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Sri Ramakrishna's Stories ·

स्वामी ब्रह्मानन्द कथित : श्रीरामकृष्णदेव : जैसा हमने उन्हें देखा 7 Nov 2022

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और आपका सो सी आर रीडिंग फ्रॉम डी स्कूल वेयर श्री रामकृष्ण देव स्पिरिचुअल एक्सपिरिएंसेस एंड टीचिंग आर बीइंग रिकमेंड की है डिसीप्ल टेशन के द्वारा श्री रामकृष्ण देव के जो अनुभव है और उनका जो है यहां पे वर्णन हो रहा है तो राजा महाराजा लिखते हैं यह सचमुच आश्चर्य जनक होता यदि ठाकुर की बातें विशेषता या उनकी समर्पित sadhnaon आध्यात्मिक pragatikaran और अनुभवों को सही-सही जो अंकित कर लिया जाता क्योंकि क्या हमारे पास वैसे तो बहुत सारी जानकारी है की सॉरी यह माइक कहना भूल गया था अच्छा अभी तो सुनाई दे रहा है तो अच्छा तो वैसे अभी तो हमारे पास हमारे पास वैसे तो बहुत सारी जानकारी है ठाकुर के sadhnaon के बारे में ठाकुर ने अपनी जब काली मंदिर में वह सर्वप्रथम आए द तो उन्होंने किस तरह से अपनी साधना की शुरुआत की थी किस तरह से मैन काली के दर्शन के बारे में उन्होंने बृजेश टाइप की थी और साथ में ही किस तरह ठाकुर जब युवा द ठाकुर जब बचपन में कमर कुकुर में रहते द तो कमरपुकुर में रहते समय उन्होंने उनका मैन जो है वह किस तरह से सांसारिक चीजों में कभी लिप्त नहीं हुआ और सब समय ईश्वर दर्शन के लिए व्याकुल रहता था इस तरह से बहुत सारी कहानियां जो है आज हमारे पास मौजूद है ठाकुर के बारे में किंतु राजा महाराज यहां पर कहते हैं की इसके अलावा भी ठाकुर की जो साधनाएं हैं उनके जो अनुभूति है उनके जो उद्देश्य यह विशालतम और व्याप्त द की उनको सब चीजों में से शायद वैन परसेंट या 2% भी जो है रिकॉर्ड हुए होंगे और हमारे पास आए हैं 99% ठाकुर के sadhnaon का विवरण जो है उनकी जो अनुभव उनके दर्शन की जो बातें हैं वो आज हमारे पास में नहीं आई है ठाकुर ने अपने शिष्यों को कहा था उसमें से कुछ कुछ शिष्यों ने कहीं-कहीं पे कुछ-कुछ वर्णन किया है कथामृत में थोड़ा सा वर्णन है लीला प्रसंग में थोड़ा सा वर्णन मिलता है किंतु संपूर्ण माहिती जो है वो आज हमारे पास में नहीं है तो इस तरह से हम देखते हैं की ठाकुर की जो साधना है उसमें से 99% साधना का विवरण आज लुप्त हो चुका है जैसे वेद के बारे में कहते हैं ना की वेद का एक बहुत छोटा सा पोर्शन आज हमारे पास में आया है बहुत बड़ा वेद का एक जो भाग है वो आज नहीं रहा हमारे पास क्योंकि वो जो वेद तो कहीं पे लिखे नहीं गए द वो तो vermity ट्रांसफर होते द फ्रॉम वैन जेनरेशन तू अंदर एक जेनरेशन ने उसको मुक्त किया जैसे गुरु ने और फिर अपने शिष्यों को सिखाया और अपने यह जो शिष्य जो है उन्होंने वो उसकी जो मुकेश करके फिर से अपने शिष्यों को सिखाया तो यह जो पूरा जो ट्रांसमिशन का जो परंपरा है गुरु शिष्य परंपरा इस तरह से वेद हमारे पास आए और इसमें से जब इस्लामिक आक्रमण शुरू हुए भारत से तो ऐसे कुछ समय पर