Swami Vivekananda
वेदांत इसंट डिवेलप इन अन कंप्लीट फॉर्म बिया जस्ट वैन पर्सन बट बाय डी कंट्रीब्यूशन ऑफ थाउजेंड्स एंड थाउजेंड्स ऑफ सैंड्स एंड सीकर्स एंड साधकस एंड डी महापुरुष डिशेज एंड प्रॉफिट एंड दे बिलॉन्ग तू एवरी अन नेशन ऑन डी अर्थ इट इस नॉट डेट सी कैन ले एंड एक्सक्लूसिव क्लेम तू स्पिरिचुअलिटी इयर्स ओनली इंडियन सेंट एंड ऋषि इस हैव कंट्रीब्यूटेड तू दिस ग्रेट स्ट्रीम ऑफ इम्मोर्टल थिंकिंग इम्मोर्टल आईडियोलॉजी बट फ्रॉम डी एवरी कॉर्नर ऑफ अर्थ राइट फ्रॉम वेरी प्रिमिटिव समनिक रिलीजियस विच डिवेलप इन अफ्रीका एंड दें बिगिन फ्रॉम डेट विद इफ यू कम तू मेसोपोटामिया रीजन दें इफ सी गो तू यूरोप एंड यूरोप वेस्टर्न यूरोप साइट इफ यू कम तू एशिया फॉर ईस्ट एशिया साउथ ईस्ट एशिया बहुत एशिया एंड दें अलसो इन दिस एबोरिजिनल ट्राइबल पीपल ऑफ ऑस्ट्रेलिया एंड अमेरिका नॉर्थ अमेरिका साउथ अमेरिका एंड ऑस्ट्रेलिया आगे थर्ड डिस्कवर्ड बिफोर यूरोपीय सैटेलाइट यूरोपीय कॉलोनाइजर एवरी नेशन एवरी कॉन्टिनेंट इन डी वर्ल्ड हैव कंट्रीब्यूटेड ए लिटिल ऑफ डी विस्टांप एंड नॉलेज इन दिस स्पिरिचुअल स्ट्रीम एंड डेट इसे वही स्पिरिचुअलिटी इस नॉट एन एक्सक्लूसिव राइट तू अन्य सिंगल नेशन और अन्य सिंगल रेस और पीपल इट इसे दिस इट इसे दिस हेरिटेज इन्हेरिटेंस ऑफ एन एंटीरे ह्यूमैनिटी दिस वेल्थ ऑफ स्पिरिचुअल थिंकिंग इट बिलॉन्गस तू एंटीरे अर्थ रदर थन अन्य पार्टिकुलर रीजन डेट इस वही व्हेन सी से दिस इसे व्हाट स्पिरिचुअल थिंकिंग इस सी शुड ट्राई तू कंबाइन एवरेस्ट स्ट्रीम ऑफ थॉट बिकॉज टूरिस्ट ड्रीम ऑफ थॉट गिवन धीर कंट्रीब्यूशन व्हेन दे हैव कल्मिनेटेड इन अद्वैत वेदांत सो अद्वैत वेदांत आगे एंड डेवलपमेंट इन आइसोलेशन फ्रॉम डी वर्ल्ड अद्वैत विधानसभा जर्नी इन स्पिरिचुअल थॉट डेट इस वही एवरी आदर रिलिजन ओर रिलेटिव्स से एवरी आधार ब्रांच ऑफ फिलोस रिलिजियस फिलासफी भैंस से डेट इफ यू फॉलो अस डेट विल बी दी बेस्ट फॉर यू क्रिश्चियन कैन यू अटेंसिव बुद्धिस्म डीओईएसएन'टी क्लेम डेट बुद्धिस्म इस एन एक्सक्लूसिव रिलिजन बट दे आर वेरी प्राउड ऑफ देयर ट्रेडीशंस एंड दे लुक डाउन अपॉन हिंदुइज्म एंड आदर स्कूल्स ऑफ थॉट्स सो एवरी रिलिजियस ब्रांच हिज प्राइड ऑफ देयर डी बेस्ट साथ रिलीज डेट डी वे पीपल हैव डिफरेंट डिफरेंट काइंड ऑफ साइकोलॉजी यू नो इन फॉरेस्ट यू विल सी डेट देयर इस अन रैबिट देयर इस अन डियर हु हु आर वेरी यू नो पीसफुल इन नेचर अन रैबिट्स आर नॉट देयर वेरी क्यूट मिस्टीरियस बट अटलेस देयर डोंट गो तू हम आदर्श एंड दें देयर दिस मीत इंटर एनिमल्स स्ट्रांग मजेस्टिक एनिमल्स लाइक एलिफेंट एंड लाइक यू नो वैन सो आ सिमिलरली ह्यूमंस देयर आर डिफरेंट डिफरेंट किड्स ऑफ साइकोलॉजी ऑफ पीपल सैम आर राजशेखर मिलियन ऑफ साइकोलॉजी एस एंड डेट इस वही दिस आधार बायोमैट्रिक इस सो सक्सेसफुल हो कैन देयर हो कैन द देयर आर 1.4 बिलियन पीपल इन इंडिया ₹140 करोड़ पीपल इन इंडिया बट डी कलर ऑफ रेटिना पैटर्न ऑफ ओवर आई एंड अवर फिंगर प्रिंट्स दे आर यूनिक तू इ एंड एवरी वैन ऑफ फर्स्ट आई डोंट नो आईडेंटिकल ट्विंस थम में भी आईडेंटिकल फिंगर प्रिंट्स अमोंग अन्य तू ह्यूमन बीइंग्स सो सी कैन इमेजिन इफ समथिंग सो सिंपल इस अवर फिंगर प्रिंट्स और अवर रेटिना पैटर्न इसे यूनिक तू एवरी इंडिविजुअल जस्ट इमेजिन डेट साइकोलॉजिकल वेरियंस ऑफ एवरीवन ऑफर्स एवरी वैन ऑफ फर्स्ट साइकोलॉजी अवर ब्रेन पैटर्न इस कंपलीटली डिफरेंट फ्रॉम एच आदर सी आर ऑल अन यूनिक पर्सन एंड नॉन ऑफ ओर आईडेंटिकल एंड डट इसे वही दिस फास्ट वेरिएशंस 800 करोड़ पीपल 700 करोड़ पीपल आर लिविंग अपॉन प्लैनेट अर्थ एंड वेदांत अलाउ स्टेम एच एंड एवरीवन ऑफ दे इंडिविजुअल फ्रीडम एंड स्पिरिट परसू देयर ऑन पथ ध्रुवीस स्पिरिचुअल जर्नी सो दिस इस दी ग्रेटनेस ऑफ अद्वैत वेदांत एंड दिस इस व्हाट स्वामी जी हर टॉक्स अबाउट डेट निंग इसे ओनली रिलेटिव सी कैन बी कॉल्ड बट सी कैन नेवर नो हिम यू नो बाई नो बीइंग मेंस ही समथिंग आउटसाइड अस बट अस सी सो डेट ब्राह्मण इस विदिन अवर ऑन सेल्फ नेचर इसे ब्राह्मण आई कनॉट यू कैन नो मी बट इफ व्हेन इट कॉम तू मी आई कैन ओनली बी यू कैन ओनली बी यू दिस बीइंग एंड नोइंग इस डी क्रिटिकल डिफरेंस बिटवीन डिसएडवांटा एंड एवरी आदर ब्रांच ऑफ फिलासफी बिकॉज एवरी आदर ब्रांच इट्स ऑन फ्रीडम सेइंग डेट यू आर ओल्ड लेजिटीमेट ब्रांचेस ऑफ साधना इसे लॉन्ग एस यू आर सिंसेरे अपोनेंट बिफोर डेट ही वाज गोद सी आर अवर ऑन फेस बट वे कैन ओनली शेयर रिफ्लेक्शन नेवर डी रियल थिंग आई वांट तू सी माय ऑन फेस व्हाट आई कैन डू आई कैन सी यू हर इन दिस वीडियो मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस बट आई कनॉट सी यू मैं ऑन फेस सो से थिंग विद लाइक गुड डेट आई कैन बी गो बट आई कैन नेवर सी गो बिकॉज आई मैसेल्फ आई एम गुड यू नो देयर इस वेरी नाइस इंसीडेंट व्हेन स्वामी जी वाज इन अमेरिका देर वाज वैन स्मॉल बॉय यंग बॉय एंड ही कम तू स्वामी जी नौ समवन माइट हैव टाट हिम ओर माइट बे ही इस ऑन आइडिया ही सेड तू सैम डेट स्वामी हो कैन सी सी गोद सो ही वाज जस्ट ए बॉय हो कैन स्वामी जी टीच हिम अन ग्रेट वेदांत और अन्य आदर ब्रांचेस ऑफ थिंकिंग फिलासफी सो हिम इस सिंपली से डेट यू नो दिस इस योर आई कैन यू सी योर आई डी बॉय अलसो टेक वेयर इट इस गुड लाइव हो कैन आई मीत बर्ड सो हो कैन आई सी गोद वेयर डी स्कोर इन अमोंग डी क्लाउड्स इन हेवन सो फादर इन हैवन डेट इस व्हाट इसे सो ही थोड़ी देर इफ आई नो वेयर गोद इस लिविंग दें आई विल जस्ट गो एंड मीत हिम इन दिस इस हो बॉयज थिंग्स डेट इफ यू कैन ट्रेवल तू उसे योर कंट्री हाउस यू कैन ट्रेवल तू योर रिलेटिव वही कनॉट यू ट्रेवल एंड मीत गुड व्हाट इसे देर व्हाट इसे डी डिफरेंस सो स्वामी जी से डेट यू नो गुड न्यूज़ वेरी नियर यू डोंट हैव तू ट्रेवल तू सैम प्लेस डी वे यू गो तू मीत यू अंकल उर आंट एंड योर फैमिली मेंबर यू ट्रेवल बाय बोट यू ट्रेवल बाय कर यू ट्रेवल बाय ट्रेन यू डोंट हैव बिकॉज गोद न्यूज़ वेरी नियर यू बट वही कैन यू सी आई कनॉट यू सी वैन न्यूज़ वेरी नियर मी फॉर बॉयज विथ हिज और मदर एंड ही कैन ओबवियसली ही इस मदर एवरीडे बट हर सैम इसे डेट गुड न्यूज़ वेरी नियर वही कनॉट आई सीन आई सी एवरीथिंग विथ माय आई बट आई कनॉट सी माय ऑन आई आई हैव तू नीड अन मिरर इन ऑर्डर तू सी माय ऑन आई सो दिस इसे हो गोल्ड इस सो नियर तू अस एक्चुअली सी अवर सेल्फ ओवर ट्रू नेचर इस गोद बट इट इस नॉट इसी तू गेट रीड ऑफ ऑल ओवर फास्ट करमास ऑल ओवर साइंस एंड ऑल ओवर दुष्कर्म सुक्कर्म एवरी कर्म इट इस शकल इन अवर फिट वेदर गुड कर्म वेदर इट मी विक्रम एवरी टाइप ऑफ कर्म एक टीज अन शकल इन अवर फिट सो सी हैव तू गेट रीड ऑफ बर्थ ऑफ डेथ सर्टिफिकेट बट कनॉट तू डेट आई विल हैव तू सी गोद इन एंड इमेज इन डी टेंपल इन डी अवतार इन अन्य ऑफ डी इष्ट देवता देयर आय वरशिप भगवान शिव भगवान मदर काली मदर गैंग मदर गंगा मदर दुर्गा अन्य ऑफ दिस गॉड्स एंड गोडेसेस डेट सी सी सी हैव तू सी दिस ब्रह्मांड