Skip to transcript
ClassesSaradakosh

Swami Vivekananda's Teachings ·

Swami Vivekananda English & Hindi 20 April 2023

Swami Vivekananda

इन निर्माण यू आर व्हेन यू आर नोट बुद्ध सैड यू आर बेस्ट यू आर रियल व्हेन यू आर नोट व्हेन डी लिटिल सेल्फ इसे गान यदि इसको हिंदी में ट्रांसलेट करेंगे तो कहेंगे की आप निर्माण में है जब आप नहीं है और फिर बुद्ध कहते हैं आप बेस्ट है आप सही है जब आप नहीं है व्हेन डी लिटिल सेल्फ इस गान देखिए ये दिस इस लाइक एन कू प्रश्न दिस इसे लाइक एन वेरी टिपिकल से पजल डेट यू आर स्पिरिचुअल यू आर इन निर्वाण व्हेन यू आर नोट और हर व्हेन यू रीड आईटी पर डी फर्स्ट टाइम जब पहले बार ऐसा पढ़ेंगे की आप मैं निर्वाण में हूं जब मैं नहीं हूं तो व्हेन वे रीड दिस पर डी फर्स्ट टाइम दिस साउंड वेरी पर्सनली साउंड वेरी कॉम्प्लिकेटेड बट पर अन्य स्टूडेंट ऑफ वेदांत डी मीनिंग ऑफ दिस सेंटेंस इस परफेक्टली क्रिस्टल क्रिस्टल क्लियर वही दिस इस सो बिकॉज़ हर वे नो डेट देवर आर तू इ देवर आर तू सेल्स देवर इस मी लवर्स सिर्फ और देवर इस मी हायर एसईसी व्हाट इसे मी लोअर सेल्फ मी लवर्स सेल्फ डेट यस आई एम दिस बॉडी आई एम दिस मन आई एम दिस संस्काराज आई एम दिस मेमोरी आई हैव दिस में दिस मैच मनी इन मी बैंक अकाउंट आई हैव दिस जब और आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी लाइनर से सम टाइम्स पीपल से डेट आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी कास्ट आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी फैमिली आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी नेशन आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी लैंग्वेज आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी रिलिजन सो जो डीज आईडेंटीफायर्स थे आईडेंटिफाईज व्हाट इस मी लैंग्वेज व्हाट इस मी कलर वुड किड ऑफ फूड आई लाइक व्हाट किड ऑफ मेमोरीज आई हैव व्हाट इस मी फैमिली व्हाट इस मी नेशन व्हाट इसे मी रिलिजन एवरीथिंग व्हेन आई आईडेंटिफाई माइसेल्फ विथ जो दिस आईडेंटीफायर्स आईटी इस मी लोअर और व्हाट इस मी हायर आइस हिट इमली नो डिसेंसेस नो दिस रिलिजन नो दिस नेशन मोर दिस फैमिली नॉर्थईस्ट बैंक अकाउंट नोट दिस जब आई मेथी नेत्री नेत्री आईटी इसे डी ग्रैंड डिक्लेरेशन ऑफ अवर उपनिषद व्हाट दस उपनिषद से व्हाट डू उपनिषद से डेट आई एम नथिंग ऑफ विच आई आईडेंटिफाई माइसेल्फ विथ पर एग्जांपल आई कैन से डेट यस आई हैव स्टडीज इन गुरुकुल और आई हैव नो मास्टर इन फोर वे दास और डेट आई एम हो डू आई इंट्रोड्यूस माइसेल्फ तू ऑथर्स आई बिल ऑलवेज से सी दिस इस एन फनी थिंक व्हेनेवर वे इंट्रोड्यूस ोरसेल्फ तू समवन एल्स वे बिल ओनली से पॉजिटिव थिंग्स अबाउट स वे बिल नेवर से एनीथिंग नेगेटिव पर एग्जांपल वे बिल नेवर से आई बिल से