Swami Adbhutananda : Sri Ramakrishna as we saw him
adbhutanand जी महाराज से यूसी ऑल दो जादू मलिक हेड प्लाटी ऑफ मणि ही कंडत गिव अप धीरे फॉर मोर अंदर टाइम डी मास्टर टोल्ड हिम जड़ों यू हैव सेव्ड सो मच मणि यू तेल वांट मोर जादू रिप्लाई सी हो वर्ली पीपल जस्टिफाई देयर क्रेविंग फॉर फिजिकल प्लेजेस फिजिकल इम्यूनिटी डेट डी वेट ठाकुर हे रिनाउंसड एवरीथिंग आ जादम मलिक रिनाउंस एवरीथिंग फॉर डी सेक ऑफ मणि ठाकुर आज रिनाउंस एवरीथिंग फॉर डी से ऑफ गोद yadumali हिज रिनाउंस एवरीथिंग फॉर डी सेक ऑफ मणि सो ही सेड व्हेन यू आर सेइंग डेट ओनली डी ईश्वर ओनली डी गोद इसे रियल एंड डी वर्ल्ड इस अनरील दें हो कैन यू नोट जस्टिफाई नॉट अर्निंग मणि अर्निंग मणि इफ आई एम अर्निंग मणि डी मणि अलसो बिलॉन्गस तू गोद सो यू आर आस्किंग फॉर गुड एंड आई एम आस्किंग फॉर गोद'एस वेल्थ वेयर इस डी डिफरेंस दिस इस हो ही justifice डिस्क क्रेविंग फॉर मणि डी मास्टर हर दिस लाइन ऑफ अरगुमेंट इफ यू मेंटेन दिस एटीट्यूड यू हैव नो नीड तू वरी बट तेल मी जा डू आर यू से इन दिस सिंसियर ली दें जा तू बाबू रिप्लाई यंग प्रीस्ट यू नो डेट आई कनॉट हाइड एनीथिंग फ्रॉम ऊ यू हैव तू अन यू में से डेट ओके आई क्रायो मणि वही बिकॉज आई बिलीव डेट दिस मणि अलसो बिलॉन्गस तू गोद एंड दिस इस नथिंग बट गुड्स मणि सो क्रेविंग डेम एंड माय डिजायर फॉर दिस मणि इसे नथिंग बट माय डिजायर ऑफ गोद इनडायरेक्टली सो इफ यू आर सेइंग दिस आर यू सिंसेरे इन योर बिलीव दिस इस व्हाट ठाकुर सेज बिकॉज यू आर डिजायर फॉर मणि इन योर डिजायर फॉर मणि आर यू जस्टिफाइंग इट fallsli बाई गिविंग नेम्स गुड और यू आर सिंसेरली यू बिलीव था एवरीथिंग बिलॉन्गस तू गोद एंड मणि अलसो बिलॉन्गस तू गोद सो जा तू बाबू यंग पृष्ठ यू नो डेट आई कनॉट हाइट एनीथिंग फ्रॉम यू सो यू कैन सी व्हाट इस देयर इन माय हार्ट माय क्रेविंग फॉर मणि ही सिंसियर इन डी वे डेट माय ग्रेविंग फॉर योर क्रेविंग फॉर गोद इस योर डिजायर फॉर गोद इस एस सिंसेरे इफ यू बिलीव डेट यू आर डिजायर फॉर गॉडेस सिंसेरे दें यू शुड अलसो नेट नो डेट माय क्रेविंग फॉर मणि इसे अलसो सिंसेरे सो दिस इस हो ही जस्टिफाई एंड वेट ठाकुर आज से एंड ठाकुर सीज डेट ही सिंसेरे ही इस अलसो प्लीज सो सी में फाइंड हिज स्ट्रेंज डेट व्हाइट ठाकुर इसे प्लीज डेट ही सिंचाई ही डिजायर फॉर मणि बिकॉज तेरे इस सम शॉर्ट टॉप सिंसेरिटी देयर देयर इस सैम सॉर्ट ऑफ यू कैन से मर्दानगी इट इसे रेंट ऑफ कैरक्टर वैन दे दे निवेदिता तेल स्वामी विवेकानंद गोइंग इन अन बोट तू आर कमिंग तू लंदन राइडिंग इन अबाउट सो दिस निवेदिता टेल्स ही आ स्वामी विवेकानंद डट सी हो गुड इंडिया इसे डेट देर आर नो एवं थीव्स इन इंडिया सी हो गुड इंडियन सर