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Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi Teachings ·

Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi : English & Hindi : 9 Jan 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda

अन सी हेड हर इनीशिएशन यस्टरडे एंड अंदर अवर क्लास स्टूडेंट ही विल हैव हिज इनीशिएशन टुमारो सो यस्टरडे आर वेरी गुड हैप्पी डेज़ फॉरएवर क्लास मेंबर्स अच्छा adbhutanand जी महाराज सेल्स अबाउट श्री रामकृष्ण ठाकुर विजेटेड कालीघाट काली मंदिर इन कोलकाता इस वैन ऑफ डी मोस्ट पॉप्युलर वैन ऑफ डी मोस्ट फेमस कोलकाता एंड वेस्ट बंगाल आदर बापू वुड प्रोवाइड है कैरिज फॉर ठाकुर ऑन ठोसे ऑकेजन सो बिकॉज ठाकुर यू नो ठाकुर वाज विप आफ्टरवार्ड्स बिफोर इट वाज मथुरा बाबू हु उसे तू अरेंज फॉर ए कैरिज हॉर्स कैरिज फॉर ठाकुर एंड नौ लेटर ऑन इट वाज ठाकुर डिसएबल लाइक आधार बाबू लाइक बलराम बाबू एक्स्ट्रा दे उसे तू प्रोवाइड फॉर डी ट्रांसपोर्ट सी दिस इमेजेस डेट वेट ठाकुर इस इस्टैबलिश्ड इन अन न्यू श्री ओवर रिव्यू प्रेसिडेंट तुम्हारा इनवॉइस प्रेसिडेंट महाराज दे केरी डी इमेजेस ऑफ thakurmind स्वामी जी इन देयर हैंड्स एंड दें इस्टैबलिश्ड इन डी टेंपल सो न्यू टेंपल कैन बी कंसेक्रेटेड सो दिस हैपेंस डेट व्हेन न्यू टेंपल इस बीइंग कंसेक्रेटेड अन प्रेसिडेंट महाराज प्रेसिडेंट महाराज मंग्स ऑफ अवर ऑर्डर द प्रिविलेज तू कैरी ठाकुर फ्रॉम वैन प्लेस तू अंदर वेंट ठाकुर आते डी टाइम जस्ट बिफोर टाइम ऑफ ठाकुर्स महादी ही अटेंड महादी ठाकुर सेठ तू नरेंद्र वो अर्थात भैरव युवर यू अच्छा दिस इस अलसो अन वेरी नाइस स्टोरी डेट ठाकुर व्हेन ही वास ही ही कैंसर वाज डिटेक्टेड ही वाज ब्रॉड तू कोलकाता फॉर ट्रीटमेंट नौ इट डू इनिशियली इट हैप्पी इट सैम ऑफ डी देवोतीस कलेक्टेड फंड अमाउंट सो डेट ठाकुर्स एक्सपेंसेस एंड डी [प्रशंसा] रेंट ऑफ डी हाउस ट्रीटमेंट एट सेटेरा कैन बी एजीली अन पेड़ सो डेट फंड वास कलेक्टेड वेंट ठाकुर हर डेट हिज devoteeswar कलेक्टिंग फंड सो ही कोल्ड सुरेश मित्र एंड ही सईद था सी आई डोंट लाइक तू लाइव ऑन मणि कलेक्टेड बाय फंड यू योरसेल्फ शुड बी ओल्ड डी मणि ऑल डी एक्सपेंसेस डेट इसे इनकम फॉर माय ट्रीटमेंट एंड फॉर डी रेंटिंग ऑफ काशीपुर गार्डन हाउस सो रेशमी ओके आई विल बेयर ओवर डी एक्सपेंसेस ऑन योर बिहार बिकॉज ठाकुर deedant लाइक तू लीव ऑन दिस कलेक्टेड फंड चंदा और हिंदी में जिसको कहते हैं चंदे की रकम पे चंदे के वो रुकिए पे वो जीना नहीं चाहते द तो इवेंट हापुड़ से तू डी अवर सुरेश मित्र एवरीथिंग वैसे अरेंज सुरेश मणि इट वाज कलेक्टेड एंड एक्सपेंसेस इन कट नौ लेटर ऑन व्हाट हैपन डेट सैम ऑफ डी हाउस होल्डर देवोतीस सो डेट दिस यंग बॉयज नर एंड राजा महाराजा शशि महाराज लिविंग देयर फुल टाइम एंड डेट सर्विंग ऐप व्हाट इस अन नीड फॉर दिस बॉयज तू लीव हर फॉर फुल टाइम आईएफ दे वांट तू सर्व ठाकुर दें डट इसे ओके ड्यूरिंग दे टाइम द लीव हर एंड ड्यूरिंग नाइट दे शुड गो बैक तू देयर होम सो डेट एक्सपेंस ऑफ दिस काशीपुर गार्डन हाउस कूद बी लेसन आगे इट इसे बिकॉज ईयर ही सेड इट नो नीड तू कलेक्ट नो नीड तू रिसीव मणि फ्रॉम सुरेश बाबू एट सेटेरा हाउसहोल्डर्स एंड हिज