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Sri Ramakrishna & Swami Vivekananda ·

Sri Ramakrishna & Swami Vivekananda English & Hindi 18 Mar 2023

Swami Vivekananda

ओके सो हर इसे अंदर टीचिंग ऑफ स्वामी विवेकानंद स्वामी जी सेस था प्लेस में व्हेन देवर यू थिंक हो मैच गुड दे आर डूइंग लेट डेम ट्रेस डी एक आउट ऑफ यू और यू बिल गेट नियर तू डी लॉर्ड सी दिस इस वन कंप्लेन वे हर एवरीवन मेकिंग डेट पीपल आर मेकिंग एन पीपल आर सेइंग नेगेटिव थिंग्स अबाउट स सो पर एग्जांपल आई डू नोट लाइक सम वन और व्हेन ही से समथिंग अबाउट मी आई फूल वेरी एंग्री और आई फूल हार्ट सो दिस लिविंग इन दिस सोसाइटी आईटी इस नोट पॉसिबल डेट वे आर फ्रेंड्स विद एवरीवन लिविंग इन डी वे संसार है वह गुड रिलेशन की एवरीवन आईटी बिल ऑलवेज हैपन विद एवरीवन ऑफर्स डेट वे आर फ्रेंड विद समवन और वे डू नोट वे आर नोट फ्रेंड्स विद समवन और रदर वे हैव एनपीटी विद समवन सम पीपल डाजेन लाइक तू दे देवर आर सम पीपल हूं बिल ऑलवेज क्रिटिसाइज वॅटीवर वे आर डूइंग वॅटीवर क डेट वे आर डूइंग दे बिल बी क्रिटिसाइज आईटी हैपेंड विथ स अलसो इमांग आ एवं अमोंग एन स्मॉल देर आर सम पीपल वॅटीवर आई डू हर इन पब्लिकेशन डिपार्मेंट दे बिल ऑलवेज फाइंड सम पॉइंट तू क्रिटिसाइज मी सो डेट ओके दिस मोंक इस नोट डूइंग दिस दे बिल फाइंड फॉल्ट विथ डी वे आई पब्लिश आर्टिकल इन डी वर्ल्ड मैगजीन दे बिल फाइंड सम फोल्ड विद सम बुक्स डेट आई एम प्रिंटिंग दे बिल फाइंड सम फोल्ड विद डी वे आई एम एडिटिंग दे बिल फाइंड विद डी वे वे आर प्रिंटिंग बुक्स डेट हो में कॉप्स आर प्रिंटेड वही दिस बुक इस प्रिंटेड और वही दिस बुक इस नोट प्रिंटेड सो जो धी बिल कम अप बिफोर स वही बिकॉज़ डी ह्यूमन नेचर आईटी इसे डी ह्यूमन नेचर तू लाइक सम वन और तू डिसलाइक संबल सो आईटी इस नोट डेट वे आर बेड व्हेन सम पीपल क्रिटिसाइज व्हेन सम पीपल फाइंड वे स्टार्ट बिलीव इन डेट आईटी इस मी फॉल्ट डेट आईटी इस आईटी मस्त बी रियली आई फॉल्ट डेट ही इस फाइंडिंग फॉल्ट विथ मी आगे आई सेड डेट डी वे आई एम पब्लिशिंग दिस गुजराती मैगजीन और देवर आर सम पीपल हूं बिल फाइंड फॉल्ट विथ दिस सो आईएफ आई स्टार्ट थिंकिंग डेट इयर्स आई मस्त बी एन वेरी बेड आई मस्त बी एन टेरिबल इंचार्ज ऑफ दिस डिपार्मेंट डी मोमेंट आई स्टार्ट फीलिंग दिस गिल्टी थॉट्स यू नो आईटी बिल डिस्ट्रॉय मी कॉन्फिडेंस और बिल थ्रो मी इन डिप्रेशन दिस व्हेन आदर्श फाइंड फॉल्ट और वे टेक आईटी तू अवर हार्ट दें व्हाट हैपेंस डेट टेकिंग धी तू अवर हार्ट आईटी बिल मेक डिप्रेस्ड आईटी बिल मेक स लॉस ओवर कॉन्फिडेंस सो वे शुड नेवर टेक अन्य क्रिएटरीज्म आते इट्स फेस वैल्यू वे शुड नेवर बी गेट डिप्रेस्ड बाय दिस क्रिटिसिजम वे शुड नेवर बी आ से डेट वे शुड नेवर विकम एंग्री अगेंस्ट क्रिटिसिजम बिकॉज़ क्रिटिसिजम और फाइंडिंग फोर्ट इस जस्ट ह्यूमन नेचर एन आईटी इसे नोट डेट वे आर डी आर डी ओनली पीपल हूं आर फाइंडिंग फॉल्ट विथ मी आई एम अलसो सम वन हूं ऑलवेज फाइंड विद समवन एल्स डेट आई अलसो थिंक डेट ओके इन किचन वेयर इस क्लीवलीनेस इस नोट देवर इन टेंपल डी पुजारी महाराज इस नोट डूइंग गोइंग राइट अकॉर्डिंग तू मी ही शुड डू धी इन ऑर्डर तू इंप्रूव है परफॉर्मेंस देवर इस डिस्पेंसरी आई टोल्ड यू डेट दे डी वर्ल्ड डॉक्टर महाराज इस वेरी हम्बल और वेरी ही नेवर लाइक्स तू टेक क्रेडिट पर एनीथिंग एल्स बट डी पी को तू डिस्पेंसरी और आई माइ से डेट महाराज इन ऑर्डर तू इंप्रूव डिस्पेंसरी यू शुड डू दिस और डेट आई माइ गिव हम सम एडवाइस डेट ही विच इस नोट रिक्वायर्ड विच इसे नोट एवं एस्क्ड सो सी आईटी इस ह्यूमन नेचर आईटी इसे नोट डेट आधार सर डी ओनली पीपल हूं आर फाइंडिंग फॉल्ट विथ मी एवं मी इन मी ऑन मन आई एम फाइंडिंग फॉल्ट विथ अदर पीपल इन मी ऑन मन आई एम क्रिटिसाइज अदर पीपल सो दिस क्रिटिसिजम इस ऑलवेज तू बी एस आई एम वेरी फंड ऑफ गिविंग डी एग्जांपल ऑफ दिस हरिपद मित्र सॉरी इन बेलगाम स्वामी विवेकानंद डर वज हरि पढ़ो मित्रों एन वेरी क्लोज ही वज ही वज इन ऑफिसर इन फॉरेस्ट डिपार्मेंट और ही विकम वेरी ग्रेट देवोते योर स्वामी विवेकानंद और वन दे ही से डेट डी ब्रिटिश ऑफिसर हूं इसे मी बस ही ऑलवेज फाइंड सम फोल्ड विद मी यू ऑलवेज क्रिटिसाइज मी और दिउ तू डेट आई एम गोइंग इन डिप्रेशन तो स्वामी जी से वेरी नाइस रिप्लाई डेड सी देवर इस क्रिटिसिजम अगेंस्ट हम इन योर हार्ट यू आर नोट सेइंग आईटी आउट लाउड बिकॉज़ यू आर इंडियन इंडियन अरे स्लेव ही इस ब्रिटिश और यू डू यू डू नोट हैव डेट करेज तू तेल