विच इस लिविंग विद मी आई हैव तू सी डी रिफ्लेक्शन ऑफ डेट इन ऑल डीज गॉड्स एंड गोडेसेस एंड अवतार वंस आई एक्चुअली सी दिस डिवाइन लाइट इनसाइड दिस गॉड्स एंड गोडेसेस एंड अवतार अस दें ऐवेंंचुअली आई विल टर्न इन शब्द एंड आई विल ट्राई तू रिलाइज माय ऑन ट्रू नेचर सो दिस इस अन जर्नी बाय विच सी हैव तू फर्स्ट वो आउटसाइड सी हैव तू सी डी रिफ्लेक्शन ऑफ डी कोड एंड दें सी हैव तू सी डी रियल बर्ड विच लाइव्स इनसाइड मी सो दिस इस वही अद्वैत वेदांत इस वेरी डिफिकल्ट तू प्रैक्टिस एंड अंडरस्टैंड इट इसे लाइक सिंग योर ऑन आई यू व्हेनेवर सी योर राइट यू कैन बी योर आई बट तू अंडरस्टैंड लेवल ऑफ अंडरस्टैंडिंग एंड इंटेलेक्चुअल अंडरस्टैंडिंग इट रिक्वेस्ट इंटेलेक्चुअल मैच्योरिटी इलेक्ट्रिक वायरस एंड स्मॉल बॉयज डू नॉट हैव डेट शार्प विजडम एंड अंडरस्टैंडिंग तू अंडरस्टैंड तू थिंक डेट दिस इस नॉट समथिंग आदर दें मी दिस इस माय ऑन सेल्फ दिस बॉडी माय एंड्स माय लेग्स माय हेयर माय फेस माय स्पेक्टाकल्स आई ऍम नॉट मीत इस समथिंग आदर दें मी बट आई इस बिहाइंड दिस स्पेक्टाकल दे आर माय ऑन सेल्फ सो दिस सेटल्ड डिफरेंस शटल वेरिएशन चाइल्ड कनॉट अंडरस्टैंड सो डेट इस वही चाइल्ड हस तू बी शोन अन मिरर इन डी मिरर ही कैन सी ही इस आई बट यू कैन नॉट बी हिज आई इन सच ए यंगर आगे डेट इसे वही अर्थव्यवस्था थिंक कुंडली ने वैश्णविज्म वैष्णव धर्म विल से डेट दिस इस कृष्णा भगवान कृष्णा डेट यू विल हैव तू वरशिप तांत्रिक शक्ति पथ डोज हु और शक्कर देवी से डेट यू विल हैव तू वरशिप देवी ठोस हु आर क्रिश्चियन डेविल से डेट विल हैव तू वरशिप एंड लाइक दिस सो ऑन एंड ऑन एवरीवन विल से डेट यू विल हैव तू वरशिप समथिंग विच इस आउटसाइड ऑफ यू विल हैव तू प्री तू समथिंग विच इस आउटसाइड ऑफ यू वंस यू मेक डी प्रैक्टिस ऑफ वरशिपिंग और सेरेंडरिंग ओवर तू समथिंग विच इस आउटसाइड ऑफ फर्स्ट दें ओनली ओवर माइंड विल बिकम अवर चित्रा विल बिकम पूरे इनफ तू अंडरस्टैंडिंग फॉर सो लॉन्ग इन आउटसाइड वर्ल्ड इट इसे एक्चुअली डिसाइडिंग विद इन माय ऑन हार्ट इन फैक्ट अल्टीमेट थिंग डेट अल्टीमेट सो डेट इस वही स्वामी जी से डेट सी आर ओवर ऑन फेस बट सी कैन ओनली सी अन रिफ्लेक्शन नेवर डी रियल थिंग डेट इस वही डेट कमिंग
ब्रह्मचर्य
अच्छा मैं कुछ दिनों पहले ब्रह्मचर्य के बारे में पढ़ रहा था तो मैंने सोचा की इसके बारे में भी थोड़ा सा चर्चा किया जाए आपको पता है की ब्रह्मचारी जो है वो साधक जीवन के लिए साधक के लिए एक भक्त के लिए एक बहुत ही अनिवार्य साधना है किंतु इसके बारे में हम बहुत ही रेयरली चर्चा करते हैं हम इसके बारे में बहुत ही रेयरली इसके बारे में हम साधु लोग भी ज्यादा नहीं बोलते हैं और भक्त लोग भी इसके बारे में कभी प्रश्न नहीं करते हैं क्योंकि यह टॉपिक जो है थोड़ा सा सेंसेटिव है यहां तक की मैं कह सकता हूं की हमारा जो ट्रेनिंग सेंटर है जहां पर सिर्फ ब्रह्मचारी लोगों की ट्रेनिंग होती है वहां बाहर का कोई आता नहीं है वहां पर भी यह जो सब्जेक्ट है इसके बारे में हम ओपनली डिस्कशन कभी नहीं करते और जो हमारे बड़े सीनियर साधु महाराज लोग जो है वाइस प्रेसिडेंट महाराज प्रेसिडेंट महाराज यह लोग भी चढ़ी ट्रेनिंग सेंटर में हमको कोई क्लासेस क्लास लेने के लिए आएंगे लेक्चर लेने के लिए आएंगे तो वे लोग भी इसके बारे में ओपनली ज्यादा नहीं बोलेंगे क्योंकि ये सब्जेक्ट थोड़ा सेंसेटिव है किंतु फिर भी मुझे लगता है की यदि इसके बारे में हम यदि चर्चा ना कर सके