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Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi Teachings ·

Sri Ramakrishna & Sri Ma Sarada devi : English & Hindi : 7 Jan 2023

Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda

श्री राम कृष्ण जी महाराज कीर्तन सिंगर गुड कम तू आदर्श आदर बेबस हाउस आई रिमेंबर वंस बीइंग हियरिंग ए सॉन्ग बेस्ड ऑन चांदी थ्रेड इंप्रेस्ड मी वेरी मच मिनी फेमस कीर्तन सिंगर उसे तू कम तू आदर्श फादर बाबू हाउस एंड वंस वेरी नाइस कीर्तन वेरी मच ओके वंस ही है अराइव्ड सैम पीपल क्रिटिसाइज हिम फॉर थिस बट डू यू नो व्हाट ठाकुर टोल्ड दे व्हाट डू यू पीपल नो दिस इस डी डिवाइन मदर प्लेस इट इसे डी अबाउट प्लीज प्लीज ऑल राइट अन लिटिल पीस तू सच अन वेरी नाइस फुल विथ स्ट्रेस एंड टेंशन सो व्हाट ही उसे तू डू यू वुड कम तू काली मंदिर दक्षिणेश्वर यह वुड फॉल अस्लीप सो व्हेन पीपल सईद कंप्लेंट तू ठाकुर जीरो इंसटिड ऑफ मेकिंग प्रणाम तू यू एंड लिसनिंग तू योर कीर्तन और लिसनिंग तू योर रिलिजियस ही फुल असली dajunt शो डेट ही हज इन यू सो ऑल सॉर्ट ऑफ थिंग्स वेयर गोइंग अराउंड सो व्हाट ठाकुर से डेट सी हैव तू अंडरस्टैंड डेट ही हेड में ऑप्शंस तू dulith थिंग्स आदर बाबू बीइंग डी डिप्टी मजिस्ट्रेट ही कूद कूद में सच वर्ल्डली थीम्स लाइक कई यू नो गो तू पार्टी और यू नो ही कूद बी अन पावर ब्रोकर नौ दिस वीसी ऑल रीच इन सक्सेसफुल पीपल देयर ऑलवेज ट्राईंग तू मैनिपुलेट अधर्स इन पॉलिटिकल सेट तू एडवांस देयर ऑन पॉलिटिकल एजेंडा सक्सेसफुल ही विल स्टार्ट प्लानिंग इस नेक्स्ट स्टेज नो वैन इस अन यू नो हैप्पी विथ बेयर दे आर दिस स्पेशली सक्सेसफुल पीपल दे ऑलवेज वांट तू गो वैन स्टेप हयात डट इसे वही यू विल जनरली सी डेट पीपल हु आर सक्सेसफुल दे हैव मच ग्रेटर अपॉन डेम देयर मच मोर अंडर सैम सॉर्ट ऑफ मेंटल प्रेशर वही बिकॉज देर हंगर फॉर एडवांसमेंट हंगर फॉर प्रमोशन हंगर फॉर एडवांस इन देयर ऑन पार्टिकुलर एजेंडा इट इस सो स्ट्रांग ऑफ थिंग्स सी विल सी ऑलवेज दिस टाइप ऑफ पीपल अराउंड सच थिंग्स बट इंसटिड ऑफ गेटिंग सेल्फ एंटेंगल इन अलसो पॉलिटिकल अबाउट टेकिंग डी नेक्स्ट स्टेप इन हिज प्रमोशन लैडर ही इस कंटेंट वेयर ही इस दिस कंटेंटमेंट दिस संतोष इस वेरी इंपॉर्टेंट क्वालिटी इन अवर्स स्पिरिचुअल लाइफ देयर आर वेरी हायर क्वालिटी फ्रेंड्स दिस आर वेरी हायर लेवल क्वालिटीज बट सी कैन डिवेलप ठोसे क्वालिटीज ओनली व्हेन सी कैन हेल्प कंटेंटमेंट इन अवर हार्ट सपोज आई एम नॉट कंटेंट विद माय वर्ली पोजीशन डेट व्हाट आई वुड तू आई वुड ऑलवेज ट्री तू बटोर मैसेल्फ इंसटिड ऑफ वोटिंग पोर्शन ऑफ माय टाइम पोर्शन ऑफ माय लाइफ तू फॉर साधना फॉर मेडिटेशन फॉर योग फॉर प्राणायाम फॉर ध्यान इट शुड ऑफ डूइंग ऑल ठोसे आउट ऑफ थिंग्स आई विल ऑलवेज बी वरिंग अबाउट एडवांस इन माय करियर सो दिस कंटेंटमेंट इस लोअर स्टेप एंड कंटेंटमेंट इस डी हायर सो आधार बाबू हेड रिच स्टेज