Sri Ramakrishna as We Saw Him : Swami Adbhutananda
जय मैन जय ओम संस्था का धर्म स्वरूप सो विवेक रीडिंग स्वामी अद्भुत आनंद जी महाराज इन डी प्रीवियस इंसीडेंट विल पासिंग आवे ऑफ श्री रामकृष्ण डी नाइट श्री राम कृष्ण पास आवे ही अटेंड महासमाधि रे शुड से एंड डी नेक्स्ट दे डी दे ही वाज क्रीटेड एंड डी दे डी से दे आफ्टर हिज क्रीमेशन व्हेन मदर वास अबाउट तू रिमूव ब्रेसलेट ठाकुर एंड टोल्ड हर डेट वेयर गान अमी गेट शिप होता है फॉर एक एक रूम आई हैव गान फ्रॉम वैन रूम तू अंदर रूम सो दिस इसे हो श्री राम कृष्ण एंड इन दिस नेक्स्ट इंसीडेंट से थिंग अपर डेट इस डी इंसीडेंट ऑफ डी से थिंग डेट वही अन आफ्टर है पासिंग आवे इफ एचआईवी डिस बिकम डिप्रेस्ड दें तू मच रिप्लाई इट काशीपुर मच लंगर बिकॉज ऑफ डी ग्राफ इफेक्ट गो तू रामबाबू'एस हाउस एंड फ्रॉम हेयर आई वुड गो तू नरेंद्र हाउस नरेन इन हिज टिपिकल बिहारी स्टाइल लॉरेन ही उसे तू एड्रेस पार्ट ऑफ रामबाबू बट रामबाबू कीप हिम ए सर्वेंट बिकॉज रामबाबू कूद सी हिमसेल्फ डेट हो दिस डी लाइट ऑफ brahmgna इस शाइनिंग ऑन डी फेस ऑफ एवरी यंग बॉय हु हेड सर्वेद ठाकुर सो हो कैन ही हैव ए सर्वेंट हुवे अत अटेंड ब्रह्मा गैंग रामबाबू एंड हिज वाइफ दे उसे तू ट्रीट लेटर महाराज इस देयर ऑन सैन redher दें दिस सर्वर बट ऑफ कोर्स ही कनॉट स्टे इन डी होम सो सोमेटाइम्स यू वुड गो दक्षिणेश्वर सैम टाइम्स वुड गो तू नरेन हाउस एंड दिस वाज डी डेज़ व्हेन आफ्टर पासिंग डी वे ऑफ ठाकुर देयर वैसे नो फिक्स्ड प्लेस फॉर दिस बॉयज तू स्टे एंड तू डू साधना दिस वैसे डी मोस्ट डिप्रैस इन टाइम सी में इमेजिन इन डी लाइफ बिकॉज फॉर डी लास्ट 34 इयर्स ऑलमोस्ट दे हैव बिन कमिंग तू मीत श्री राम कृष्ण ऑलमोस्ट रेगुलरली एंड आफ्टर श्री राम कृष्ण कम तो काशीपुर फॉरेस्ट ट्रीटमेंट ऑफ कैंसर अराउंड हिम ऑलमोस्ट एवरीडे एंड सैम ऑफ डेम लाइक अन तारक लाइक बोडो गोपाल डट इसे अद्वैत आनंद जी महापुरुष महाराज शिवानंद जी एंड लथु महाराज असमीज अद्भुत आनंद जी दे हेड नो होम ऑफ डी होम तू गो बैक तू सो दिस डिड परमानेंटली इन काशीपुर कंट्री ब्यूटी dirhambal सर्विस तू ठाकुर ट्रीटमेंट ईटीसी अन्य सर्विस ठाकुर रिक्वेस्ट सो व्हेन ठाकुर पास आवे ठाकुर अटेंड mahasammati काशीपुर गार्डन हाउस डी रेंट हाउस फिल्म ओवर डेट लीव्स एक्सपायर इन डी हाउस काशीपुर गार्डन हाउस वाज डेट गेम गिवन बैक तू ढेर ऑन ओरिजिनल ऑनर्स मदर वेंट बैक तू कम आपको दे विल सिंपली गो तू मीत एच अदर्स फॉर्म इन वेरी नाइस रिकॉर्ड बाय स्वामी विवेकानंद यंगर भाई महेंद्र नाथ दत्ता आई थिंक मोस्ट प्रोबेबली महेंद्र नाथ तो आ आई डोंट रिमेंबर एक्जेक्टली बट इट्स ऑलमोस्ट महेंद्र नाथ सो ही हैज रिटर्न वेरी नाइस डिस्क्रिप्शन ऑफ दिस डेज़ इम्मीडिएटली फॉलो आफ्टर ठाकुर्स महा समाधि यू नो व्हाट हैपेंस लांगेस्ट ठाकुर वास तेरे मास्टर महाशय हैज मेड veritade डिस्क्रिप्शन ऑफ़ एवरीथिंग था हैपेंड विथ ठाकुर एंड अलसो देयर विल मणि आदर डिसीप्ल हु रिकॉर्ड तू इवेंट्स इन डी ऑन पे एंड आफ्टरवार्ड्स व्हेन स्वामी विवेकानंद रिटेन फ्रॉम अमेरिका दे सो में डिसीप्लस दे हैव ऑल गदर अराउंड दिस 16 डायरेक्ट डिसीप्लस अराउंड इनिशियली आलम बाजार मार्ट एंड लेटर ऑन बेलूर मठ एस यू नो डी व्हाट इसे डी सीक्वेंस ऑफ अवर हिस्ट्री इन 1886 अगस्त हिंदी अगस्त ऑफ 1886 श्री रामकृष्ण अटेंड mahasammati फ्रॉम शब्द फॉर आई थिंक ऑलमोस्ट फॉर अन फ्यू देस 10-15 डेज़ समथिंग लाइक दिस दिस बॉयज हज नो वेयर इस तू स्टे सो दे रिटर्न तू दे होम आफ्टरवार्ड्स सुरेश मित्र ठाकुर अपर तू सुरेश मित्रों एंड ठाकुर सेठ तू सुरेश माय बॉयज आर स्कैटर्ड ऑल ओवर डी himopless तू स्टे सो डी वे यू आर गिविंग मणि डी वे यू विल गिविंग डी रेंट ऑफ काशीपुर गार्डन हाउस डू डी से फॉर दिस बॉयज स्टार्टिंग बट फॉर डेम इन माय नाम सो देयर सुरेश गिव डी लिस्ट आई थिंक डी वारंगल मठ दिस वीक डिस्कस डेट दे डेट हाउस वेव्स डिले बिलेटेड नो वैन वाज