलिस्ट वह कम कर रहा है उनको करोड़ का इनकम है और वो हर साल अमेरिका में यूरोप में वेकेशन के लिए जाते हैं और मैं तो इतना एफर्ट नहीं कर सकता तो यह सुनकर के मुझे लगा है रे किस्मत मंदिर में आकर के ठाकुर का दर्शन करने का साधुओं के साथ बात करने का यह जो मौका है उससे इस आदमी को संतोष नहीं हो रहा है लखपति है फिर भी संतोष नहीं हो रहा है बोल रहा है की मेरे जो कॉलेज से वो लोग करोड़पति है और मैं लखपति र गया अभी मैंने उसको पूछा की आपने तो फिर आपको जल्दी मां में ऐसा था की आप तो यहां पे ज्यादा मतलब छोटा सा गांव है कितना इनकम होगा तब छोटे से गांव में क्यों नहीं रहे बड़े गांव में अहमदाबाद में क्यों नहीं चले गए बड़े शहर में वो बोलना है मैं जब यंग था तो मेरे मां में एक आइडियल था एक आदर्श था की छोटे गांव में रहकर के मैं लोगों की सेवा करूंगा और यहां पे आश्रम भी है अपना तो मैं प्रतिदिन आश्रम में भी आऊंगा ऐसा करके मैं र गया अभी मैं 51 55 ऐसा हो गया है अभी और कहानी जान की अभी मतलब वह शिफ्ट करते हैं तो क्या है की फिर वो मतलब बहुत एक ये होता है ना ऐसा तो नहीं है की फैट करके आप बड़े शहर में चले गए और क्लीनिक एस्टेब्लिश कर दिया वो तो बहुत ही मतलब कठिन कम है तो अभी वो करने का मेरे में सहज भी है तो अभी मैं फस गया हूं सेवा का नाम लेकर के मैंने कहा की ये आदमी भी गजब आदमी है मतलब उसके पास में सब कुछ है लखपति है और फिर वो सेवा भी करता है वो कम पैसा लेकर के ये था छोटे से गांव में हार्ट सजन मिलन मुश्किल है तो कम पैसा लेकर के वो गांव वीडियो की मतलब वो ट्रीटमेंट भी करता है और प्रतिदिन कंप्लेंट करता है तो क्या उसकी सेवा क्या उसका धर्म क्या उसकी उसकी बीबी जो प्रतिदिन हर दूसरे तीसरी दिन साधुओं के लिए अच्छा सा भजन बना करके कुछ अच्छा सा खाना बना करके आश्रम में भेजेगा प्रति नित मतलब नियमित मंदिर में आएंगे वो जो सब उन्होंने जो साधना की वो सब फल जो है इस तरह से कंप्लेंट करके करके चला गया है इन लोगों का तो देखिए साधना का जो मार्ग है वो इस तरह से कठिन है हम लोग कभी-कभी सोचते हैं की मुझे चलो यूरोप में वेकेशन में जान को ना मिला तो कभी मेरे मां में शांति तो मिलेगी ऐसा होगा की मां में शांति तक ना मिले फिर कहानी जाकर के एक बिटर्नेस ए जाति है एक रिएक्शन ए जाता है अरे धर्म के नाम पर मैंने यह सब त्याग भी किया और फिर आखिर में देखो मुझे क्या मिला मैंने इस तरह से दूसरा भी एक उदाहरण देखा है मैं रांची में था तो रांची में क्या है की हमारा और डेवलपमेंट का कम चल रहा है तो वहां पे एक दूसरा एक गो है अभी क्या है की ये रामकृष्ण मिशन तो सेवा करने के लिए ये सब कम करता है तो और डेवलपमेंट का किंतु यह जो सब बड़े-बड़े गो होते हैं ना वह लोग गवर्नमेंट से पैसा लेते हैं प्रोजेक्ट बना करके बहुत सर पैसा लेते हैं