आगमनी गीतों का अर्थ || माँ पार्वती और माँ सारदा || दो युग - एक लीला || 20 Sep 2025
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यह सोचकर अब और चिंता मत करो कि माँ के दर्शन होंगे या नहीं। वह सिर्फ तुम्हारी और मेरी ही माँ नहीं हैं, वह तो पूरे जगत की माँ हैं
हे उमा, यह कितने आनंद की बात है! लोगों से सुनती हूँ, शिवानी, सच कहना, क्या काशी धाम में तुम्हारा नाम अन्नपूर्णा है?
माँ सारदा की शक्ति : ठाकुर के भावमुख में रहने का तात्पर्य : कर्म - भाव - ज्ञान
भारत में शक्ति-साधना और ठाकुर का बालक-भाव
प्रश्न: वेदान्त साधना में हम माया से भयभीत होकर उससे दूर भागने का प्रयास करते हैं, पर भक्ति साधना में उसी माया को शक्ति रूप में पूजकर माया से परे हो जाते हैं।
आगमनी गीतों का अर्थ : माँ पार्वती और माँ सारदा : दो युग - एक लीला
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माँ पार्वती और माँ सारदा की नव-वधु से नारायणी तक की यात्रा
सदानन्द का घर अन्नशुन्य सदा, किसने रखा है तुम्हारा नाम अन्नदा
माँ के जीवन में भक्ति - ज्ञान - और कर्म का अद्भुत संगम
प्रश्न: शंकराचार्य ने भी भक्ति स्तोत्रों की रचना की है
माँ की महासमाधि के बाद राधू का ह्रदय-परिवर्तन
माँ के परिवारजनों ने माँ को पाकर भी गँवा दिया
प्रश्न: हमें पता नहीं था की आगमनी के गीतों का इतना प्रभाव है