सो स्वामी जी स्टेट देर वेयर फ्यूज इन इंडिया वही दस ही snatheid बिकॉज एवं इफ यू वांट तू स्टील समथिंग इफ यू वांट तू harmothers इफ यू वांट तू डू सैम क्रिमिनल एक्ट एवं डेट रिक्वायर्स सैम सॉर्ट ऑफ करेज डेट रिक्वायर्स सैम सॉर्ट ऑफ हार्ड वर्क इट रिक्वेस्ट सिंसेरिटी ऑफ एफर्ट स्वामी जी से ट्रबल विथ इंडिया राइट नौ डेट सी आर अलसो वे ऑफ लाइफ विच dajunt टेक इन अकाउंट ओवर स्ट्रेंथ ऑफ कैरक्टर इफ अन तामसिक पर्सन वुड कैरेक्टर कैरेक्टर्स तामसिक पर्सन तामसिक पर्सन इस लेज़ी तामसिक पर्सन इस instancear तामसिक पर्सन डीओईएसएन'टी वांट तू वर्क आते ऑल एंड देयर इस नो एफर्ट एंड सिंसेरिटी इन अन्य ऑफिस एक्शंस सो डेट इस वही स्वामीजी व्हेन निवेदिता से स्थित देयर आर नो थी उसे इन इंडिया विच इस वेरी गुड स्वामी जी सेंस डी दे शुड बी एफ उसे इन इंडिया बिकॉज italyst थिंग रिक्वायर्ड सैम सॉर्ट ऑफ करेज एंड अटेम्प्ट एंड हार्ड वर्क ट्रबल विथ इंडिया और संत इन तमस सो डेट इस वही व्हेन दिस शंभू यदु मलिक से लेट्स सी आई एम वेरी सेंसर इन माय फोर तू अर्न मनी सो अमेजिंग ठाकुर इसे वेरी प्लीज लेट एवं सैम सॉर्ट ऑफ स्टेप हायर दें तमस इन विच मोस्ट ऑफ डी हिट संग दिस दिस इसे अबाउट हंड्रेड इयर्स एगो फ्रॉम टुडे टुडे सो मच डेट सी नीड तू गो तू सत्व फ्रॉम तमस सी नीड तू गो तू राजस एंड फ्रॉम रग्स सी नीड तू गो तू डी मास सॉरी सत्व हर टाइम इंडिया वास इन तमस बट थ्रू डी एफर्ट स्वामीजी ऑल दिस में मेकिंग एंड कैरक्टर बिल्डिंग टीचिंग्स इट्स अल्ट्राफोर्स अटेम्प्ट स्वामीजी अटेम्प्ट इंडिया हिज रीजन अन स्टेप हायर ऑन डी लेवल ऑफ सत्व नौ फ्रॉम तू आर जस्ट एंड नौ फ्रॉम नीड तू गो तू सत्व सो डेट इस वही यू सी डेट दिस टुडे पंडित ग्रेटली इन इंडिया एंड एसोसिएटेड प्रॉब्लम्स विच आर विच फॉलो ऑल दिस एक्टिविटी ऑल दिस रग्स व्हाट आर डी आर डी स्ट्रेस लाइफस्टाइल दिस इस लेक ऑफ स्लीप रिलेशनशिप डिस्टर्ब मतलब प्रॉब्लम्स विथ रिलेशन शिप ब्रेकिंग ऑफ फैमिली ब्रेकिंग ऑफ जॉइंट फैमिली एंड ऑल दिस न्यूक्लियर फैमिली पीपल आर लिविंग अलोन ऑल दिस आर प्रॉब्लम्स एसोसिएटेड विथ रेजर्स दिस प्रॉब्लम डियर इन अमेरिका एंड ब्रिटेन व्हेन स्वामीजी वेट है बिकॉज स्टैंडिंग ऑन डी पिक ऑफ डी पिक ऑफ डियर एक्टिविटी एंड डेट इस वही स्वामीजी सेड डेट देयर रेडी फॉर वेदांत नौ वेदांत इस सात्विक स्टेज इन अवर इवोल्यूशन बट एक्टिविटी इफ सी आर सी आर नॉट एक्टिव दें सी विल नॉट बी एबल तू अंडरस्टैंड आईएफ वे अरे तामसी इफ यू आर लेज़ी इफ यू आर गुड फॉर नथिंग दें वेदांत अंडरस्टैंडिंग दी हायर कॉन्सेप्ट ऑफ वेदांत इस फार बॉन्ड अस डट इसे वही हर सचिन नाइस इंसीडेंट इन दिस स्मॉल इंसीडेंट अन ओवर anteyer 100 ईयर हिस्ट्री इसे