हम आईटी इस ऑन फेस डेट यस दिस इस समथिंग अबाउट यू डेट आई डू नोट लाइक सो देवर इस क्रिटिसिजम अगेंस्ट हम इन योर ऑन हार्ट वादर यू आर सेइंग आईटी और नोट बाय योर ऑन शब्द बट ऑफिसर अंडरस्टैंड डेट इस वही ही रिप्लाई यू इन डी से मीनार सो आईएफ सम अदर पीपल आर फाइंडिंग फोल्ड विथ मी सम अदर पीपल आर क्रिटिसाइज मी इट्स से वे आई एम फाइंडिंग फोल्ड्स विद आदर्श आई एम फाइंडिंग आई एम क्रिटिसाइज आदर्श सो दिस इस जस्ट ए नेशनल टाइमपास यू नो दिस इस एक्चुअली फाइंडिंग फोर्ट इसे डी स्ट्रेस रिलीफ सम टाइम इन अमेरिका पीपल लाइक तू थीं डेट यू नो डेट इंडियन आर सो बर्ड देवर इस तिल जो दिस नेक्स्ट आर रनिंग इन डी स्ट्रीट्स ऑफ इंडिया स्नैक्स कोस और देवर कॉउडुंग्स इन डी स्ट्रीट्स ऑफ इंडिया इंडिया इसे सच डायरेक्टली कंट्री इंडियन पॉलीटिशियंस आर अलसो एवरी टाइम बिल सेंड तू सम साल्ट ऑफ क्रिटिसिजम अबाउट इंडिया इन फॉरेन न्यूज़पेपर वेरी एंग्री दत हो डेयर अमेरिकंस और ब्रिटिशर्स ब्रिटिश इंडिया यू नो इंसिडेंट ऑफ राहुल गांधी इस सच एन स्टूपिड परसों ही गोस तू ब्रिटेन और गोस तू ब्रिटिश नो डेमोक्रेस इन इंडिया नो आगे लांगेस्ट पीपल आर एवं इससे दिस अमाउंट डू नोट लाइक डेट गवर्नमेंट आईटी इस ओवर राइट तू प्रिटी साइज इन इंडिया विद क्रिटिसाइज जो डी गवर्नमेंट इन इंडिया वे क्रिटिसाइज जो डी पॉलीटिशियंस आईटी इस ओवर गॉड जिवन राइट बट हो डेयर राहुल गांधी वेट तू फॉरेन कंट्री और दें क्रिटिसाइज इंडियन डेमोक्रेसी वे हैव एवरीवन हस विकम वेरी एंग्री वही बिकॉज़ वे डू नोट लाइक डी क्रिटिसिजम फ्रॉम अदर टाइप ऑफ पीपल सो इंडियन क्रिटिसिजम वे कैन नोट स्टैंड डेट इंडियन डेमोक्रेसी इस रेवित इन ब्रिटिश पार्लियामेंट और ब्रिटेन इन ब्रिटिश पीपल आर सेइंग डेट इंडियन आर नोट डेमोक्रेटिक इनफ नो ब्रिटेन हिमसेल्फ है वो रूल हाफ डी वर्ल्ड हो कैन दे क्लेम तू बी डी परागों ऑफ वर्चुअल हो कैन दे क्लेम तू बी एन डिफेंडर ऑफ डेमोक्रेसी सो दिस क्रिटिसिजम निठार डू वे लाइक मोर आईटी डी से टाइम वे ऑलवेज क्रिएटिव साइज आदर्श इन अवर ऑन माइंड्स सो क्रिटिसिजम बेसिकली फोटो ट्रेंस ऑन प्रॉब्लम ब्रिटिश इकोनामी आफ्टर दिस ब्रेक्जिट सिंकिंग दे आफ्टर दे और दे लुक आते इंडिया विकम वेरी हैप्पी सो आईटी इस देवर इस वन कंट्री विच इस डूइंग वर्स दें स यू नो वे इंडियन लाइक तू रीड अबाउट पाकिस्तान डी वे पाकिस्तान डेमोक्रेसी सिंकिंग ऑफ डी वे ऑलवेज इंटरफेयरिंग इन पाकिस्तान पॉलीटिकल अफेयर्स डी वे पाकिस्तानी ऑन डी वर्ल्ड ऑफ कॉलेप्स इकोनॉमिक्स डिफॉल्ट स आईएफ डेट देवर इस ऑलमोस्ट सिविल वार गोइंग ऑन अमोंग डी डिफरेंट पॉलीटिकल पार्टी इन पाकिस्तान वे बिल लाइक आईटी वेरी मैच दिस यू नो देवर आर सम पीपल हूं विथ वू मैं दे ऑलवेज तेल मी हैव यू रीड व्हाट इस हैपनिंग इन पाकिस्तान सी दिस पाकिस्तान एक्चुअली इस नोट हिट ग्रेट इन इंडिया देवर इस अनइंप्लॉयमेंट देवर आर सो में मदर डिफिकल्टी विथ इंडिया और व्हेन वे रीड अबाउट पाकिस्तान दें वे फाइंड वेरी वे नो जस्ट हिंदी में कहते हैं ना हमको बहुत सुकून मिलता है वे फाइंड आईटी वेरी पीस देवर इस वन कंट्री डेट डूइंग विच इसे डूइंग एवं वर्स देना सो क्रिटिसिजम इस एन नेशनल टाइम पास क्रिटिसिजम इस जस्टिस ह्यूमन नेचर क्रिटिसिजम इस साल्ट ऑफ स्ट्रेस रिलीफ सो व्हेन समवन क्रिटिसाइज मी व्हेन समवन फाइंड्स फॉल्ट विथ मी डेट वे हैव तू अंडरस्टैंड डेट दिस परसों इस सफरिंग फ्रॉम सम सॉर्ट ऑफ साइकोलॉजिकल डिफिकल्टी और इन ऑर्डर तू रिलीव हज प्रॉब्लम्स ही इसे फाइंडिंग यू नो वे आर एक्सटर्नलाइजिंग दिस कृति सन एक्चुअली व्हाट आई शुड डू व्हाट इस आइडियल पर मी आगे ए मोंक आई शुड एक्चुअली आई शुड मेडीटते पर थ्री तू फोर ओवर एवरीडे बट आई कनॉट डू डेट वही बिकॉज़ दिस इस आईटी आई हैव नोट रीड स्पिरिचुअल हाइट डेट आई एम एबल तू सीट थ्री और फॉरएवर एवर टेक ठाकुर्स नाम डू सम प्रेयर एट सिटर आई हेवन इस हर वृक्ष दिस स्पिरिचुअल मेच्योरिटी बट आई अंडरस्टैंड आईटी दिस इसे यू नो डेट आई एम सपोज्ड तू डू दिस आई शुड डू दिस बट आई एम नोट डूइंग दिस दिस फीलिंग इस डर इनसाइड मी मन और आईटी क्रिएट सम सॉर्ट ऑफ दिस सेटिस्फेक्शन दिस अफेक्शन और दिस दिस सेटिस्फेक्शन और दिस अफेक्शन व्हेन आई फाइंड आदर्श विकर्ण मी डेट यस परसों दिस मॉम इसे नोट एवं कमिंग तू इवनिंग आरती मंगल आरती दें आई एम वेरी फाइन डेट अटली सन ऍम गोइंग तू मॉर्निंग एटलिस्ट आई वाले अप अर्ली अर्ली इन डी मॉर्निंग और एटलिस्ट आई रेगुलरली अटेंड मंगल आरती सो दिस परसों इस एवं वर्स्ट दें मी सो इंसटिड ऑफ इंटरनलाइजिंग दिस क्रिटिसिजम और इंसटिड ऑफ इंप्रूविंग माइसेल्फ डेट ओके आईएफ टुडे आई एम सीटिंग पर हाफ ब्लू ब्लू इन मेडिटेशन सो लेट मी इंक्रीज 30 मिनट मेडिटेशन तू 40 मिनट टुमारो डी दे नेक्स्ट वीक लेट मी इंक्रीस आईटी तू 50 मिनट्स नेक्स्ट वीक स्लोली और ग्रैजुअली एवरी वीक लेट मी इंक्रीज 10 मिनट 10 मिनट्स और लेट मी रेस्ट तू व्हाट इसे मी गोल डेट आई एम हर इस ए मोंक फोर एक लिस्ट नो लेट मी से डेट 18 तू 19 इयर्स ऑलमोस्ट एस यू नो डेट आफ्टर 20 इयर्स वे वे रिच डी मेच्योरैत्य इन अनवर रामकृष्ण मिशन आफ्टर 20 इयर्स वे गेट वोटिंग राइट सो आई हैव आई थिंक ओनली वन एयर लेफ्ट इन रिचिंग 20 इयर्स आफ्टरवार्ड्स आई बिल बी कॉल्ड स सन नियर मॉम सो बिफोर डेट आई हैव ए जूनियर मॉम सो आई हैव ओनली वन एयर रेमैन इन रिचिंग 20 इयर्स ओनली वन एयर रीमें डेट आई बिल बी कोल्ड सीनरी बॉक्स सो आई एम वेरी हैप्पी हिट यस आई हैव स्पेंड ऑलमोस्ट 20 एयर इन रामकृष्ण सॉन्ग और आई ऍम सो प्राउड ऑफ मी सेल्फ बट आईटी डी से टाइम इस एक्सपेक्टेड फ्रॉम डेट इन से एवरी सैटरडे इन अवर ट्रेनिंग सेंटर देवर इसे एन जब यज्ञ नाइट और डी होल नाइट वे बिल हैव तू सीट और दो जापान सो दिस इसे एन प्रैक्टिस पर डी फ्यूचर दत बाय डी टाइम वे विकम एन सीनरी मोंक वे शुड हैव सच ए प्रैक्टिस सचिंस स्ट्रांग ग्राउंडिंग इन ओवर स्पिरिचुअल लाइफ डेट एक्चुअली वंस एन वीक वे आर एबल तू सीट एंटीरे नाइट से एटलिस्ट सिक्स तू सेवन ओवर इन वन आसन और डू कंटिन्यू जपम और पर रेगुलर डेज वे शुड बी एबल तू सीट एट लिस्ट थ्री तू फोर ओवर वन आसन वन आसन मेंस डेट वे शुदंत सीट अप ड्यूरिंग डी सिटी ड्यूरिंग दिस सेशन सो इन ट्रीटेड इन वन आसन आई शुड बी एबल तू डू मेडिटेशन पर एटलिस्ट से 3-4 ओवर नो आई हैव ओनली वन एयर कम एन सीनरी मोंक और आई कनॉट एवं सीट मोर दें हाफ इन ओवर और मार्केट अबाउट हाल नाइट सिटी डिसेटिस्फेक्शन बिल्डअप इन मी मन और दिस सेटिस्फेक्शन कॉम आउट इन डी वे ऑफ क्रिटिसिजम ऑफ आदर्श यस भंडारी इस नोट डूइंग हज जब प्रॉपर्ली अवर पुजारी इस नोट डूइंग हज जो प्रॉपर्ली अकाउंटेंट महाराज इसे मेकिंग जो दिस डिमांड्स डेट उसे योर इनवॉइस योर बिल और योर स्लिप्स आर नोट इन ऑर्डर यू शुड मेक एन हो मैच क आई एम गोइंग तू तू थ्री एयर आईटी इस हेयर जब आई हैव तू डू जो दिस क्रिटिसिजम डेट आई हैव इन मी मन अगेन देवोतीस व्हाट इसे डी सोर्स ऑफ डेट सोर्स इस अफेक्शन टुवर्ड्स मी ओंस स्पिरिचुअल लाइफ डेट आई एम नोट प्रोग्रेसिंग डेट आई हैव व्हेन आई कम हर पर डी फर्स्ट टाइम आई हैव रीड डी हाइट और नो समाधि इन 12 इयर्स ठाकुर अटेंशन दी इन 12 इयर्स सो दिस 12 मैजिक फिगर पर मी आई थॉट डी दे आई बी कम ए मोर आई बिल स्टार्ट डूइंग सच हार्ड तपस्या डिफिकल्ट साधना तट आफ्टर 12 इयर्स आई बिल अटेंड समाधि टुडे आईएम हियरिंग 20 इयर्स और समाधि सो फॉर आवे में बी नोट इन बर्थ में बी नोट इन नेक्स्ट बर्थ पर है बर्थ आफ्टरवार्ड्स वर्सेस आई नो डेट हो बिहाइंड इन मी ऑन स्टेज सो दिस दिस अफेक्शन डिसेटिस्फेक्शन डेट इस बिल्ड अप अगेन मी ऑन हार्ट दिस एंगर टुवर्ड्स मी ऑन स्लो प्रोग्रेस दिस एंगर दिस दिस अफेक्शन डिसेटिस्फेक्शन कॉम आउट इसे क्रिटिसिजम और फाइंडिंग फॉल्ट अगेंस्ट आधार सो दिस साइकोलॉजी आईटी वे हैव तू अंडरस्टैंड सो व्हेन आदर्श क्रिटिसाइज मी व्हेन आदर्श फाइंड फॉल्ट विथ मी वे हैव तू अंडरस्टैंड डेट सी डेट तू थिंग्स इदर देवर इस समथिंग आई रियली नीड तू इंप्रूव माइसेल्फ अबाउट सेव पर एग्जांपल वे हैव एन ऑडिटर हुकमस हर एवरी नो इन डी ही से पूरे इनवॉइस आर नोट इन ऑर्डर यू शुड मेक डेम बटर सो आईटी इस नोट डाैटली स्टार्ट कवैरलिंग विथ हम आई शुड ट्राई तू इंप्रूव मी अकाउंटिंग मैथर्ड सो डेट इस वन

श्रीरामकृष्ण कथामृत : कोलकाता में ईश्वरचंद्र विद्यासागर के साथ

थिंक और दें आईएफ वे कप्स ऑन क्रिटिसाइज इंस्पीते ऑफ जो ऑफ मी डूइंग इन ऑर्डर तू इंप्रूव मी अकाउंट एवं दें ही गोस ऑन क्रिटिसाइज दें आई हैव तू अंडरस्टैंड डेट देवर इस सम प्रॉब्लम विद हज मन ही है सम साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स पर है ही सफरिंग फ्रॉम सम फ्रस्ट्रेशन सम डिप्रेशन डेट इस वही ही इसे वेटिंग डिप्रेशन वेटिंग हज फ्रस्ट्रेशन फ्रस्ट्रेशन इन क्रिटिसिजम ऑफ मी इन मी क्रिटिसिजम सो वंस आई अंडरस्टैंड डेट मी मन बिल विकम कम डॉ थिस स्पिरिचुअल मेच्योरिटी डेट वही पीपल बिहेव इन सच एन पर्टिकुलर मटर मुझे यदि ऐसा लगता है की कोई बार-बार मेरी निंदा कर रहा है कोई बार-बार जो है वो जो मेरे बड़े में जो जो की मेरे पीछे