बहुत सारी शाखाएं जो है ब्राह्मण परिवार की वह नष्ट हो गई और उसके साथ में विलुप्त हो गया तो ठाकुर के दर्शन और अनुभूति के बारे में थोड़ा बहुत ऐसा है राजा महाराज कहते हैं की यदि सब कुछ ठाकुर बोलते द वह सब कुछ वही का वही ऐसे का वैसे ही यदि लिपिबद्ध किया जाता तो आज हमारे पास में बहुत सारे जानकारी होती की जो आज नहीं है ठाकुर है टोल्ड अस सो मानी थिंग्स सो मानी स्टोरी अबाउट डी विज़न आफ्टर अनदर अंडर डी गाइडेंस ऑफ डी मोस्ट कंप्यूटर गुरु स्टेट इंडियन कल्चर एंड सिविलाइजेशन इस प्रोड्यूस तिल डी टाइम एंड अलसो बिफोर डेट व्हेन ही वाज अन चाइल्ड इन kamapukur ही हेड ऑन हिज ऑन डैन सो में साधना बट में स्टोरी ठाकुर हज टोल्ड अस आर टुडे नोट अवेलेबल तू अस वेरी लिटिल कथामृत एंड वेरी लिटिल ऑफ डेट इस अवेलेबल इन लीला प्रसन्न बट 99% ऑफ डी स्टोरी आर नॉट हर विद अस तू गाइड उस आई डू नॉट नो वही इसे दिस बट दिस इस डी ठाकुर्स लीला पर हिप्स इट मिटे हैपन डेट आई एम प्रैक्टिसिंग माय साधना एंड ठाकुर माय डिसाइड डेट ओके माय सन इस डूइंग लॉट ऑफ हार्ड वर्क लेट मी गिव अन विज़न एंड गाइड चेहरे पर हिप्स इमे लर्न समथिंग फ्रॉम है साधना बट नथिंग फ्रॉम हिज बुक्स और अवेलेबल तू अस अभी ऐसा हमको प्रश्न हो सकता है की अरे इस विश्व में इतने सारे साधक है जो की ठाकुर की साधन प्रणाली का अनुसरण करके जो है आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ रहा है यदि इन लोगों के पास में यह सब कहानी ठाकुर की उपलब्ध होती तो उनको कितना बेनिफिट होता तो उसका उत्तर हम इस तरह से दे सकते हैं की हान जैसे मैन लीजिए एक लड़का है जो की बहुत ही मेहनत करके बहुत ही सिंसियर ली अपनी साधना में आगे बढ़ रहा है और ठाकुर ने उसके ऊपर में कृपा करके जो है शायद दर्शन दे दिया और आगे किस तरह से जाना है उसको एडवांस साधनाएं किस तरह से करनी है वह सब शायद ठाकुर ने उसको बता दिया तो ऐसा ठाकुर हमको दर्शन दे करके शायद जो है साधना सा रास्ता सुगम कर सकते हैं यह पॉसिबल है किंतु किताबों में हमारे पास अभी ज्यादा खुश अवेलेबल नहीं है जब वे ज्ञान के बारे में वार्तालाप करते तो अन्य किसी भी चीज के बारे में बातचीत नहीं करते द इसी तरह भक्ति संबंधी वार्तालाप करते समय वे केवल भक्ति के बारे में ही बातचीत करते हुए बारंबार हमारे मैन पर यह छाप डालते द की सांसारिक ज्ञान है और कुछ है तथा मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान भक्ति और प्रेम प्राप्त करने हेतु ही प्रयास करना चाहिए ठाकुर जब अभी हमको पता है की आध्यात्मिक रास्ते में जनरली चार भागों में डिवाइड कर सकता चार रास्ते हैं आध्यात्मिकता के कर्म भक्ति ज्ञान और ध्यान तो हमारा जैसे लोगों है ठाकुर है वेव्स है और उसमें कमल खेला है तो यह चार जो है आध्यात्मिकता के चार रास्तों का समन्वय करके स्वामी जी ने लोगों बनाया है और यही रामकृष्ण मिशन की यह जो साधन पढ़ती है जो की ठाकुर ने अपने शिष्यों को सिखाई थी पहले ऐसा