इन अन नुतशेल सी कैन सी डेट दिस इंसीडेंट थ्रू दिस इंसीडेंट वैकेंसी लास्ट 100 ईयर हिस्ट्री इन ए नुतशेल डेट फ्रॉम तमस सी विल हैव तू गो तू रजिस्टर सी कैन जंप तू सत्व इफ देयर इस नो सेंसिटिविटी ऑफ एफर्ट इफ देयर आर नो स्ट्रांग डिजायर्स इन अस विच प्रोफाइल्स फॉरवर्ड तू अटेंड अन हायर गोल एवं डेट वॉल में बी अर्निंग मणि सी इन डी वेस्ट वीसी ऑल दिस बिग एंटरटेनर्स बिल गेट्स एंड दिस अवर स्टीव जॉब्स एट सेटेरा व्हाट वेयर डेस्कटॉप अन पीसी ऑन एवरी डेस्कटॉप सी डेट इस ही डिजाइन वांट तू अटैं कोल्ड बट दिस डिजायर इस सो स्ट्रांग डेट ही स्पेंडिंग एंटीरे लाइफ वर्किंग सो हार्ड तू रिलाइज ही स्ट्रीम ही अनस मणि एंड एवरीथिंग डेट आर एसोसिएटेड विद दिस बट डी थिंग वैन पॉइंट मैक्सिमम दिया ओके सो सी विल स्टॉप अवर इंग्लिश लेटेस्ट हिंदी क्लास टुडे माया के जगत में रहने से थोड़ा बहुत आगे पीछे ही इधर-उधर होता है अभी क्या करेंगे ओके हिंदी में हम लोग बाबूराम महाराज के बारे
स्वामी प्रेमानन्द : श्रीरामकृष्णदेव : जैसा हमने उन्हें देखा
में पढ़ रहा है जिससे की क्या होगा की इंग्लिश का टॉपिक अलग रहे हिंदी का भी टॉपिक अलग रहे आपको मतलब ज्यादा मतलब मैं मल्टीपल टॉपिक्स के बारे में बोल मुझे रिपीट करने की जरूरत नहीं होगी अच्छा अभी बाबूराम महाराज का यह जो ठाकुर के साथ में इंसीडेंट है जो हमने परसों दिन इसके बारे में देखा था क्या हुआ था की बाबू राम महाराज या तो फिर स्वामी प्रेमानंद जी ठाकुर के पास आए रात को सोए हुए हैं और सुद्दनली देखा की ठाकुर अपने कपड़ों को निकल कर के अपनी बगल में दबाकर के बाबूराम महाराज और एक दूसरे एक गेस्ट आए द दूसरे देवोते दोनों के सामने जाकर के बोलते हैं की अरे सो गए हो क्या मुझे ऐसा लग रहा है नरेंद्र को बहुत दिनों से नहीं देखा तो मुझे ऐसा लग रहा है की मेरे हृदय को जैसे किसी ने जो कपड़े नीचे होते हैं इस तरह से मेरे हृदय को निको रहा है इतना मैं व्यग्र हो रहा हूं नरेंद्र को मिलने के लिए यह इंसीडेंट जो है हमने परसों दिन देखा था अभी आगे क्या होता है है उसी रात की बात बाबूराम प्रेमानंद जी कहते हैं उनकी उसे दारुण virhavedna को देखकर मैं बहुत विस्मित हुआ और सोचने लगा कितना अद्भुत है इनका प्रेम और कितना निष्ठुर होगा वह आदमी जिसके लिए इनकी आकांक्षा इतनी हृदय विदारक तथा व्यवहार इतना करो एक है है इस प्रकार हमारी वह रात बीती दूसरे दिन प्रातः कल मंदिर में जाकर श्री जगदंबा का दर्शन करके श्री राम कृष्ण देव के चरणों में प्रणाम कर हम लोग कोलकाता लौट आए अभी बाबूराम महाराज ने तो नरेंद्र को देखा नहीं है तो उनको भी आश्चर्य हो रहा है की यह किस तरह का लड़का होगा जिसके लिए ठाकुर इतना भीतर से तड़पते हैं और वो लड़का भी कितना