Transcript
कुछ हीरो का तो शार्प मनिया पेशे अमर कासन भरे चला भरो रे मा तथा इच्छा हो गई किंतु कहते अमर कासन पर भक्तों ने कष्ट होने दीजिए उपस्थित हुए भजन आंचल ले लिया मजे बसिया और एक-एक मुथो गुरु भक्त पत्नी के दिया बोलते द पॉकेट किछु ये रकम के छू रखें कोई दिन बिकने पूर्वक तो भक्तों आशिया प्रणाम मृत्यु प्रणाम शरद महाराज तो एक खाने मैन की बोल छे बाबा तो मधुर पाए काटा फुटले अमर भूखे शेर बजे शुक्रिया कंबल खड़िया दहिया नीचे धो लिया मैन तुम्ही केमोन होने तो खर्च पे पत्थर दिल है कलेक्शन क्यों फॉर्मूला वेदव्यास संबंध है हमारा जली जो उन्हें की नाक पर हमारे भारतीय संस्कृति हिंदू धर्म में शब्बो श्रेष्ठ आचार्य जो कुछ बेच दिया ये वेदर विभाग कोर से उपनिषद के भालो करें ओटा कंपाइल कोर से 18 पुराने रचनाकार है brahmoshoot रचना करें छे या 18 पुराने बेहतरीन महाभारत वेश्या के लो तार भीतर एक गीता और सुधा और ब्रह्म सूत्र रचना करें चेता आमदनी भारतीय हिंदू जीवन है सर्वश्रेष्ठ ग द कृष्ण लीला कोटा डिपिक्ट होटल श्रीमद् भागवत रचना दिलेर और दिन भक्त वृद्धि हुए देश हैं सहारा गोपाल गुलाब पोहा समोसे तो jagrutik संबंध atikramank 14 प्रवाहित कृष्ण मिटाई राजगुरु भोलानाथ चट्टोपाध्याय महाशय के पत्रों लिखाई दिखाई दे दिया जय लिखो बाबा जी बाबा जीवन का खेलते हुए जरा आमदर ठेके फ्रॉम मध्य तो एक कुंतल राहुल क्या पर रिस्पेक्ट ना करें आज के जीवन लो आज कानून अच्छे शाबाश मेरे ऊपर अत्याचार फैमिली हस्बैंड तो ओके पत्र लिख्चे लिखे पापा जी नो और एक पुरुष और माहिर ठेके से छोटू की मामा सामने शिशु मंदिर ग्रामीण सफाई किंतु हेलो अच्छा ठीक अच्छा कौन श्री माहिर अनुपम मातृत्व परिचय नलिन बाबू चेहरा देखते आय ऍम रियली शब्द की पेशी आदर्श प्रसाद वितरण काले देखा जाए तो जय श्रीमान संतान देर रुचि मेहता हेलो मात्रा श्री श्रीमान दहर चिन्ह जॉय खबर और दमक पटाया दिनी तम्मा खान मैन इधर साधु की पचपन बनाए तो मैन मुझे के गुंजन साधु का तो पैन खाए एक जैन चले छोटू एकता पैन बचपन के peshipan जन्नत मनुष्य को संतान की द एक बार श्री मैन के अनुरोध करिया छिले टिनी जनों था के निकट आशिक दूर चरण करें मयूरी सामने जावा तो उचित रहे नीचे कासन मैन के भुगते हुए कथा बोले रे कांसेप्शन तेरा उखाणे ना जाए तो ना जा ना जा ना एक उठाते बदलो लोग का रहे द मुझसे तक dushkarmon korechita ने ओके अपना टच होना चाहते मैन बोलियां छे अमर केले यदि धूल ओ कड़ा आंखें तो धो लो चढ़े को लेंगे बड़ी मैन यदि हमारा पूर्व परीक्षित ओके फॉलो करें पूछिए काली मंदिर है और राधा का पूजा हो तो राधा कातिल jugalmurti है तो उखाणे पुजारी कुछु भूल करें छे ये मूर्ति का भेंगे बैठेंगे एक पंडित एक हमने कोई विद्वान shastrgyzsparsh है मूर्ति को ए जाए तो उज्जैन देर