सब समय मेरा बड़ा भला कहता राहत है बड़ा कहता राहत है मेरे बड़े में तो इसके दो रीजन हो सकते हैं एक तो है की मुझे सही में मेरे जो भी कुछ कर रहा हूं यहां पे मुझे अपने को इंप्रूव करने की जरूर है और दूसरा डिजाइन ये है की जो मेरी निंदा कर रहा है जो मेरे पीछे मेरा गुलाब बड़ा भला का रहा है उसके मन में कुछ ना कुछ फ्रस्ट्रेशन है उसकी खुद की लाइफ के बड़े में उसके खुद के जीवन के बड़े में वो फ्रस्ट्रेशन जो है वो हमारी निंदा करके वह चैनेलाइज कर रहा है निंदा करना इस साल्ट ऑफ इस स्ट्रेस रिलीफ जैसे अमेरिकन लोगों को जब आप अमेरिकन न्यूज़ पेपर खोल कर देखेंगे सब समय वो वहां की जो गवर्नमेंट होगी उसकी निंदा चलती रहेगी यह जो प्रेसिडेंट है वह यह कम ठीक से नहीं कर रहा वह ठीक से नहीं कर रहा सब अमेरिका के जो न्यूज़ पेपर है ना वह अपनी खुद की गवर्नमेंट की निंदा करने में बहुत पक्के है सब समय कुछ ना कुछ निंदा करते रहेंगे उसे समय यदि एक पूरा न्यूज़पेपर भर के जो अपनी खुद की गवर्नमेंट की निंदा है उसमें एक न्यूज़ आइटम उन्होंने दाल दिया की इंडिया में जो है वो करप्ट गवर्नमेंट है इंडिया में ये सब हो रहा है तो सबकी नजर वहां पे जाति है वो बड़ा उनको सुकून मिलता है अमेरिकन को क्या अच्छा चलो भाई हम तो ये पूरा न्यूज़पेपर भर के हमारी गवर्नमेंट की निंदा सनी अभी पता चला की इंडिया तो हमारे से भी बुरी हालात में है अभी हम लोग इंडियन लोग क्या करते हैं हम लोग एक न्यूज़ आइटम देखते हैं बड़े नाराज हो जाते हैं अरे अमेरिका को ऐसी कौन सी बड़ी मैन खुद कोई इतना बड़ा ये कोई परागों ऑफ वर्टू है खुद का कोई इतना अच्छा गवर्नमेंट उसकी थोड़ी ना है हम लोग तो उसके न्यूज़ पेपर में इतनी देखते हैं की गवर्नमेंट ने ये ठीक नहीं किया वो नहीं ठीक किया उन एंप्लॉयमेंट के फिगर देखो इकोनामी का हैंडलिंग देखो या तो फिर ये चीन के साथ में रिलेशन देखो ना की फिर ये रसिया के साथ में रिलेशन देखो सब कहानी जगह सब जगह पे जाकर मुंह लेकर के हमारी निंदा कर रहा है है यह जो सब न्यूज़ में इंसर्ट करते हैं तो न्यूज़पेपर वालों को भी पता है की अमेरिकन पब्लिक को इस तरह से बीच में स्ट्रेस रिलीफ चाहिए खुद की गवर्नमेंट की इतनी निंदा सुन करके अभी उनको लगता है दूसरों की भी तो थोड़ी निंदा कर लो तो हमको लगे की अच्छा भाई हां ठीक हम लोग अकेले नहीं है हम लोगों को खुद को जो पाकिस्तान में ये सब होता है सिविल वार जैसी स्थिति है इकोनॉमिक्स कर चुकी है तो हमको लगता है चलो भाई हम लोग अकेले नहीं है ऐसे देश है जो की हमसे भी बतर हालात में तो हमको बड़ा सुकून मिलता है अच्छा मां को अभी शांत हुआ हमारा वरना तो हमारे न्यूज़पेपर देखेंगे तो सब समय ऐसा ही लगेगा की पूरा गवर्नमेंट टूट गया है पूरा भारत जो है बिखर गया है पुरी इकोनॉमिक्स डब गई है और यहां पर अभी सिविल वार शुरू ही होने वाला है ऐसा न्यूज़पेपर देखकर वो ही लगता है और जो पता है एक एक एग्जांपल है ठाकुर देते हैं की एक आदमी एक रास्ते से जा रहा था तो किसी ने उसको बोला की अच्छा तुम को पता है वहां पर वह बिल्डिंग जो है वो गिर गया या तो कुछ एक्सीडेंट ऐसा कुछ हो गया तो तुम तो उसे रास्ते से थे तो तुम बताओ तो क्या हुआ था सही हुआ था की नहीं तो बोला की मैं पहले न्यूज़पेपर देख के बताता हूं वो की नजर से वो क्या देखा उसे पे उसको विश्वास नहीं है न्यूज़पेपर में क्या लिखा है उसको उसको ज्यादा विश्वास है तो ये मतलब ये जो एक्सटर्नल सोर्स ऑफ न्यूज़ होते हैं ना कभी-कभी हमको दे प्रेस कर देते हैं अभी ऐसा मुझे तो यहां आश्रम में रहकर ऐसा नहीं लगता की भारत की इकोनामिक स्थिति इतनी खराब है होगी नहीं होगी ऐसा कोई प्रश्न नहीं है 20 करोड़ लोग जो है वो गरीबी में जी रहे हैं वो तो बहुत ही बुरी बात है किंतु 140 करोड़ की पापुलेशन में जो की 67% जो पावर्टी थी वहां से रिड्यूस हो करके अभी 20-25% तक ए गई है यह तो सभी गवर्नमेंट की सिद्धि है कोई पर्टिकुलर पार्टी की बात नहीं कर रहा इन जनरल इंडियन गवर्नमेंट है इंडिपेंडेंस अब मैं खुद अपने लाइफ में देखा हूं मेरे दादा वो मेरे उनकी जो स्थिति थी उससे मेरे फादर की स्थिति और इंप्रूव हुई उसके बाद में जो अभी आजकल की जो जेनरेशन है मेरे कजिन वगैरा उनकी कंडीशन अरबी इंप्रूव हो रही है तो ये तो हम अपनी नजरों से देखते हैं फिर हम किंतु जब भी न्यूज़पेपर पढ़ने हैं हमको लगता ही का रहे हैं सब कुछ खत्म हो गया है पूरे भारत में आज ग गई है ऐसा हमको लगता है तो ये जब सब स्ट्रेस क्रिएट होता है तो वो स्ट्रेस हम लोग फिर दूसरे देश की निंदा करने में हम लोग उसको चैनेलाइज करते हैं तो ये हमारे सब के साथ में जब भी हमारे जीवन में कोई तकलीफ होती है हमारा कोई फ्रस्ट्रेशन होता है मुझे यहां पे एटलिस्ट छह-सात घंटा तीन-चार घंटा जब ध्यान करना चाहिए डेली सत्ता में एक बार पुरी रात जागकर के जब यज्ञ करना चाहिए अभी मैं तो ऑलमोस्ट 20 साल हो गए अपने सॉन्ग में तो अभी सीनरी मोंक में कहां जाऊंगा 20 साल के बाद में एक ही साल बच्चा है 20 होने में कंप्लीट तो ये जो मुझे अभी बोलने में तो सीनरी सुनने में बड़ा रामानंद आएगा की अरे लोग कहेंगे किंतु मतलब सीनरी मोंक होने के साथ-साथ में जो कुछ मुझे करना चाहिए वो तो हो नहीं रहा है तो ये अभी मैं मुंह से तो किसी के सामने नहीं बोलूंगा किंतु मेरे मां में तो पता है की हां मुझे जो करना चाहिए मैं नहीं कर रहा हूं वो नहीं हो रहा है मेरे से वो नहीं मेरे शरीर की वो स्थिति है ना ही मेरे मां की वो स्थिति है की चार-पांच घंटे डेली का मेडिटेशन तीन-चार घंटा एटलिस्ट और एटलिस्ट वन दे हाल नाइट मेडिटेशन हाल नाइट जब यज्ञ तो शरीर या मां दोनों इस तरह से अभी मैच्योर नहीं हुए तो क्या किया जाए ये तो ठीक नहीं है तो ये जो मां के भीतर में जो फ्रस्ट्रेशन बिल्ड अप होता है वो दूसरों की निंदा करने में जाता है तो अभी स्वामी जी जो यहां पे कहते हैं की जब कोई दूसरे लोग हमारी निंदा करते हैं ब्लेस मां व्हेन दे बिल यू जब वह हमारी निंदा करते हैं तो हमको एक अपॉर्चुनिटी मिलता है अपने खुद के मां को एनालाइज करने की हमारे खुद की स्थिति को एनालाइज करने की इससे हम दो-तीन चीज समझते हैं की मेरे खुद के मां में क्या-क्या मतलब यह जो डिप्रेशन है फ्रस्ट्रेशन है मेरे खुद के मां में कहां पे ये जो सब प्रॉब्लम्स है उसको मैं एड्रेस करूं और दूसरा की है दूसरों को मैं क्षमा करूं की उसकी जो निंदा है वो पर्टिकुलर इस तरह के किसी फ्रस्ट्रेशन में से आई होगी तो ये जो स्पिरिचुअल मेच्योरिटी आई है वो कब आएगी जब कोई मेरी निंदा करेगा तब तो यदि मेरे साथ में सब कुछ फेवरेट है तो मैं क्या है की मेरा स्पिरिचुअल प्रोग्रेसी नहीं होगा ये जो जीसस को क्रूसिफाई किया गया इस में तो ऐसे क्रिश्चियनिटी आया हम हिंदू साधुओं की परंपरा देखो हम लोग दूसरों को क्रिस्पी नहीं करते हम अपने को क्रूसिफाई करते हैं हम हमारे जो ऋषि मनी थे इतनी गौर तपस्या करते थे तो यह जो शारीरिक कष्ट पाते थे इस में से तो ये हिंदू धर्म का फाउंडेशन बना है इसी में से तो हमारी सनातन धर्म की एक मजबूत न्यूड अच्छा अर्थात एक बार इतनी तपस्या कर ले की फिर पीछे का पूरा जीवन जो है वो शांति से कटेगा जैसे वो पेंशन मिलता है जिसको एक बार उसने जब जब कर लिया अभी रिटायर हो गया तो पेंशन मिलता है तो बढ़िया मजे से खाता है वो राहत है तो वैसे ही यदि हमारे ऋषि मुनियों ने जो तपस्या करके गए हैं तो इस तपस्या के बाल पे तो हम यहां पे जी रहे हैं यहां पर राजकोट आश्रम में भूतेष आनंद जी महाराज थे आत्मस्थ आनंद जी महाराज से दो-दो प्रेसिडेंट अपने संघ के अप प्रेसिडेंट होने से पहले यहां राजपूत आश्रम में अध्यक्ष थे तो नेचरली वह प्रेसिडेंट हुए तो प्रेसिडेंट होने से पहले जो उनकी तपस्या थी इस के बाल पे तो वो हुए थे ये जो इतना सर्वोच्च रामकृष्ण सॉन्ग के सर्वोच्च पद पे स्थापित हुए तो उससे पहले उनकी तपस्या जब जूनियर थे तभी से तो रही होगी तो उसे तपस्या के प्रभाव राजकोट आश्रम को मिला है इस में तो रहकर के मैं बढ़िया मजे से र रहा हूं इस तपस्या के जो वाइब्रेशन है वह जो तन मात्राएं हैं इसलिए मैं यदि इतना मुझे जो करना चाहिए नहीं कर रहा हूं इस का तो परिणाम है तो यह जो पूरा एनालाइज मैंने अपने मन को किया दूसरे को मन को किया वह अपॉर्चुनिटी मुझे कब मिला जब कोई मेरी निंदा करता है तब मिला तो जब कोई निंदा करता है तो हमारा हमको खुशी होना चाहिए हमको ईश्वर के आशीर्वाद रूप समझना चाहिए जिससे की मुझे अपने खुद को एनालाइज करने का एक मौका मिला अभी रामकृष्ण कथामृत हम देख रहे हैं किस तरह से श्री रामकृष्ण ईश्वर चंद्र विद्यासागर को मिलने के लिए जाते हैं और कल हमने देखा की किस तरह मास्टर महाशय ने तीन कर लाइन में ही पूरे रामकृष्ण संघ का पूरे जो आज की जो आध्यात्मिक जो रीति है उसके बड़े में उन्होंने तीन-चार लाइन में ही कैसे का दिया की वो लाल के अद्भुत पुरुष है लाल किनारे वाली धोती पहना हैं कुर्ता पहना हैं पॉलिश किया हुए चप्पल पहना हैं रश्मानी के काली मंदिर की कोठरी में रहते हैं जिसमें एक तख्त है उसके ऊपर बिस्तर और मच्छरदानी है बिस्तर पर लेते हैं कोई बाहरी भेज तो है नहीं पर शिवाय ईश्वर के और कुछ नहीं जानते हार्निश उन्हें का चिंतन किया करते हैं यह चार-पांच लाइन को हमने बड़े ही विस्तृत रूप से उसको हमने अध्ययन किया यह सिर्फ आज के रामकृष्ण संघ के बड़े में नहीं है यह जो आजकल के दूसरे जो धार्मिक संघ है जैसे यहां गुजरात में स्वामीनारायण है फिर जैसे वहां पर इस्कॉन है या तो फिर जैसे यह जो गजानन बाबा का जो संप्रदाय है महाराष्ट्र में फिर वो जो मां अमृतमई मां है जितने भी वो जो दशनामी संप्रदाय कहो ना किया जो हिंदू धर्म के जो वैष्णव संप्रदाय हो की सनातन हिंदू धर्म के सांप्रदायिक कहो सभी साधु जो है जो किसी संघ में मिली थे किसी ऑर्गेनाइजेशन ऑर्गेनाइजेशन में वो जो है तो कोई भी ऑर्गेनाइजेशन में अभी पहले की तरह की जो ऑस्ट्रेलिय है वो डिफरेंट तरीके की है आज की हमारी ऑस्ट्रेलिया टीम फिजिकल आैसतनिटी होती है बीच-बीच में उपवास नियमित रूप से किया जाना चाहिए खाने-पीने में संयम बरतना चाहिए किसके साथ बात करते हैं कितने समय बात करते हैं मा व्रत का बीच-बीच में पालनपुर होना चाहिए जी तरह से हम चीजों को इकट्ठा करते हैं कुछ कुछ चीज मुझे यहां पर कम के लिए चाहिए अच्छा सा मुझे इस सेटअप यहां पे चाहिए तो मैं अच्छे से कम कर पाऊंगा आज की जो मॉडर्न प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी है वो मेरे पास नहीं रहेगी तो फिर मैं अच्छे से किताब कैसे प्रिंट कर पाऊंगा वो तो एक हो गया किंतु फिर यहां पर पर्सनल प्रेफरेंस तो नहीं ए जाता तो की मुझे ये पर्टिकुलर पीस ऑफ इलेक्ट्रॉनिक चाहिए मुझे यह बटर क्वालिटी का कंप्यूटर चाहिए या तो फिर मुझे है बटर क्वालिटी का प्रिंटर चाहिए तो वो मुझे चाहिए मेरी आकांक्षा या वासना है की ठाकुर का कम करने के लिए वो चाहिए वो एक अलर्टनेस रहना चाहिए ये हमारा जो आज की तपस्या है वो पुरी मानसिक तपस्या है जैसे हम हम लोगों का हम लोग जब मैंने कहा था की मैंने बेलूर मठ में जॉइन किया था वहां पर ट्रेनिंग सेंटर होता है तो परी प्रोबेशनरी ट्रेनिंग सेंटर में हम लोगों का एक बहुत बड़ा प्रिविलेज था की जो हमारा हैडक्वाटर है जहां पर जनरल सेक्रेटरी महाराज और असिस्टेंट सेक्रेटरी महाराज वगैरा कम करते हैं वहां पर रात को नाइट क्लास होता है तो वहां पे उसे समय के जनरल सेक्रेटरी महाराज थे श्रीमास्वामी स्मरण जी महाराज जो की आज हमारे प्रेसिडेंट महाराज है तो वो उसे समय जनरल सेक्रेटरी थे और फिर ये जो बाकी सब बहुत ही सीनरी साधु वे लोग असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी थे और निश्चय नेचुरल की जो मिशन ऑफिस में जो सन्यासी लोग कम करते हैं वहां पे उनका पोस्टिंग है वो तो बहुत ही सोच समझ के वहां पे बहुत ही सेंसेटिव पोस्ट है वो बहुत सोच समझकर के पोस्टिंग दिया जाता है तो सभी को मैंने कार्य दक्षता में जैसे बड़े हैं वैसे ही आध्यात्मिकता में वे लोग बड़े रहते हैं तो मेरा वो प्रिविलेज था की जितने दिन में वो प्री-प्रश्नरस पीटीसी में था तब तक मैं मेलुर मठ में हेड क्वार्टर में रात को हम लोग आकर के नाइट क्लास अटेंड करने को मौका मिलता था तो वहां पर स्वयं बैठे हैं और उनके पैरों के सामने हम लोग जो है सब दो दिन के बच्चे बैठे हैं तो वो भी एक अनुभव था तो एक दिन शिवा महायानंद जी जो की बाद में हमारे वाइस प्रेसिडेंट हुए और वो फिर उसे समय उसे समय वो थे असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी थे तो वो भी सामने बैठे हैं और एक बड़ा अच्छा एक बात कर रहे हैं वो गए थे किसी क्रिश्चियन मॉनेस्ट्री में बहुत नाम किया हुआ मॉनेस्ट्री था बहुत मां ऑफ फेमस मैं अभी नाम भूल गया किंतु बहुत बड़ी मॉनेस्ट्री थी वहां की एयरपोर्ट के साथ में शिवम जी बात कर रहे हैं तो शिवानंद जी नाइट क्लास में हमको बता रहा है महाराज जी बोल रहा है की उन्होंने अबाउट को पूछा की वोट फाइनेंस आर यू परफॉर्मिंग क्योंकि वो क्रिश्चियनिटी में है की ये पेनेंस जिसको बोलते हैं ना की वो बहुत तरीके के होते हैं उपवास करना ये वो सब कुछ करना फिर वो जो है ठंडी में बिना आपके वो ग्राम बिना कपड़े बिना ग्राम कपड़े पहने रहना वो सब है उन लोगों का पेनेंस इसको बोलते हैं तो शिवा में आनंद जी महाराज ने वो पूछा क्रिश्चियन मोना श्री परफॉर्मिंग तो वो जो क्रिश्चियन है वो कहता है की सोशल लाइफ देखिए मैंने कितना बड़ा बात का की आज जो मठ में रहना या तो मॉनेस्ट्री में रहना और साथ में रहना इसका अर्थ कितना मतलब जो लोग रहते हैं इस तरह से ऑर्गेनाइज्ड लाइफ में उनको पता राहत है की सब समय छोटी-छोटी बातें इतनी बड़ी हो जाति है फैमिली में भी जॉइंट फैमिली जो होते हैं देखेंगे की काका मामा चाचा चाचा वो जो सब साथ में रहते हैं तो प्रत्येक छोटी-छोटी बात इतनी मैग्नीफाई हो करके एक मैंने एक बन जाति है की हम लोग यह हो जाते हैं परेशान हो जाते हैं तो क्या है की किसी ने अभी समय पर चाय नहीं बनाया पर एग्जांपल मैं बता रहा हूं तो फिर क्यों ऐसा किया क्यों ऐसा नहीं किया खाने में आज नमक ज्यादा पद गया या कुछ भी है कोई भी छोटी-छोटी चीज जो फैमिली में एकदम बड़ी बनकर के वो झगड़ा का करण बन जाति है झगड़ा नहीं तो एटलिस्ट मां दुख का करण बन जाति है वैसे ही यह जो हम मठ है या मॉनेस्ट्री क्रिश्चियन मॉनेस्ट्री सब लोग साथ में रहते हैं ना सब यंग लोग हैं सब एनर्जी की हम लोग हैं वह एकदम आईडियोलॉजी पढ़कर के आए हैं है तो छोटी-छोटी चीज इतना बड़ा होकर के विस्तृत स्वरूप धरण कर लेती है और फिर मां दुख का करण बन जाति है कभी-कभी झगड़ा का करण बन जाति है तो उसे समय अपने मां को कंट्रोल में रखकर के अपने गुस्से को अपने फ्रस्ट्रेशन को अपने अहंकार को अपने घमंड को कंट्रोल में र करके सबको अपने भाई के तरह एक ट्रिक करना परिवार में है तो जो जो रिलेशन है वो रिलेटिव के प्रति रिस्पेक्ट रख कर के रहना वही ये जो सोशल लाइफ है यही आज की सबसे बड़ी तपस्या तो ये जो ह्यूमन इंजन है उसे दिन कहा था मुझे सब समय के लिए याद र गया की आज के समय जो पेनेंस जो है वो है की यह सोशल लाइफ मैंने साथ में रहना वही सबसे बड़ी तपस्या है हमारी तो इसीलिए यह जो मास्टर महाशय ने एक ही चार-पांच लाइन में हमको बता दिया की आज का जो है वो आज की तपस्या क्या है हालांकि ठाकुर ने तो सब तरह की तपस्या की है ठाकुर के शरीर में तपस्या करके इतनी गर्मी पैदा होती थी की इस पेड़ के नीचे बैठने थे उसे पेड़ के सारे पेट ज्वेलर्स जाते थे तो यहां तक का वो वर्णन है रात-रात भर जगह है आपकी पलक तक नहीं लगी मैंने सदीन पर दिन जागते रहते हैं ईश्वर का नाम सतत लेते राहत है कितनी अद्भुत जो है तपस्या ठाकुर ने की है तो उसके बाद में तो अभी वो शांति से बैठकर के ये जो लाल किनारे वाली धोती पहन के बढ़िया मजे से र रहे हैं उससे पहले जब तपस्या का उनका समय था साधना का समय था उसे समय ठाकुर को यदि हम देखते तो हम लोग हवक र जाते हैं की किस तरह से एक मनुष्य शरीर जो है इतना कष्ट सहन कर सकता है तो वो समय तो ठाकुर का चला गया किंतु यहां पर जो खाने की जो बात है ठाकुर ने जो तपस्या कर ली आज हमारे में से कोई नहीं कर रहा है तो इसलिए हमारी जो तपस्या है वह मानसिक तपस्या है अपने जो कम क्रोध मैड लोग मो यह जो सब पांच क्लेश जो है उसको कंट्रोल में रखकर के उसके साथ में मैत्री करुणा मुदिता और अपेक्षा यह कर को चित प्रसाद कहा जाता है तो यह कर चित्र प्रसाद से अपना मां भारत रहे और यह जो पांच क्लेश है वो हमारे मां में इसी को आज की तपस्या कहते हैं है तो यह मास्टर महाशय ने बहुत ही सुंदर तरीके से यह जो है आज की तपस्या के बड़े में बताया अभी बात आगे चलती है मास्टर महाशय लिखने हैं गाड़ी दक्षिणेश्वर काली मंदिर से चलकर श्याम बाजार होते हुए अब महर्ष स्ट्रिप में आई है भक्ति लोग का रहे हैं की अब बहादुर बागान के पास आई है श्री रामकृष्ण बालक की भांति आनंद से बातचीत करते हुए ए रहे हैं एम हर्ष स्ट्रीट में आकर एकाएक उनका भावांतर हुआ मानो ईश्वरवेश होना चाहता है गाड़ी राममोहन राय के बैग की बगल से ए रही है उसे समय मास्टर महाशय ने श्री रामकृष्ण का भावांतर देखा नहीं और झट से का दिया यह राम मोहन रायका बगीचा है श्री राम कृष्णा नाराज हुए कहा अब यह बातें अच्छी नहीं लगती आप भवाविस्ट हो रहे हैं देखिए मास्टर महाशय को ऐसा इंसल्टी जैसा लगा होगा ना अभी यह ठाकुर जो है जो बच्चे की तरह इधर उधर देख रहे हैं हम लोग कहां पे है क्या है कैसे है वो पूछ रहे हैं और मास्टर महाशय का रहे हैं की अभी महर्ष ट्रिक में आए हैं अभी यहां पे आए अभी वहां पे आए सुद्दनली ठाकुर का भावांतर हुआ और बच्चे जैसा वो जो क्यूरियस नेचर है उसमें से एक अंतर उनका नेचर हो गया उनका जो मां है अंतर मुख हो गया उनकी चेतन अंतर्मुख हो गई क्यों क्योंकि अभी वो जो है वह विद्यासागर के मिलने को जा रहा है उनका घर पास में ए रहा है तो जैसे जैसे विद्यासागर से वो बातें करेंगे तो एक उच्च अध्यापन तो करेंगे तो उनका भावांतर हुआ उनका मां अंतर्मुख हुआ और किंतु मास्टर महाशय ने यह देखा नहीं और झट से का दिया की ये जो है राम मोहन राय का बगीचा तो ठाकुर इससे नाराज हो गए कहा अरे अभी ये बात अभी मत करो मुझे नहीं अच्छा लगता है तो अभी हम यदि अपने को एक क्षण के लिए मास्टमहासे