डेट नौ ही इस कंटेंट नौ इट इस वांट हिज कैरियर तू बी एडवांस सो मच डेट ही वुड फॉरगेट ऑल रिलिजियस ऑब्लिगेशन इस फैमिली लाइफ एंड एवरीथिंग एंड ही वुड्स टाइम इन पावर यूज्ड तू कम तू दक्षिणेश्वर एंड फॉल अस्लीप सो ठाकुर एडवांसमेंट वैन स्टेप फरदार ही बोन इन हिज लाइफ दें वेयर यू वाज इन बी फोर स्वामी विवेकानंद से समथिंग वेरी नाइस ही से डेट अन पर्सन शुड बी shudant हेयर अन पर्सन गो फ्रॉम एरर तू ट्रुथ ही गोज फ्रॉम लोअर ट्रुथ तू फायर सी कैन नॉट गिव अन वेरी हाई गोल्ड तू अन पर्सन एंड व्हेन डीड पर्सन फेल्स इन डेट वेरी हायर ग्रेटर बॉल सी कैन नॉट तू ब्लेम हिम फॉर सेइंग था सी यू हेड सच अन ग्रेट बट यस्टरडे ऑफ बीइंग सक्सेसफुल इन डी यू फील्ड सो ऑलवेज गिव अन पर्सन अन कॉल विच इस हर फॉर हिम तू अन कंप्लीट इसे हर फॉर हिम तू अटैक समाधि इन दिस वेरी लाइव दें इट इस नॉट पॉसिबल बिकॉज माय संस्कार डी टाइम एंड डेडीकेशन ऑफ माय साधना इट इस नॉट इनफ तू गिव मी इन दिस वेरी लाइक सो आई हैव तू हैव अन कॉल विच इसे मेनेजेबल फॉर मी इफ आई कैन हर इफ माय नीड अन कैरक्टर इस पूरे इफ आई डू नॉट हैव मलाइज एंड एंगल टुवर्ड्स anevan इफ आई एम डूइंग माय ड्यूटी वेरी सिंसेरली यह ऑनेस्ट तू डी ऑर्गेनाइजेशन रामकृष्ण मिशन दें ऑल दिस वर्क ऑफ थिंग्स इफ आई कैन अन कंप्लीट इन माय दिस लाइफ दें इट विल बी अन ग्रेट अचीवमेंट फॉर में दैन इन डी नेक्स्ट लाइफ इविल थिंक अबाउट हायर रियर ऑफ साधना एंड दें इन डी नेक्स्ट लाइफ इविल थिंग अबाउट डी दर्शन ऑफ ईश्वर और सैम सॉर्ट ऑफ atmabhuti एंड दें लाइफ विल थिंक अबाउट समाधि एंड निर्विकल्प समाधि ऑलवेज हैव ओवर स्पिरिचुअल गर्ल्स विच इनेबल फॉर अस इफ आई एम हेविंग डी से थिंग हैपेंड विथ मी व्हेन आई कम हर फॉर डी फर्स्ट टाइम आई थॉट था यू सी स्पिरिचुअलिटी स्पिरिचुअल लाइफ मेडिटेशन योग दिस आर नॉट वेरी डिफिकल्ट थिंग्स यू फाइंड नंबर टुडे वेरी सिंसियर एलियन सस्टेनेबल दें आई विल आज इट इस रिटर्न इन डी लाइफ ऑफ बुद्ध डेट आफ्टर 12 इयर्स ऑफ साधना ही अटेंड निरवाना इन ठाकुर्स लाइफ अलसो सी हैव रीड डेट ठाकुर कम तू dakshinayaneshwar इन अन 1854 और 506 इदर ऑफ 2 इयर्स एंड दें इन आई थिंक 1862 63 ही हेड nirvikal पर समाधि सो इट इस बरेली 10 तू 12 इयर्स गिफ्ट ऑफ हाईएस्ट स्पिरिचुअल अचीवमेंट सो आई अलसो कैन डू डेट व्हाट इसे रोंग विथ मी बट आफ्टर कमिंग हर एंड डूइंग ऑल दिस सॉर्ट ऑफ थिंग्स फॉर कपल ऑफ इयर्स आय रिलाइज डेट डियर एंड डियर संस्कार देर बॉडी टाइप देर टाइम साइकोलॉजी इस कंपलीटली डिफरेंट देर मिटे आई एम सो फार सो tilenium स्मॉल पर्सन कंपेयर तू डेम डट आय एम नेवर गोइंग तू अचीव अन्य ऑफ दिस निरवाना और निर्विकार समाधि इन दिस लाइफ एंड परचेस्ड इन माय गोल आई विल ओनली डिवेलप साइकोलॉजी रेगुलेरिटीज सो आई स्टॉप गोइंग इन डेट पथ कांबिनेशन ऑफ फोर योग इफ सी कैन डू लिटिल साधना ऑफ ऑल दिस फोर योग एंड इफ सी कैन हैव वैन स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस अन पीस ऑफ माइंड अन कंटेंटमेंट कंपैशन टुवर्ड्स ऑल सिंसेरिटी एंड डेडीकेशन फॉर अवर वर्क एंड ऑनेस्टी इन एवरीथिंग डेट सी डू दें डेट विल बी अन ग्रेट अचीवमेंट इन अवर लाइफ डेट इस ऑल सी विल बी एबल तू अचीव बिकॉज दिस इस डी टाइप ऑफ संस्कार इन डी नेक्स्ट टाइप विल गो वैन स्टेप आय लाइक दिस ओवर क्लाइंब ओवर स्पिरिचुअल लेटर वनडे अथर बाबू अस्त्र ठाकुर व्हाट पावर तू यू हैव ठाकुर लास्ट एंड सईद डिड बाय डी ग्रेस ऑफ मदर आई लव तू sleepted बाय में ऑथर्स सो वैन दे अथर बाबू आज ठाकुर गेट व्हाट काइंड ऑफ मैजिकल मिरेकल पावर व्यू है सो आधार बाबू हिमसेल्फ तू कम तू दक्षिणेश्वर एंड फॉल अस्लीप दिस टाइम इन पॉलिटिक्स एंड एडवांसमेंट ऑफिस कैरियर एट ceteras सो ठाकुर डिप्टी मजिस्ट्रेट हु इसे एवरीवन रेस्पेक्ट इन डिप्टी मे सच ए पावर स्पेशली इन कोलोनियल इंडिया डेट इफ सी यू नो यू कैन टेक यू आवे समवनस लैंड देयर लाइवलीहुड एंड डेक इन थ्रो एवरीवन इन डी जेल एंड देयर वेयर नो पोर्ट्स नॉट देयर तू प्रोटेक्ट इंडियन सिटिजन स्पोर्ट्स विद हेयर तू फॉर डी डी प्रोस्पेरिटी ऑफ ब्रिटिश राज सो इफ डिप्टी मजिस्ट्रेट इसे एंग्री twowards समवन थी ही वांट्स तू हम सैम वैन दैन डेट पर्सन विल लॉस एवरीथिंग सो डेट इस माय दिस पीपल आर सो हाईली फेर सो ठाकुर सॉस डट तेल यू पर्सनल लाइक यू सच ए पावरफुल पर्सन ही कॉम तू डी दक्षिणेश्वर एंड फॉल्स दिस इस माय मिराक्युलस पावर डेट मिंस फॉर ठाकुर वांटेड तू से डेट पीस डेट इस ही है क्रीटेड बाय डी साधना डी पीस इन blistedness इन dakshinavar इस सो स्ट्रांग ओवर मैटेरियलिस्टिक माइंड आवे फ्रॉम डी वर्ल्ड एंड फोकस इट ऑन डी होली फीट ऑफ गो ओके नौ हिंदी

स्वामी सारदानन्द : माँ की मधुर स्मृतियाँ

मैन की मधुर स्मृतियां अभी अभी जो rementions है वह शारदानंद जी महाराज को पढ़ा आज शारदा अभी shardanandes यह भी एक बड़ा ही इसके पीछे हमको समझना है की शरद महाराज जो द उन्होंने सबसे ज्यादा मैन के पास में रह कर ये जो डायरेक्टली सैंपल द उनमें से मैन की सबसे ज्यादा सेवा मतलब लांगेस्ट पीरियड ऑफ टाइम किसने की थी तो शरद महाराज ने की थी तो शरद महाराज का जो मैन शारदा की दृष्टि थी देखने की मैन ने शहर शरद महाराज का जो अभीगम था उनका जो वो पॉइंट ऑफ व्यू था टुवर्ड्स मदर था इस समथिंग वेरी यूनिक हमको पता है की स्वामी विवेकानंद कहते हैं की जो ठाकुर से ज्यादा तो आध्यात्मिक शक्ति मैन शारदा की है ठाकुर स्वयं कहते हैं कल हमने पढ़ा की महापुरुष महाराज क्या कहते हैं ठाकुर उन्होंने सुना ठाकुर को यह बोलते हुए की जो मंदिर में मैन काली है और जो नौबत में जो है माशाल्लाह वह दोनों एक ही है और फिर वो भी कहते हैं की इसके शरीर में अर्थक ठाकुर के शरीर के भीतर में भी वही मैन काली विराजमान है तो यह जो इष्ट देवी श्री राम कृष्ण मैन शारदा तीनों ही एक एक का ही तीन डिफरेंट एस्पेक्ट है तीन डिफरेंट स्वरूप है तो यह किंतु यह जो यह महापुरुष महाराज से कल हमने सुना उससे पहले