लिविंग द इट वाज अन्य वेरी बेड रिपेयर एंड देयर वाज डी आर डी घोस्ट लिविंग इन देयर हाउस बाय बिकॉज सैम इयर अन गो अन फ्यू पीपल हेड कमिटेड सुसाइड इन डेट हाउस सो था houseboj कंपलीटली अब बंद ऑन अन वेरी bedshep सो दे डीज बॉयज वेयर एबल तू रेंट इट वेरी चिपल सो दिस इस हो इस varangar मठ कम तू बी इन एक्सटर्नल सो दिस वारंगल मट एंड आफ्टरवार्ड स्वामी जी फ्रॉम diswara नगर मत इत्सेल्फ स्वामीजी डिसाइडेड डेट ही dajunt वांट तू स्टे इन वैन प्लेस हिज डी स्पिरिट ऑफ सन्यासिन इन इंडिया स्टेट ही वंडर्स ऑल ओवर डी अर्थ लिविंग अपॉन नथिंग बट दीक्षा / अर्न्स अपॉन डी मर्सी ऑफ कोड विधु नारायण इस इट व्हाट हैपेंस व्हेन आज दिस आइट्यूंस मोंक bikams इल व्हेन दिस pariyojk सन्यासी ही है नो क्लेश तू कीप स्टे हिज नो फिक्स इनकम ही है व्हाट हैपेंस व्हेन ही फॉल्स हिमसेल्फ सो दिस इस हो डी पर्यावरण सन्यासी न्यूज़ तू लाइव इन प्रीवियस एजीएस इन असिएंट इंडिया डी से स्पिरिट ऑफ पर्यावरण पीरियड इन स्वामी विवेकानंद एंड स्वामीजी डिसाइडेड डेट आई विल लीव डी आई विल ट्रेवल ऑल ओवर इंडिया एंड देन आई विल सी हो ठाकुर गाइड्स मी मैं नेक्स्ट स्टेप सो अलांग विथ स्वामी विवेकानंद हिज आधार भाई डिस्पर्स अलसो स्वामी ब्रह्मानंदम टुडेस स्वामी ब्रह्मानंद तिथि पूजा वेरी हॉलीडे टुडे वेरी आॅस्पाइसियस स्वामी ब्रह्मानंद जी स्वामी अद्भूतानन्द जी निरंजन आनंद जी सी कैन नंदन जी vajant है ड्यूरिंग डी टाइम बट गंगाधर महाराज था इस स्वामी आनंद जी एवरी वैन एल्स एक्सेप्ट ट्रैवलिंग और ब्रिटिश pravritya इट इसे कॉल्ड इन संस्कृत डेट इस तू वॉक ऑन आगे लॉन्ग आगे यू केन एंड इट व्हेनेवर यू आर हंगरी यू जस्ट बक फॉर योर फूड यू डू पिक्चर शशि महाराज एक्सेप्ट देयर वाज अन फाइट ओवर दिस कलर्स रामबाबू वैन ऑफ डी मोस्ट प्रॉमिनेंट हाउसहोल्डर डिसएबल रामकृष्ण ही वांटेड तू इंटर दिस कलर्स इन माय retareat माय displod ही हेड परचेज एंड आई विल स्टार्ट ठाकुर डेली वरशिप यू आर ऑल बॉयज यू हैव नो प्लेस तू गो नो प्लेस तू स्टे सो व्हाट वुड यू डू ठाकुर स्थित बट डेड नाइट व्हाट हैपन शशि महाराज एंड निरंजन डिसाइडेड डेट सी विल रिमूव सैम ऑफ दिस असिस्ट एंड कीप इट इन कलश विथ अस एंड दें ब्रॉड दिस कलर्स हो एक्सेप्ट शशि महाराज हु वास डी पुजारी ऑफ श्री राम कृष्ण एवरीवन एल्स ट्रेवल ऑल ओवर इंडिया एंड रिज्यूम ठाकुर यू नो डेट व्हेन यू आर कंपलीटली डिपेंडेंट अपॉन वोट यू हैव नथिंग यू नो कंपलीटली यू हैव सरेंडर तू ठाकुर डेट वाटेवर इफ आई एम हंगरी dajunt मैटर आई विल नॉट गिव फूड इन माय जोलर एंड आई विल गो फ्रॉम वनप्लस 2 अंदर आई विल डिपेंड अपॉन ठाकुर फॉर माय फूड सो निर्भरता से धीस सरेंडर तू गोद इस यू कैन लर्न व्हेन यू आर ट्रू प्रोग्रेस परिवार मेलोडी देवोतीस डू नर्मदा परिक्रमा इन नर्मदा परिक्रमा डी रोल इस डेट यू कैन नॉट गो बैक ओंस यू स्टार्ट एंड दें यू हैव तू यू शुड बी कंपलीटली रिलेट अपॉन कोड विद आउट अन्य कलेक्शन ऑफ फूड विद योरसेल्फ सो डेट यू कैन गो फ्रॉम वैन प्ले स्टोर अंदर एंड यू कैन हैव योर लंच बाग लंच बॉक्स एंड यू कैन एट आउट ऑफ योर लंच बॉक्स नो यू विल हैव तू डिपेंड अपॉन दीक्षा ओनली थिंग इस डेट इस देयर आर सो में आश्रम ऑन डी बैंक ऑफ नर्मदा डेट यू विल नेवर गो हंगरी आई एम आई सेड इट खंड परिक्रमा फॉर तू मच खंड parikramas लेट यू स्टार्ट फ्रॉम 1 पॉइंट एंड यू कैन एंड यू तू अंदर पॉइंट सो 2 मंथ्स आई डिड परिक्रमा आते आई नो फ्रॉम माय ऑल एक्सपीरियंस दिस इस यू कैन गो हंगरी देयर आर सो में आश्रमास देयर आर सो में dharmshalas एट सेटेरा ऑन डी पथ डेट दे आर ऑलवेज इस बिलिंग तू फीड ऑलवेज विन तू गिव व्हाट हैपेंस व्हाट आई वांटेड तू तेल यू इसे डेट आफ्टर इम्मीडिएटली आफ्टर ठाकुर्स महामदी अप तू स्वामी vivekanandas रिटर्न्स फ्रॉम डी वेस्ट इन 1998 1996 इन डी दिसंबर मंथ ऑफ 1896 दिस 10 इयर्स वेयर डी मोस्ट तपस्या इंटेंस डेज़ इन डी लाइफ ऑफ डी 16 डायरेक्ट डिसीप्लस