से डेट आई डोंट वांट देयर मणि इट ऑल ही कॉल्ड अवर गिरीश घोष एंड ठाकुर सेट डेट शीट दिस हाउसहोल्डर डिसेबल्स दे आर corelin विद माय रिनाउंस त्यागी डिसाइड्स माय मॉनेस्टिक डिसेबल्ड ठाकुर नीड नोट लीव हर नौ सी नो व्हाट वास डी ऑफ ठाकुर ठाकुर सिंगल स्टेन ऑन देयर कैरक्टर फ्रॉम दिस सेंसिबल डिलाइट्स सो ठाकुर वांटेड तू क्रिएट अन मॉनेस्टिक ऑर्डर डेट कैन कैरी फॉरवर्ड हिज टीचिंग बट हाउसहोल्डर डिसाइड बस देयर विज़न वास्ता वेरी नेवर दिस सिंपली वांटेड तू हैव ठाकुर ट्रीटमेंट एंड आफ्टर ठाकुर्स महासमाधि तू इस्टैबलिश्ड हिज एशेज इन वैन ऑफ देयर ऑन होम एंड वरशिप इन वैन प्लेस विल बी कंसेक्रेटेड इन ओनली वैन प्लेस गोल्ड सो दिस विज़न देख ठाकुर प्लैनेट अर्थ विल बी इनफेक्टेड विल बी अफेक्टेड विल बी रीच आउट बाय ठाकुर स्पीकिंग इन वैन पे और अंदर ठाकुर हेड कम इस ए योग एंड युगवतार जॉब yugaavtar रिस्पांसिबिलिटी इस तू कन्वर्ट एच एंड एवरी ह्यूमन माइंड विच इस रनिंग आफ्टर सेंसिबल डिलाइट्स तू अन रिलिजियस पथ तू हैव डी गोल इसे रिलिजियस कॉल नौ एवरीवन कैन नॉट जस्ट बिकम रिलिजियस ओवरनाइट ओके वैन पर्सन कनॉट स्टार्ट प्रैक्टिसिंग प्राणायाम आसान योग एंड टैक्स फर्स्ट स्टेप ऑफ एवरी पर्सन डिलीवरी ह्यूमन बीइंग लिविंग अपॉन प्लैनेट अर्थ डेट हज बिन गाइडेड की ठाकुर सो डेट वाज ठाकुर सजेशन डिपोज डी विज़न ऑफ एवं नारायण स्वामी विवेकानंद एवं adharmone स्ट्रिक्ट decidal एवं आदर बॉयज लाइक ए राजा महाराजा पुत्र शरद महाराज हु वाज गोइंग तू बी डी जनरल सेक्रेटरी फर्स्ट सेक्रेटरी ऑफ अवर ओल्ड डिड'टी है उसे जो वाइड कॉन्सेप्ट ऑफ ठाकुर मिशन सो व्हेन दिस फाइट स्टार्टेड डेट अन धीस हाउसहोल्डर देवोतीस देयर स्टार्टेड से डेट ऑल दिस बॉयज लिविंग विथ ठाकुर देयर ओनली इंक्रीजिंग ओवर एक्सपेंस सो डेम तू लाइव इन डी होम एंड कम ड्यूरिंग डी डेट एंड डी वे सी आर कमिंग कम ड्यूरिंग डी दे टाइम तू काशीपुर गार्डन हाउस ठाकुर इन एनीवे डेट यू के एंड दें यू गो बैक तू योर होम एंड डू यू आर स्टडी वाटेवर डोंट जस्ट लीव अपॉन अंदर टाइम व्हाट वास डी इंप्रेशन ऑफ मेंस मेंस आर डी ड्रग्स ऑफ डी सोसाइटी हु बिकम ही इस फेल्ड इन एवरी वे ऑफ लाइट ही कैन नॉट अर्न मनी ही कैन नॉट मेंटेन हिज फैमिली यू कैन नॉट टेक डी रिस्पांसिबिलिटी ऑफ डी सोसाइटी ही इसे अन कंपलीटली इरिस्पांसिबल कंपलीटली गुड फॉर नथिंग पर्सन ही bikams अन मोर एंड आफ्टर बिकम इन डी मोंक ही लेस अपॉन डी चैरिटी ऑफ आदर्श एंड व्हेन पीपल डोंट गिव मणि अराउंड कर्सिव डेम सो दिस वाज अन वेरी नेगेटिव इंप्रेशन ऑफ मेंस इन डी सोसाइटी ऑफ डी टाइम सो दिस हो शोल्डर डिसीप्ल लाइक रामचंद्र धत्र दे थॉट डट इफ दिस यंग बॉय इस थे अलसो बिकम मोंक लाइक दिस गुड फॉर नथिंग रिस्पांसिबल राउडी एंड denmarks अपॉन अवर मणि दें इट वुड बी अन ग्रेट ट्रेजेडी डेट इस कम आउट ऑफ सच ए ग्रेट लाइफ इसे श्री रामकृष्ण सो डेट वाज अटेंशन बिटवीन मॉनेस्टिक डिसीप्ल दिस यंग बॉयज एलईडी बाय नरेंद्र एंड दिस हाउसहोल्डर डिसएबल एलईडी बाय रामचंद्र दत्त सो व्हेन दिस कोरल कम तू ईयर कैंप तू ठाकुर बिकम वेरी साद ही सेड सी आई लव ऑल ऑफ दिस डिसीप्लस इक्वली व्हाट इस अन नीड फॉर डेम तू फाइट अमंग एच आदर फर्स्ट थिंग एंड अलसो डेट दिस हाउसहोल्डर