डेट यस आई एम एन इंजीनियर ओके आई बिल व्हेन आई को तू इंट्रोड्यूस मी सेट तू सम वन बट आई बिल नेवर से डेट आईटी तू पास दिस इंजीनियरिंग डिग्री आई बिल नेवर से डेट वही बिकॉज़ तू से डेट आईटी तू मी थ्री आइटम्स तू पास दिस एग्जामिनेशन आईटी रिफ्लेक्स बडली अपन मी बट आईएफ आई से डेट यस आई एम स्टार स्टार्टड अकाउंटेंट वेरी गुड और पीपल आर वेरी इंप्रेस सो आई बिल नोट सर डेट हो में अटेंप्ट आईटी टुक मी तू पेस्ट इस कॉम्पिटेटिव एग्जाम आई बिल ऑलवेज से डेट यस आई हैव पास्ड दिस कॉम्पिटेटिव एग्जाम सो इन दिस वे वे ऑलवेज ट्रेड तू पट ओवरसेल्वेस इन एन पॉजिटिव लाइट डेट दिस आर मी आइडेंट दिस आर मी क्वालिफिकेशन दिस आर मी अटेनमेंट दिस आर मी सक्सेस स्टोरी दिस आर मी सक्सेस इसे आई बिलॉन्ग तू एन वेरी गुड फैमिली एन वेरी गुड से डेट कम्युनिटी आई बिलॉन्ग तू एन वेरी गुड रिलिजन वेरी गुड नेशन लैंग्वेज इट्स आते राम आई बिल ऑलवेज टेक प्राइड अपन वोट आई एम व्हाट आर मी अचीवमेंट्स मोटर मैं आईडेंटिफिकेशन बट टेकिंग प्राइड इन मी अचीवमेंट्स टेकिंग प्राइड इन मी रिलिजन टेकिंग प्राइड इन मी नेशन टेकिंग प्राइड इन मी लैंग्वेज आई मिस यू गुजराती और गुजराती और ग्रेट पीपल बिकॉज़ गुजरात इस प्रोड्यूस्ड सरदार वल्लभभाई पटेल गुजरात एस प्रोड्यूस महात्मा गांधी गुजराती एस अलसो प्रोड्यूस्ड ओवर करंट प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी सो आई बिल से डेट हर्ष गुजराती आर ग्रेट पीपल समवन हूं इस से डेट पर एग्जांपल ही बिल से समवन हूं इस फ्रॉम से उत्तर प्रदेश ही बिल से डेट्स उत्तर प्रदेश आईआईएम उत्तर प्रदेश आई एम फ्रॉम अप और आई एम वेरी प्राउड ऑफ मी हेरिटेज बिकॉज़ यू पी हे प्रोड्यूस सो में मोस्ट ऑफ डी प्राइम मिनिस्टर्स ऑफ इंडिया दे हैव कम फ्रॉम अप और नोट ओनली डेट यू हज अलसो जिवन सो में पेट्स और से लिटर लिटरेरी पीपल राइटर सो पीपल बिल ऑलवेज टेक प्राइड इन वोट दे आर बट दिस टेकिंग प्राइड और सेइंग डेट वुड आई एम व्हाट इसे मी आईडेंटिफिकेशन व्हाट आर डी थिंग्स व्हाट आर मी सक्सेस स्टोरी मी से डेट अचीवमेंट्स दिस इस जो से आईटी क्रिएट्स मोलर आई बिकॉज़ दिस आईडेंटिफिकेशन दिस सक्सेस स्टोरी दिस बिना मी तू एन वेरी स्मॉल रियलिटी दिस इस एन ह्यूज अर्थ और आउट ऑफ दिस एंटायर अर्थ अवर नेशन इंडिया टैक्स वेंटाइनी पार्ट और आउट ऑफ दिस टाइनी इंडिया वे टेक ओवर गुजरात और से अप और बंगाल जिला एवं टाइम नियर पार्ट वही वुड आई टाइम आई सिर्फ तू समथिंग सो टाइम ही देवर आर दिस एंटायर कास्मोसिस दर आउटसाइड इन विच अर्थ आईटी सेल्फ इट्स जस्ट पार्टिकल जी एंटीरे कास्मोसिस देवर वही वुड आई सेड आई बिल से डेट आई एम प्राउड इंडियन और प्राउड गुजराती आई एम एन प्राउड हिंदुस्तानी कप ऑन सेइंग डेट आई एम प्राउड ऑफ दिस में अचीवमेंट्स पर अटेनमेंट्स और आईडेंटिफिकेशन दें