इसके बारे में हम थोड़ा बहुत भी चिंतन ना कर सके तो क्या एक ये बहुत ही अनफॉर्च्युनाते होगा क्योंकि हमने बाकी सब तरह की साधनाओं के बारे में सोच लिया की भक्ति क्या है भाव क्या है किस तरह से हम हम अपने को बालक संतान समझ करके ईश्वर को मां समझ करके इसके साथ में एक भालोबासा प्रेम का एक रिलेशन रखते हैं किस तरह से हम यह साधक जीवन की जितनी भी ब्रांच से चाहे एकाग्रता हो चाहे भक्ति हो ध्यान हो लेकिन चाहे कर्म हो सैम सबकी चीजों के बारे में बात करते हैं किंतु सबका जो फाउंडेशन है आधार है वो है ब्रह्मचारी हम ब्रह्मचर्य के बारे में डिस्कस नहीं करेंगे तो डेट विल बी अन ग्रेट रोज तू एवरीवन है वह जो है उनकी जो अंडरस्टैंडिंग है वह थोड़ी सी चाहे वह अधूरी रह जाएगी और यदि हम में हम साधु लोगों के बारे में जनरली नहीं कहूंगा किंतु मैं अपने बारे में कहता हूं जिस दिन मैं इसके बारे में नहीं बोलूंगा तो ये जो बोलने की जो क्रिया है मेरी उससे क्या है ना की मेरी खुद की इनलिटी कल अंडरस्टैंडिंग एक्सपेंड होती है मेरी ये जो एनालिटिकल फैकल्टी जो है थोड़ी शार्प होती है क्योंकि जैसे कहते हैं ना की सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है तो सीखने का यदि कोई लड़का ब्राइट है और उसके दो-तीन मित्र हैं इनका की इतना क्विकली कोई लेसन ग्रेस नहीं कर सकते कोई अच्छा टीचर होगा तो क्या कहेगा वो जो ब्राइट लड़का है उसको बोलेगा अच्छा तुम बाकी लोगों को थोड़ा सिखाओ तो जो लड़का है वो दूसरे लोगों को जब सिखाएगा तो उसके अंडरस्टैंडिंग और भी क्योंकि वो लोग प्रश्न करेंगे उसके सामने क्योंकि मेरे माइंड में एक अंडरस्टैंडिंग है किंतु जब मैं बोलने को चाहता हूं जब मैं उसको एक्सप्लेन करने को जाता हूं तो मुझे उसको दूसरे तरीके से सोचना पड़ता है सर ठाकुर कहते हैं ना की खुद को मरने के लिए सुई चाहिए एक सुई से भी आप अपने को सुसाइड कर सकते हैं आत्महत्या कर सकते हैं किंतु यदि आपको दूसरे को मारना है तो आपको तलवार चाहिए या अर्थ है की यदि हमारा खुद का अंडरस्टैंडिंग हमारी खुद की साधना का प्रयोजन चाहता है तो मैंने थोड़ा बहुत पढ़ लिया उसके जो बेसिक प्रिसेप्ट समझ लिए और मैं उसका जो पालन कर रहा हूं उसकी प्रैक्टिस कर रहा हूं तो मेरे लिए सफिशिएंट है किंतु यदि में जैन समाज को उसके बारे में सीखने को जाऊंगा तो विभिन्न तरह के जो डिफरेंट डिफरेंट साइकोलॉजिस्ट है विभिन्न तरह के जो साधक द उनकी जो नीड्स एंड रिक्वायरमेंट है उसके अनुसार मुझे समझना होगा की किसको क्या अप्लाई हो रहा है अर्थात की मुझे उसमें बहुत ही दीप में जाकर के चिंतन करना पड़ेगा तो मैंने भी इसके बारे में थोड़ा सा किया और मुझे ऐसा लगता है की यदि ब्रह्मचर्य का ठेके पालन करना हो तो उसके लिए हमारी पास में तीन चार रिटायरमेंट होनी जरूरी है सबसे पहले है रोटी हमारे जीवन में एक का रूटीन होना चाहिए मैंने अभी आप लोग कहेंगे की गृहस्ती के लिए इसकी क्या जरूरत है मैंने सबसे पहला ही प्रश्न यह होगा किंतु मेरा ऐसा मानना है की चाहे साधु हो ना की चाहे गृहस्ट हो इसकी साधना आज नहीं है तो क्यों आज से ही उसके बारे में समझना शुरू कर दे जैसे हमारे शास्त्र में कहा गया है के पहले तो है जो 25 साल हम विद्यार्थी रहेंगे 25 सालपुर हस्त रहेंगे 25 साल जो है वानर स्टार रहेंगे बाकी के 25 साल जो है हम सन्यासी के रूप में जीवन जिएंगे तो ये ऐवेंंचुअली तो हमको क्या है की अपने जो इंद्रियां है जो बहिमुख हमारे जो चिंता नहीं है जो ये सब कुछ है उसको हमको अंतर्मुख करना ही है तो आज नहीं ना कल उसकी प्रैक्टिस तो करनी चाहिए तो उसकी अंडरस्टैंडिंग के लिए एक रूटीन बनाना बहुत जरूरी है यदि हमारे एक रूटीन पक्का होता है तो क्या होता है की मतलब दिन भर में यदि हमारे मां में कोई विचार कोई पार्टिकुलर समय में किंतु हमारा रूटीन ऐसा है की इस समय मुझे यह करना ही है मुझे इस समय यह करना ही है तो फिर वो रूटीन जो है मुझे कंपल करेगा की मैं वहां से अपने मां को खींच करके अपना ये जो रूटीन में जो चीज मैंने की ठीक की है मैं उसमें अपने मां को लगा तो ये रूटीन बहुत जरूरी है दूसरा है आहार आहार जो है वो मतलब हमको पता ही है स्वास्थ्य की दृष्टि से भी हमको पता है की ये जो ताली हुई चीज ये मसाले वाली चीज या तो फिर ये जो शुगर जो है मीठी चीज इसको कम खाना चाहिए किंतु ये जो स्वास्थ्य की दृष्टि से जो सही है यही चीज जो है हमारी आध्यात्मिक साधना के लिए भी सही है जिसको की हम राजा सिख आहार कहते हैं तामसिक आहार कहते हैं और सात्विक आहार कहते हैं सात्विक आहार में जो है की यह जो घी का उसमें इस्तेमाल होता है घी दूध है और फिर जो है वो जो बोयल चीज हम ज्यादा खाते हैं और इसमें जो मांसाहार है वगैरा उसको जितना अवॉइड कर सके कर सकते हैं ऑफ कोर्स अब कहेंगे की बंगाल में तो यह पॉसिबल ही नहीं है ठाकुरमार स्वामी जी स्वयं मांसाहार किए हैं तो निश्चय वो तो बात सही है किंतु यह बात भी है की सभी चीजों का एक संयम होता है अपने पोस्टिक आहार ग्रहण करने की दृष्टि से यदि आप कुछ भी खाते हैं तो उसमें शायद इतना दोष नहीं होगा किंतु अपने जेहुआ की स्वाद की परिपूर्ति करने के लिए जीव के शोक की परिपूर्ति करने के लिए यदि हम बहुत ज्यादा कुछ खा लेते हैं तो इससे हनी अवश्य हो सकती है तो यह चीज है किंतु सबसे बड़ा चीज मैंने देखा की वो है हमारा एटीट्यूड हमारा सेल्फ रिस्पेक्ट विश्वास है की हां यह रास्ता मैंने जो चुना है साधना का मैं चाहे गुरु हो या तो मैं सन्यासी हूं यदि एक बार मैंने ठीक कर दिया की श्री रामकृष्ण मां शारदा देवी के स्वामी विवेकानंद के आशीर्वाद मुझे अपने जीवन में चाहिए तू यदि मैंने यह ठीक किया साधन जन्म माना करने की शुरुआत की चाहे में कहां पर भी हूं मैं चाहे विद्यार्थियों मैं चाहे गुरु ही नहीं हूं मैं चाहे गुरु हस्त हो मैं चाहे बैंक में जॉब करता हूं टीचर हूं कहीं पे भी हूं साधु हूं कहीं पे भी हो किंतु यह जो कुछ बेसिक जो एटीट्यूड है वो सब जगह पर हमको एक इक्वल कम करता है वो है सेल्फ रिस्पेक्ट यदि हमारा अपने में एक सेल्फ रिस्पेक्ट होता है की हां मैंने संसार से थक करके संसार से भाग करके माने यह रास्ता पसंद नहीं किया यह रास्ता जो है मुझे क्योंकि ईश्वर के ऊपर में जो प्रीति है वो प्रेम है ईश्वर के ऊपर में श्रद्धा है इसके लिए मैंने इस रास्ते को पसंद किया है जैसे बहुत सारे लोग सोचते हैं ना की धर्म का पालनपुर करता है यदि समाज में उसको बहुत सारे दुख दुविधा और संकट और कष्ट ए जाए तो फिर वह भगवान का नाम लेना शुरू करता है की जैसे चाहे उसको सही कुछ मिल जाए मैं जब साधु बनने के लिए मैंने सोच करके रखा था मैं घर को छोड़ने वाला था उसे समय मेरा बेस्ट फ्रेंड हमने दो-तीन हम बेस्ट फ्रेंड्स द उसमें से एक आया उसके साथ में मैंने कितने ही प्रतिदिन हम लोग साथ में स्कूल जाते द ट्यूशन में जाते द प्रतिदिन कप लगाते द तो मैंने उसको मेरे बारे में ज्यादातर सब कुछ पता है उसको बड़ा आश्चर्य हुआ की अरे मैंने तो मैंने तो ऐसा सोचा नहीं