फिर 50% पैसा जो है वो अपना इंटरनल एडमिनिस्ट्रेशन में सैलरी देने में चला देते हैं और 50% पैसों से वो थोड़ा बहुत कम कर लेते हैं और जो 50% में भी जो वो फील्ड में जाकर के कम करते हैं उसमें भी बहुत सर उन लोगों का वो जो ट्रैवल अलाउंस फिर वो डाइनिंग अलाउंस वह सब में वो का जाता है बहुत कम जो है मुश्किल से 20% जो मनी जो है एक्चुअल वह सर्विस एक्टिवेट में जाता है जबकि रामकृष्ण मिशन का ऐसा है की जो हमारा इंटरनल एडमिनिस्ट्रेशन के यह जो चाहिए वो मुश्किल से 10% या 5% होता है बाकी 90% 95% मनी जो हमको मिलता है और डायरेक्ट सर्विस एक्टिविटी में जाता है तो मैं प्रतिदिन गांव में जाता था और वहां पे एक दिन हम लोगों का एक मीटिंग था वो वहां पे वो जो जिला वो जो ब्लॉक ऑफिसर होता है ना ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर वीडियो बोलते हैं उन्होंने एक मीटिंग रखा था हेल्थ के रिलेटेड तो सर तीन कर गो के रिप्रेजेंटेटिव को बुलाया था मैं नया नया था उसे समय तो मैं जाकर के बैठा तो एक सज्जन ए करके बैठ गए मेरे सामने रिप्रेजेंटेटिव ऑफ अंदर गो दूसरे गो के रिप्रेजेंटेटिव ए करके मेरे साथ में बैठ गए और बड़े मतलब बंगाली है और एकदम मंगल में बात करना शुरू कर दिया की महाराज जी आप कैसे हैं कहां और सब का नाम देकर के हमारे बड़े महाराज का नाम शशांक का रंजीत हो शशांक का नंद जी कैसे हैं फिर वहां पर एक राम महाराज थे तो रामचंद्र महाराज तो रामचंद्र महाराज कैसे हैं तो मैंने कहा अरे भाई आपको तो रामकृष्ण मिशन के बड़े में सब कुछ पता है तुम आप निश्चय हमारे आश्रम में नियमित आते हैं उनके बहुत बंगाली रांची में क्या है की बंगाली लोग बहुत रहते हैं जो लोग की जब करने के लिए आए होते हैं और नियमित हमारे आश्रम में आते हैं तो मैंने उनको बोला की आप तो बहुत अच्छे देवोते ही लगता हैं किंतु मैंने आपको कभी आश्रम में नहीं देखा वो आश्रम में तो बहुत सारे बंगाली आते हैं मैंने कभी आपको नहीं देखा तो बोला की नहीं नहीं मैं आश्रम में नहीं आता और मैं एक्चुअली आपके वहां पे डॉक्टर था आपके आ यह जो सब और डेवलपमेंट एक्टिविटी हो रही है मैं डॉक्टर हूं और मैंने सोचा की मैं और डेवलपमेंट में कम करूंगा जहां पे कोई नहीं जाता है और इसलिए मैं रामकृष्ण मिशन में जब कर रहा था ऐसे डॉक्टर और मैंने 10 साल जब किया ये जितने भी ट्रबल एरिया से सब जगह पे वो हम लोग जो है वो मेडिकल कैंप रखते थे मैं खुद जाता था और उनको ट्रीटमेंट करता था उनको पैसा मतलब वो जहां तक की हम लोग अपने पैसों से जो है उनको दवाई वगैरा देते थे क्योंकि इन लोगों के पास तो बेचारों के पास में कुछ नहीं था तो ये सुनकर के मुझे इतना अच्छा लगा मैंने कहा अरे देखिए डॉक्टर भी है विद्वान भी है और ठाकुरमार स्वामी जी के प्रति इतना भक्ति भी है साधुओं के प्रति इतना मतलब ये