आई ऍम टिंग माइसेल्फ तू एन वेरी स्मॉल डिग्री ऑफ रियलिटी बट आईएफ आई से डेट आई एम दी सातवां आई हैव नो बर्थ नो डेथ आई हैव नो अन्यती नो फ्रेंडशिप आई एम बियोंड सक्सेस और फेलियर आई ऍम बियोंड स्पेस इन टाइम एन जो डी नॉलेज जो डी हैप्पीनेस जो डी से इट्स सक्सेस इसे इनसाइड मी और आईएम दिस जो पावरफुल सर्वर व्यापी जो पर वेडिंग आत्मन वन आई से दिस दें दिस विकास मी हायर आई सो हर व्हेन विवेकानंद डी से स्टेट इन निर्वाणी यू आर व्हेन यू आर नोट सचिन वेरी डिफिकल्ट सेंटेंस इट्स स्वामी जी इस फोन इन हिंदी आईटी बिल बी सेड डेट आप निर्वाण में है जब आप नहीं है अपनी निर्वाण एक्शन जखन अपनी नई तो सी व्हाट स्वामी जी ट्रिंग तू से देवर आर तू लोअर आई गोस आवे डी हायर आई गोस इन डी निरवाना व्हेन लोअर आई वे से डेट यस दिस जो दिस सक्सेस स्टोरी और जो दी संस्कराज और पेस्ट संस्करण और एवरीथिंग डेट आई हैव गिडहार्ट अराउंड माइसेल्फ मी मेमोरीज मां बुद्धि चित्ता और अहंकार एवरीथिंग दत आई हाव गैदर अराउंड माइसेल्फ संस्कार आगे आईटी इस कॉल्ड इन एन रिवर पुनर्जन्म वे नो डेट आई हैव संस्करण नोट ओनली फ्रॉम दिस आई हैव संस्कार आज अलसो आई एम केयरिंग डेम फॉरवर्ड अलसो फ्रॉम मी प्रीवियस बर्थ सो फ्रॉम मी प्रीवियस बर्थ आई हैव गठेरम जो डी संस्कार इन दिस बर्थ अलसो आई हैव अन्य क डेट आई डू वेदर दिस क इस पॉजिटिव और नेगेटिव आई बिल हैव दिस कर्मफल एवरी कर्म हज इट्स ऑन कर्मफल सो आई हैव जो डी संस्कार आई हैव जो दिस इन दिस बर्थ अलसो और इन डी प्रीवियस बर्थ अलसो सो जो दिस संस्काराज और कर्म ऑफ गदर टुगेदर आईटी क्रिएट्स माउंटेन ऑफ बर्डन अपन मी हेड और उंटेन और अनलेस आई बन आवे आई पट एन फ्लेम तू दिस माउंटेन ऑफ बरदर दिस बर्डन ऑफ संस्कार स आई बिल ऑलवेज रीमें ड्रेड डॉ बाय इट्स फोर्स बाई इट्स ग्रेविटी आई नीड तू वर्कआउट दिस करमास आई नीड तू वर्कआउट डिस्टेंस ओनली और ओनली दें आई बिल बी इस्टैबलिश्ड इन मी इरिस मी शूज संस्कृत शब्द आईटी इस सो संस्कृत डेट इस एन कल्चरड आई इन दिस कल्चरड आई एम नोट प्राउड ऑफ माइसेल्फ बट आई सी डी सक्सेस ऑफ एवरिवन अराउंड मी यू में से डेट व्हाट किड ऑफ परसों इस उसे एस्टेब्लिश इन है फायर आई सो दिस परसों गुड इन एवरी वन ही सी सक्सेसिव ऑफ एवरीवन देवर आर तू टाइप्स ऑफ पीपल दो तरह के लोग

स्वामी विवेकानन्द

हैं एक तरह के लोग हैं जो की सिर्फ अपनी सक्सेस दिखते हैं वो कहते रहते हैं की हां मैंने ये चक की मैंने ये किया मैंने वो किया किंतु एक दूसरे तरह के लोग होते हैं मैंने ऐसे कई कई साधुओं को देखा है वो वो आप जब भी उनके साथ में बात करेंगे ना तो ऐसा कभी नहीं कहेंगे की मैं क्या कर रहा हूं या तो मेरी क्या सक्सेसिव है मेरी क्या अचीवमेंट्स है वो हमेशा दूसरों के प्रति लक्ष्य करके बोलेंगे अच्छा उन साधु को पहचानते हो उन्होंने इस