था की तुम कभी साधु हो जाओगे तुम को ऐसा क्या प्रॉब्लम ए गया है मैंने कहा की प्रॉब्लम तो ऐसा कुछ नहीं है ना तो तुम साधु क्यों हो रहे हो मैंने कहा की इसलिए मैं साधु नहीं हो रहा हूं की मेरे कुछ प्रॉब्लम है मुझे ऐसा लगता है की ये रास्ता मेरे लिए ज्यादा उचित है मेरे मेरे एप्टीट्यूड जो है मेरा जो एटीट्यूड है उसके लिए यह ज्यादा युक्तिसंगत रास्ता है तो यह लड़का जो मेरा मित्र था एक्चुअली 5 6 साल से हम प्रतिदिन साथ में पढ़ाई लिखाई करते द उसे समझ ही नहीं का रहा है की मैं इस तरह की यह कोई मेरे साथ में प्रॉब्लम है और मैं उसको पता नहीं रहा हूं मैं उसको छुपा रहा हूं तो यह जो ईश्वर के बारे में हमारी जो श्रद्धा भक्ति है वह हमको अपने आत्मा श्रद्धा जिसको कहते हैं सेल्फ रिस्पेक्ट उसमें से वो प्रकट होती है नहीं की हमको बाकी कहीं जगह पे हमको बहुत बड़ा तकलीफ हो गया हो और यहां पे आकर के हम भगवान को कह रहे हैं की मुझे तकलीफ में से निकल दो जैसे स्वामी जी मैं बार-बार कहता हूं की मां के पास गए और क्या मंगा घर में इतनी सारी तकलीफें फिर भी बार-बार जाकर के मांग रहे ज्ञान दो भक्ति दो वैराग्य तो ज्ञान भक्ति वैराग्य प्राप्त करने के लिए हम ठाकुर के पास आए हैं नहीं की हमारे संसार की कोई सुविधा हो जाए कोई कष्ट है वो लाखों हो जाए उसका कोई उपाय हो जाए इसके लिए हम यहां पे आए हैं तो यह जो एटीट्यूड है सेल्फ रिस्पेक्ट का की मैं यहां पर भिखारी की तरह ईश्वर के सामने नहीं खड़ा हूं एक संतान की तरह मां के सामने खड़ा हूं मां संतान को प्रेम करती है वह बात हमको पता है किंतु बच्चा भी जो है मां को कितना प्रेम करता है और बच्चे का जो प्रेम है वह मां को कितना खुशी देता है की हां मेरा बहुत अच्छा मेरे लिए इतना यह मतलब इतना मैं नहीं होती हूं तो वो रोना धोना शुरू कर देता है मेरी मां कहां गई कहां गई मुझे मां के पास जाना है इसलिए नहीं की मां उसको खिलाती है उसका ललन पालन करती है क्योंकि उसके भीतर में वो प्रेम है ये जो शुद्ध प्रेम होना ये हमारे पक्का जो रिलेशन होता है उसकी निशानी है तो ऐसा ही शुद्ध विशुद्ध प्रेम हमारा ईश्वर के साथ में है यह हमको विश्वास है ये यदि मुझे भरोसा है तो उसे भरोसे से सही सही संयम की भावना डिवेलप होगी एडरवाइज यदि मुझे यह शुद्ध प्रेम यदि ईश्वर के साथ में नहीं है तो फिर मैं चाहे कुछ भी कर लो योग शास्त्र में बहुत सारी विधियां बताई गई है की ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए आपको क्या करना चाहिए आप ऐसी लाखों विधियां कर लें तो भी जो है जो चैतन्य महाप्रभु के बारे में है ना की बहुत सुंदर कहानी है की वो उनका त्यागराज के कितना स्ट्रांग है वो टेस्ट करने के लिए किसी ने उनकी वो ध्यान में स्वागत है किसी ने उनकी जगह पर जो है वह शुगर डाल दे अभी क्या होता है वो तो शुगर को शुगर पिघल जाएगी जो चीनी है पिघल जाएगी मिक्स हो जाएगी उसका टेस्ट लाने के लिए वो तो बायोलॉजी कल फंक्शन है अभी उनकी जहा पे चीनी डाल दी फिर भी जो चीनी है पिघल नहीं रही है उनकी जीफा जो है उसका त्याग संयम इतना है की चीनी को ग्रहण नहीं कर रहे तो वैसे ही इतना स्ट्रांग त्याग वैराग्य जो है वो अपने जीवन में ए जाएगा जैसे ये ईश्वर के प्रति हमारा सही सही प्रेम भाव है स्नेह भाव है ये जो भाव की भाव साधना के बारे में हम लोग बात करते हैं की संतान का मां के प्रति या तो मां का संतान के प्रति ऐसा शुद्ध विशुद्ध भाव प्रकट होने से देखेंगे की यह जो कम भाव जो है वो अपने