डिसीप्लस कैन नेवर हैवल कॉन्सेप्ट सच अन ग्रेट कॉन्सेप्ट्स तोमरो दिस थ्री डेट श्री राम कृष्ण हेस प्लांटेड इन डी सॉइल ऑफ इंडिया सॉइल ऑफ कोलकाता बंगाल इट विल गो एंड इट विल कवर anteyer अर्थ एंड इट विल गिव कूल शेयर्ड तू इ एंड एवरी मैन वुमेन इन चिल्ड्रन लिविंग अपॉन प्लैनेट हो कैन थिस पीपल हैव सच ए वस्त कॉन्सेप्ट ओनली नरेन हेड आइडिया इंस्ट्रूमेंट ऑफ हिज ऑन बॉडी दिस नर ए न्यू सो व्हेन दिस ओरल कम तू ठाकुर सईद दिस तू नारे देख तू प्लान तू हैव अंदर प्लेस फॉर मी तू लीव एंड एवं इफ यू कीप मी इन पावर्टी एवं इफ देयर इसे नो मणि फॉर ट्रीटमेंट नो मणि फॉर माय सेवा दज नॉट मैटर आई विल लीव वेरी हैप्पी यंग बॉयज एंड दिस फॉर ऑल सैम हाउस होल्डर डेसिबल्स सो धीस ठाकुर सईद तू नरेंद्र आई विल गो एनीव्हेयर डेट यू टेक मी प्लेसिंग मी ऑन योर शोल्डर सो दिस व्हेन दिस hepond दिस इस न्यूज़ तू रामचंद्र दत्त एंड दिस हाउसफुल स्टार्टेड आस्किंग फॉर यू इस फोर्जिवेनेस दे सईद डेट सी सिंपली वांटेड तू से डी फ्यूचर ऑफ दिस यंग गो बैक adervise इट इस नॉट ओवर इंटेंशन तू हैव यू मूड आउट ऑफ काशीपुर गार्डन सी कैन नॉट सी यू लिविंग इन पावर्टी विदाउट ट्रीटमेंट सो प्लीज टेक हर एवरीथिंग विल रेमैन आगे इट इसे दिस यंग बॉयज विल कीप कमिंग हर दे विल कीप सर्विंग यू एवं इफ दे वांट तू बी कम है रिजल्ट मैटर बिकॉज योर ऑर्डर इस डी अल्टीमेट कमांड इन अवर लाइफ सो एवरीथिंग बिकम नॉर्मल बट यू सी दिस ओनर ऑफ बेयरिंग ठाकुर ऑन योर शोल्डर और प्रोविजनिंग डी ट्रांसपोर्ट इन अन कलर्स एंड अरे हिमसेल्फ एग्जिट टाइम लिस्ट द इन डी होली लैंड ऑफ बेलूर मठ व्हेन ही वो डूइंग स्वामी जी हिमसेल्फ रिकॉर्ड दिस फैक्ट तू हिज डिसीप्ल दी शरद चंद्र चक्रवर्ती फुल लेटर रोड स्वामी shishyavar फोन ऑफ डी बेस्ट बुक इन ओवर ऑर्डर व्हेन स्वामीजी इस टेकिंग डेट कलर्स कलर्स के स्वामी जी से तू शरद चंद्र डेट सी thakurl मी डेट आई विल गो वेरी यू टेक मी सो टुडे आई एम एस्टेब्लिशिंग ठाकुर टेकिंग हिम एस्टेब्लिशिंग हिम ऑन डी होली प्लेस अन न्यू आश्रम मेरी सीनियर मंग्स ऑफ अवर ऑर्डर लाइक रिवर प्रेसिडेंट महाराज और रिवाइव्ड प्रेसिडेंट थे इन डी न्यू टेंपल सो टुडे दिस इसे डी ऑनर्स ओनली रिस्पांस फॉर मेंस तू कैरी ठाकुर फ्रॉम वैन प्लस तू अंदर कौनसी क्रीटेड प्लेस बट इट दे टाइम्स सी हो फॉर्चूनेट आधार इस डेट ही इस एबल तू प्रोवाइड ए ट्रांसपोर्ट तू ठाकुर फ्रॉम गोइंग तू दक्षिणेश्वर तू कालेवाडी और एनीव्हेयर एल्स सो सी इन अवर माइंड व्हेन सी आर मेडिटेटिंग सी अलसो नीड तू इमेज इन डेट यस आई एम सर्विंग आपको इन सच वे टुडे दिस ओनर इसे ओपन तू एवरीवन इन अवर इमेज इट सी हैव तू इमेज इन डेट इयर साइंस ऑफ फोर्चुनाते आय ऍम सो चेक ग्रेट ओनर डट आय ऍम सर्विंग अप बाय गिविंग हिम ही ट्रांसपोर्ट गिविंग है फूड इन एनीवे डेट सी कैन सर्व डेट ठाकुर दिस इस डी वैन ऑफ डी बेस्ट वे ऑफ इमेजिनेशन एंड लीला ध्यान इसे सी डिस्कस डी दे डेट व्हेन वैन ऑफ डी बेस्ट टॉपिक ऑफ लीला सो डेट सी कैन इंप्रूव और मेडिटेशन

स्वामी सारदानन्द : माँ की मधुर स्मृतियाँ