निष्ठुर होगा की इतने मतलब ईश्वर के संतान इतने शुद्ध पवित्र ठाकुर बालक सहित मतलब बालक की तरह सरल इस तरह के ठाकुर को कितना कष्ट दे रहा है वो भी हमारा इसके मैन में हुआ दूसरे दिन वह प्रणाम करके लौटाए श्री रामकृष्ण देव के साथ मेरी पहली बैठक के तीन या चार दिनों के बाद बाग बाजार में मुझे राम दयाल मिल गए और उन्होंने मुझे बताया ठाकुर तुमसे मिलना चाहते हैं कृपया उनके पास चले आना ये वही रामदेव एल्बम है जिनके साथ में बाबूराम महाराज सर्वप्रथम ठाकुर को मिले द तो उन्होंने उनको मैसेज दिया दो-तीन दिनों के बाद में यह रामदयाल बाबू ने वो रेगुलर ठाकुर के पास जाते द तो बाबू राम महाराज को उन्होंने मैसेज दिया ठाकुर तुमको बुला रहे हैं चले आना दक्षिणेश्वर जन्मांतर तक ठाकुर कोई याद करते हैं जब ध्यान करते हैं पुकारते हैं और आशा रखते हैं की हान कभी उनकी दया हम पर हो जाएगी और यहां पर बाबूराम महाराज है की ठाकुर खुद सामने से उनको पुकार रहे नरेंद्र की तो बात छोड़ दीजिए नरेंद्र को कुछ दिन एन देखे तो इतने व्यग्र हो गए तो चलो वो तो ठीक है किंतु नरेंद्र तो अभी शिव क्या होता है किंतु जो हम बाकी के डिसीप्लस के बारे में देखते हैं हालांकि वो भी बहुत ही उच्च मतलब आध्यात्मिक संपद के अधिकारी द उसे बात में कोई प्रश्न नहीं है किंतु फिर भी ठाकुर तो एक जो योग अवतार है उनका उनके मैन में उनको देखने के लिए ये जो कष्ट है ये जो मतलब व्यथा होना उनके मैन में उनको देखने के लिए यह व्यग्रता जागृत होना वो भी कितने सौभाग्य की बात है ये साधक तो हमको जन्म कितने ही मिल जाएंगे किंतु वह सदा वह भक्त जिसको भगवान स्वयं करते हैं वह भक्त भी कितना नसीब होगा मैंने अभी तो ठाकुर शरीफ पृथ्वी पर द तो हमको दिख रहा है की चलो वो ठाकुर उनको बुला रहा है किंतु अभी भी जो भी सही सही वक्त है और भगवान चाहे हमारे बीच में शरीर उपस्थित नहीं है फिर भी वह भक्त के लिए भगवान है ठाकुर ने कहा था एक बार की नरेंद्र ने मुझे पुकारा मतलब ऐसा तो नहीं की ठाकुर मुझे आए मिलने के लिए ऐसा करके बिल्कुल नरेंद्र लाइट तो वो सिंसेरिटी की चलते मुझे आना पड़ा तो और जेनरेशन ऐसा कहा है बंगाली में फॉर हिम एवरीथिंग डेट हर एवरीथिंग डेट इस हर इट ऑल बिलॉन्गस तू हिम इट ऑल बिकॉज ऑफ हिम तो अगर इसके भीतर में जो कुछ भी है वो उसके लिए ही है उसके लिए ही इस शरीर का अवतरण हुआ है तो सही सही जो भक्त होता है उसको तो भगवान भी उसको मिलने के लिए भगवान भी उसके ऊपर में कृपा करने के लिए व्यग्र रहता है आश्चर्य चकित होकर मैंने पूछा उन्होंने मुझे क्यों बुलाया है तब मैं यह नहीं समझ पाया की ठाकुर कितने rupayulu है मैं पुनः दक्षिणेश्वर गया और जूही में पहुंचा ठाकुर ने जलाने के लिए कुछ लकड़ी पंचवटी में