महाराज की सेवा की है उन्होंने बहुत जजद्यान किया अच्छा उनको पहचानते हो उन देवोते को बहुत जी जान लगाकर के तन मां धन से वह साधुओं की सेवा करते हैं और जब भी आश्रम का कोई भी कम पड़ता है वह आकर के उसमें हेल्प करते हैं फिर कहेंगे किसी और साधु के बड़े में देखो वह कितना विद्वान है कितना अच्छे से स्टडी करता है दूसरों की वो महत्व देखते हैं दूसरों की वो सक्सेस देखते हैं यह दूसरों की महत्व देखना दूसरों का महत्व देखना दुश्मन की महत्व देखना ये कितना रेयर है पता है मतलब बड़े से बड़े सातों को मैंने देखा है मुझे ऐसा नहीं बोलना चाहिए किंतु फिर भी आप लोग तो है मैं इसलिए आपस में ये बात कर सकता हूं मैंने कई लोगों को देखा है साधु और भक्ति दोनों ही की हमेशा उनके मां में उनके मुंह पे एक ही बात आई रहती है की मैंने ये किया मैंने वो किया मैं वहां पे गया था मैं वहां पे जाके ऐसा बोला मैंने मेरी ये सक्सेस है सब समय आप देखेंगे की मैंने मैं मैं और दूसरे साधु है बहुत ही रेयरली देखने को मिलते हैं किंतु है वो कहेंगे की दूसरों लोग क्या कर रहे हैं तुम्हारी क्या सक्सेस है दूसरों की क्या सक्सेस है वो देखते हैं उसको अप्रिशिएट है तो यह दूसरों की सक्सेस को अप्रिशिएट करना अपने को भूल जाना यह साधना की कितनी बड़ी सिद्धि है कितने जन्म जन्म अंतर की साधना करेंगे तब आपको यह सिद्धि प्राप्त होगी ये जो नए-नए हम आध्यात्मिक राज्य में जब हम पर रखते हैं हमारा जब पहले जन्म होता है और मतलब आज एन स्पिरिचुअल परसों या तो फिर हम मनुष्य जन्म नया नया मिलता है तब हमारा एगो बड़ा ही क्रूड राहत है कोई भी हमको कुछ बोल दे तो हमको इतना गुस्सा ए जाता है मेरे सलमान को इतनी हनी हो जाति है मैं इतना नाराज हो जाता हूं अरे मैं इतना बड़ा आदमी मुझे उसने इस तरह से मेरा इंसल्ट कर दिया उसने मुझे इस तरह से इग्नोर किया उसने इस तरह से मेरी अवधारणा की इसने इस तरह से मेरी अमान्य की यह सब फटकार के अपने एगो पे ग जाता है जो की जिसका जो मन जो है जिसका जो चित्र है जो क्रूड होता है वह जो मतलब संस्कृत होता है और जो स्क्रूट होता है एक तो है असंस्कृत दूसरा है जिसका मां मां बुद्धि चित्ता और अहंकार जिसका होता है वो देखेंगे की कहां पे भी जाएंगे तो सबसे पहले वो बोलेंगे की मैं आपको किस तरह से हेल्पफुल हो सकता हूं मुझे यह बताइए की मैं आपको कैसे कहां पे आपको हेल्प चाहिए दूसरे लोग हैं किसी के घर पे मेहमान हो करके जाएंगे तो पहले वही सोचेंगे की मुझे किस तरह का कैमरा दिया मुझे किस तरह से खाना पीना देते हैं मेरी किस तरह से वे लोग केयर करते हैं की नहीं करते हैं मेरे सुख सुविधा जो मेरी है उसकी चिंता करते की नहीं करते एक तरह के मेहमान हो गए दूसरी तरह के मेहमान होंगे की जैसे ही घर पे आते हैं तो बोलेंगे अच्छा आपको कहां पे मदद की जरूर है आओ मैं मदद करता