से ही चला जाएगा ठाकुर क्या कहते हैं की यदि आप सूरज की ओर जाएंगे तो पृथ्वी जो है अपने से ही दूर हो जाएगी पृथ्वी को दूर होने के लिए आपको यहां पर खड़े खड़े वो जंप लगाने की जरूरत नहीं है वो जितने ही झप के पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण इतना स्ट्रांग है की बार-बार वो अपनी ओर खींच लेगी तो यह जो कम भाव है उसका जो गुरुत्वाकर्षण जो है उसका जो अट्रैक्टिव है वो इतना पावरफुल है की हम उसको सिर्फ त्याग करने का प्रयत्न करेंगे तो वो बार-बार जो है हमको उसकी ओर खींच लेगा किंतु ईश्वर की ओर प्रेम जो है ईश्वर की ओर जो श्रद्धा है साधन भजन में हमारी जो निष्ठा है वो जितनी बढ़ती जाएगी वैसे ही ये भाव जो है कम भाव वो धीरे-धीरे अपने से ही शिन होता जाएगा जैसे वो ठाकुर कहते हैं ना की 1000 साल पुराना कमरा है उसमें हमने वो लाइट जला दी प्रदीप चला दिया तो क्या वो धीरे-धीरे करके अंधेरा जाएगा लेकिन जिस क्षण प्रदीप को जलाए उसे शिक्षण अंधेरा चला जाएगा तो वैसे ही यहां पर है जिस तरह से मेरे मां में ईश्वर के प्रति सही श्रद्धा का प्रगातीय हुआ श्रद्धा प्रगति हुई उसी दिन से देखेंगे की कम भाव जो है वो क्षण होता जाएगा ये एक चीज है मेरा नागपुर में पोस्टिंग हुआ था जॉइनिंग के बाद फॉरेन मैंने बेलूर मठ ज्वाइन किया पीपीटी सी चीज को पता है वो पीटीसी करके एक जगह पे जगह प्री प्रोबेशन ट्रेनिंग सेंटर वहां पे हम लोग जो नए-नए लड़के ज्वाइन करने के लिए जाते हैं तो बाद में मेरा पोस्टिंग हुआ नागपुर में तो नागपुर में यदि कोई नागपुर मठ में गया होगा तो देखा होगा की बीच में एक रास्ता है रास्ते के दो किनारे दो कैंपस हैं एक में तो लाइब्रेरी है ऑफिस है पब्लिकेशन सेंटर है और दूसरा जो कैंपस है वहां पे हमारे जो साधु निवास है और मंदिर है और भंडार गुरु है वहां पे तो मुझे रहना है साधु निवास में एक कैंपस में किंतु क्योंकि मुझे किताबें पढ़ने का बहुत शौक है तो मैं जो सामने वाले कैंपस जो है वहां पे लाइब्रेरी नागपुर मठ की ड्राइवरी बहुत ही सुंदर लाइब्रेरी बहुत ही अच्छा सिलेक्शन है तो प्रतिदिन में लाइब्रेरी में जाता था अभी मैं जब रास्ता क्रॉस करके वो अपने वो जो जहां पर मंदिर है उसे कैंपस में वापस आता हूं देखता हूं की वहां पर रास्ते के किनारे पर मां काली का मंदिर है छोटी से छोटा सा मंदिर है जो भक्त ने हमको यह जमीन डैन की थी अब मटकी बहुत साल पहले आई थिंक सैम वेरी 1920 तो उसी समय उसी भक्त ने छोटे सब प्लॉट जो है उसी कॉर्नर में मां काली के मंदिर को दिया था उसने सोचा था की मां काली की आराधना ठाकुर ने की है तो भले ही एक कॉर्नर में ठाकुर की आराध्यता देवी मां काली का भी मंदिर हो वहां पे वो पंडित को रखा है ब्राह्मण को रखा है वो पूजा कर रहा है डेली तो मैं प्रतिदिन जब मैं मंदिर वाले कैंपस में जाता हूं तो मैं देखता हूं की मां काली का मंदिर है नया-नया गया था तो दो-तीन बार देखा फिर एक दिन जाकर के भीतर में खड़ा रहा देखा की एकदम सौम्या वातावरण है कोई वहां पर नहीं आता अपने मठ में तो इतने लोग आते हैं वहां पर पहुंच जाएगा इतना काली की पूजा कोई इतना पॉप्युलर नहीं है वो महाराष्ट्र में खास करके वह उसे एरिया में तो भक्त लोग आते हैं ऐसा नहीं है की नहीं आते किंतु जिस समय सुबह का समय में खास करके लाइब्रेरी में जाता था उसे समय बहुत कम लोग रहते द तो उसे समय में जाकर के मंदिर में खड़ा रहता था हो जो घंट बजाता था वह अपने यह जो ट्रेडिशनल जो सब कुछ है ना हमारे मंदिर में नहीं पाया जाता वो कभी-कभी किसी को मिसिंग लगता है वो जाकर के वो घंटी बजाना वो जाकर के वो जो नारियल जो है या तो कुछ है वो ईश्वर के सामने अपने देवताओं के सामने ऑफर करना वो जो सब जो छोटे-छोटे चीज जैसे हम ट्रेडिशनल मंदिर में करते हैं हमारे मंदिर में नहीं होती तो वहां पे मुझे ऐसा बड़ा अच्छा लगता था की वो जाकर के खड़ा रहता है तो मतलब एक दो आदमी खड़े रह सके उतना ही बड़ा था उससे ज्यादा बड़ा भी नहीं था और मां काली की बड़ी सुंदर मूर्ति थी तो जाकर के दो हाथ जोड़कर के मैं मां काली को प्रतिदिन प्रार्थना करता था की मेरा जो मां है शुद्ध निर्मल पवित्र कर दो और जो है कभी भी कोई भी प्रकार का कम भाव मेरे मां में प्रगति ना हो तुम ये जो प्रतिदिन हाथ जोड़कर के मां काली के सामने प्रार्थना करता था मैंने देखा की उसका बहुत ही पावरफुल परिणाम मैंने अपने जीवन में उसे समय महसूस किया था अभी यह बात मैं ठाकुर को भी कर सकता हूं इतना बड़ा मंदिर है हमारा ठाकुर की इतनी विधिवत पूजा होती है किंतु क्या है ना की मां काली की पूजा तो उन्हें स्वयं की थी मां काली को ठाकुर ने स्वयं वो जो प्रार्थना की थी भक्ति देने के लिए शुद्धता पवित्रता देने के लिए तो महाकाली का भी तो एक प्रभाव है और मैंने देखा की उनकी इस तरह से उनसे मांगने से ठाकुर को भी मांगने में थोड़ा संकोच जाता है वो मां के सामने सब कुछ मांग सकते हैं तो इस तरह से वो प्रार्थना करने से देखा की बहुत ही अच्छा परिणाम मैंने अपने जीवन में अनुभव किया ये एक चीज दूसरा मैंने देखा की मां की जो किताब है मां शारदा देवी की वो प्रतिदिन हम पाठ करते हैं तो उसका भी बहुत ही अच्छा परिणाम आता है जो कम भाव जो है मां में प्रगति नहीं होता है यदि मैं मां की किताब मैंने उसी समय से जब से मैं नागपुर में था जब से ज्वाइन किया था तब से मैंने वो प्रैक्टिस रखा था की प्रतिदिन जो है पहले तो मुझे समझ में नहीं आया पहले तो मैं इसीलिए पढ़ रहा हूं क्योंकि मैं पढ़ना चाहता था किंतु एक दो साल क्योंकि मां के तो बहुत सारी किताबें है फिर कथा है चेतन जी का कलेक्शन है परमेश्वर आनंद जी का है एक बहुत अच्छा किताब है फिर ये जो ईशाना जी का किताब है बहुत अच्छे-अच्छे किताबें मां के बारे में तो एक के बाद एक पढ़ता गया था तो कोई कोई किताबें माहिर का था तो मैंने एटलिस्ट एक बेजान बार पढ़ ली है गंभीर नदी की मां के जीवनी एटलिस्ट चार से पंच बार पड़ी है तो पढ़ते-पढ़ते तीन चार साल निकल गए उसके बाद में मुझे समझ आया किंतु की जिस दिन मैं मां की किताब पढ़ता हूं उसे दिन जो है मेरा मां जो है एकदम वो जैसे की एक हवा में उद्ठ एंड ऐसा लगता है वर्ण ऐसा लगेगा की जैसे प्रो जमीन पर आकर गिरा रहा है वो जो युधिष्ठिर का रथ था ना की वो वैसे जमीन से 6 इंच ऊपर उठाता था छह अंगुल तो जिस दिन यह कह दिया नरोबा कुंज उसे दिन से वो जमीन पर आकर के चलने लगा तो वैसे ही मुझे ऐसा लगा की जिस दिन मैं मां के ही बातें पढ़ता हूं मां की किताब पढ़ता हूं मेरा मां जो है जैसे हवा में उड़ता है और जिस दिन नहीं पड़ता हूं ऐसा लगता है जैसे जमीन पर फिर से ए गया है तो उससे उसे दिन से मैंने एक प्रैक्टिस रखा है की एक यहां पर एक पेज दो पेज तीन पेज जितना भी हो सके मां की कोई भी एक किताब प्रतिदिन पाठ करना जिससे की जो है शुद्ध पवित्र विचार आएंगे तो यह अंधेरा जो है जो उलट-पुलट जो विचार जो है वह सब जो है मां में से दूर हो जाएंगे तो आज यहीं तक फिर से मिलेंगे ओम शांति शांति राम कृष्णा