होता था की जो gyanmark का पति है जैसे शंकराचार्य के शिष्य वो शंकराचार्य की बताई पढ़ती के अनुसार स्मरण मनन nididya संघ करके ज्ञान मार्ग पर चलते द और जैसे की यह जो भक्ति मार्ग के प्रतीक है वे लोग जो है भक्ति में जो बताई हुई जो राजा नगा भक्ति जो है उसके अनुसार यह जो छह भाव है यह जो बालक भाव यानी संतान भाव या तो मात्री भाव या तो शांत भाव या तो मधुर भाव इस तरह से किसी भी एक भाव की साधना करके भक्ति का आश्चर्य लेकर के रहते द किंतु ठाकुर ने कहा है और जहां तक ध्यान का प्रश्न है तो ध्यान मार्ग के लिए हमारे पास में है पतंजलि का आ योग सूत्र उसमें अष्टांग योग के बारे में बताया गया है यह नियम आसान प्राणायाम प्रत्याहार धरना ध्यान समाधि इस तरह से आठ जो है वो राजयोग यानी की ध्यान की साधना के अंग है और रह गया कर्मयोग तो कर्मयोग में गीता के बारे में बहुत ही जानकारी दी गई है वहां पर लिखा है जन्म तो कर्म पर ही हमारा हक है हमारा अधिकार है हमको कर्म करना चाहिए मैन फलेषु kadachanam फल की इच्छा कभी नहीं रखनी चाहिए तो इस तरह से यह जो चार योग है वैसे होता था पहले की जो जिस हफ्ते का अवलंबन कर रहा है वह उसी रास्ते पर चलता था किंतु ठाकुर और स्वामी जी और मैन ने अपने शिष्यों में यह परंपरा चालू की चारों योगी का समन्वय यथा संभव उनके शिष्य अपने जीवन में करेंगे किंतु यहां पर एक बात यह कर रहे हैं राजा मारा उसकी जब ठाकुर ज्ञान की बात करेंगे तो वो ज्ञान क्योंकि उन्होंने प्रत्येक रास्ते में इतना gahantam साधना की थी और इतनी उच्च ऊंचाई पर पहुंचे द की वह जिस रास्ते की साधना करेंगे उसे रास्ते में उसे जिस रास्ते के बारे में बोलेंगे जिस योग के बारे में बोलेंगे उसके बारे में जो है वह बहुत ही ज्यादा डिटेल में बात कर सकते द सो हेयर राजा महाराजा वांट्स तू से डेट venever ठाकुर योग और कर्म ही कैन टॉक अबाउट डी पार्टिकुलर मार्ग पथ ऑफ साधना इट अन ग्रेट लेंथ विदाउट एवर डिबेट इन तू अंदर पथ ऑफ साधना वही इस था बिकॉज ऑफ़ ट्रेडिशनल साधना इस डिस्क्राइब एंड डिवेलप इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट एंड अलसो ऑल ओवर डी वर्ल्ड सो पार्ट्स ऑफ साधना ठाकुर हेड प्रैक्टिस एक्सटेंसिवली एंड ही कैन अलसो टॉक अबाउट दें इट लेंथ नौ टॉक अबाउट अन्य पार्टिकुलर पथ अटलांट बट इन है सी हैव तू कंबाइन ऑल फॉर्म ऑफ साधना इन अवर लाइफ सपोज इन डी मॉर्निंग आई डू अन लिटिल मेडिटेशन की फोकसिंग माय माइंड दें इन डी आफ्टर नॉन आईएमएफ प्रेयर तू ठाकुर ड्यूरिंग डी डेट टाइम इन डी ऑफिस आई वर्क विदाउट अन्य मोटिवेशन आई वर्क सेल्फलेसली एंड ड्यूरिंग डी नाइट आई रीड डी स्क्रिप्चर्स सो ऑल डीज फॉर्म फॉर पार्ट्स ऑफ साधना इट इस नेसेसरी फॉर उस तू फॉलो डेट वे सी विल गण क्विकर बेनिफिट सी विल प्रोग्रेस फास्टर ऑन ओवर स्पिरिचुअल पथ यह जो चारों रास्ते हैं चार योग है उनका समन्वय हमको अपने जीवन में करना चाहिए जैसे की ऐसा हो सकता है की ब्राह्मण मुहूर्त