हमने स्वामी विवेकानंद मैन के बारे में क्या कहते हैं वो सुना किंतु शरद महाराज का यह जो पॉइंट ऑफ व्यू है उनका जो अंडरस्टैंडिंग है ब्रिटिश वेरी यूनिक शरद महाराज जो है वो इतने दिनों तक मैन के पास रहे द उन्होंने मैन किस तरह से jhijhaahan लगाकर के सेवा की थी की वो जो कहते हैं उन्होंने मैन को इतने करीब से देखा था अर्थात मैन की जो बेनन दिन जितनी भी कार्यकाल है क्रियाएं हैं मैन किस तरह से भक्तों को आशीर्वाद देती है मैन किस तरह से क्या पसंद करती है अपने लाइफ में किस तरह से रहना चाहती है अपने जो सन्यासी संतान है उसके प्रति मैन का कितना प्रेम है वो सब शरद महाराज ने सालों तक अपने अपने खुद के आंखों से देखा था तो उनका जो माने मैन के बारे में उनका जो वक्तव्य है उनके जो remnation से डेट इस वेरी वैल्युएबल तू अस अभी शरद महाराज क्या कहते हैं स्वामी शारदानंद जी महाराज वह कहते हैं की मैन को मैन काली का पहला दर्शन जय राम बाती से दक्षिणी ईश्वर आते समय तारकेश्वर के पास सड़क के किनारे स्थित एक धर्मशाला में हुआ था अभी देखिए ये इस इंसीडेंट के बारे में तो मुझे भी नहीं याद है की मैंने क्या पढ़ा है ना पढ़ा ही होगा किंतु याद नहीं है इस तरह से हम जब ये किताबें रिवाइज करते हैं तो हमको पता चलता है की कितनी ही अपना रामकृष्ण विवेक का नाम लिटरेचर इतना बड़ा महासागर है इतनी सारी उसमें इंसीडेंट इतने सारे घटनाएं हैं इतने सारे छोटे-मोटे चमत्कार है इसमें छोटे-मोटे नहीं कहना चाहिए हिंदी में इस शब्द का अर्थ अलग होता है मैं यह चाहता था की इतने सारे चमत्कार है की मतलब हम यदि इन सबको यदि एक बार पढ़ ले तो उसको उससे हमारा होगा नहीं कम हमको इसको बार-बार पढ़ना पड़ेगा बार-बार जो अरे चिंतन मनन स्मरण nidit यासन करना पड़ेगा तभी जो है हमारा जो जीवन है वो क्या होगा की वो समृद्ध होगा parivrittit होगा वो जो है हमारा जीवन आशीर्वाद मैं हो जाएगा ठाकुर महास्वामी जी के आशीर्वाद से भर जाएगा ये पार्टिकुलर किताब मैंने कभी पढ़ी नहीं है अब हिंदी में क्योंकि मैं ज्यादातर बंगाली किताबें ही पड़ता हूं और हिंदी या इंग्लिश की ताबे जो है वो बंगाली किताब में से ही कंपाइल करके लिखी जाती है अच्छा अभी शरद महाराज जाके क्या कहते हैं मैन जब दक्षिणी ईश्वर में निवास करती थी उन दिनों से रामकृष्ण बीच-बीच में उनके साथ विभिन्न विषयों पर सलाह किया करते द मैन सामान्यतः कहती अभी मैं कुछ नहीं का सकती बाद में जब विषय की स्पष्ट धरना हो जाएगी तब आपको बताऊंगा अभी देखिए यह भी एक मधुर दृश्य होगा ना आप आंख बंद करके कल्पना करके देख लीजिए की ठाकुर यहां पे जगतगुरु स्वयं उनके पास में कितने विद्वान लोग आते हैं जो की ठाकुर को जिस तरह की भी माने उनको एडवाइस चाहिए या गाइडेंस चाहिए ठाकुर को थोड़ा सा भी किसी को कुछ पूछना है की यह चीज कैसे की जाए या क्या किया जाए तो उनके जो मास्टर महाशय है नरेंद्र रामबाबू है केशव सेंट जैसा इतना विद्वान इतने लोग हैं उनको कुछ बताने के लिए यही