सो नौ लेट अस गो फॉर हिंदी श्रीमान की मधुर बातम्या शरद महाराज के बारे में हम पढ़ रहे हैं पहले तो हमने इसी किताब में पढ़ा स्वामी विवेकानंद के संस्मरण उसके बाद में पड़े महापुरुष महाराज के संस्मरण और अभी पढ़ रहे हैं शारदानंद जी महाराज शारदानंद जी महाराज का नाम हमको पता है था शरद वो बहुत ही छोटी उम्र में ठाकुर के पास आए द यंग द और उन्होंने पहले से ही सोच लिया की अभी ठाकुर के श्री चरणों में ही जीवन को समर्पित कर देना है वह और उनके चचेरे भाई जो द शशि भूषण घोष आई थिंक वही नाम था उनका घोषणा की ऐसा ही कुछ था तो शशि अर्थात स्वामी रामकृष्ण नंद जी जो की बात में उन्होंने सन्यास ग्रहण करके स्वामी रामकृष्ण स्वामी जी ने दिया था एक्चुअली ये भी एक बात है की जब वराह नगर मठ में विधिवत सन्यास लिया गया तो किसको क्या नाम दे तो स्वामी जी ने इनिशियली सबको नाम दिए द तो उनकी ऐसी एक मैन में इच्छा थी की वह खुद राम कृष्ण नंद नाम ग्रहण करें क्योंकि तो श्री राम कृष्ण के प्रधान से shishyat है किंतु फिर उन्होंने देखा की नहीं शशि महाराज ने सबसे ज्यादा ठाकुर की सेवा की और यहां एक बहुत ही अच्छी एक कहानी है शशि महाराज की सेवा के बारे में जब भरा नगर मटकी स्थापना हुई तो सब जो लड़के द उन्होंने ठीक किया की हम लोग जो है सिर्फ साधन भजन लेकर के रहेंगे किसी भक्त को यहां पे नहीं आने देंगे यहां तक की ये जो सुरेश मित्र जो की जिन्होंने varangar मठ पैसे दिए द माता को माता जो ये रेंट होता है भाड़ा वो दे दिए द वो भी जब आते द ना तो नरेन क्या कहता था सब ये बाकी लड़कों को चाहो तुम छत पे चले जाओ ये संसारी है उसके साथ बात मत करो तो ये सुरेश बाबू को बड़ा बुरा लगता था की अरे मैं इतना ठाकुर ने खुद आकर के सुरेश बाबू को कहा था रे मेरे लड़के जो है वो इधर-उधर भटक रहे हैं तुम उनको रहने की व्यवस्था करो मेरे लिए की थी जैसे काशीपुर में तो सुरेश बाबू तो खुद पैसा देते द वो कभी-कभी सत्संग के लिए आते द तो लड़के उनको मिलते नहीं है तो जो भी है वो भरा नगर brahmatka वह स्पिरिट था की साधन भजन में संपूर्ण रूप से डूब जाना है निर्विकल्प समाधि प्राप्त होगी तो होगी वर्ण तो शरीर त्याग कर देना है वहां पे बढ़ाना अगर मटकी दीवार पे वो जो भगवान बुद्ध का वो जो फेमस है वो श्लोक है ना वो वहां पे ललित विस्तार में है यहां से तो में श्रीराम समकालीन चैया तो अर्थात में इस आसान पे बैठूंगा और भले ही चाहे मेरी हटिया है मेरा जो शरीर का ये जो मांस है चर्बी है फैट है वो सब गलत क्यों ना हो जाए सिर्फ हड्डियां ही क्यों ना बच्चे भले चाहे कुछ भी हो जाए किंतु जब तक निर्वाण नहीं प्राप्त होता तब तक मैं इस आसान से खड़ा नहीं होगा तो इतना मतलब वो मतलब रोंगटे खड़े कर देने वाला वो सेंटेंस है भगवान बुद्ध का जब उन्होंने प्राप्त होने वाला था तो उसे समय उन्होंने ये बात कही थी तो वो जो ओके वहां पर दीवाल पर लिख दिया था भले ही चाहे शरीर पात हो जाए मृत्यु ए जाए किंतु जब तक निर्वाण प्राप्ति नहीं होंगी हम लोग ये जगह नहीं छोड़ेंगे ये आसान जो है जिस आसान पे हम ध्यान करने को बैठे वो आसान नहीं छोड़ेंगे तो ऐसा दिन रात साधना का इस तरह से एक प्रवाह बा रहा था की जैसे मतलब वो पूरा एक दूसरा दक्षिणेश्वर वो वराह नगर मठ में क्रिएट हो गया था उसे समय शशि महाराज क्या करते द की ठाकुर के जो अस्थि है वहां पर स्थापित किए द कौन सिगरेट किए द शशि प्रतिदिन पूजा करते द तो अभी