में उठकर के हमने ध्यान की इस थोड़ी साधना की अपने मैन को एकाग्र करने का प्रयत्न किया जब ध्यान किया तो ये राज्यों की साधना हो गई उसके बाद में ठाकुर क्यों हमने प्रार्थना की मंदिर में गए ठाकुर के दर्शन किए तो यह भक्ति योग की साधना हो गई दिन के दरमियां हम यथासंभव कुछ ना कुछ निस्वार्थ कर्म करने का प्रयत्न करें अपनी यह जो मित्र है अपने यह जो यह जो भक्त मंडल जो है हमारा उसमें से यदि किसी को भी हेल्प चाहिए तो हेल्प करें तो यह जो निस्वार्थ कर्मयोग की साधना दिन के दौरान और हो सकता है की शाम को जो है मैंने ज्ञान योग के बारे में ज्ञानियों के साधना की अर्थात यह जो अपने स्क्रिप्चर्स जो है अपनी किताबें है ब्रह्मा स्वामी जी की या तो उपनिषद या तो पुराण उसमें से किसी का पाठ किया तो यह सुबह को उठकर के राज्यों उसके बाद में भक्ति योग फिर कर्मयोग फिर ज्ञानियों इस तरह योगी का समन्वय हमारे जीवन में रहेगा तो हम जो है बहुत ही जल्दी आध्यात्मिकता के रास्ते पे चल पाएंगे वे बारंबार हमको कहते द की जो सांसारिक ज्ञान है वो टच है और आध्यात्मिक ज्ञान की श्रेष्ठ है किंतु इसका अर्थ यह नहीं की सांसारिक ज्ञान का हम त्याग कर दें देखिए जब हमने एक तरह से इस तरह से चालू किया था की यह जो समुद्र क्रॉस करेगा समुद्र को कहते द कला पानी और कहते द जो की कला पानी पार करेगा उसको हम नाच से बाहर कर देंगे यानी की हमने विदेश यात्रा छोड़ दी और उसके बाद में क्या हुआ हमको पता है यह जो वेस्टर्न कंट्रीज जो है वह लोग साइंस और टेक्नोलॉजी में हमसे बहुत आगे निकल गए और जब उन्होंने भारत पर आक्रमण किया तो हमको अपने बचाव के लिए शास्त्र भी नहीं द हम बचाओ भी नहीं कर पाए तो इस तरह से नहीं है की सांसारिक ज्ञान ठीक से सोशियोलॉजी है हिस्ट्री है साइंस टेक्नोलॉजी यह सब तो रखना ही रखना है किंतु साथ में अपने मैन में यह क्लेरिटी होनी चाहिए की यह जो आध्यात्मिक सर्वश्रेष्ठ है जैसे की मैन लीजिए की मुझे मेडिकल साइंस के साथ में कोई लेना देना नहीं है और ना ही मुझे डॉक्टर कोई ज्यादा पसंद है और मैं उनके साथ और बात भी नहीं करता किंतु जब मैं बीमार हो जाऊंगा तब तो मुझे डॉक्टर के पास में जाना ही पड़ेगा मेरे पास में कोई ऑप्शन नहीं है तो वैसे ही यह जो भाव रोग जो हमको लगा हुआ है उसके जो यह है उसका जो सॉल्यूशन है वह हमको यह सनी जो आध्यात्मिकता के रास्ते पे चलके ही मिलेगा तो हमको पसंद होना हो हमको आध्यात्मिकता को श्रेष्ठ रास्ते के सम्मान लेकर के उसका अनुष्ठान करना ही होगा सो हर इट इस अलसो सेट डेट स्पिरिचुअलिटी डी नॉलेज ऑफ स्पिरिचुअलिटी इस डी हाईएस्ट इन डी वर्ल्ड बट दिस देस नॉट मिन डेट सी रिचर्ड ऑल सोशल साइंस इसे हिस्ट्री साइंस एंड टेक्नोलॉजी टॉप क्रॉसिंग ओशन कॉलिंग डेम कला पानी एंड हु एवर यूज्ड तू क्रॉस डी ओसियन पुट आउटसाइड ऑफ दी कास्ट देयर मेड आउटकास्ट डी रिजल्ट ऑफ दिस डेंजरस ट्रेडीशन वर्स्ट है डेट डेंजरस सुपरस्टार सकता है वे मस्ट हैव वेरी प्रोफाउंड ग्राउंडिंग इन स्पिरिचुअलिटी स्पिरिचुअल प्रैक्टिस स्पिरिचुअल नॉलेज दिस इसे व्हाट ठाकुर रात्रि में बड़ी मुश्किल से ही सो पाते द अपने साथ रात्रि वास करने वाले बालकों को भी वे सोने नहीं देते द जब अन्य लोग सो जाते तो वे अपने शिष्यों को जागा कर कहते यह क्या तुम यहां सोने के लिए आए हो तब वह प्रत्येक शिष्य को निर्देश देते और शिष्यों के रुझान के अनुसार उन्हें पंचवटी काली मंदिर या शिव मंदिर में ध्यान करने हेतु लग रही हो सुबह हो गई उठ जाओ अभी तो तुम यहां पर सोने के लिए थोड़ी ना आए हो उठो और अपनी जो फूफी है यानी की ये जो मैन शारदा देवी उसको भी उठाओ और चलो ईश्वर का नाम लेना शुरू कर दो तब मा क्या कहती मा खुद तो उठ जाती किंतु लक्ष्मी दीदी जो छोटी थी ठाकुर की भतीजी थी उसको कहती की अरे तुम सोती रहो देखो अभी तक तो चिड़ियों ने आवाज़ करना भी शुरू नहीं किया है अकुर आधी रात हुई है ठाकुर बिना मतलब हमको परेशान कर रहे हैं तुम सोती रहो किंतु ठाकुर भी बड़े चालक है वह क्या करते द एक बकेट में पानी भर के ठंडी के दिनों में पानी बड़ा ठंडा रहता है गंगा का तो एक बकेट में बाल्टी में ठंडा पानी भर के वो जो दरवाजे के नीचे में जो गैप रहती है वह थोड़ा सा जगह रहता है उसमें से ठंडा पानी छोड़ देते द जोर से उसे कमरे में मोहब्बत में जहां पर मैन रहती थी तो निश्चय यह लोग तो जमीन सोते द और जमीन पर ब्लांकेट वगैरा लगाया सो नहीं पाएंगे यानी की उनको जबरदस्ती उठ जाना पड़ता था ठाकुर ऐसा करते द रात में देखते भी द की उनके कितने लड़के कितनी रोटी खाते हैं वो एक बहुत अच्छा इंसीडेंट है की ठाकुर ने बोला की वो मैन को जाकर के मैन जो ये जो सन्यासी shisiyat है वह ठाकुर के साथ में रात को रहते द उनके कमरे में तो मैन जो है ना बस में उनके लिए खाना पका देती तो ठाकुर जाके मैं आपको बोलते हैं किसी को दो से ज्यादा रोटी मत देना इसको इतनी रोटी देना क्योंकि वे लोग रात को ज्यादा खाएंगे तो सुबह को उठ नहीं पाएंगे तो माने क्या कहा की मेरे बच्चे कितने रोटी खाते हैं उसकी चिंता मैं करूंगी वह आपको करने की जरूरत नहीं है तो यह ठाकुर और मैन के जीवन में इतना एक बहुत ही मधुर हमको एक कंट्रास्ट देखने को मिलता है ठाकुर जो है वह साध के लिए बहुत ही जोर देते द और मैन कहती थी की यह जो हृदय का जो प्रेम है वो किसी भी तरह की साधना के समक्ष है उससे उच्च भी हो सकता है किंतु समकक्ष को है ही है तो हमको ठाकुर के साथ में इस तरह से रिलेशन रखकर के बालक भाव रखकर यदि हम साधना करते हैं तो हमारी साधना जो है मैग्नीफाई हो जाती है मैनीफोल्ड हो जाती है जो हम 1 घंटा यदि हम जब ध्यान करते हैं पाठ करते हैं तो हृदय में ठाकुर के साथ में हमारा एक बालक भाव है या संतान भाव है तो वह साधना का असर 10 घंटे साधना करते हैं उतना होता है सो हर राजा महाराजा डिफरेंट प्लेसिस इन दक्षिणेश्वर N2 मेडीटते नौ देर आर वेरी नाइस इंसीडेंट रिगार्डिंग ठाकुर्स एंड सिस्टम्स ऑन मेडिटेटिंग इट मिडनाइट मधुर शारदा एंड ठाकुर्स लक्ष्मी देवी लक्ष्मी देवी नंबर गो तू नंबर मेडीटते दे टाइम मधुर शारदा वुड बैकअप बट सी विल तेल लक्ष्मी दीदी बिकॉज यू वाज जस्ट चाइल्ड सी वुड से डेट यू रेमैन असली देयर इस नॉट एवं बर्ड्स हैवन स्टार्टेड सिंगिंग सो इट इस नॉट ये मॉर्निंग इट इस जस्ट मिडनाइट बट ठाकुर वो टेक अन बकेट फुल ऑफ ओल्ड वाटर एंड थ्रो इट बीट डी गैप बेनेट डोर सो डेट कोल्ड वाटर विल रश इनसाइड डी नंबर एंड इट विल वेट ऑल डी ब्लांकेट / स्लीपिंग सो देयर फोर्स तू बैकअप एंड फोर्स तू मेडिट्रेड ऑन अनदर इंसीडेंट ठाकुर धीस इसे डी डिलीशियस कंट्रास्ट सी फाइंड बिटवीन डी टीचिंग्स ऑफ मदर एंड टीचिंग्स ऑफ ठाकुर ठाकुर उसे तू इंसिस्ट अपॉन इंटेंस ऑस्ट्रेलिया उसे रिलेशनशिप ऑफ लव विल मैग्नीफाई अवर साधना 100 फ्ट सपोज इफ आई मेडीटते ओनली फॉर वैन ओवर बट इफ आई हैव लव फॉर ठाकुर इन माया हार्ड दिस वैन ओवर साधना विल गिव मी डी रिजल्ट ऑफ 100 ओवर निर्देशानुसार जब और ध्यान करने के बाद प्रत्येक शिष्य कमरे में आकर सोता इस प्रकार ठाकुर ने अपने शिष्यों को कर्मठ बना दिया तीन तरह के लोग हैं रात को सोते हैं जिसका स्वास्थ्य खराब है जो की भूख करना चाहता है और आधी रात में नहीं वो लोग सिनेमा में जाते हैं रेस्टोरेंट में जाते हैं मित्रों के साथ में गैप लगाते हैं उन लोगों के बारे में ठाकुर कहते हैं आजकल तो ज्यादातर लोगों को भोगी कहा जाएगा क्योंकि 12:00 बजे से पहले तो कोई सोता ही नहीं है हम लोगों की ऐसी बेड हैबिट्स हो गई है ऊपर से मोबाइल ए गया है तो रात को सोते-सोते भी मोबाइल चलता रहता है हम देखते रहते हैं तो इस तरह से देखा जाए तो आधा संसार इधर भौजी है और बाकी का आधा संसार रोगी है बहुत कम योगी होंगे जो की साधना करने के लिए आधी रात तक या तो आधी रात के बाद में जागते होंगे तो यह जो रात को जागना यह बड़ा डेंजरस है यदि आप साधना के लिए नहीं चाहते हैं ठाकुर को उसे समय पता था की मोबाइल आने से क्या सर्वनाश होने वाला है सो हर ठाकुर से थ्री टाइप ऑफ पीपल रेमैन आवे ड्यूरिंग डी नाइट ध्वज हु मेडिट्रेड ठोस हु आर सिक दे कनॉट स्लीप बिकॉज दे आर देयर है रनिंग आफ्टर डी डिजायर्स ऑफ डी सेंसेज टुडे सी सी डेट हाफ ऑफ डी वर्ल्ड इस इदर भोगी डट इसे रनिंग आफ्टर डी सेंस एंजॉयमेंट और रोगी डेट इसे देयर सिख फिजिकल और मेंटली दिस मेंटल सिकनेस एंड दिस मोबाइल दिस तू हैव डिस्ट्रॉय टुडे वर्ल्ड दिस तू टुगेदर डोंट लेट अन्योन स्लीप इन डी नाइट टुडे विगो ऑन वाचिंग अवर मोबाइल और गो संवारे आउटसाइड तू पार्टी योर सिनेमा एट सेटेरा रेस्टोरेंट सो दिस स्ट्रेस डेट इस मेंटल इलनेस एंड डीज मोबाइल और गोइंग आउटसाइड विद अवर फ्रेंड संवारे दिस थिंग्स टुगेदर डोंट लेट मोस्ट ऑफ डी पीपल स्लीप ड्यूरिंग डी नाइट एंड आपको न्यू दिस 200 इयर्स इन एडवांस अच्छा तो आज का क्लास यहीं पे समाप्त करते हैं कल फिर से मिलेंगे और कल फिर से 8:00 ठाकुर जेठालाल ओम शांति शांति हरि ओम तत्सत श्री राम कृष्ण