साद गए हमारे नीचे संपन्न था उचित नहीं ओके तो लीजिए आरोप फॉलो करिए तो पूछिए द वो ऊंची के चेतावनी कर छोड़ ठीक है सामाजिक जो खुद हमारे तो एक-दो दिन एक जुगल मूर्ति के रखिए और पूजा है तो ए नीचे संबंध दर्शन आरती देर प्रणाम है और एक दिन वही काले रासबिहारी महाराज देखिले श्री महाभारत केवल माता दी प्रणाम जाटों पाप तप एशियाई दूर ठेके प्रणाम करते बोलते है तो मैं जीवन रात को पपेट रहस्य हमारे पास होते द ये कब करें प्रणाम पूरा बुद्ध करें महत्व है तो हमें कंफ्यूज हुए जाएं अंतिम शत्रु स्वामी जी बोल छे टिंबर ठाकुर बोल छेड़ी माने की जो क्वेश्चन मैंने सुप्रीम कोर्ट जाता हमारा बोली हम देर शाम देर सुप्रीम कोर्ट को 6 मार्च यदि ठाकुर kukol से हमारा मैन जी कथा फिर उधर ना में बोले आभार बोल छे अपना दे एक तो शाम को सेवा करें आशुतोष मित्र बोले त्रिगुणा तीता नंद जी एक जैन रिलेटिव्स तो उन्हें मैहर का माहिर और ब्रह्मचर्य और दिशा से कुछ है किंतु मैन मैन के सेवा करें तो निश्चित मैन के खूब बने तो देखेचे दिन प्रतिदिन मैन के देखे द तो कथा बोला राज्यों का किंतु parvvarti कार्य विकृति ghatlo और अशोक आचरण आरंभ कर लें अभी अनुमान पक्षी के आशुतोष मित्रं होते हैं ये रकम ए रखो ठीक है चलो अपना देर संगे अपना दोस्त देखते सुनते परिना रे बाबा प्रारंभ कर्मों जार जा छे छे तो छींका ने चुस्ती तो जावे माने कथा हमारा जख्म के खाने से छीन तो तने जिम में करूंगा नीले घोड़े जाएगा स्वामी चिन्ह जानो एक तो तक एक तो सम्मान एक तो शुभ sannashira ए लो तो खून माहिर सेवा एक भानु करें चलो किंतु स्वामी जोखन आमेर परिवार जब छिले केशव शरद महाराज ऐश भाई तपस्या मैगनो केले जगत अच्छे की ना भूल एरा शब्दों को ही संसार है शुभ कष्ट करें कोटा प्रार्थना करें तबीयत दोस्त देखते परिना बोले कटु प्रार्थना करें दोस्त ने खटाखट वृंदावन देखो मनुष्य हजार उपकार करें एक तो दोष करो अपनी तार मुक्ति बेकार जाते लोग केवल दोस्ती देखें उल्टी देखा जाए शेखुपुरा एग्जामिनेशन धर्मराज yudhishthit धर्मराज युधिष्ठिर क्यों नॉर्थ को देशों पर दिन हुए द केनो उन्हें शब्द कथा बोले आप एक बार नहीं बोले द नरोबा कुंज रोवा तो औसत कथा भोले और उनके रथ अच्छे और झूमते द तो होना क्यों तो नरक दर्शन करते हुए संगीत अपर्बो ले ये धर्मराज युधिष्ठिर है 70 रखा और ये धर्म पालन ईश्वर बोलते हो ना तो ए लोकेंद्र ही रखा हूं आम्र दुखी देखो थोड़ी ना उतर कोई किंतु देखने मजे मजे इनका यदि भू जाए भूल दी गई शब्दों में भव्य जो हुई है तो आम्र एटलिस्ट चेष्टा करो घर देखो और ghuntay के ही बड़े करें मोनेरा को और दोस्ती भी देखी हो तबीयत दोस्तों के माने करेक्ट पर आज चेष्टा करो जीवन मेल अमर के तो छेड़े लिए अमर निजीर को ले आते पड़े तो मे एक उत्तम एमेडोर नीचे ना करो ओम शांति