पूजा में क्या है की ठाकुर को भोग देना पड़ता है तो वह शशि महाराज क्या करते द इधर से उधर से जुगाड़ करके वो लुची बनाएंगे पुरी बनाएंगे थोड़ा बहुत प्याज बैंक बनाएंगे और फिर ठाकुर को भोग देंगे फिर सब लड़कों में बांट देंगे तो अभी क्या है की इस तरह से थोड़ा सा पैसा तो जुगाड़ करना पड़ेगा मटकी हालत तो ठीक नहीं है दो-तीन भक्तों को इधर उधर बोलना पड़ेगा या कुछ भी है मतलब पैसों का व्यवहार है तो आपको सर में संसार के साथ में संपर्क तो रख नहीं पड़ेगा यह देखकर के स्वामी जी एक दिन नरेंद्र नाराज हो गया वो बोलता है की अरे हम लोग यहां पे भूखे पढ़ रहे हैं और तुम जो होके अपने ठाकुर को लुची प्रसाद खिला रहे हो तुम क्योंकि शर्म नहीं आती है अभी देखिए ये जो पूरा झगड़ा है पूरा में वर्णन करता हूं बाद में बताता हूं की इसका साइनिफिकेंस क्या है तो नारायण एकदम गुस्सा होकर के बोल रहा है ये जो तुम्हारे ठाकुर है तुम उसके लिए यह सब इधर से उधर से जुगाड़ करके ये पुरी बनाते हो उनके लिए उनके लिए पियर्स बनाते हो मिठाई बना लिया जाते हो और हम यहां पे भूखे पड़े हैं तुमको क्या है की ये सब करने की जरूरत है ठाकुर की पूजा को बंद कर दो हम लोग तो यहां पे निर्वाण प्राप्ति करने के लिए आए हैं जब ध्यान वेदांत ज्ञान योग यह तो हमारे आदर्श भक्तों को भले भक्ति करने दो उसे समय रामचंद्र दत्त अपना खुद का एक लिया था एक जगह वहां पर ठाकुर की अस्थियों को कौन सिगरेट करके वो अपनी पूजा कर रहे द तो स्वामी जी बोलते हैं हमको यहां पर पूछा करने से क्या उनका भक्ति मार के अपना ज्ञान मार्केट जब ध्यान करेंगे साधन भजन करेंगे तपस्या करेंगे त्याग करेंगे निर्वाण प्राप्ति करेंगे नाचना वह सब बंद halakshya कीर्तन वगैरा होता था नाज़ खुद भी बहुत होता था किंतु कहने की बात है की gyanmar वहां का वराह नगर मटका प्रधानमंत्री तो स्वामी जी की ऐसी बात सुनकर के शशि महाराज बहुत ही गुस्सा हो गया वो बोला की देखो तुम होते कौन हो मेरे ठाकुर को ऐसा कहने वाले तुम कुत्ते कौन हो ठाकुर की पूजा बंद करवाने वाले मैं चाहता हूं की मैं पूजा करूंगा मेरी निष्ठा है और मैं पूजा करता ही रहूंगा तुम चाहे कुछ भी का दो तो यह शशि महाराज की बात सन करके स्वामी जी और भी बड़े नाराज हो गए और खड़े होकर के बोले अभी मैं तुम्हारे ठाकुर को फेंक देता हूं ऐसा करके वह जहां पे ठाकुर का वो जो खत वो रखा था वहां जाने लगे वो शशि महाराज भी एकदम आप बाबुल हो गए स्वामी जी के बाल खींचे और जोर से जमीन पे फेंक दिया बोला की तुमको मारूंगा मैं ये देख करके लटू महाराज जो द वो भी बड़े गुस्सा हो गए अरे तुम लोग क्या ये सब छोटे-छोटे झगड़ा करते हो ठाकुर की पूजा करता है तो करने दो क्या है तो शर्म नहीं आती ठाकुर के बारे में तो लाटू महाराज इस तरह से चिल्लाया तो फिर नरेन और शशि दोनों हैं देखिए यह पुरी जो घटना हुई शशि महाराज जो नरेंद्र का झगड़ा स्वामी जी चाहते द की यदि ठाकुर की पूजा होनी है तो सिंसियर ली हो पुरी निष्ठा के साथ हो एक एक बाबा जी का अखाड़ा बना करके वहां पे ढोंगी पूजा हो फिर भक्त लोग आए भक्तों को फिर वह भक्तों को मूर्ख बना करके उनसे पैसे हड़प कर लिए जाए यह सब झूठ वगैरा है वो बहुत सारी जगह पर उसे समय चलता था आज भी शायद चलता होगा मुझे पता नहीं