एंड होली मदर बट आफ्टर स्वामी विवेकानंद डी रिटर्न ही इस्टैबलिश्ड डी बेलूर मठ एंड स्टार्टेड रामकृष्ण मिशन इस सो में देवोतीस बेगिन तू कम फ्रॉम ऑल ओवर डी वर्ल्ड डिडेंट हैव तू डू सफिशिएंट फूड इन डी मार्ट बट दिस तपस्या इट्स चेंज इट्स वरुण नौ देर लिविंग टुगेदर सो लिविंग टुगेदर देयर आर सो में क्लासेज ऑफ पर्सनैलिटी सो में स्पेस ऑफ व्यू पॉइंट्स इन आईडियोलॉजी इट हैपन मणि टाइम्स वनडे बाबूराम महाराज बिकम वेरी एंग्री विद सैम ऑफ डी पुलिस ऑफ इदर राजा महाराज और स्वामी जी हाइड्रो एक्जेक्टली बिकॉज बट ही बिकम वेरी एंग्री एंड लिविंग दिस मच आई एम नॉट स्टार्टेड लिविंग थिंग मच एंड ही वेंट तू डी डट इसे बैलून ही वेट तू डी गेट ऑफ डी बैलून एंड सुद्दनली ठाकुर अपर एंड ठाकुर पुल्ड ऑन हिज उत्तरीय एंड ठाकुर बंगाली हिल्स वेयर विल यू गो माय सैन दिस इसे डी प्लेस फॉर यू तू स्टे व्हेन डी स्टार्ट ठाकुर सईद दिस बाबू प्रेमानंद रेते सो लिविंग टुगेदर इत्सेल्फ इस वेरी ग्रेट तपस्या बिकॉज सी ऑल कॉम फ्रॉम वेरी डिफरेंट कलर्स वेरी डिफरेंट बैकग्राउंड डिफरेंट लैंग्वेज इसे डिफरेंट लिविंग थिंग्स ऑफ माइंड डिफरेंट आईडियोलॉजी सो दिस लिविंग टुगेदर इस में तपस्या टुडे इन डी लाइफ ऑफ डायरेक्ट डिसीप्ल आफ्टर श्री रामकृष्ण महासमाधि फर्स्ट वाज फ्रॉम 1886 तू 1996 तू 10 इयर्स विथ ट्रेडिशनल तपस्या वेयर यू गो फ्रॉम ऑल ओवर इंडिया ऑल ओवर वर्ल्ड विदाउट अन्य पजेशन विदाउट अन्य इंश्योरेंस एंड गारंटी ऑफ योर सेफ्टी और योर फूड सप्लाइड रिलायंस कंपलीटली अपॉन ठाकुर फॉर योर sustainage फॉर योर सेफ्टी फॉर योर हेल्थ एंड डू डी बस या इंटेंस तपस्या स्टेइंग आवे नाइट्स आफ्टर नाइट्स डूइंग जपम वन राजा महाराज डिस्क्रिप्शन ऑन डी बैंक ऑफ कुसुम सरोवर इन फरीदाबाद एंड व्हाट आई वांटेड तू से इफ दिस महेंद्र नाथ दत्ता ही हेड रिटर्न लॉट ऑफ डिस्क्रिप्शन ऑफ दिस pariyojk का देस ऑफ दिस farhanagar मठ विच इस नोट इसलिए अवेलेबल इन एनीव्हेयर इन overliterature अप तू ठाकुर स्लाइड देहरादून सो में डिस्क्रिप्शन राम बाबू राइट समथिंग keshavs एंड राइट समथिंग मास्टर्स रिटर्न kathamuta ऑल दिस रिकॉर्ड स्वामी विवेकानंद रिटर्न इन 1896 अगेन देयर आर सो में रिकॉर्ड्स न्यूज़पेपर रिपोर्ट्स 100 देवोतीस वॉलिंटियर्स एडमिरेस द डिसीप्लस मेंस इस विलेज हाउसहोल्डर दे कम तू बेलूर मठ एंड रिटर्न ऑन एवरी एस्पेक्ट ऑफ बेलूर मठ मॉम बट दिस टेक इयर्स नो वैन गोस हेयर आदर दें दिस मेंस दिस यंग बॉयज एंड टेक केयर फॉर नथिंग नो पब्लिसिटी मोर रिकॉर्ड नथिंग दे वांटेड तू बी अब्जॉर्ब टोटली एंड कंपलीटली इन ऐश्वर्या भाव सो दिस 10 इयर्स रिकॉर्ड इस जनरली मिसिंग फ्रॉम अवर लिटरेचर एक्सेप्ट वेरी फ्यू इवेंट्स आर रिकॉर्ड स्कैटर्ड हर इन द एंड वेरी हेल्पफुल सोर्स इस स्वामीजी यंगर भाई हु यूज्ड तू कम तू वर नगर मठ वेरी रेगुलरली एंड ही हेड रिटर्न में इवेंट्स बट सैम टाइम्स इन अवर ऑर्डर इट इसे डेट ही इसे रिकॉर्डिंग ऑफ इवेंट्स इस नॉट डेट मच रिले पर वही बिकॉज सोमेटाइम्स ही मिक्स अपडेट वह स्टेट बिफोर स्वामी जी वाज ग्रेजुएट और आफ्टर स्वामीजी वैसे ग्रेजुएट ऑल दिस मिक्स अप्स आर देर इन हिज मेमू आयर्स इन हिज रिकॉर्ड इवेंट्स इवेंट्स की रिपोर्टेड बट सी हैव तू अंडरस्टैंड डेट पर्सन कैन मेक मिस्टेक इन डेट्स बट ही विल नेवर रिकॉर्ड रोंग इवेंट्स समथिंग डिसएप्वाइंट दिस इस व्हाट दिस मेंस आई विल नेवर रिकॉर्डिंग इट रोंग आई विल नेवर से डेट दिस इस व्हाट इसे इट विच इस रोंग जनरली विथ डेट सी ऑल कंफ्यूज अप एंड मैसेल्फ अलसो डू डेट सो दिस फ्रेंड्स वन सी हैव टाइम विल डिस्कस ऑल ठोसे इवेंट से टेकन प्लेस ड्यूरिंग थिस varahagar मठ टेस्ट
श्रीरामकृष्ण कथामृत : द्वितीय दर्शन