जो है मतलब क्या बोलेंगे रिस्पेक्ट है मैन मैंने कहा वह वह मतलब आपका जीवन तो धनिया हो गया ऐसा कितने डॉक्टर है जो की इस तरह का त्याग करके अपना करियर को छोड़ करके गांव में आएंगे ट्राईबल एरिया में सेवा करेंगे ठाकुरमार स्वामी जी के आशीर्वाद प्राप्त करेंगे साधुओं का सम्मान प्राप्त करेंगे मैं तो आपके प्रति बहुत ही मतलब मुझे रिस्पेक्ट मुझे ग रहा है आपके प्रति तो बोला की नहीं नहीं महाराज फिर मैंने पूछा उनको की आपने छोड़ क्यों दिया तो मैंने वो 10 साल कम करने के बाद तो वो पता है क्या कहता है की देखिए मैंने 10 साल कम किया किंतु फिर मुझे लगता है की मेरा जो सैलरी है वो बहुत कम है और मुझे मेरे पास में गाड़ी नहीं है मेरा पर्सनल अच्छा नहीं है मेरे जो लड़के लड़कियां हैं उनको मैं अच्छी स्कूल में वो एडमिट नहीं कर पता हूं मेरी बीबी की यह सब डिमांड है कंप्लीट नहीं कर पता हूं क्या करूं इसलिए मैं गो में चला गया गो में मुझे वो 30-40 हजार देते हैं पर मठ आपके यहां पे तो मुझे मुश्किल से 10000 मिलता था तो मैंने कहा अरे पगले यदि तुमको पैसा ही कामना था तो तुम कुछ शहर में चले जाते वो शहर में वो क्लीनिक चला देते तो तुमको लाखों रुपया मिलता अभी तो तुम माया ना मिली ना राम इस तरह के स्थिति में ए गए हो तुम ना सेवा करते हो ना ही तुमको ठीक से रुपया मिलता है क्योंकि गो में सेवा नहीं होती ज्यादातर रुपया आपने पॉकेट में डालता है यह तो तुम तो भ्रष्टाचार के रास्ते पे चले गए तो बोले नहीं नहीं महाराज क्या करें पेट के लिए यह सब करना पड़ता है तो यह सुनकर के मुझे इतना कष्ट हुआ इतना दुख हुआ मैंने कहा देखो एक ब्रिलियंट लड़का उसके मां में सदाचार एक धर्मिष्ठ रास्ते पर चलने का एक सुबह चिंतन एक शुभ संकल्प आया होगा एक समय और 10 साल के बाद में वह सब शुभ संकल्प में मिट्टी में मिल गया और ना ही वो ठीक से वो सेवा भी कर रहा है गो में तो पैसा ही खाना है और ना ही उसको ठीक से रुपया मिल रहा है 30-40 हजार डॉक्टर के लिए क्या है आज कल यदि वो बड़े शहर में कोलकाता या तो फिर ऐसे कोई शहर में वो क्लीनिक बना लेट तो 8-10 लाख तो आराम से वो काम लेट है तो देखिए धर्म के रास्ते पर चलने से ये सब भयानक खाट ये जो डेंजर है हमारे सामने आते हैं यहां पे स्वामी जी कहते हैं ना दोनों आइटमैन कम सिख ट्रुथ पर ट्रुथ से एक अलोन बट लुक नोट पर ब्लिस ये जो मां में आनंद आए मां में ईश्वर की कृपा हो मां में जो है हमारा मां जो है वो कुछ अच्छे विचारों से भर जाए तो ऐसी आशा मत रखो आईटी मेक एन आएगा शायद किंतु वह हमारा लक्ष्य नहीं है ईश्वर की जो साधना है वो साधना ही हमारा लक्ष्य है साधना करने के बाद में ईश्वर यदि हमको कोई आशीर्वाद देते हैं नहीं देते हैं वह सब इसके सामने हमको नहीं देखना है है नो मोटिव एक्सेप्ट गॉड ईश्वर के अलावा कोई उद्देश्य नहीं है डेड तू कम तू ट्रुथ एवं थ्रू हेल्प यदि ईश्वर प्रताप के लिए मुझे नरक से भी गुजरा पड़े तो वो भी जायज है किंतु ईश्वर को ईश्वर के रास्ते को मैं नहीं छोडूंगा यह जो सब हम क्रिश्चियन मार्टिन के बड़े में सोच रहे हैं ना हम पढ़ने हैं की जैसे वो क्रिश्चियनिटी का जो जन्म हुआ था उसे जो उसे समय क्या था की वहां पे वो बहुत रोमन अंपायर पूरा टूट रहा था तो रोमन एंपरर जो था उसको कोई बाली का बकरा चाहिए अब ये काल ए गया अभी ये दुश्मनों ने हमला कर दिया तो उसमें वे लोग हर गए अभी कहां पर आज ग गया तो ये शो आपत्ती एक के बाद एक उनके राज्य के सामने ए रही है तो बालिका बकरा तो खोजना होगा वरना तो लोग आकर के राजा को ही मार देंगे तो उन्होंने कहा यह जो जितने भी क्रिश्चियन लोग हैं वे लोग जो है की मेरी पूजा नहीं करते सही ईश्वर की पूजा नहीं करते गलत ईश्वर की पूजा करते कहां से जी और कहां से ये फालतू का ये फादर ही नहीं कोच के ले आए हैं उनको जल दो यदि हम उनको जल देंगे तो शायद हमारे असली जो गॉड्स है जुपिटर न्यूज़ वगैरा वो खुश हो जाएंगे और हम पर फिर से कोपा करेंगे ऐसा करके क्रिश्चियन लोगों को जालना शुरू किया बोला की यदि आप आपका क्रिश्चियन धर्म छोड़ दीजिए या तो फिर आपको हम जो है जिंदा जल देंगे या तो ये पशु पक्षियों पशुओं के जंगली पशुओं के सामने दाल देंगे जो की आपको का जाएंगे जिंदा का जाएंगे तो रेयरली ऐसा हुआ है की जिसने अपना क्रिश्चियन धर्म छोड़ ये जो एक के बाद एक संत की बात है हम सुन रहे हैं एक औरत थी बिल्कुल बेचारी एक लड़की थी बिल्कुल मतलब 12 15 साल की होगी उसको इस तरह से वो जो है वो शेर के सामने दाल दिया और सब लोग चिल्ला रहा है की छोड़ दो क्रिश्चियन को रीना उसे आखिर तक उसने कोई ऐसा नहीं किया और वो शेर आकर के उसको का लिया देखिए इसके इसके बाल के ऊपर में इल का जो सैक्रिफिस है इस सैक्रिफिस के फाउंडेशन के ऊपर में वो धर्म बना है तो बोल करके इतने हजारों सालों का वो जो भी कष्ट है जो भी मूर्खमी वो जो बाद के पॉप्स जो थे उन्होंने जितना भी करप्शन किया किंतु क्रिश्चियनिटी संपूर्ण रूप से खत्म क्यों नहीं हो गया क्योंकि ये मार्टीर्स जो थे उनका खून जो है खून से उनका ये जो जमीन में सींचा गया है खून से उनकी जमीन सींची गई है फाउंडेशन मजबूत बना है बोलकर के लोगों का जितना ही करप्शन बाद में क्यों ना हुआ हो क्रिश्चियनिटी टीका हुआ है हिंदू धर्म में भी आप देखिए की एक के बाद एक संत महापुरुष आते गए जिनके हृदय के लहू से स्वामी जी मां जैसे रामकृष्ण मिशन की स्थापना इनके हृदय के लहू से हुई आज चाहे थोड़ा बहुत करप्शन कहानी पे दिखे रहा हो या तो फिर थोड़ा बहुत वैभव आपको दिखे रहा हो या फिर दिखे रहा हो की यह लोग कुछ लोग हैं जो की आदर्श को फॉलो नहीं करते वो सब किंतु वो सामयिक है टेंपरेरी है डी फाउंडेशन जो है सॉलिड फाउंडेशन इसका है इसीलिए स्वामी जी कहते हैं ईश्वर प्रताप के अलावा पैसा तो छोड़ी दीजिए और सांसारिक चीज तो छोड़ी दीजिए वो तो हमको चाहिए ही नहीं किंतु हमको लगेगा की चलो मां-बाप को छोड़ घर बार छोड़ करियर छोड़ जो इंद्रिय सुख है इंद्रिय के जो भोग है वो छोड़ें ईश्वर का नाम लेना शुरू किया तो कम से कम अपने हृदय में तो थोड़ा बहुत आनंद मिले थोड़ा बहुत आंख बैंड करके बैठता हूं जब ध्यान करता हूं तो थोड़ा बहुत तो मुझे सुकून मिले थोड़ा बहुत तो बीच-बीच में ठाकुर दर्शन दे दे चलो इस नजरों से दर्शन ना दे तो सपनों में तो आकर के दर्शन दे दे नहीं सपना में दर्शन होता है ना ही इस नजरों से दर्शन होता है ना ही मैं जब करता हूं तो मां भी मेरा ऐसा सुख सुख लगता है ना ही वो इस तरह से वो जो ठाकुर कहते हैं ना की ये बालक भाव ये जो मातृभाओ इस तरह से इस तरह की साधना करने से भी मेरा मां जो है वो उसमें पर भक्ति का उदय नहीं होता किस तरह से रुख सुख जीवन है यहां पे ऑफिस में आकर के कम करता हूं रूम में जाकर के हो तो थोड़ा बहुत पढ़ाई करता हूं फिर सो जाता हूं फिर से दूसरे दिन यही चक्कर चालू हो जाता है की जैसे वो जब करते हैं ना आप लोग की घर गए और तक करके घर गए खाना-पीना का करके अपने जो पति पत्नी है या तो माता-पिता है उनके साथ में थोड़ा बहुत बात किया सो गए फिर दूसरे दिन से फिर से जब चालू या बिजनेस चालू तो इस तरह का हमारा जीवन हो गया है क्या किंतु यह कितना ही भीतर में आनंद ना मिले जीवन का जो दे है ईश्वर प्रताप उसके लिए जो साधना है वो करते जाना है ये जो साधना कोई पैसा देकर के आलू खरीद लिया या टमाटर खरीद लिया है इस तरह का नहीं है की मैंने इतने साधना की अभी 12 15 साल से मैं यहां पर र रहा हूं तो एक बार भी ठाकुर का दर्शन नहीं हुआ तो फिर क्या मेरा जीवन का अर्थ इससे तो बटर थे घर में थे मां आप की सेवा करते हैं किंतु यह सब जो है त्याग में संपूर्ण त्याग ये सांसारिक चीजों का सांसारिक आनंद का विद्युत त्याग साथ-साथ में आध्यात्मिक जो आनंद है उसका भी त्याग करना पड़ेगा आदर्श को संपूर्ण रूप से ग करके रहना पड़ेगा आध्यात्मिक आनंद नहीं मिलने पर भी आध्यात्मिक अनुभूति नहीं मिलने पर भी इस साधना जो है नियमित रूप से चलनी चाहिए साधना में कहानी पे भी थोड़ा सा भी मैन व्यथा ना पहुंचे सहायता में कहानी पे भी थोड़ा सा भी जो है विराम एन हो साधना चलती रहे ठाकुर की जड़ी इच्छा होगी तो दर्शन देंगे आनंद देंगे आशीर्वाद देंगे इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में अगले जन्म में नहीं तो और कभी भी ना दें जीवन ठाकुर को दिया है ठाकुर को ही समर्पित रहेगा इसके अलावा मैं और किसी भी चीज में जाकर के अपने मां को नहीं लगाऊंगा तो आज यही तक अभी कल है संडे तो कल छुट्टी मंडे को मिलते हैं ओम शांति शांति