किंतु स्वामी जी चाहते हैं की जो कुछ भी वारा नगर में हो बहुत ही सिंसेरली तो शशि महाराज की निष्ठा कहां तक है अभी ठाकुर ने खुद कहा था सभी लड़कों को नरेंद्र तुम्हारा लीडर है नरेंद्र जो कहता है वह बात आपको सनी है तो नरेंद्र खुद जब यह कहता है की पूजा बंद कर दो और शशि महाराज ने यह मैन लिया होता की ठाकुर ने खुद कहा है नरेंद्र की बात सुनना है तो नरेन कहता है की पूजा करने की जरूरत नहीं तो कर दो बांडोज में क्या है तो शशि मारन ने यदि यह बात मैन ली होती तो क्या है की नरेन क्या स्वच्छता स्वामी जी क्या सोचते हैं की हान चलो उसकी सिंसियर प्लीज जो है वो इतनी ग्रेट नहीं है ठाकुर की ओर निष्ठा और अभी ये ऐसा वो भागवत में कहा जाता है ना की कृष्ण जो करते हैं वो मत करो कृष्ण जो कहते हैं वो यहां पे एक्चुअली शशि महाराज ने उल्टा किया है की ठाकुर खुद पुजारी द ठाकुर खुद पूजा करते द किंतु उन्होंने कहा की नरेंद्र की बात सुनना तो नरेंद्र की बात सुनना वह बात नहीं मणि किंतु जो पूजा जो है पूर्ण निष्ठा भक्ति पूर्ण शरण गति के साथ चली की जाए तो वो भी ईश्वर प्राप्ति का आत्मा साक्षात्कार का एक रास्ता है यह बात उनके मैन में bhrin प्रतिष्ठित थी तो यह बात को लेकर के ही शशि महाराज ने ठाकुर की सेवा की सबसे ज्यादा सेवा सबसे डेडीकेटेड एक निश्चित सेवा सा मैच की थी ठाकुर के कैंसर के समय और पूजा जो भी वारा नगर में मठ में हुई या बाद में चेन्नई मठ में वह शशि महाराज का ही अवधार था तो जब यह पुरी घटना के बाद जब ये saiyas लेने की बात आई उसे समय ऑलरेडी स्वामी जी को पता था की शशि जो निष्ठा है ठाकुर के प्रति वो अद्भुत है तो इसलिए उन्होंने शशि महाराज को स्वामी राम कृष्णानंद नाम दिया था खुद लेना चाहते द किंतु उन्होंने नहीं लिया अपने को नाम दिया विधि dikshanand vividhishanand का अर्थ होता है ये जो आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाला विद्यार्थी अर्थात वह अपने को अभी विद्यार्थी की भूमिका में ही रखें शारदानंद नाम दे दिया है राजा महाराज को ब्रह्मानंद नाम दे दिया है अर्थात वो ब्राह्मण निष्ठा में स्थित हो गए हैं किंतु अपने को नाम दिया अर्थात वह अभी भी आध्यात्मिक जीवन में विद्यार्थी है बाद में जब वो पूरा भारत भ्रमण करने के समय अभी बहुत सारी इसमें है कल्पनाएं खिचड़ी के राजा ने दिया एन की क्या हुआ वाटेवर किंतु एक समय उनको झुक भी आध्यात्मिक उपलब्धि हुई अनुभूति हुई उसमें से उनका एक ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है जो progressiyon का जो समय है स्वामी जी का वो बड़ा ही अर्थ भूत है उसकी कहानियां जो है वो जिस तरह से स्वामी जी के जीवन में ट्रांसफॉर्मेशन हुआ स्टेप बाय स्टेप वही ट्रांसफॉर्मेशन हम अपना जो देश है भारत देश उसमें हम ट्रेस कर सकते हैं वो ये दोनों को एक साथ में मिला के उसकी एक अद्भुत कहानी खड़ी जा सकती है हम किसी दिन को उसको देखेंगे की किस तरह से स्टेप बाय स्टेप स्वामी जी का जो परिवर्तन मनोहर परिवर्तन होता है ट्रांसफॉर्म हायर और हायर स्टेज जो देश राष्ट्र भक्ति नहीं करेंगे rashtradhyan जो है उन्होंने ईश्वर के ऊपर में ध्यान कर रहे हैं आत्मन के ऊपर में ध्यान कर राष्ट्र के ऊपर में ध्यान ये जो पूरा जो ट्रांसफॉर्मेशन है स्वामी