हिंदी श्री रामकृष्ण कथामृत द्वितीया दर्शन द्वितीया दर्शन का प्रसंग सुबह का समय था 8:00 श्री रामकृष्ण उसे समय दाढ़ी बनाने की तैयारी में द तब भी थोड़ी ठंडी थी इसलिए वे शरीर पर गर्म किनारी दर्शल हुए द मास्टर को देखकर उन्होंने कहा उसे समय मास्टर महाशय जो है वहां पर महेंद्र नाथ गुप्त मास्टर महाशय का नाम है किंतु हम लोग सभी अपने ऑर्डर में उनको मास्टर महाशय के नाम से ही पुकारते हैं क्योंकि वो टीचर द और उनके बहुत सारे विद्यार्थियों को वह ठाकुर के पास में ले द इसलिए जाते हैं तब भी थोड़ी ठंडी थी इसलिए वह शरीर पर गर्म kinaredar शल ओड हुए द मास्टर को देखकर उन्होंने कहा तुम आए हो अच्छा यहां बैठो यह वार्तालाप श्री राम कृष्ण का कमरे के दक्षिण पूर्व बरामदे में हो रहा था नई आया हुआ था श्री रामकृष्ण उसी बरामदे में बैठकर गाड़ी बनवाने लगे बीच-बीच में वह मास्टर के साथ बातचीत कर रहे द शरीर पर शल थी पैर में जूतियां सहस्य बदल द बात करते समय कुछ totlate द श्री रामकृष्ण मास्टर से क्यों जी तुम्हारा घर कहां है अभी देखिए ठाकुर सब चीजों के बारे में पूछेंगे तुम्हारा घर कहां है घर में कौन है क्या करते हो सब कुछ है जैसे की वह हम गुजरात में खास करके वह जो खाने के बाद में रात को घर के सामने कोटला होता है घर के सामने वहां पर बैठकर के सब लोग लगाते हैं अभी तो यह सब पुरी प्रथा ही चली गई पड़ोसी लोग साथ में मिलकर गैप लगाने की रात को अभी सब लोग मोबाइल है या तो टीवी है या तो फिर कहीं बाहर चले जाएंगे उसे समय पहले के समय ऐसा होता था की साथ में बैठकर और सब लोग एक दूसरे को सब कुछ पूछे बिना किसी शर्म किया रे तुम्हारे वहां पर क्या हो रहा है क्या नहीं है आजकल आप किसी को कुछ पूछने को भी जाते हैं तो लोग नाराज हो जाते हैं अरे मुझे ऐसा पूछ लिया मेरी प्राइवेट लाइफ में ऐसा इंक्वारी कर रहा है किंतु उसे समय था लोगों का जो जीवन है इतना सरल और ओपन था की वो जो भी है वो दुनिया भर की बातें करते द वो फिर अपने बारे में भी बताएंगे सामने वाले को भी पूछेंगे और तीसरे के घर में क्या चल रहा है और उसका भी डिस्कशन करेंगे तो वैसे ही ठाकुर का भी ऐसे एकदम मधुर सुबह हो ना बालक स्वभाव है एकदम सरलता से वो सब कुछ पूछ लेते द क्योंकि दूसरी बात है यहां पे सिर्फ क्यूरियोसिटी नहीं है या तो फिर टाइम पास करने की भी बात नहीं है उनका तो वो तो गुरु है गुरु को अपने बारे में सब कुछ यदि पता होगा तभी तो वो हमारा निदान कर पाएंगे डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर के साथ पूरा डायग्नोसिस करता है बीपी चेक कर लो शुगर चेक कर लो भाई प्ले स्टोर है की नहीं चेक कर लो तभी तो कहीं जाकर के वो बता पाएंगे की किस तरह की मेडिसिन देने से उसका कोई विपरीत परिणाम ना हो तो यह सब सच सोच समझ कर के डॉक्टर को मेडिसिन रिस्पेक्ट करना पड़ता है तो यहां पर पीछे का जान लेंगे यदि शादी की है तो वो फिर त्याग और वैराग्य का उपदेश नहीं देंगे क्योंकि क्या है की जड़ी वो उसे उद्देश्य से प्रभावित होकर के घर छोड़ के आएगा तो दो चीज हो सकती है सबसे पहले तो वो उसका जो परिवार है उसको वो कष्ट होगा दूसरा की ऑलरेडी जिसको एक बार संसार की हवा लग गई है वो यदि सन्यासी होकर के आएगा भी और जब तक ठाकुर तब तक उसके प्रभाव ठाकुर के प्रभाव से उसकी वो जो कम वासना है वो तो ढकी रहेगी किंतु ठाकुर तो किसी ना किसी दिन जाने वाले हैं अकेले तपस्या करना ही करना है उसे समय यदि ये सब जो भीतर के संस्कार जो है वो यदि जागृत हो गए और उसने ऐसा कोई कम कर दिया की जिससे की साधु समाज को पूरा बदनाम हो बदनाम ना हो इसलिए फिर ठाकुर एक बहुत अच्छा एक उदाहरण भी देते द एक जगह पे तीन चार साधु लोग आंख बंद करके ध्यान कर रहे द वहां सामने से औरत गुजरी तो एक औरत वहां से सामने से दे तो दो साधु द उन्होंने करके ध्यान करना चालू रखा और तीसरा साधु एक बार आंख खोल के देख लिया 56 जा रहा है तो ठाकुर कहते हैं की वो आदमी जो तीसरा साधु था वो पहले शादीशुदा था फिर त्याग करके यहां पे आया तो ये जो सांसारिक एक जो एक संस्कार है वो एक बार यदि मैन में चले जाते हैं तो निकलना थोड़ा दुष्कर होता है ऐसा नहीं की असंभव है ऐसा नहीं है की सिर्फ लड़के लोग इस संन्यास लेते हैं जैसे