हूं आपको चाय बनाना है खाना बना देना है यह कम करना है कोई भी कम करना है बर्तन धोने हैं चलो मैं हेल्प करता हूं यह जो हेल्पिंग नेचर जिसका होता है दूसरों की जो दूसरों की मदद देखते हैं जो 10-15 लोग बैठे होंगे तो एक तरह के लोग होंगे वही बोलते रहेंगे मैंने बिजनेस में यह किया मैंने जब में यह किया मुझे ऐसा प्रमोशन मिला और आजकल कुछ जैसा चला है अपने लड़के की सब लोग बड़ा ही करते हैं मेरा बच्चा यह कर रहा है मेरा बच्चा वो कर रहा है मेरा लड़का ये है मेरा लड़की मेरी लड़की ये है अब सुनकर के आप तक जाएंगे इन लोगों की बात है किंतु ये दूसरे लोगों के की हां उसे दूसरे का लड़का क्या कर रहा है दूसरे की लड़की की क्या मतलब सक्सेस है तो ये दूसरों का देखना दूसरों की महत्व देखना दूसरों की आ दूसरों का इंर्पोटेंस देखना दूसरों की सक्सेस देखना यह इतना बड़ा गन है की रेयरली हमको किसी में दिखाई देगा यदि हम लोग 100 लोगों को मिलेंगे तो 100 में से शायद एक होगा जिसमें की आपको ये गन दिखाई देगा अदर वाइस 99% जो लोग हैं वो सिर्फ अपना देखते हैं उनका जो मां जो है इतना स्वार्थ वृत्ति से भर गया होता है की इनको अपने खुद के अलावा बाहर में कुछ दिखता ही नहीं है और हां मुझे चाहे वो बड़ी बड़ी बातें करेंगे देखिए मैं आपका खुद का उदाहरण देता हूं मैं मुझे पता है की थ्योरी क्या है मुझे पता है की दूसरों के गन देखने चाहिए दूसरे के गन को अप्रिशिएट करना चाहिए किंतु क्या है पता है मैं बड़ा ही रेयरली ऐसा करता हूं हां मैं अपनी बढ़ाई नहीं करता ये तो है की चलो एक स्टेप तो मैं आगे गया हूं किंतु दूसरों के गन देखकर के उसको अप्रिशिएट करना ये मेरे से नहीं होता क्यों क्योंकि मेरा इंट्रोवर्ट नेचर है बहुत इजीली में सोशल कंडीशन सोशल सेटिंग में बहुत इजीली बात नहीं कर सकता या तो फिर मैं बहुत ज्यादा हेल्पफुल भी नहीं हूं क्योंकि अगेन इंट्रोवर्ट मुझे थियोरेटिकल पता है की चलो अभी आज मेहमान आए हैं आज गेस्ट साधु आए हैं तो अभी भंडारी महाराज जो है वो अकेले पद गए हैं उनके पास में अभी सभी लोग इतने ज्यादा लोग जब बैठने हैं तो सर्विंग करने के लिए कोई चाहिए तो चलो फैट करके जा करके हम हेल्प करते हैं तो मेरे से नहीं होता क्योंकि मेरा है की एक बहुत ही ज्यादा इंट्रोवर्ट नेचर बहुत इजीली में सोशल सिचुएशन में जो है पार्टिसिपेट नहीं कर सकता तो यह एक नेचुरल एक ग्रेविटी मतलब ये बर्डन हो गया मेरे ऊपर में किंतु एटलिस्ट यह है की मैं अपनी बढ़ाई कभी नहीं करता एट लिस्ट ये है की जब वो दूसरे 10 साधु गेस्ट के रूप में आए हैं और भंडारी महाराज मुझे यदि कुछ देना भूल गए तो मैं उसके ऊपर नाराज नहीं हो जाता एटलिस्ट मुझे थियोरेटिकल तो पता है की भाई हमको किस तरह से जीना है किस तरह से रहना है भले ही चाहे हम वो जो आदर्श है उसे आदर्श को जीवन में हम अप्लाई ना कर पे उसे आदर्श का पालनपुर एन कर पाया वह जो हायर आइडियल है उसे तक शायद हम ना पहुंच पे तो चलो यह यहां तक तो मुझे पता है की मेरी जो इमिटेशन है उसमें मेरे से जितना हो सके उतना मुझे करना है किंतु यदि हो सकता है यह जो अपने नेचर की जो लिमिटेड है उसके पैर जाकर के हमको यह जो महत्वपूर्ण जो अपना स्वरूप है अपना जो सही स्वरूप है अपना जो निर्वाण स्वरूप है उसको मेनिफेस्ट करने का उसको प्रगति करने का उसमें स्थित होने का प्रयास करना चाहिए हृदय हमेशा सागर की तरह विशाल होना चाहिए कहां किसी को हेल्प की जरूर है चलो जाकर के हेल्प करते हैं कहां किसी का कुछ एक गन देखा तो चलो फैट करके उसकी प्रशंसा कभी अरे भाई एक बहुत अच्छा कम कर रहा है ये बहुत अच्छा साधु है ये बहुत अच्छा देवोटी है कोई भी पर्टिकुलर सिचुएशन लेकर के आप फैट करके उसकी दो शब्द उसके बड़े में अच्छे बोल सकते हैं उससे जो सुनता है जो जिसकी आप जिसके गुना की आप प्रशंसा कर इसको सारा ना कर रहे प्रशंसा करना नहीं कहूंगा मैं सराहन करना कहूंगा अप्रिशिएसन करना कहूंगा रडार दिन प्रिंस लेटेस्ट अप्रिशिएट क्या हो गया पता है प्रशंसा करना कभी कभी ऐसा लगता है की जैसे ऐसे लोगों की प्रशंसा करके हम अपना कोई स्वार्थ जो है वो सिद्ध करना चाहता है कोई स्वार्थ है हम जो है उससे पन चाहते हैं तो जैसे मुझे प्रमोशन मिल जाए मेजर मुझे सैलरी ज्यादा मिल जाए मेरा सोशल प्रेस्टीज बढ़ यदि कोई बड़े लोगों के साथ में मैं अपने को अटैक कर लेट हूं तो ये राहत है तो वो क्या हो गया की स्वार्थ को लेकर के दूसरों की प्रशंसा करते हैं किंतु जब हम संपूर्ण रूप से निस्वार्थ हो जाते हैं और संपूर्ण रूप से निस्वार्थ होकर के हम जब किसी के गुना का अप्रिशिएसन करते हैं सराहन करते हैं तब हम अपने निर्वाण स्वरूप को मेनिफेस्ट कर रहे हैं देखिए हमारे पीसी में एक आचार्य महाराष्ट्र तो वो निर्वाणनंद जी के सेवक थे तो हम लोग बीच-बीच में उनको कहते थे महाराजा जब निर्वाणनंद जी की बात कीजिएगा तो बात किया था की वह थे संस्कृत के आचार्य और संस्कृति का तो क्लास पता है कितना डिफिकल्ट होता है वैसे ही तो हम लोग बचपन से मैं सिखाऊ वैसे संस्कृत बचपन में किंतु हायर संस्कृत तो हमको आता नहीं है मुझे इतना इंटरेस्ट भी नहीं था तो सब लोग ऐसा बीच-बीच में बोलते थे महाराज जब यह संस्कृत छोड़ी है और निर्माणानंद जी के बड़े में पुराने दोनों की बातें याद हमको बताइए तो महाराज भी इससे बड़े जोली में जज कहते हैं उनको पता था संस्कृत का क्लास अब बहुत ज्यादा 10-15 मिनट से ज्यादा लेंगे तो लड़के लोग जो है बेचारे बर हो जाएंगे तो वो फिर वो थोड़ा किताब रख करके और फिर अपने पुराने दिन वो बेलूर मठ के वो वो याद करते थे तो वो महाराज बीच-बीच में कहते हैं यदि आप यह कहते हैं ना की स्मृति कथा कहो किसी साधु की किसी पुराने साधु