जी के जीवन में कैसे आया वो भी हमको एक दिन उसके बारे में बात करेंगे बहुत ही अद्भुत कहानी है तो ये जो है की शरद महाराज का एक बेसिक परिचय तुम्हारा जो साथ-साथ में ही ये जो वारा नगर मठ जहां पे सन्यासी लड़के इकट्ठा हुए द अभी महाराज के rementions का टाइटल है काली के संगिनी मैन को मैन काली का पहला दर्शन जयरामबाती से दक्षिणी ईश्वर आते समय तारकेश्वर के पास सड़क के किनारे स्थित एक धर्मशाला में हुआ था मैन को मैन काली का पहला दर्शन अभी देखिए यहां पर भी एक बात है की यह तो बहुत बात की बात है की दक्षिणेश्वर आना शुरू किया किंतु मैन काली का प्रथम दर्शन मैन को इस समय हुआ को यह मुझे ऐसा भी विश्वास नहीं होता ये सब चीज क्या है की प्रकाश है कहीं गई है किंतु आध्यात्मिक जीवन में बहुत सारे अनुभव है जो की कहे नहीं जाते इसीलिए मैन को मैन काली का प्रथम दर्शन बहुत ही पहले हो चुका होगा किंतु वो जो कहानी शायद हमको अभी पता नहीं है माने किसी को कहा नहीं है मैन जब दक्षेश्वर में निवास करती थी उन दिनों श्री रामकृष्ण बीच-बीच में उन अच्छा यह सब तो हमने उसे दिन देख लिया था अच्छा यहां से दूसरा प्रश्न है काशीपुर में जब ठाकुर की शारीरिक अवस्था अत्यंत बिगड़ चुकी थी तभी एक दिन मैन बड़े दुख पूर्ण मानस स्थिति में लेती हुई थी ठाकुर को कैंसर हो गया था सब लोग समझ गए द ट्रीटमेंट कम नहीं कर रही है मैन बड़ी विशद पूर्ण मैन लेकर के अपने कमरे में लेती हुई थी उन्होंने देखा की लहराते हुए केशों वाली एक सांवली महिला आई और उनके पास में बैठ गई अब यह बड़े लंबे केस वाली जो काले कलर का जो वर्ण है उनका वह कौन कर सकती है मैन काली स्वयं मैन बोली अपनी मैन शारदा ने कहा अच्छा तो तुम यह तो यह तुम हो तो मैन काली ने कहा हान मैं दक्षिणी ईश्वर से हूं देखिए वर्णन पढ़ करके ही कैसे रोंगटे खड़े हो जाते हैं मैन काली कहती है मैं दक्षिणेश्वर साहिब थोड़ी देर तक दोनों के बीच बातें होने के बाद मैन शारदा ने देखा की ये जो सांवली महिला की गार्डन एक और झुकी हुई है जैसे ऐसे की मैन ने पूछा तुम्हारा गला और सर एक और झुका हुआ क्यों है तो मैन काली ने उत्तर दिया गले में खाओगे कारण मैन विस्मित हो करके बोली कैसी विचित्र बात है उनके अर्थात ठाकुर के गले में भी घाव हुआ है और तुम्हारे गले में भी हुआ है तो मैन काली ने कहा हान देखिए जो ठाकुर और मैन किस तरह से ठाकुर के शरीर में जो कैंसर गले का हुआ है वहां पर जो खाओ हुआ है महाकाली को ठीक उसी जगह पर वहीं पर टेंशन था है इस प्रकार मैन काली ने मैन शारदा के मैन में यह बात बैठा दी की वे और ठाकुर एक तथा अभिनय है काशीपुर में एक दिन मैन जब ठाकुर को भोजन कर रही थी तो बातचीत के दौरान ठाकुर ने उनसे पूछा क्या तुमने कभी अष्टक कासन का खेला खेल खेल खेला है अभी यह बंगाली खेल होगा क्या है मुझे नहीं पता ठाकुर मैन शारदा को बोलते हैं अच्छा एक मतलब ये जो कथामृत में रामकृष्ण विवेक आनंद के लिटरेचर में ये जितनी भी ये जो बंगाली कल्चर को लेकर के बातें आती है उसके बारे में मैंने बहुत पहले शुरू में जब मैं नया-नया बंगाली पढ़ना शुरू किया था मैंने ये सब रिसर्च करता था की यह बात का क्या अर्थ है वह सकता कर ले जगह पे ठाकुर कहते हैं की सत्ता कल की यह सब चीज जो है वह मैंने एक बार