हमारे शास्त्रों में तो ऐसा कहा गया है की ब्रह्मचर्य आश्रम वी गुरु hastashram वानप्रस्थ श्रम बाद में सन्यास आश्रम तो वो तो एक वेल एस्टेब्लिश ट्रेडीशन है किंतु बात यही है की यदि अब ग्रॉस था श्रम के पास आश्रम क्रॉस करके बाद में संज्ञा शास्त्र में जाते हैं तो आपको थोड़ा बहुत ज्यादा कष्ट करना होगा अपने मैन को शुद्ध प्रेषित करने के लिए ठाकुर के खुद के डिसाइड द उनमें सबसे आश्चर्य की बात है की राजा हमारा स्वयं उनको एक लड़का भी हुआ था उनका jokarma था वो कर्म काटने की जरूरत थी तो महाराष्ट्र ठाकुर के मानस पुत्र स्वामी विवेकानंद वैसे प्रधान शिष्य कहे जाते हैं किंतु स्वामी विवेकानंद ने खुद गे की आध्यात्मिकता में राजा मेरे से बड़ा है अर्थात आध्यात्मिकता में rajamaraswami ब्रह्मानंद जी स्वामी जी से भी उच्च कक्षा के हैं अभी स्वामी जी ये कहते हैं तो हमको ऐसा नहीं है की पूरे पूरा मैन भी लेना है वो तो क्या है की सलमान देखकर के कहते हैं adervise कोई ऐसा नहीं कहेगा की मैं सर्वश्रेष्ठ हूं सभी शिष्यों में ठाकुर के जितने भी शिष्य द सब समय ऐसा ही कहते द की वो मेरे से ज्यादा महान है फिर हमको ये से करना है की कौन किस ज्यादा बड़ा है हालांकि ब्रह्मज्ञान की जब तक बात है हमारे ट्रेनिंग सेंटर में एक बार यह डिस्कस हो रहा था की जो की सबसे कम पढ़े लिखे द और स्वामी जी जिनकी विद्वत इतनी मतलब भव्य थी इतनी मैन थी की अमेरिका में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में जाकर के वह कुछ बोलेंगे तो वहां के प्रोफेसर प्रभावित हो जाते द तो लाटू महाराज जो की बिल्कुल निरक्षर द और स्वामी विवेकानंद जो की हावर्ड में जाकर के लेक्चर दे सकते हैं अमेरिका में तो इन दोनों में क्या समानता कौन बड़ा कौन छोटा है तो हमारे आचार्य महाराज ने कहा था की ब्रह्मा ज्ञान की दृष्टि से दोनों समान क्योंकि ब्रह्म ज्ञान में कोई उच्च भेदभाव नहीं होता है एक बार अपने ब्रह्मज्ञान प्राप्त किया और सर्वोच्च स्थिति पर जब आप पहुंच गए आध्यात्मिक जीवन की तो आप सब ने अमृत के समुद्र में डुबकी लगा दी है आपके सभी पाप धूल चुके हैं कर्मों का प्रवाह टूट चुका है जन्म जन्मांतर का यह जो चक्र है विश चक्र वो खत्म हो चुका है आपने आध्यात्मिकता की सर्वोच्च स्थिति प्राप्त कर ली है तो फिर उससे ऊपर और कुछ नहीं है तो फिर आध्यात्मिकता की दृष्टि से ब्रह्म ज्ञान की दृष्टि से लेटर महाराज स्वामी विवेकानंद है की हम सबको मानना पड़ेगा की शक्ति की दृष्टि से स्वामी विवेकानंद जो है वो लेटर महाराष्ट्र ज्यादा बड़े इसलिए शक्ति क्या है की हमारी विद्वत एक कार्य कुशलता यह हमारी व्यावहारिकता ठाकुर विद्यासागर को मिलने के लिए आते हैं तो विद्यासागर ऐसा वो vinamrtapurvak सभी लोग बोलते हैं ना करें मैं कौन हूं क्या है तो मुझे सब मिलने आने की क्या जरूरत है सब वो बोलते हैं वो विनम्रता में बहुत कुछ समय तो वह फेक भी होता है वो कोई मुझे मिलने को मुझे बड़ा प्रसन्नता होगा भले में चाहे मुझसे बुलवा रहा है वो मुझे उससे मिलने की क्या जरूरत है मैं भी तो सामान्य आदमी हूं की तुम भीतर भीतर से बड़ी प्रसन्नता हो गया अच्छा मुझे स्पेशली मिलने के लिए आए तो विद्यासागर को भी मैन में प्रसन्नता होगी पता नहीं की तुम मुझसे ऐसा कुछ बोला होगा तो स्वामी जी ने ठाकुर ने कहा की अरे मैं तुमको मिलने के लिए आया हूं क्योंकि तुम्हारे में शक्ति विशेष है जो की दूसरों में इतनी शक्ति नहीं है जितने की शक्ति तुम्हारे में है आदर वाइस क्या तुम्हारे सर के दो सिंह निकले हुए हैं की मैं तुमको देखने के लिए जनरली क्या होगा कोई इस तरह का कोई ओडीटी होती है या कोई विचित्र तक किसी में होती है तो सर्कस में कैसे लोग जाते हैं देखने के लिए बहुत छोटा आदमी है कोई बहुत लंबा आदमी कोई एक्रोबैट है तो उसकी वह जो फिजिकल क्या स्किल है वो देखने के लिए जाते हैं तो ठाकुर ने कहा तुम्हारे सर पे कोई बेल या बकरी की तरफ कोई सीन निकले हैं की मैं तुमको देखने को इसलिए नहीं तुम्हारी विद्वता जो है विद्वता में तुम श्रेष्ठ हो शक्ति में तुम ज्यादा हो इसलिए मैं तुमको देखने के लिए आया हूं तो ये शक्ति विशेष जो है वो स्वामी जी में सबसे ज्यादा थी उनके सभी डायरेक्ट decidal में सबसे ज्यादा थी तो ठाकुर भी ये जो जो पूछते हैं की तुम्हारे घर में कौन है तुम क्या कर रहे हो कैसे हो वो किसकी क्या शक्ति है वह एसेस कर रहे हैं और किसको कहां से कहां तक ले जाना है ऐसा नहीं होता की कोई पहले स्टेप पे बैठा है तो उसको सीधा जंप करके वो सीधा आखिर उन्हें सर्वोच्च आसान पे वो निर्विकार तो समाधि में ले जाओ ऐसा तो कभी नहीं बताया आप जिस टाइम पर है बहुत लंबी सीडी है मैन लीजिए की 100 मंजिला मकान है तो आपको सीधी चढ़ के चढ़ के वो छत पे जाना है तो अभी आप 99 मंजिल पर खड़े हैं 99 की मंजिल पर तो आपको एक ही मंजिल और क्रॉस करनी है तो वो आसान है किंतु आप पहली मंजिल पर खड़े हैं ये तो ग्राउंड फ्लोर पर खड़े हैं तो जो 120 मंजिल है वहां पे तो बहुत लंबी जर्नी हो जाएगी तो जो सही सही आध्यात्मिक गुरु है वो क्या करता है की वो कहता है की पहले तुम ग्राउंड फ्लोर से पहले मंजिल पे पहुंचा उसके बाद में अगले जन्म में दूसरी मंजिल से तीसरी चौथी पांचवी पास करना क्योंकि यदि आध्यात्मिक आदर्श बीजेपी हमारे सामने बहुत ही उच्च तरह का रखा जाए तो हम कभी-कभी डिप्रैस हो जाते हैं मेरे खुद के साथ में ऐसा हुआ है मैं जब यहां पे आया तो मैं जिस्म है जैनिज्म है बहुत प्रभावित था तो भगवान बुद्ध है या भगवान महावीर है 12 साल उन्होंने तपस्या करके वो कैसे वो समाधि प्राप्त कर ली वो निर्वाण प्राप्त कर लिया केवल स्थिति प्राप्त कर ली और यह जैनिज्म बुद्धिस्म बना भी है इस तरह से तपस्या करो अकेले रहो फिर लीला प्रसंग पढ़ लिया लीला प्रसन्न में भी वही देखा 12 साल ठाकुर तपस्या किए हैं अकेले रह कर के वो दक्षिणी शोर में उनके एक के बाद एक गुरु आते गए उनको बहुत किंतु एसेंशियल उनकी वो जर्नी है डेट इस अन सॉलिटेरी जर्नी डेट इस अन योर रिलेशनशिप विथ योर गोद योर देवता और विमा से स्पिरिचुअल इवोल्यूशन तो मैं भी ऐसा सोचता था की मैं भी 12 साल कुछ तपस्या करूंगा तो मैं मुझे भी निर्वाण प्राप्त हो जाएगा ऐसा कुछ हुआ नहीं तपस्या भी नहीं हो पाई दिन में छह सात घंटा ध्यान करना ऐसा मैं टारगेट कहीं पे रख के बैठा था तो थोड़ी सी कुछ ही दिनों में पता चल गया है की यदि दिन में 6 7 घंटा में ध्यान करूंगा तो पागलपन आने की स्थिति हो सकती है क्योंकि सही में हमारा जो शरीर और मैन इस तरह की तपस्या करने के लिए नहीं बना है बहुत ही रेयर महापुरुष होते हैं समग्र manojat के इतिहास में जन्म जन्मांतर के पूर्णिया जिन्होंने बेटर हुए हैं उनका शरीर और मैन इतना स्ट्रांग होता है की तपस्या का वह जो बात है वो सहन कर पाते हैं हम लोग जैसे ऐसा कुछ करने को जाएंगे छह-सात घंटा जब ध्यान करो या तो फिर पुरी रात भर जाकर के मेडिटेशन करो हम पागल हो जाएंगे हमारा स्वास्थ्य जो है वो टूट जाएगा हमको बहुत ही धीरे-धीरे ग्रैजुअली जाना पड़ता है तो ठाकुर गुरु है तो ठाकुर को ये सब धीरे-धीरे करके उनको जिस जगह पे है जिस टाइप पे है वहां से एक स्टेप दो स्टेप तीन स्टेप फिर उसका भी कैपेसिटी होता है कोई पहले स्टेप पे है किंतु उसका कैपेसिटी इतना है यंग लड़का है अनमैरिड है संसार की हवा नहीं लगी है तो फटाफट करके वो ग्राउंड फ्लोर से एटलिस्ट वी पंचायत में मंजिल पे तो पहुंच जाएगा और कोई किसी का मांड्या होता है tivraoragya होता है मार्केट वैराग्य होता है ये सब ठाकुर डिस्कस करते हैं बाद में मार्केट वारा के अर्थात कहीं कुछ दुर्घटना घाटी या मैन में दुख हो गया चलो मैं संन्यास लेता हूं या तो फिर मैं आध्यात्मिक जीवन में जाऊंगा किंतु जैसे ही मेरा मैन का ससता चला गया मैन का वो जो तप है वो चला गया इम्मीडिएटली संसार में मैन चला जाता है पहले मुझे अपना बिजनेस का व्यवस्था करने दो यह सब करने दो फिर जब टाइम मिलेगा थोड़ा बहुत मैं करूंगा संसार का कुछ भी अच्छा नहीं लगता मैन जो है सब समय ईश्वर की ओर चलता है तो किसका किस तरह का वैराग्य है वो भी ठाकुर को एक्सेस करना है इसलिए ठाकुर ये सब प्रश्न कर रहा है किंतु देखिए ठाकुर का मोटिवेशन जो है प्रश्न करने का वो हम जो रात को इकट्ठा होकर पड़ोसी लोग को एक जमाने की बात है आशिकी तूने इकट्ठा होके गैप लगाते द अरे वो क्या कर रहा है ये क्या कर रहा है उससे दोनों का मोटिवेशन बहुत ही डिफरेंट है किंतु यदि आप ऊपर से उपलब्ध दृष्टि से देखेंगे सुपरफिशियली देखेंगे तो लगेगा जैसे दोनों एक है तो ठाकुर की भी एक मनुष्य लीला है की जैसे हमारे घर में ऐसा हमारे हमारी मैन हमारी नानी हमारी दादी ये सब किया करते द तो ऐसे ठाकुर पूछता है की क्यों जी तुम्हारा घर कहां है तो मास्टर कहते हैं जी कोलकाता में है तो रामकृष्ण कहते हैं यहां कहां आए हो अर्थात अभी कोलकाता और दक्षिणेश्वर आप सब तो एक ही हो गया है महानगर जैसे-जैसे विस्तृत होता है तो बाहर के जो सबर होते हैं आसपास के छोटे-छोटे गांव होते हैं वो सब भी महानगर में चले आते हैं किंतु उसे समय कोलकाता का साइज थोड़ा छोटा था और दक्षिणेश्वर थोड़ा बाहर पड़ता था इसलिए ठाकुर कहते हैं की यहां कहां आए हो तो मास्टर ने कहा यहां वराह नगर में बड़ी दीदी के घर आया हूं ईशान कविराज के यहां ठाकुर ने कहा ईशान के यहां ठाकुर पहचानते द उनको अभी ठाकुर तो ठाकुर बोलते हैं क्यों जी केशव अब कैसा है बहुत बीमार था सुना था तो मास्टर महाशय कहते हैं जी हान मैंने भी सुना था की बीमार है और अब शायद अच्छा होंगे अभी देखिए ठाकुर का भी एक साइकोलॉजी है देखा की पढ़ा लिखा है धर्म में इच्छा है वो थोड़ी धार्मिक प्रवृत्ति है तो निश्चय वो ब्रह्म समाज में गया होगा केशव पेशेंट के साथ में उसका कुछ परिचय भी होगा क्योंकि उसे समय था की ये ब्रह्मोस जितने भी ये मिडिल क्लास एजुकेटेड लोग द उनको वो पुरानी जो सुपर स्टेशन में इतना इंटरेस्ट नहीं था क्या वो काली मंदिर में जाकर के वह बकरे का बाली करेंगे तो काली मंदिर का अनपढ़ पुजारी क्या सब वो सुपरस्टार है बहुत बीमार था तो मास्टर कहते जी हान मैंने भी सुना था बीमार है पर अब शायद अच्छे हैं श्री रामकृष्ण मैंने तो केशव के लिए मैन के पास में नारियल और चीनी की पूजा मणि थी रात को जब नींद उद जाती तब मैन के पास रोता और कहता मैन केशव की बीमारी अच्छी करते केशव अगर ना रहा तो मैं कलकत्ते जाकर बातचीत किस करूंगा इसी से इसीलिए तो नारियल और चीनी की मिन्नत मणि थी अभी देखिए ये भी एक पूरा बहुत ही इंटरेस्टिंग इंसीडेंट है हमको पता है की किस तरह से ठाकुर केशव से इनको मिलने के लिए गए कैसे सब लोग बैठे द सबके बीच में ठाकुर ने केशव को बोल दिया की तुम्हारी ही पूछ निकल गई है बाकी सब की वैसी है तो बाकी लोग जब ठाकुर मिलने को आए तो उन्होंने सोच लिया था की अरे कालिका पुजारी है दरिद्र ब्राह्मण है पैसा पैसा मांगने को फेवर मांगने के लिए आया होगा और जैसे की सब एक खास तरह के लोग होते हैं इस तरह के तंत्र मंत्र और सब में मानते हैं वो कुछ जादू चमत्कार की बातें करेगा कुछ पतंग बातें करेगा और फिर कुछ पैसा पैसा मांगेगा ऐसा कुछ लोगों ने शायद सोच रखा होगा तो इसलिए वह अपेक्षा कर रहे द बात करता है जो ठाकुर ने जैसे ही कहा की केशव की कुछ निकल गई है तो सब ने चोरों से हंसना शुरू कर दिया देखा वो मैंने वो अपनी अपनी लाइन पे ए गया तो केशव केसेस जो था उसने सही कुछ आध्यात्मिक उपलब्धि की थी ठाकुर के चेहरे पर ईश्वरीय ज्ञान का ओजस का जो प्रकाश था वो देख सकता था इसलिए केशव ने कहा अरे तुम लोग हंसो मत सुनो की इनको क्या कहना है पहले इनसे सुनते हैं की वो क्या का रहे हैं फिर उन्होंने कहा की केशव ने मास्टर ठाकुर को की महाशय आप बताइए की आपने मेरी पूछ निकल गए हैं इसका क्या अर्थ कर रहा है तो ठाकुर कहते हैं की जब वो जो मेंढक छोटा होता है tedapal तो उसकी पूछ रहती है सिर्फ पानी में रह सकता है तो फिर पूछ चली जाती है पानी में और जमीन पे दोनों जगह रह सकता है वैसे ही तुम्हारी पूछ निकल गई है अर्थात तुम्हारे जो कर्म का बंधन था बहुत हद तक वो हो गया है इसलिए तुम अभी संसार में भी रह सकते हो और इस तरह से किसी ऋत्विक में जाकर के तपस्या भी कर सकते हो तो ये सुनकर के केशव बड़ा ही खुश हो गया की देखिए जिस तरह से केशव ने ठाकुर को पहचान लिया की हान इनके चेहरा देखकर के ही पता चलता है की उन्होंने कोई निश्चय कोई दिव्या अनुभूति प्राप्त की है वैसे ठाकुर भी समझ गए की हान अभी केशव की भी कुछ अनुभूति है निश्चय केशव के अनुभूति ठाकुर के सामने कहां छोटी-मोटी किंतु फिर भी ये अनुभूति भी समझ जाना और उसको उसे तरह से मार्गदर्शन देना यह भी तो ठाकुर की एक खूबी थी ऐसे टीचर ऐसे गुरु ये गुरु का सबसे बड़ा गुण है की आप कहां पे खड़े हैं आपकी कितनी क्या अनुभूति है वो समझ जाते हैं फिर उसके अनुसार जो है वो आपको आगे बढ़ाने का मार्गदर्शन देते हैं है अभी ठाकुर आकर कहते हैं की क्यों जी क्या कोई कुक साहब आया है सुना वह लेक्चर देता है मुझे केशव जहाज पर चड्ढा करके ले गया था यूके साहब भी साथ था अभी देखिए मतलब जैसे वो हम लोगों के कहां है की घर पे इस तरह से वो रात को खाने के बाद मिलते हैं तो फिर वो बीच बीच में अपनी भी प्रशंसा जाती है की यार मैंने वहां पे ऐसा कर दिया बड़ा कैजुअल हम लोग कहते हैं की तू भीतर भीतर में यह रहता है की अच्छा मैं ऐसा जल्दी का दूंगा की मैंने आज बहुत बड़ा कम कर दिया है तो लोग मेरी प्रशंसा करें अभी कोई प्रशंसा कर लेगा तो ना अरे नहीं नहीं ऐसा मैंने कुछ नहीं किया मैं तो सामान्य आदमी हूं ऐसा करके मुंह पे मुंह पे हम विनम्रता दिखाएंगे मैन में बड़ी प्रसन्न प्रसन्नता हो गया उसने मेरी प्रशंसा की तो इस तरह से हम अपने खुद के वह जो कारनामे होते हैं अपने खुद के वो जो सक्सेस स्टोरी होते हैं हम इस तरह से कैजुअल किसी को बोल देते हैं तो ठाकुर भी देखिए उसे हाइप अमेरिका से आया है वह यूरोप सब खुद मुझे देखने के लिए आए हम लोगों को जहाज पे लेकर और मैंने उनके साथ बात किया किंतु हमार है जो मोटिवेशन रहता है और ठाकुर का जो मोटिवेशन है बहुत ही भिन्न है ठाकुर कभी भी अपनी खुद की प्रशंसा करेंगे ही नहीं उनका जो हम है वो तो संपूर्ण रूप से श्री मैन काली के श्री चरण में विलीन हो चुका है जब ठाकुर ये सब चीज कहते हैं तो दो चीजों के लिए कहते हैं या तो फिर हमारा टेस्टिंग करते हैं की मैं यदि इस तरह की बात करता हूं तो सामने कैसे रेप करता है इससे के सामने वाले का चरित्र पता चले और दूसरा की मेरे जीवन में अर्थ ठाकुर के जीवन में जल्दी कोई ऐसे इंस्पायरिंग इंसीडेंट है जो ठाकुर जी उनको कहेंगे तो सामने वाले भक्तों को उसको सन करके कुछ प्रेरणा मिलेगी तो ठाकुर का मोटिवेशन मैंने अभी कहा की हम ऊपर छल्ली दृष्टि से देखते हैं सुपर स्पेशल दृष्टि से जो जरूर को देख करके ऐसे ही लगता है की जैसे हमारे नाना काका चाचा दादा यह सब लोग ऐसे मिलकर के गैप लगाते हैं जैसे बिल्कुल ही एक सामान्यतः की बातें करते हैं वैसे ही ठाकुर को देखकर के हमको लगता है की इस तरह की बातें सुनकर के हमको लगेगा वो अपने खुद के हैं ऐसा नहीं लगा की भगवान खुद पृथ्वी पर आकर वो जिससे हम रामायण महाभारत में देखते हैं की भगवान राम है या भगवान कृष्ण है बड़े सिंहासन पर बैठे हैं और बड़े वो सोने के गहने पहने हुए हैं और पीछे में दस-दस या खड़ी है साथ में मैन सीता बैठी है या मैन रुक्मिणी बैठी है और वो हमको उपदेश दे रहा है ऐसा वो भव्य था ठाकुर के जीवन में नहीं इस तरह की बातें सुनकर के उनका मानवीय स्वरूप देखकर के लगेगा की वो हमारे खुद के हैं वो हमारे अपने हैं जैसे की हमारा उनके साथ में जन्म-जन्मांतर का रिश्ता है वो ऐसा नहीं लगेगा की हमारे से बड़े दूर बैठे हो जाकर के उनको प्रणाम करो और उनसे थोड़ा भाई करो ऐसा नहीं लगेगा ऐसा लगेगा की उनके साथ में जाकर के बैठे हैं और उनकी यह जो अमृत्व में बात है उसे सुनते रहे अपनापन का वो भाव होता है अच्छा तो आज यहीं तक कल फिर से मिलेंगे