की या तो बेलूर मठ के पुराने दोनों के बड़े में कहो तो ये स्मृति कथा नहीं होती ये आत्मकथा हो जाति है बहुत बार देखिए यदि कोई पुराने सदों की बात करेगा तो सबसे पहले तो मैं अपने से चालू करेगा मैं ग्रेजुएशन कर रहा था फिर मैंने यह एग्जामिनेशन दिया फिर मैं बेलूर मठ में आया फिर मुझे वो बहुत प्रेम से उन्होंने ऐसा आकर उन्हें इनवाइट किया फिर मैंने ये ये कम किया यहां पे आकर के फिर मैंने वो जाकर के उसे महाराज को ऐसा बोला तो फिर उसे महाराज ने आकर के मुझे ऐसा कहा वो मतलब जी महाराज के बड़े में उसे मूर्ति कथा चल रही है वह साइड पे हो जाते हैं और मैंने यह कम किया मैंने वो कम किया उसके अप्रिशिएसन में उन्होंने ऐसा ऐसा कहा वो मैंने आत्मकथा ही चालू हो जाति है मैंने बहुत जब यह महाराज ने ऐसा हमारे आचार्य महाराज ने ऐसा कहा की बहुत साड़ी स्मृति कथाएं आत्मकथा के अलावा और कुछ नहीं है तो इस दृष्टि से मैंने अपने जो स्मृति कथा है फिर से पढ़ना शुरू किया सही सही में मैंने देखा की कोई कोई साधु है नाम नहीं देना चाहता किंतु ऐसे कोई मृत्यु है की वो पहले अपने से ही शुरुआत करते हैं और ज्यादातर मसाला तो अपना ही डाला होता है फिर उन्होंने जो कुछ किया उसके अगेंस्ट में उन्होंने क्या प्रशंसा प्राप्त की वो हो गई उनके स्मृति का था तो ये जो है की बार-बार अपने को बीच में ले आना बार-बार अपनी सीढ़ियां के बड़े में कहना बार-बार अपनी सक्सेस स्टोरी कहना और दूसरों के गन के प्रति संपूर्ण रूप से अधव हो जाना दूसरे लोग क्या करते हैं उसका कोई अर्थ ही नहीं है मेरे लिए उसका जो उसकी जो सक्सेस स्टोरी है वो सामान्य है वो उसका कोई मैं अप्रिशिएसन भी नहीं है ना ही उसका कोई वैल्यू है ना ही कोई उसका रेलेवन से इस तरह से जो लोग बिहेव करते हैं समझिएगा की उनका जो एगो है बहुत ही क्रूड है उनका जो हम है बहुत ही अभी तो उनको बहुत लंबा जर्नी पर करना है भले ही मेरे में विद्वत्ता को भले ही चाहे मैं बहुत अच्छे से पूजा कर सकता हूं भले ही मैं बहुत अच्छे दुर्गा पूजा कर सकता हूं भले ही मैं बहुत अच्छे से प्रवचन दे सकता हूं भले ही में बहुत अच्छे से आर्टिकल लिख सकता हूं किंतु मेरा जो हम है वह मेरे अपने से आगे दिखता ही नहीं तो फिर मैंने आध्यात्मिक जीवन में पहले डागला पहले स्टेप ही लिया है उससे आगे में गया ही नहीं हां अभी जैसे मैंने कहा की बहुत बार ऐसा होता है की अपने स्वभाव की लिमिटेशंस होती है अपने नेचर के इमिटेशन होती है की मुझे थ्योरी पता है किंतु मैं प्रैक्टिस में नहीं जा सकता तो चलो की एटलिस्ट हमको थ्योरी तो पता चली उसका जो ये जो इक्वेशन के यह जो दो पार्ट है फर्स्ट पार्ट है की मैं अपनी बढ़ाई नहीं करूंगा दूसरा इक्वेशन का पार्ट है की मैं दूसरों के गुना की सराहन करूंगा अच्छा तो आज यही तक आज कल फिर से मिलते हैं ओम शांति शांति