रिसर्च की थी किंतु यह जो एश्टन कासन का खेला है वह मुझे याद नहीं ए रहा है की इसके बारे में मैंने कभी पढ़ा हो है तो माने कहा नहीं तो ठाकुर ने बताया इस खेल को खेलते अच्छा मैन को भी नहीं पता है इसलिए हमको नहीं पता तो कोई दिक्कत नहीं माने कहा नहीं तो ठाकुर ने बताया इस खेल को खेलते समय यदि दो ghotiyon का जोड़ा बन जाता है तो उनमें से किसी एक को अलग नहीं किया जा सकता इसी प्रकार व्यक्ति को अपने इष्ट के साथ जुड़ जाना चाहिए तब कोई भाई नहीं रह जाता अन्यथा व्यक्ति जितने के समय वह एक गोटी खो बैठता है यदि कोई अपने इष्ट के साथ जुड़ा रहे तो उसे मृत्यु का भाई नहीं रहता ठाकुर कहते हैं ना बच्चा जल्दी अपने पिताजी का हाथ पकड़ के चलता है तो बच्चे का जो ग्रिप है वह तो कमजोर होता है बच्चा छोटा है उसकी ग्रिप में कितनी शक्ति होगी तो वह कभी-कभी होती है तो पिताजी बच्चे का हाथ पड़कर ले जाए तो रास्ते में कितनी ही होनी अनहोनी ना हो जाए बच्चा कभी गिरने का या उसको हनी होने का दर नहीं लगता और हम जो की ठाकुर के पास आते हैं ठाकुर ने हमको कान से पकड़ा हुआ है अर्थात जब तक हमारी मुक्ति नहीं होगी ठाकुर हमको छोड़ने वाले नहीं है ये जो उत्तम हुई थी के बारे में बताते हैं ना ठाकुर की कोई कोई वैध होता है वो पेशेंट को बोलता है अरे ये औषध खा लेना मैं तुम्हारा अच्छा होगा भला होगा ऐसा बोल के चला जाता है अभी वो पेशेंट ने जो रोगी है उसमें लिया की नहीं लिया वो वो जाने ठीक हो ना हो तो कर अपना खुद का केयर दूसरा जो वैद्य होता है बड़ा समझा बूझकर कहता है अरे देखो यह औसत भले चाहे तुमको तारा उसका टेस्ट खराब लगे आयुर्वेदिक के जितने भी औषध होते हैं सब टायटे मतलब बहुत ही उसका बुरा टेस्ट होता है मैंने खा के देखे हैं तो भले ही चाहे तुमको इसका टेस्ट पूरा लगे किंतु खाने से तुम्हारा कल्याण होगा छोड़ना मत फिर घर में दो-तीन लोगों को बोल देते हैं अरे भाई ये खाता है देखना नजर रखना तो माध्यम वही और फिर दूसरा सबसे ऊपर में होता है उत्तम वेद उत्तम वेद क्या करता है वो देखता है की ये औषध का टेस्ट है वो बड़ा खराब है किंतु पेशेंट को रोगी को इसको खिलाना ही पड़ेगा तो उसको घिरा करके जमीन पे उसकी छाती पे बैठ जाएंगे जोर जबरदस्ती उसके मुंह में दल देंगे तो यह हो गया उत्तम वैज्ञानिक धरती को चाहे औषध लेने में कष्ट भी क्यों ना हो जोर जबरदस्ती उसको खिलाएंगे उसका ट्रीटमेंट करेंगे क्योंकि उसी से तो बाद में उसका कल्याण होने वाला है तो ठाकुर जो है अपने वो अपने उत्तम वैद्य है हम सबको पकड़ के रखा है जब तक हमारी मुक्ति नहीं होगी तब तक हमको छोड़ेंगे और फिर छोड़ना की ठाकुर और हम तो ekakari हो जाएंगे तो फिर पकड़ना छोड़ना वो कॉन्सेप्ट ही नहीं रहता वो जो राजा अष्टावक्र राजा जनक के पास गए बोलो ब्रह्मज्ञान दो तो राजा जनक ने कहा की पहले तुम दक्षिण दे दो क्योंकि ब्रह्मा ज्ञान होगा तो कौन कौन गुरु कौन शिष्य कैसी दक्षिण वो सभ्य ही नहीं रहेगा तो यह सब कान पकड़ना हाथ पकड़ना जब तक ये हम अभी भी विद्यार्थी है स्पिरिचुअल रास्ते में स्टूडेंट है योगी है तब तक यह बात है सिद्ध हो जाएंगे ठाकुर का साक्षात्कार हो जाएगा तो उनके साथ में मर्ज हो जाएंगे गुरु शिष्य वाला संबंध ही नहीं रहेगा अच्छा आज यही तक कल फिर से मिलेंगे