से ले चलने के लिए मुझसे स्नेहा पूर्वक कहा उसे दिन ठाकुर ने वहां एक साहब भोज आयोजित किया था इस प्रकार कुछ जिम्मेदारियां देकर ठाकुर हमें प्रशिक्षित करते द गुरु के गुरु में जब आप जाते हैं तो हवन के लिए जलाने के लिए जो लड़कियों है समीप उसको बोलते हैं पानी मतलब हस्त अपने हाथ तो समेत पानी हाथ में वह हवन के लिए लड़कियों लेकर के जाना है गुरु के घर में देखिए स्वरूप है की ठाकुर ने बाबूराम महाराज के हाथ में कुछ लड़कियों समाधि और कहा इसको जलाने के लिए वहां पर पंचवटी के वहां पर ले जाओ मेरी मैन मुझे छुट्टी के दिनों में भी हमारे ग्रामीण घर एथापुर में अधिक दिनों तक नहीं रहने देती थी क्योंकि उन्हें bhareta की बुरे बच्चों के कुछ संग में पढ़कर कहीं में बिगड़ एन जाओ किंतु गांव से कोलकाता जाते मुझे देख कर वे रो पड़ती थी कोलकाता लौटने के लिए जब मैं दक्षिणी स्वर्ग से विदा होता तो ठाकुर भी रो पड़ते द देखिए कितनी यह सुंदर बात का दी की उनका घर एथापुर में है और 8 पुर में उनकी मैन उनको ज्यादा दिन तक नहीं रहने देगी क्योंकि वो बुरे लोगों के संग में ना पद जाए और वह जब जा रहे हैं तो उनकी मैन हो रही है और जब दक्षिणेश्वर से वो जा रहा है तो ठाकुर को भाई है की वह अच्छे लोगों का संग छोड़कर के जा रहा है और इसलिए ठाकुर और वो भी तो इतने मतलब कृपा धनिया से ठाकुर के ठाकुर रोते द तो देखिए मैन का प्रेम और ठाकुर का प्रेम एक तो संबंध होता है माया का और एक संबंध होता है ऐश्वर्या संबंध दिव्या संबंध वे हमें कितना प्रेम करते द यह मैं कैसे समझाऊं वे केवल पूर्ण यानी की एक दूसरा बालक भक्त पूर्ण को कुछ खिलाने के लिए ही गाड़ी में कोलकाता जाते द वह पूर्ण के विद्यालय के पास रुक कर प्रतीक्षा करते पूर्ण को ले आने के लिए किसी को भेज देते और उसके आने पर उसे मिठाइयां खेलते वह कहते मुझे क्या हो गया है तुम्हारे पास मुझे बैठने के लिए एक चटाई भी नहीं है फिर भी मैं तुम्हारे लिए व्याकुल हो जाता हूं यह यह इस चीज को लेकर के वह जो हज़रत किया था मैंने ठाकुर का यह ठाकुर अभी देखिए की जिस ठाकुर ने अपना पूरा जीवन साधना में बेटा है आधा जीवन तो समाधि में बता दिया साधना करने में बिता दिया अभी सुद्दनली वह जो है की यह जो यंग लड़के हैं बच्चे हैं दो दिन के उनके लिए व्याकुल हो रहे हैं उनको मिलने के लिए इसलिए उनको मिठाई खिलाने के लिए उनकी स्कूल के सामने जाकर के खड़े रह के प्रतीक्षा करते हैं तो किसी को इसी को यह देखकर आश्चर्य अवश्य होगा तो वो जो हज़रत था उनके घर के सामने में बैठा रहता था और बहुत जप करता था और वो थोड़ा सा मतलब विश्वास हूं टाइप का भी था तो जिससे स्वामी जी को उसके साथ में बात करने में मजा आता था क्योंकि नरेंद्र और वो सहज से सभी चीजों के एक्सेप्ट नहीं करता था तो वो हर हजरा ये इंसीडेंट हमने डिस्कस किया है कुछ दिनों पहले इसी किताब में से की ठाकुर को जा के बोलता है की आप ये जड़ों लोग ये जो मतलब लड़के लोग हैं जड़ लोग हैं उनके बारे में इतना सोचते हैं तो आप अभी जो है जड़ हो जाएंगे तो ठाकुर बड़े नाराज हो गए कहा की इनको मैं इनके भीतर में मैं ईश्वर देखता हूं और यदि जिस दिन में लोग इनके लड़कों के भीतर में ईश्वर देखना बंद कर दिया उसे दिन से मैं इन लड़कों के सामने दूसरी बार आंख मुड़के भी नहीं देखूंगा यह ठाकुर का एक्सप्लेनेशन था इसके बारे में एक बार में बलराम बाबू के घर में था तो ठाकुर घर के बाहर मेरी प्रतीक्षा करने लगे बलराम बाबू घर में नहीं द और यह सोचकर की उनकी आवा मानना हो सकती है ठाकुर संकोच के कारण घर के भीतर नहीं जा रहे द वह मुझसे मिलने आए द अंततः किसी ने उन्हें घर के भीतर बुला लिया उनका प्रेम असीम था और उनके प्रेम की एक बूंद से ही हम कृतार्थ हो जाते द इस प्रकार हर कोई स्वयं को ठाकुर का परम premaspad मानता था तो अच्छा यह भी है की यह जो बाबूराम नहीं है मतलब बलराम बाबू नहीं है तो घर में जाने से यह सब चीज क्या है की उसे समय यह पर्दा प्रथा वगैरा तो थी और उसके अलावा भी ठाकुर जो इतने एथिकल बारे में बात की थी की उसके घर से वह जो अफीम का एक छोटा सा पैकेट लेकर के ए रहे द बिना उनको बताएं ठाकुर को पूरा अंधेरा दिखाई देने लगा ऐसा लग रहा है की वह रास्ता नहीं देख का रहे क्यों क्योंकि बिना इनको बताए हुए यह जो अफीम का पैकेट है वो राजा महाराजा लेकर आए द और भी एक कहानी है की वह जब बहुत बीमार द तो उनके लिए कुछ खास प्रकार का फल जो है वो शशि महाराज कहां से बगान से लेके आते द तो एक दिन ऐसा हुआ की ठाकुर वो फल नहीं खा का रहा है तो उन्होंने शशि महाराज को बोला अरे ये फल तुम कहां से ले हो और मैं क्यों इसको खाने ही का रहा हूं तो शशि मरने वाला जहां से रोज लेट हैं वहीं से ले हैं अभी फिर भी ठाकुर नहीं खा का रहे हैं तो निश्चय इसके भीतर में कोई बात है तो शशि महाराज ने जाकर के वो इन्वेस्टिगेशन किया तो पता चला की वो जो बगान है वो अगले दिन और किसी के हाथों और किसी को बेच दिया था बगान मलिक ने अभी जो पुराना बगान मलिक था उसको शायद पता था की यहां से यह फल वगैरा तोड़ के ले जा रहा है किंतु जो नया बगान मलिक है उसको यह नहीं पता था और उसको नहीं पता हो करके अब वहां से कुछ ले रहे हैं तो चोरी हो गए तो चोरी का जो चीज है वो तो ठाकुर नहीं ग्रहण कर पाएंगे जो उनके सर में जो भाव था वह ठाकुर बोलते है ना की वो बचाले पद पढ़ते देवेन मैन माने वो जो सही सही ईश्वर का भक्त है सही-सही वो ठाकुर की संतान है ईश्वर की तो भगवान जो है वो गलती से भी अपने संतान को गलती नहीं करने देंगे ये कितनी बड़ी बात हो जाती है की वो मतलब शशि महाराज रोज वहां पर जाते उनको नहीं पता है की ये बगान का मलिक चेंज हो गया है और ठाकुर को वहां बैठे-बैठे पता चल जाता है की यहां पे कुछ गड़बड़ है वे हमसे कहा करते मुझे अहंकार के सेवा सब कुछ ठीक लगता है इसी कारण किसी से मिलने की इच्छा होने पर भी वह पहले हृदय को बेचकर यह पता कर लेते द की वह व्यक्ति अहंकारी तो नहीं है वे हम लोगों के लिए सांचा छोड़ गए हैं अब हम लोगों को अपने मैन रूपी मिट्टी को gundkar सभी कंकड़ पत्थर और कूड़ा कर कर बाहर फेंक कर उसे इस सांचे में ढाल लेना है तब एक सुंदर आकर ubhrega ठाकुर समस्त जगत के लिए आए द यह बहुत अच्छी बात कही की किसी ने अहंकार नहीं देख पाते द देखिए यदु मलिक की बात अभी हमने की वो कहता है की आप जैसे भगवान के लिए सब कुछ छोड़ दिया है मैंने भगवान के पैसों के लिए सब कुछ छोड़ दिया है और आप जितने अपने भगवान को पाने के लिए जितना वह सिंसियर है मैं भी भगवान के पैसों को पाने में ठाकुर देखिए की वह उसकी पैसों की लालसा है उसके लिए उसको ऊपर कोई वह कटु वाक्य नहीं करते हैं उसकी उसको फिर द्वेष नहीं करते वह देखते हैं की उसके मैन के भीतर में पहले तो यह सिंसेरिटी एक बात ए गई फिर कुछ दिनों पहले जैसे हमने देखा था की ठाकुर ने खुद कहा है की मैन के प्रति मैन जगदंबा के प्रति सेवा ने ही निक उसने अपने घर में स्थापना किया था उसके प्रति उसके मैन में थोड़ा बहुत भक्ति भाव है पैसों के लिए इतना व्यस्त होने पर भी मांस है वाहिनी के ऊपर में उसका थोड़ा ये भक्ति भाव है तो ठाकुर ये सिंसेरिटी देखते द किंतु एक चीज वह नहीं देख पाते द वह है अहंकार यदि वह ठाकुर नहीं कहा है की एक पंडित के बारे में उसका मैं नाम भूल जा रहा हूं पंडित बीच-बीच में ठाकुर के पास आता था तो एक दिन ठाकुर ने जाकर के देखा वो गंगा किनारे बैठा हुआ है तो वह उसको बोलता है क्यों ठाकुर कैसे हो तो ऐसा वह मतलब इस तरह से बात किया जैसे की ठाकुर कोई पूछे व्यक्ति है और वो कितना महान व्यक्ति है जो ठाकुर ने आकर के हृदय को बोला की उसके उसमें पैसा आया ऐसा कुछ हुआ लगता है adervise वो मेरे से इस तरह से बात नहीं करेगा तो अहंकार होना वो बहुत ही डेंजरस है एक बार हम किसी एक सिंसियर ली किसी चीज को चाहने लगते हैं वो चाहे पैसा हो या अपना कैरियर हो अपना स्टडी हो या तो ईश्वर हो कोई भी हो एक बार हमने सिंसेरिटी आती है तो फिर वह सिंसेरिटी हमें आखिर में सही रास्ते पे लेके ही जाएगी किंतु जब तक हमारे भीतर में यह दर्द है ये arogans है तो जब तक ये रहेगा तब तक वो हमारा रास्ता हमेशा अंधेरे से भरा रहेगा है तो आज इतना ही हम कल फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति