Swami Adbhutananda : Sri Ramakrishna as we saw him
जय मैन जय जय ठाकुर जय राम कृष्ण क्लास आई हैव स्टार्टेड वैन अंदर क्लासेस डी आफ्टरनून सो था क्लास विल बी फॉर स्वामी जी सो इन डी दे इट विल बी माय बेनिफिट डेट आई विल बी एबल तू टॉक अबाउट ऑल दिस ठाकुर हिंदी क्लास मदर एंड आफ्टरनून क्लास फॉर स्वामी जी महाराज एंड श्री राम कृष्ण दिखाओ इंसीडेंट ऑफ तू सी कैन से भैरव लाइफ डिसीप्लस ऑफ़ ठाकुर वैन वास गिरीश घोष andaruli एंड ग्रैजुअली ओवरऑल लॉन्ग पीरियड ऑफ टाइम एंड बोथ हेड टेस्टेड ठाकुर स्पेशली गिरीश डी वे नरेंद्र टेस्टेड हो में हो में रिव्यूज तू क्वेश्चन अबाउट ऑफ फ्यू थिंग्स दिस एंड डेट ठाकुर वी ठाकुर गिरीश से ठाकुर इफ यू हेड नॉट कम टुडे आई वुड हैव कंप्लीटेड नोट अटेंडेड सुप्रीम स्टेट ऑफ नॉलेज वेयर प्रेयर्स एंड प्लेन आर इक्वल्स तू टीम इन डी व्हेन सी कम्स वेरी हैप्पी एंड व्हेन सी treatison वेरी ejeted और एंग्री नौ दिस व्हेन अन पर्सन हु इसे एक्विन equivo में से डेट ही बिहेव्स विद यू इन डी से मैनर डीओईएसएन'टी मैटर इफ यू प्राइस हिम फॉर इफ यू क्रिटिसाइज दी और यू एब्यूज की और यू बी एंग्री विद यू कंडीशन व्हेन अन पर्सन मेंटेंस इसे इक्वैनिमिटी equinity एंड अस इक्वल टाइप ऑफ बिहेवियर विद यू दें व्हाट हैपेंस 100% कैन बी कॉल्ड बायड तू दी निंदा सो गिरीश घोष से एंग्री विद यू बिकॉज यू सेड नो तू बी बॉल इस माय सैन सो आई कैन सुरिया सो इन स्पाइट ऑफ मैं आउटबर्स्ट ऑफ एंगर एट सेटेरा यू कैन तू मीत मी इट माय होम नौ आई हैव रिलाइज्ड डेट यू आर ट्रॉली अन परमहंस मोर ओवर डेट यू कूद नॉट बी कॉल्ड अन परमहंस हेड यू नोट कम तू मीत मी हेड यू केप्ट एंगर टुवर्ड्स मी इन योर हार्ट आई वुड हैव कंसीडर्ड यू तू बी अन ऑर्डिनरी में लाइक उस आते डी टाइम देयर में बाबा जी सेंट में पंडित एंड में स्कॉलर्स गिविंग लेक्चरर्स इन कोलकाता सी हैव सीन इन कथा डेट हाउस सेशंस तू कम तू ठाकुर एंड लर्न सो मच वाटेवर द describeing डट दिस इस डी स्टेट ऑफ समाधि डेट सी हैव से डिस्क्राइब इन अवर ओपन ईटीसी डिसो दिस स्टेट ऑन की बीइंग रिलाइज्ड इन डी लाइफ ऑफ ठाकुर हर इस वैन पर्सन हु कैन यू नो ही कैन गो इन समाधि आते डी फॉल सी आर गोइंग तू स्लीप ऑल डिस्क्रिप्शन फॉर एग्जांपल सी रीड डी डिस्क्रिप्शन ऑफ समाधि इन अवर पतंजलि योग सूत्र सी रीड दिव्या सेवरल टाइप्स ऑफ समाधि सभी कल्पस समाधि सगुन समाधि निर्गुण समाधि थिंग्स सी रीड इन अवर शास्त्र सो व्हाट हैपेंस डी सेंटेंस तू वंडर डेट इसे दिस डिस्क्रिप्शन ग्रिल और इस जस्टिन इमेजिनेशन स्टोरी रिटर्न फॉर चिल्ड्रन वेयर देयर राक्षस एंड व्हेन देयर पीपल विद मैजिकल पावर एंड देयर इस अन स्वोर्ड ऑफ मैजिक विद देयर यू कैन कल दिस राक्षस इट्स हैव यू सीन दिस रामायण टुगेदर इन एयर एंड दें डी पावरफुल ऐरो विल कल डी विकर एरर सो सी हैव सीन दिस मैजिकल वेपंस इन रामायण महाभारत टीवी सीरियल etsetra इन अवर स्टोरी बुक्स रिटर्न फॉर चिल्ड्रन सो बी इमेज इन डेट इस डिस्क्रिप्शन ऑफ समाधि अलसो लाइक डेट इट इसे जस्ट इमेजिनेशन डेट यू गो इनसाइड एंड यू बॉडी bikams लाइक अन वुड इट bikams लाइक अन प्लेइंग इट बी कॉम चढ़ एंड योर माइंड इस यू नो फ्लाइंग इन सैम हायर टाइम सुपरकॉन्शियस वर्ल्ड सी इमेज इन दिस थिंग्स बट दिस आर नॉट जस्ट इमेजिनेशन सी हैव ऑन सिन अन्योन टुडे सो फार हो हद थिस airhoj एंड पोज ऑफ विच सी शो इन महाभारत रामायण बट टुडे सी हैव सीन इन डी फॉर्म ऑफ डेट इयर्स ओल्ड इस हायर स्पिरिचुअल स्टेज कम अलाइव इन हिज लाइफ में पी हर ढेर खूब टॉक अबाउट रिलिजन बट इन योर लाइफ सी हैव सीन दिस रिलिजन बीइंग रिलाइज्ड हर आई एम टॉकिंग अबाउट ठाकुर बट ऑफ कोर्स आई हैव नेवर रियल लाइफ ऑफ दिस थिंग्स सो दिस इस डी डिफरेंस बिटवीन अन स्मोक एंड बिटवीन ठाकुर जा ठाकुर यू नो डेट सी शुड रिनाउंस एवरीथिंग ओवर लाइव तू डी रिलाइजेशन ऑफ कोड फॉर एटलिस्ट विश यू स्टार्ट डूइंग डेट ग्रेट ज्वैलरी इस पॉसिबल विथ ठाकुर हेयर्स रिलाइज्ड एवरीथिंग एंड विथ अस सी हा जस्ट लाइक यू सी आर स्टील यू नो चिल्ड्रन ऑन दिस पथ जस्ट स्टार्टिंग ऑन दिस पथ एंड जस्ट नौ एक्सप्लोरिंग व्हाट आर डी थिंग्स डेट सी हैव तू अन कंप्लीट अलसो जस्ट स्टार्टेड ऑन दिस पार्ट सो आई एम टॉकिंग अबाउट इट लोग अबाउट द एयरलाइंस जो थी आई हैव नॉट वेयर माय यू शुड सैम टाइम्स फॉरगेट स्मॉल थिंग्स लाइक दिस इस माय इस देर अन्य इंप्रूवमेंट इन माय वॉइस आई थिंक अच्छा अच्छा ने स्टेटस सी सी इन ठाकुर्स लाइफ बीइंग रिलाइज्ड रदर थन जस्ट टॉक अबाउट इट इसे नॉट लाइक डेट आई एम रीडिंग दिस बुक रिटर्न ब्यावर पब्लिश्ड की अद्वैत आश्रम आई ऍम सिंपली रीडिंग एंड डिस्क्राइबिंग इट तू यू ठाकुर नरेंद्र केस वे हैव सीन था फेमस इंसीडेंट ठाकुर वास ऑन है डेथ एंड कैंसर ही kudantuman स्पीक प्रॉपर्ली कनॉट एवं सेटअप फ्रॉम हिज बेड एंड नरेन थिंक इन इस माइक इफ यू कैन से इन दिस टेस्ट डेट यू आर डी इंकारनेशन ऑफ ऑल दें आई विल एक्सेप्टेड सो ठाकुर रिलाइज डेट व्हाट नरेन इस थिंकिंग एंड ही इमीडीएटली से डिड जयराम जय कृष्ण श्री रामकृष्ण किंतु तो vedantaya दिख दिए नहीं धवन हु वैसे राम डी वैन कृष्ण हेस कम अगेन इन दिस बॉडी बट नॉट फ्रॉम डी पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ योर विद आंसर डेट इस अकॉर्डिंग तू वेदांत इच्छुक फर्स्ट आर ब्रह्मांड एच ऑफ फर्स्ट मैन सो सी डोंट से डेट इन समवन डेट्स बिगर आत्माओं इन समवन अंदर डेट इस डिफरेंट ठीक बट आत्मा ने सेल्फ कैन नॉट बी स्मॉलर और बिगड़ ठाकुर नॉट फ्रॉम डी पॉइंट ऑफ योर वेदांत बट फ्रॉम डी पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ डिवोशन भक्ति डी वैन हु वाज राम डी वैन वैसे कृष्ण हिज कम अगेन सो बोथ नरेन एंड गिरीश होश सी हैव सीन दे हैव सच ए स्ट्रांग पर्सनैलिटी डिवर्स सच दे विल यू नो सो इंटेलेक्चुअल सो शार्प philosophicalli सो मेच्योर एंड इवॉल्वड दे विल नॉट एक्सेप्ट एवरीथिंग जस्ट सईद की ठाकुर दे हैव टेस्टेड इन एवरी स्टेप ऑफ डी वे सो ओके! धीस वाज जस्ट भूमिका हेमंत व्हाट सी डिसकस्ड सो फार द इंसीडेंट गोइंग तो रीड टुडे ठाकुर स्वीट एंड देयर इस अन फनी इंसीडेंट था केशव वो सो पॉप्युलर इन कोलकाता एंड ही वैसे अलसो यू नो डेट ओनर बाय डी क्वीन ऑफ इंग्लैंड आई थिंक इट वाज विक्टोरिया मोस्ट प्रोबेबली सो सो व्हेन ही कम तू ही वुड कम तू ठाकुर विद ऑल है फॉलोअर्स एंड डिसीप्लस ही वुड सिंपली सीट इट ठाकुर स्वीट एंड ही विल गान लिसनिंग तू आपको उसे यू नो एबिलिटी तू टॉक इसे फिनो मीनल सी रीड कथम् होता एंड वैन डेज़ वैन आफ्टरनून डिस्क्रिप्शन इट विल कंटिन्यू फॉर सेवरल पेज फॉर 1/2 एंड पेज आपको गोज ऑन टॉकिंग एंड टॉकिंग सो सी कैन इमेजिन डेट हो मच कैपेसिटी ही इसे गो तू टॉक अबाउट गोद सो केशव वुड सिंपली सीट एंड ही विल लिसन वेरी प्लेज़ेंटली वेरी हैप्पी लास्ट सैम क्वेश्चन रिमार्क कमेंट समथिंग लाइक था सो keshavs डिसीप्ल द बिकम अनकंफरटेबल ही देयर सेट डेट यू सी यू आर सच ए ग्रेट पर्सन इन योर ऑन राइट एंड हु इसे ही हु इसे रामकृष्ण ही इस जस्ट ए पुर प्रीस्ट ऑफ काली टेंपलेट दे टाइम इन कोलकाता वरशिपिंग काली वाज consuder अन हाइट ऑफ सुपरस्टार ऑन अन पृष्ठ ऑफ काली मिंस समवन हु इस सो स्टुपिड सो सुपर स्पीशीज डेट ही इसे नॉट फिट तू बी यू नो बीइंग एंटर्ड इन दी जेंटलमैन सो डेट वास्तव सुपरस्टिशन बिलीव इन सैम ऑफ दिस इंग्लिश स्पीकिंग मिडिल क्लास ऑफ कोलकाता सो दिस keshavs डिसीप्ल वुड से डेट वही डू यू जस्ट कीप लिसनिंग तू हिम यू अलसो तेल हिम समथिंग यू अलसो हैव रेड सो मच यू हैव ट्रेवल्स सो मच टीच हिम समथिंग ऑफ योर ऑन ऑल साइड एनीथिंग इन फ्रंट ऑफ ठाकुर थिस इस ग्रेटनेस केशव हेड मिनी टुडे रामकृष्ण मेंस ठोस हु रीड हिस्ट्री एंड philosophitra सी डू नॉट एग्री विद मोस्ट ऑफ व्हाट केसेस और टूट और प्रोपेगेटेड अंडर डी बैनर ऑफ ब्रह्मो समाज बट सी ऑल अप्रिशिएट दिस फैक्ट डेट ही हेड तू ग्रेट रेवरेंस फॉर ठाकुर एंड इट वाज कैजुअल कैजुअल आर्टिकल्स इन डी ब्रह्मो समाज न्यूजपेपर्स एंड प्रिडिकल्स डट डी मिडिल क्लास ऑफ कोलकाता फर्स्ट कैंप तू नो अबाउट ठाकुर एंड डायट इसे हो रामचंद्र विवेकानंद राजा महाराजा सेंटर दे फर्स्ट गेम तू नो आई हैव प्रोमाइज्ड तू ऑफर मदर सिद्धेश्वरी देयर इसे अन सिद्धेश्वरी टेंपल इन कोलकाता आई हैव प्रोमाइज्ड इट आई विल ऑफर यू दब चीनी कोकोनट एंड शुगर आईएफ केसर केशव bikams अन फिट अगेन केशव इस कर ऑफिस hillness डेट इस देयर इन डी फर्स्ट चैप्टर ऑफ कथामृत एंड व्हेन इट वाज लास्ट इलनेस ऑफ केशव केशव वैसे अबाउट तू पास आवे ठाकुर व्हेन तू मीत हिम एंड दें ठाकुर सेज डेट आई कनॉट अंडरस्टैंड व्हाट इस डी मदर विल माय इच्छा की बूस्टर की थिस टाइम आई कनॉट अंडरस्टैंड डी विल ऑफ डी मदर एक बार माय रिक्शा की विदीन थ्री और फोर मंथ्स केशव पास्ड आवे इन एलियर टाइम व्हेन केशव बाबू वासी ठाकुर परमेश को ऑफर ग्रीन कोकोनट एंड शुगर तू डी गॉडेस सिद्धेश्वरी आफ्टर हिज रिकवरी केशव बाबू गो तू वेल एंड ठाकुर वेंट ठाकुर सेंटर एवरीवन हुकमस इन है टच मास्टर महाशय विल नॉट कम फॉर ए फ़्यू डेज़ तू मीत हिम एंड ठाकुर विल सेंड सैम वैन तू गो एंड कॉल हिम एंड ही विल आस्क हिम डेट वही डोंट यू कम तू मी तू मी वही देयर इसे सच ए गैप उसे तू कम तू मीत मी रेगुलरली नौ व्हाट हैपेंड नरेन विल नॉट कमेंट ही विल सेंड सम्मान एच एंड एवरी डिसीप्ल ऑफ हिम आई विल यू नो ही विल यू नो एवरी डिटेल ऑफ डी लाइफ इस समवन ऑफ हिज ऑन फैमिली टुडे सी हैव अन्य फ्रेंड्स बट सी डोंट कीप स्पेशली दिस इस ट्रू फॉर मी डेट आई रियली कीप ट्रैक ऑफ माय इंटर्नशिप माय फ्रेंड्स इफ डी कम तू मीत मी इट्स ओके डोंट कम तू बी डेट इस ओके आई डोंट कॉल डेम बैक एंड दिस इस डी वीकनेस ऑफ माय करेक्ट तारीफ मैं बट ठाकुर समथिंग आई नीड तू लर्न फ्रॉम हिम कंपलीटली डिटैच फ्रॉम दिस वर्ल्ड ऑफ दिस वर्ल्ड सो पार्ट पार्सल ऑफ दिस वर्ल्ड samvance वाइफ इस सैम वंश डॉटर समथिंग अबाउट हिम ही कैन नॉट गिव हर डॉटर इन मैरिज ऑल दिस मोस्ट स्मॉल प्रॉब्लम्स ऑफ लाइफ ठाकुर विल कीप इन आई एंड ही विल गिव काउंसिल तू डेम इन स्पिरिचुअल लाइफ इसे वेल दिस इसे समथिंग सी ऑल नीड तू लर्न अबाउट स्पेशली फॉर मी आई डोंट नो आई विल लर्न इट और नॉट इन दिस लाइफ इन डी नेक्स्ट लाइफ आई विल ट्राई तू अभी हिंदी में तो जैसे मैंने कहा की
स्वामी विवेकानन्द की दृष्टी में माँ की महिमा : माँ की मधुर स्मृतियाँ
तीन क्लास जैसे अभी मैं ले रहा हूं दिन में एक इंग्लिश एक हिंदी सुबह में और शाम को फिर से हिंदी में तो मैं क्या करूंगा की इंग्लिश वाला क्लास पहले ठाकुर और स्वामी ठाकुर मेरे पास अभी हिंदी में नहीं है वो मैं मंगवा लूंगा बाद में फिर उसमें से करेंगे हम स्वामी जी कहते हैं यदि मा के समक्ष कोई स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करता तो वह कहती नरेंद्र को हर चीज में क्यों खींचते हो वह अलग ही श्रेणी का है अर्थात यदि यह स्वामी जी के देहांत के बात की भी महादी के बात की बात हो सकती है क्योंकि मैन के आसपास में जो भक्त समागम आरंभ हुआ वह धीरे वह स्वामी जी की महासमाधि के बाद में ही ज्यादातर करके वो उन 1909 में 1906 में जब उद्बोधन भवन का निर्माण हुआ उसके बाद से मैन जब कलकत्ता आने लगी वो सब भक्त लोग जो है भक्त मंडली जो है मैन के आसपास आना शुरू हुआ तो यहां पर जब मैन कहती है की नरेंद्र को हर चीज में क्यों खींचते हो तो उसका अर्थ यह हो सकता है की वह मतलब स्वामी जी कहते हैं ना की जब शरत महाराज का है शरद महाराज को कहते हैं की नरेंद्र के बारे में प्रॉब्लम क्या है तो बिहारी को इतना बड़ा चाड़ा करके बोलेगा की त्याग और मुक्ति के अलावा जगत में कुछ है ही नहीं ये सब कर्म वगैरा ये भक्ति ये सब बेकार की चीज हैं तो हमको लगेगा सब छोड़ कर के हम ज्ञानियों के साधना शुरू करें फिर जब नरेंद्र भक्ति के बारे में बोलना शुरू करेगा हो तो हमारे आंखों में से आंसू निकल आएंगे और यह मुक्ति-पुत्ती क्या है सब छोड़ो भगवान के शरणागत हो भगवान ही हमारे सब कुछ है भगवान मुक्ति दे तो भी ठीक है ना दे तो भी ठीक है तो शरद महाराज बोलते हैं योगेन महाराज की देखो ऐसा हो रहा है तो मैं क्या करूं तो योगेंद्र मैन के पहले से वक्त है सन्यासियों में से तो योगिन महाराज कहते हैं शरद महाराष्ट्र के देखो ये तुम नरेंद्र क्या कहता है उसकी चिंता ज्यादा मत करो तुम मैन के शरणागत हो जो मैन कभी भी तुमको भ्रम में नहीं डालेगी नरेंद्र जिस तरह से तुमको भ्रमित करता है तो मैन के चरणों में जाओ तुम्हारे सब भ्रम दूर हो जाएंगे ये सब मैन की जो दुविधा है वो ठीक हो जाएगी तो हमको पता है की योगेन महाराज के महासमाधि के बाद शरद महाराज ने मैन का जो मैन के धारी मैन के सेवक और प्रधान सेवक वो शरद महाराज द तो यहां पर स्वामी जी जब कोई भी चीज के बारे में बोलते हैं तो हम लोग जैसे लेक्चर फ्रॉम कोलंबो तो अल्मोड़ा में जब यहां पे आया था तो कितना पढ़ के आया था तो मेरे माइंड में वही था की अरे ये जो कर्मयोग है देश की सेवा है ये जो गरीबों की सेवा है वही रामकृष्ण मिशन है और मैं जब ट्रेनिंग सेंटर में था वो नए आए brahmchariyon के लिए तो यहां पे पूजा पाठ प्रार्थना वगैरा हमको सीखते द क्लासेस वगैरा होता था मुझे लगता था ये टाइम वेस्ट क्यों कर रहा है हम लोग चलो हम गांव में जहां चलो हम लोगों की सेवा करना चालू कर दे तो ये मेरे माइंड में फिट हो गया था बाद में बहुत बाद में सालों सालों का ठाकुरमार स्वामी जी का अभ्यास करने के बाद में मुझे पता चला की नहीं कर्म ज्ञान भक्ति और ध्यान ये चार रास्ते हैं हमारे लिए और जो आपको सही सही में प्रॉपर्ली प्रोग्रेस करना है तो चारों रास्तों का एक सैम रूप से अनुष्का जाएगा जब मैं यह सोचकर आया था की कर्मयोग ही जीवन साधक जीवन का सब कुछ है और ये भक्ति जो है वो वगैरा है वह वीक माइंड के लिए है जिसका माइंड स्ट्रांग नहीं है कर्म नहीं कर सकता है वे लोग ये रोते हुए लोगों के लिए भक्ति का मार्ग है ये साइड में जो सोच रहा था उसे समय उसकी वजह से मैं मुझे बहुत लंबा समय इंतजार करना पड़ा की संघ में ज्वाइन करने के लिए मैं छोड़कर के चला गया हमारे ही रांची में एक आश्रम है वहां पे रहा और वहां पे मैंने सोचा मैं सिर्फ सेवा करूंगा मुझे कुछ नहीं करना है साधु होऊंगा तो ये लोग मुझे बोलेंगे की तुम मंदिर में जाओ तुम भक्ति करो तुम ध्यान भी करो जब भी करो मैं साधु ही नहीं हूं ऐसे वोल्ट के रहूंगा पूरा कम करूंगा तो ऐसे मैंने कई साल बिताए फिर मुझे समझ में आया वहां पर कम करते-करते जो सब मैन के संकट बंकट दूर हो जाते हैं वैसा मेरे साथ हुआ और फिर मुझे अक्ल लाइक ही नहीं यदि आपको कर्म भी ठीक से करना है तो भगवान को प्रार्थना करनी होगी की भगवान ने जो कम करता हूं उसमें यदि सक्सेस मिलती है तो मेरा जो अहंकार बढ़ेगा उसको को खत्म कर देना और यदि जो मुश्किल आती है या तो फिर यह जो दुविधा आती है फैलियर्स आते हैं तो इससे मेरे मैन में जो डिप्रेशन फ्रस्ट्रेशन या तो फिर ये वो डिस्पर वगैरा जो उत्पन्न होता है उसको भी तुम दूर कर देना सक्सेस मिले नव फैलियर में अपना कम एक समरूप से कर पाऊं ऐसी शक्ति मुझे देना ये यदि मैं ठाकुर को प्रार्थना नहीं करूंगा तो हम लोग क्या था की एक एनजीओ बांके रह जाते हैं मैं जब रांची में था बहुत सारे एनजीओ के मैं संपर्क में आता था क्योंकि वो गवर्नमेंट का वो वैक्सीनेशन प्रोग्राम चल रहा था सेल्फ हेल्प ग्रुप चल रहे द तो क्या होता है की गवर्नमेंट के सेक्रेटरी था वहां का वो मीटिंग करेगा और सभी एनजीओ से एक-एक रिप्रेजेंटेटिव को बुलाएगा तो वो हमारा जो आश्रम है रांची का उसमें से वह हमारे बड़े महाराज शशांक आनंद जी महाराज मुझे भेजे द की जाओ तुम रिप्रेजेंट ओवर तो मीटिंग में जाता था और यह सब लोगों के साथ बात करता था और मुझे लगता था से उसे समय मुझे समझ करेंगे ना तो उनका ये सब ये रहेगा वो कैलकुलेशन की अच्छा उसमें से जो एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंसिव से वो कितने हैं और देखिए जनरली ये जो सोशल वर्क होता है उसमें जब फंड मिलता है तो फंड को ब्रेकडाउन कर देते हैं की इतना आपको व्हीकल एक्सपेंस है इसमें आपको फूड एंड लॉजिक एक्सपेंस है इतना आपका एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंस है अभी होता क्या है एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंस वो एनजीओ को मिलता है अपने संस्था चलाने के लिए और वो जो वो सर जो सेवा जो के जो एक्सपेंस है की आपको इतने रुपए में अच्छा एग्रीकल्चर उनको सीखना है इतने रुपए आपको ट्रेनर को देना है रिसोर्स पर्सन को देना है इतना रूपों का आपको मैंने यदि हम पशु पालन करते तो अच्छी क्वालिटी का वो जो बकरा है या मुर्गी है वो सब उनको देना है तो यह ब्रेकडाउन रहता है तो उनका यह रहता है की एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सप्रेस 20% 30% होने से उनको चलेगा क्योंकि क्या है तभी वे लोगों को अपना भाई मुझे सैलरी होता है 30-3040000 60000 का सैलरी उन लोगों के ऑफिस बियर का होता है अभी रामकृष्ण मिशन का क्या है मैं तो मुंहफट एक कम करता था हालांकि मैं साधु नहीं था वॉलिंटियर्स था मुफ्त में कम करता था नहीं हमको कुछ चाहिए रामकृष्ण आश्रम की जो भीतर की जो फैसेलिटीज है वो तो ऑलरेडी बनी हुई है तो यदि गाड़ी लेकर जाना है तो हम गाड़ी भी हमारे पास में है यदि यदि मीटिंग करना है तो होल भी हमारे पास में है रिसोर्स पर्सन चाहिए तो हम ही लोग हैं सब वालंटियर वगैरा तो हम ही लोग पूरा मुंहफट में कर देते हैं तो रामकृष्ण मिशन को एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंस 1% 2% होने से भी चलेगा नहीं होने से भी चलेगा 100% बजट यदि सर्विस एक्टिविटी में जाएगा तो सबसे अच्छा है तो ये डिफरेंस मुझे उसे समय पता चल गया है की उनको एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंस जो है अपना खुद का सैलरी अपना जो लेवी'एस लाइफस्टाइल मेंटेन करने के लिए 20% एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंस चाहिए और हम लोग जो है पूरे मुफ्त में कम करने को तैयार है तो ये जो मैं उसे समय समझता था तब मुझे पता चला की जो सिर्फ कर्मयोग करने से नहीं होगा यदि हमारे जीवन में भक्ति ध्यान ये जो ज्ञान ज्ञान थोड़ा सा हमारे शास्त्र पड़े स्वामी जी की बातें पढ़े यह सब रहेगा तभी हम लोग ठीक से कर्म कर पाएंगे तो ये हमारा आदर्श है रामकृष्ण मिशन का की सभी बात ऑफ योग जो है चार उसको लेकर चलना था किंतु स्वामी जी का ये था की वह जब किसी बात करेंगे तो ऐसा बड़ा छाड़ करके करेंगे की आप उसे समय के लिए भ्रमित हो जाएंगे यदि आपका थोड़ा प्रॉपर ग्राउंडिंग नहीं है तो भ्रमित नहीं एक्चुअली क्या है देखिए स्वामी जी का तो कम था की लोगों को उत्साह प्रेरित करना उन्होंने कहा ना की भारत में इतना तमस है की हमको रजिस्टर की जरूरत है अभी वह सब कुछ मैप टोल करके बोलते थोड़ा ये करो थोड़ा वो करो थोड़ा ये करो तो हमारे जैसे लड़के एन कभी वो प्रेरित होते ही नहीं की सर्वस्व त्याग करके यहां पर या तो फिर आप जैसे वालंटियर है देवोतीस है उन लोगों को इनके ऊपर में श्रद्धा भक्ति नहीं होता आपको एक एक्सट्रीम में जाकर के लोगों उसे प्रेरित करना होगा इंस्पायर करना होगा यहां पर जो विषय वासना संसार चक्र भाव सागर इसमें जो हम दुबे हुए हैं उसमें से खींच कर के हाथों से पकड़ कर खींच कर के यहां पे लाना यहां पे अर्थात ये जो ईश्वर की ओर जा रहे हैं प्रवाह जो है उसमें उनको मिलना उसके लिए बड़ा फोर्स चाहिए तो एक बार स्वामी जी ने इस तरह से इंस्पायर करके हमको यहां पे ले आए फिर जो ठाकुर मैन ये आधार डायरेक्ट दिस ऐप को पढ़कर के हमारे मैन की यह जो दुविधा है हमारे जो प्रश्न है वो सब ठीक हो जाएगी किंतु एक बार जो सबसे पहला जो करना है बहुत ही जोरदार होना चाहिए तभी तो लोग यहां पे आने के लिए प्रेरित हो गए इस प्रवाह में मिलने के लिए प्रेरित होंगे तो इसलिए स्वामी जी जो कुछ भी कहते द एकदम उसको एक्सट्रीम में ले जाकर के कहते द तो इसलिए यहां पर मैन कहती है मैं अनुमान करके का रहा हूं की यही एक बात होगी की नरेंद्र को हर चीज में क्यों खींचते हो वह अलग ही श्रेणी का है यदि मैन का की भक्ति करो ना रहने करो तो इस तरह से मैन तो बेचारे वो सीधे-साधे भाव से बोलेगी ना है इस तरह से बोलेगा स्वामी जी की हम बिल्कुल ये दुविधा में पद जाएंगे मैन का रही है वो सही है ना की नरेन का रहा है वो सही है इसलिए मैन कहती है वो अलग ही श्रेणी का है स्वामी जी भी मैन को साक्षात देवी के रूप में देखते द एक बार उन्होंने बेलूर मठ में कहा था मैन सरस्वती के रूप में बागला की अवतार है देखिए रुद्रा रूप और सौम्या रूप ये दोनों मैन के भीतर में एक समान वर्तमान है मैन दुर्गा के हाथ में दिखेगा ये सब इतने सारे अस्त्र शास्त्र है मैन सरस्वती के भीतर में देखेगा सौम्या शांति विद्या संगीत वो उसकी देवी है तो रुद्र स्वरूप भी मैन के भीतर में है मैन काली का स्वरूप भी है और सौम्या प्रशांत स्वरूप भी मैन के भीतर में है और हमको भी ये देखिए हम जब अपने लाइफ में हमको समझना है की एक आध्यात्मिक रास्ता है तो वो एक संसार का रास्ता है तो संसार के रास्ते में हम जब जाते हैं तो हमको कभी कभी रुद्र स्वरूप धारण करना पड़ता है क्योंकि हमको तो बहुत सारी चीजों को डिफेंड करना है अपना खुद अपने खुद को डिफेंड करना है अपने फैमिली को अपने जो इंटरेस्ट है adharvas तो संसार में हम रह ही नहीं पाएंगे कंपटीशन तो इतना होता है की जो टोटल पंच ऑफ सरेंडर और जो यह दोनों चीजों को समझ नहीं पता वह पथ ऑफ सरेंडर पथ ऑफ डिवोशन उसको यदि संसार में ले आने का प्रयत्न करेगा प्रॉब्लम क्या होगा की वो मतलब कोई भी उसका डिसएडवांटेज लेगा कोई भी उसको मतलब क्या है की उसका गलत उसको ये कर सकता है उसको मतलब एडवांटेज ले सकता है उसका तो इस तरह से हमको समझना है की सी हैव तू कीप अवर इंटरेस्ट सेफ सी हैव तू डिफेंडर सेल्स इस लॉन्ग सी आर इन डी वर्ल्ड बट एस लॉन्ग एस सी आर मॉर्निंग एंड इवनिंग मेडिटेटिंग ठाकुर सी हैव तू बी कंपलीटली ओपन सी हैव तू ओपन ओवर हार्ट कंप्लीट बाहर से वे शांति से परिपूर्ण है parntu भीतर से वे आसुरी शक्ति की विनाशक है देखिए कितना बड़ा मुझे भी नहीं पता था की स्वाद मतलब मैंने बहुत कुछ पढ़ा है सब कुछ याद नहीं रहता ना तो मुझे याद नहीं था की स्वामी जी ने सेंटेंस का है कितनी बड़ी बात का दी है मैन सरस्वती के रूप में बागला के अवतार है बाहर से वे शांति से परिपूर्ण है parntu भीतर से वे आसुरी शक्ति की विनाशक है देखिए यह जो डिस्ट्रक्टिव एक्सपेक्ट ऑफ गोद जो है ना इसकी पूजा सिर्फ हिंदू धर्म में ही होती है आप क्रिश्चियनिटी देखिए ना की ओर स्पेशली क्रिश्चियनिटी वहां पर देखिएगा की जो ईश्वर का जो स्वरूप है मतलब पॉजिटिव और एक शैतान को एक अलग से बना दिया है जो डिस्ट्रक्टिव फोर्स कंस्ट्रक्टिव फोर्स ऑफ क्रिएशन एंड शैतान इसे डी फोर्स ऑफ रेडिएशन सृष्टि स्थिति प्रलय ये सृष्टि के जो नियामक है brahmasthiti पालन करता है विष्णु संघर्ष है प्रभु शिव तो ब्रह्मा विष्णु शिव सृष्टि स्थिति और संहार प्रलय यह तीनों जो है एस्पेक्ट ऑफ से डीटी से गुड हेड और हमको यह देखना है की हमारा जीवन भी है डिस्ट्रक्शन इसमें है तो डिस्ट्रक्शन है बोलकर के हमको ये त्याग की शिक्षा मिलती है आपको पता है ना की कभी-कभी सन्यासी लोग उसे मिशन पहले खासकर के ऐसा होता तभी तो उसे मिशन में जाकर के वो पूजा पाठ करने की परमिशन मिलना मुश्किल है वो पहले ऐसा होता था की वो सन्यासी जो है इस मिशन में जाकर के जब करता है इस खास करके अमावस्या की रात है चिता जल रही है पास में बैठकर के वो ध्यान मैग्ना है इससे क्या होता है की जो संसार मृत्यु का ही एक परछाई संसार के ऊपर में सब समय लगी रहती है जिस फिर भी हमारे अपने हैं जो की जिस पर हमको बहुत इतना प्यार है मेरा जीवन मेरा सब कुछ ये सब कुछ के ऊपर में मृत्यु की एक परछाई है कब मृत्यु आकर के उनको ग्रस्त लेगा कब मुझे दुख में दल देगा कुछ कहने सकते हैं तो हम क्यों मृत्यु से डरते रहे क्यों नहीं लेटेस्ट एंब्रेस डेथ मृत्यु को जैसे अपने साइन में लगाए जैसे वो अपना बंदूक है यमराज को कहे की अरे मैं तुमसे डरने वाला थोड़ी ना हूं आओ बैठो साथ में बैठ के चाय पीते हैं गैप लगाते हैं मैं क्यों darunga मृत्यु से यदि यह जो मेरे माता-पिता भाई-बहन बंधु बंधु इन सबके भीतर में वही आत्म विराजमान है जो की मेरे भीतर में है तो यदि वह चले भी जाएंगे तो उनकी जो पुनिया स्मृति है मेरे मैन में सब समय विराज करें विराजित रहेगी और फिर तो अगला जन्म है फिर से साथ में आएंगे फिर से हंसी मजाक करेंगे फिर से गैप लगाएंगे क्यों मैं उनका जो बिछड़ना जो है उनसे दूर चले जाना है उसे समय इतना हो जाओ तुम मृत्यु को भी अपनाना यह अपने हिंदू धर्म में ही ये एक हमारी एक यूनीकनेस है किंतु यहां पर देखना है की जो शैतान जो है और जो sangharmurti जो है इन दोनों में डिफरेंस क्या है डिस्ट्रिक्ट है जो शिव है या मैन काली है या तो मैन बगल है किंतु वे लोग एथिकल है वे लोग जो जो है इम्मोरलिटी का सहारा नहीं लेते सत्य फिर झूठ बोलना यह जो इम्मोरल वे ऑफ लाइफ ऑनेस्टी इसका सहारा वे लोग कभी नहीं लेते जबकि जो शैतान जो है ही इसे फिगर इन दोनों को कंपेयर करना कभी ठीक नहीं रहेगा मैंने तो सिर्फ उनका एक शंकर एस्पेक्ट की कंपेयर किया है नहीं की बाकी के रिस्पेक्ट हमारे ईश्वर के प्रतीक हो ना की रीजन के प्रतीक उन्होंने सत्य का आश्रय कभी किसी ईश्वर ने नहीं लिया है माने ईश्वर और रक्षा के बीच में यह डिफरेंस हमेशा है sangharumurti भगवान यह हैं और ये जैसे रक्षा है बाकी रक्सन का वर्णन जो है मृत्यु या तो फिर डिस्ट्रक्शन दोनों के साथ में जुड़े हुए हैं किंतु असद जो है भगवान यह के साथ में कभी नहीं छोड़ा जो की राक्षसों के साथ में जुड़ा हुआ है तो यह जो शैतान जो है वो ये दो असत भी है उसके भीतर में और डिस्ट्रक्शन का भी प्रतीक है इस तरह से उन लोगों का एक यूनिक इतिहास है हमारे कुछ यूनिक इतिहास है पाश्चात्य देशों से लौटने के बाद जब कभी वह उनका दर्शन करने जाते तो अपने शरीर पर गंगाजल चीड़ लेते क्योंकि उनको लगता स्वामी जी की बात है की जब स्वामी जी अमेरिका से आए हैं मैन को मिलने को जा रहे हैं नोखा में जा रहे हैं यहां पे इसका वर्णन नहीं है और एक जगह pahnoon का से जा रहे हैं तो बार-बार अपने शरीर पे वो गंगा नदी में से पानी डाला अच्छी टकरा अपने शरीर पे पूरा शरीर भी गया है कपड़े भीग गए हैं तो जो उनके सेवक वगैरा अन्य सन्यासी द स्वामी जी आप तो बीमार है आप तो उसे समय जब स्वामी जी पहली बार अमेरिका से लौटे द एक्चुअली क्या हुआ था की वहां का जो क्लाइमेट है यहां का जो क्लाइमेट है वो बहुत डिफरेंट है तो नेचुरल यहां पर उनका जन्म हुआ था यहां पर उनको वह बड़े हुए द किंतु फिर भी जब बहुत साल आप दूसरी क्लाइमेट में रहते फिर यहां से क्लाइमेट चेंज होता है तो उसका शरीर पर असर होता है तो वह जो असर जो है इतना खराब हुआ की स्वामी जी को अल्टीमेटली डायबिटीज हो गया और फिर इसी से उनका शरीर चला गया तो उसे जब पहली बार आए द और दूसरा शेड्यूल था ना की गांव गांव शहर शहर जाकर के कोलंबो तू अल्मोड़ा उनका जो किताब है लेक्चरर्स ऑन कोलंबो तू अल्मोड़ा पूरे भारत में घूम करके इन अन वेरी शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम इतने लोगों के साथ बात करना बहुवचन देना कितना मतलब इन दिस तू थ्री इयर्स ही हिट लाइव टाइम मतलब दो-तीन साल में दो-तीन जन्म का कम करके वो 200 300 जन्म का कम करके वो गया तो वो बीमार हो गए द और उनका जो मृत्यु हो तो जो ये 1897 की बात है और 192 में तो उनका शरीर चला गया तो जो बार-बार अपने शरीर पर गंगाजल चिक रहे कपड़े भिन हो गए तो उनके जो साथी संज्ञा से पूछ रहा है की अरे स्वामी जी आप अपने शरीर पर इतना पानी क्यों दल रहे हैं ऑलरेडी अब बीमार है bheegenge और ज्यादा बीमार हो जाएंगे स्वामी जी क्या कहते हैं है उनको लगता था की वहां हर प्रकार अमेरिका में हर प्रकार के लोगों से मेलजोल के कारण उनकी आध्यात्मिकता में कुछ रस हो गया है कुछ कमी ए गई है अर्थात देखिए अमेरिका में गए हैं तो विषय भोगों से भरपूर लोगों से इतना मिले जो लेकर करेंगे मिलना तो पड़ेगा तो उससे उनके चरित्र पर चरित्र पे कोई दाग नहीं लगने वाला है किंतु क्या है ना क्या उनका एक तन मात्रा वो तन मात्रा का एक तो हमने डिस्कस किया है की यदि किसी जगह पे पूजा-पाठ हो रहा है जब ध्यान साधन भजन हो रहा है तो उसके पॉजिटिव होली तन मात्रा होती है शुभ तंत्र होती है जहां पर विषय वस्तु का बहुत चिंतन हो रहा है तो एक अशुभ तन मात्रा होती है तो यह जो अमेरिका में यह सब कुछ जगह पर बहुत था तो वह सब जगह पर जाकर स्वामी जी ने लेक्चर दिए तो वो तन मात्रा जो है उनको थोड़ा बहुत लग गया होगा इसलिए स्वामी जी कहते हैं की देखो मैं बार-बार गंगा से अपने शरीर को साफ कर रहा हूं अपने शरीर की शुद्धि कर रहा हूं जिससे की मैं जब मैन को जाकर के प्रणाम करूं तो मैन को इसका एक अन कभी ना लगे देखिए मैन के ऊपर में उनकी कितनी भक्ति है मैन के भवन के द्वार पर जाते समय वे बहुधा भाव विभोर हो जाते हैं और आगे नहीं बढ़ पाते द ऐसे ही एक अवसर पर मैन स्वयं ही उनका हाथ पकड़ कर उन्हें घर के भीतर ले गई थी मतलब सोच के देखिए जो लोग वहां पर उपस्थित होंगे ये दृश्य देखा होगा की स्वामी जी हाथ जोड़कर खड़े हैं शहरों में आंखों में से शुरू की धारा बा रही है भाव से मग्न हो गए हैं एक कदम भी नहीं चल सकते मैन को पता चला अरे वो क्या paglapan कर रहा है यहां करके उसका हाथ पकड़ कर के भीतर में ले गए यह दृश्य जिन्होंने देखा होगा वो भी कितने धन्य हो गया अच्छा आज यहीं तक फिर से मिलेंगे जय मैन जय मैन