की जगह पे रख के देखें तो हमको एक इंसल्ट नहीं लगा होगा की अभी ठाकुर बड़े बच्चे की तरफ क्यूरियस हो करके पूछ रहा है अभी सडनली का रहे हैं की अरे ये सब अच्छा नहीं लगता ये क्या पगलापन है ठाकुर का तो हम देखिए किंतु यह जो है छोटी-छोटी चीज जीवन में जो छोटी चीज आई उनके मशरूम मशरूम में वही होगा किंतु फिर देखिए की उनकी साधना और तपस्या की जो जी तरह से कैपेसिटी बाढ़ रही है वैसे ही वे लोग उन्होंने ये सोचना शुरू कर दिया होगा की अरे ये तो ठाकुर है ये तो ईश्वर के अवतार है इनका भावांतर कैसे होता है कब होता है कहां होता है ये तो मैं अपनी शुद्ध बुद्धि से तो समझ नहीं पाऊंगा तो मैं क्यों इस छोटी सी चीज से नाराज होने को जाऊं एक और दूसरी बात की उनके जो भावांतर है सामान्य जो लेवल पर हमारे साथ में बात कर रहे हैं जो कॉन्शियस लेवल पे र के उसमें सभी वो सुपर कॉन्शियस लेवल पे पहुंचे तो उससे तो मुझे ही आशीर्वाद मिलने वाला है यदि मैं ऐसे महापुरुष के सानिध्य में उपस्थित हूं जो की समाधि में मगन होने की कतर पे है एक बॉर्डर लाइन पे है सुपर कॉन्शियस और कॉन्शियस की तो उससे तो मुझे ही आशीर्वाद मिलन है उससे तो मेरा ही आध्यात्मिक उन्नति होने वाला है तो मैं तो मुझे तो ग्रेटफुल होना चाहिए की ठाकुर का भावांतर हुआ है नहीं की यह बात को लेकर नाराज हो जाना चाहिए की अभी तो यह सब कुछ पूछ रहे थे और अभी कहानी सुद्दनली नाराज हो गए की ऐसी बातें मत करो तो यह जो मास्टर महाशय का जो स्पिरिचुअल डेवलपमेंट है वह भी हम यहां पर देख रहे हैं छोटा सा एक घटना है और मास्टर ने कुछ लिखा भी नहीं है की क्यों यह घटना उन्होंने मेंशन किया देखेंगे की जितना भी कुछ ले यहां पर लिखा है मैंने चंद्र की कौन सी कल है कौन सा वार है गंगा उतरवा ही नहीं है ना की पूर्व दक्षिण वहिनी है किस दिशा में पवन बाहर रहा है ठाकुर जी बात कर रहे तो उनके सामने कितने भक्तगण उपस्थित थे सभी छोटी-छोटी चीज आज पहले मुझे ऐसा लगता था की कहानी को बनाने के लिए ये सब देते हैं जैसे कहानी लिखने की ये सब नियम होता है ना की अब कहानी जब लिखने हैं तो बहुत साड़ी डिटेल डाला कीजिए जैसे की लोगों का इंगेजमेंट बढ़ेगा अदर वाइस जब आप कहानी लिखने हैं उसमें डिटेल नहीं डालेंगे तो लोग इंगेज नहीं हो पाएंगे लोग जो है कहानी में इंवॉल्व नहीं हो पाएंगे जो नोवलिस्ट होते हैं उन लोगों की ये सब रूल्स होते हैं जो रूल्स ऑफ हम जो कहते हैं एक आम सेंस इतिहास उनके रहते हैं तो मास्टर महाशय भी ये सब डिटेल डालते रहते हैं जैसे की हमारा इंगेजमेंट बना रहा है जैसे की हम लोग जो है कुछ ना कुछ विजुलाइज कर सके मेडिटेशन में जब ध्यान में किंतु जैसे-जैसे मैं कथामृत पढ़ना जाता हूं वैसे पता चला है की प्रत्येक डिटेल जो यहां पर डाली है उसमें से हमको कुछ सीखना है यह जो विद्यासागर को उन्होंने ठाकुर के बड़े में बताया इसी को लेकर के हम लोग कितना सब सोच सकते यह जो छोटा इंसिडेंट है ठाकुर का भावांतर हुआ अभी पूछ रहे थे हम कहां पर हैं और अभी वो का रहे हैं की नाराज हो गए अरे ये सब बातें मत करो तो ये एक छोटा सा इंसिडेंट आप तथा लगता है इसमें कुछ नहीं है नहीं कोई फिलासफी दिखे रही है जैसे बाद में जब ये विद्यासागर के साथ में बात करें ब्रह्म के बड़े में माया के बड़े में जीव जगत फिर ये जो आध्यात्मिक साधना क्या है इससे उच्च वेदांटिक अद्वैतिक तत्वों को लेकर के बात करेंगे तो हमको लगे हां ये सही बात हुई किंतु यह जो छोटे-छोटे इंसीडेंट हमको लगेगा अरे ये तो वैसे ही फाइल इन डी ब्लैंक करने के लिए दिए हैं इसीलिए दिए हैं की जैसे हमारे मां में मेंटल पिक्चर खड़ा हो की हां चलो विद्यासागर को मिलने के लिए जा रहे हैं हम लोग विजुलाइज कर सकें किंतु सिर्फ वो नहीं है वो एक उद्देश्य है किंतु मोर दें प्रत्येक इंसिडेंट जो यहां पर दी है उसमें इतना फिलोसॉफिकल डेप्थ है की हम जैसे-जैसे इसमें ऐसी इंसिडेंट को लेकर के हम एक सप्ताह बात कर सकते हैं एक छोटे से इंसिडेंट को लेकर के किंतु के बड़े में ये है की उन्हें एक सोनी की खान है जितना हम इसमें दीप करते जाएंगे जितना ही हम इसको खुदाई करते जाएंगे उससे और ज्यादा से ज्यादा सोना इसमें से निकलता है अच्छा आज यही तो कर फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति हरि ओम तत्सत श्री राम कृष्णा आपकी आवाज नहीं ए रही यह कंप्यूटर के साथ में प्रतिदिन कुछ एन कुछ होता है कभी यह बैंड हो जाता है कभी वह बैंड हो जाता है नया कैमरा ही लेना पड़ेगा हर दो-तीन दिन तो ऐसा कुछ एन कुछ गड़बड़ करता है अच्छा ड्राइवर अपडेट अच्छा अच्छा