ठाकुर किंतु देखिए की मैन के पास आते हैं और मैन को पूछते हैं की इसके बारे में क्या किया जाए फिर मैन की मैन भी बेचारी भी पीछे बाद के दिनों की बात अलग है मैन के बारे में हमने जो कुछ भी पढ़ा है सुना है वो सब उद्बोधन मारवाड़ी का निर्माण होने के बाद की बात है मैन का जो गुरु भाव है वो प्रगति होने की बात की बात है की जबकि मैन के भीतर में संसार के सभी विषयों का ज्ञान प्रगति हो चुका था ठाकुर के आशीर्वाद से और वो तो खुद मैन शारदा सरस्वती थी किंतु क्या होता है की महापुरुष के संतों के अवतार के जीवन में एक समय आता है की जब जैसे अग्नि जो है वो कोयले से रख सके ऐसा ढाका होता है फिर आप जैसे वो हवा चलती है और रख चली जाती है और अगली फिर से प्रज्वलित हो जाता है उसमें क्या होता है शुरू में कुछ समय ऐसा होता है की उनका जो अवतार है उनका जो sarvagyapan है जो सब कुछ जो उनका जो नॉलेज है संपूर्ण विश्व का वो कुछ समय के लिए बीच-बीच में रात से धक जाता है क्यों क्योंकि उनको ये मनुष्य लीला भी तो करनी है हम जो सब हम हम सामान्य मनुष्य हम लोग यदि इनको स्ट्रगल करते नहीं देखेंगे हम लोग यदि इनको बीच-बीच में ऊपर-ऊपर से दिखती फैलियर नहीं देखेंगे उनके जीवन में तो हमको क्या है की साधना करने का वो जो एक क्या बोलेंगे की एक इंस्पिरेशन है प्रेरणा है वो नहीं मिलेगी चलिए हम सोचेंगे की ठाकुर मैन और स्वामी जी को साधना करने की जरूरत ही नहीं उनकी जो आध्यात्मिक उपलब्धि है वो तो वैसे ही ए गई है क्योंकि वो अवतार है तो अभी इसका दो इंटरप्रिटेशन है इस तरह की चाहिए तो मैं उसे तरह का कम करूं उसे तरह के साधना करूं इंटरप्रिटेशन है जो की सही इंटरप्रिटेशन की नेगेटिव इंटरप्रिटेशन भी हो सकता है की वह अवतार है तो उनको मिला मैं चाहे कितना ही कुछ करुणा मुझे कुछ मिलने वाला नहीं क्योंकि मैं तो सामान्य इंसान हूं तो इस तरह का एक नेगेटिव इंटरप्रिटेशन भी कभी हमारे मैन में उत्पन्न हो सकता है तो इसीलिए इंसटिड ऑफ यह कहने के की हान यदि ठाकुर और मांग जो किए हैं तो मैं नहीं कर सकता क्योंकि वो ईश्वर है हमको ये कहना चाहिए की उन्होंने भी तो मनुष्य लीला की है उन्होंने भी जैसे कहते हैं की पंचदेव ब्रह्मपुत्र कर दे अर्थात मनुष्य जन्म जब धारण किया है तो उनको भी यह जो हमारी ही तरह जो जन्म मृत्यु का जो विश चक्र है यह जो संसार चक्र है उसमें से उनको भी पसार होना होगा तभी हम उनसे प्रेरणा ले पाएंगे तभी हम देख पाएंगे की ठाकुर को जब मैन काली का दर्शन नहीं हुआ वो सबसे पहली बार की बात है की वह और बिना गुरु ठाकुर के गुरु तो आना शुरू हुए बाद में जिनके पास से उन्होंने विधिवत मंत्र दीक्षा ग्रहण करके कोई विधिवत साधना की थी जैसे वैष्णव साधना या तंत्र साधना भैरवी ब्राह्मणी के पास से शक्ति साधना तंत्र साधना शक्ति या फिर वेदांत साधना जैसे की तोता पुरी के पास है तो ये सब तो बात की बात है पहले ठाकुर के मैन में इतनी व्याकुलता थी की अपनी व्याकुलता के बाल पे ही मैन काली का दर्शन पाना चाहते द किंतु दर्शन हो नहीं का रहा था वो कितने ही चाहे रोके सर patkate रहे मैन दर्शन दो दर्शन दो नहीं हो रहा था तो आखिर में वो मैन के हाथ का जो था वो छीन लिया और अपने गले पे रखकर के कहा की मैन अभी दर्शन नहीं दोगी तो मैं जो है आपके श्री चरणों में आपके पैरों में मैं शरीर त्याग कर दूंगा अपना प्राण त्याग कर दूंगा जब ठाकुर ने ऐसा कहा तो मैन काली उनकी सिंसेरिटी से उनकी श्रद्धा भक्ति से प्रसन्न हो करके दर्शन अभी यह इंसीडेंट जब हम पढ़ते हैं तो हमको भी लगता है की ठाकुर में इतनी सिंसेरिटी थी ठाकुर ने इतना सा मैंने उनको यह विश्वास था की मैन काली है हमको हम लोगों के जीवन में क्या होता है की अच्छा ठीक है भगवान है मंदिर है तो क्या है वो मतलब जैसे सोशल कन्वेंशन होता है ना की चलो मंदिर में जाकर के पूजा दे दें क्योंकि हमारे हमारे माता-पिता ने भी वही किया था हमारे दाद नाना नानी ने भी यही किया था हमारे परख भी यही करते हैं समाज में सभी लोग करते हैं तो मैं भी करता हूं क्या है इसमें बड़ी बात एक ईश्वर ही है इस तरह की दृढ़ धरना तो अपनी होती नहीं होती तो ये समस्त जगत संसार है उसे स्वर्ग हो जाता एवं आश्रम में भी अब देखिएगा की छत्तीस सबको ये ठीक-ठीक धरना हो जाए की मैन काली या तो मैन शारदा या तो श्री राम कृष्ण देव स्वयं इस मंदिर में विराजमान है तो यहां पे रहते हुए साधु ब्रह्मचारी भक्तों अपने वॉलिंटियर्स उन सबका जो उन सबका जो आचरण है वो संपूर्ण रूप से परिवर्तित हो जाएगा किंतु क्या है की हम लोग क्या है की हम लोग तो पथिक है आध्यात्मिक जगत है हम लोग सबसे पहले तो एक लॉजिकल मैन लेते हैं की हार्ट अकुर है हार्ट ठाकुर हमको एक दिन दर्शन देंगे हान हमारा वो जो जन्म मृत्यु का यह जो फेरा है ये जो भविष्य सागर है वो उससे बाहर निकल लेंगे ऐसा कुछ होगा मैं ऐसा मैन लेता हूं जब होगा तब ना सही सही होगा तब तो सही सही विश्वास होगा तो यह एक मैन लेना और एक सही सही में विश्वास होना यह दोनों में बहुत बड़ा फर्क है ठाकुर कहते द की यदि एक चोर है वो जानता है की जिस कमरे में रह रहा है उसके बगल वाले कमरे में सोना मुहूर्त छिपी हुई है तो क्या होगा यदि इस चोर को विश्वास नहीं है उसने सुना है की वहां पर सोना मोहर है तो जब तक उसने सिर्फ सुना है तब तक वो कुछ नहीं करेगा राज अच्छा है तो है देखो चाहे जाके थोड़ा प्रयत्न कर दो वो दूसरे कमरे में जाने का प्रयत्न करता है दरवाजा बंद है लोग बहुत स्ट्रांग है ताला जो है बहुत बड़ा आसानी से उसको तोड़ नहीं सकते तो चोर सोचता है अच्छा चलो ठीक है इतना मजबूत ताला है कौन उसको तोड़ने की मेहनत करेगा सही-सही में सोना मोर है की भी नहीं किसको पता वो ऐसा करके आराम से बैठ जाएगा किंतु दूसरा चोर है यदि उसको दृढ़ विश्वास है की हान दूसरे कमरे में सोना मुहूर्त सही-सही छिपी हुई है तो चाहे कितना ही मजबूत कितना ही स्ट्रांग लोग क्यों एन हो तलाक क्यों ना हो वो उसको तोड़ करके दूसरे कमरे में जाएगा सोनम और astagat कर लेगा तो यह जो यदि सही विश्वास होता है तो हमारा जीवन है हमारा आचरण है हमारा यह जो बिहेवियर है वो संपूर्ण रूप से बदल जाएगा किंतु यह हम ज्यादातर लोगों में नहीं मेरे में भी नहीं है तो मतलब क्या है की हम लोग तो सब मैन के यहां पे आए हैं की अच्छा है और होगा कभी किसी किसी ना किसी दे किंतु ये इसलिए हमको ये सब बातें याद रखनी है की यह जो दृढ़ विश्वास तो ये जो धन विश्वास हम कब सीखेंगे ठाकुर मैन काली नहीं होती तो ठाकुर ने अपने गले पे खड़क मार दिया होता उनका मृत्यु हो जाता शरीर त्याग हो जाता और बस यह रामकृष्ण bhavdhara वहीं पे समाप्त हो जाती ये आज पूरे विश्व में फैली हुई है वो होती इन्हें ठाकुर का विश्वास था की मैन है और वो मैन को प्राप्त करने के लिए बलिदान अपना खुद का देने को तैयार द बोल करके माने दर्शन दिया बोल करके ये रामकृष्ण bhavdhara जगत में प्रवाहित हुए तो ये दृढ़ विश्वास यदि हम ठाकुर को यह स्ट्रगल है ठाकुर की ये जो पहला दर्शन किए ये जो इतनी अद्भुत कहानी है वो पढ़ेंगे तब तो हमको ये विश्वास होगा ना की हान भाई ऐसा करने ऐसा कुछ कर रहे हैं हमको प्राण त्याग करने की जरूरत नहीं है किंतु हम सबके जीवन है grohat हो ना की सन्यासी हमको जो ब्यूटी दी जाती है हमारा ये जो रिस्पांसिबिलिटीज है वो यदि हम खूब-खूब silsilati से करें हमने सब ने शायद दीक्षा ली हुई है तो दीक्षा का जो जप मंत्र है उसका हम सिंसियर ली जप करें तो यह सब छोटे-छोटे सैक्रिफिस सुबह को जल्दी उठ करके हम मंदिर में जाए तो फिर स्नान वगैरा करके अपने ही घर में बैठे जब शुरू कर दे थोड़ा बहुत रामकृष्ण कथामृत का पाठ कर दिया अन्य किसी सत ग्रंथ धार्मिक तो हमारा जीवन किंतु यह सब करने के लिए हमको क्या अपने कंफर्ट का सैक्रिफिस करना होगा यदि सुबह को यह ठंडी का समय है उठने में कष्ट हो रहा है और यदि मैं ये सोचता हूं क्या रे आज का दिन छोड़ दो मैं कल फिर से उठ करके आज तक कम आज का आज का जो जॉब है मैं कल करूंगा यदि मैं रोज 108 या 1008 जप करता हूं आज नहीं हुआ तो कल 2008 जप कर लूंगा ऐसा यदि अपना एटीट्यूड है तो उसका यह अर्थ हुआ की ठाकुर है इस सही से ही विश्वास नहीं है हमने सिर्फ मैन लिया है मैंने बांग्लादेश होगा तो हम यह जो है अपने कंफर्ट को सेपरेट सैक्रिफिस करके साधना साधन भजन अवश्य करेंगे तो यह शर्त महाराज कहते हैं की ठाकुर कभी-कभी मैन के पास जाते द और पूछते द की मैं यह जो चीज है मैं इसके बारे में क्या करूं तो मैन बेचारी थोड़ी सी ये हो जाती थी यार मुझे तो कुछ पता नहीं है जैसे ही हमने डिस्कस किया मानव भाव मैन है सर्वज्ञ वो है मैन सरस्वती स्वयं महाकाली स्वयं को तो सब पता है किंतु फिर भी कुछ समय के लिए जैसे ये जो अंगारे होते हैं उसे पे रख पद जाती है तो कैसे अंगारे ढंग जाते हैं अग्नि थक जाता है वैसे ही ये एक sumathoor मनुष्य लीला जो करके पूरे जगत को एक शिक्षण देना है पूरे जगत को एक एक भरोसा दिलाना है की हमारी तरह आप भी साधना करेंगे तो आपका भी मंगल होगा तो यह सीखने के लिए मैन का जो ज्ञान है वह बीच-बीच में मैन इस तरह से मतलब बिहेव करती है इस तरह से भान करती है की जैसे मैन को कुछ नहीं पता है तो मैं थोड़ी दर करके बोलती है अरे मुझे क्या पता मैं क्या बताऊंगी इसको आपको अच्छा मैं थोड़ा इसके बारे में सोचती हूं फिर मैं आपको बताऊंगी तो इस पर ठाकुर कहते नहीं मुझे अभी बताओ ऐसा कौन है जिसके साथ परामर्श करने के बाद तुम मुझे बाद में बताओगी मैन कहेगी मैं थोड़ा बाद में सोच कर बताती हूं वो भी तो थोड़ा सोचेगी ठाकुर जी की खुद उनको पूछ रहे हैं तो क्या इतना कितना इंपॉर्टेंट होगा तो ठाकुर बोलते नहीं नहीं अभी बोलो तुम किसके साथ में बात करके परामर्श करके ये मुझे बताने वाले हो की ठाकुर को भी पता है मैन को भी पता है की मैन मैन काली को पूछेगी किंतु यह देखिए यह सब मनुष्य लीला है हम सबकी हम सबको इस तरह से प्रेरित करने के लिए की ईश्वर संयम ईश्वर स्वयं मनुष्य रूप धारण करके हमारे साथ में रह सकते हैं और हमको आशीर्वाद दे सकते हैं और यह जो है यह कोई माने हम मूवी में कभी-कभी देखते हैं ऐसा वो मेरे कलर्स मेरे कलर्स दिखते हैं या तो फिर हजारों साल पहले भगवान कृष्ण आए द यह भगवान बुध आए द या भगवान राम आए द तो उन्होंने यह सब चमत्कार वगैरा की है तो उसे समय के होंगे उससे आज हमारे जीवन के साथ में क्या लेना देना है किंतु देखिए ये सब घटनाएं अभी तो कल ही हुई है कल अर्थात यदि इतिहास के paripreksha में देखा जाए तो भारत का तो हजारों लाखों साल पुराना इतिहास है तो ऐतिहासिक paripreksha में ये 150-200 साल का व्यवधान तो एक पाल मात्रा का है तो ये सब घटना है तो कल ही हुई है कल ही ठाकुर ने दक्षिणेश्वर में मैन को पूछा था की अरे अच्छा बताओ मैं इसके बारे में क्या करूं और कल ही तो माने कहा था ठीक से ठहर जाइए मैं और किसी को थोड़ा सोच कर बताती हूं तो भी मैन दृढ़ता पूर्वक कहती बाद में जब मुझे इसकी स्पष्ट धरना हो जाएगी तब मैं बताऊंगी इसके बाद वह नौबत खाने में जाकर मैन काली से करूं स्वर में पुष्टि मैन बताओ मैं क्या करूं इसके फलस्वरूप उनके मैन में उसे विषय की धरना स्पष्ट हो उठाती और तब वे उसे ठाकुर को सूचित कर देती है अभी वो खुद उनके भीतर में मैन काली का अंश है मैन काली स्वयं मैन शारदा का रूप स्वरूप धारण करके पृथ्वी पे आई है थोड़ा बहुत आंख बंद करके उन्होंने आत्म चिंतन कर लिया होता तो उनके मैन में ये धरना स्पष्ट हो जाती की इस पार्टिकुलर विषय के बारे में इस पार्टिकुलर प्रश्नों का क्या उत्तर हो सकता है किंतु यह नहीं हम सबको यह शिक्षण देने के लिए मैन शारदा इस तरह से वह बिहेव करती है जैसे वह छोटे नव वधू हो अभी अभी ठाकुर के पास आई हो और जैसे वो कितना ही मतलब वो करूं हो करके कितना ही मतलब वह विपत्ति में जाकर के मैन काली को प्रार्थना करेगी पूछेगी मैन में इसका क्या करूं और मैन काली उनको दर्शन देगी ये सब किस तरह की एक लीला है अच्छा आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे